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  • राहुल गांधी इंदौर में दूषित पानी पीड़ितों से मिले, परिवारों को चेक देकर दी राहत कहा-स्मार्ट सिटी’ में भी लोग पानी पीकर मर रहे

    राहुल गांधी इंदौर में दूषित पानी पीड़ितों से मिले, परिवारों को चेक देकर दी राहत कहा-स्मार्ट सिटी’ में भी लोग पानी पीकर मर रहे

    नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर दौरे पर हैं और उन्होंने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां वे दूषित जल से प्रभावित मरीजों से मिले। इसके बाद वे भागीरथपुरा इलाके पहुंचे, जो शहर के उन हिस्सों में से है जहाँ दूषित पानी के कारण लोगों की सेहत बुरी तरह प्रभावित हुई है। राहुल गांधी पैदल ही प्रभावित इलाके में गए और वहां के पीड़ित परिवारों से बातचीत की।

    भागीरथपुरा में उन्होंने गीता बाई के परिवार से मुलाकात की और उसके बाद जीवनलाल के घर भी गए।

    इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये के चेक देने का ऐलान किया। वहीं, प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 50 हजार रुपये का चेक देंगे। राहुल गांधी के साथ इस दौरे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अजय सिंह भी मौजूद रहे।

    भागीरथपुरा में मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि इन परिवारों में कई लोगों की मौत हुई है और कई बीमार हुए हैं। उन्होंने इस घटना को “स्मार्ट सिटी” की विफलता करार दिया और कहा कि यह नया मॉडल है जहाँ पीने का साफ पानी नहीं है। राहुल ने कहा कि लोगों को डराया जा रहा है और सभी परिवारों को दूषित पानी पीने के बाद बीमारी हुई है।

    उन्होंने साफ कहा कि इंदौर में साफ पानी नहीं मिल रहा, और इससे लोग मर रहे हैं।

    राहुल ने सरकार पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग शहरों में यही हाल है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही और जहां भी यह काम करवाया गया है, उसके लिए किसी न किसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। राहुल ने कहा कि पीड़ितों ने जो इलाज कराया और जिनकी मौत हुई, उनके लिए सरकार को मुआवजा देना चाहिए।

    रहवासियों के अनुसार, शहर में जो टंकी है, वह सिर्फ “सिंबल” बनकर रह गई है। राहुल ने कहा कि उन्हें बताया गया कि साफ पानी अभी भी नहीं मिल रहा है।

    टंकी पर बैन लगा दिया गया है, लेकिन कुछ ही दिनों में यह बैन हटाकर फिर वही पानी दिया जाएगा। राहुल ने कहा कि लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी करे और साफ पानी उपलब्ध करवाए।

    जब पत्रकारों ने राहुल से सवाल किया कि क्या वे राजनीति करने आए हैं, तो उन्होंने कहा कि वे यहां “मदद करने” आए हैं। राहुल ने कहा कि वे विपक्ष के नेता हैं और लोगों के मुद्दे उठाने और उनकी मदद करने के लिए आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर देश में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है, तो उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे उनकी मदद करें। राहुल ने कहा कि वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और सरकार को साफ पानी उपलब्ध कराना चाहिए।
    इस दौरे से एक बार फिर सवाल उठता है कि इंदौर में पानी की समस्या कितनी गंभीर है और सरकार इस पर कब तक प्रभावी कार्रवाई करेगी।

  • ईरान से लौटे भारतीयों की कहानी: दिल्ली में परिजनों और यात्रियों ने बताई अनुभव की हकीकत

    ईरान से लौटे भारतीयों की कहानी: दिल्ली में परिजनों और यात्रियों ने बताई अनुभव की हकीकत

