Category: State

  • आगरा में टिफनी ट्रम्प का ताजमहल दौरा, नक्काशी देख बोलीं-इतना सुंदर मार्बल कहां से आया

    आगरा में टिफनी ट्रम्प का ताजमहल दौरा, नक्काशी देख बोलीं-इतना सुंदर मार्बल कहां से आया

    उत्तर प्रदेश आगरा में शनिवार को एक खास और चर्चित नजारा देखने को मिला जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी टिफनी ट्रम्प अपने पति माइकल बॉऊलोस के साथ ताजमहल पहुंचीं। चार्टर्ड विमान से खेरिया एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह सीधे होटल न जाकर अपने काफिले के साथ ताजमहल के लिए रवाना हो गईं। ताजमहल परिसर में पहुंचते ही उन्होंने करीब एक घंटे तक विश्व प्रसिद्ध इस धरोहर की भव्यता और नक्काशी को करीब से निहारा।

    गोल्फ कार्ट के जरिए परिसर में प्रवेश करने के बाद टिफनी और उनके पति ने ताजमहल के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया। इस दौरान दोनों काफी उत्साहित और खुश नजर आए। टिफनी ने गाइड रमेश दीवान से ताजमहल में इस्तेमाल हुए संगमरमर और उसकी नक्काशी को लेकर कई सवाल पूछे। उन्होंने विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की कि इतनी बारीक और आकर्षक नक्काशी कैसे तैयार की गई और यह मार्बल कहां से लाया गया।

    गाइड ने उन्हें बताया कि ताजमहल में इस्तेमाल हुआ प्रमुख संगमरमर भारत के ही विभिन्न क्षेत्रों से लाया गया था, जबकि जड़ाई और नक्काशी में प्रयुक्त बहुमूल्य पत्थर अफ्रीका, यमन और अन्य देशों से मंगाए गए थे। यह जानकारी सुनकर टिफनी ने आश्चर्य और प्रशंसा दोनों जताई।

    ताजमहल परिसर में टिफनी और माइकल ने प्रसिद्ध “डायना बेंच” के पास भी समय बिताया, जहां दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर तस्वीरें खिंचवाईं। इसके अलावा उन्होंने अपने स्टाफ के साथ भी ग्रुप फोटो क्लिक करवाई। इस दौरान टिफनी नारंगी रंग की लंबी ड्रेस में और माइकल टी-शर्ट व ट्राउजर में नजर आए। दोनों ने धूप का चश्मा भी लगाया हुआ था, जिससे उनका लुक काफी कैजुअल और रिलैक्स्ड दिखाई दिया।

    दौरे के दौरान टिफनी ने वहां मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए हाथ जोड़कर धन्यवाद भी कहा। उनके साथ भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे दौरे में उनका साथ दिया।

    ताजमहल भ्रमण के बाद टिफनी और उनका काफिला होटल अमर विलास पैलेस पहुंचा, जहां से ताजमहल का नजारा सीधे दिखाई देता है। यहां वह कुछ समय विश्राम के बाद दोपहर का भोजन करेंगी और इसके बाद उनका काफिला राजस्थान के जैसलमेर के लिए रवाना होगा।

    यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प परिवार का कोई सदस्य ताजमहल पहुंचा हो। इससे पहले वर्ष 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपनी पत्नी मेलानिया ट्रम्प, बेटी इवांका ट्रम्प और दामाद जेरेड कुशनर के साथ ताजमहल का दौरा कर चुके हैं। अब करीब छह साल बाद परिवार का एक और सदस्य ताजनगरी की खूबसूरती का साक्षी बना है।

    ताजमहल का यह दौरा एक बार फिर इसकी वैश्विक लोकप्रियता और आकर्षण को दर्शाता है, जहां हर साल दुनिया भर से लाखों पर्यटक इसकी अनोखी सुंदरता को देखने आते हैं।

