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  • Odisha में भीषण सड़क हादसा… बेकाबू ट्रेलर ने पुलिस की बोलेरो को टक्कर, 5 जवानों की मौत, 3 घायल

    Odisha में भीषण सड़क हादसा… बेकाबू ट्रेलर ने पुलिस की बोलेरो को टक्कर, 5 जवानों की मौत, 3 घायल


    झारसुगुड़ा।
    ओडिशा (Odisha) के झारसुगुड़ा जिले (Jharsuguda district) में रविवार तड़के एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। एक तेज रफ्तार ट्रेलर (High Speed Trailer) ने पुलिस की बोलेरो गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे पांच पुलिस कर्मियों (Five Police Personnel) की मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हैं। यह दुर्घटना इतनी भीषण थी कि पुलिस वाहन के परखच्चे उड़ गए। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना झारसुगुड़ा सदर पुलिस स्टेशन के पास सुबह के समय हुई।

    पुलिस की बोलेरो ड्यूटी पर थी, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने उसे सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो पूरी तरह पिचक गई, जिससे उसमें सवार पांच कर्मियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले जवानों की पहचान कर ली गई है। पुलिस विभाग ने मृतकों के नाम साझा करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में ड्रिल सब-इंस्पेक्टर निरंजन कुजूर, एपीआर कर्मी काशीराम भोई, एपीआर कर्मी देबदत्त सा, एपीआर हवलदार लिंगराज धुरुआ और होमगार्ड भक्तबंधु मिर्धा का निधन हुआ है।

    दुर्घटना में घायल हुए तीन अन्य कर्मियों में आर्म्ड पुलिस रिजर्व (APR) के दो सदस्य और एक सार्जेंट शामिल हैं। स्थानीय पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उन्हें बाहर निकाला और तुरंत झारसुगुड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों की हालत काफी नाजुक बनी हुई है और उन्हें विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में रखा गया है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आरोपी ट्रेलर चालक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह हादसा चालक की लापरवाही, नींद आने या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ।

    ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए जिले भर में लोग एकत्र हो रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

  • राजस्थानः पूर्व MP ने मुस्लिम महिला को नाम पूछने के बाद कंबल देने से किया इनकार…. कही ये बात

    राजस्थानः पूर्व MP ने मुस्लिम महिला को नाम पूछने के बाद कंबल देने से किया इनकार…. कही ये बात


    जयपुर।
    राजस्थान (Rajasthan) के टोंक-सवाई माधोपुर के पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया (Former BJP MP Sukhbir Singh Jaunapuria) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जौनापुरिया एक कंबल वितरण कार्यक्रम (Blanket Distribution Program) में नजर आ रहे हैं। इसमें वह एक महिला से उसका नाम पूछते हैं। वह मुस्लिम महिला जब अपना नाम बताती है तो सुखबीर सिंह जौनापुरिया उसे कंबल नहीं देने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। वह कह रहे हैं कि जो मोदी को गाली देता है उसे कंबल लेने का हक नहीं है।


    कंबल वितरण कार्यक्रम में पहुंची थीं महिलाएं

    एक रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को निवाई क्षेत्र के करेड़ा बुजुर्ग गांव के सीताराम जी मंदिर में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें आसपास के गांवों से महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंची थीं। मौके पर बैठी महिलाओं को पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया की ओर से कंबल बांटा जा रहा था। सभी महिलाएं कंबल पाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान एक हैरान करने वाला वाकया होता है।


    पूछा नाम, बोले- जो मोदी को गाली देता है, उसे नहीं

    इसी दौरान पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया एक महिला से कहते हैं क्या नाम है तेरा.. महिला अपना नाम सकुरान खान बताती है। इस पर जौनापुरिया कहते हैं तुम एक तरफ हट जाओ। वायरल वीडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं कि जो मोदी को गाली देता है, उसे कंबल लेने का हक नहीं है। बताया जाता है कि इसके बाद मौके पर पहुंची अन्य महिलाओं को भी कंबल नहीं दिया जाता है। यही नहीं मुस्लिम महिलाओं को दिए कंबल वापस ले लिए जाते हैं।


