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  • जयपुर में नगर निगम की सख्त कार्रवाई: किशनपोल जोन में पांच अवैध भवन और दुकानें सीज

    जयपुर में नगर निगम की सख्त कार्रवाई: किशनपोल जोन में पांच अवैध भवन और दुकानें सीज


    जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में नगर निगम ने शहर में बढ़ते अवैध निर्माणों के खिलाफ शनिवार को सख्त कार्रवाई की। किशनपोल जोन में नगर निगम की टीम ने बिना अनुमति और अवैध तरीके से निर्माण किए जा रहे पांच भवन और दुकानों को सीज कर दिया। इस कार्रवाई का नेतृत्व किशनपोल जोन के राजस्व अधिकारी सुनील कुमार ने किया, जबकि नगर निगम उपायुक्त विजेन्द्र सिंह ने इसे सीधे निर्देशित किया।

    नगर निगम के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन भवनों और दुकानों में निर्माण कार्य स्वीकृत नक्शे और उपविधियों के विपरीत चल रहा था। इससे पहले संबंधित भवन मालिकों और दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन वे निर्माण रोकने के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे। ऐसे में निगम ने कठोर कदम उठाते हुए अवैध निर्माण को सीज करने का निर्णय लिया।

    इस दौरान निगम टीम ने पुलिस जाब्ता के साथ संयुक्त निरीक्षण किया और निर्माण स्थल पर अवैध गतिविधियों को तुरंत रोका। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई नगर निगम की शहरी नियोजन और सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नगर निगम का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण की रोकथाम के लिए आगे भी नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    विशेष रूप से नगर निगम ने चेतावनी दी है कि शहर में बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ भविष्य में और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे ऐसे मामलों की सूचना तुरंत नगर निगम को दें ताकि समय रहते अवैध निर्माण रोका जा सके। किशनपोल जोन में यह कार्रवाई नगर निगम की शहर में अवैध निर्माण पर नजर रखने की नीति को दर्शाती है। निगम का लक्ष्य है कि जयपुर शहर का शहरी ढांचा नियामक ढांचे के अनुसार सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहे।

  • भोलेनाथ पूजा : समस्याओं के अनुसार कौन सा फूल चढ़ाएं और क्या लाभ होगा

    भोलेनाथ पूजा : समस्याओं के अनुसार कौन सा फूल चढ़ाएं और क्या लाभ होगा

    नई दिल्ली। शिव पुराण में भगवान शंकर की पूजा में फूल और पत्ते दोनों चढ़ाने का विशेष महत्व बताया गया है.भोलेबाबा के भक्त उन्हें प्रसन्न करने का कोई मौका नहीं छोड़ते. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ही एकमात्र ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तों की पूजा से बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं. तो आइए जानते हैं शिव को कौन से फूल प्रिय हैं और उनका धार्मिक महत्व क्या है.

    महादेव को सभी देवताओं ने भी अपना देव माना है और महादेव काल के देवता भी हैं,उनकी पूजा करने से सभी ग्रहों के साथ साथ बीमारी परेशानी के अलावा, चोट, एक्सीडेंट, मृत्यु आदि का भय भी इंसान के मन से दूर हो जाता है. आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताने जा रहे हैं कि भोलेनाथ पर किस फूल को चढ़ाने से क्या फल की प्राप्ति होती है. आइए विस्तार से जानते हैं.

    गुड़हल : गुड़हल के फूल को आप सबने देखा होगा, लाल रंग के गुड़हल के फूल को अड़हल का फूल भी कहते हैं. गुड़हल का फूल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, इसे आप भगवान शिव को अर्पित कर सकते हैं. मान्यता है कि भगवान शिव औऱ माता पार्वती को गुड़हल के फूल अर्पित करने से भक्त को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
    परिजात : परिजात हिंदु देवी देवताओं का पसंदीदा फूल है. यह फूल भगवान श्री राम जी को अत्यंत प्रिय है, लेकिन आप यह फूल भगवान शिव को अर्पित कर सकते हैं क्योंकि भगवान शिव सुंदर और महक वाले फूलों के बेहद शौकीन हैं. मान्यता है कि परिजात का फूल भगवान शिव को चढ़ाने से स्वास्थ्य लाभ होता मिलता है और व्यक्ति एक सुखी जीवन व्यतीत करता है.

