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  • बुधवार को भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना कमजोर हो सकता है बुध ग्रह; जानें बचाव के उपाय

    बुधवार को भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना कमजोर हो सकता है बुध ग्रह; जानें बचाव के उपाय


    नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है और उसी के अनुसार उस दिन के नियम और सावधानियां भी निर्धारित की गई हैं। बुधवार का दिन बुध ग्रह और भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, शिक्षा, व्यापार, नौकरी और आर्थिक निर्णयों का कारक कहा गया है। ऐसे में यदि बुधवार के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन न किया जाए, तो इसका सीधा प्रभाव व्यक्ति के करियर, धन और मानसिक संतुलन पर पड़ सकता है।

    मान्यताओं के अनुसार बुधवार को धन का लेन-देन करना अशुभ माना जाता है। इस दिन उधार देना या लेना, नए निवेश करना या किसी साझेदारी में प्रवेश करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। कहा जाता है कि बुधवार को किया गया गलत आर्थिक निर्णय धन फंसने या हानि का कारण बनता है। इसलिए इस दिन बड़े आर्थिक सौदों से बचना ही बेहतर माना गया है। इसके अलावा बुधवार को घर की महिलाओं का अपमान करना भी बुध दोष को बढ़ाता है। बेटी, बहन, बुआ या मौसी जैसे रिश्तों के साथ कठोर व्यवहार या अनादर पारिवारिक अशांति के साथ-साथ आर्थिक और मानसिक परेशानियों को जन्म दे सकता है। बुध ग्रह वाणी और व्यवहार से जुड़ा होता है, इसलिए इस दिन रिश्तों में मधुरता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक माना गया है।

    वाणी पर नियंत्रण रखना बुधवार का सबसे महत्वपूर्ण नियम बताया गया है। झूठ बोलना, कटु शब्दों का प्रयोग करना, बेवजह बहस या विवाद में उलझना बुध को कमजोर करता है। शांत, संयमित और सकारात्मक भाषा का प्रयोग करने से बुध ग्रह मजबूत होता है और व्यक्ति की संवाद क्षमता में सुधार आता है। शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार बुधवार को बाल और नाखून काटने से भी बचना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने से मानसिक अस्थिरता और निर्णय क्षमता कमजोर हो सकती है। इसी तरह इस दिन काले रंग के कपड़े पहनना भी अशुभ माना गया है। इसके स्थान पर हरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है, क्योंकि हरा रंग बुध ग्रह का प्रतिनिधि रंग है।

    बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा को दिशाशूल माना गया है। यदि यात्रा अत्यंत आवश्यक हो, तो धनिया खाकर या साथ लेकर निकलने की परंपरा बताई गई है। वहीं इस दिन दवाइयां, बर्तन, साबुन, तेल, दूध से बनी चीजें और कुछ हरी सब्जियों की खरीदारी से भी बचने की सलाह दी जाती है। भूमि से जुड़े कार्य या नए व्यापार की शुरुआत भी बुधवार को टालना बेहतर माना गया है। यदि बुध ग्रह को मजबूत करना तो बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करें और ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जप करें। मूंग दाल धनिया जैसी हरी वस्तुओं का दान या उपयोग भी शुभ फल देता है। मान्यता है कि इन छोटे-छोटे नियमों का पालन करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और शिक्षा, व्यापार व करियर में स्थिरता और प्रगति मिलती है।

  • Bangladesh vs India: टी20 विश्व कप में बांग्लादेश के फैसले का पाकिस्तान ने किया समर्थन

    Bangladesh vs India: टी20 विश्व कप में बांग्लादेश के फैसले का पाकिस्तान ने किया समर्थन

    नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और आईसीसी के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। बीसीबी ने अपनी टीम को भारत में ग्रुप-स्टेज मैचों के लिए भेजने से मना कर दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस फैसले का समर्थन करते हुए आईसीसी को पत्र भेजा, हालांकि इसके बारे में कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया गया। यह कदम दर्शाता है कि बीसीबी अपने रुख को राजनीतिक और क्रीड़ा दबाव के तहत दोहरा रहा है।

