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  • भिण्ड: पेड़ पर लटकी लाश का सनसनीखेज खुलासा; आत्महत्या नहीं, पीट-पीटकर की गई थी सुखबीर की हत्या

    भिण्ड: पेड़ पर लटकी लाश का सनसनीखेज खुलासा; आत्महत्या नहीं, पीट-पीटकर की गई थी सुखबीर की हत्या


    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में पुलिस ने 11 जनवरी को हुई एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। ऊमरी थाना क्षेत्र के बजरंगगढ़ अकोड़ा गांव में पेड़ से लटके मिले 55 वर्षीय सुखबीर बघेल के शव के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी है। पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि सुखबीर ने आत्महत्या नहीं की थी बल्कि उनकी बेरहमी से हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पेड़ से लटकाया गया था।

    संदिग्ध चोटों ने खोला राज 11 जनवरी को जब सुखबीर बघेल का शव गांव के पास बांध वाले खेत में एक पेड़ से फंदे पर लटका मिला तो पहली नजर में यह खुदकुशी का मामला लग रहा था। हालांकि, मौके पर पहुँची ऊमरी थाना पुलिस को मृतक के सिर हाथ और पैरों पर गहरे जख्म और चोट के निशान मिले। इन निशानों ने पुलिस के मन में संदेह पैदा कर दिया, जिसके बाद शव को बारीकी से पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुराना विवाद हाल ही में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि मृतक के शरीर पर पाए गए घाव किसी संघर्ष या मारपीट के हैं। रिपोर्ट में एंटी-मॉर्टम चोटों मौत से पहले की चोटें का जिक्र होने के बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदल दी। परिजनों ने भी पुलिस को बताया था कि गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ सुखबीर का पुराना विवाद चल रहा था।

    चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज वैज्ञानिक साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने गांव के ही चार संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ हत्या धारा 302 और साक्ष्य छुपाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले सुखबीर के साथ मारपीट की और जब उनकी मौत हो गई, तो मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को खेत में लगे पेड़ पर फंदे से लटका दिया। ऊमरी थाना पुलिस अब नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।

  • हॉकी खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, बैतूल को मिला अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ

    हॉकी खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, बैतूल को मिला अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ


    बैतूल । भारतीय हॉकी संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले को खेल के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। बैतूल विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ लगाए जाने की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के लिए 6 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।

    मध्यप्रदेश शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि स्टेडियम अधोसंरचना मद के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। इस फैसले से जिले के हॉकी खिलाड़ियों में उत्साह की लहर है। लंबे समय से खिलाड़ी आधुनिक और सुरक्षित खेल सतह की मांग कर रहे थे जो अब पूरी होने जा रही है। गौरतलब है कि मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में वर्ष 2010-11 में एस्ट्रोटर्फ स्थापित किया गया था। समय सीमा पूरी होने और लंबे उपयोग के कारण वह अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। खराब सतह के चलते खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था साथ ही चोट लगने का खतरा भी बना रहता था।

    नया सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों और प्रशिक्षण के लिए पूरी तरह अनुकूल होगा। इससे न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय अभ्यास का अवसर मिलेगा, बल्कि भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सुविधाएं मिलने से बैतूल हॉकी के मानचित्र पर एक बार फिर मजबूत पहचान बना सकेगा।

    इस स्वीकृति को लेकर खिलाड़ियों प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने विधायक हेमंत खंडेलवाल और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है। उनका कहना है कि यह कदम युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा और जिले से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा। कुल मिलाकर अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ की यह सौगात बैतूल के खेल विकास में मील का पत्थर साबित होगी और भारतीय हॉकी के शताब्दी वर्ष को जिले के लिए यादगार बनाएगी।

  • BCCI Central Contract में बड़ा उलटफेर! क्या खत्म हो जाएगा 7 करोड़ वाला ग्रेड, विराट-रोहित की सैलरी में होगी भारी कटौती?

    BCCI Central Contract में बड़ा उलटफेर! क्या खत्म हो जाएगा 7 करोड़ वाला ग्रेड, विराट-रोहित की सैलरी में होगी भारी कटौती?




