Blog

  • मध्यप्रदेश बना आस्था, पर्यटन और रोज़गार का पावरहाउस: 900 करोड़ से 20 धार्मिक-सांस्कृतिक लोक

    मध्यप्रदेश बना आस्था, पर्यटन और रोज़गार का पावरहाउस: 900 करोड़ से 20 धार्मिक-सांस्कृतिक लोक

    मध्यप्रदेश। प्रधानमंत्री
    श्री नरेन्द्र मोदी के
    विकास भी, विरासत भीके कालजयी मंत्र को ध्येय वाक्य मानकर
    मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक
    पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस सांस्कृतिक पुनर्जागरण का शंखनाद
    उज्जैन में
    श्री महाकाल लोकके लोकार्पण के साथ किया था, वह यात्रा अब
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक विराट जन-अभियान का रूप ले चुकी है।
    प्रदेश की पावन धरा पर लगभग
    900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 20 ‘लोकोंका निर्माण किया
    जा रहा है
    , जो आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी गौरवशाली परंपराओं का जीवंत
    साक्ष्य बनेंगे

    धार्मिक एवं
    सांस्कृतिक वैभव की इस अविरल यात्रा में वर्तमान में
    580 करोड़ रुपये से
    अधिक की लागत से
    17 महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोक पर तीव्र गति से कार्य
    संचालित है। सागर में
    संत रविदास लोक‘ 101 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। यह हमारी
    सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सीहोर जिले के सलकनपुर में
    देवी लोक
    और ओरछा
    में
    श्रीरामराजा
    लोक
    जैसे
    भव्य प्रकल्प अपनी पूर्णता के करीब हैं। सरकार की संकल्प शक्ति का ही परिणाम है कि
    मंदसौर में
    भगवान पशुपतिनाथ लोक परिसरका कार्य पूर्ण कर उसे जनता को समर्पित किया जा
    चुका है। साथ ही भोपाल में
    वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक‘, जानापाव में भगवान परशुराम
    लोक
    और
    महेश्वर में
    देवी अहिल्या संग्रहालयजैसे प्रकल्पों ने पूर्ण होकर प्रदेश के
    सांस्कृतिक मानचित्र को और अधिक समृद्ध किया है।

    जन-आस्था का
    सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने
    315 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भविष्य में 3 नए लोक और 2 अन्य लोक के
    द्वितीय चरण को भी मूर्त रूप दिया जायेगा।
    श्री महाकाल लोक
    की
    भव्यता को प्रेरणा मानकर अब ओंकारेश्वर में
    ममलेश्वर लोक
    का
    निर्माण
    , बैतूल
    में ताप्ती उद्गम स्थल में
    ताप्ती लोकऔर मैहर में माँ शारदा लोक
    का
    निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। महेश्वर में
    110 करोड़ रुपये की
    लागत से बनने वाला
    देवी अहिल्या लोकऔर अमरकंटक में माँ नर्मदा लोक
    के
    द्वितीय चरण का निर्माण सनातन संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा का परिचायक है।

    मुख्यमंत्री डॉ.
    यादव ने कहा कि प्रदेश में निर्मित हो रहे धार्मिक और सांस्कृतिक
    लोककेवल पत्थर और
    ईंटों के निर्माण मात्र नहीं हैं
    , अपितु ये मध्यप्रदेश के विकास के नए ग्रोथ इंजन
    सिद्ध
    होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के
    वोकल फॉर लोकलके विज़न को
    आत्मसात करते हुए ये स्थल पर्यटन के वैश्विक केंद्रों के रूप में उभरेंगे
    , जिससे स्थानीय
    स्तर पर रोज़गार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे। हस्त शिल्पियों से लेकर सेवा
    क्षेत्र तक
    , इन लोकों का विकास हर वर्ग के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार
    खोलेगा। आस्था का यह महायज्ञ जहाँ एक ओर हमारी जड़ों को सींच रहा है
    , वहीं दूसरी ओर
    प्रदेश को आधुनिकता और आत्मनिर्भरता के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

  • यूपीआई पेमेंट में UPI Now Pay Later सुविधा क्या है? जानें कैसे करता है काम और क्या हैं इसके फायदे

    यूपीआई पेमेंट में UPI Now Pay Later सुविधा क्या है? जानें कैसे करता है काम और क्या हैं इसके फायदे