    बताया निजी कार्यक्रम

    इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस पर लोगों तरह तरह की प्रतिक्रियाएं देते नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि मौके पर कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई तो जौनापुरिया ने इसे निजी कार्यक्रम बताकर उन्हें शांत करा दिया। वीडियो में वह कहते दिख रहे हैं कि कंबल बांटना उनका खुद का कार्यक्रम है। वहीं मुस्लिम महिलाओं का कहना था कि इस व्यवहार से वे अपमानित महसूस कर रही हैं।

  • J&K और पंजाब को दहलाने की थी साजिश….. अलग-अलग स्थानों पर मिली संदिग्ध IED, बढ़ाई सुरक्षा

    J&K और पंजाब को दहलाने की थी साजिश….. अलग-अलग स्थानों पर मिली संदिग्ध IED, बढ़ाई सुरक्षा


    चंडीगढ़/पंजाब
    । जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) और पंजाब (Punjab) में सुरक्षा एजेंसियों (Security Agencies.) ने अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध आईईडी (IED) मिलने के बाद सतर्कता बढ़ा दी है। दोनों घटनाओं के बाद इलाकों को घेरकर यातायात रोका गया और बम निरोधक दस्तों ने विस्फोटकों को निष्क्रिय किया। सबसे पहले जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिला में शनिवार को गांदरबल–सफापोरा रोड पर संदिग्ध आईईडी मिलने से हड़कंप मच गया। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने तुरंत क्षेत्र को घेर लिया और एहतियातन यातायात रोक दिया।


    बम निरोधक दस्ते ने नष्ट किया

    बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर इसे सुरक्षित तरीके से नष्ट किया। घाटी में आतंकवादी अक्सर वीआईपी, सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों के काफिलों को निशाना बनाने के लिए सड़कों किनारे आईईडी लगाने की कोशिश करते रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए सेना और अर्धसैनिक बल नियमित रूप से सुबह गश्त कर मार्गों की जांच करते हैं। आईईडी वैश्विक स्तर पर भी सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती माने जाते हैं। इन्हें सामान्य औद्योगिक रसायनों या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से तैयार किया जा सकता है, जिससे इनका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। इनका आकार छोटे पैकेट से लेकर वाहन-आधारित बड़े विस्फोटक तक हो सकता है।


    पंजाब में पुलिस चौकी के पास रखे बैग में मिला आईईडी

    उधर, पंजाब के अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र के रैया इलाके में एक पुलिस चौकी के पास बैग में रखा आईईडी बरामद किया गया। सुहैल कासिम मीर ने बताया कि पुलिस ने तुरंत क्षेत्र को सील कर बम निरोधक दस्ते की मदद से विस्फोटक निष्क्रिय किया। इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अब तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, जबकि पुलिस संदिग्धों की पहचान कर आगे की जांच में जुटी है।

  • पहली बार विधायक बनीं मैथिली ठाकुर ने कहा ये बात, तेजस्वी यादव ने पलटवार कर विधानसभा में मचाया हंगामा

    पहली बार विधायक बनीं मैथिली ठाकुर ने कहा ये बात, तेजस्वी यादव ने पलटवार कर विधानसभा में मचाया हंगामा



    नई दिल्ली। बिहार विधानसभा में गुरुवार को अलीनगर से पहली बार विधायक बनीं मैथिली ठाकुर के विवादित बयान ने राजनीति में भूचाल ला दिया है। उन्होंने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे के प्रति स्नेह की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र और दुर्योधन से की। हालांकि मैथिली ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान से 2005 से पहले के आरजेडी शासन की ओर इशारा साफ नजर आया।

    तेजस्वी यादव ने पलटवार किया
    आरजेडी के नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को इस बयान पर तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया पर मैथिली का फोटो साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि कुछ लोग विधायक बनते ही राजनीति का पूरा ज्ञान होने का भ्रम पाल लेते हैं। तेजस्वी ने कहा कि “विधानसभा का ए, बी, सी भी ठीक से समझे बिना कुछ लोग ‘जननायक’ पर कटाक्ष करने का दुस्साहस कर रहे हैं।”

    उन्होंने मैथिली पर आरोप लगाया कि दरभंगा में हाल ही में हुई दलित लड़की के दुष्कर्म और हत्या पर वह चुप रही। साथ ही उन्होंने तंज कसा कि जो लोग आरजेडी शासनकाल को “जंगल राज” कहते हैं, उनके परिवार ने हाल ही में मधुबनी में चोरी की शिकायत दर्ज कराई, जबकि राज्य में उनकी ही पार्टी की सरकार है।

    राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस
    मैथिली और तेजस्वी के बीच यह विवाद बिहार की राजनीति में नया मोड़ लेकर आया है। भाजपा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यह विवाद अगले कुछ दिनों में और गहराने वाला है।

    विश्लेषकों का मानना है कि मैथिली के महाभारत के उदाहरण और तेजस्वी के तीखे पलटवार ने विधानसभा में नई बहस को जन्म दे दिया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है, और राजनीतिक दल इसे लोकप्रियता और मीडिया कवरेज बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

    भविष्य की राजनीति पर असर
    बिहार में इस तरह की बयानबाजी अगले विधानसभा सत्र और स्थानीय राजनीति में भी असर डाल सकती है। तेजस्वी का सोशल मीडिया तंज और मैथिली का विवादित बयान दोनों ही पार्टियों की रणनीतियों का हिस्सा बनते दिखाई दे रहे हैं।

  • बंगाल में CAA लागू करने के लिए मोदी सरकार ने बनाई विशेष समिति, विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा कदम

    बंगाल में CAA लागू करने के लिए मोदी सरकार ने बनाई विशेष समिति, विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा कदम



    कोलकाता। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। यह कदम 2024 में अधिसूचित CAA नियमों के तहत बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    समिति का काम अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों के नागरिकता आवेदन की जांच और मंजूरी देना है। यह सुनिश्चित करेगी कि सभी आवेदन पूरी तरह से सही हों और आवेदक नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6B के अनुसार पात्र हों।

    समिति में शामिल अधिकारी
    केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार समिति का गठन इस प्रकार हुआ है:
    अध्यक्ष: डिप्टी रजिस्ट्रार जनरल, जनगणना कार्य निदेशालय, पश्चिम बंगाल

    प्रमुख सदस्य:
    सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) का उप सचिव स्तर का अधिकारी
    क्षेत्रीय विदेशी पंजीकरण अधिकारी (FRRO) द्वारा नामित अवर सचिव स्तर का अधिकारी
    राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), पश्चिम बंगाल का अवर सचिव स्तर का अधिकारी
    पश्चिम बंगाल के पोस्ट मास्टर जनरल या उनके द्वारा नामित डाक अधिकारी

    विशेष आमंत्रित सदस्य:
    पश्चिम बंगाल सरकार का प्रमुख सचिव (गृह) या अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) कार्यालय का प्रतिनिधि
    रेलवे के क्षेत्रीय मंडल रेल प्रबंधक (DRM) का प्रतिनिधि

    नागरिकता पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
    नियम 11A के तहत, अफगानिस्तान, बांग्लादेश या पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई समुदाय के लोग जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए थे, नागरिकता के लिए पात्र हैं। इन आवेदकों को अपना आवेदन इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा करना होगा।

    राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और मतुआ समुदाय
    यह कदम पश्चिम बंगाल की राजनीति में संवेदनशील है।

    मतुआ समुदाय: बांग्लादेश से आए लाखों मतुआ और बंगाली हिंदू लंबे समय से भारतीय नागरिकता की प्रतीक्षा कर रहे हैं और यह उनका बड़ा वोट बैंक है।

    टीएमसी का रुख: सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कहना है कि CAA लागू होने से मतुआ समुदाय के वोटिंग अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने समुदाय से CAA शिविरों से दूर रहने की अपील की है, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया है कि वह बंगाल में CAA लागू नहीं होने देंगी।

    गृह मंत्रालय का उद्देश्य इस सशक्त समिति के माध्यम से पश्चिम बंगाल में CAA से जुड़ी भ्रम और लंबित आवेदनों के गतिरोध को दूर करना है।

  • हैवानियत का अंत: बांदा कोर्ट ने मासूमों के गुनहगार 'इंजीनियर' पति-पत्नी को सुनाई फांसी की सजा बांदा,

    हैवानियत का अंत: बांदा कोर्ट ने मासूमों के गुनहगार 'इंजीनियर' पति-पत्नी को सुनाई फांसी की सजा बांदा,