    आईसीसी ने दिया समय और बुलायी बैठक
    आईसीसी ने बीसीबी को अपना रुख स्पष्ट करने के लिए 21 जनवरी तक का समय दिया है और बुधवार को बोर्ड की बैठक बुलाई है। बैठक का उद्देश्य बीसीबी द्वारा भारत में सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने मैच श्रीलंका में शिफ्ट करने या अन्य ग्रुप में स्थानांतरित करने की मांग पर चर्चा करना है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान का पत्र आईसीसी के रुख पर कोई असर नहीं डालेगा। आईसीसी का अब तक का स्टैंड स्पष्ट है कि बांग्लादेश टीम को अपने ग्रुप स्टेज मैच भारत में ही खेलने होंगे, और खिलाड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीसीसीआई संभालेगी।

    राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि
    बीसीबी का यह रुख बांग्लादेश की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति से भी प्रभावित है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने और मोहम्मद युनूस के सत्ता में आने के बाद देश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू समुदाय पर हिंसा बढ़ी है। हाल के दिनों में हुई हिंसा ने भारत में हिंदू संगठनों को विरोध में सामने आने के लिए मजबूर किया। इस सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि ने बीसीबी को भारत में मैच खेलने से रोकने में भूमिका निभाई।

    आईपीएल 2026 का प्रभाव
    बीसीबी की भारत न आने की नीति में आईपीएल 2026 की घटनाओं का भी असर है। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर ने 9.2 करोड़ रुपए में खरीदा था। रहमान के भारत में खेलने को लेकर विरोध हुआ, और दबाव के कारण बीसीसीआई ने केकेआर को रहमान को रिलीज करने का आदेश दिया। इसके बाद ही बीसीबी ने टी20 विश्व कप के लिए भारत में मैच न खेलने का कदम उठाया।

    अंतरराष्ट्रीय और खेल निहितार्थ
    बांग्लादेश का यह रुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सुरक्षा, राजनीति और क्रीड़ा नीति के टकराव को दर्शाता है। पाकिस्तान का समर्थन प्रतीकात्मक रूप से बीसीबी के कदम को मजबूती देता है, लेकिन आईसीसी का रुख अभी स्पष्ट है और विश्व कप की तैयारियों पर इसका असर हो सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत-बांग्लादेश मैच का भविष्य अब अनिश्चितता के घेरे में है, और सुरक्षा और राजनीतिक पहलुओं पर निगाहें टिकी हैं।

  • 2025 की रियल एस्टेट रिपोर्ट: MMR रीजन में सबसे ज्यादा जमीनों के सौदे, देश में कुल 126 ट्रांज़ैक्शन हुए

    2025 की रियल एस्टेट रिपोर्ट: MMR रीजन में सबसे ज्यादा जमीनों के सौदे, देश में कुल 126 ट्रांज़ैक्शन हुए

    नई दिल्ली। भारत में 2025 में कुल 126 जमीन सौदे संपन्न हुए, जिनमें सबसे अधिक सौदे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) में हुए। एनारॉक रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, एमएमआर में 500 एकड़ से अधिक जमीन के 32 सौदे दर्ज हुए। बेंगलुरु में भी 454 एकड़ से अधिक के 27 सौदे संपन्न हुए। हालांकि कुल सौदों की संख्या 2024 के मुकाबले कम रही, लेकिन संपन्न सौदों का वॉल्यूम बढ़ा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बिल्डर्स का भरोसा देश के प्रमुख और उभरते रियल एस्टेट बाजारों में बना हुआ है।

    अविकसित और टियर 1, 2, 3 शहरों में सौदे
    रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में हुए 126 सौदों में 1,877 एकड़ जमीन के 96 सौदे आवासीय विकास के लिए हुए। ये सौदे टियर 1, टियर 2 और टियर 3 शहरों में बंटे हुए हैं। एनारॉक समूह के अध्यक्ष अनुज पुरी के अनुसार, एमएमआर में नियोजित विकास परियोजनाओं में आवासीय, वाणिज्यिक, डेटा सेंटर, औद्योगिक और भूखंड विकास शामिल हैं। पूरे देश में 2025 में कुल मिलाकर 3,772 एकड़ से अधिक भूमि के 126 अलग-अलग सौदे संपन्न हुए।

    दिल्ली-एनसीआर और आसपास के शहरों में सौदे
    दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आवासीय, वाणिज्यिक और मिश्रित उपयोग परियोजनाओं के लिए लगभग 137.22 एकड़ भूमि के 16 सौदे हुए। शहरों के हिसाब से गुरुग्राम में 39.75 एकड़ के 4 सौदे, नोएडा में 41.28 एकड़ के 8 सौदे, दिल्ली में 30.89 एकड़ के 2 सौदे, ग्रेटर नोएडा में 12 एकड़ का 1 सौदा, और गाजियाबाद में 13.3 एकड़ का 1 सौदा हुआ।