    नई दिल्ली । अगर आप कभी कम बैंक बैलेंस की वजह से UPI पेमेंट फेल होने की परेशानी से जूझ चुके हैं, तो अब आपके लिए राहत की खबर है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एनपीसीआई ने UPI यूज़र्स के लिए एक नया और बेहद उपयोगी फीचर ‘UPI Now Pay Later’ लॉन्च किया है, जिसे यूपीआई के जरिए प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन के नाम से भी जाना जाता है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद UPI सिर्फ आपके बैंक अकाउंट में मौजूद बैलेंस तक सीमित नहीं रहेगा। जरूरत पड़ने पर आप बैंक से पहले से स्वीकृत क्रेडिट का इस्तेमाल कर तुरंत भुगतान कर सकते हैं।
    क्या है UPI Now Pay Later
    यह एक डिजिटल क्रेडिट सुविधा है, जिसके तहत बैंक ग्राहकों को एक प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लिमिट प्रदान करते हैं। इस लिमिट का उपयोग कर यूज़र UPI के जरिये तुरंत पेमेंट कर सकते हैं और तय समय सीमा के भीतर बाद में उस राशि का भुगतान कर सकते हैं। यह सुविधा शॉर्ट-टर्म क्रेडिट की तरह काम करती है और खास तौर पर उस स्थिति में मददगार साबित होती है, जब खाते में पर्याप्त बैलेंस न हो।

    यह कैसे काम करता है

    herofincorp के मुताबिक, बैंक या लेंडर यूज़र की प्रोफाइल और क्रेडिट स्कोर के आधार पर एक निश्चित क्रेडिट लिमिट तय करता है। उदाहरण के लिए ₹20,000 से ₹50,000 तक। UPI से पेमेंट करते समय यूज़र अपने बैंक अकाउंट की जगह क्रेडिट लाइन को सेलेक्ट कर सकता है। ऐसा करने से भुगतान तुरंत पूरा हो जाता है और राशि क्रेडिट लिमिट से एडजस्ट हो जाती है। बिलिंग साइकिल पूरी होने पर इस्तेमाल की गई रकम का बिल जनरेट होता है, जिसे तय शर्तों के अनुसार चुकाना होता है।

    जानें इसके प्रमुख फायदे

    तुरंत क्रेडिट की सुविधाकम बैलेंस में भी बिना रुकावट भुगतानव्यापक स्वीकार्यताजहां भी UPI स्वीकार किया जाता है, वहां इस सुविधा का इस्तेमाल संभवलचीला भुगतान विकल्पतय समय बाद भुगतान करने की सहूलियतपूरी तरह डिजिटल प्रक्रियाबिना किसी कागजी झंझट के आसान और तेज़ ऑनबोर्डिंग

    क्या है पात्रता

    आपकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और आप हर हार में भारतीय नागरिक होने चाहिए। डॉक्यूमेंट के तौर पर मोबाइल नंबर से लिंक पैन और आधार होना चाहिए। साथ ही आपका यूपीआई-सक्षम बैंक में सक्रिय खाता होना चाहिए। हां, आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे अधिक होना चाहिए। एनपीसीआई का यह कदम डिजिटल भुगतान को और अधिक सुलभ, लचीला और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

  • NCP के दोनों गुटों के विलय की चर्चा पर अब संजय राउत का बड़ा बयान, यह पूरी तरह से…

    NCP के दोनों गुटों के विलय की चर्चा पर अब संजय राउत का बड़ा बयान, यह पूरी तरह से…


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद NCP के दोनों गुटों विलय को लेकर सियासी गलियारों में लगातार चर्चा जारी है. शरद पवार गुट के नेता लगातार दावा कर रहे हैं कि विलय को लेकर बातचीत अंतिम दौर में था जबकि दिवंगत अजित पवार गुट के नेता इन दावों को खारिज कर रहे हैं. इस बीच शिवसेनायूबीटीके सांसद संजय राउत ने इस पर एक बार फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि एनसीपी के विलय का मामला उन्हीं पर छोड़ देना चाहिए.संजय राउत ने गुरुवार05 फरवरीको मुंबई में मीडिया से बात करते हुए एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की अटकलों पर कहा अगर यह उनकी समस्या है तो उन्हें इसका समाधान निकालना चाहिए लेकिन एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे शरद पवार को सलाह दे रहे हैं यह बहुत दिलचस्प है.