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के न्याय के मंदिर से एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला आया है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बांदा की विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने 50 से ज्यादा मासूम बच्चों का यौन शोषण करने वाले और उनके अश्लील वीडियो डार्क वेब पर दुनिया भर में बेचने वाले रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है।जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए सख्त लहजे में कहा दोनों पति-पत्नी को मरते दम तक फंदे पर लटकाए रखा जाए।

    1. सफेदपोश की आड़ में छिपा ‘दरिंदा’
    रामभवन कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि चित्रकूट में सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर (JE) के पद पर तैनात था। समाज में सम्मानजनक पद पर रहते हुए वह अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक ऐसा घिनौना नेटवर्क चला रहा था, जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाए।

    शिकार: 5 से 16 साल के गरीब और मासूम बच्चे।

    प्रलोभन: मोबाइल गेम, खिलौने, पैसे और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का लालच देकर बच्चों को घर बुलाया जाता था।

    अपराध का तरीका: पति-पत्नी मिलकर बच्चों का यौन शोषण करते थे और लैपटॉप के जरिए उनकी वीडियो और फोटो रिकॉर्ड करते थे।

    2. डार्क वेब के जरिए 47 देशों में ‘मासूमियत’ का सौदा
    सीबीआई की जांच में जो खुलासे हुए, वे चौंकाने वाले थे। यह केवल एक स्थानीय अपराध नहीं था, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय पेडोफाइल सिंडिकेट का हिस्सा था।

    ग्लोबल नेटवर्क: इंटरपोल से मिले इनपुट के बाद इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।

    निर्यात: ये आरोपी बच्चों के अश्लील वीडियो और फोटो चीन, अमेरिका, ब्राजील और अफगानिस्तान समेत 47 देशों में बेचते थे।

    साक्ष्य: सीबीआई को एक पेनड्राइव मिली जिसमें 34 बच्चों के वीडियो और 679 आपत्तिजनक तस्वीरें थीं।

    3. सीबीआई की मुस्तैदी और ऐतिहासिक ट्रायल
    अक्टूबर 2020 में मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने बेहद पेशेवर तरीके से जांच की:

    गिरफ्तारी: 17 नवंबर 2020 को दोनों को दबोचा गया।

    चार्जशीट: मात्र 88 दिनों के भीतर 700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई।

    गवाही: कोर्ट में 74 गवाहों को पेश किया गया। डिजिटल साक्ष्यों और एम्स (AIIMS) दिल्ली में हुए बच्चों के मेडिकल परीक्षण ने आरोपियों के खिलाफ केस को अभेद्य बना दिया।

    4. कोर्ट का कड़ा रुख और मुआवजे की मांग
    अदालत ने माना कि यह मामला “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” (दुर्लभतम) श्रेणी में आता है। जहां पत्नी दुर्गावती को गवाहों पर दबाव बनाने और समझौते के लिए मजबूर करने का भी दोषी पाया गया, वहीं रामभवन मुख्य अपराधी था।

    अधिवक्ता ने कोर्ट से यह भी मांग की है कि जिलाधिकारी (DM) को पत्र लिखकर प्रत्येक पीड़ित बच्चे को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए, ताकि उनके पुनर्वास में मदद मिल सके।

  • उत्तराखंड में हाई कोर्ट और जिला न्यायालय को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मचा हडकंप

    उत्तराखंड में हाई कोर्ट और जिला न्यायालय को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मचा हडकंप


    नैनीताल।
    पिछले चार दिनों से उत्तराखंड (Uttarakhand) में अदालतों ( Courts) को बम से उड़ाने की धमकी (Bomb Threat) का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को पुलिस विभाग में तब हड़कंप मच गया, जब हाई कोर्ट (Uttarakhand High Court) को ही बम लगाकर उड़ाने की धमकी मिली। अज्ञात मेल में जिला न्यायालय को भी धमकी मिली है। आनन-फानन में पुलिस विभाग ने सभी गेटों पर मेटल डिटेक्टर लगा लिए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है।

    मिली जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में जिला न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार सुबह एक बार फिर अज्ञात ई-मेल आईडी से धमकी भरा संदेश मिलने से न्यायिक व्यवस्था में हड़कंप मच गया। इस बार मामला और गंभीर तब हो गया, जब जिला न्यायालय के साथ-साथ उच्च न्यायालय को भी धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ।