    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है, जिससे ए प्लस ग्रेड हटने और 7 करोड़ रुपये सालाना वाली सैलरी खत्म होने की संभावना सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बोर्ड अब सिर्फ A, B और C ग्रेड ही रखने पर विचार कर रहा है, जिससे टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा की सैलरी में भारी कटौती होने की आशंका है।

    7 करोड़ वाला ग्रेड हो सकता है खत्म
    फिलहाल BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में चार कैटेगरी हैंए प्लस, A, B और C।
    ए प्लस ग्रेड में खिलाड़ी को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते हैं।
    A ग्रेड में 5 करोड़, B ग्रेड में 3 करोड़ और C ग्रेड में कम रिटेनर मिलता है।

    अब BCCI ए प्लस ग्रेड को पूरी तरह समाप्त करने की योजना पर काम कर रहा है। अगर यह बदलाव लागू हुआ, तो 7 करोड़ रुपये वाली सैलरी इतिहास बन सकती है।

    विराट-रोहित को बड़ा झटका?
    रिपोर्ट्स के अनुसार, विराट कोहली और रोहित शर्मा को B ग्रेड में शिफ्ट किया जा सकता है।
    अगर ऐसा हुआ, तो उनका सालाना रिटेनर 7 करोड़ से घटकर 3 करोड़ रह जाएगा, यानी दोनों की सैलरी में करीब 4 करोड़ रुपये की कटौती होगी।

    बुमराह और जडेजा का क्या?
    जसप्रीत बुमराह को A ग्रेड में रखा जा सकता है, जहां सैलरी 5 करोड़ है

    इससे उन्हें 2 करोड़ रुपये कम मिलने का खतरा है।रवींद्र जडेजा को भी B ग्रेड में लाया जाने की संभावना है।
    यह साफ नहीं है कि BCCI A ग्रेड की रकम में भी कोई बदलाव करेगा या नहीं, लेकिन अगर ऐसा हुआ, तो सभी ग्रेडों में रिटेनर को नई नीति के अनुरूप फिर से तय किया जा सकता है।

    सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में कुल 34 खिलाड़ी
    वर्तमान में BCCI ने कुल 34 खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया हुआ है, जिनमें से A Plus ग्रेड: विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा। A ग्रेड: मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पंड्या, मोहम्मद शमी, ऋषभ पंत, B ग्रेड: सूर्यकुमार यादव, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर, C ग्रेड: रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़, संजू सैमसन आदि युवा खिलाड़ी।

    क्यों हो रहा बदलाव?
    बीसीसीआई के इस कदम के पीछे परफॉर्मेंस-बेस्ड सिस्टम, फिटनेस, युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और वर्कलोड मैनेजमेंट जैसे कारण बताए जा रहे हैं। हालांकि बोर्ड की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
    अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वास्तव में 7 करोड़ वाले ए प्लस ग्रेड को हटाया जाता है या यह सिर्फ चर्चा तक सीमित रहता हैलेकिन इस कदम से भारतीय क्रिकेट की नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है।

  • फिटनेस टेस्ट में फेल, फिर मिलेट्स से जीता विश्व बाजार, ये है शुभम तिवारी की प्रेरक कहानी

    फिटनेस टेस्ट में फेल, फिर मिलेट्स से जीता विश्व बाजार, ये है शुभम तिवारी की प्रेरक कहानी

    शहडोल के 30 वर्षीय युवा उद्यमी शुभम तिवारी की कहानी हर बेरोजगार युवा के लिए एक मिसाल है। नौकरी के लिए मेडिकल फिटनेस टेस्ट में असफल होने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी। तीन साल की कड़ी मेहनत से मिलेट्स उत्पादों पर रिसर्च कर विदेशों तक अपनी पहचान बना ली। जर्मनी से मंगाईं आठ अत्याधुनिक मशीनें, गल्फ कंट्री, श्रीलंका, यूरोप और अमेरिका से 42 टन का प्री-ऑर्डर, 50 हजार किलो से ज्यादा घरेलू बुकिंग! और उसके बाद सफलतापूर्वक किए जा रहे सफल प्रसासों से शुभम साबित कर रहे हैं कि असफलता बस एक नया रास्ता दिखाने का बहाना है।
    दरअसल असफलता नया अवसर है। नेशनल हाईवे 43 पर स्थित ये यूनिट, जहां एक घंटे में एक टन अनाज प्रोसेस होता है, राज्‍य के शहडोल संभाग की पहली ऐसी सुविधा है।अगर आप भी बेरोजगार हैं, तो उनकी ये कहानी आपको उत्साह से भर देगी, क्योंकि सपनों को हकीकत में बदलना हर युवा के बस की बात है!