    NCP गुटों के बीच चर्चाओं से हमारा कोई लेना-देना नहीं

    शिवसेनायूबीटीके मुखपत्र सामना के मुताबिक संजय राउत ने आगे कहा जिन लोगों को शरद पवार राजनीति में लाए जिन्हें पद प्रतिष्ठा और ताकत दी वही अब शरद पवार को सलाह दे रहे हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए लेकिन यह पूरी तरह से उनका आंतरिक मामला है. शरद पवार और अजित पवार गुट के नेताओं के बीच चल रही चर्चाओं से हमारा कोई लेना-देना नहीं है. हमारा ध्यान इंडिया अलायंस और महाविकास अघाड़ी पर फोकस है.

    28 जनवरी को विमान हादसे में अजित पवार का निधन
    बता दें कि 28 जनवरी को बारामती में हुए एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी के अध्यक्ष अजित पवार का निधन हो गया. इस घटना के तीन दिन बाद 31 जनवरी को उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उन्हें पार्टी के विधायक दल का नेता भी चुना गया. वहीं अध्यक्ष पद को लेकर एनसीपी में मंथन जारी है.

  • 6 फरवरी को देशभर में राष्ट्रीय आयोजन, मध्यप्रदेश के सभी स्कूलों में होगा सीधा प्रसारण

    6 फरवरी को देशभर में राष्ट्रीय आयोजन, मध्यप्रदेश के सभी स्कूलों में होगा सीधा प्रसारण


    मध्यप्रदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 फरवरी को देशभर के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के तहत संवाद करेंगे। यह आयोजन विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त करने और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। परीक्षा पे चर्चा का यह राष्ट्रीय आयोजन शुक्रवार को आयोजित होगा और इसका सीधा प्रसारण देशभर में किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश में भी इस कार्यक्रम को विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश के सभी शासकीय अशासकीय और शासन से अनुदान प्राप्त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित किया जाएगा जिसमें विशिष्ट जन वरिष्ठ अधिकारी और अभिभावक विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह इस अवसर पर नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा विकासखंड के ग्राम तेंदूखेड़ा स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच उपस्थित रहेंगे और कार्यक्रम के सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2018 से लगातार परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं। यह कार्यक्रम इस वर्ष अपने नौवें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। कार्यक्रम 6 फरवरी को प्रातः 10 बजे नई दिल्ली से आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए सवालों के उत्तर देंगे और परीक्षा से जुड़े मानसिक दबाव चिंता और तनाव से निपटने के उपाय साझा करेंगे।

    कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के विभिन्न चैनलों डीडी नेशनल डीडी न्यूज डीडी इंडिया ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनलों पीएमओ वेबसाइट mygov.in यूट्यूब एमओई फेसबुक लाइव स्वयंप्रभा चैनल दीक्षा चैनल के साथ साथ विभिन्न रेडियो चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स जियो हॉटस्टार और अमेजन प्राइम वीडियो पर भी किया जाएगा। अन्य निजी चैनलों द्वारा भी कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा।

    प्रदेश में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में सहभागिता के लिए एक दिसंबर से ग्यारह जनवरी तक ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा दी गई थी। इस दौरान मध्यप्रदेश से कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के 22 लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थियों 1 लाख 28 हजार से अधिक शिक्षकों और 17 हजार से अधिक अभिभावकों सहित कुल 24 लाख 41 हजार 390 लोगों ने पंजीयन कर सहभागिता दर्ज कराई।

    स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों और प्रदेश के सभी विद्यालयों में कार्यक्रम को समारोहपूर्वक आयोजित किया जाएगा। विद्यालयों में टीवी प्रसारण के साथ साथ इंटरनेट आधारित उपकरणों जैसे कंप्यूटर और लैपटॉप पर भी कार्यक्रम देखने की व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम के सुचारू आयोजन को लेकर सभी कलेक्टरों और मैदानी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

  • PM मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला: राज्यसभा में कहा भारत की अर्थव्यवस्था को पीछे धकेला

    PM मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला: राज्यसभा में कहा भारत की अर्थव्यवस्था को पीछे धकेला


    नई दिल्ली। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज तेज गति से आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश को यहां तक पहुंचाने में सबसे बड़ी चुनौती पिछली सरकारों की नीतिगत विफलताओं को सुधारना रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया गया, जबकि मौजूदा दौर में देश फिर से वैश्विक मंच पर मजबूती के साथ उभर रहा है।

