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  • बिहार में होने जा रहा है बड़ा बदलाव…. निशांत कुमार आज जदयू में होंगे शामिल

    बिहार में होने जा रहा है बड़ा बदलाव…. निशांत कुमार आज जदयू में होंगे शामिल


    पटना।
    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) के राज्यसभा (Rajya Sabha) में जाने के फैसले के बाद बिहार (Bihar) में कई मोर्चों पर जल्द ही बड़ा बदलाव नजर आएगा। मुख्यमंत्री कौन होगा, यह तय होना अभी बाकी है। इस बीच सम्राट चौधरी को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बागडोगरा बुलाया है। उधर, निशांत कुमार जदयू में सक्रिय हो गये हैं। वे रविवार को पार्टी दफ्तर में आयोजित समारोह में विधिवत दल की सदस्यता लेंगे। निशांत अपनी सियासी यात्रा चम्पारण से शुरू करेंगे।

    याद रहे नीतीश कुमार ने भी अपनी सभी यात्राएं यहीं से शुरू की हैं। आने वाले दिनों में जदयू के सांगठनिक मोर्चे पर निशांत की बड़ी भूमिका होगी। सरकार में वे उपमुख्यमंत्री होंगे। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। वर्तमान में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा राज्य के उपमुख्यमंत्री हैं।शनिवार को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर निशांत कुमार ने पहले पार्टी के करीब डेढ़ दर्जन युवा विधायकों संग बैठक की। इसमें कई वरीय नेता भी शामिल हुए। फिर जिलाध्यक्षों के साथ उन्होंने लम्बी मंत्रणा की।

    पार्टी में शामिल होने के पूर्व ही वे पूरी तरह एक्टिव मोड में दिखे। निशांत ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे अपने पिता नीतीश कुमार के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। बिहार के लिए उन्होंने जो कुछ किया है, उसे हर हाल में आगे बढ़ाएंगे। वे पार्टी संगठन को और मजबूत करेंगे और जो भी जिम्मेवारी पार्टी उन्हें सौंपेगी, उसे पूरा करेंगे। उन्होंने बेहद सामान्य माहौल में विधायकों व नेताओं से बातचीत की।


    महावीर मंदिर में पूजा के बाद जाएंगे पार्टी दफ्तर

    शुक्रवार को नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पार्टी सांसदों, विधायकों व विधान पार्षदों की बैठक में निशांत के जदयू में शामिल होने के प्रस्ताव पर मुहर लगी। संजय झा ने बैठक में उनके जदयू में शामिल होने का प्रस्ताव रखा, जिसे सबने हाथ उठाकर समर्थन दिया। अब उन्हें रविवार को श्री झा समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी। इसके साथ ही निशांत का सक्रिय राजनीति में प्रवेश होगा। इसके पहले वे महावीर मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करेंगे।

  • Odisha: दो हादसों में 5 स्कूली छात्रों की तालाब में डूबने से मौत

    Odisha: दो हादसों में 5 स्कूली छात्रों की तालाब में डूबने से मौत


    भुवनेश्वर।
    ओडिशा (Odisha) के कोरापुट और मयूरभंज जिलों (Koraput and Mayurbhanj districts) में शनिवार को अलग-अलग घटनाओं में पांच स्कूली छात्रों (Five School Students) की डूबने से मौत हो गई। इन दुखद घटनाओं ने राज्य को झकझोर कर रख दिया है, और घटनाओं पर बीजू जनता दल (बीजद) और विपक्षी कांग्रेस ने गहरा शोक व्यक्त किया है।