    रियल एस्टेट मार्केट में बढ़ता निवेश और विकास
    रिपोर्ट दर्शाती है कि टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी 2025 में कुल 2,192.8 एकड़ भूमि के कम से कम 16 सौदे संपन्न हुए। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि न केवल बड़े शहरों में बल्कि उभरते हुए शहरों में भी बिल्डर्स और निवेशकों का विश्वास मजबूत बना हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में एमएमआर और बेंगलुरु में भूमि की कीमतों में तेजी आई है, लेकिन इससे डेवलपर्स प्रमुख और रणनीतिक संपत्तियों पर निवेश करने से नहीं हिचकिचा रहे हैं।

    निष्कर्ष: रियल एस्टेट में भरोसा और भविष्य की संभावना
    2025 के जमीन सौदों का विश्लेषण यह बताता है कि भारत के बड़े और उभरते शहरों में रियल एस्टेट मार्केट में निवेशक भरोसा मजबूत है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में बड़े सौदे संपन्न होने से यह भी संकेत मिलता है कि देश का रियल एस्टेट सेक्टर भविष्य में और अधिक विकास और आर्थिक अवसर प्रदान कर सकता है। टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी बढ़ती गतिविधियां निवेशकों के विश्वास और आवासीय व वाणिज्यिक परियोजनाओं के विस्तार की दिशा में सकारात्मक संकेत हैं।

  • शेयर बाजार में कमजोरी जारी: सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा फिसला, निफ्टी भी लाल निशान में

    शेयर बाजार में कमजोरी जारी: सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा फिसला, निफ्टी भी लाल निशान में



    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में 21 जनवरी को कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 100 अंक से अधिक गिरकर 82,000 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया जबकि निफ्टी करीब 30 अंक फिसलकर 25,200 के आसपास रहा। शुरुआती सत्र से ही बाजार पर वैश्विक संकेतों और चुनिंदा सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 14 शेयर हरे निशान में रहे। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में हल्की मजबूती देखने को मिली लेकिन रियल एस्टेट मीडिया और आईटी शेयरों में बिकवाली हावी रही। आईटी कंपनियों पर दबाव अमेरिकी बाजारों की कमजोरी और डॉलर की मजबूती के कारण देखा गया।

    वैश्विक कारकों का असर घरेलू बाजारों पर साफ नजर आया। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.26% गिरकर 4,873 पर, जापान का निक्केई 0.56% टूटकर 52,693 पर हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.13% गिरकर 26,453 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ 4,120 पर बंद हुआ अमेरिकी बाजारों में भी 20 जनवरी को भारी गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 1.76% टूटकर 48,488 पर, नैस्डेक कंपोजिट में 2.39% और एसएंडपी 500 में 2.06% की गिरावट आई। इन कमजोर वैश्विक संकेतों का असर घरेलू बाजारों पर भी देखा गया।

    संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों की बात करें तो 20 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों FII ने ₹2,191 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों DII ने ₹2,755 करोड़ की खरीदारी की जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला। दिसंबर 2025 में FIIs द्वारा ₹34,350 करोड़ की निकासी के मुकाबले DIIs ने ₹79,620 करोड़ का निवेश किया था जिससे बाजार में संतुलन बना रहा।शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज IPO निवेशकों के रडार पर है। ₹118–₹124 के प्राइस बैंड वाला यह IPO कुल ₹1,907 करोड़ का है और 22 जनवरी तक खुला रहेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयान वैश्विक अनिश्चितता और तीसरी तिमाही में कुछ बड़ी कंपनियों खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज के कमजोर नतीजे प्रमुख वजह माने जा रहे हैं।इस प्रकार निवेशकों को वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

  • IND vs NZ T20: नागपुर में भारत के लिए 3 कीवी खिलाड़ी बन सकते हैं ‘इंदौर’ जैसा झटकाटी20 सीरीज की शुरुआत से पहले सतर्कता जरूरी

    IND vs NZ T20: नागपुर में भारत के लिए 3 कीवी खिलाड़ी बन सकते हैं ‘इंदौर’ जैसा झटकाटी20 सीरीज की शुरुआत से पहले सतर्कता जरूरी