    कांग्रेस ने इकोनॉमी को 6वें से 11वें नंबर तक गिराया
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के समय भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन कांग्रेस के लंबे शासन में ऐसा दौर आया जब देश की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान तक फिसल गई। उन्होंने कहा कि यह भारत की क्षमता की कमी नहीं, बल्कि गलत नीतियों का नतीजा था। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि आज भारत फिर से मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा चुका है।

    कम महंगाई, तेज विकास दर भारत की पहचान

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत एक मेजर इकोनॉमी के रूप में खड़ा है, जहां उच्च विकास दर और नियंत्रित महंगाई का दुर्लभ संतुलन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह संतुलन अपने आप में भारत की आर्थिक मजबूती और सही नीतियों का प्रमाण है। विज्ञान, अंतरिक्ष, खेल और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

    युवा आबादी भारत की सबसे बड़ी ताकत
    पीएम मोदी ने भारत की युवा जनसंख्या को देश का सबसे बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के कई समृद्ध देश तेजी से बूढ़े हो रहे हैं और वहां की आबादी घट रही है, तब भारत लगातार युवा होता जा रहा है। यह डेमोग्राफिक डिविडेंड भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अलग पहचान देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के टैलेंट, स्किल और नवाचार को गंभीरता से देख रही है। युवा शक्ति के सपने, संकल्प और सामर्थ्य भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।

    राष्ट्रपति के अभिभाषण में झलका भारत का विजन
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में देश के उज्ज्वल भविष्य की स्पष्ट झलक मिली है। इसमें मध्यम वर्ग, गरीब, किसान, महिलाएं, विज्ञान और प्रौद्योगिकी हर वर्ग और हर क्षेत्र की प्रगति को सामने रखा गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने विशेष रूप से युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया है, जो विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।

    अब न रुकना है, न पीछे देखना
    पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है और अब दूसरा क्वार्टर भारत के लिए निर्णायक साबित होगा। जैसे आजादी की लड़ाई में दूसरा चरण निर्णायक था, वैसे ही विकसित भारत के निर्माण का यह दौर भी ऐतिहासिक होगा। उन्होंने साफ कहा कि देश अब रुकने वाला नहीं है और पीछे मुड़कर देखने का समय भी नहीं है।सार: राज्यसभा में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उसकी नीतियों से भारत की अर्थव्यवस्था 6वें से 11वें स्थान पर पहुंच गई, जबकि आज देश युवा शक्ति और मजबूत नीतियों के दम पर फिर से तेज विकास के रास्ते पर है।

  • इंस्टाग्राम दोस्ती के जाल में फंसा युवक, नग्न वीडियो बनाकर वसूले 56 हजार..

    इंस्टाग्राम दोस्ती के जाल में फंसा युवक, नग्न वीडियो बनाकर वसूले 56 हजार..


    मैहर। इंस्टाग्राम पर शुरू हुई एक सामान्य सी दोस्ती मैहर में एक युवक के लिए खौफनाक अनुभव बन गई। पुलिस के अनुसार करीब दस दिन पहले भदनपुर निवासी युवक शिवशंकर गुप्ता की पहचान इंस्टाग्राम पर मानषी नामदेव नाम की महिला से हुई। बातचीत बढ़ी तो दोनों के बीच मिलने का फैसला हुआ। महिला ने खुद को अविवाहित बताया और युवक को भरोसे में ले लिया।

    डोसा डेट के बहाने घर तक पहुंचाया
    बुधवार को दोनों पहले शहर की चौपाटी पहुंचे जहां साथ में डोसा खाया। इसके बाद महिला ने युवक से घर छोड़ने की बात कही और उसे अपने मकान पर ले गई। घर पहुंचते ही महिला पानी लाने के बहाने अंदर गई और तभी वहां पहले से मौजूद उसके तीन पुरुष साथी बाहर आ गए।

    मारपीट और शर्मनाक साजिश

    आरोप है कि महिला और उसके साथियों ने युवक के साथ मारपीट की। इसके बाद जबरन उसके कपड़े उतरवाकर उसका नग्न वीडियो बनाया गया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवक को मानसिक रूप से डरा दिया गया। डर और बदनामी के भय से युवक ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए 56 हजार रुपये आरोपितों को ट्रांसफर कर दिए।

    ब्लैकमेलिंग के सबूत मिले
    घटना के बाद पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर मैहर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य महिला आरोपित और एक पुरुष को गिरफ्तार कर लिया। महिला के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है जिसमें वीडियो रिकॉर्डिंग के साक्ष्य मौजूद हैं।

    पुलिस की कार्रवाई जारी
    मैहर थाना पुलिस का कहना है कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। दो अन्य फरार आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस गिरोह ने पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम तो नहीं दिया।

    पुलिस की अपील
    पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सतर्क रहें और निजी मुलाकात से पहले पूरी सावधानी बरतें।

  • लेट मैरिज: मजबूरी नहीं, आज के युवाओं का सोच-समझकर लिया गया फैसला..