    ड्रोन बम से हाई कोर्ट उड़ाने की धमकी

    ई-मेल में इस बार ड्रोन के माध्यम से न्यायालय परिसर को उड़ाने की बात कही गई है। धमकी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। आनन-फानन में जिला न्यायालय के जज चैंबर और कोर्ट परिसर को खाली कराया गया। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। जिला न्यायालय के सभी प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई है और परिसर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन तलाशी ली जा रही है। बाहरी लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।

    पुलिस डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ता लगातार परिसर की गहन जांच कर रहा है। गुरुवार को जिला जज प्रशांत जोशी ने कोर्ट परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इधर, हाईकोर्ट में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है| एसपी क्राइम नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्रा ने बताया कि बम डिस्पोजल स्क्वाड से चेकिंग कराई जा रही है।


    चार दिनों से लगातार धमकी

    गौरतलब है कि पिछले चार दिनों से इस तरह की धमकी भरे ई-मेल आ रहे हैं। इससे पहले नैनीताल, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिला न्यायालयों को भी धमकी भरे ई-मेल मिले थे, हालांकि कहीं भी तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

  • मौसम का डबल रंग: नोएडा-गाजियाबाद में बादल बरसेंगे, पूर्वांचल में साफ आसमान

    मौसम का डबल रंग: नोएडा-गाजियाबाद में बादल बरसेंगे, पूर्वांचल में साफ आसमान


    नई दिल्ली। 19 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश में आज मौसम का मिजाज साफ तौर पर दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। India Meteorological Department (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बादल, हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है, जबकि लखनऊ और प्रयागराज समेत पूर्वी हिस्सों में दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ रहेगा और अच्छी धूप निकलेगी।

    नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर में सुबह हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। दोपहर बाद कुछ इलाकों में बूंदाबांदी या हल्की बारिश के आसार हैं। 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। पश्चिमी यूपी में अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 से 16 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।

    वहीं राजधानी लखनऊ और प्रयागराज में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहेगा। सुबह हल्की ठंड और नमी के कारण हल्का कोहरा रह सकता है, लेकिन दिन में तेज धूप निकलने से मौसम सुहावना हो जाएगा। इन शहरों में अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13 से 15 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। दिन के समय ठंड लगभग समाप्त हो चुकी है, हालांकि सुबह और रात में हल्की सिहरन बनी रह सकती है।

    आने वाले दो दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी के संकेत हैं। 20 फरवरी से पारा 30 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है, जिससे हल्की गर्मी का एहसास शुरू होगा। हालांकि पश्चिमी यूपी में 20 फरवरी को भी हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।

    मौसम विशेषज्ञों की सलाह: सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनें, गरज-चमक के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों, और यात्रा के दौरान सावधानी बरतें। कुल मिलाकर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम बदलता हुआ नजर आएगा, जबकि पूर्वी हिस्सों में लोगों को धूप और सुहावने दिन का आनंद मिलेगा।

  • असम राजनीति: गौरव गोगोई ने हिमंता बिस्वा सरमा को कहा ‘असम का जिन्ना’, भूपेन बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता बताने पर कसा तंज

    असम राजनीति: गौरव गोगोई ने हिमंता बिस्वा सरमा को कहा ‘असम का जिन्ना’, भूपेन बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता बताने पर कसा तंज



    नई दिल्ली। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने पूर्व कांग्रेस नेता भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने पर प्रतिक्रिया दी है। गौरव गोगोई ने कहा कि बीजेपी में शामिल होने वाले लोग अपने राजनीतिक सफर में महत्वहीन हो चुके हैं और भूपेन बोरा का भी यही हाल होगा। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें नेताओं को “हिंदू प्रमाण पत्र” देना बंद कर देना चाहिए और साथ ही कहा कि सरमा असम के जिन्ना हैं।

    गौरव गोगोई ने कहा कि बीजेपी पुराने कांग्रेस नेताओं से भरी हुई है, जो राज्य में कांग्रेस के 15 साल के शासनकाल में सबसे भ्रष्ट माने जाते थे। उन्होंने कांग्रेस को समंदर के समान बताते हुए कहा कि पार्टी हमारे पूर्वजों के अस्तित्व से बहुत पहले से मौजूद है और हम सब उसमें पानी की बूंदें मात्र हैं।

