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  • बस्तर की आस्था पर प्रहार: मां दंतेश्वरी मंदिर में देर रात सेंधमारी, मुख्य द्वार का ताला तोड़ अंदर घुसे चोर

    बस्तर की आस्था पर प्रहार: मां दंतेश्वरी मंदिर में देर रात सेंधमारी, मुख्य द्वार का ताला तोड़ अंदर घुसे चोर


    जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की अधिष्ठात्री देवी और लाखों लोगों की अटूट आस्था का केंद्र मां दंतेश्वरी मंदिर में चोरी की एक दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। 24 जनवरी की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मुख्य फाटक का ताला तोड़ दिया और भीतर प्रवेश कर गए। इस घटना ने न केवल मंदिर की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि पूरे बस्तर संभाग के श्रद्धालुओं में आक्रोश और शोक की लहर पैदा कर दी है।

    घटना का खुलासा शनिवार सुबह उस वक्त हुआ जब मंदिर के पुजारी और प्रबंधन समिति के सदस्य नित्य पूजन के लिए मंदिर पहुंचे। मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त और ताले टूटे देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह और आसपास के कमरों की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक रूप से इसे चोरी का प्रयास माना जा रहा है, हालांकि चोरों ने मंदिर की पवित्रता को भारी ठेस पहुंचाई है।

    चोरी गई सामग्री को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट के सदस्य फिलहाल मां दंतेश्वरी के आभूषणों, मुकुट और दान पेटी की राशि का मिलान करने में जुटे हैं। मुख्य पुजारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि मंदिर में कई प्राचीन और बहुमूल्य सामग्रियां हैं, जिनका आकलन करने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि चोर अपने साथ क्या-क्या ले जाने में सफल रहे। पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    बस्तर पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वाड की भी मदद ली जा रही है ताकि अपराधियों का सुराग लगाया जा सके। जगदलपुर के नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा गुस्सा है, क्योंकि मां दंतेश्वरी का मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रशासन ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

  • रहस्यमयी मामला: बंद कमरे में था प्रेमी, खोजबीन के दौरान एक आवाज से हुआ बड़ा खुलासा

    रहस्यमयी मामला: बंद कमरे में था प्रेमी, खोजबीन के दौरान एक आवाज से हुआ बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली। यूपी के कानपुर में चकेरी क्षेत्र के एक गांव में फिल्मी वाकया हुआ। शुक्रवार को प्रेमिका के बुलाने पर प्रेमी उसके घर पहुंच गया। कुछ देर बाद ही प्रेमिका की आंटी (चाची ) पहुंची और युवक की आवाज सुनकर दरवाजा खटखटाया। युवती ने दरवाजा नहीं खोला। अंदर प्रेमी को बक्से में बंद कर ताला लगा दिया। चाची ने उसके भाई-मां को फोन कर बुला लिया। तब भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस बुलाई गई। करीब 45 मिनट बाद युवती ने दरवाजा खोला। अंदर घुसा युवक गायब था। तलाश के बीच बक्से में छटपटा रहे युवक की आवाज निकल गई। पुलिस ने ताला खुलवाकर उसे निकाला तो प्रेमी की सांस फूल रही थी। उससे पूछताछ की जा रही है।
    पुलिस के मुताबिक युवती का इलाके में रहने वाले युवक से पिछले कुछ सालों से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। शुक्रवार सुबह युवती का बड़ा भाई ट्रैक्टर लेकर बाहर चला गया। उसकी मां फैक्ट्री में काम करने चली गई। इस बीच अकेले होने पर युवती ने फोन कर प्रेमी को घर बुला लिया। कुछ देर बाद ही पड़ोस में रहने वाली आंटी उसके घर पहुंची और बाहर से युवक की आवाज सुनकर दरवाजा खटखटाने लगीं।
    युवती ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद आंटी ने युवती के भाई और मां के साथ ही पुलिस को फोन कर बुलाया। कुछ देर बाद युवती का भाई घर पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में भाई ने भी दरवाजा खटखटाते हुए देर तक आवाज लगाई तो युवती ने दरवाजा खोला। परिजनों ने अंदर किसी युवक के आने की बात पूछी तो युवती ने इनकार कर दिया। घर में खोजने पर भी वह नहीं मिला।