    नई दिल्ली। दिल्ली एयरपोर्ट पर ईरान से लौट रहे भारतीय नागरिकों का परिजनों ने उत्साह और राहत के साथ स्वागत किया। बीते कुछ दिनों से ईरान में इंटरनेट बंद होने की खबरों ने परिवारों की चिंता बढ़ा दी थी। हालाँकि, नागरिकों की सुरक्षित वापसी ने सभी के चेहरे पर खुशी और मुस्कान लौटा दी।

    एक परिवार के सदस्य ने आईएएनएस को बताया, “हमारी मां और मौसी तीर्थयात्रा के लिए ईरान गई थीं। पिछले एक हफ्ते से इंटरनेट बंद था, इसलिए उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। यह हमारे लिए बहुत चिंता का समय था। अब हम बहुत उत्साहित हैं और उनका इंतजार कर रहे हैं।

    एक अन्य परिजन ने कहा कि उनकी मां 7 जनवरी को ईरान पहुंची थीं। पहले दो दिनों तक उनसे नियमित बातचीत होती रही, लेकिन 8 जनवरी के बाद इंटरनेट बंद हो गया और संपर्क पूरी तरह टूट गया। उन्होंने बताया, “मां ने पहले ही बताया था कि वहां सब सामान्य है। इसके बाद बात नहीं हो सकी, लेकिन अब उनके लौटने की खबर से बहुत राहत मिली है।

    परिवार और सरकार ने मिलकर सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की

    दिल्ली एयरपोर्ट पर एक परिवार अपने पिता और बहन को लेने आया था। उन्होंने कहा, “सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। हम इसके लिए धन्यवाद देते हैं। हमें खुशी है कि हमारे अपने सुरक्षित वापस आ रहे हैं।

    कुछ परिजन दिल्ली के रहने वाले हैं, जबकि उनके रिश्तेदार उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से थे, जो तीर्थयात्रा के लिए ईरान गए थे। उन्होंने बताया कि वहां का माहौल थोड़ा तनावपूर्ण जरूर था, लेकिन किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

    एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उनकी भाभी और उनके गांव के आठ लोग भी सुरक्षित लौट रहे हैं। एयरपोर्ट पर आए एक व्यक्ति ने कहा, “ईरान में व्यवस्थाएं अच्छी थीं। कुछ लोग दंगे और अशांति की बातें फैला रहे थे, लेकिन हमारी मां से बात हुई, उनके मुताबिक वहां सब ठीक था। ईरानी सरकार हालात संभाल रही थी और भारतीय सरकार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, हमारी बहुत मदद कर रही थी।”

    लौटे नागरिकों का अनुभव और राहत

    ईरान से लौटे एक नागरिक ने बताया, “अब स्थिति सामान्य हो रही है। पहले जैसी नहीं है।
    दूसरे यात्री ने कहा, “फिलहाल हालात स्थिर हैं। इंटरनेट बंद था और अंतरराष्ट्रीय कॉल भी काम नहीं कर रहे थे, जिससे हम डर गए थे। बाद में कॉल की सुविधा बहाल हुई। भारतीय दूतावास और सरकार ने हमारी बहुत मदद की, इसके लिए हम आभारी हैं।

    एक अन्य लौटे नागरिक ने कहा, “हम पूरी तरह सुरक्षित थे। कुछ भी गलत नहीं हुआ। हमने अपनी तरफ से ही वापसी की।

    एक और यात्री ने बताया, “इंटरनेट नियंत्रण के उद्देश्य से बंद किया गया था। कोई असामान्य स्थिति नहीं थी। ऐसी बातें हर देश में होती रहती हैं। पर्यटकों को कोई परेशानी नहीं हुई और सब कुछ सामान्य था।
  • गणतंत्र दिवस परेड 2026: वीआईपी कल्चर पर विराम , नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घाएं; ‘वंदे मातरम’ थीम ,मेट्रो सफर रहेगा फ्री

    गणतंत्र दिवस परेड 2026: वीआईपी कल्चर पर विराम , नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घाएं; ‘वंदे मातरम’ थीम ,मेट्रो सफर रहेगा फ्री