    नई दिल्ली। वनडे सीरीज में हार के बाद अब टीम इंडिया की नजरें 5 मैचों की टी20 सीरीज पर हैं, लेकिन शुरुआत से पहले ही न्यूजीलैंड के कुछ खिलाड़ी भारतीय फैंस की चिंता बढ़ा रहे हैं। इंदौर में खेले गए निर्णायक वनडे में कीवी टीम ने जिस तरह भारत को मात दी, वैसा ही हाल टी20 में न हो, इसके लिए टीम इंडिया को सतर्क रहना होगा। नागपुर में होने वाले पहले टी20 मैच से पहले तीन ऐसे कीवी खिलाड़ी हैं, जो अकेले दम पर मैच का रुख पलट सकते हैं।
    1) ग्लेन फिलिप्स: बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंगतीनों में खतरनाक
    ग्लेन फिलिप्स इस समय न्यूजीलैंड के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में से एक हैं। इंदौर की पिच पर उन्होंने शतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों की परीक्षा ली। टी20 में उनकी तेज स्ट्राइक रेट भारतीय टीम के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। इसके अलावा वह पार्ट-टाइम स्पिन से अहम ओवर निकाल सकते हैं और फील्डिंग में भी कई बार असंभव कैच लपकते हैं। फिलिप्स किसी भी विभाग से मैच बदल सकते हैं।
    2) डेरिल मिचेल: भारत के खिलाफ रन मशीन
    डेरिल मिचेल का भारत के खिलाफ रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है और हालिया वनडे सीरीज ने इसे फिर साबित किया। तीन मैचों में दो शतक और एक अर्धशतक लगाकर उन्होंने दिखा दिया कि भारतीय गेंदबाजी उन्हें रोकने में नाकाम रही। टी20 में भी अगर वह क्रीज पर जम गए, तो भारतीय गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना आसान नहीं होगा। मिडिल ऑर्डर में उनकी मौजूदगी न्यूजीलैंड को मजबूती देती है।
    3) काइल जैमीसन: पावरप्ले में भारत के लिए बड़ा सिरदर्द
    लंबे कद के तेज गेंदबाज काइल जैमीसन नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों के लिए सिरदर्द बन सकते हैं। वनडे सीरीज में उन्होंने लगातार सही लाइन-लेंथ से 6 अहम विकेट निकाले। टी20 में पावरप्ले के ओवर काफी अहम होते हैं और जैमीसन यहीं भारत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उनकी उछाल और सीम मूवमेंट भारतीय टॉप ऑर्डर की परीक्षा लेगी, जबकि डेथ ओवर्स में भी वह रन रोकने में सक्षम हैं।

    नागपुर में पहला टी20 मैच सीरीज की दिशा तय करेगा। अगर भारत इन तीन खिलाड़ियों को समय रहते काबू में कर लेता है, तो वापसी की मजबूत शुरुआत हो सकती है।

  • टेलीविजन की ‘क्वीन’ से बॉलीवुड की कॉमिक स्टार: अश्विनी कालसेकर ने साबित किया कि सपोर्टिंग रोल भी बना सकते हैं सुपरस्टार

    टेलीविजन की ‘क्वीन’ से बॉलीवुड की कॉमिक स्टार: अश्विनी कालसेकर ने साबित किया कि सपोर्टिंग रोल भी बना सकते हैं सुपरस्टार


    नई दिल्ली। ‘भूल भुलैया 2’ में पंडिताइन का किरदार निभा रही अश्विनी कालसेकर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छोटे रोल भी बड़े प्रभाव छोड़ सकते हैं। संजय मिश्रा और राजपाल यादव के साथ उनकी कॉमेडी ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया और उनका अभिनय जमकर सराहा गया। यह पहली बार नहीं है कि अश्विनी ने किसी फिल्म या शो में लीड रोल नहीं निभाया, लेकिन उनकी भारी आवाज, दमदार पर्सनालिटी और नेचुरल एक्टिंग ने उन्हें 28 साल में इंडस्ट्री का एक मजबूत नाम बना दिया है।

    अश्विनी का जन्म 22 जनवरी 1970 को मुंबई में हुआ। उनके पिता अनिल कालसेकर बैंक में कर्मचारी थे। उन्होंने 1991 में BA की पढ़ाई पूरी की और 1991-94 तक थिएटर किया। इस दौरान उन्होंने नीना गुप्ता और थिएटर कोच मुजामिल वकील से ट्रेनिंग ली। 1994 के बाद वे एयरलाइन की केबिन क्रू बन गईं और उसी दौरान उन्हें पहला टीवी शो ‘शांति’ मिला।

