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  • आपको भी होती है नाइट क्रेविंग? तो 10 मिनट में बना लें ये चॉकलेटी पुडिंग..

    आपको भी होती है नाइट क्रेविंग? तो 10 मिनट में बना लें ये चॉकलेटी पुडिंग..


    नई दिल्ली । कई बार ऐसा होता है कि रात के वक्त अचानक कुछ मीठा खाने की जबरदस्त क्रेविंग होने लगती है। पेट तो भरा होता है लेकिन मन मीठा मांगे बिना मानता ही नहीं। ऐसे में बाहर से कुछ ऑर्डर करना या भारी मिठाई खाना सेहत के लिए सही नहीं होता। अगर आप भी इस परेशानी से जूझते हैं तो घर पर बनी आसान चॉकलेट पुडिंग आपकी नाइट क्रेविंग का सबसे अच्छा समाधान है।यह रेसिपी न सिर्फ जल्दी बन जाती है बल्कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी आमतौर पर हर किचन में मिल जाती है। क्रीमी टेक्सचर गाढ़ा चॉकलेटी स्वाद और हल्की मिठास इसे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी का फेवरेट बना देती है।

    Chocolate Pudding Recipeसामग्री: 

    दूध – 1 कप
    कोको पाउडर – 2 टेबलस्पून

    चीनी – 2 से 3 टेबलस्पून (स्वादानुसार)

    कॉर्नफ्लोर – 1 टेबलस्पून

    डार्क चॉकलेट या चॉकलेट चिप्स – 1/4 कप

    वनीला एसेंस – 1/2 टीस्पून

    बनाने की विधि:
    सबसे पहले एक छोटे बाउल में 2–3 टेबलस्पून दूध लें और उसमें कॉर्नफ्लोर को अच्छी तरह घोल लें ताकि कोई गांठ न बने।
    अब एक पैन में बचा हुआ दूध डालें और मध्यम आंच पर गर्म करें। दूध में कोको पाउडर और चीनी डालकर लगातार चलाते रहें।
    जब दूध हल्का गर्म हो जाए तब इसमें कॉर्नफ्लोर वाला मिश्रण डाल दें और आंच धीमी कर दें।
    लगातार चलाते रहें कुछ ही मिनटों में मिश्रण गाढ़ा होने लगेगा।
    अब इसमें डार्क चॉकलेट या चॉकलेट चिप्स डालें और तब तक मिलाएं जब तक चॉकलेट पूरी तरह पिघल न जाए।
    गैस बंद कर दें और आखिर में वनीला एसेंस मिलाएं।आपकी चॉकलेट पुडिंग तैयार है। इसे आप गरमागरम भी खा सकते हैं या ठंडा करके भी सर्व कर सकते हैं।

    गार्निशिंग और हेल्दी टिप्स:
    ऊपर से ड्राई फ्रूट्स चॉकलेट शेविंग्स या बिस्किट क्रम्ब्स डालकर सजाएं।

    हेल्दी ऑप्शन के लिए चीनी की जगह शहद या गुड़ पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    ज्यादा क्रीमी टेक्सचर के लिए दूध की जगह आधा दूध और आधा क्रीम लें।

    रात की मीठी क्रेविंग के लिए यह चॉकलेट पुडिंग हल्की स्वादिष्ट और झटपट बनने वाली परफेक्ट रेसिपी है।

  • Border 2 से पहले अहान शेट्टी ने याद किया अपना फिल्मी सफर, बोले– तड़प से यहां तक पहुंचना आसान नहीं था

    Border 2 से पहले अहान शेट्टी ने याद किया अपना फिल्मी सफर, बोले– तड़प से यहां तक पहुंचना आसान नहीं था


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अहान शेट्टी इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म बॉर्डर 2 को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म की रिलीज से पहले अहान ने अपने अब तक के फिल्मी सफर को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा किया है जिसमें उन्होंने संघर्ष अनिश्चितताओं और सीख से भरे अपने अनुभवों का जिक्र किया है। अहान शेट्टी ने अपनी पोस्ट में अपनी डेब्यू फिल्म तड़प से लेकर अब तक के सफर को शब्दों में पिरोया। उन्होंने लिखा कि तड़प उनके लिए एक सपने की शुरुआत थी, जिसमें उम्मीद डर और कई तरह की भावनाएं शामिल थीं। उस समय सब कुछ नया था और भविष्य को लेकर कई सवाल भी थे। अहान के अनुसार, इसके बाद की राह बिल्कुल आसान नहीं रही।