    तब तक प्रेमी को बक्से में कैद हुए एक घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका था। अंदर वह छटपटाने लगा। उसकी सांस फूल रही थी। उसकी कराह बक्से के अंदर सुनाई दी तो चाची व भाई ने युवती से चाभी मांगी। वह चाभी न देने पर अड़ी थी। बमुश्किल उसने चाभी दी। खोलने पर अंदर बुरी तरह हांफता हुआ प्रेमी निकला। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

  • रायपुर में शब्दों का महाकुंभ: 'आदि से अनादि तक' थीम के साथ रायपुर साहित्य उत्सव 2026 शुरू

    रायपुर में शब्दों का महाकुंभ: 'आदि से अनादि तक' थीम के साथ रायपुर साहित्य उत्सव 2026 शुरू

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आज से देश भर के जाने-माने शब्द-साधकों और बुद्धिजीवियों के जमावड़े का केंद्र बन गई है। शुक्रवार को बसंत पंचमी के पावन और शुभ अवसर पर रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य आगाज हुआ। आदि से अनादि तक की बेहद गहरी और प्रासंगिक केंद्रीय थीम पर आधारित इस तीन दिवसीय साहित्यिक महाकुंभ का शुभारंभ अतिथियों द्वारा ज्ञान की देवी मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

    नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन के खुले और कलात्मक वातावरण में आयोजित यह महोत्सव अपनी ऐतिहासिकता और आधुनिकता के संगम के कारण पहले ही दिन चर्चा में आ गया है। 23 जनवरी से शुरू होकर 25 जनवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और देश की व्यापक साहित्यिक परंपराओं का अद्भुत मेल देखने को मिल रहा है। आयोजन स्थल की सजावट और साहित्यिक सत्रों की रूपरेखा ने राजधानी के साहित्यिक प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित किया है।

    इस तीन दिवसीय उत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देशभर से 120 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार दिग्गज कवि, मर्मज्ञ लेखक अनुभवी पत्रकार, प्रखर शिक्षाविद और चिंतक सहभागिता कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र के दौरान वक्ताओं ने आदि से अनादि तक विषय की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कहा कि साहित्य ही वह सेतु है जो हमारी आदिम जड़ों को अनंत भविष्य से जोड़ता है।

    अगले दो दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन के विभिन्न मंचों पर कविता पाठ, कहानी चर्चा, वैचारिक विमर्श छत्तीसगढ़ी साहित्य का भविष्य और पत्रकारिता की चुनौतियों जैसे विषयों पर गहन संवाद होगा। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के मंच न केवल स्थापित लेखकों को जगह देते हैं, बल्कि नए उभरते रचनाकारों को भी एक नई दृष्टि प्रदान करते हैं। वसंत की बयार के बीच शुरू हुए इस उत्सव ने रायपुर को साहित्यिक चेतना से सराबोर कर दिया है।

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत माता के सच्चे सपूत थे : सीएम योगी..

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत माता के सच्चे सपूत थे : सीएम योगी..


    नई दिल्ली :लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर नेताजी सुभाष चौक हजरतगंज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि नेताजी भारत की आजादी का ऐसा नाम हैं जो प्रत्येक भारतीय के मन में सर्वोच्च सम्मान के साथ किसी भी विपरीत परिस्थिति में देशद्रोही तत्वों के सामने न झुकने का दृढ़ संकल्प उत्पन्न करता है भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी का नाम लेते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना स्वतः जाग्रत हो जाती है