    कमल का फूल : कमल का फूल माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है, यह फूल मां वैभव लक्ष्मी को अवश्य चढ़ाया जाता है. लेकिन इस फूल के शौकीन भगवान शिव भी हैं. कमल का फूल भगवान शिव को अर्पित करने से भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसलिए भगवान शिव को कमल का फूल अवश्य चढ़ाएं.

    गुलाब का फूल : गुलाब का फूल सभी देवी देवताओं समेत भगवान शिव को भी अत्यंत प्रिय है. मान्यता है कि भगवान शिव को गुलाब का फूल अर्पित करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. तथा व्यक्ति को अच्छी सेहत, लंबी आयु और खुशहाल जीवन के वरदान की प्राप्ति होती है.
    चमेली का फूल : भगवान शिव को चमेली का फूल बेहद प्रिय है. वेदों में किए गए जिक्र के अनुसार भगवान शिव को चमेली का फूल अर्पित करने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वाहन सुख की प्राप्ति होती है. साथ ही घर में कभी अनाज की कमी नहीं होती. आपके घर परिवार में अनाज का ढेर लगा रहता है.
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    धतूरे का फल और फूल : धतूरा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. भगवान शिव की पूजा धतूरे के फल और फूल के बिना अधूरी मानी जाती है. जी हां भगवान शिव को धतूरे का फल औऱ फूल अवश्य चढ़ाएं. मान्यता है कि भगवान शिव को धतूरे का फल औऱ फूल चढ़ाने से महादेव जल्दी प्रसन्न होते हैं तथा भक्तों पर वह सदैव अपनी कृपा बनाए रखते हैं. वहीं वेदों में भी धतूरे के फल औऱ फूल की व्याख्या की गई है, कहा जाता है कि जो भी दंपत्ति भगवान शिव को धतूरे का फल औऱ फूल अर्पित करता है सकी संतान प्राप्ति की मनोकामना जल्द पूर्ण होती है.
  • 17 जनवरी से मकर में चतुर्ग्रही योग: मेष, वृषभ, कन्या और मकर राशियों के लिए करियर और धन में वृद्धि के संकेत

    17 जनवरी से मकर में चतुर्ग्रही योग: मेष, वृषभ, कन्या और मकर राशियों के लिए करियर और धन में वृद्धि के संकेत

    नई दिल्ली। जनवरी 2026 के मध्य से एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बनने जा रहा है। 17 जनवरी 2026 से मकर राशि में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र की युति से चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। यह योग 3 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा और चार राशियों-मेष, वृषभ, कन्या और मकर-के लिए विशेष लाभकारी माना जा रहा है।

    चतुर्ग्रही योग कैसे बन रहा है
    ज्योतिषाचारियों के अनुसार, 14 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद ग्रहों की स्थिति क्रमशः मजबूत हुई। 16 जनवरी को मंगल का मकर में गोचर हुआ और 17 जनवरी सुबह 10:27 बजे बुध भी मकर राशि में प्रवेश करेगा। पहले से मकर में स्थित शुक्र के साथ चार ग्रहों की युति से चतुर्ग्रही योग बनेगा। यह योग प्रशासन, प्रबंधन, करियर और वित्तीय मामलों में निर्णायक भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है।

    किन राशियों को मिलेगा लाभ
    मेष: करियर में नई जिम्मेदारियां और अवसर सामने आएंगे। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई भूमिका मिल सकती है, जबकि व्यवसायी विस्तार के संकेत देख सकते हैं।