    अभिनेता ने बताया कि इस दौरान कई बार अनिश्चितता का सामना करना पड़ा और कई संघर्ष ऐसे रहे जो खामोशी में झेलने पड़े। हालांकि इन सभी अनुभवों ने उन्हें धैर्य रखना और जीवन के महत्वपूर्ण सबक सीखना सिखाया। अहान ने लिखा कि तरक्की और अनुभव बिना दर्द के नहीं मिलते और इन्हीं अनुभवों ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनाया है, जिसके लिए वह दिल से आभारी हैं। अपनी आने वाली फिल्म को लेकर उत्साह जाहिर करते हुए अहान शेट्टी ने लिखा कि अब 23 जनवरी 2026 को उनकी दूसरी फिल्म बॉर्डर 2 रिलीज होने में बस कुछ ही समय बाकी है। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक नया अध्याय बताया जो धैर्य मेहनत और विश्वास से जन्मा है। अहान ने कहा कि आज उनका दिल पहले से ज्यादा मजबूत है, भरोसा गहरा हो गया है और सपना पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर महसूस हो रहा है।

    अहान ने अपने प्रशंसकों से अपील करते हुए लिखा कि वह उम्मीद करते हैं कि दर्शक उनके साथ खड़े रहेंगे इस सफर को महसूस करेंगे और बॉर्डर 2 को दिल से समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि दर्शकों का साथ उनके लिए शब्दों से कहीं ज्यादा मायने रखता है। गौरतलब है कि अनुराग सिंह द्वारा निर्देशित बॉर्डर 2 एक मल्टीस्टारर फिल्म है, जिसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी मोना सिंह, मेधा राणा सोनम बाजवा और अन्या सिंह अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने टी-सीरीज के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। देशभक्ति और जज्बे से भरपूर यह फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

  • Vijayasan Mata Mandir: दर्शन मात्र से दूर होते हैं कष्ट, गुप्त नवरात्र में उमड़ता है आस्था का सैलाब

    Vijayasan Mata Mandir: दर्शन मात्र से दूर होते हैं कष्ट, गुप्त नवरात्र में उमड़ता है आस्था का सैलाब


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित विजयासन माता मंदिरगुप्त नवरात्र के दौरान आस्था और भक्ति का अद्भुत केंद्र बन जाता है। माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाए जाने वाले गुप्त नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन काल में मां दुर्गा के स्वरूप विजयासन माता के दर्शन करने मात्र से ही भक्तों के जीवन से कष्ट, बाधाएं और संकट दूर हो जाते हैं। गुप्त नवरात्र का विशेष महत्व साधना और तंत्र-उपासना से जुड़ा माना जाता है। इस दौरान दस महाविद्याओं की पूजा का विधान है, जिसमें साधक विशेष व्रत, अनुष्ठान और मंत्र साधना के माध्यम से सिद्धि प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। विजयासन माता मंदिर में इन नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तों का विश्वास है कि इस अवधि में मां की आराधना करने से शत्रु भय समाप्त होता है, मानसिक शांति मिलती है और जीवन में हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।

    गुप्त नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहता है। सुबह से देर रात तक मां के जयकारों से पहाड़ी गूंजती रहती है। नवरात्र के दौरान यहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मेले का भी आयोजन होता है, जिसमें आसपास के जिलों ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कई भक्त मनोकामना पूरी होने पर विशेष पूजा, चुनरी अर्पण और प्रसाद वितरण भी करते हैं। विजयासन माता की महिमा को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी आस्था है। मान्यता है कि मां अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं और हर कार्य में विजय प्रदान करती हैं। यही कारण है कि परीक्षा, मुकदमे, नौकरी, व्यापार या जीवन की किसी भी कठिन परिस्थिति में फंसे श्रद्धालु यहां आकर माता से प्रार्थना करते हैं। कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई आराधना कभी निष्फल नहीं जाती।