  • टीकमगढ़ में जंगल में मिला बुजुर्ग का शव: बेटे ने जताई हत्या की आशंका, गोली के निशान मिलने का दावा

    टीकमगढ़ में जंगल में मिला बुजुर्ग का शव: बेटे ने जताई हत्या की आशंका, गोली के निशान मिलने का दावा


    टीकमगढ़  टीकमगढ़ जिले के देहात थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब कई दिनों से लापता एक बुजुर्ग का शव जंगल में बरामद हुआ। मृतक की पहचान 65 वर्षीय हरचरण रैकवार के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बन गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शरीर पर गोली जैसे निशान होने का दावा किया है। वहीं पुलिस मामले की हर पहलू से जांच में जुट गई है।

    जानकारी के अनुसार हरचरण रैकवार मंगलवार से लापता थे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार को श्रीनगर गांव के पास स्थित मुड़ापार जंगल में ग्रामीणों ने एक शव पड़ा देखा, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान हरचरण रैकवार के रूप में की।

    मृतक के बेटे रमेश रैकवार ने आरोप लगाया कि उनके पिता की कनपटी और कमर के पास गोली लगने जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। बेटे के आरोपों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।

    घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाए और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एकत्र करना शुरू किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गोली मारकर हत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है और हर पहलू से जांच की जा रही है।

    जंगल में शव मिलने और गोली जैसे निशानों की चर्चा के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

    फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, क्योंकि उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। वहीं परिजन लगातार हत्या की आशंका जता रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

  • कटनी हाईवे पर दर्दनाक हादसा: केबिन में फंसे घायलों को ग्रामीणों ने निकाला, क्लीनर ने तोड़ा दम

    कटनी हाईवे पर दर्दनाक हादसा: केबिन में फंसे घायलों को ग्रामीणों ने निकाला, क्लीनर ने तोड़ा दम


    कटनीकटनी जिले में गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। नैगवा ग्राम के पास दो भारी ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर में एक ट्रक क्लीनर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना जबरदस्त था कि दोनों ट्रकों के केबिन बुरी तरह चकनाचूर हो गए और उनमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार को उमरिया से कटनी की ओर आ रहा एक लोडर ट्रक और कटनी से दूसरी दिशा में जा रहा हाइवा ट्रक नैगवा गांव के पास आमने-सामने भिड़ गए। टक्कर इतनी तेज थी कि दूर तक धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

    घटना की सूचना मिलते ही बड़वारा थाना प्रभारी के.के. पटेल अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की मदद से तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। ट्रकों के क्षतिग्रस्त केबिन में फंसे घायलों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो रहा था। काफी मशक्कत के बाद पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल पुलिस वाहन और एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़वारा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल कटनी रेफर कर दिया। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है।

    पुलिस प्रशासन ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान राजेंद्र कोल के रूप में हुई है, जो विजयराघवगढ़ क्षेत्र का निवासी था और ट्रक में क्लीनर के रूप में काम करता था। हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा। बाद में पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया। घटना के बाद इलाके में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।

    प्राथमिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और वाहन नियंत्रण बिगड़ना माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

    इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार भारी वाहनों के खतरे को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।

  • अंडरब्रिज से टपक रहा गंदा पानी, रेलवे पर लापरवाही के आरोप: राहगीरों की बढ़ी परेशानी

    अंडरब्रिज से टपक रहा गंदा पानी, रेलवे पर लापरवाही के आरोप: राहगीरों की बढ़ी परेशानी


    बीना  बीना के सागर गेट अंडरब्रिज में फैली गंदगी और ऊपर से लगातार टपक रहे गंदे पानी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से अंडरब्रिज से गिर रहे बदबूदार पानी के कारण वाहन चालकों, राहगीरों और स्थानीय रहवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन लगातार शिकायतों के बावजूद इस गंभीर समस्या की अनदेखी कर रहा है।