    कोरापुट में तीन छात्रों की दर्दनाक मौत

    कोरापुट जिले में, कोलंब तालाब में कक्षा 10 के तीन छात्रों की डूबने से मौत हो गई। ये छात्र अपने स्कूल से निकले थे और कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने के बाद अपने माता-पिता के आने का इंतजार कर रहे थे। परीक्षा पूरी होने की खुशी में वे पानी में खेलने चले गए, जहां वे डूब गए। स्थानीय लोगों ने छात्रों को बचाने की कोशिश की और उन्हें कोरापुट के शहीद लक्ष्मण नायक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस के अनुसार, यह घटना दोपहर 3 बजे से 3:30 बजे के बीच हुई। मरने वाले छात्रों की पहचान लिंगराज खिल (16), स्वस्तिक (15) और ओम प्रकाश (16) के रूप में हुई है। मृतकों के परिवार वालों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और घटना की जांच की मांग की है।


    मयूरभंज में दो बालिकाओं की डूबने से मौत

    मयूरभंज जिले में एक अन्य घटना में, कप्तपाड़ा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नछीपुर गांव के पास एक तालाब में नहाते समय दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली दो बालिकाओं की डूबने से मौत हो गई। सात वर्षीय सुभाषसंध्या नायक और आठ वर्षीय राजलक्ष्मी संखुआल, स्कूल से लौटने के बाद तालाब में नहाने गई थीं। जब परिवार वालों को घटना का पता चला, तो वे तुरंत तालाब की ओर भागे और दोनों बालिकाओं को बाहर निकाला। उन्हें कप्तपाड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


    राजनीतिक पार्टियों ने दी प्रतिक्रिया

    इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने ट्वीट कर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘कोरापुट नवोदय विद्यालय के तीन छात्रों के तालाब में डूबने से हुई मौत की खबर दिल दहला देने वाली है। मैं दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। मैं शोक संतप्त परिवारों और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, क्योंकि वे इस दुखद समय का सामना कर रहे हैं।’

    ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भी सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, ‘कोरापुट के कोलंब जलाशय में डूबने से नवोदय विद्यालय के तीन छात्रों की दुखद मृत्यु से मैं बहुत आहत हूं। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करे।’

  • राम रहीम बरी, हाईकोर्ट ने किया खुलासा: 3 अन्य की उम्रकैद बरकरार, सबूतों के अभाव में मिली राहत

    राम रहीम बरी, हाईकोर्ट ने किया खुलासा: 3 अन्य की उम्रकैद बरकरार, सबूतों के अभाव में मिली राहत


    नई दिल्ली। पंचकूला की स्पेशल CBI कोर्ट द्वारा 7 साल पहले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में सुनाई गई उम्रकैद की सजा अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद राम रहीम के लिए खत्म हो गई है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने राम रहीम को बरी कर दिया, हालांकि तीन अन्य आरोपियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल की उम्रकैद बरकरार रखी गई है।

    राम रहीम के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि हत्या में इस्तेमाल हुई गोलियों पर कोई स्पष्ट निशान नहीं हैं और सबूतों में छेड़छाड़ की संभावना है। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि 2002 की घटना को अब 23 साल बीत चुके हैं, जिससे फोरेंसिक जांच पर भी असर पड़ा है। हाईकोर्ट ने कहा कि राम रहीम के साजिशकर्ता होने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं।

    रामचंद्र छत्रपति हरियाणा के सिरसा जिले के रहने वाले थे। वर्ष 2000 में उन्होंने अपना अखबार शुरू किया था और डेरे के साध्वियों के साथ कथित यौन शोषण की चिट्ठी प्रकाशित की थी। इसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिलीं। 19 अक्टूबर 2002 की रात को छत्रपति की पांच गोलियों से हत्या कर दी गई थी।

    राम रहीम के खिलाफ साध्वियों के यौन शोषण मामले में पहले ही 10 साल की सजा हो चुकी है, इसलिए उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा। रामचंद्र के परिवार ने हाईकोर्ट के फैसले पर निराशा जताई और सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का एलान किया है।

    हाईकोर्ट के अनुसार, कुलदीप, निर्मल और कृष्ण लाल के खिलाफ सबूत और गवाहों के बयान उनकी भूमिका स्पष्ट रूप से स्थापित करते हैं, इसलिए उनकी उम्रकैद बरकरार रखी गई।