    नौकरी के पीछे भागनेवाला युवा इस तरह बन गया नौकरी देनेवाला

    शुभम की शुरुआत प्रेरणादायक है। मास्टर्स डिग्री कर चुके, जब माइनिंग इंजीनियरिंग की नौकरी में मेडिकल अनफिट होकर बाहर हो गए तो उन्होंने ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग क्लास शुरू की। और फिर इसी दौरान मिलेट के बारे में जानकारी प्राप्त हुई और फिर शुरुआत हुई ग्रेनॉक्सी की। हालांकि इससे जुड़ी उनकी कहानी यूं है कि माइनिंग इंजीनियरिंग डिप्लोमा के बाद कोल माइंस की नौकरी के लिए मेडिकल अनफिट कलर ब्लाइंडनेस की वजह से बाहर कर दिया गया था। इस पर शुभम ने हार नहीं मानी और सकारात्‍मक सोच के साथ ऑनलाइन कंप्टीशन एग्जाम की तैयारी करवाने के लिए यूट्यूब चैनल और एप्लीकेशन बनाया, जोकि देखते ही देखते सफलता की ऊंचाइयों को छूने लगा, आज जिसमें लगभग दो लाख से ऊपर बच्चे जुड़ चुके हैं और लगभग 84 बच्चों का शासकीय नौकरी में चयन भी हो चुका है।


    इस बीच शुभम ने सोचा, क्यों न कुछ ऐसा करें जो स्वास्थ्य से जुड़ा हो; अपने आस-पास का जनजाति बहुल्‍य क्षेत्र होने पर परंपरागत मोटे अनाज (मिलेट्स) पर नजर पड़ी, कोदो, कुटकी, रागी, ज्वार, बाजरा जैसे अनाज जो ‘सुपरफूड’ हैं क्योंकि ये पोषक तत्वों से भरपूर हैं। शुभम ने इन पर तीन साल तक रिसर्च की। स्थानीय कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों से सलाह ली। मिलेट्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू बढ़ाने वाली नई तकनीकें विकसित कीं। नतीजा! रस्स, आटा, सूजी, रवा, पास्ता, मैकरोनी, बेकरी आइटम्स और 14 तरह की कुकीज इन मोटे अनाज पर आधार‍ित कर तैयार हो गईं! ये उत्पाद सभी के लिए स्वादिष्ट होने के साथ ही स्‍वास्‍थ्‍य वर्धक भी हैं।

    आपका स्टार्टअप भी चमक सकता है!

    पैसे जुटाने में भी शुभम ने कमाल कर दिखाया। उद्यमियों, और किसानों को जोड़ा, ग्रामीण रोजगार बढ़ाया। राज्‍य के उद्यानिकी विभाग से भी 10 लाख रुपए का आर्थ‍िक सहयोग लिया, एक बैंक उन्‍हें 50 लाख रुपए देने आगे आई, फिर इस पूंजी से दो करोड़ की लागत वाली फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई। नेशनल हाईवे 43 पर बुढ़ार के साबो में स्थित ये यूनिट मध्य प्रदेश के शहडोल संभाग की पहली ऐसी सुविधा है, जहां 12 तरह के मिलेट्स प्रोसेस हो रहे हैं। जर्मनी से आठ (कुल 12 में से) अत्याधुनिक मशीनें मंगाईं, जो एक ही छत के नीचे पूरी प्रोसेसिंग कर रही हैं। एक घंटे में एक टन अनाज तैयार!