    अंडरब्रिज के ऊपर जमा गंदगी और जलभराव के कारण गंदा पानी नीचे सड़क पर टपक रहा है। इससे न केवल वहां से गुजरने वाले लोग परेशान हो रहे हैं, बल्कि रेलवे ट्रैक पर भी गंदा पानी जमा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई और मरम्मत का काम नहीं कराया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

    कांग्रेस सेवादल शहर अध्यक्ष प्रमोद राय ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो आम नागरिकों के साथ आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि यह केवल गंदगी का मामला नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

    चेतन धाम कॉलोनी निवासी सुदर्शन जैन ने बताया कि रोज सुबह अंडरब्रिज से गुजरना किसी सजा से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि स्नान कर घर से निकलने के बाद जब इस गंदे पानी और बदबू से गुजरना पड़ता है, तो पूरा दिन खराब हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि इस रास्ते से बचना हो तो ओवरब्रिज से करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।

    गांधी वार्ड निवासी शिवकुमार अहिरवार ने कहा कि यह समस्या नई नहीं है। लंबे समय से गंदा पानी टपक रहा है, लेकिन रेलवे प्रशासन ने कभी स्थायी समाधान निकालने की कोशिश नहीं की। वहीं सिंधी कॉलोनी निवासी जन्नू लाल राय ने बताया कि अंडरब्रिज बनने के समय से ही यह दिक्कत बनी हुई है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण ऊपर गंदगी जमा हो जाती है और फिर वही पानी नीचे रिसने लगता है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरब्रिज से गुजरना अब जोखिम भरा हो गया है। सड़क पर फैली गंदगी के कारण फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन तत्काल सफाई कराकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करे, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही, जिससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

  • सागर में बेकाबू टैंकर का कहर: दुकानों और घरों में घुसा, तेंदूपत्ता तोड़ने जा रहा युवक चपेट में आया; ड्राइवर फरार

    सागर में बेकाबू टैंकर का कहर: दुकानों और घरों में घुसा, तेंदूपत्ता तोड़ने जा रहा युवक चपेट में आया; ड्राइवर फरार


    सागर सागर जिले के खुरई रोड स्थित ग्राम जरुआखेड़ा में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार बेकाबू टैंकर सड़क किनारे बनी दुकानों और घरों में जा घुसा। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के लोग दहशत में बाहर निकल आए। दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

    जानकारी के अनुसार घटना सागर-खुरई रोड पर झंडापुरा मुहाल इलाके में हुई। गुरुवार सुबह सड़क पर तेज गति से दौड़ रहा एक कैप्सूल टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया। देखते ही देखते टैंकर सड़क किनारे बनी दो दुकानों और घरों को तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दुकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घरों में रखा सामान भी बिखर गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।

    इसी दौरान अशोक अहिरवार नाम का युवक तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल की ओर जा रहा था। वह सड़क किनारे से गुजर ही रहा था कि अचानक बेकाबू टैंकर की चपेट में आ गया। टक्कर लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए उसे बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टैंकर काफी तेज रफ्तार में था और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से भाग निकला। लोगों ने चालक को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया।

    घटना की सूचना मिलते ही जरुआखेड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त इलाके का निरीक्षण करने के बाद टैंकर को जब्त कर लिया है। मामले में प्रकरण दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि सागर-खुरई रोड पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार हादसों का कारण बन रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों ने क्षेत्र में स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

  • सागर में ईद-उल-अजहा पर उमड़ा जनसैलाब: ईदगाह में जगह कम पड़ी, सड़कों पर अदा हुई नमाज

    सागर में ईद-उल-अजहा पर उमड़ा जनसैलाब: ईदगाह में जगह कम पड़ी, सड़कों पर अदा हुई नमाज


    सागर  सागर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार पूरी श्रद्धा, सादगी और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शहर की ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। मुस्लिम समाज के लोगों ने विशेष नमाज अदा कर देश की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की की दुआ मांगी। ईद की नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी, जिससे पूरे शहर में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला।