    नई दिल्ली । गणतंत्र दिवस परेड 2026 को पहले से कहीं अधिक समावेशी सांस्कृतिक और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा और प्रतीकात्मक फैसला लिया है। 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में इस बार दर्शक दीर्घाओं को नदियों के नाम दिए जाएंगे। गंगा यमुना ब्रह्मपुत्र सहित देश की प्रमुख नदियों के नाम पर दर्शक खंडों का नामकरण कर वीआईपी नॉन वीआईपी के फर्क को खत्म करने की पहल की गई है।

    अब तक गणतंत्र दिवस परेड में दर्शक दीर्घाओं की पहचान ए बी सी या अंकों के आधार पर होती थी जिससे वीआईपी संस्कृति की झलक दिखाई देती थी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह व्यवस्था बदलने का उद्देश्य हर नागरिक को समान सम्मान का अनुभव कराना है। नदियों के नाम भारतीय संस्कृति सभ्यता और एकता के प्रतीक हैं और इनके जरिए राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया जाएगा।

    इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की समग्र थीम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित रखी गई है। इसी भावना को परेड झांकियों आमंत्रण पत्रों टिकटों और कर्तव्य पथ की सजावट में प्रमुखता से दिखाया जाएगा। रक्षा सचिव ने बताया कि परेड में सेना की तैयारियों को बैटल ऐरे के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा ताकि सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल क्षमता और युद्ध तत्परता को प्रभावी तरीके से देश और दुनिया के सामने रखा जा सके।

    गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए इस बार कुल 77 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 हजार विशेष आमंत्रित अतिथि होंगे जिन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और जनसेवा में योगदान के लिए बुलाया गया है। आम जनता के लिए 32 हजार टिकट बिक्री पर रखे गए हैं। टिकट ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी उपलब्ध हैं जिन्हें राजीव चौक सहित कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों से खरीदा जा सकता है।

    दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 26 जनवरी को मेट्रो यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी। दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सुबह 3 बजे से शुरू होंगी ताकि लोग समय पर कर्तव्य पथ पहुंच सकें। यह कदम खासतौर पर आम नागरिकों को परेड से जोड़ने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में अंतरराष्ट्रीय रंग भी देखने को मिलेगा। यूरोपीय संघ EU परिषद और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष मुख्य अतिथि होंगी। साथ ही यूरोपीय संघ की नौसेना का एक मार्चिंग दस्ता भी परेड में हिस्सा लेगा जो भारत और यूरोप के मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक होगा।

    परेड में कुल 30 झांकियां शामिल की जाएंगी। इनमें 17 झांकियां विभिन्न राज्यों की और 13 झांकियां केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों की होंगी। सभी झांकियों की थीम स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम रखी गई है जो देश की सांस्कृतिक विरासत विविधता और राष्ट्रभक्ति को दर्शाएगी। सेना के मार्च पास्ट में नवगठित भैरव बटालियन और लद्दाख स्काउट्स विशेष आकर्षण होंगी वहीं पशु दस्ता भी परंपरागत रंग जोड़ेगा। गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल को लेकर 19 20 और 21 जनवरी को सुबह 10:15 से दोपहर 12:30 बजे तक कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।

  • भोपाल में ‘सोना–कैश’ मामले की बड़ी अपडेट: आयकर विभाग ने पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के स्कूल को किया अटैच, मां-आदि को नोटिस

    भोपाल में ‘सोना–कैश’ मामले की बड़ी अपडेट: आयकर विभाग ने पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के स्कूल को किया अटैच, मां-आदि को नोटिस


    भोपाल । भोपाल के मेंडोरी इलाके में दिसंबर 2024 में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद से भरी इनोवा कार के कांड में नया मोड़ आया है। आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई (BPU) ने अब इस मामले से जुड़े पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा की एक बड़ी संपत्ति पर कार्रवाई की है। बीपीयू ने शाहपुरा, भोपाल में बने एक स्कूल भवन को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है।