     ‘शांति’ के दौरान अश्विनी नौकरी के साथ शूटिंग भी करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर एक्टिंग को ही फोकस किया। इसके बाद उन्होंने ‘CID’ में कॉप की भूमिका निभाई, जहां उन्हें दर्शकों ने पसंद किया। असली पहचान उन्हें एकता कपूर के डेली सोप ‘कसम’ से मिली, जिसमें उन्होंने वैम्प ‘जिज्ञासा’ का किरदार निभाया। उनके बड़े बिंदी, भारी मेकअप, नोज पिन और सिंदूर वाली लुक ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी और यह लुक काफी समय तक चर्चित रहा।

    अश्विनी ने टीवी में ‘एक और महाभारत’ में द्रौपदी, ‘सिद्धांत’ में एसीपी नेत्रा मेनन, ‘विरुद्ध’ में देवयानी, ‘परिवार’ में मनोरमा, ‘झांसी की रानी’ में हीरा बाई, ‘गंगा की दहलीज’ में महामाई, ‘जोधा अकबर’ में महामंगा, ‘इतना करो न मुझे प्यार’ में पूनम खन्ना, ‘कवच काली शक्तियों’ में सौदामिनी और ‘पार्टनर्स ट्रबल हो गई डबल’ में नीना नादकर्णी जैसे कई यादगार किरदार निभाकर खुद को एक सशक्त अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।

    फिल्मों और वेब सीरीज में भी उन्होंने अपना जलवा दिखाया।

    ‘द हीरो: लव स्टोरी ऑफ अ स्पाई’, ‘खाकी’, ‘किसना’, ‘आशिक बनाया आपने’, ‘जॉनी गद्दार’, ‘गोलमाल रिटर्न्स’, ‘फूंक’, ‘गोलमाल 3’, ‘बद्रीनाथ’, ‘सिंघम रिटर्नस’, ‘गोलमाल अगेन’, ‘सिम्बा’, ‘लक्ष्मी’, ‘भूल भुलैया 2’ समेत कई फिल्मों में उनके किरदारों ने लोगों का दिल जीता। वेब सीरीज में ‘हुतात्मा’, ‘द चार्जशीट’, ‘रुद्र: द एज ऑफ डार्कनेस’ जैसी परियोजनाओं में भी उन्होंने काम किया।

    अश्विनी खुद को टीवी की ही मानती हैं और मानती हैं कि टीवी ने उन्हें वह मुकाम दिया है जहां आज उन्हें काम मांगने की जरूरत नहीं पड़ती।

    उनका कहना है कि फिल्मों में जो काम उन्होंने किया वह उनके दोस्त और वेल-विशर्स के जरिए मिला, क्योंकि उनका कोई मैनेजर या पीआर एजेंसी नहीं है। वे एकता कपूर, श्रीराम राघवन, रोहित शेट्टी और रामगोपाल वर्मा को अपने करियर में महत्वपूर्ण योगदान मानती हैं।

    अश्विनी कालसेकर की शादी और पति
    अश्विनी कालसेकर की शादी फिल्म और टीवी अभिनेता मुरली शर्मा से हुई है। मुरली शर्मा भी इंडस्ट्री के जाने-माने कलाकार हैं और उन्होंने कई फिल्मों में अपनी अदाकारी से पहचान बनाई है। दोनों ने अपने निजी जीवन को हमेशा प्राइवेट रखा है और मीडिया में उनके बच्चों के बारे में कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिली है। वे एक सफल जोड़ी के रूप में इंडस्ट्री में जाने जाते हैं और कई फिल्मों में साथ भी नजर आ चुके हैं।

  • ग्रीनलैंड विवाद पर रूस का कड़ा बयान, ट्रंप ने नोबेल यू-टर्न लिया; जानें आज की बड़ी खबरें

    ग्रीनलैंड विवाद पर रूस का कड़ा बयान, ट्रंप ने नोबेल यू-टर्न लिया; जानें आज की बड़ी खबरें


    नई दिल्ली। आज की टॉप खबरों में ग्रीनलैंड विवादट्रंप का नोबेल यू-टर्न और ठगी के मामले शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू राजनीति में उठापटक के बीच लोगों की नजरें इन घटनाओं पर टिक गई हैं।