    मोतीनगर चौराहे के पास लेहदरा नाका स्थित ईदगाह मैदान में सुबह से हजारों की संख्या में लोग पहुंचने लगे थे। भीड़ इतनी ज्यादा रही कि ईदगाह परिसर में जगह कम पड़ गई। इसके बाद बड़ी संख्या में नमाजियों ने भोपाल रोड पर बैठकर नमाज अदा की। सड़क पर एक साथ हजारों लोगों के सजदे में झुकने का दृश्य बेहद भावुक और आकर्षक नजर आया। नमाज के दौरान पूरा इलाका अल्लाहु अकबर की सदाओं से गूंज उठा।

    कटरा बाजार स्थित जामा मस्जिद सहित शहर की अन्य मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। मस्जिदों के अंदर जगह भरने के बाद लोग बाहर सड़कों और गलियों में कतारबद्ध होकर नमाज पढ़ते नजर आए। नमाज के बाद बच्चों और युवाओं में खास उत्साह दिखाई दिया। लोग एक-दूसरे से हाथ मिलाकर और गले लगकर ईद की शुभकामनाएं देते रहे।

    त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के संवेदनशील इलाकों, ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति न बने।

    ईद-उल-अजहा को इस्लाम धर्म में कुर्बानी और त्याग के पर्व के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल को अल्लाह के हुक्म पर कुर्बान करने जा रहे थे, लेकिन अल्लाह ने उनकी आस्था और समर्पण से प्रसन्न होकर हजरत इस्माइल को जीवनदान दे दिया। इसी घटना की याद में हर साल बकरीद मनाई जाती है।

    सागर में इस बार भी ईद का त्योहार भाईचारे, आपसी सौहार्द और शांति का संदेश देकर गया। नमाज के दौरान लोगों ने देश की तरक्की, समाज में प्रेम और आपसी एकता बनाए रखने की दुआ की।

  • UP में भी ट्विशा जैसा मामला…. लखनऊ में फांसी पर फंदे पर लटकी मिली नवविवाहिता …

    UP में भी ट्विशा जैसा मामला…. लखनऊ में फांसी पर फंदे पर लटकी मिली नवविवाहिता …


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) से दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां ठाकुरगंज इलाके (Thakurganj area) में एक 29 साल की नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. सोमवार सुबह ससुराल में श्वेता सिंह नाम की महिला का शव फंदे से लटका मिला. घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस ने मामले में पति, सास-ससुर समेत 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


    बीमार मां के देखकर गई थी श्वेता

    ठाकुरगंज के विश्वनगर मल्हाई टोला की रहने वाली श्वेता सिंह की शादी 22 नवंबर 2025 को काशी विहार निवासी शिवम सिंह उर्फ भूपेंद्र सिंह से हुई थी. भूपेंद्र एक लैब में काम करता है. श्वेता की मां सविता सिंह एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जिन्हें देखने शनिवार रात श्वेता मायके आई थी और फिर ससुराल लौट गई. रविवार सुबह करीब 11 बजे अचानक मायके वालों को फोन आया कि श्वेता ने खुदकुशी कर ली है. भाई का कहना है कि जब तक वे मौके पर पहुंचे, ससुराल वाले शव को फंदे से उतारकर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर ले जा चुके थे।


    विदाई में दामाद ने ससुर से पकड़वाए थे पैर

    श्वेता तीन बहनों में सबसे छोटी और सबकी लाडली थी. बहनों ने रोते हुए बताया कि अपनी हैसियत से बढ़कर धूमधाम से शादी की थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि 6 महीने में ही यह हश्र होगा. बड़ी बहन ने आरोप लगाया कि शादी के दिन ही दूल्हे भूपेंद्र ने दहेज की बड़ी मांग रख दी थी. जब मांग पूरी नहीं हो सकी, तो वह इतना नाराज हुआ कि विदाई के दौरान श्वेता को किसी से मिलने तक नहीं दिया. उस वक्त दामाद को समझाने के लिए श्वेता के बुजुर्ग पिता ने उसके पैर तक पकड़ लिए थे, लेकिन उसकी बेरहमी कम नहीं हुई।


    स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग कर रहे थे ससुराल वाले

    परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले लगातार श्वेता को कम दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे. पति भूपेंद्र लगातार मायके से मिले सोफे और बेड की निंदा करता था और दहेज में स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग कर रहा था।

    बहन ने बताया, 24 मई को जब श्वेता से मुलाकात हुई थी, तो उसके शरीर पर कोई चोट नहीं थी. लेकिन ट्रॉमा सेंटर में जब हमने उसकी लाश देखी, तो उसके पैरों पर गंभीर चोट और खून के निशान थे.” श्वेता की बहनों ने बताया कि सास और ननद भी उसे लगातार ताने देती थीं. जब श्वेता यह बातें बताती, तो परिजनों ने इसे आम घरेलू अनबन समझकर एडजस्ट करने को कहा, जिसका उन्हें अब बेहद अफसोस है।


    ननद लगाती थी ताने वाले स्टेटस

    श्वेता की बहनों ने ससुराल वालों की क्रूरता की कई और परतें खोलीं. उन्होंने बताया कि भूपेंद्र को श्वेता का जॉब करना पसंद नहीं था और शादी के दौरान उसने श्वेता की नौकरी छुड़वा दी थी. हालांकि, श्वेता दोबारा नौकरी करना चाहती थी ताकि अपने पैरों पर खड़ी हो सके. इसके अलावा, घर में जब भी विवाद होता, तो श्वेता की ननद व्हाट्सएप स्टेटस लगाकर उसे और उसके परिवार को नीचा दिखाती थी. छोटी बहन ने ननद के उन विवादित व्हाट्सएप स्टेटस के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं, जिसमें लिखा था- ‘जो खुद सूअर और सूअर जैसे खानदान में रही हो, उसे सब वैसे ही नजर आते हैं.’ एक अन्य स्टेटस में ननद ने लिखा था कि ‘जिन लड़कियों को सास-ससुर या ननद पसंद नहीं, वे अनाथालय में शादी करें।

    पति, सास-ससुर और देवर ननद पर मामला दर्ज
    इस पूरे मामले पर पुलिस एक्शन में आ गई है. डीसीपी पश्चिम कमलेश कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर और गंभीर आरोपों के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है. डीसीपी कमलेश कुमार ने बताया कि मृतका के परिवार के आरोपों पर पति भूपेंद्र सिंह, ससुर कौशलेंद्र सिंह, सास रचना सिंह, देवर बंटी सिंह और ननद प्रिया सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और जांच के बाद आगे की सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।

  • मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल

    मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल



    नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर के पॉश इलाके पंचशील कॉलोनी में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक बर्थडे पार्टी के दौरान करोड़पति दामाद ने अपने ही ससुराल में अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में सास, सरहज और चाची सास समेत तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।

    सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया। वह हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर वहीं खड़ा था। पुलिस ने हथियार जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया और घायल महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अनंत मित्तल देहरादून का रहने वाला है और अपनी पत्नी से तलाक व बच्चे की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद के चलते ससुराल आया था। बर्थडे पार्टी के दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई।

    जानकारी के अनुसार आरोपी ने करीब 12 मिनट में 5 राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली सास के कंधे में, दूसरी सरहज के पेट में लगी, जबकि बीच-बचाव करने आई चाची सास भी गोली लगने से घायल हो गईं। पुलिस ने मौके से 8 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

    एसएसपी के अनुसार, फायरिंग के दौरान रिवॉल्वर जाम हो गई, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। घटना के बाद पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गहन जांच जारी है।

  • कानपुर सेंट्रल पर 24 घंटे ‘नो ट्रेन डे’, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में 6 की मौत; यूपी में बड़े घटनाक्रमों से हलचल

    कानपुर सेंट्रल पर 24 घंटे ‘नो ट्रेन डे’, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में 6 की मौत; यूपी में बड़े घटनाक्रमों से हलचल



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 21 जून को रेलवे और सड़क दोनों से जुड़ी बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 21 जून का दिन पूरी तरह ‘नो ट्रेन डे’ रहेगा, यानी 24 घंटे तक स्टेशन से कोई भी ट्रेन नहीं गुजरेगी। रेलवे की इंटरलॉकिंग व्यवस्था के चलते राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति, पुरुषोत्तम और दुरंतो जैसी प्रमुख ट्रेनों का रूट बदला गया है। ये सभी ट्रेनें अब चंदारी मार्ग से होकर गोविंदपुरी स्टेशन पर रुकेंगी। इससे पहले कोविड काल में ऐसा दृश्य देखने को मिला था, जब लंबे समय तक स्टेशन से ट्रेन संचालन बंद रहा था।

    इसी बीच उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां बस पलटने से 6 लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।

    वहीं प्रदेश में बिजली संकट और लापरवाही के मामलों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए जेई, एसडीओ और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों पर गाज गिराई है। उपभोक्ताओं की शिकायतों और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

    राजनीतिक मोर्चे पर भी हलचल देखने को मिली। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग महंगी गाड़ियों से आकर छोटी चीजें भी उठा लेते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं बकरीद और नमाज व्यवस्था को लेकर भाजपा सांसद राजकुमार चाहर के बयान ने भी राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में व्यवस्था और परंपराओं पर चर्चा जरूरी है, साथ ही बढ़ती महंगाई और तेल की कीमतों पर भी सरकार का रुख सामने रखा।

    कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां बुनियादी ढांचे से जुड़ी बड़ी व्यवस्थाएं बदली जा रही हैं, वहीं हादसे और राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।

  • निराश्रित बच्चों ने रचा सफलता का इतिहास: यूपी के 213 बच्चों ने बोर्ड परीक्षा पास की, 107 ने 60% से ज्यादा अंक हासिल किए

    निराश्रित बच्चों ने रचा सफलता का इतिहास: यूपी के 213 बच्चों ने बोर्ड परीक्षा पास की, 107 ने 60% से ज्यादा अंक हासिल किए




    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील नीतियों और बाल कल्याण के लिए चल रही योजनाओं का असर उत्तर प्रदेश के बाल देखरेख संस्थानों में साफ नजर आने लगा है। इन संस्थानों में रह रहे निराश्रित बच्चों ने इस साल बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया है। महिला कल्याण विभाग के संरक्षण में रह रहे कुल 213 बच्चों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है, जिनमें से 107 बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर प्रथम श्रेणी में अपनी जगह बनाई है।

    सरकार का कहना है कि ये परिणाम केवल परीक्षा का आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण हैं कि सही मार्गदर्शन, शिक्षा और माहौल मिलने पर कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चे भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। बाल देखरेख संस्थानों को अब सिर्फ आश्रय स्थल नहीं बल्कि एक मजबूत शैक्षणिक और संस्कारयुक्त वातावरण में बदला जा रहा है, जहां बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है।

    इन संस्थानों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन कोचिंग और नियमित शैक्षिक मार्गदर्शन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अनुभवी शिक्षकों द्वारा लगातार पढ़ाई में सहायता दी जा रही है, ताकि बच्चे किसी भी विषय में पीछे न रहें। बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए काउंसलिंग और मोटिवेशनल सेशन भी नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित हो सके।

    महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इंदुमति के अनुसार, कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चों का यह प्रदर्शन बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक सहयोग के बिना भी इन बच्चों ने मेहनत और अनुशासन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।

    सरकार अब इन बच्चों के भविष्य को और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है। बोर्ड परीक्षा के बाद उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ये बच्चे आगे चलकर आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर देश के विकास में योगदान दे सकें।