    आयकर विभाग के अनुसार यह स्कूल भवन “राजमाता (भारतमाता) शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति” नामक ट्रस्ट के नाम पर पंजीकृत है, जिसकी लागत लगभग 7.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस ट्रस्ट में सौरभ शर्मा की मां उमा शर्मा, उनके सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल ट्रस्टी के रूप में दर्ज हैं। जांच में यह सामने आया कि ट्रस्ट केवल बेनामी (नाममात्र) है और वास्तविक मालिक सौरभ शर्मा ही है।

    बेनामी घोषित, नोटिस जारी
    बीपीयू की जांच में यह स्कूल भवन बेनामी संपत्ति पाया गया और इसे बेनामी लेन-देन निषेध अधिनियम (PBPT Act), 1988 के तहत धारा 24(3) के अंतर्गत अटैच किया गया। साथ ही बेनामीदारों और वास्तविक स्वामी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

    सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट ने इस स्कूल के संचालन के लिए किसी प्रमुख स्कूल श्रृंखला से फ्रेंचाइजी भी ली थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह संपत्ति केवल “नाम का स्कूल” नहीं, बल्कि व्यावसायिक तौर पर भी चलाया जा रहा था। आयकर विभाग अब स्कूल निर्माण में लगाए गए धन के स्रोत और ट्रस्ट की अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रहा है।

    आयकर विभाग ने यह भी बताया है कि यह कार्रवाई सोना–कैश इनोवा मामले से जुड़ी अन्य संपत्तियों पर चल रहे सिलसिले की अगली कड़ी है।

    इससे पहले भी सौरभ शर्मा और उनके सहयोगियों से जुड़े कई अचल संपत्ति और बेनामी कारोबार PBPT अधिनियम के तहत जब्त किए जा चुके हैं।

    52 किलो सोना और 11 करोड़ नकद वाली इनोवा
    याद दिला दें कि 18-19 दिसंबर 2024 की मध्यरात्रि में भोपाल के मेंडोरी गांव में ग्वालियर आरटीओ से रजिस्टर्ड इनोवा कार लावारिस हालत में मिली थी। कार चेतन सिंह गौर के नाम पर रजिस्टर्ड थी। जांच में वाहन से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए थे।

    बाद में आयकर विभाग ने यह निष्कर्ष निकाला था कि यह संपत्ति असल में पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा की थी, जिसे रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर छिपाकर रखा गया था।

    ED भी कर रहा जांच
    इसी मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने सौरभ शर्मा के ठिकानों से मिले ट्रांसफर-पोस्टिंग के दस्तावेज की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ईडी इस मामले में कुछ नेताओं और अफसरों से भी पूछताछ कर सकती है और इसके लिए दिल्ली मुख्यालय से मशविरा मांगा गया है।

  • मोहम्मद कैफ का सुझाव: टीम के लिए जडेजा–अक्षर पटेल की जोड़ी सबसे सही विकल्प

    मोहम्मद कैफ का सुझाव: टीम के लिए जडेजा–अक्षर पटेल की जोड़ी सबसे सही विकल्प

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को 14 जनवरी को राजकोट में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मैच में हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिससे वनडे फॉर्मेट में उनकी टीम में स्थिरता पर सवाल उठने लगे हैं।

    पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर जडेजा की तुलना टीम इंडिया के लेफ्ट-आर्म ऑलराउंडर अक्षर पटेल से की और कहा, “वनडे में अगर आपको अक्षर और जडेजा में से किसी एक को चुनना हो, तो अक्षर काफी आगे हैं। अक्षर का स्ट्राइक रेट, बल्लेबाजी क्षमता और छक्के मारने की काबिलियत जडेजा से बेहतर है। गेंदबाजी में भी अक्षर ज्यादा प्रभावशाली हैं। नई गेंद से स्ट्राइक लेने की क्षमता उनके पास है, जबकि जडेजा पावरप्ले के बाद ही आते हैं। टीम के संतुलन के लिहाज से अक्षर को बाहर रखना समझ से परे है।”

