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  • OTT पर देखें ये 5 क्राइम फिल्में, सच्ची घटनाओं पर आधारित और IMDb रेटिंग में टॉप

    OTT पर देखें ये 5 क्राइम फिल्में, सच्ची घटनाओं पर आधारित और IMDb रेटिंग में टॉप


    नई दिल्ली। आज के समय में रोमांटिक फिल्मों की तुलना में दर्शक क्राइम और सच्ची घटनाओं पर आधारित थ्रिलर फिल्मों और वेब सीरीज को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसी ट्रेंड को देखते हुए फिल्ममेकर नई-नई क्राइम कहानियों को बड़े पर्दे और OTT प्लेटफॉर्म पर ला रहे हैं। ऐसी फिल्में न केवल दर्शकों को झकझोर देती हैं बल्कि सोचने पर मजबूर भी करती हैं। अगर आप भी क्राइम थ्रिलर के शौकीन हैं तो हम आपको आज ऐसे ही 5 क्राइम फिल्मों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आप आसानी से OTT पर देख सकते हैं।

    बाटला हाउस
    बाटला हाउस साल 2008 के वास्तविक बाटला हाउस मुठभेड़ पर आधारित है। इस फिल्म ने क्राइम की जटिलताओं को बड़े पर्दे पर रियलिस्टिक तरीके से पेश किया है। जॉन अब्राहम, मृणाल ठाकुर मनोज पाहवा, राजेश शर्मा और अपारशक्ति खुराना इसमें मुख्य भूमिका में हैं। इसे Amazon Prime Video पर देखा जा सकता है। IMDb पर इसे 7.2/10 रेटिंग मिली है।

    तलवार
    2008 के आरुषि तलवार और हेमराज के दोहरे हत्याकांड पर आधारित ‘तलवार’ पूरी तरह से सच्ची घटना पर आधारित है। इस फिल्म में इरफान खान एक ऐसे जांचकर्ता का किरदार निभाते हैं जो एक 14 वर्षीय लड़की की हत्या के मामले को सुलझाने की कोशिश करता है। फिल्म में कोइना मित्रा और तब्बू भी लीड रोल में हैं। इसे Amazon Prime Video पर देखा जा सकता है। IMDb रेटिंग 8.1/10 है।

    रमन राघव 2.0
    साइकोलॉजिकल थ्रिलर के शौकीनों के लिए ‘रमन राघव 2.0’ बेहतरीन ऑप्शन है। यह फिल्म 1960 के दशक में मुंबई में हुए कुख्यात सीरियल किलर रमन राघव की क्राइम स्टोरी पर आधारित है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विक्की कौशल ने इसमें लीड रोल निभाया है। इसे YouTube और Zee5 पर देखा जा सकता है। IMDb रेटिंग 7.3/10 है।

    नो वन किल्ड जेसिका
    दिल्ली की मॉडल और बारटेंडर जेसिका लाल हत्या कांड पर आधारित नो वन किल्ड जेसिका ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया। राज कुमार गुप्ता निर्देशित इस फिल्म में रानी मुखर्जी और विद्या बालन ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसे Netflix पर देखा जा सकता है। IMDb रेटिंग 7.2/10 है।

    ब्लैक फ्राइडे
    ब्लैक फ्राइडे साल 1993 के मुंबई बम धमाकों पर आधारित है। फिल्म ने धमाकों और उनके बाद हुई जांच को बारीकी से पेश किया है। केकट मेनन, पवन मल्होत्रा, आदित्य श्रीवास्तव और श्वेता मेनन इसमें मुख्य भूमिका में हैं। इसे YouTube पर देखा जा सकता है। IMDb रेटिंग 8.4/10 है।इन पांचों फिल्मों ने न केवल दर्शकों को क्राइम और थ्रिल का सशक्त अनुभव दिया है बल्कि सच्ची घटनाओं को पर्दे पर जीवंत रूप में पेश करके सोचने पर मजबूर भी किया है। अगर आप भी क्राइम थ्रिलर और सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्में पसंद करते हैं तो ये टॉप-5 फिल्में आपके OTT वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए।

  • पांगरी बांध परियोजना: अब बच्चों ने संभाली आंदोलन की कमान; CM को लिखा पत्र, माँगा जमीन का दोगुना मुआवजा

    पांगरी बांध परियोजना: अब बच्चों ने संभाली आंदोलन की कमान; CM को लिखा पत्र, माँगा जमीन का दोगुना मुआवजा


    बुरहानपुर । मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में पांगरी बांध परियोजना को लेकर चल रहा विवाद अब एक भावुक मोड़ पर पहुँच गया है। अपनी पुश्तैनी जमीन और आजीविका बचाने की जंग लड़ रहे किसानों के बाद अब उनके मासूम बच्चों ने भी आंदोलन के मैदान में कदम रख दिया है। रविवार को प्रभावित किसानों के छोटे-छोटे बच्चों ने हाथों में विरोध की तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम पत्र लिखकर अपनी व्यथा सुनाई। बच्चों की एक ही मांग है हमारी जमीन का सही दाम दो, हमें दोगुना मुआवजा दो।

    अनोखे प्रदर्शनों के बाद भी सरकार मौन मुआवजे की मांग को लेकर पांगरी बांध प्रभावित किसान लंबे समय से संघर्षरत हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के कारण आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसान इससे पहले अपनी बात सरकार तक पहुँचाने के लिए ‘पत्थर खाओ आंदोलन’, ‘भैंस के आगे बीन बजाना’ और ‘अर्धनग्न प्रदर्शन’ जैसे कई अनूठे तरीके अपना चुके हैं। इन तमाम कोशिशों के बावजूद जब शासन-प्रशासन की नींद नहीं टूटी, तो अब घर के नौनिहालों ने अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए मोर्चा खोल दिया है।

    हाथों में तख्तियां और आँखों में भविष्य की चिंता रविवार का नजारा बेहद हृदयविदारक था, जब स्कूल जाने की उम्र वाले बच्चे अपने माता-पिता के साथ आंदोलन स्थल पर डटे नजर आए। बच्चों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर मुख्यमंत्री से गुहार लगाते संदेश लिखे थे। बच्चों का कहना है कि उनकी जमीन ही उनके भविष्य का आधार है; यदि उसका उचित मुआवजा नहीं मिला, तो उनकी पढ़ाई और जीवन पर संकट आ जाएगा। उन्होंने पत्र के माध्यम से मांग की है कि वर्तमान बाजार दर के हिसाब से जमीन का दोगुना मुआवजा दिया जाए ताकि विस्थापन के बाद परिवार दोबारा खड़ा हो सके।

    बढ़ता दबाव और प्रशासनिक चुनौती किसानों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत उनकी बर्बादी से न चुकाई जाए। बच्चों के आंदोलन में कूदने से इस मामले ने अब मानवीय और नैतिक रूप ले लिया है, जिससे जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर बच्चों के प्रदर्शन की तस्वीरें वायरल होने के बाद अब इस मुद्दे पर प्रदेश भर की नजरें टिकी हैं। पांगरी बांध परियोजना का भविष्य फिलहाल अधर में नजर आ रहा है, क्योंकि किसान अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन बच्चों की पुकार पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या प्रशासन संवाद का कोई नया रास्ता खोज पाता है।

  • परेश रावल ने कहा आप हमारी शान हैं एआर रहमान को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल

    परेश रावल ने कहा आप हमारी शान हैं एआर रहमान को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल


    नई दिल्ली। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर एआर रहमान AR Rahman इन दिनों अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एआर रहमान ने कहा था कि उन्हें पिछले 8 साल से बॉलीवुड में काम नहीं मिल रहा है और इसके पीछे उनकी राय में सांप्रदायिक कारण भी हो सकते हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने उनके इस बयान को विवादास्पद मानाजबकि कुछ ने उन्हें सपोर्ट किया।

    बयान के कारण घिरे एआर रहमान ने खुद सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। रहमान ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल अपने अनुभव साझा करना था। इस सफाई वीडियो के सामने आने के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।इसी बीच बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता परेश रावल ने एआर रहमान के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी। एक फैन पेज द्वारा साझा किए गए रहमान के सफाई वीडियो को शेयर करते हुए परेश रावल ने लिखा,हम आपको प्यार करते हैं सर। आप हमारी शान हैं। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर नया बवाल शुरू हो गया। कई यूजर्स ने परेश रावल की इस तारीफ पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    कुछ यूजर्स ने सीधे तौर पर सवाल उठाए कि क्यों परेश रावल ने तब चुप्पी साधी जब रहमान ने कहा कि मुस्लिम होने के कारण उन्हें भारत में काम नहीं मिल रहा। एक यूजर ने लिखा,आप उनसे प्यार कर सकते हैंठीक हैलेकिन तब आपने कुछ क्यों नहीं कहा? वहींएक अन्य ने लिखा,परेश जीआप इन्हें देश की शान कैसे कह सकते हैंइन्होंने हिंदुओं और भारत का अपमान किया है।इस पूरे विवाद ने एक बार फिर बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर धर्मपहचान और पेशेवर अवसरों पर बहस को जन्म दिया है। एआर रहमान की सफाई वीडियो और परेश रावल के समर्थन ने दोनों ही पक्षों को सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना दिया है।हालांकि परेश रावल का कहना है कि उनका यह बयान सिर्फ एआर रहमान की कला और संगीत की गुणवत्ता की सराहना के लिए थान कि उनके किसी बयान का समर्थन। उन्होंने रहमान कोप्राइड बताते हुए उनके योगदान को सराहा।

    इस मामले ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया पर किसी भी बड़े हस्ती के बयान या रिएक्शन को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया कितनी तीव्र हो सकती है। जहां एक तरफ एआर रहमान अपने अनुभव साझा करने के लिए सामने आएवहीं दूसरी तरफ उनके समर्थक और आलोचक दोनों ही अपनी राय में अडिग नजर आए।वास्तव मेंयह घटना बॉलीवुड में धर्म और पेशेवर अवसरों को लेकर चल रही संवेदनशील बहस का एक और उदाहरण है। एआर रहमान के बयान और परेश रावल के समर्थन ने इस बहस को और तेज कर दिया है।

  • कृषि मंत्री के गृह जिले मुरैना में मिट्टी परीक्षण; का बड़ा खेल: 3000 फर्जी किसानों के नाम पर करोड़ों का घपला, तेलंगाना तक जुड़े तार

    कृषि मंत्री के गृह जिले मुरैना में मिट्टी परीक्षण; का बड़ा खेल: 3000 फर्जी किसानों के नाम पर करोड़ों का घपला, तेलंगाना तक जुड़े तार


    मुरैना । मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना के गृह जिले मुरैना से भ्रष्टाचार का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ मिट्टी परीक्षण के नाम पर कागजों में ही खेती और किसान पैदा कर दिए गए। हैरानी की बात यह है कि निजी लैबों ने अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर मुरैना में बैठकर शहडोल, भिलाई, नागदा और यहाँ तक कि तेलंगाना के किसानों के नाम पर फर्जी ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ जारी कर दिए। इस बड़े फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी खजाने को लाखों-करोड़ों की चपत लगाने की आशंका जताई जा रही है।

    निजी हाथों में कमान और शुरू हुआ भ्रष्टाचार का खेल उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले वर्ष मिट्टी परीक्षण की जिम्मेदारी निजी लैबों को सौंप दी थी। इसका उद्देश्य किसानों को उनके खेत की मिट्टी की गुणवत्ता की सटीक जानकारी देना था, ताकि वे सही उर्वरकों का उपयोग कर सकें। लेकिन निजी लैब संचालकों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया। उन्होंने न तो खेत देखे और न ही मिट्टी के नमूने लिए, बल्कि दफ्तरों में बैठकर ही किसान, खेत और फसलों का फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर लिया।

    हजारों किलोमीटर दूर के किसानों का मुरैना में ‘परीक्षण’ जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे सरकारी सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी हैं। मुरैना की इन लैबों ने तीन हजार से अधिक ऐसे किसानों के सॉइल हेल्थ कार्ड जारी किए हैं, जिनका वजूद ही जिले में नहीं है। इनमें मध्य प्रदेश के अन्य जिलों जैसे शहडोल और नागदा के अलावा छत्तीसगढ़ के भिलाई और दक्षिण भारत के राज्य तेलंगाना तक के फर्जी नाम शामिल हैं। सवाल यह उठता है कि हजारों किलोमीटर दूर के खेतों की मिट्टी परीक्षण के लिए मुरैना कैसे पहुँची और अधिकारियों ने बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान की फाइलें कैसे आगे बढ़ा दीं?

    कृषि विभाग और लैब संचालकों की मिलीभगत यह पूरा फर्जीवाड़ा कृषि विभाग के अधिकारियों और निजी लैब संचालकों की गहरी मिलीभगत का नतीजा माना जा रहा है। सरकार प्रति सॉइल हेल्थ कार्ड लैब को एक निश्चित राशि का भुगतान करती है। इसी राशि को डकारने के लिए कागजों पर फर्जी किसानों की फौज खड़ी कर दी गई। कृषि मंत्री के गृह जिले में ही इस तरह का खेल होने से विभाग में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में सरकार क्या कार्रवाई करती है। क्या केवल छोटी मछलियों पर गाज गिरेगी या इस सिंडिकेट को चलाने वाले बड़े अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा? इस खुलासे के बाद अब पूरे प्रदेश में संचालित निजी लैबों की जांच की मांग उठने लगी है।

  • ग्वालियर-इटावा हाईवे पर सुरक्षा का 'कवच': पेड़ों पर चमकेंगे रेडियम रिफ्लेक्टर, बेसहारा पशुओं को भी पहनाई जाएगी सुरक्षा बेल्ट

    ग्वालियर-इटावा हाईवे पर सुरक्षा का 'कवच': पेड़ों पर चमकेंगे रेडियम रिफ्लेक्टर, बेसहारा पशुओं को भी पहनाई जाएगी सुरक्षा बेल्ट


    भिंड । ग्वालियर-इटावा नेशनल हाईवे 719 पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और वाहन चालकों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए भिंड यातायात पुलिस ने एक सराहनीय मुहिम शुरू की है। हाईवे किनारे स्थित जानलेवा बन चुके पेड़ों के कारण होने वाले हादसों को देखते हुए अब उन पर ट्री स्टर्ड रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हाईवे पर अक्सर हादसों का कारण बनने वाले बेसहारा पशुओं की सुरक्षा और उनसे होने वाली टक्करों को रोकने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है।

    हादसे से सबक लेकर शुरू हुआ अभियान इस विशेष अभियान की शुरुआत हाल ही में हुए एक सड़क हादसे से सबक लेते हुए की गई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले ग्वालियर-इटावा हाईवे पर एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे एक विशाल पेड़ से टकरा गई थी। गनीमत रही कि कार के एयरबैग समय पर खुल गए और उसमें सवार महिला की जान बच गई। इस घटना के बाद यातायात पुलिस ने उन सभी स्थानों और पेड़ों को चिह्नित किया, जो रात के अंधेरे या धुंध में वाहन चालकों को नजर नहीं आते और हादसों का सबब बनते हैं।

    क्वारी नदी पुल से सूर्या होटल तक बिछाया सुरक्षा जाल यातायात पुलिस द्वारा संचालित यह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इटावा रोड स्थित क्वारी नदी पुल से लेकर ग्वालियर रोड स्थित सूर्या होटल तक के क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े पेड़ों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। ये रिफ्लेक्टर रात के समय वाहनों की लाइट पड़ते ही चमक उठते हैं, जिससे चालक को दूर से ही सड़क की सीमा और किनारे लगे पेड़ों का आभास हो जाता है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के सड़क से उतरकर टकराने की आशंका काफी कम हो गई है।