    भूपेन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा देने का कारण बताया कि उन्हें पार्टी में अपनी कोई जरूरत महसूस नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उन्हें एहसास हुआ कि बीजेपी विरोधी वोट को एकजुट करने की जिम्मेदारी थी और अकेले कांग्रेस इसके लिए सक्षम नहीं थी। भूपेन बोरा ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस अब गौरव गोगोई के नियंत्रण में नहीं है, बल्कि धुबरी के सांसद रकीबुल हुसैन गठबंधन वार्ता के मुख्य कर्ताधर्ता हैं।

    भूपेन बोरा ने यह भी कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनके इस्तीफे के बारे में एक शब्द तक नहीं कहा, जबकि उन्होंने पार्टी को आगे बढ़ाने में योगदान दिया था। गौरव गोगोई ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुकाबला असली कांग्रेस और पुरानी कांग्रेस के बीच होगा और बीजेपी में शामिल पुराने नेता चुनावी तौर पर कोई असर नहीं डालेंगे।

  • J&K: पहलगाम हमले के बाद बंद किए गए 14 पर्यटन स्थल फिर खुलेंगे, LG ने दिए आदेश

    J&K: पहलगाम हमले के बाद बंद किए गए 14 पर्यटन स्थल फिर खुलेंगे, LG ने दिए आदेश


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Lieutenant Governor Manoj Sinha) ने सोमवार को केंद्र शासित प्रदेश के उन 14 पर्यटन स्थलों (14 Tourist Destinations) को फिर से खोलने का आदेश दिया, जिन्हें पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद बंद कर दिया गया था। उपराज्यपाल प्रशासन ने पिछले साल 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू कश्मीर में लगभग 50 पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया था। हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे।

    उपराज्यपाल कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘सुरक्षा की गहन समीक्षा और विचार-विमर्श के बाद, मैंने कश्मीर और जम्मू संभागों में एहतियाती तौर पर अस्थायी रूप से बंद किये गए और भी पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया है।’ इसके साथ ही, अस्थायी रूप से बंद किए जाने के बाद फिर से खोले गए पर्यटन स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 26 हो गई है।

    इससे पहले, पिछले साल 26 सितंबर को उपराज्यपाल ने 12 पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया था। सिन्हा ने कहा, ‘कश्मीर संभाग के 11 पर्यटन स्थलों- कोकरनाग में यूसमर्ग, दूधपथरी, दांडीपुरा पार्क, शोपियां में पीर की गली, दुबजान और पदपावन, श्रीनगर में अस्तनपोरा, ट्यूलिप गार्डन, थजवास ग्लेशियर, गांदेरबल में हंग पार्क और बारामुला में वुलर और वाटलाब – को तत्काल फिर से खोला जाएगा।’

    उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग के तीन पर्यटन स्थल – रियासी में देवी पिंडी, रामबन में महू मंगत और किश्तवार में मुगल मैदान – भी तत्काल प्रभाव से फिर से खोले जाएंगे। सिन्हा ने कहा, ‘कश्मीर संभाग में तीन स्थल- गुरेज, अथवाटू और बंगस- और जम्मू संभाग में एक स्थल – रामबन में रामकुंड – बर्फ हटने के बाद फिर से खोल दिए जाएंगे।’


    23 फरवरी से शुरू हो रहे ‘खेलो इंडी शीतकालीन खेल’

    जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग में 23 फरवरी से शुरू होने वाले ‘खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों’ (केआईडब्ल्यूजी) में 700 से अधिक खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। स्की सहायक मोहम्मद रफीक चेची ने कहा, “इस सर्दी में अच्छी बर्फबारी हुई है, जिससे ‘स्कीइंग’ और ‘स्लेजिंग’ गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों का यहां आयोजन हो रहा है और इससे हमें अपनी आजीविका कमाने में मदद मिलेगी।”

    इस वर्ष ‘बर्फ स्पर्धाओं’ के लिए केआईडब्ल्यूजी का पहला चरण लद्दाख के लेह में 20 से 26 जनवरी तक आयोजित किया गया था, जबकि ‘हिम स्पर्धाओं’ के लिए खेलों का दूसरा चरण 23 से 26 फरवरी तक गुलमर्ग में आयोजित किया जाएगा। युवा सेवाओं और खेल विभाग द्वारा जारी एक वीडियो में चेची ने कहा, “गुलमर्ग तैयार है, आपका इंतजार है।”