    कैफ का सुझाव: जडेजा और अक्षर को साथ में खेलाना चाहिए

    कैफ ने कहा कि नीतीश कुमार रेड्डी को चुनकर टीम को नुकसान हुआ और जडेजा के साथ अक्षर को खिलाना ज्यादा बेहतर विकल्प होता। उन्होंने कहा, “दोनों लेफ्ट-आर्म स्पिनर हैं, लेकिन बॉलिंग का अंदाज अलग है। अक्षर नई गेंद से सबसे असरदार हैं और उनकी मौजूदगी टीम को स्ट्राइक और विविधता देती है। मैं चाहता हूं कि जडेजा और अक्षर साथ में खेलें।”

    इस बीच, अक्षर पटेल को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम इंडिया से बाहर रखा गया है।

    जडेजा की वनडे फॉर्म निराशाजनक

    अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा लंबे समय से वनडे फॉर्मेट में प्रभावित नहीं कर पाए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के पहले दो मैचों में उन्होंने क्रमश: 4 और 27 रन बनाए, जबकि दोनों मैचों में उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला। घरेलू मैदान पर उनका आखिरी वनडे अर्धशतक 2013 में था। गेंदबाजी में भी पिछले पांच मैचों में उन्होंने सिर्फ एक विकेट लिया है।

    जडेजा के वनडे करियर पर नजर डालें तो 2009 में शुरुआत करने वाले जडेजा ने अब तक 209 मैचों की 141 पारियों में 2,893 रन बनाए हैं, जिसमें 13 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, उन्होंने 232 विकेट भी लिए हैं। लेकिन हालिया प्रदर्शन ने उनके वनडे भविष्य और टीम में प्रभाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    अगर आप चाहो तो मैं इसे और “स्पोर्ट्स पेज न्यूज़ स्टाइल” में बना सकता हूँ, जिसमें जडेजा और अक्षर के आँकड़ों को तुलना चार्ट के साथ, और कैफ की टिप्पणियों को इंट्रोडक्टिव बॉक्स में दिखाया जाए, ताकि यह प्रिंट या वेब के लिए आकर्षक लगे।

  • शहडोल में रेलकर्मी पर खूनी हमला: ड्यूटी पर तैनात पूर्व सैनिक को बदमाशों ने चाकू से गोदा सुरक्षा व्यवस्था पर ,उठे सवाल

    शहडोल में रेलकर्मी पर खूनी हमला: ड्यूटी पर तैनात पूर्व सैनिक को बदमाशों ने चाकू से गोदा सुरक्षा व्यवस्था पर ,उठे सवाल


    शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां रेलवे इंजीनियरिंग डिपो में अपनी ड्यूटी निभा रहे एक कर्मचारी पर अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। घायल कर्मचारी प्रह्लाद शर्मा 57 वर्ष एक पूर्व सैनिक हैं जो वर्तमान में रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग में TM-3 के पद पर कार्यरत हैं। इस घटना ने रेलवे परिसर और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है।

    घटना की जानकारी के अनुसार प्रह्लाद शर्मा की तैनाती PWI स्टोर डिपो में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे की नाइट शिफ्ट में थी। रात करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच जब सन्नाटा पसरा हुआ था तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक डिपो परिसर के भीतर घुस आए। दोनों आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखे थे। ड्यूटी पर सतर्क प्रह्लाद शर्मा ने जब उनसे आने का कारण और नाम-पता पूछा तो बदमाशों ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग और गाली-गलौज शुरू कर दी।