    सीएम योगी ने कहा कि नेताजी ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी उनका आह्वान तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा भारत की आजादी का मंत्र बन गया उनका प्रत्येक शब्द स्वतंत्रता संग्राम का संदेश बन जाता था दिल्ली चलो का उद्घोष हर भारतीय को प्रेरित करता है उनका कदम कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा गीत आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोह में बड़ी शान से गाया जाता है नेताजी का योगदान महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले आंदोलन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी ने क्रांतिकारियों के सिरमौर के रूप में आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया भारत के अंदर और बाहर जाकर स्वतंत्रता के लिए जो संघर्ष किया वह अविस्मरणीय है जर्मनी जापान और अन्य देशों में जाकर उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया यह हमारे लिए प्रेरणा की गाथा है

    मुख्यमंत्री ने नेताजी के जीवन पर भी प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि नेताजी का जन्म 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ बचपन में ही उन्हें उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन भेजा गया आईसीएस की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अंग्रेजों की चाकरी करने से इनकार कर दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े उनका विराट व्यक्तित्व और देश के प्रति अमूल्य योगदान आज भी हम सबको प्रेरणा देता हैसीएम योगी ने कहा कि हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और उनके श्रीचरणों में प्रदेशवासियों की ओर से नमन करते हैं उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता और उनका आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रह

  • महाराष्ट्र के 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय, BMC को लेकर सियासी घमासान

    महाराष्ट्र के 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय, BMC को लेकर सियासी घमासान


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र की नगर निगम राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य के 29 नगर निगमों में से 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय हो गई हैं। गुरुवार को मुंबई में शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल की मौजूदगी में लॉटरी प्रणाली के जरिए महापौर पदों के लिए आरक्षण की घोषणा की गई। इस फैसले के साथ ही राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट ने विशेष रूप से बृहन्मुंबई महानगरपालिका को लेकर नियम बदलने का आरोप लगाया है।
    लॉटरी प्रक्रिया के तहत 29 नगर निगमों में से 16 महापौर पद अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। शेष 13 पद सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं। महिला आरक्षण के 50 प्रतिशत नियम के तहत 15 नगर निगमों में महिला महापौर का चयन सुनिश्चित हुआ है। मुंबई नगर निगम में यह छठा अवसर होगा जब किसी महिला को महापौर बनने का मौका मिलेगा।

    हालांकि इस फैसले को लेकर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई है। पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि पिछले दो कार्यकालों में मुंबई के महापौर सामान्य वर्ग से चुने गए थे। ऐसे में इस बार OBC या ST वर्ग को अवसर मिलना चाहिए था। उनका आरोप है कि सरकार ने लॉटरी से ठीक पहले नियमों में बदलाव किया और इसकी जानकारी किसी भी राजनीतिक दल को नहीं दी गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया।विवाद केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। परभणी नगर निगम में भी महिला महापौर के आरक्षण को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उद्धव शिवसेना का कहना है कि वहां आरक्षण रोटेशन के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि यदि जरूरत पड़ी तो वह चुनाव आयोग और न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

    लॉटरी के नतीजों के अनुसार ठाणे नगर निगम में महापौर पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। कल्याण डोंबिवली में अनुसूचित जनजाति वर्ग को यह पद मिलेगा। वहीं मुंबई पुणे नागपुर नासिक और पिंपरी चिंचवड़ जैसे बड़े शहरों में महापौर पद सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। चंद्रपुर नगर निगम में लगातार पांचवीं बार महिला महापौर चुनी जाएगी जो अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड माना जा रहा है।अब अगला चरण नामांकन प्रक्रिया का होगा। जल्द ही महापौर चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी। इसके बाद नगर निगम की विशेष बैठक में पार्षदों द्वारा मतदान के जरिए महापौर का चुनाव होगा। मतदान से पहले सभी राजनीतिक दल अपने पार्षदों को व्हिप जारी करेंगे। पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान करने पर पार्षद की सदस्यता रद्द किए जाने का प्रावधान है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण से स्थानीय राजनीति में महिला नेतृत्व को मजबूती मिलेगी। लेकिन आरक्षण रोटेशन और नियमों में बदलाव को लेकर उठे सवाल आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नया टकराव पैदा कर सकते हैं। खासकर BMC जैसे प्रभावशाली नगर निगम में यह मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है।

  • मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास

    मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास


    मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस के अवसर पर इन राज्यों के नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के ये राज्य न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध हैं, बल्कि देश की एकता और विविधता का भी सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने कामना की कि आने वाले वर्षों में ये राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करें और यहां के नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और उल्लास बना रहे।

    मेघालय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य भारत का गौरव है। पर्वतमालाओं से घिरा, हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर मेघालय अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय की सांस्कृतिक विविधता और पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणास्रोत है।मणिपुर को लेकर उन्होंने कहा कि यह राज्य भारत के गहने के रूप में प्रसिद्ध है। मणिपुर की कला, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मणिपुर की पहचान उसकी अद्वितीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और सामाजिक समरसता से जुड़ी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य शांति, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

    त्रिपुरा के संदर्भ में डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह राज्य माँ त्रिपुरसुंदरी की कृपा से अभिसिंचित है और अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए सुविख्यात है। उन्होंने त्रिपुरा की सांस्कृतिक परंपराओं ऐतिहासिक धरोहरों और जनजीवन की सरलता को सराहा। मुख्यमंत्री के अनुसार, त्रिपुरा ने सीमित संसाधनों के बावजूद विकास और सामाजिक संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का भी उल्लेख किया और कहा कि बाबा महाकाल से यही मंगलकामना है कि प्रकृति की गोद में बसे ये तीनों राज्य निरंतर प्रगति करें। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्यों के समन्वय से पूर्वोत्तर भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाला समय इन राज्यों के लिए और अधिक अवसर लेकर आएगा।

    राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस संदेश को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में क्षेत्रीय पहचान के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।स्थापना दिवस के अवसर पर मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सरकारी आयोजनों और जनउत्सव की तैयारियां की गई हैं। इन आयोजनों के माध्यम से राज्यों की विकास यात्रा, सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा जा रहा है।

  • CG: बीजापुर में नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की हत्या, गांव में दहशत का माहौल

    CG: बीजापुर में नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की हत्या, गांव में दहशत का माहौल


    बीजापुर।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर जिले (Bijapur district) में खौफनाक घटना सामने आई है। यहां नक्सलियों (Naxalites) ने मंगलवार देर शाम को एक पूर्व सरपंच भीमा मडकम (Former Sarpanch Bhima Madkam) की निर्मम हत्या कर दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पूर्व सरपंच का बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार किया जायेगा।

    मिली जानकारी के अनुसार पामेड़ थाना क्षेत्र (Pamed police station area) के कावरगट्टा गांव में हथियारबंद नक्सलियों ने पूर्व सरपंच मडकम पर उस समय गोलियां चलायी, जब वह अपने खेत में काम कर रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक यह नक्सलियों के द्वारा की गई हत्या है। इस हत्या के बारे में पुलिस ने कल शाम पत्रकारों को बताया था लेकिन यह जानकारी नहीं दी कि नक्सलियों के द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया था। चश्मदीद ग्रामीण इस हत्या को नक्सलियों के द्वारा की गई हत्या बता रहे हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय खेत में कुछ अन्य ग्रामीण भी मौजूद थे। नक्सली अचानक वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के भीमा मडकम को निशाना बनाया। गोली लगने के तुरंत बाद ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर घटनास्थल से फरार हो गए।

    पुलिस ने बताया कि पूर्व सरपंच मडकम उसी दिन दंतेवाड़ा जिले के बचेली से अपने गांव लौटे थे। गांव के नजदीक ही वह अपने खेतों पर काम कर रहे थे तभी नक्सलियों ने गोली मारकर उनकी जान ले ली। यह पहली बार नहीं है जब उन पर नक्सलियों ने हमला किया, इससे पहले भी वह एक हमले में चमत्कारिक रूप से बच गए थे। मृतक का शव कल देर शाम गांव तक लाया गया।