    विजयासन माता मंदिर का स्थान भी इसकी विशेषता को और बढ़ाता है। यह मंदिर सीहोर जिले के सलकनपुर गांव में एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। नवरात्र के दौरान इन सीढ़ियों पर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं, लेकिन मां के दर्शन की आस्था हर थकान को भुला देती है। यदि पहुंचने की बात करें तो श्रद्धालु सड़क और रेल मार्ग से आसानी से सीहोर पहुंच सकते हैं। सीहोर रेलवे स्टेशन से सलकनपुर गांव सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा भोपाल है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। इंदौर मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह स्थान सुगम है। कुल मिलाकर, विजयासन माता मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह विश्वास का प्रतीक भी है, जहां भक्त मां की शरण में जाकर अपने जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं।

  • स्मृति मंधाना से ब्रेकअप के बाद पलाश मुच्छल का कमबैक, ‘पुष्पा’ फेम श्रेयस तलपड़े के साथ नई फिल्म का ऐलान

    स्मृति मंधाना से ब्रेकअप के बाद पलाश मुच्छल का कमबैक, ‘पुष्पा’ फेम श्रेयस तलपड़े के साथ नई फिल्म का ऐलान


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना और संगीतकार–निर्देशक पलाश मुच्छल के रिश्ते को लेकर बीते कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर लगातार चर्चाएं हो रही थीं। नवंबर में प्रस्तावित शादी के ऐन वक्त पर रद्द होने और इसके बाद दोनों के अलग होने की पुष्टि ने इस मामले को सुर्खियों में ला दिया था। अब इस पूरे विवाद के बीच पलाश मुच्छल ने अपने करियर को नई दिशा देने का संकेत देते हुए एक बड़े फिल्म प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। पलाश मुच्छल ने व्यक्तिगत जीवन में आए उतार-चढ़ाव को पीछे छोड़ते हुए पूरी तरह से प्रोफेशनल फ्रंट पर फोकस करने का फैसला किया है। उन्होंने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट से स्मृति मंधाना को क्रिकेट ग्राउंड पर किए गए प्रपोजल से जुड़ी सभी यादें हटा दी हैं जिसे उनके मूव ऑन करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इसी क्रम में उन्होंने अपने अगले निर्देशन प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

    मशहूर ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के अनुसार, पलाश की यह अनटाइटल्ड फिल्म अभिनेता श्रेयस तलपड़े के साथ होगी। श्रेयस तलपड़े वही अभिनेता हैं जिन्होंने ब्लॉकबस्टर फिल्म पुष्पा: द राइज के हिंदी वर्जन में अल्लू अर्जुन के किरदार को अपनी आवाज दी थी। अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और गंभीर अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले श्रेयस इस फिल्म में एक आम आदमी की भूमिका निभाते नजर आएंगे।फिल्म की कहानी मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित होगी, जहां एक साधारण व्यक्ति के संघर्ष, सपनों और जिंदगी की सच्चाइयों को पर्दे पर उतारा जाएगा। बताया जा रहा है कि फिल्म का प्री-प्रोडक्शन पूरा हो चुका है और जल्द ही शूटिंग शुरू होने वाली है। यह प्रोजेक्ट पलाश मुच्छल के लिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि यह विवादों के बाद उनका पहला बड़ा क्रिएटिव कमबैक है।

    गौरतलब है कि पलाश मुच्छल और स्मृति मंधाना की शादी 23 नवंबर 2025 को तय थी लेकिन फैमिली इमरजेंसी और मीडिया में पलाश पर लगे धोखाधड़ी के आरोपों के बाद शादी रद्द कर दी गई। 7 दिसंबर को दोनों ने आधिकारिक तौर पर अलग होने की पुष्टि की थी। इसके बाद से ही यह माना जा रहा था कि पलाश अपने करियर को दोबारा संवारने में जुट जाएंगे। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पलाश अब निजी विवादों से दूर रहकर अपने काम के जरिए पहचान बनाना चाहते हैं। श्रेयस तलपड़े जैसे अनुभवी अभिनेता के साथ उनकी यह फिल्म दर्शकों के लिए एक अलग और सशक्त कहानी लेकर आ सकती है। कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट पलाश मुच्छल के लिए एक नई शुरुआत और इंडस्ट्री में मजबूती से वापसी का संकेत माना जा रहा है।

  • दावोस में पर्यटन निवेश पर वैश्विक मंच से मध्यप्रदेश का विज़न रखेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    दावोस में पर्यटन निवेश पर वैश्विक मंच से मध्यप्रदेश का विज़न रखेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    मध्यप्रदेश । देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। प्रदेश, प्रकृति की अनुपम सुंदरता, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, गहन आध्यात्मिक आस्था और विविध वन्य जीवों का अद्भुत संगम है। इन्हीं विशेषताओं और निवेश संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पर्यटन क्षेत्र में निवेश पर केंद्रित सत्र को संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के दूरदर्शी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने पर्यटन को समावेशी और सतत विकास के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित किया है। इसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में प्रदेश में 13.30 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है, जो मध्यप्रदेश के प्रति बढ़ते राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय विश्वास को दर्शाता है।आध्यात्मिक पर्यटन मध्यप्रदेश की प्रमुख पहचान के रूप में स्थापित हुआ है। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में 6.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हो चुका है। इसके साथ ही खजुराहो, सांची, ओरछा, महेश्वर, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र बने हुए हैं।

    राज्य सरकार द्वारा पर्यटन नीति-2025 एवं फिल्म पर्यटन नीति-2025 के माध्यम से निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और सतत पर्यटन विकास को नई दिशा दी गई है। फिल्म पर्यटन नीति-2025 के अंतर्गत मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 81 गांवों में 370 से अधिक होमस्टे विकसित किए गए हैं, जिन्हें 1000 तक विस्तारित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष आय और रोजगार उपलब्ध करा रही है।

    पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो को हवाई संपर्क से जोड़ा गया है। साथ ही पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा के माध्यम से पर्यटकों को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बेस्ट टूरिज्म स्टेट ऑफ द ईयर” सहित 18 राष्ट्रीय पुरस्कार, यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में प्रदेश के 4 धरोहर स्थलों का शामिल होना और देश की 69 यूनेस्को धरोहरों में से 15 का मध्यप्रदेश में स्थित होना प्रदेश की वैश्विक पर्यटन क्षमता और प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करता है। मध्यप्रदेश आज पर्यटन, परंपरा और प्रगति के संगम के साथ वैश्विक निवेशकों और पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • प्रधानमंत्री मोदी के क्रांतिकारी विकास मार्ग पर अग्रसर मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के क्रांतिकारी विकास मार्ग पर अग्रसर मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    मध्यप्रदेश । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में वरिष्ठ संपादक एवं लेखक पद्मश्री श्री आलोक मेहता द्वारा रचित पुस्तक ‘रिवॉल्यूशनरी राज – नरेन्द्र मोदी: 25 इयर्स’ कॉफी टेबल बुक ग्रहण करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर देशी-विदेशी निवेश को आकर्षित कर औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, स्टार्ट-अप्स, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएँ प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा रही हैं।

    यह भेंट-वार्ता दिल्ली से दावोस स्विट्ज़रलैंड में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने से पूर्व हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में पुस्तकों और पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन निर्माण योजना में पुस्तकालयों का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पत्रकारों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कलाकारों को सामाजिक जागरूकता के लिए हर संभव सहयोग, सहायता एवं प्रोत्साहन देती रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तक में उल्लिखित समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में अनुशासन तथा आत्मनिर्भर विकसित भारत के प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए वे पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पुस्तक की विस्तृत भूमिका केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा लिखे जाने को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री शाह, प्रधानमंत्री के संकल्पों को क्रियान्वित करते हुए आतंकवाद और नक्सल समस्या से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं, जिससे देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इसे शिक्षण संस्थानों व पुस्तकालयों तक पहुँचाया जाना चाहिए।उल्लेखनीय है कि पुस्तक का प्रकाशन शुभी पब्लिकेशंस द्वारा किया गया।

  • Ratha Saptami 2026: 25 जनवरी को मनाई जाएगी रथ सप्तमी, सूर्य पूजा और स्नान का विशेष महत्व

    Ratha Saptami 2026: 25 जनवरी को मनाई जाएगी रथ सप्तमी, सूर्य पूजा और स्नान का विशेष महत्व


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सूर्य देव को जीवनऊर्जा और आरोग्य का आधार माना गया है और इन्हीं सूर्य नारायण को समर्पित प्रमुख पर्वों में रथ सप्तमी का विशेष स्थान है। हिंदू पंचांग के अनुसार रथ सप्तमी 2026 इस वर्ष 25 जनवरीरविवार को मनाई जाएगी। यह पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को आता है और इसे सूर्य देव के अवतरण दिवस के रूप में जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन सूर्य की पहली किरण पृथ्वी पर पड़ी थीइसलिए इसे सूर्य जयंती भी कहा जाता है।