    डेनमार्क का हिस्सा नहीं ग्रीनलैंडरूस का बयान

    ग्रीनलैंड विवाद ने वैश्विक राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार ग्रीनलैंड को खरीदने या नियंत्रण में लेने की बात कही और यूरोपीय संघ व डेनमार्क पर टैरिफ युद्ध की धमकी दी। अब रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बयान देकर इस मुद्दे को और गरमा दिया। लावरोव ने कहा कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वाभाविक हिस्सा नहीं है और इसे लेकर रूस की अपनी स्थिति स्पष्ट है।

    मुझे नोबेल की कोई परवाह नहींट्रंप का यू-टर्न
    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार शांति नोबेल पुरस्कार की इच्छा जाहिर की थीलेकिन अब उन्होंने पूरी तरह पलटी ले ली है। उन्होंने कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार की कोई परवाह नहीं है। यह बयान उस चिट्ठी के लीक होने के बाद आयाजो उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री को लिखी थी। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया में शांति की चिंता उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं हैक्योंकि उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार तो मिला ही नहीं।

    जामिया प्रोफेसर पर हमलाआदिवासी युवक घायल
    दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें एक एसोसिएट प्रोफेसर ने अनुसूचित जनजाति के एक कर्मचारी को जमकर पीटामुंह भी तोड़ दिया और जातिसूचक गालियां दीं। इस मामले में पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।

    एलन मस्क के नाम पर ठगीशिमला का शख्स हुआ लाखों का शिकार

    हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने एलन मस्क के नाम का इस्तेमाल कर शख्स को फंसाया और लाखों रुपये ठग लिए। ठगी के चक्कर में पीड़ित को टेस्ला कारनकद राशि और 2.3 करोड़ रुपये के सोने का लालच दिया गया।

    दिल्ली-NCR में GRAP-4 हटायास्टेज-3 प्रतिबंध जारी
    दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू GRAP-4 प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण यह फैसला लिया गया है। हालांकि स्टेज-1स्टेज-2 और स्टेज-3 के तहत लगाए गए कुछ प्रतिबंध अभी भी जारी रहेंगे।आज की इन खबरों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और घरेलू मुद्दों पर लोगों की निगाहें टिकाए रखीं। रूस और अमेरिका की बयानबाजीशिक्षा संस्थानों में हिंसा और ठगी जैसे मामले लगातार चर्चा में बने हुए हैं

  • Sunny Deol 2026-2027: ‘बॉर्डर 2’ से शुरू होकर सनी देओल की फिल्मों का धमाका, जानिए पूरी लिस्ट

    Sunny Deol 2026-2027: ‘बॉर्डर 2’ से शुरू होकर सनी देओल की फिल्मों का धमाका, जानिए पूरी लिस्ट


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के एक्शन हीरो सनी देओल इस समय अपने करियर के सबसे शानदार दौर में हैं। साल 2026 और 2027 में उनके कई बड़े प्रोजेक्ट्स रिलीज़ होने वाले हैं। इन फिल्मों में एक्शन ड्रामा इमोशन और रोमांच का पूरा पैकेज देखने को मिलेगा।सबसे पहले बात करें बॉर्डर 2 की। यह फिल्म 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। फैंस लंबे समय से इसकी रिलीज़ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बॉर्डर 2 में सनी देओल के साथ वरुण धवन अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ भी अहम किरदार निभा रहे हैं।

    इसके बाद सनी देओल की लाइनअप में शामिल हैं:

    रामायण – पार्ट 1 और पार्ट 2
    नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस महाकाव्य फिल्म में सनी देओल के साथ रणबीर कपूर साई पल्लवी और यश नजर आएंगे। पार्ट 1 दिवाली 2026 और पार्ट 2 दिवाली 2027 में रिलीज़ होगी।

    गबरू
    यह एक एक्शन-ड्रामा फिल्म है जिसमें सनी देओल के साथ प्रीत कमानी और सिमरन बग्गा मुख्य भूमिका में हैं। इसे शशांक उडापुरकर डायरेक्ट कर रहे हैं और संभावना है कि यह फिल्म 13 मार्च 2026 को रिलीज़ हो।

    लाहौर 1947
    आमिर खान प्रोडक्शन की यह फिल्म विभाजन के समय की इमोशनल कहानी दिखाएगी। इसमें सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा शबाना आजमी और अभिमन्यु सिंह लीड रोल में होंगे। रिलीज़ डेट अभी अनाउंस नहीं हुई है।