    विवाद इतना बढ़ा कि बदमाशों ने पूर्व सैनिक पर हमला बोल दिया। उन्होंने प्रह्लाद शर्मा को पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से उनकी बेरहमी से पिटाई की। क्रूरता की हद पार करते हुए एक आरोपी ने चाकू निकाला और प्रह्लाद के दाहिने घुटने पर एक के बाद एक तीन वार किए। जब बदमाश ने चौथा वार करने की कोशिश की तो उसे रोकने के प्रयास में प्रह्लाद शर्मा का बायां हाथ गंभीर रूप से कट गया और मौके पर ही अत्यधिक खून बहने लगा। वारदात को अंजाम देकर आरोपी अपनी बाइक से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

    लहूलुहान हालत में घायल कर्मचारी काफी देर तक दर्द से चीखते रहे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर की नजर उन पर पड़ी जिसने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल RPF को सूचित किया। मौके पर पहुंची RPF की टीम ने तत्काल प्रह्लाद शर्मा को शहडोल के देवांता हॉस्पिटल ले जाकर ICU वार्ड में भर्ती कराया जहां उनकी स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है।

    कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 , 121,1 ,110 और 3, 5 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब डिपो परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हेलमेट पहने हमलावरों की पहचान की जा सके। रेलवे जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में एक सरकारी कर्मचारी और पूर्व सैनिक पर इस तरह का हमला क्षेत्र में चर्चा और आक्रोश का विषय बना हुआ है।

  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन आज पीएम मोदी करेंगे, ये हैं ट्रेन की खासियतें

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन आज पीएम मोदी करेंगे, ये हैं ट्रेन की खासियतें

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसे भारतीय रेलवे के इतिहास में एक बड़ा और खास कदम माना जा रहा है। अब तक वंदे भारत ट्रेनें सिर्फ चेयरकार कोच में चल रही थीं, लेकिन स्लीपर वर्जन के शुरू होने से लंबी दूरी की रात की यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। खासकर उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन बड़ी राहत होगी, जो रात में आरामदायक और तेज सफर चाहते हैं।

    वंदे भारत स्लीपर को पूरी तरह आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके इंटीरियर में भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ट्रेन के अंदर का माहौल न सिर्फ आरामदायक बल्कि देखने में भी आकर्षक होगा। बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह की गई है कि लंबा सफर थकान भरा न लगे।

    सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का भरोसा

    सुरक्षा के मामले में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन काफी एडवांस है। इसमें ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रेन की स्पीड और सिग्नल पर नजर रखता है और हादसों की आशंका को काफी हद तक कम करता है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी उपलब्ध है। ड्राइवर के केबिन में आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं।

    स्वच्छता और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान

    रेल मंत्रालय के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर में यूवीसी डिसइंफेक्टेंट तकनीक लगी है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करती है। यह सिस्टम कोच की हवा को फिल्टर करके साफ करता है और फिर ताजी हवा अंदर छोड़ता है। इसका मतलब है कि अगर आसपास किसी यात्री को सर्दी-जुकाम हो, तो भी बाकी यात्रियों को चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।

    आराम और प्रीमियम सुविधाएं

    ट्रेन का बाहरी लुक आधुनिक और एयरोडायनामिक है, जिससे यह स्मूद तरीके से चलेगी और ऊर्जा की खपत कम होगी। दरवाजे ऑटोमैटिक हैं, जो स्टेशन पर रुकने और चलने के समय अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे।

    वंदे भारत स्लीपर की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन में यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। यात्रियों के लिए हाई क्वालिटी कंबल, कवर, एडवांस्ड बेडरोल और कैटरिंग सर्विस जैसी प्रीमियम सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    आरामदायक यात्रा के लिए विशेष व्यवस्था:

    एर्गोनोमिक बर्थ और बेहतर कुशनिंग

    शोर कम करने की तकनीक

    सभी ऑनबोर्ड स्टाफ तय यूनिफॉर्म में

    कोच संरचना और किराया

    इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे:

    11 थर्ड एसी

    4 सेकंड एसी

    1 फर्स्ट एसी

    किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा अधिक होगा। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया लगभग 2,300 रुपये के आसपास रहेगा।