    राम रहीम इससे पहले डेरा मैनेजर रणजीत हत्याकांड में भी हाईकोर्ट से बरी हो चुके हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को सजा नहीं दी जा सकती।

    मुख्य बिंदु:

    राम रहीम बरी, तीन अन्य आरोपियों की उम्रकैद बरकरार।

    हाईकोर्ट ने कहा, पर्याप्त सबूत नहीं।

    फोरेंसिक जांच और गोलियों पर निशान स्पष्ट नहीं।

    रामचंद्र छत्रपति की हत्या 2002 में हुई, पांच गोलियां मारकर।

    साध्वियों के यौन शोषण मामले में राम रहीम की सजा जारी।

    परिवार सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा।

  • उज्जैन में ससुराल में घुसकर हंगामा, मारपीट के बाद बहू और बच्चे को ले गए मायके पक्ष के लोग

    उज्जैन में ससुराल में घुसकर हंगामा, मारपीट के बाद बहू और बच्चे को ले गए मायके पक्ष के लोग


    उज्जैन। शहर के नाका सम्राट नगर क्षेत्र में पारिवारिक विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब बहू के मायके पक्ष के 12 से अधिक लोग देर रात ससुराल पहुंच गए। आरोप है कि सभी लोग घर में घुस आए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करते हुए बहू और उसके बच्चे को जबरन अपने साथ ले गए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे पीड़ित परिवार ने पुलिस को सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है।

    पीड़ित पक्ष के अनुसार शुक्रवार देर रात करीब 12 से 15 लोग अचानक उनके घर में घुस आए। पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और फिर विवाद बढ़ने पर मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इसके बाद मायके पक्ष के लोग बहू और बच्चे को अपने साथ ले गए।

    घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। वीडियो में एक युवक यह कहते हुए सुनाई देता है कि “थाने से ले जाना”, लेकिन इसके बाद माहौल और ज्यादा गर्म हो जाता है और मारपीट शुरू हो जाती है।

    ससुर शाहबुद्दीन ने बताया कि उनके बेटे की शादी 27 नवंबर 2024 को हुई थी। शुरुआती कुछ महीनों तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में बहू का व्यवहार बदल गया और वह मायके जाने की जिद करने लगी। परिवार के अनुसार 5 जून को वह घर से मायके चली गई और लंबे समय तक वापस नहीं लौटी।

    बताया गया कि 2 मार्च 2026 को दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई गई थी, जिसके बाद समझाइश के साथ एक लिखित समझौता भी हुआ था। इसके बावजूद कुछ दिनों बाद ही मायके पक्ष के लोग फिर ससुराल पहुंच गए और विवाद बढ़ गया।

    पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है और मारपीट का वीडियो भी सौंपा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

  • पश्चिम बंगाल: चुनाव से पहले TMC और EC में बढ़ा टकराव, धरने पर बैठी CM ममता…टेंट में गुजारी रात

    पश्चिम बंगाल: चुनाव से पहले TMC और EC में बढ़ा टकराव, धरने पर बैठी CM ममता…टेंट में गुजारी रात


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) ने शुक्रवार को एसआईआर (SIR) के बाद राज्य की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के विरोध में सेंट्रल कोलकाता में धरना शुरू कर दिया. जिससे विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) से कुछ सप्ताह पहले टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच टकराव और बढ़ गया है. उन्होंने नाटकीय रूप से सड़क की राजनीति में वापसी की है, इस स्ट्रीट पॉलिटिक्स के दम पर ही ममता ने राजनीति में अपनी पहचान बनाई थी।

    धरना शुरू करते हुए, बनर्जी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर ‘बंगाली मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने’ की साजिश रचने का आरोप लगाया। टीएमसी सुप्रीमो ने विरोध प्रदर्शन की शुरुआत में कहा, ‘मैं बंगाली मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के बीजेपी-चुनाव आयोग के षड्यंत्र का पर्दाफाश करूंगी।