    वृषभ: भाग्य का साथ मिलेगा। धन लाभ, विदेश यात्रा और धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ने की संभावना है।

    कन्या: कार्यक्षेत्र में स्थिरता और सफलता के संकेत। रुके हुए काम पूरे होंगे और शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

    मकर: यह योग मकर राशि वालों के लिए सबसे प्रभावशाली रहेगा। पद, प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

    क्यों खास है यह योग
    मकर राशि को कर्म और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। चार प्रमुख ग्रहों की एक साथ उपस्थिति निर्णय क्षमता, नेतृत्व और व्यावहारिक सोच को मजबूत करती है। इस अवधि में करियर और वित्तीय फैसलों के लिए योग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों की सलाह

    ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि यह योग अवसर देगा, लेकिन परिणाम व्यक्ति के कर्म और निर्णयों पर निर्भर होंगे। संतुलित सोच, योजनाबद्ध कार्य और अहंकार से दूरी लाभ को और बढ़ा सकती है।

  • अब और चमकेगी राजधानी दिल्ली,मोती नगर में 135 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

    अब और चमकेगी राजधानी दिल्ली,मोती नगर में 135 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मोती नगर विधानसभा क्षेत्र में 135 करोड़ रुपये से अधिक की बहुप्रतीक्षित विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मदनलाल खुराना जी की कर्मभूमि पर आयोजित हुआ, जिसे राजधानी के शहरी विकास की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद बांसुरी स्वराज, कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और मोती नगर विधायक हरीश खुराना मौजूद रहे।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता देखने को मिली।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इन विकास कार्यों से मोती नगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले 2 लाख से अधिक नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं है, बल्कि नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित यातायात और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है।

    https://twitter.com/HarishKhuranna/status/2012187038662156399

    मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि परियोजनाओं के तहत कीर्ति नगर क्षेत्र में एक आधुनिक फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा, जिससे पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही सुदर्शन पार्क और करमपुरा में नजफगढ़ ड्रेन पर दो लेन के नए पुल बनाए जाएंगे, जिससे वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी।

    इस विकास पैकेज में कुल 67 नई सीवर पाइपलाइन परियोजनाएं और 72 सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी। सड़कों के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण से यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मजबूत सड़कें, बेहतर सीवर सिस्टम और हरित पार्क किसी भी शहरी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जरूरी हैं। ये सुविधाएं न केवल जीवन को आसान बनाती हैं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह पहल स्वर्गीय मदनलाल खुराना जी के “स्वच्छ दिल्ली, सुंदर दिल्ली” के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। उनके विजन को ध्यान में रखते हुए इन परियोजनाओं की योजना बनाई गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

    सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि मोती नगर में शुरू हुए ये विकास कार्य दिल्ली की प्रगति में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा। वहीं विधायक हरीश खुराना ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों में उत्साह है।

    स्थानीय लोगों ने भी इन परियोजनाओं का स्वागत करते हुए कहा कि बेहतर सड़कें, पुल और सीवर व्यवस्था न केवल रोजमर्रा की समस्याओं को कम करेंगी, बल्कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी, सुरक्षा और संपत्ति मूल्य में भी वृद्धि करेंगी।

    मोती नगर विधानसभा में 135 करोड़ रुपये की इन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास यह साफ दर्शाता है कि सही योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए दिल्ली को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और रहने योग्य राजधानी बनाया जा सकता है। आने वाले समय में ये परियोजनाएं दिल्ली के शहरी विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।

  • अलवर में सड़क हादसा: कार की चपेट में आए युवक की मौत, दो घायल

    अलवर में सड़क हादसा: कार की चपेट में आए युवक की मौत, दो घायल


    अलवर। राजस्थान के अलवर जिले में भिवाड़ी मेगा हाईवे पर शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह घटना रात करीब 10 बजे छठी मील के पास हुई। भिवाड़ी की तरफ से आ रही एक कार विपरीत दिशा से आ रही कार से आमने-सामने टकरा गई। इस जबरदस्त टक्कर के कारण कार अनियंत्रित होकर पास की दुकान में जा घुसी।