  • स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने FSL रिपोर्ट से दी सफाई: आतिशी के वीडियो में कोई छेड़खानी नहीं पाई गई

    स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने FSL रिपोर्ट से दी सफाई: आतिशी के वीडियो में कोई छेड़खानी नहीं पाई गई

    नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने ‘गुरुओं’ को लेकर टिप्पणी मामले में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के वीडियो की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) रिपोर्ट सार्वजनिक की। स्पीकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो में किसी प्रकार की छेड़खानी या संपादन नहीं हुआ है। एफएसएल रिपोर्ट के अनुसार ऑडियो और वीडियो पूरी तरह प्रमाणिक हैं।

    स्पीकर ने यह भी बताया कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में हुई बहस का ट्रांसक्रिप्ट साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच विपक्ष की मांग पर करवाई गई थी और सत्तारूढ़ दल ने भी इस पर मंजूरी दी थी।

    विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “जब वीडियो जांच के लिए भेजा गया तो 9 जनवरी को अचानक खबर आई कि पंजाब सरकार ने पहले ही इसकी जांच कर ली, रिपोर्ट आ गई और एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह जो नाटकीय घटनाक्रम रहा, आज उसका दूध का दूध-पानी का पानी हो गया है।” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक कांस्टेबल एआई टूल से वीडियो की जांच कर सकता है और किस आधार पर पंजाब सरकार ने रिपोर्ट तैयार की।

    स्पीकर ने साफ कहा कि वह पंजाब सरकार की रिपोर्ट की सीबीआई जांच की सिफारिश करेंगे। उन्होंने कहा, “वीडियो में ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल स्पष्ट है। जो भी घटनाक्रम पंजाब में हो रहा है, उस पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच जरूरी है। सच्चाई यह है कि आतिशी की टिप्पणी पर जवाब देने से बचने के लिए विपक्ष राजनीतिक हथकंडे अपना रहा है और राज्य एजेंसी का इस्तेमाल किया गया।”

  • मध्य प्रदेश पुलिस में पहली बार ट्रेड आरक्षक कैडर ने महाकाल के दरबार में लगाई ‘वर्दी अपमान’ की अर्जी, GD में मर्ज न होने पर बवाल

    मध्य प्रदेश पुलिस में पहली बार ट्रेड आरक्षक कैडर ने महाकाल के दरबार में लगाई ‘वर्दी अपमान’ की अर्जी, GD में मर्ज न होने पर बवाल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश पुलिस के ट्रेड आरक्षक कैडर (कुक, नाई, धोबी, मोची, स्वीपर, स्वीपर आदि) के लगभग 5500 पुलिसकर्मियों ने अब तक के सबसे बड़े कदम में उज्जैन के महाकाल मंदिर में जाकर जनरल ड्यूटी (GD) में मर्ज करने की मांग की है। यह मांग खास इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन पुलिसकर्मियों ने पहली बार सरकारी आदेशों के खिलाफ सामूहिक रूप से विरोध जताया है।
    ट्रेड आरक्षक कैडर के पुलिसकर्मी बताते हैं कि वे कम से कम 7 साल सेवा के बाद फील्ड में काम करने के पात्र हो जाते हैं, लेकिन 2012 में जारी डीजीपी नंदन दुबे के आदेश (जी.ओ.पी-57/93 को बंद करना) के बाद से उनका GD में मर्ज रोक दिया गया। परिणाम यह हुआ कि प्रमोशन के बाद भी उन्हें वही ट्रेड के कामकुक, नाई, धोबी, मोची, स्वीपरके ही काम करने पड़ रहे हैं।

    वहीं, पड़ोसी राज्यों में इसी कैडर को GD में मर्ज कर बल की कमी पूरी की जा रही है। ट्रेड आरक्षकों का कहना है कि अफसरों के घरों में काम करना उनकी गरिमा और वर्दी का अपमान है। कई पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जो सब-इंस्पेक्टर स्तर तक प्रमोशन पा चुके हैं, लेकिन अभी भी उन्हें अफसरों की निजी सेवा में ही लगे रहना पड़ता है।