    पहले दिन का धरना दोपहर करीब 2.15 बजे शुरू हुआ था. शुक्रवार रात को भी ममता बनर्जी टेंट में ही रहीं. उन्होंने बाकी नेताओं को घर भेज दिया था. प्रोटेस्ट शनिवार को दोबारा शुरू होगा। ममता के इस धरने की अपडेट्स देते हुए डेरेक ओ ब्रायन (TMC के राज्यसभा सांसद) ने लिखा, ‘ममता बनर्जी के नेतृत्व में चल रहे धरने का पहला दिन (शुक्रवार) खत्म हो गया है. हमारी नेता ने हम सभी को घर पर जाकर आराम करने के लिए कहा है. रात में, वह सेंट्रल कोलकाता में धरना स्थल पर सड़क पर एक टेंट में रहेंगी. दीदी तो दीदी हैं.’


    बंगाल SIR में कितने नाम कटे

    28 फरवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल नवंबर में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से लगभग 63.66 लाख नाम, यानी मतदाताओं का लगभग 8.3 प्रतिशत, हटा दिए गए हैं, जिससे मतदाता आधार लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ा अधिक रह गया है. इसके अतिरिक्त, 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘न्यायिक जांच के अधीन’ श्रेणी में रखा गया है, जिसका मतलब है कि आने वाले हफ्तों में कानूनी जांच के माध्यम से उनकी पात्रता का फैसला किया जाएगा.

    टीएमसी ने आरोप लगाया है कि यह प्रक्रिया राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इससे 1.2 करोड़ से अधिक मतदाता प्रभावित हो सकते हैं, इस आरोप को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है. धरने के दौरान बनर्जी ने दावा किया, ‘कई लोगों को मृत घोषित कर दिया गया है, लेकिन वे जिंदा हैं. मैं उन्हें मंच पर लाऊंगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि विरोध प्रदर्शन कब तक चलेगा, जबकि यह चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ के राज्य के प्रस्तावित दौरे से ठीक दो दिन पहले हो रहा है।


    ममता की जन-योद्धा वाली छवि

    कोलकाता के मेट्रो चैनल एरिया में हो रहा ये धरना ममता बनर्जी की आंदोलनकारी राजनीति के लिए गहरा राजनीतिक प्रतीक है. मुख्यमंत्री बनने से बहुत पहले, सेंट्रल कोलकाता के फुटपाथ वे मंच थे जहां उन्होंने तत्कालीन प्रभावशाली वाम मोर्चे के खिलाफ एक जन-योद्धा के रूप में अपनी छवि बनाई थी।

    फिर 4 दिसंबर, 2006 को उन्होंने टाटा मोटर्स परियोजना के लिए सिंगूर में कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में उसी स्थान पर 26 दिनों की भूख हड़ताल शुरू की, जिससे आंदोलन एक राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बन गया जिसने आखिरकार टीएमसी को 2011 के विधानसभा चुनावों में वाम मोर्चा को सत्ता से बेदखल करने में मदद की, जिससे उसका 34 साल का शासन समाप्त हो गया।

    मुख्यमंत्री बनने के बाद भी, बनर्जी समय-समय पर आंदोलन की राजनीति में लौटती रही हैं, विशेष रूप से फरवरी 2019 में, जब उन्होंने केंद्र पर संघवाद को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए धरना दिया था, जब सीबीआई ने शारदा चिट फंड जांच में तत्कालीन कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ करने की कोशिश की थी।

  • विपक्ष ने देश को गहरी चोट पहुंचाई, लेकिन मोदी सरकार ने भारत को मजबूत बनाया: केशव प्रसाद मौर्य

    विपक्ष ने देश को गहरी चोट पहुंचाई, लेकिन मोदी सरकार ने भारत को मजबूत बनाया: केशव प्रसाद मौर्य

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्रीकेशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने देश को गहरी चोट पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मुद्दों पर विपक्ष को देश के साथ खड़ा होना चाहिए वहां वह लगातार सरकार पर आरोप लगाने और भ्रम फैलाने का काम करता रहा है।