    हादसे के समय दुकान के सामने खड़ा 25 वर्षीय पप्पू खान कार की चपेट में आ गया। पुलिस ने बताया कि पप्पू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। सदर थाना पुलिस ने बताया कि दोनों कारों के ड्राइवरों और गाड़ियों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

    शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और सड़क पर अनियंत्रित गाड़ी चलाने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने कहा कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दुर्घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हाईवे अक्सर तेज रफ्तार गाड़ियों की वजह से हादसों का शिकार होता है। पुलिस ने इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और ड्राइवरों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस हादसे ने इलाके में सुरक्षा और सड़क नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए हैं।
  • 2016 का दर्द फिर याद आया, कंगना बोलीं-ऋतिक के साथ लीगल बैटल ने बना दी थी जिंदगी मुश्किल

    2016 का दर्द फिर याद आया, कंगना बोलीं-ऋतिक के साथ लीगल बैटल ने बना दी थी जिंदगी मुश्किल

    नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों 2016 की यादें ट्रेंड कर रही हैं, जिसमें लोग उस साल की तस्वीरें और किस्से साझा कर रहे हैं। इसी बीच बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं, लेकिन उनके लिए 2016 की यादें खुशियों से नहीं भरीं। कंगना ने उस साल को अपने जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण समय बताया और इशारों में अभिनेता ऋतिक रोशन के साथ हुए कानूनी विवाद का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उस समय उनका करियर भले ही नई ऊंचाइयों पर था और वे सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में शामिल थीं, लेकिन जनवरी 2016 में सह-कलाकार की ओर से भेजा गया विवादित लीगल नोटिस उनके लिए मानसिक रूप से बेहद परेशान करने वाला साबित हुआ। इस विवाद ने फिल्म इंडस्ट्री को दो हिस्सों में बांट दिया और लगातार कानूनी लड़ाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। कंगना ने कहा कि उस समय कामयाबी उनके लिए जहर जैसी थी और जिंदगी नरक जैसी महसूस होने लगी थी।

    2026 में सुकून और कानूनी विवाद का इतिहास

    कंगना ने आगे लिखा कि अगर उन्हें दस साल पहले पता होता कि 2026 में उनकी जिंदगी इतनी बदलेगी, तो वे शायद उस दौर में खुद को इतना टूटता हुआ महसूस नहीं करतीं। आज वे खुलकर हंसती हैं, अपनी डाइट एंजॉय करती हैं और पुराने विवाद अब मायने नहीं रखते। कंगना ने कहा कि उस समय जिन घटनाओं को जीवन का केंद्र समझा जाता था, वे अब समय के साथ फीके पड़ गए हैं। उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह राहत की बात है कि अब वे 2016 में नहीं बल्कि 2026 में हैं, जहां उनकी जिंदगी अधिक सुकूनभरी है।

    2016 के विवाद की जड़ें उस समय फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचाने वाले ऋतिक रोशन के साथ उनके निजी रिश्ते से जुड़ी थीं। कंगना ने कई इंटरव्यू में ऋतिक को अपना एक्स बताया था, जबकि ऋतिक ने सभी दावों को खारिज करते हुए कंगना को कानूनी नोटिस भेजा और सार्वजनिक माफी की मांग की। कंगना ने माफी मांगने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे लंबी कानूनी और मीडिया लड़ाई में बदल गया। कंगना ने इस विवाद और मानसिक तनाव को अपने जीवन का सबसे कठिन समय बताया।

  • अमिताभ बच्चन ने नई तकनीक न सीख पाने का जताया अफसोस: ब्लॉग में कहा काश पहले सीख लेता