    जाट 2
    सुपरहिट फिल्म जाट का सीक्वल 2026 में आने की घोषणा पहले ही हो चुकी है। हालांकि इसके बारे में अभी अपडेट का इंतजार है।

    सफर
    सफर एक रोड-ट्रिप ड्रामा फिल्म होगी। इसमें सनी देओल के साथ सलमान खान नजर आ सकते हैं।

    अपने 2
    धर्मेंद्र के निधन के बाद इसे बंद करने की अफवाहें आई थीं लेकिन प्रोड्यूसर ने पुष्टि की है कि फिल्म बनेगी हालांकि कहानी में बदलाव किया गया है।

    मां तुझे सलाम 2
    2002 में आई फिल्म मां तुझे सलाम का सीक्वल अब रिलीज़ होने वाला है। हाल ही में इसका पोस्टर जारी किया गया है।

    गदर 3
    गदर 2 की सफलता के बाद अनिल शर्मा ने तीसरे पार्ट की घोषणा की है। यह फिल्म फिलहाल प्री-प्रोडक्शन स्टेज पर है।सनी देओल के फैंस के लिए यह समय किसी तोहफे से कम नहीं है। अगले दो साल में उनकी फिल्में एक्शन इमोशन और मनोरंजन का धमाका लेकर आने वाली हैं।

  • बॉर्डर 2: अक्षय खन्ना की एंट्री की अफ़वाहें खत्म, प्रोड्यूसर ने किया साफ बयान

    बॉर्डर 2: अक्षय खन्ना की एंट्री की अफ़वाहें खत्म, प्रोड्यूसर ने किया साफ बयान


    नई दिल्ली। बॉर्डर 2 रिलीज़ को लेकर दर्शकों में उत्साह चरम पर है। फिल्म में कई बड़े सितारे नजर आने वाले हैं लेकिन कुछ दिनों से अफ़वाहें फैल रही थीं कि अक्षय खन्ना भी फिल्म का हिस्सा हो सकते हैं और कैमियो कर सकते हैं। इस पर फिल्म की प्रोड्यूसर निधि दत्ता ने अपनी तरफ से पूरी सफाई दे दी है।

    जूम इंटरव्यू में निधि ने कहा नहीं ये बिल्कुल भी सच नहीं है। हमने उन्हें मूवी के लिए अप्रोच नहीं किया है। उन्होंने आगे बताया कि बॉर्डर 2 पहली फिल्म की कहानी को आगे नहीं बढ़ा रही है। यह पूरी तरह अलग कहानी है जिसमें भारत के जवानों की नई कहानी दिखाई जाएगी।अक्षय खन्ना को लेकर अफ़वाहें तब शुरू हुईं जब बॉर्डर का पहला गाना घर कब आओगे रिलीज़ हुआ। उस समय एक फोटो वायरल हुई थी जिसमें किसी शख्स के फोटो को एडिट करके अक्षय का चेहरा लगाया गया। इससे लोगों ने यह मान लिया कि अक्षय भी फिल्म का हिस्सा होंगे। लेकिन अब प्रोड्यूसर निधि ने इस अफ़वाह को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

    सिर्फ अक्षय ही नहीं बल्कि पहले पार्ट में अहम भूमिका निभा चुकी तब्बू के फिल्म में नहीं होने की वजह भी निधि ने पहले ही स्पष्ट कर दी थी। उन्होंने कहा था कि यह पूरी स्टोरी अलग है। पहले पार्ट में सनी देओल की पत्नी का किरदार निभाने वाली तब्बू इस फिल्म में नहीं हो सकतीं क्योंकि कहानी पूरी तरह नई दिशा में है और सनी का किरदार भी अलग तरह से पेश किया जाएगा।

    बॉर्डर 2 की स्टार कास्ट भी काफी दमदार है। फिल्म में सनी देओल वरुण धवन अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म के डायरेक्टर अनुराग सिंह हैं जबकि प्रोड्यूसर्स की लिस्ट में निधि दत्ता भूषण कुमार जे पी दत्ता और कृष्ण कुमार शामिल हैं। यह फिल्म 23 जनवरी को रिलीज़ होगी और दर्शकों को एक नई और रोमांचक कहानी देखने को मिलेगी।तो साफ हो गया कि बॉर्डर 2 में अक्षय खन्ना की एंट्री सिर्फ अफ़वाह थी। फैंस अब पूरी तरह तैयार हो सकते हैं नई स्टार कास्ट और नई कहानी के लिए जो पहले पार्ट से बिल्कुल अलग है।