    इस विरोध का सबसे बड़ा पहलू यह है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे नहीं, बल्कि बाबा महाकाल के दरबार में अर्जी देकर अपनी गुहार लगाई है। ट्रेड आरक्षकों ने महाकाल को पत्र में लिखा कि उनकी वर्दी “अपमान से झुकी हुई” है और वे चाहते हैं कि सरकार 12 साल से रुके GD मर्ज को फिर से लागू करे।

    इसी बीच खरगोन में एक और पुलिस विवाद सामने आया है, जिसमें रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) पर कॉन्स्टेबल की पिटाई करने का आरोप लगा है। मामला 23 अगस्त का है, जब एक पालतू कुत्ता गुम हो गया था और आरआई इस बात से नाराज हो गए। पीड़ित कॉन्स्टेबल राहुल चौहान ने आरोप लगाया कि आरआई और उनकी पत्नी ने जातिसूचक अपशब्द कहे और बेल्ट से पिटाई की।

  • खूबसूरत लड़की दिखे तो रेप हो सकता है”: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान से सियासी तूफान , BJP ने बताया महिला और दलित-विरोधी सोच

    खूबसूरत लड़की दिखे तो रेप हो सकता है”: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान से सियासी तूफान , BJP ने बताया महिला और दलित-विरोधी सोच


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर घमासान मच गया है। भांडेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक आपत्तिजनक और विवादित बयान ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में बल्कि समाज के हर वर्ग में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। धर्मग्रंथों महिलाओं और विशेषकर अनुसूचित जाति-जनजाति समाज को लेकर दिए गए उनके बयान को भाजपा ने महिला-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता का खुला प्रदर्शन करार दिया है।

    एक इंटरव्यू के दौरान विधायक फूल सिंह बरैया ने बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को लेकर ऐसी “थ्योरी” रखी जिसे लेकर चौतरफा निंदा हो रही है। उन्होंने कहा कि “अगर कोई खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और रेप हो सकता है।” यहीं नहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि एससी-एसटी और ओबीसी समाज में खूबसूरत लड़कियां नहीं होतीं और कुछ धर्मग्रंथों में यह लिखा है कि यदि अनुसूचित जाति की महिला के साथ सहवास किया जाए तो उसे काशी तीर्थ के समान पुण्य मिलता है। बरैया ने ‘रुद्रयामल तंत्र’ नामक पुस्तक का हवाला देते हुए यह तर्क दिया कि इसी सोच के कारण एससी-एसटी समाज की महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाएं होती हैं।

    विधायक यहीं नहीं रुके। उन्होंने यह भी कहा कि बलात्कार कोई अकेला व्यक्ति नहीं करता बल्कि चार-पांच लोग मिलकर करते हैं और आरोपियों के दिमाग में यह रहता है कि उन्हें “पुण्य” मिलेगा। इसी मानसिकता के कारण चार महीने और दस महीने की बच्चियों तक के साथ रेप जैसी घटनाएं हो रही हैं। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।

    भाजपा ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि फूल सिंह बरैया का बयान कोई जुबानी फिसलन नहीं बल्कि बीमार विकृत और आपराधिक सोच का सार्वजनिक प्रदर्शन है। उन्होंने लिखा कि महिलाओं को “खूबसूरती” के तराजू पर तौलना और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को “तीर्थ फल” बताना स्त्री-द्वेष दलित-विरोध और मानवता पर सीधा हमला है।

    आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस नेतृत्व को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब राहुल गांधी मध्यप्रदेश आ रहे हैं तो देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है और क्या यही “संविधान बचाओ” का पाखंड है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तत्काल माफी और विधायक के निष्कासन की मांग की। फिलहाल इस बयान ने कांग्रेस को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है जबकि भाजपा इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर लगातार हमलावर है। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी बयान की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है।