    अमिताभ बच्चन ने नई तकनीक न सीख पाने का जताया अफसोस: ब्लॉग में कहा काश पहले सीख लेता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने हालिया ब्लॉग पोस्ट में नई तकनीक सीखने और उम्र के साथ आने वाली चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की है। ब्लॉग में बिग बी ने स्वीकार किया कि उन्हें अफसोस है कि कई चीजें उन्होंने समय रहते नहीं सीखीं खासकर वो तकनीक और प्रणालियाँ जो उनके दौर में मौजूद नहीं थीं।

    ब्लॉग में अमिताभ ने लिख
    हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है लेकिन अफसोस इस बात का है कि जो सीखना जरूरी था वह सालों पहले सीख लिया जाना चाहिए था। आज आविष्कारों और नई प्रणालियों की रफ्तार इतनी तेज है कि जब तक कोई उसे सीखना शुरू करता तब तक वक्त आगे निकल चुका होता है।

    उम्र और सीखने की चुनौती
    अमिताभ ने बताया कि उम्र के साथ सीखने की इच्छा ऊर्जा और प्रयास धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। उन्होंने हालिया अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी काम की बुनियादी समझ होना जरूरी है लेकिन उसके बाद काम को योग्य और विशेषज्ञ लोगों को सौंप देना चाहिए। बिग बी ने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह सक्षम न हो तो इसमें कोई समस्या नहीं है विशेषज्ञों की मदद लेना सही और समय बचाने वाला विकल्प है।

    आउटसोर्सिंग और विशेषज्ञों की भूमिका
    ब्लॉग में अमिताभ ने पुराने और नए दौर की तुलना करते हुए बताया कि पहले अगर किसी को कोई काम नहीं आता था तो या तो वह काम नहीं कर पाता था या पछतावा होता था।आज के समय में आउटसोर्सिंग के जरिए काम आसानी से पूरा किया जा सकता है जो मेरे लिए राहत की बात है।

    साधारण दिनचर्या में बदलाव
    अमिताभ ने साधारण दिनचर्या के कामों में उम्र के असर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पहले वे सामान्य गतिविधियों को सहजता से कर लेते थे लेकिन अब कुछ कामों के लिए सोचने की जरूरत होती है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पैंट पहनने जैसे साधारण काम में भी संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उन्हें बैठकर ही काम करना चाहिए।

    वर्क फ्रंट अपडेट
    वर्क फ्रंट पर बिग बी हाल ही में कौन बनेगा करोड़पति सीजन 17 को खत्म कर चुके हैं। इसके अलावा वे तमिल एक्शन ड्रामा वेट्टैयन में नजर आए जिसमें रजनीकांत फहाद फासिल राणा दग्गुबाती और मंजू वारियर जैसे सितारे भी शामिल हैं।

    विशेषज्ञों की राय
    विशेषज्ञों के अनुसार अमिताभ का ब्लॉग नई और पुरानी तकनीकी दुनिया में सीखने की चुनौतियों को समझने और स्वीकार करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि उम्र बढ़ने के साथ काम को सही तरीके से संभालने के लिए विशेषज्ञों और आउटसोर्सिंग का सहारा लेना स्मार्ट और समय बचाने वाला तरीका है।अमिताभ बच्चन की यह ब्लॉग पोस्ट न केवल उनके प्रशंसकों को व्यक्तिगत अनुभव से जोड़ती है बल्कि नई तकनीक सीखने उम्र के साथ बदलती जरूरतों और विशेषज्ञ मदद लेने का महत्वपूर्ण संदेश भी देती है।

  • राजस्थान उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला: लंबे समय तक निष्क्रिय रहे कर्मचारी अदालत से राहत नहीं मांग सकते

    राजस्थान उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला: लंबे समय तक निष्क्रिय रहे कर्मचारी अदालत से राहत नहीं मांग सकते


    जयपुर । राजस्थान उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक अहम निर्णय में स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए लंबे समय तक कोई कदम नहीं उठाते, वे बाद में अदालत से राहत की उम्मीद नहीं कर सकते। न्यायाधीश आनंद शर्मा की एकल पीठ ने कहा कि अत्यधिक देरी और निष्क्रियता किसी भी दावे की वैधता को कमजोर कर देती है और इसे कानून भी स्वीकार नहीं करता। यह निर्णय उस याचिका पर आया जिसमें एक कर्मचारी ने करीब 30 वर्ष बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामला 1994 का था, लेकिन कर्मचारी ने 2024 में जाकर याचिका दायर की।
    न्यायालय ने कहा कि इतने लंबे समय तक चुप बैठे रहने के बाद अब व्यक्ति को यह अधिकार नहीं रह जाता कि वह अदालत से तत्काल न्याय की मांग करे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून उन लोगों की सहायता करता है जो अपने अधिकारों के प्रति सजग और सक्रिय रहते हैं। न्यायालय ने तर्क दिया कि इतने वर्षों की देरी से न केवल दस्तावेज़ और साक्ष्य कमजोर हो जाते हैं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी अनावश्यक बोझ पड़ता है। इस निर्णय से स्पष्ट संदेश गया कि कर्मचारी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय और समय पर कदम उठाना अनिवार्य है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह निर्णय सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों में कर्मचारियों के लिए मार्गदर्शक होगा। यह न केवल न्यायिक प्रणाली पर भरोसा बनाए रखने में मदद करेगा, बल्कि ऐसे मामलों में देरी से होने वाले विवादों को भी रोकेगा। अदालत ने यह भी कहा कि कर्मचारियों को अपने अधिकारों की जानकारी और उनके लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों के प्रति जागरूक रहना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कठिनाई न आए। इस मामले में न्यायालय ने यह संकेत भी दिया कि लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वालों को न्याय मिलने की संभावना बेहद कम होती है और ऐसे कर्मचारियों को यह समझना होगा कि समय पर कार्रवाई करना ही उनके अधिकारों की रक्षा की कुंजी है। अदालत ने अपने फैसले में प्रशासनिक दक्षता और न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया।

  • Skin Care Mistakes: महंगे प्रोडक्ट्स के बाद भी नहीं मिल रहा ग्लो? आपकी 7 गलतियां हो सकती हैं वजह

    Skin Care Mistakes: महंगे प्रोडक्ट्स के बाद भी नहीं मिल रहा ग्लो? आपकी 7 गलतियां हो सकती हैं वजह

    नई दिल्ली।  हर महिला चाहती है कि उसकी स्किन लंबे समय तक जवां और हेल्दी बनी रहे, लेकिन व्यस्त दिलचर्या, बढ़ती जिम्मेदारियां और सेल्फ-केयर की कमी के कारण अक्सर महिलाएं अनजाने में कुछ ऐसी स्किनकेयर मिस्टेक्स कर बैठती हैं, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर देती हैं। इन गलतियों की वजह से स्किन पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और ढीलापन जल्दी नजर आने लगता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही गलतियों के बारे में, जो ज्यादातर महिलाएं करती हैं और जिनसे बचकर स्किन को हेल्दी रखा जा सकता है।

    सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करना
    अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि सनस्क्रीन सिर्फ धूप में बाहर जाने पर लगाना जरूरी है। जबकि हकीकत यह है कि सूर्य की हानिकारक यूवी किरणें घर या ऑफिस के अंदर भी स्किन को नुकसान पहुंचा सकती हैं। सनस्क्रीन न लगाने से समय से पहले झुर्रियां और पिगमेंटेशन बढ़ने लगता है।

    स्किन की जरूरत के हिसाब से प्रॉडक्ट न चुनना
    बहुत सी महिलाएं बिना अपनी स्किन टाइप को समझे ही प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल कर लेती हैं। गलत प्रॉडक्ट्स स्किन को ड्राई, ऑयली या एक्ने-प्रोन बना सकते हैं। समय के साथ ये स्किन बैरियर को कमजोर कर देते हैं, जिससे उम्र के निशान जल्दी दिखने लगते हैं।