    पंचांग के अनुसार सप्तमी तिथि की शुरुआत 24 जनवरी 2026 को रात 12 बजकर 40 मिनट से होगी और इसका समापन 25 जनवरी को रात 11 बजकर 11 मिनट पर होगा। उदया तिथि को मान्यता दिए जाने के कारण रथ सप्तमी का व्रतस्नान और पूजा 25 जनवरी को ही की जाएगी। इस वर्ष यह पर्व रविवार को पड़ रहा हैजो स्वयं सूर्य देव को समर्पित दिन माना जाता है। इसी वजह से इस बार रथ सप्तमी का महत्व और भी बढ़ गया है।

    धार्मिक ग्रंथोंमत्स्य पुराणपद्म पुराण और भविष्य पुराणमें रथ सप्तमी के पुण्य फल का विस्तार से उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक स्नानदान और सूर्य देव की आराधना करने से सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही व्यक्ति को आरोग्यदीर्घायुतेज और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। कई स्थानों पर इस दिन को आरोग्य सप्तमी के रूप में भी मनाया जाता है।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार रथ सप्तमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस वर्ष स्नान का श्रेष्ठ समय सुबह 5 बजकर 32 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। वहीं सूर्य देव को अर्घ्य देनेपूजा और दान के लिए सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक का समय विशेष फलदायी बताया गया है।

    परंपरा के अनुसार श्रद्धालु सूर्योदय के बाद पवित्र जल से स्नान कर तांबे के लोटे में जललाल फूल और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। कई क्षेत्रों में आक और बेर के पत्तों को सिर पर रखकर स्नान करने की परंपरा हैजिसे रोग नाशक माना जाता है। इसके बाद सूर्य मंत्रों का जापव्रत का संकल्प और दान किया जाता है। मंदिरों और तीर्थ स्थलों पर विशेष सूर्य पूजाहवन और सामूहिक अर्घ्यदान के आयोजन होते हैं।धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्य उपासना केवल आध्यात्मिक नहीं बल्कि स्वास्थ्य से भी जुड़ी हुई है। रथ सप्तमी पर सूर्य पूजा को मानसिक शुद्धिआत्मबल और सकारात्मक दृष्टिकोण से जोड़ा जाता है। यही कारण है कि आज भी यह पर्व श्रद्धाआस्था और वैज्ञानिक सोच का सुंदर संगम माना जाता है।

  • मंगलवार की हनुमान पूजा का विशेष महत्व: आसान उपायों से प्रसन्न होते हैं बजरंगबली

    मंगलवार की हनुमान पूजा का विशेष महत्व: आसान उपायों से प्रसन्न होते हैं बजरंगबली


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है लेकिन मंगलवार का दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान की आराधना के लिए जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान और श्रद्धा के साथ की गई पूजा से जीवन की अनेक परेशानियों से राहत मिलती है। यही कारण है कि देशभर में लाखों श्रद्धालु मंगलवार को बजरंगबली की विशेष पूजा करते हैं और इसे संकटों से मुक्ति का मार्ग मानते हैं।

    धार्मिक विद्वानों के अनुसार भगवान हनुमान शक्ति साहस निष्ठा और अटूट भक्ति के प्रतीक हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति मंगलवार के दिन श्रीराम नाम का स्मरण करता है और हनुमान जी की सच्चे मन से आराधना करता है उसकी रक्षा स्वयं पवनपुत्र करते हैं। ऐसी आस्था है कि इससे भय शत्रु बाधा और मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है।मंगलवार को हनुमान जी को नारंगी या लाल रंग का सिंदूर अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। कई श्रद्धालु चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को चढ़ाते हैं और दीपक जलाते हैं। इसके साथ ही चमेली के फूल अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन उपायों से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और वातावरण शांत रहता है।