  • Draft NEP 2026: देश में बिजली की गुणवत्ता और किफायती आपूर्ति सुनिश्चित करने का बड़ा कदम, परामर्श के लिए सार्वजनिक किया गया

    Draft NEP 2026: देश में बिजली की गुणवत्ता और किफायती आपूर्ति सुनिश्चित करने का बड़ा कदम, परामर्श के लिए सार्वजनिक किया गया

    नई दिल्ली। सरकार ने बिजली क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘ड्राफ्ट नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी (एनईपी) 2026’ को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी कर दिया है। इसका उद्देश्य देश में आर्थिक रूप से मजबूत, पर्यावरण के अनुकूल और भरोसेमंद बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इस मसौदे पर सभी हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं। नीति को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें 2030 तक प्रति व्यक्ति बिजली खपत 2,000 यूनिट और 2047 तक 4,000 यूनिट से ज्यादा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु प्रतिबद्धता
    ड्राफ्ट नीति भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप भी है। इसके तहत 2030 तक कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता को 2005 के स्तर से 45 प्रतिशत कम करने और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने की योजना है। इसके लिए स्वच्छ और कम कार्बन वाली ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ना जरूरी बताया गया है।

    राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर योजना
    विद्युत मंत्रालय ने बताया कि नीति लागू होने के बाद यह 2005 की एनईपी की जगह लेगी। इसके तहत बिजली की मांग को समय पर पूरा करने के लिए डिस्कॉम और एसएलडीसी राज्य स्तर पर रिसोर्स एडिक्वेसी (आरए) प्लान तैयार करेंगे। वहीं, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) पूरे देश के लिए एक राष्ट्रीय योजना बनाएगा।

    बिजली दरों और सब्सिडी सुधार
    ड्राफ्ट नीति में कहा गया है कि बिजली टैरिफ को उपयुक्त इंडेक्स से जोड़ा जाना चाहिए, जिससे हर साल अपने आप संशोधन हो सके। इसके साथ ही फिक्स्ड लागत की भरपाई धीरे-धीरे डिमांड चार्ज के जरिए की जाएगी, ताकि अलग-अलग उपभोक्ताओं पर सब्सिडी का बोझ कम हो।

    उद्योगों के लिए राहत और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना
    नीति में सुझाव दिया गया है कि मैन्युफैक्चरिंग उद्योग, रेलवे और मेट्रो रेलवे को क्रॉस-सब्सिडी और अतिरिक्त शुल्क से छूट दी जाए। इससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी। साथ ही जिन उपभोक्ताओं का बिजली लोड 1 मेगावाट या उससे अधिक है, उनके लिए कुछ मामलों में यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन से छूट दी जा सकती है।

    विवाद निपटान और उपभोक्ता संरक्षण
    ड्राफ्ट नीति में विवाद निपटान व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, ताकि बिजली से जुड़े विवाद जल्दी सुलझें और उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम हो।

    नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा
    नीति में रिन्यूएबल ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बाजार आधारित तरीके अपनाने और कैप्टिव पावर प्लांट्स के जरिए नई क्षमता जोड़ने का सुझाव दिया गया है। छोटे उपभोक्ताओं के लिए स्टोरेज सुविधा डिस्कॉम के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे लागत कम होगी। इसके अलावा उपभोक्ता डिस्ट्रिब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी (DRE) से बची हुई बिजली का व्यापार कर सकेंगे।

    परमाणु ऊर्जा में लक्ष्य
    शांति अधिनियम 2025 के तहत नीति में एडवांस न्यूक्लियर तकनीक, मॉड्यूलर रिएक्टर और छोटे परमाणु रिएक्टर का इस्तेमाल बढ़ाने और उद्योगों द्वारा परमाणु ऊर्जा का उपयोग कर 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता हासिल करने की सिफारिश की गई है।

    इतिहास और प्रगति
    पहली राष्ट्रीय विद्युत नीति 2005 में बिजली की कमी, सीमित पहुंच और कमजोर ढांचे जैसी समस्याओं को दूर करने का लक्ष्य रखा गया था। तब से भारत के विद्युत क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। सरकार का कहना है कि ड्राफ्ट एनईपी 2026 एक ऐसा पूरा खाका है, जिससे देश के लोगों को सस्ती, भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता की बिजली मिल सकेगी।