    चेहरे को ज्यादा रगड़ना या हार्श क्लेंजर यूज करना
    चेहरे की सफाई जरूरी है, लेकिन इसे ज्यादा रगड़ना या कठोर क्लींजर का इस्तेमाल स्किन की नेचुरल नमी छीन लेता है। ड्राई और डैमेज्ड स्किन पर फाइन लाइन्स जल्दी नजर आती हैं और एजिंग के साइन बढ़ जाते हैं।

    हाइड्रेशन की अनदेखी करना
    पर्याप्त पानी न पीना और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल न करना स्किन को डल और बेजान बना देता है। डिहाइड्रेशन से स्किन पर झुर्रियां जल्दी उभर आती हैं। स्किन को अंदर और बाहर दोनों तरह से हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है।

    स्लीप रूटीन नजरअंदाज करना
    कम नींद लेना या अनियमित नींद की आदत स्किन की हेल्थ को प्रभावित करती है। नींद के दौरान स्किन रिपेयर होती है। नींद की कमी से डार्क सर्कल्स, पफी आईज और समय से पहले एजिंग की समस्या हो जाती है।

    स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट
    जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस और जंक फूड, मीठे व तैलीय खाने का सेवन स्किन को नुकसान पहुंचाता है। ये आदतें कोलेजन प्रॉडक्शन को कम करती हैं और स्किन की इलास्टिसिटी घटा देती हैं, जिससे उम्र के निशान जल्दी दिखते हैं।

    नाइट केयर स्किप करना
    दिनभर की थकान के बाद बिना चेहरा साफ किए सो जाना या नाइट क्रीम/सीरम का इस्तेमाल न करना स्किन के लिए हानिकारक है। रात का समय स्किन रिपेयर का होता है, इसे इग्नोर करना एजिंग प्रॉसेज को बढ़ाता है।

  • धौलपुर में प्रिंसपल के तबादले के विरोध में छात्राओं का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी, प्रशासनिक अधिकारी पर नाराजगी

    धौलपुर में प्रिंसपल के तबादले के विरोध में छात्राओं का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी, प्रशासनिक अधिकारी पर नाराजगी


    भरतपुर। राजस्थान के धौलपुर जिले में बाड़ा हैदर शाह सरकारी स्कूल में प्रिंसपल नरेश जैन के तबादले के विरोध में छात्राओं का आंदोलन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रिंसपल के झालावाड़ स्थानांतरण के फैसले के विरोध में छात्राओं ने स्कूल परिसर में प्रदर्शन किया और मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक अपनी आवाज पहुंचाई।

    इस दौरान छात्राओं के आंदोलन को शांत करने और समझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी अशोक उपाध्याय और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी महेश शर्मा स्कूल पहुंचे। लेकिन छात्राओं ने तबादले रद्द करने की मांग पर अड़ी रहीं और अधिकारियों के समझाने के प्रयासों को खारिज कर दिया। वहीं, अधिकारियों के कथित हड़काने और धमकी देने के तरीकों से ग्रामीणों में भी आक्रोश फैल गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने विवाद को और बढ़ा दिया।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, छात्राओं का कहना है कि प्रिंसपल नरेश जैन उनके लिए मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति से स्कूल की पढ़ाई और अनुशासन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यही कारण है कि छात्राएं तबादले को लेकर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करना चाह रही हैं। इस मामले में ग्रामीण भी छात्राओं के समर्थन में खड़े हैं। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों और स्थानीय समुदाय की भावनाओं को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि यह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और निर्णय नियमों के तहत लिया गया है।

    विदित हो कि यह विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन तक जारी रहा और छात्राओं ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भी शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने हालात पर नजर रखी है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि स्कूल स्तर पर निर्णय लेने में छात्रों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी और उनकी भावनाओं का सम्मान करना अत्यंत आवश्यक है।