    लेट मैरिज: मजबूरी नहीं, आज के युवाओं का सोच-समझकर लिया गया फैसला..


    नई दिल्ली। आज की युवा पीढ़ी के लिए शादी अब केवल एक सामाजिक रिवाज़ भर नहीं रही। लेट मैरिज यानी 30 वर्ष की उम्र के बाद विवाह करना धीरे-धीरे एक सामान्य और स्वीकार्य ट्रेंड बनता जा रहा है। इसकी जड़ में करियर की महत्वाकांक्षा व्यक्तिगत आज़ादी और जीवन को अपने तरीके से जीने की चाह छिपी है।जहाँ पहले समय पर शादी को सफलता का पैमाना माना जाता था वहीं अब युवा खुद को पहले मानसिक आर्थिक और भावनात्मक रूप से तैयार करना ज़रूरी समझते हैं।

    आखिर क्यों बढ़ रहा है लेट मैरिज का चलन
    करियर को प्राथमिकता आज के युवा पहले अपनी पढ़ाई नौकरी बिज़नेस या स्टार्टअप में खुद को स्थापित करना चाहते हैं। वे मानते हैं कि मजबूत करियर एक स्थिर पारिवारिक जीवन की नींव है।

    आर्थिक स्वतंत्रता की चाह
    शादी से पहले आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना अब एक सामान्य सोच बन गई है। युवाओं का मानना है कि वित्तीय स्थिरता रिश्तों में तनाव को कम करती है।

    व्यक्तिगत आज़ादी और आत्मनिर्भरता
    समाजिक दबाव अब पहले जैसा नहीं रहा। शादी को अब “ज़रूरी कदम” नहीं बल्कि एक व्यक्तिगत चुनाव के रूप में देखा जाने लगा है।

    सही साथी की तलाश
    आज की पीढ़ी भावनात्मक समझ मानसिक मेल और समान सोच को रिश्ते की सबसे बड़ी नींव मानती है। जल्दबाज़ी की जगह समझदारी को महत्व दिया जा रहा है।

    समाज का बदला नजरिया
    जहाँ कभी 25 से 28 की उम्र तक शादी को आदर्श माना जाता था वहीं अब परिवार और माता-पिता भी धीरे-धीरे इस बदलाव को स्वीकार कर रहे हैं। सोशल मीडिया सेलेब्रिटी लाइफस्टाइल और वैश्विक सोच ने इस ट्रेंड को सामान्य बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

    चुनौतियाँ भी हैं लेकिन सोच और मजबूत
    लेट मैरिज के साथ कुछ चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं जैसे जैविक सीमाएं पारिवारिक दबाव और सामाजिक टिप्पणियां। इसके बावजूद युवा इसे किसी समझौते की बजाय जीवन की प्राथमिकताओं से जुड़ा फैसला मान रहे हैं।लेट मैरिज आज केवल करियर का परिणाम नहीं बल्कि एक जागरूक स्वतंत्र और संतुलित निर्णय बन चुका है। यह दर्शाता है कि आज के युवा अपनी ज़िंदगी में सुकून स्थिरता और समझदारी को सबसे ऊपर रख रहे हैं।

  • विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता के आरोप में हुए पदावनत

    विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता के आरोप में हुए पदावनत

    इंदौर। बीते कुछ महीनों से लगातार विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर आखिरकार पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। एक युवती द्वारा फेसबुक मैसेंजर के जरिए आपत्तिजनक संदेश भेजने के आरोप सामने आने के बाद यह मामला तूल पकड़ता चला गया। युवती ने आरोप लगाया था कि रंजीत सिंह ने उसे इंदौर बुलाने और ठहरने की व्यवस्था कराने से जुड़े संदेश भेजे थे। इस संबंध में युवती ने स्क्रीनशॉट भी साझा किए थे।

    मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हुए। शुरुआती कार्रवाई के तौर पर रंजीत सिंह को ट्रैफिक थाना से हटाकर पुलिस लाइन में पदस्थ किया गया था। हालांकि इसके बावजूद रंजीत ने सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाकर उसे वायरल कर दिया। इस हरकत को विभागीय अनुशासन का खुला उल्लंघन माना गया।

    विवाद यहीं नहीं थमा। हाल ही में रंजीत सिंह ने हाथ में पिस्टल और हथकड़ी लेकर एक और रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इस वीडियो ने पुलिस महकमे को और असहज कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी डीसीपी मुख्यालय प्रकाश परिहार को सौंपी गई।

    जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि रंजीत सिंह द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया गया और वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को डीसीपी द्वारा आदेश जारी करते हुए रंजीत सिंह को पदावनत कर पुनः आरक्षक बना दिया गया।पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और वर्दी की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर वर्दी पहनकर हथियारों का प्रदर्शन करना और रील बनाना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि पुलिस बल की साख और अनुशासन बना रहे।

    पुलिस महकमे की इस कार्रवाई को विभागीय सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मामलों पर कड़ा रुख अपनाना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करने से पहले सौ बार सोचे।

  • बद्रीनाथ की बर्फीली घाटी में आध्यात्मिक अग्नि: -15°C तापमान और 3 फीट बर्फ के बीच 15 साधकों का अखंड तप

    बद्रीनाथ की बर्फीली घाटी में आध्यात्मिक अग्नि: -15°C तापमान और 3 फीट बर्फ के बीच 15 साधकों का अखंड तप


    नई दिल्ली । उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित बद्रीनाथ धाम इस समय सफेद बर्फ की मोटी चादर में लिपटा हुआ है। जहाँ कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाएं आम इंसान के हौसले पस्त कर देती हैं, वहीं भगवान बद्री विशाल की इस पावन भूमि पर आस्था का एक अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। समुद्र तल से करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर, जहाँ तापमान शून्य से 15 डिग्री नीचे गिर चुका है और चारों ओर दो से तीन फीट बर्फ जमी है, वहां 15 साधु-संत लोक कल्याण और मोक्ष की प्राप्ति के लिए कठोर योग साधना में लीन हैं। शीतकाल के इस दौर में जब धाम के कपाट बंद होते हैं और आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो जाता है, तब भी इन साधकों का संकल्प हिमालय की तरह अडिग बना हुआ है।

    इन तपस्वियों में स्वामी अरसानंद जी महाराज का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, जो पिछले चार वर्षों से बिना रुके, बारहों महीने बद्रीनाथ धाम में ही निवास कर रहे हैं। भयंकर बर्फबारी और एकांत के बीच उनकी यह निरंतर साधना भक्ति की पराकाष्ठा को दर्शाती है। हालांकि, यह तपस्या केवल आध्यात्मिक इच्छाशक्ति पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का एक व्यवस्थित तंत्र भी काम कर रहा है। ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चन्द्रशेखर वशिष्ठ के अनुसार, शीतकाल में यहाँ रुकने की अनुमति केवल कड़े नियमों और गहन जांच के बाद ही दी जाती है। प्रशासन सुनिश्चित करता है कि इन साधकों के पास पर्याप्त राशन, ईंधन और जरूरी दवाइयां मौजूद हों। साथ ही, सुरक्षा के लिहाज से धाम में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी रहती है।

    कठोर प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए इन साधुओं का विशेष मेडिकल परीक्षण भी किया जाता है। डॉ. गौतम भारद्वाज बताते हैं कि हाई एल्टीट्यूड पर रहने के लिए हृदय, फेफड़ों और हड्डियों का मजबूत होना अनिवार्य है। डॉक्टरों की टीम साधकों के ऑक्सीजन लेवल और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करती है। मेडिकल सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही उन्हें तहसील प्रशासन से शीतकालीन प्रवास की अनुमति प्राप्त होती है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि साधक का शरीर इस जानलेवा ठंड को सहने के लिए सक्षम है या नहीं।