    वाराणसी के सर्किट हाउस में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मौर्य ने कहा कि देश ने कई चुनौतियों का सामना किया है लेकिन विपक्ष ने हमेशा सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय सरकार को घेरने की राजनीति की है। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा भारत की जमीन पर कब्जा करने और कश्मीर के एक हिस्से पर पाकिस्तान के नियंत्रण जैसे गंभीर मुद्दों के बावजूद विपक्ष सरकार पर आरोप लगाने से बाज नहीं आता।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देशहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीति करने से बचना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य से विपक्षी दलों ने इन मुद्दों को भी राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इससे देश की छवि और एकता को नुकसान पहुंचता है।

    मौर्य ने विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस भाषा और शैली में वे सरकार की आलोचना करते हैं वह किसी भी जिम्मेदार राजनीतिक दल को शोभा नहीं देती। उनका कहना था कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है लेकिन आलोचना तथ्यों और मर्यादा के साथ होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने सुरक्षा विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में भारत आज पहले से अधिक मजबूत और सुरक्षित हुआ है।

    मौर्य ने कहा कि मोदी सरकार ने देश की सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया गया है। साथ ही सरकार ने विकास को भी समान महत्व देते हुए बुनियादी ढांचे रोजगार निवेश और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से देश को आगे बढ़ाने का काम किया है।

    उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। दुनिया के कई देश भारत के साथ साझेदारी बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं और यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और नीतियों का परिणाम है। उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी देश इसी तरह तेजी से प्रगति करेगा और भारत दुनिया की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा।

  • ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री और AAP नेता आमने-सामने: भू-माफिया संरक्षण के आरोप पर बंगले के बाहर गरमाया माहौल

    ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री और AAP नेता आमने-सामने: भू-माफिया संरक्षण के आरोप पर बंगले के बाहर गरमाया माहौल


    ग्वालियर। ग्वालियर में गुरुवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता रोहित गुप्ता के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला मंत्री के रेस कोर्स रोड स्थित बंगले के बाहर उस समय गरमा गया जब AAP नेता ने मंत्री पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया। दोनों के बीच हुई बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार AAP नेता रोहित गुप्ता एडवोकेट गुरुवार दोपहर ओबीसी महासभा के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार के साथ ऊर्जा मंत्री के बंगले पर पहुंचे थे। उनका आरोप था कि गांधीनगर क्षेत्र में मंत्री के करीबी गुड्डू उर्फ गौरव बाजपेयी ने पानी की टंकी के पास स्थित विजय कुमार के फ्लैट पर अवैध कब्जा कर रखा है। पीड़ित का कहना है कि इस मामले में कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

    बताया गया कि जब रोहित गुप्ता ने मंत्री से इस मुद्दे पर सवाल उठाए तो दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इस दौरान मंत्री कथित तौर पर नाराज हो गए और कहा, “तुम्हारी औकात क्या है, बकवास मत करो। मुझे शिकायत करने क्यों आए हो, मैं कोई कार्रवाई नहीं करवाऊंगा।” घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरी बातचीत का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

    पीड़ित विजय कुमार का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस थाना, कलेक्टर, आईजी और डीआईजी सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। इसके अलावा उन्होंने ऊर्जा मंत्री को भी कई बार आवेदन देकर मदद की मांग की, लेकिन अब तक फ्लैट खाली नहीं कराया गया। उनका आरोप है कि आरोपी मंत्री के नाम का डर दिखाकर उन्हें लगातार धमका रहा है।

    घटना के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पीड़ित से माफी नहीं मांगते और फ्लैट को कब्जे से मुक्त नहीं कराया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

    इस पूरे घटनाक्रम ने ग्वालियर की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद मामले को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो सकती है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • भोपाल में 'दोस्ती' की खूनी सजा: सेल्समैन का अपहरण कर बेल्ट-डंडों से पीटा, अधमरा कर अस्पताल में फेंका