    इस घटना के बाद से गांव में भय और तनाव का माहौल है। इस हत्या के पीछे के ठोस कारणों का पता लगाया जा रहा है। पामेड़ थाने की पुलिस इस हत्याकांड की जांच करेगी। पुलिस के मुताबिक गांव के आसपास सुरक्षा कड़ी की गई है।

  • टिकट नहीं मिला तो बगावत की हद पार: NCP विधायक के दफ्तर के बाहर बेटे ने किया पेशाब महाराष्ट्र की सियासत गरमाई

    टिकट नहीं मिला तो बगावत की हद पार: NCP विधायक के दफ्तर के बाहर बेटे ने किया पेशाब महाराष्ट्र की सियासत गरमाई

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में जिला परिषद चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं लेकिन लातूर जिले से सामने आई एक घटना ने सियासी विरोध की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक और पूर्व मंत्री संजय बंसोडे के स्थानीय कार्यालय के बाहर एक युवक द्वारा खुलेआम पेशाब किए जाने की घटना ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी बल्कि आम जनता को भी हैरान कर दिया।
    यह पूरी घटना बुधवार 21 जनवरी की बताई जा रही है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।मामला लातूर जिले की उदगीर तहसील का है जहां आगामी जिला परिषद चुनावों के लिए टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया। जानकारी के अनुसार उदगीर के निदेबन क्षेत्र से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता मधुकर एकुरकेकर को 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव के लिए NCP की ओर से उम्मीदवार नहीं बनाया गया। इसी फैसले से नाराज होकर उनके बेटे नितिन एकुरकेकर ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया जिसने सबको चौंका दिया।

    बताया जा रहा है कि नितिन एकुरकेकर ने पार्टी नेतृत्व पर अन्याय का आरोप लगाते हुए NCP विधायक संजय बंसोडे के कार्यालय के बाहर पेशाब कर अपना आक्रोश जाहिर किया। यही नहीं उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया। कुछ ही घंटों में यह वीडियो वायरल हो गया और देखते ही देखते राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा मच गया। हालांकि विवाद बढ़ता देख नितिन ने बाद में यह वीडियो अपने अकाउंट से हटा लिया।

    वीडियो सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दो धड़ों में बंटी नजर आईं। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर की गई शर्मनाक और अशोभनीय हरकत बताया। उनका कहना है कि राजनीतिक असहमति जताने के कई संवैधानिक और सभ्य तरीके होते हैं लेकिन इस तरह का कृत्य न केवल व्यक्ति विशेष बल्कि पूरे राजनीतिक तंत्र की छवि को नुकसान पहुंचाता है। वहीं कुछ लोगों ने इसे पार्टी नेतृत्व के प्रति कार्यकर्ताओं की हताशा और गुस्से का प्रतीक बताया हालांकि उन्होंने भी इस तरीके का समर्थन नहीं किया।

    इस घटना ने NCP को भी असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर असंतोष की बातें पहले भी सामने आती रही हैं लेकिन इस तरह का सार्वजनिक और आपत्तिजनक विरोध पहली बार देखने को मिला है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं दलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं और मतदाताओं के बीच गलत संदेश भी भेजती हैं।कुल मिलाकर लातूर की यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ते तनाव गुटबाजी और असंतोष की तस्वीर पेश करती है। सवाल यह है कि क्या राजनीतिक दल समय रहते अपने कार्यकर्ताओं की नाराजगी को संभाल पाएंगे या फिर आने वाले दिनों में सियासत का तापमान और चढ़ता नजर आएगा।

  • Delhi की इस कॉलोनी में 8 माह से जमा है गंदा पानी, नरकीय जीवन जीने को मजबूर लोग… भड़की कांग्रेस

    Delhi की इस कॉलोनी में 8 माह से जमा है गंदा पानी, नरकीय जीवन जीने को मजबूर लोग… भड़की कांग्रेस