    कुछ क्षेत्रों में मंगलवार को हनुमान जी को मीठा पान अर्पित करने की भी परंपरा है। इसमें चूना या तंबाकू नहीं डाला जाता। मान्यता है कि ऐसा करने से भय नकारात्मक विचार और शत्रु दोष कम होते हैं। इसके अलावा मंगलवार को लाल रंग की वस्तुओं का दान-जैसे लाल कपड़ा लाल फूल तांबे के बर्तन या बादाम-को मंगल ग्रह की शांति और मजबूती से जोड़ा जाता है।धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि हनुमान जी श्रीराम के परम भक्त हैं। इसलिए मंगलवार को राम नाम का जप हनुमान चालीसा का पाठ और मंदिर जाकर दर्शन-परिक्रमा करने का विशेष महत्व बताया गया है। कई श्रद्धालु इस दिन मंदिर परिसर में बंदरों को फल या चना खिलाते हैं जिसे सेवा और करुणा का प्रतीक माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को कुछ बातों से परहेज भी जरूरी माना गया है। इस दिन मांस-मदिरा का सेवन न करने क्रोध से बचने असत्य बोलने और किसी का अपमान न करने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि संयमित आचरण से पूजा का प्रभाव और फल दोनों बढ़ जाते हैं।
    हालांकि धर्म और ज्योतिष विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि ये सभी उपाय आस्था और परंपरा पर आधारित हैं। इन्हें जीवन की समस्याओं का एकमात्र समाधान नहीं माना जाना चाहिए। इसके बावजूद मंगलवार की हनुमान पूजा को लोग मानसिक शांति आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से जोड़कर देखते हैं जो आज के तनावपूर्ण जीवन में एक बड़ा सहारा बनती है।

  • इंदौर में प्रदूषित जल आपूर्ति मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति गठि

    इंदौर में प्रदूषित जल आपूर्ति मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति गठि


    इंदौर। इंदौर नगर में हाल ही में सामने आए प्रदूषित जल आपूर्ति के गंभीर घटनाक्रम को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की विस्तृत समीक्षा निष्कर्ष और भविष्य के लिए ठोस अनुशंसाएं तैयार करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने एक उच्चस्तरीय राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं।

    राज्य स्तरीय समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल करेंगे। समिति में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि तथा आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोडवे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। वहीं आयुक्त इंदौर संभाग श्री सुदाम खाड़े को समिति का सदस्य-सचिव नामित किया गया है।समिति का मुख्य कार्य इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित प्रदूषित जल आपूर्ति की घटना के वास्तविक कारणों का गहन परीक्षण करना होगा। इसके अंतर्गत घटना से जुड़े सभी आवश्यक तथ्यों की जांच की जाएगी साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रशासनिक तकनीकी अथवा प्रबंधन स्तर पर कहां और किस प्रकार की चूक हुई।

    समिति को यह अधिकार दिया गया है कि वह घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर सके। इसके साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव और अनुशंसाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी। जांच के दौरान समिति ऐसे अन्य विषयों को भी शामिल कर सकेगी जो जांचाधीन मामलों में आवश्यक या अनुषांगिक माने जाएं।जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए समिति को संबंधित विभागों से आवश्यक अभिलेख प्रतिवेदन और जानकारी प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर समिति द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण भी किया जा सकेगा ताकि जमीनी हकीकत का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके।

    राज्य सरकार ने समिति को यह निर्देश दिए हैं कि वह अपनी जांच यथाशीघ्र पूरी करे और अधिकतम एक माह की अवधि के भीतर अपना विस्तृत प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करे। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई जिम्मेदारी तय करने और सुधारात्मक कदम उठाए जाने की संभावना है।गौरतलब है कि इंदौर जैसे बड़े नगर में जल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन पर असर डालती है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा गठित यह समिति न केवल इस घटना की तह तक पहुंचने का प्रयास करेगी बल्कि भविष्य में सुरक्षित और स्वच्छ जल आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

  • भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी

    भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी के छोला मंदिर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रहने के ठिकाने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
    शादी के 14 महीने और मौत का मंजर मृतक महिला और आरोपी पति हेमराज जो पेशे से सब्जी का ठेला लगाता है दोनों की यह दूसरी शादी थी। महज 14 महीने पहले ही दोनों एक-दूसरे के साथ वैवाहिक बंधन में बंधे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच रहने की जगह को लेकर अनबन चल रही थी। हेमराज चाहता था कि वे अपने पैतृक गांव में जाकर रहें जबकि पत्नी भोपाल शहर को छोड़कर गांव जाने के लिए तैयार नहीं थी।विवाद ने लिया हिंसा का रूप घटना वाले दिन इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई।
    विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर हेमराज ने अपनी पत्नी का गला दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घबराया नहीं बल्कि उसने खुद ही पत्नी के मायके वालों को फोन कर घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सूचना मिलते ही छोला थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पति को पकड़ लिया गया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बाद हत्या की धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।