    शुभम तिवारी कहते हैं, “सरकारी नौकरी के शुरूआती प्रयासों में असफल होने पर मैंने तुरंत निर्णय ले लिया था कि अब स्‍वयं के लिए नौकरी नहीं चाहिए, वे नौकरी देनेवाले बनेंगे। इसलिए मैं अपनी इस सोच के साथ स्‍वयं को आत्‍मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ा। मेरा तो यही कहना है कि प्रत्‍येक युवा को सकारात्‍मक नजरिया रखते हुए अपने प्रयास जिस भी फील्‍ड में हैं वहां करना चाहिए, सफलता कभी शीघ्र अन्‍यथा कुछ देर से मिलती जरूर है।”

    उनके प्रमोशन का कमाल देखिए! जनवरी 2024 से सोशल मीडिया पर जोर दिया। कोई प्लेटफॉर्म नहीं था तो खुद बनाया। स्कूलों में बच्चों को मिलेट्स के फायदे बताए। नतीजा, 50 हजार किलो से ज्यादा प्री-ऑर्डर मिले! विदेशी बाजारों का सर्वे किया, जिसमें कि अमेरिका, गल्फ कंट्री, श्रीलंका, यूरोप में वहां की डिमांड और दामों का अध्ययन कर कीमतें तय कीं। आज 42 टन का ऑर्डर बुक हो चुका है! श्रीलंका ने 12 टन कोदो राइस, अमेरिका ने 10 टन। सबसे पहले ये विदेशी ऑर्डर पूरे किए जा रहे हैं। स्‍वभाविक है अब मध्‍य प्रदेश के शहडोल का कोदो राइस श्रीलंका-अमेरिका की रसोई तक पहुंचेगा!

    शुभम का व्यक्तित्व प्रेरणा का स्रोत है। सकारात्मक सोच, लगातार प्रयोग यही उनकी सफलता के औजार हैं। उनके इस प्रयास ने आज शहडोल जैसे जनजाति बहुल्‍य क्षेत्र के गरीब किसानों को भी आत्‍मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया है, क्‍योंकि अब किसानों को उनकी फसल के उचित दाम उनके खेत में ही सुलभ हो रहे हैं। शुभम तिवारी की टीम इन किसानों से मोटा अनाज उनके खेत में जाकर एकत्र करती है।


    रोजगार पर फोकस

    शुभम शहडोल संभाग तक ही सीमित नहीं रहे हैं, वे इससे बाहर निकलकर जबलपुर भी अपने नवाचारों को लेकर पहुंचे हैं। जबलपुर के गोरखपुर थाने के पास महर्षि विद्या मंदिर के सामने में ग्रेनॉक्सी सुपरफूड कैफे उन्‍होंने शुरू किया है, जिसमें हेल्दी मिलेट से बने पिज्जा, बर्गर, सैंडविच, इडली, डोसा, कप केक, बिरयानी, पास्ता, नूडल्स मिलते हैं।

    उनका साफ कहना है, “भविष्य में निर्यात बढ़ेगा तो हम अधिक रोजगार देनेवाले बनेंगे, इसके लिए नई युनिट होना भी जरूरी है” वे बताते हैं कि “मैं एसएचजी की महिलाओं को प्रशिक्षण दे रहा हूँ जिससे वो भी सीखकर हमारे साथ या फिर स्वयं का रोजगार शुरू कर सके। इनक्यूबेशन सेंटर और एक्सपोर्ट पर अपने एनजीओ जिसका नाम शुभम करोती कल्याणम यूथ सोसाइटी है, उसके माध्यम से अन्‍यों की सहायता के लिए मैं उन लोगों की मदद के लिए भी आगे आ रहा हूं जिनके पास पैसे का अभाव है वो इन्वेस्टर से जुड़कर पैसे और मेंटरशिप प्राप्त कर सकते हैं और एक्सपोर्ट के माध्यम से अपने प्रोडक्ट्स को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचा सकते हैं।”

    इस बीच शुभम तिवारी ये भी कहते हैं, “जिस तरह से माननीय प्रधानमंत्री जी ने शहडोल को फुटबॉल के लिए वैश्विक मंच पर मिनी ब्राजील के नाम से विश्व विख्यात किया है। उसी तरह से मैं मिलेट (श्री अन्न) को जो ओडीओपी प्रोडक्ट भी हैं, उसके लिए शहडोल को मिलेट हब बनाना चाहता हूं ताकि विश्व स्तर पर यहां का मिलेट लोगों के घर तक पहुंचे।” वे कहते हैं, “मेरा लक्ष्य मुनाफा नहीं, आत्मनिर्भर भारत है।” युवाओं और बेरोजगारों के लिए शुभम तिवारी का संदेश साफ है कि हार मत मानो! रिसर्च करो, सोशल मीडिया अपनाओ, सरकार के अनुदान लो। छोटे से स्टार्टअप से विश्व बाजार तक पहुंचो।

  • मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना का लगाया आरोप

    मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना का लगाया आरोप


    भोपाल । मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्री विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी नाराजगी जाहिर की है। इसी कड़ी में सोमवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मंत्री विजय शाह पर तत्काल केस दर्ज करने और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट रूप से केस दर्ज करने के आदेश दिए जाने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से कोई कदम न उठाया जाना न्यायपालिका की अवहेलना है प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद मंत्री विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई न होना बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर मंत्री को बचाने का प्रयास कर रही है। शर्मा ने कहा कि यह न केवल संविधान का खुला अपमान है, बल्कि देश की जनता और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ भी विश्वासघात है।

    अमित शर्मा ने आगे कहा कि यदि आम नागरिक के खिलाफ ऐसा कोई आदेश होता, तो तुरंत कार्रवाई कर दी जाती, लेकिन मंत्री होने के कारण विजय शाह को विशेष संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा सरकार के लिए कानून और संविधान से ऊपर उसके मंत्री हैं। कांग्रेस महासचिव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। प्रदर्शन में शामिल अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार “कानून का राज” होने का दावा करती है, लेकिन जब बात अपने नेताओं की आती है, तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को भी नजरअंदाज कर दिया जाता है।

    कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका के आदेश सर्वोपरि होते हैं और उनकी अवहेलना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने राज्यपाल से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में मंत्री विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

  • झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से किसान की मौत, गलत इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी हालत, आरोपी फरार

    झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से किसान की मौत, गलत इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी हालत, आरोपी फरार

    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के मिहोना कस्बे में झोलाछाप डॉक्टर की गंभीर लापरवाही से एक किसान की जान चली गई। सर्दी-खांसी के सामान्य इलाज के लिए क्लिनिक पहुंचे 40 वर्षीय किसान को डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपी झोलाछाप डॉक्टर फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मृतक किसान की पहचान जगनपुरा गांव निवासी अखिलेंद्र सिंह राजावत 40 के रूप में हुई है। अखिलेंद्र को सर्दी खांसी और जुकाम की शिकायत थी जिसके चलते वह 13 दिसंबर 2025 की दोपहर इलाज के लिए मिहोना कस्बे के कश्मीर क्षेत्र में संचालित झोलाछाप डॉक्टर विजय बंगाली की क्लिनिक पर गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि सामान्य इलाज के बाद वह जल्द ठीक हो जाएगा लेकिन यह फैसला उसके लिए जानलेवा साबित हुआ।

    इलाज के दौरान जैसे ही डॉक्टर ने अखिलेंद्र को इंजेक्शन लगाया उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इंजेक्शन लगते ही किसान को बेचैनी होने लगी और वह तड़पने लगा। परिजन और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते या उसे किसी बड़े अस्पताल ले जाने का प्रयास करते इससे पहले ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में डॉक्टर की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी झोलाछाप डॉक्टर विजय बंगाली के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के इलाज करना कानूनन अपराध है और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद से ही आरोपी डॉक्टर क्लिनिक बंद कर फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। वहीं इस घटना के बाद इलाके में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे फर्जी डॉक्टर खुलेआम क्लिनिक चला रहे हैं, जिन पर प्रशासन की सख्त निगरानी जरूरी है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात कही गई है।

  • आपको भी होती है नाइट क्रेविंग? तो 10 मिनट में बना लें ये चॉकलेटी पुडिंग..

    आपको भी होती है नाइट क्रेविंग? तो 10 मिनट में बना लें ये चॉकलेटी पुडिंग..