    धार्मिक दृष्टिकोण से बद्रीनाथ की इस भूमि का महत्व अनंत है। पूर्व धर्माधिकारी आचार्य भुवन उनियाल बताते हैं कि यह तपोभूमि चारों युगों से अस्तित्व में है। सतयुग में ‘मुक्ति प्रदा’ और त्रेता में ‘योग सिद्धिदा’ कहलाने वाला यह क्षेत्र आज भी योग और ध्यान की प्राचीन परंपराओं को संजोए हुए है। पंडित राकेश डिमरी राकुड़ी का मानना है कि कलियुग में हरि नाम और ध्यान ही ईश्वर प्राप्ति का मार्ग है, और ये साधु इसी मार्ग पर चलते हुए शून्य से नीचे के तापमान में भी मोक्ष के द्वार पर अडिग खड़े हैं। इन बर्फीली वादियों में गूंजता मौन और साधुओं का यह अखंड ध्यान न केवल श्रद्धा का विषय है, बल्कि यह मनुष्य की असीमित मानसिक शक्ति का प्रमाण भी है।

  • अमित शाह ने दी 'भारत टैक्सी' को हरी झंडी: जीरो कमीशन मॉडल से ओला-उबर के एकाधिकार को बड़ी चुनौती

    अमित शाह ने दी 'भारत टैक्सी' को हरी झंडी: जीरो कमीशन मॉडल से ओला-उबर के एकाधिकार को बड़ी चुनौती


    नई दिल्ली।देश के परिवहन क्षेत्र में आज एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है जहाँ निजी कंपनियों के कमीशन आधारित मॉडल को पीछे छोड़ते हुए सरकार ने सहकारिता की शक्ति को मैदान में उतारा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज दिल्ली में देश की पहली सरकारी और सहकारी कैब सर्विस ‘भारत टैक्सी’ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
    सहकारिता मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी पहल का सीधा उद्देश्य कैब चालकों को निजी एग्रीगेटर्स के चंगुल से मुक्त कराकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। अब तक बाजार पर काबिज ओला और उबर जैसी कंपनियां ड्राइवरों की मेहनत की कमाई से 20 से 30 प्रतिशत तक का मोटा कमीशन वसूलती थीं लेकिन भारत टैक्सी का जीरो-कमीशन मॉडल इस पूरी व्यवस्था को बदलने का दम रखता है। इस प्लेटफॉर्म पर होने वाली राइड की पूरी आय सीधे चालक के खाते में जाएगी जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में आमूलचूल बदलाव आने की उम्मीद है।

    इस सेवा का सफल ट्रायल पिछले साल 2 दिसंबर को दिल्ली और गुजरात के राजकोट में किया गया था जहाँ यात्रियों और ड्राइवरों दोनों ने इसे हाथों-हाथ लिया। भारत टैक्सी की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘ड्राइवर-मालिक’ कॉन्सेप्ट है जिसके तहत ड्राइवरों को केवल कर्मचारी नहीं बल्कि ‘सारथी’ माना गया है।

    लॉन्चिंग के मौके पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले छह सारथियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें कंपनी के शेयर सर्टिफिकेट भी सौंपे जाएंगे जो इस बात का प्रतीक है कि वे स्वयं इस सहकारी संस्था के हिस्सेदार हैं। सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने इन चालकों के लिए 5 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा भी सुनिश्चित किया है। इसके अलावा रिटायरमेंट सेविंग्स और ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम जैसी सुविधाएं इस मॉडल को मानवीय चेहरा प्रदान करती हैं।

    आम यात्रियों के लिए भी भारत टैक्सी किसी राहत से कम नहीं होगी क्योंकि इसमें ‘सर्ज प्राइसिंग’ जैसा कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। अक्सर देखा जाता है कि पीक ऑवर्स या खराब मौसम में निजी कंपनियां किराया दोगुना-तिगुना कर देती हैं लेकिन भारत टैक्सी में किराया स्थिर और पारदर्शी रहेगा। लगभग 300 करोड़ रुपये की पूंजी के साथ शुरू हुई ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ इसका संचालन करेगी जिसमें सहकारी क्षेत्र के अनुभवी अधिकारी शामिल हैं।

    सरकार की योजना अगले दो वर्षों के भीतर इस सेवा का विस्तार देश के हर राज्य और प्रमुख शहर तक करने की है। दिल्ली के सात प्रमुख स्थानों पर ड्राइवर सपोर्ट सेंटर खोलकर इसकी नींव को मजबूत कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सहकारी प्रयोग सफल रहता है तो यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और गिग इकोनॉमी के लिए एक वैश्विक उदाहरण बन सकता है।