    पशुओं पर भी लगेगा रेडियम, सुरक्षित होगा सफर पेड़ों के साथ-साथ हाईवे पर आवारा घूमने वाले मवेशी भी एक बड़ी चुनौती हैं। पुलिस प्रशासन ने निर्णय लिया है कि हाईवे पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं के गले या सींगों पर भी रेडियम रिफ्लेक्टर बेल्ट लगाए जाएंगे। अक्सर रात में काले या गहरे रंग के पशु सड़क के बीच में बैठे होने पर दिखाई नहीं देते, जिससे भीषण दुर्घटनाएं होती हैं। रेडियम बेल्ट लगने से दूर से ही चालक को पशु की मौजूदगी का पता चल जाएगा। यातायात पुलिस का यह दोहरा सुरक्षा चक्र हाईवे पर होने वाली जनहानि को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा।

  • सीतानदी अभयारण्य में बिखरी जैव विविधता की छटा: शावकों संग अठखेलियां करते दिखे तेंदुए, दुर्लभ वीडियो ने मोह लिया मन

    सीतानदी अभयारण्य में बिखरी जैव विविधता की छटा: शावकों संग अठखेलियां करते दिखे तेंदुए, दुर्लभ वीडियो ने मोह लिया मन

    धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित ‘सीतानदी अभयारण्य’ एक बार फिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध वन्य जीवन के कारण सुर्खियों में है। सोमवार को इस अभयारण्य क्षेत्र से वन्यजीवों के कुछ ऐसे दुर्लभ और मनोहारी वीडियो सामने आए हैं, जिन्होंने प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव विशेषज्ञों को उत्साहित कर दिया है। इन वीडियो में जंगल की गहराई में छिपी जैव विविधता की एक शानदार झलक देखने को मिल रही है, जहाँ वन्य प्राणी अपने प्राकृतिक आवास में बेखौफ विचरण करते नजर आ रहे हैं।

    तेंदुए के कुनबे ने खींचा सबका ध्यान सामने आए वीडियो में सबसे खास नजारा एक तेंदुए के परिवार का है। वीडियो में दो वयस्क तेंदुए अपने शावक के साथ दिखाई दे रहे हैं। शावक को अपनी माँ के साथ सुरक्षित माहौल में अठखेलियां करते देखना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि सीतानदी का यह घना जंगल वन्यजीवों के प्रजनन और उनके वंश वृद्धि के लिए पूरी तरह अनुकूल है। तेंदुओं का इस तरह अपने परिवार के साथ दिखना दुर्लभ माना जाता है और यह क्षेत्र में बेहतर ईको-सिस्टम का संकेत देता है।

    स्वच्छंद विचरण करते वन्य जीव सोशल मीडिया और वन विभाग के गलियारों में चर्चा का विषय बने इन वीडियो में केवल तेंदुए ही नहीं, बल्कि जंगल के अन्य बाशिंदे भी अपने स्वाभाविक व्यवहार में नजर आ रहे हैं। कहीं कुछ वन्य प्राणी तेजी से जंगल की पगडंडियों को पार करते दिख रहे हैं, तो कहीं शांति से चरते हुए। कैमरों में कैद यह गतिविधियां बताती हैं कि मानवीय हस्तक्षेप कम होने और वन विभाग की मुस्तैदी के कारण यहाँ का वन्य जीवन सुरक्षित और खुशहाल है।

    पर्यटन और संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के वीडियो सामने आने से न केवल सीतानदी अभयारण्य के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में ईको-टूरिज्म को भी नया आयाम मिलेगा। जैव विविधता की यह झलक यह संदेश देती है कि यदि वनों को संरक्षित रखा जाए, तो लुप्तप्राय प्रजातियां भी फल-फूल सकती हैं। यह वीडियो वर्तमान में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता की एक छोटी सी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण बानगी है।

  • बीजापुर में माओवादियों की साजिश का शिकार हुआ मासूम: IED विस्फोट की चपेट में आने से 20 वर्षीय आदिवासी युवक की मौत

    बीजापुर में माओवादियों की साजिश का शिकार हुआ मासूम: IED विस्फोट की चपेट में आने से 20 वर्षीय आदिवासी युवक की मौत


    बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में माओवादियों द्वारा बिछाए गए बारूदी जाल ने एक और मासूम ग्रामीण की जान ले ली है। जिले के कस्तुरीपाड गांव के पास हुए एक शक्तिशाली आईईडी IED विस्फोट में एक 20 वर्षीय आदिवासी युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर बस्तर के अंदरूनी इलाकों में ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माओवादियों द्वारा सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए लगाए गए ये विस्फोटक अब स्थानीय आदिवासियों के लिए काल बन रहे हैं।

    दैनिक कार्यों के दौरान हुआ हादसा पुलिस अधीक्षक एसपी कार्यालय से सोमवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना रविवार को घटित हुई। कस्तुरीपाड निवासी आयता कुहरामी 20 वर्ष अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए गांव के पास ही स्थित जंगली इलाके की ओर गया था। इसी दौरान रास्ते में माओवादियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए एक प्रेशर आईईडी पर उसका पैर पड़ गया। पैर पड़ते ही एक जबरदस्त धमाका हुआ, जिसकी चपेट में आने से आयता की मौके पर ही मौत हो गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के पेड़ों को भी नुकसान पहुँचा है।

    इलाके में दहशत का माहौल इस घटना के बाद से कस्तुरीपाड और आसपास के गांवों में मातम और दहशत का माहौल व्याप्त है। मृतक आयता महज 20 वर्ष का था और अपने परिवार का सहारा था। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि माओवादी अक्सर सुरक्षाबलों को नुकसान पहुँचाने के लिए रास्तों और पगडंडियों पर विस्फोटक लगा देते हैं, लेकिन इनकी पहचान करना आम नागरिकों के लिए असंभव होता है। आए दिन होने वाले इन धमाकों के कारण अब ग्रामीण अपने ही खेतों और जंगलों में जाने से कतराने लगे हैं।

    पुलिस की अपील और सर्च ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षाबल मौके पर पहुँचे और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस प्रशासन ने इस कायराना हरकत की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगलों में अनजान रास्तों पर जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध वस्तु दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। फिलहाल, इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है ताकि अन्य संभावित विस्फोटकों को समय रहते नष्ट किया जा सके।

  • धमतरी में ऑटोमेटिक ई-चालान का आतंक: 'उटपटांग' कट रहे चालानों से जनता त्रस्त, अब कलेक्टर करेंगे राहत की पहल

    धमतरी में ऑटोमेटिक ई-चालान का आतंक: 'उटपटांग' कट रहे चालानों से जनता त्रस्त, अब कलेक्टर करेंगे राहत की पहल

    धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए लागू की गई हाईटेक ई-चालान प्रणाली अब आम जनता के लिए गले की फांस बन गई है। आरटीओ और यातायात विभाग द्वारा शुरू किए गए ऑटोमेटिक ऑनलाइन ई-चालान सिस्टम से वाहन चालक इस कदर परेशान हैं कि शिकायतों का अंबार लग गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करने के संकेत दिए हैं। लगातार मिल रही शिकायतों से खुद जिला कलेक्टर भी असहज महसूस कर रहे हैं और उन्होंने आम जनता को इस ‘तकनीकी प्रताड़ना’ से राहत दिलाने के लिए पहल शुरू कर दी है।

    तकनीक का अजीब व्यवहार और चालान की मार शहर के प्रमुख चौराहों पर लगाए गए हाईटेक कैमरे वाहन चालकों के लिए खौफ का कारण बन गए हैं। यह सिस्टम चलते वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन कर स्वतः ही चालान जनरेट कर देता है। वाहन चालकों का आरोप है कि यह प्रणाली कई बार बिना किसी ठोस यातायात उल्लंघन के ही भारी-भरकम चालान काट रही है। सोमवार को अपनी व्यथा सुनाते हुए कई चालकों ने बताया कि उन्हें ऐसे अपराधों के लिए उटपटांग चालान भेजे जा रहे हैं, जो उन्होंने किए ही नहीं। जब अचानक मोबाइल पर चालान का मैसेज पहुंचता है, तो वाहन चालक यह समझ ही नहीं पाते कि आखिर उनसे गलती कहाँ हुई।

    बढ़ता जन आक्रोश और प्रशासनिक सक्रियता बिना मानवीय हस्तक्षेप के कट रहे इन ऑनलाइन चालानों ने लोगों की जेब पर भारी बोझ डाल दिया है। कई मामलों में तो कैमरे की तकनीकी खराबी के कारण भी गलत चालान जारी होने की बात सामने आई है। रोजमर्रा के काम से घर से निकलने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह सिस्टम एक बड़ी मानसिक और आर्थिक परेशानी बन चुका है। कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुँच रही शिकायतों की बाढ़ ने प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

    कलेक्टर की पहल से जगी उम्मीद मामले की गंभीरता और जनता की नाराजगी को देखते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे इस सिस्टम की समीक्षा करेंगे। शिकायतों के निवारण के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने और गलत तरीके से कटे चालानों को रद्द करने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। कलेक्टर की इस सक्रियता से अब धमतरी की जनता को उम्मीद बंधी है कि उन्हें कैमरों की इस मनमानी से जल्द निजात मिलेगी और यातायात नियमों के नाम पर हो रही इस तकनीकी धांधली पर अंकुश लगेगा।

  • मैहर में नशे पर बड़ी कार्रवाई: 40 लाख का गांजा जब्त, भूंसे के नीचे छिपाकर रखा था चार क्विंटल मादक पदार्थ

    मैहर में नशे पर बड़ी कार्रवाई: 40 लाख का गांजा जब्त, भूंसे के नीचे छिपाकर रखा था चार क्विंटल मादक पदार्थ


    मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए गांजे की भारी खेप बरामद की है। उचेहरा थाना क्षेत्र के सखौंहा खुर्द गांव में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने भूंसे के नीचे छिपाकर रखा गया करीब चार क्विंटल गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 40 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उचेहरा थाना पुलिस को लंबे समय से क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसी कड़ी में मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात विशेष टीम गठित कर सखौंहा खुर्द गांव में छापा मारा गया। यह कार्रवाई गांव निवासी रामाधार चौधरी के घर पर की गई, जहां मादक पदार्थ छिपाए जाने की आशंका जताई गई थी।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर के एक हिस्से में रखे भूंसे को हटाकर तलाशी ली, तो उसके नीचे प्लास्टिक की 15 बोरियां रखी हुई मिलीं। जब बोरियों को खोलकर देखा गया, तो उनमें गांजा भरा हुआ पाया गया। तौल करने पर कुल गांजे का वजन करीब चार क्विंटल निकला। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने से पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने मौके से आरोपी रामाधार चौधरी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद उसे एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से गांजे के अवैध कारोबार में संलिप्त था और इसे आसपास के जिलों सहित अन्य राज्यों में खपाने की तैयारी में था। हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप का माहौल है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि गांव में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा लंबे समय से छिपाकर रखा गया था, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उचेहरा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी का संबंध किसी अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह से है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

  • मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जहाँ एक 14 वर्षीय किशोरी सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई है। अमरपाटन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में तीन अज्ञात बदमाशों ने किशोरी को बंधक बनाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।दोस्तों के साथ गई थी घूमने जानकारी के अनुसार, कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली किशोरी शनिवार को अपने दो दोस्तों के साथ घर से घूमने के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने डरा-धमकाकर किशोरी के दोस्तों को वहां से भगा दिया या उन्हें किनारे कर किशोरी को जबरन बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपी उसे पास के एक घने जंगल की ओर ले गए।

    जंगल में दरिंदगी और जख्मी हालत में वापसी पीड़िता के अनुसार, सुनसान जंगल का फायदा उठाकर तीनों अज्ञात युवकों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। दरिंदगी की इस घटना के बाद आरोपी पीड़िता को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद दहशत और सदमे में डूबी किशोरी किसी तरह अगले दिन यानी रविवार को लहूलुहान और जख्मी हालत में अपने घर पहुंची। अपनी बेटी की हालत देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई जिसके बाद किशोरी ने आपबीती सुनाई। पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल जांच परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना अमरपाटन थाना पुलिस को दी।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट POCSO Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पीड़िता को तत्काल उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और घटना स्थल के आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दरिंदों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कठोरतम सजा दी जाए।