    नई दिल्ली । कई बार ऐसा होता है कि रात के वक्त अचानक कुछ मीठा खाने की जबरदस्त क्रेविंग होने लगती है। पेट तो भरा होता है लेकिन मन मीठा मांगे बिना मानता ही नहीं। ऐसे में बाहर से कुछ ऑर्डर करना या भारी मिठाई खाना सेहत के लिए सही नहीं होता। अगर आप भी इस परेशानी से जूझते हैं तो घर पर बनी आसान चॉकलेट पुडिंग आपकी नाइट क्रेविंग का सबसे अच्छा समाधान है।यह रेसिपी न सिर्फ जल्दी बन जाती है बल्कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी आमतौर पर हर किचन में मिल जाती है। क्रीमी टेक्सचर गाढ़ा चॉकलेटी स्वाद और हल्की मिठास इसे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी का फेवरेट बना देती है।

    Chocolate Pudding Recipeसामग्री: 

    दूध – 1 कप
    कोको पाउडर – 2 टेबलस्पून

    चीनी – 2 से 3 टेबलस्पून (स्वादानुसार)

    कॉर्नफ्लोर – 1 टेबलस्पून

    डार्क चॉकलेट या चॉकलेट चिप्स – 1/4 कप

    वनीला एसेंस – 1/2 टीस्पून

    बनाने की विधि:
    सबसे पहले एक छोटे बाउल में 2–3 टेबलस्पून दूध लें और उसमें कॉर्नफ्लोर को अच्छी तरह घोल लें ताकि कोई गांठ न बने।
    अब एक पैन में बचा हुआ दूध डालें और मध्यम आंच पर गर्म करें। दूध में कोको पाउडर और चीनी डालकर लगातार चलाते रहें।
    जब दूध हल्का गर्म हो जाए तब इसमें कॉर्नफ्लोर वाला मिश्रण डाल दें और आंच धीमी कर दें।
    लगातार चलाते रहें कुछ ही मिनटों में मिश्रण गाढ़ा होने लगेगा।
    अब इसमें डार्क चॉकलेट या चॉकलेट चिप्स डालें और तब तक मिलाएं जब तक चॉकलेट पूरी तरह पिघल न जाए।
    गैस बंद कर दें और आखिर में वनीला एसेंस मिलाएं।आपकी चॉकलेट पुडिंग तैयार है। इसे आप गरमागरम भी खा सकते हैं या ठंडा करके भी सर्व कर सकते हैं।

    गार्निशिंग और हेल्दी टिप्स:
    ऊपर से ड्राई फ्रूट्स चॉकलेट शेविंग्स या बिस्किट क्रम्ब्स डालकर सजाएं।

    हेल्दी ऑप्शन के लिए चीनी की जगह शहद या गुड़ पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    ज्यादा क्रीमी टेक्सचर के लिए दूध की जगह आधा दूध और आधा क्रीम लें।

    रात की मीठी क्रेविंग के लिए यह चॉकलेट पुडिंग हल्की स्वादिष्ट और झटपट बनने वाली परफेक्ट रेसिपी है।

  • Border 2 से पहले अहान शेट्टी ने याद किया अपना फिल्मी सफर, बोले– तड़प से यहां तक पहुंचना आसान नहीं था

    Border 2 से पहले अहान शेट्टी ने याद किया अपना फिल्मी सफर, बोले– तड़प से यहां तक पहुंचना आसान नहीं था


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अहान शेट्टी इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म बॉर्डर 2 को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म की रिलीज से पहले अहान ने अपने अब तक के फिल्मी सफर को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा किया है जिसमें उन्होंने संघर्ष अनिश्चितताओं और सीख से भरे अपने अनुभवों का जिक्र किया है। अहान शेट्टी ने अपनी पोस्ट में अपनी डेब्यू फिल्म तड़प से लेकर अब तक के सफर को शब्दों में पिरोया। उन्होंने लिखा कि तड़प उनके लिए एक सपने की शुरुआत थी, जिसमें उम्मीद डर और कई तरह की भावनाएं शामिल थीं। उस समय सब कुछ नया था और भविष्य को लेकर कई सवाल भी थे। अहान के अनुसार, इसके बाद की राह बिल्कुल आसान नहीं रही।