    भोपाल में 'दोस्ती' की खूनी सजा: सेल्समैन का अपहरण कर बेल्ट-डंडों से पीटा, अधमरा कर अस्पताल में फेंका


    भोपाल। राजधानी के कोलार क्षेत्र में आपसी रंजिश और गैंगवार जैसी मानसिकता ने एक 22 वर्षीय युवक की जान जोखिम में डाल दी। गारमेंट्स शॉप में काम करने वाले दिनेश अहिरवार को सिर्फ इसलिए अगवा कर बेरहमी से पीटा गया क्योंकि वह बदमाशों के दुश्मन का दोस्त था। आरोपियों ने न केवल उसे मरणासन्न स्थिति में पहुंचाया, बल्कि पकड़े जाने के डर से ‘एक्सीडेंट’ की झूठी कहानी रचकर उसे अस्पताल छोड़ दिया।
    बांसखेड़ी पुलिया से ‘किडनैपिंग’ और 2 घंटे का टॉर्चर घटना 4 मार्च 2026 की दोपहर की है। दिनेश जब बांसखेड़ी पुलिया के पास से गुजर रहा था, तभी निक्की शुक्ला, आकाश प्रजापति और उनके 5-6 साथियों ने उसे घेर लिया।बदमाशों ने चिल्लाकर कहा, तू विशु शर्मा के साथ क्यों घूमता है? उससे हमारी पुरानी रंजिश है, अब उसकी दोस्ती का खामियाजा तुझे भुगतना होगा। बर्बरता: आरोपी उसे जबरन कार में डालकर सोम्या ग्रीन सिटी के पास एक सुनसान इलाके में ले गए।
    वहां करीब दो घंटे तक उसे लाठी, डंडों और बेल्ट से तब तक पीटा गया जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। मारपीट इतनी भीषण थी कि दिनेश की उंगलियां फ्रैक्चर हो गई और पूरा शरीर नीली चोटों से भर गया। शातिर दिमाग: पिटाई के बाद रचा ‘एक्सीडेंट’ का ड्रामा जब दिनेश बेहोश हो गया, तो आरोपी घबरा गए। खुद को बचाने के लिए उन्होंने एक शातिर चाल चली वे दिनेश को कोलार रोड स्थित सीएचसी अस्पताल ले गए। दिनेश के ही मोबाइल से उसकी बहन शिवानी को फोन किया और झूठ बोला कि तुम्हारे भाई का एक्सीडेंट हो गया है, जल्दी अस्पताल पहुंचो।
    परिवार जब अस्पताल पहुंचा तो वहां दिनेश लहूलुहान हालत में मिला, जिसके बाद सच्चाई सामने आई। पुलिसिया कार्रवाई: पुराने बदमाशों पर शिकंजा कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी के अनुसार, दिनेश के बयानों के आधार पर निक्की शुक्ला, आकाश, तिलक, दिव्यांशु, नन्नू, अजय और अमन प्रजापति के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आपराधिक रिकॉर्ड: पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। तलाश जारी: आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। “यह घटना भोपाल में बढ़ते ‘स्ट्रीट क्राइम’ और बेखौफ बदमाशों की बानगी है, जहां किसी से दोस्ती रखना भी अब जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस के लिए इन आदतन अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना एक बड़ी चुनौती है।”
  • दूसरे बच्चे के जन्म पर पेरेंट्स को मिलेंगे 25 हजार रुपये… इस राज्य के CM की बड़ी घोषणा

    दूसरे बच्चे के जन्म पर पेरेंट्स को मिलेंगे 25 हजार रुपये… इस राज्य के CM की बड़ी घोषणा


    अमरावती।
    गिरते प्रजनन दर (Falling Rertility Rates) की समस्या को निपटने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh Government) ने बड़ा ऐलान किया है।गिरते प्रजनन दर (Falling Rertility Rates) की समस्या को निपटने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh Government) ने बड़ा ऐलान किया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (Chief Minister N. Chandrababu Naidu) ने गुरुवार को कहा है कि राज्य सरकार गिरती जन्म दर को बढ़ावा देने के लिए दूसरे बच्चे के जन्म पर दंपतियों को 25,000 रुपए की सौगात देने पर विचार कर रही है।

    चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य आंध्र प्रदेश की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) को वर्तमान 1.5 से बढ़ाकर 2.1 करना है। नायडू ने कहा, “हम एक नए तरीके पर विचार कर रहे हैं। हम दूसरे या उसके बाद होने वाले बच्चे के लिए माता-पिता को प्रसव के समय ही 25,000 रुपए देंगे। यह एक बड़ा बदलाव होगा। अगर हम ऐसा कर पाते हैं, तो यह बहुत उपयोगी होगा।”

    मुख्यमंत्री ने आगे जनसंख्या प्रबंधन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कई देश बढ़ती उम्र वाली आबादी के कारण चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मार्च के अंत तक जनसंख्या प्रबंधन नीति लाने और अप्रैल से इसे लागू करने की योजना बना रही है।

    अमरावती में ‘क्वांटम वैली’ बनाने की योजना
    इस दौरान चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया है कि राज्य में 20 महीनों में 6.28 लाख नौकरियों का सृजन हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए काम कर रही है और विशाखापत्तनम, अमरावती और तिरुपति को आर्थिक क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, “आंध्र प्रदेश का लक्ष्य 2047 तक 2.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।” उन्होंने बताया कि विशाखापत्तनम सूचना प्रौद्योगिकी और जीसीसी के लिए एक हब के रूप में उभरने को तैयार है। अमरावती में ‘क्वांटम वैली’ जैसा इकोसिस्टम बन रहा है। तिरुपति को अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। गूगल और टाटा-टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियां विशाखापत्तनम आई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्सेलर मित्तल एक स्टील प्लांट लगा रहा है।

  • उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में फाग उत्सव:महिलाओं और युवतियों ने फूलों-गुलाल से खेली होली

    उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में फाग उत्सव:महिलाओं और युवतियों ने फूलों-गुलाल से खेली होली

    उज्जैन। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में होली के दूसरे दिन फाग उत्सव बड़े भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भजन-कीर्तन के बीच फूलों और गुलाल से होली खेली। भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की शिक्षा स्थली पर श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते हुए उत्सव का आनंद लिया।

    आश्रम परिसर में भजन-कीर्तन की मधुर धुनें गूंजती रहीं। “रंग मत डाले रे कान्हा”, “जुल्म कर डारयो सितम कर डारयो” और “आज ब्रज में होली रे रसिया” जैसे भजनों पर महिलाएं झूमती और नाचती नजर आईं। भक्ति संगीत के बीच पूरा आश्रम परिसर उत्सवमय हो गया और श्रद्धालु भगवान की भक्ति में सराबोर दिखाई दिए।

    उज्जैन को महाकाल की नगरी और भक्ति भाव की नगरी कहा जाता है। यहां अनेक प्राचीन मंदिर और धार्मिक परंपराएं हैं, जिनमें होली का पर्व भी विशेष तरीके से मनाया जाता है। सांदीपनि आश्रम में आयोजित यह फाग उत्सव इन्हीं प्राचीन परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    कीर्ति व्यास ने बताया कि होली का पर्व रंगपंचमी तक पांच दिनों तक मनाया जाता है। इसी परंपरा के तहत दूज के दिन भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ फूलों और गुलाल से होली खेली जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालु भी आश्रम पहुंचते हैं और भजन-कीर्तन के बीच फाग उत्सव का आनंद लेते हैं।

    कमला देवी व्यास ने आगे कहा कि सांदीपनि आश्रम में हर साल फाग उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगकर इस आयोजन में शामिल होते हैं। यह उत्सव प्रतिवर्ष बड़े आनंद और उल्लास के साथ मनाया जाता है।