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) की किराड़ी विधानसभा (Kirari Assembly) के शर्मा एन्क्लेव (Sharma Enclave) में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। पिछले आठ महीनों से कॉलोनी की गलियों में सीवर का गंदा पानी जमा है जिससे करीब ढाई हजार लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। निवासियों का कहना है कि अन्य इलाकों का गंदा पानी (Dirty water) यहां आकर जमा हो रहा है लेकिन निकासी के लिए सीवर लाइन नहीं है। कांग्रेस ने हालात बयां करता हुए VIDEO पोस्ट करते हुए दिल्ली सरकार पर जोरदार हमला बोला है।


    10 हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बुधवार को किराड़ी विधानसभा के शर्मा एन्क्लेव का दौरा किया। देवेंद्र यादव ने इलाके में भारी जलभराव और घरों के भीतर दूषित पानी जमा होने की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की लापरवाही के कारण यहां के 10 हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।


    पानी की निकासी पूरी तरह बंद

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि शर्मा एन्क्लेव के निवासियों की शिकायतें मिलने के बाद वह उनकी दयनीय स्थिति देखने आए हैं। आलम यह है कि कॉलोनी की हर गली प्रदूषित पानी से भरी हुई है। हैरानी की बात यह है कि लोग ऐसी खराब परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। इस कॉलोनी में पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है।


    150 गलियों में 3 से 4 फीट पानी

    देवेंद्र यादव ने यह भी दावा किया कि कॉलोनी की लगभग 150 गलियों में 3 से 4 फीट पानी भरा होने से यहां की 10 हजार की आबादी प्रभावित है। कई घरों के अंदर पानी चला गया है। हालात इतने खराब हैं कि बहुत सारे लोग घर छोड़कर पलायन कर गए हैं। कुछ लोग बचे हैं जो बीमारियों का सामना कर रहे हैं। यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री और दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर तत्काल दखल देने की मांग की है।

    जमकर बरसे राहुल गांधी
    वहीं राहुल गांधी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सिस्टम सत्ता के सामने बिक चुका है। सब एक-दूसरे की पीठ थपथपाते हैं और मिलकर जनता को रौंदते हैं। लालच की महामारी फैल चुकी है, जिसका सबसे डरावना चेहरा शहरी सड़न है। हर आम भारतीय की जिंदगी आज नर्क की यातना बन गई है। हमारा समाज इसलिए मर रहा है क्योंकि हमने इस सड़न को न्यू नॉर्मल मान लिया है – सुन्न, निशब्द, बेपरवाह… जवाबदेही मांगो वरना सड़न हर दरवाजे तक पहुंचेगी।

  • बीजापुर: नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की बेरहमी से हत्या; इलाके में फैला खौफ, पुलिस ने शुरू की सर्चिंग

    बीजापुर: नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की बेरहमी से हत्या; इलाके में फैला खौफ, पुलिस ने शुरू की सर्चिंग


    बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार देर शाम नक्सलियों ने गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव के पूर्व सरपंच भीमा मडकम की धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। नक्सलियों ने इस वारदात को तब अंजाम दिया जब पूर्व सरपंच अपने घर पर थे।

    वारदात के पीछे मुखबिरी का शक

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नक्सलियों का एक छोटा दल गांव पहुँचा और भीमा मडकम को घर से उठाकर कुछ दूर ले गया। वहां नक्सलियों ने उन पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाते हुए बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद नक्सलियों ने घटनास्थल के पास पर्चे भी फेंके हैं, जिनमें ग्रामीणों को चेतावनी दी गई है।

    दहशत में ग्रामीण

    इस हत्याकांड के बाद पूरे गांव और आसपास के अंचल में दहशत का माहौल है। नक्सलियों की धमक के कारण ग्रामीण कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लिया।

    आज होगा अंतिम संस्कार

    भीमा मडकम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। बुधवार को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा जिसके बाद गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

    वारदात के मुख्य बिंदु:

    मृतक भीमा मडकम पूर्व सरपंच ।, समय: मंगलवार देर शाम। स्थान बीजापुर जिला गंगालूर क्षेत्र। वजह नक्सलियों द्वारा मुखबिरी का शक। वर्तमान स्थिति इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती और सर्चिंग जारी।