    अभिनेता ने बताया कि इस दौरान कई बार अनिश्चितता का सामना करना पड़ा और कई संघर्ष ऐसे रहे जो खामोशी में झेलने पड़े। हालांकि इन सभी अनुभवों ने उन्हें धैर्य रखना और जीवन के महत्वपूर्ण सबक सीखना सिखाया। अहान ने लिखा कि तरक्की और अनुभव बिना दर्द के नहीं मिलते और इन्हीं अनुभवों ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनाया है, जिसके लिए वह दिल से आभारी हैं। अपनी आने वाली फिल्म को लेकर उत्साह जाहिर करते हुए अहान शेट्टी ने लिखा कि अब 23 जनवरी 2026 को उनकी दूसरी फिल्म बॉर्डर 2 रिलीज होने में बस कुछ ही समय बाकी है। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक नया अध्याय बताया जो धैर्य मेहनत और विश्वास से जन्मा है। अहान ने कहा कि आज उनका दिल पहले से ज्यादा मजबूत है, भरोसा गहरा हो गया है और सपना पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर महसूस हो रहा है।

    अहान ने अपने प्रशंसकों से अपील करते हुए लिखा कि वह उम्मीद करते हैं कि दर्शक उनके साथ खड़े रहेंगे इस सफर को महसूस करेंगे और बॉर्डर 2 को दिल से समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि दर्शकों का साथ उनके लिए शब्दों से कहीं ज्यादा मायने रखता है। गौरतलब है कि अनुराग सिंह द्वारा निर्देशित बॉर्डर 2 एक मल्टीस्टारर फिल्म है, जिसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी मोना सिंह, मेधा राणा सोनम बाजवा और अन्या सिंह अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने टी-सीरीज के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। देशभक्ति और जज्बे से भरपूर यह फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

  • Vijayasan Mata Mandir: दर्शन मात्र से दूर होते हैं कष्ट, गुप्त नवरात्र में उमड़ता है आस्था का सैलाब

    Vijayasan Mata Mandir: दर्शन मात्र से दूर होते हैं कष्ट, गुप्त नवरात्र में उमड़ता है आस्था का सैलाब


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित विजयासन माता मंदिरगुप्त नवरात्र के दौरान आस्था और भक्ति का अद्भुत केंद्र बन जाता है। माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाए जाने वाले गुप्त नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन काल में मां दुर्गा के स्वरूप विजयासन माता के दर्शन करने मात्र से ही भक्तों के जीवन से कष्ट, बाधाएं और संकट दूर हो जाते हैं। गुप्त नवरात्र का विशेष महत्व साधना और तंत्र-उपासना से जुड़ा माना जाता है। इस दौरान दस महाविद्याओं की पूजा का विधान है, जिसमें साधक विशेष व्रत, अनुष्ठान और मंत्र साधना के माध्यम से सिद्धि प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। विजयासन माता मंदिर में इन नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तों का विश्वास है कि इस अवधि में मां की आराधना करने से शत्रु भय समाप्त होता है, मानसिक शांति मिलती है और जीवन में हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।

    गुप्त नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहता है। सुबह से देर रात तक मां के जयकारों से पहाड़ी गूंजती रहती है। नवरात्र के दौरान यहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मेले का भी आयोजन होता है, जिसमें आसपास के जिलों ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कई भक्त मनोकामना पूरी होने पर विशेष पूजा, चुनरी अर्पण और प्रसाद वितरण भी करते हैं। विजयासन माता की महिमा को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी आस्था है। मान्यता है कि मां अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं और हर कार्य में विजय प्रदान करती हैं। यही कारण है कि परीक्षा, मुकदमे, नौकरी, व्यापार या जीवन की किसी भी कठिन परिस्थिति में फंसे श्रद्धालु यहां आकर माता से प्रार्थना करते हैं। कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई आराधना कभी निष्फल नहीं जाती।

    विजयासन माता मंदिर का स्थान भी इसकी विशेषता को और बढ़ाता है। यह मंदिर सीहोर जिले के सलकनपुर गांव में एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। नवरात्र के दौरान इन सीढ़ियों पर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं, लेकिन मां के दर्शन की आस्था हर थकान को भुला देती है। यदि पहुंचने की बात करें तो श्रद्धालु सड़क और रेल मार्ग से आसानी से सीहोर पहुंच सकते हैं। सीहोर रेलवे स्टेशन से सलकनपुर गांव सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा भोपाल है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। इंदौर मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह स्थान सुगम है। कुल मिलाकर, विजयासन माता मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह विश्वास का प्रतीक भी है, जहां भक्त मां की शरण में जाकर अपने जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं।