Blog

  • यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पर CM मोहन यादव का अहम दौरा: 85 एकड़ जमीन का भविष्य तय करने के लिए बैठक, गैस पीड़ितों की भी होगी बात

    यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पर CM मोहन यादव का अहम दौरा: 85 एकड़ जमीन का भविष्य तय करने के लिए बैठक, गैस पीड़ितों की भी होगी बात


    भोपाल। भोपाल के जेपी नगर स्थित यूनियन कार्बाइड (यूका) फैक्ट्री पर शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निरीक्षण किया और गैस राहत से जुड़े अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। यह दौरा इसी बात का संकेत माना जा रहा है कि फैक्ट्री के 85 एकड़ जमीन के उपयोग को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जा सकता है। शुक्रवार को जिला प्रशासन और गैस राहत विभाग की टीम जमीन से जुड़े फाइलों की जांच में जुटी रही, जबकि पुलिस विभाग ने डीआरपी लाइन के लिए भी जमीन मांगने का प्रस्ताव रखा है।
    इस सबके बीच यह सवाल उभरकर सामने आया है कि उस जमीन का सही उपयोग क्या होगाक्या उसे विकास के कामों में लाया जाएगा या फिर गैस पीड़ितों की सुविधाओं के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

    इस दौरान गैस पीड़ित संगठनों ने भी मुख्यमंत्री से मिलने की संभावना जताई। गैस पीड़ित संगठन ‘रचना ढिंगरा’ ने बताया कि वे 2-3 अहम मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं। इनमें सबसे बड़ी मांग यह है कि कई महिलाओं को एक हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन अभी तक नहीं मिल रही है। साथ ही गैस पीड़ितों के पुनर्वास और स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर बनाई गई राज्य स्तरीय समिति की बैठक पिछले 11 साल से नहीं हुई है।

    संगठन का कहना है कि इन मुद्दों पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि पीड़ितों की हालत आज भी बेहद नाजुक है और उन्हें समय-समय पर सहायता की जरूरत रहती है।

    यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के 40 साल बाद हटाए गए जहरीले कचरे की याद भी ताजा है। पिछले साल जनवरी में फैक्ट्री से 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा हटाया गया था। यह कचरा 12 कंटेनरों में उच्च सुरक्षा के बीच पीथमपुर ले जाया गया था, जहां लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद इसे जलाया गया था।

    हालांकि गैस पीड़ित संगठन अभी भी दावा करते हैं कि फैक्ट्री परिसर में हजारों टन कचरा दफन है, जिसके कारण आसपास के 42 बस्तियों का भूजल प्रदूषित हो चुका है। यह स्थिति आज भी लोगों की सेहत के लिए खतरा बनी हुई है और इसी कारण इलाके में पुनर्वास और पर्यावरण सुरक्षा की मांग लगातार उठती रहती है।

    भोपाल गैस त्रासदी 2-3 दिसंबर 1984 की रात की घटना थी, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में गिना जाता है। उस रात यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के प्लांट CK में टैंक नंबर 610 से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस लीक हुई, जिससे हजारों लोग प्रभावित और मारे गए।

    उस रात की भयावहता का वर्णन आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैलाशों की संख्या इतनी अधिक थी कि उन्हें उठाने के लिए वाहन कम पड़ गए, और धुंध इतनी गहरी थी कि पहचानना भी मुश्किल हो गया।

    याद रहे कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड ने 1969 में प्लांट स्थापित किया था। 1978 में अल्फा नेफ्थॉल और 1979 में MIC उत्पादन की यूनिट शुरू हुई थी। MIC अत्यंत खतरनाक रसायन था और अमेरिका में इसे कड़ी सुरक्षा के साथ एक-एक लीटर की बोतलों में भेजा जाता था, जबकि भारत में इसे बड़े स्टील कंटेनरों में लाया जाता था। 2 दिसंबर की रात टैंक की सफाई के दौरान पानी का रिसाव MIC टैंक में चला गया और ‘रन अवे रिएक्शन’ की वजह से टैंक फट गया, जिससे गैस फैली। इस त्रासदी में शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार 3828 लोग तत्काल मारे गए, जबकि बाद में मौतों और प्रभावितों की संख्या कई गुना बढ़ती गई।

    अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस बैठक और निरीक्षण के बाद 85 एकड़ जमीन का उपयोग किस दिशा में होगाक्या यह जमीन पीड़ितों की सुविधा, पर्यावरण सुरक्षा और स्मृति स्थल के रूप में सुरक्षित रखी जाएगी या फिर विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग की जाएगी। साथ ही गैस पीड़ितों की लंबित मांगों पर भी सरकार की क्या कार्रवाई होती है, यह अगले कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।
  • भोपाल से दिल्ली तक हंगामा: ‘रेप हो सकता है’ वाले बयान पर BJP ने कांग्रेस को घेरा, माफी की मांग

    भोपाल से दिल्ली तक हंगामा: ‘रेप हो सकता है’ वाले बयान पर BJP ने कांग्रेस को घेरा, माफी की मांग


    नई दिल्ली। भोपाल से दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में चर्चा का नया मुद्दा बन गया है कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कथित तौर पर कहा कि “खूबसूरत लड़की दिखे तो दिमाग विचलित हो सकता है, रेप हो सकता है”, जिससे महिलाओं के सम्मान और समाज की संवेदनशीलता को ठेस पहुंची है। इस बयान की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और राजनीतिक दलों ने इसे गंभीर मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर हमला करना शुरू कर दिया।
    BJP ने इसे केवल बयान नहीं, बल्कि अपराध को सामान्य करने वाली विकृत मानसिकता बताया है।

    BJP मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इस बयान को जुबान की फिसलन मानने से इनकार किया और कहा कि यह सोच स्त्री-विरोधी और दलित-विरोधी है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को ‘खूबसूरती’ के पैमाने पर तौलकर उनके खिलाफ अपराध को सामान्य भाषा में जोड़ना समाज के लिए खतरनाक संकेत है। BJP का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि समाज की सोच और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा है।

    इसके साथ ही BJP ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी के मध्यप्रदेश दौरे से पहले इस तरह का बयान सामने आना चिंताजनक है और देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है। BJP ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से भी इस मामले पर स्पष्टीकरण की मांग की है।

    BJP ने साफ कहा है कि अब कांग्रेस की चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी। पार्टी ने दो विकल्प दिए हैंया तो फूल सिंह बरैया से सार्वजनिक माफी दिलाई जाए और उन्हें पार्टी से बाहर किया जाए, या फिर कांग्रेस को यह स्वीकार करना होगा कि वह महिला विरोधी और दलित विरोधी सोच के साथ खड़ी है।

    BJP नेताओं का कहना है कि महिलाओं के सम्मान पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता और नारी देवी को कभी भी ‘प्रयोग की वस्तु’ नहीं बनने दिया जाएगा।

    अब यह देखना बाकी है कि कांग्रेस इस विवाद पर क्या रुख अपनाती हैक्या वह माफी और कार्रवाई के साथ स्थिति को नियंत्रित करती है, या चुप्पी और तर्क-वितर्क के बीच यह मुद्दा और भी बड़ा बन जाएगा।

  • सत्यजीत रे की पहली फिल्म से शुरू हुआ सफर, साधारण जिंदगी से सुपरस्टार तक: Soumitra Chatterjee की कहानी

    सत्यजीत रे की पहली फिल्म से शुरू हुआ सफर, साधारण जिंदगी से सुपरस्टार तक: Soumitra Chatterjee की कहानी

    नई दिल्ली। बंगाली सिनेमा जगत के जाने-माने दिवंगत अभिनेता सौमित्र चटर्जी का आज जन्म दिवस है। भले ही वो आज हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन उनके काम की खूबसूरत विरासत हमेशा हमारे साथ रहेगी। चटर्जी ने अपने करियर में एक से बढ़कर फिल्में की थी। उन्होंने अपने करियर में सबसे ज्यादा काम डायरेक्टर सत्यजीत रे के साथ किया था। तो चलिए दिवंगद सुपरस्टार सौमित्र चटर्जी के जन्मदिन के खास अवसर पर जानते हें उनके जीवन से जुड़े कुछ यादगार पलों के बारे में पढ़िए
    अभिनेता सौमित्र चटर्जी का जन्म 1935 में कोलकाता के सियासदह रेलव स्टेशन के पास मिर्जापुर स्ट्रीट में हुआ था। उनके पिता पेशे से वकील थे और शौकिया तौर पर अभिनेता के रूप में काम किया करते थे। सौमित्र अपने बचपन के दिनों से ही स्कूल के नाटकों में हिस्सा लिया करते थे और जैसे- जैसे वह बड़े होते गए बाद में उनकी रुचि थिएटर में धीरे- धीरे बढ़ती गई। उन्होंने कोलकाता के सिटी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। वह पढ़ाई के साथ थिएटर के प्ले में अभिनय किया करते थे। सौमित्र ने ऑल इंडिया रेडियो में अनाउंसर के रूप में अपनी पहली नौकरी की थी।

    सौमित्र फिल्मों के सेट पर शूटिंग देखने जाया करते थे। इसी क्रम में एक बार सौमित्र सत्यजीत रे की फिल्म की शूटिंग देखने के लिए उनकी फिल्म के सेट पर गए थे। और डायरेक्टर सत्यजीत की नजर पड़ी सौमित्र पर, उन्होंने देखते ही देखते अपने मन ही मन अपनी अगली फिल्म ‘अपूर संसार’ के लिए सौमित्र को साइन कर लिया था। लेकिन उन्हें ये बात नहीं बताई। सत्यजीत ने एक दिन सौमित्र का लोगों से परिचय सौमित्र चट्टोपाध्याय कहकर करवाया और बताया कि वो उनके अगले फिल्म के हीरो हैं। उनकी यह बात सुनकर खुद सौमित्र भी हैरान रह गए थे की आखिर सत्यजीत रे ने ऐसा क्यों कहा।

    सत्यजीत रे फिल्मों के निर्देशन के अलावा उपन्यास भी लिखते थे। उन्होंने ‘फेलूदा’ नाम की मशहूर मिस्ट्री थ्रिलर पर उपन्यास लिखा था और इसी उपन्यास पर उन्होंने फिल्म ‘सोनार केला’ बनाई थी। जिसका निर्देशन भी सत्यजीत ने किया था। साल 1979 में उन्होंने ‘सोनार केला’ का सीक्वल फिल्म ‘जॉय बाबा फेलूनाथ’ का निर्देशन किया था। बता दें की सौमित्र ने सत्यजीत रे के अलावा मृणाल सेन, रितुपर्णो घोष और तपन सिन्हा के साथ भी शानदार काम किया है।

    सौमित्र चटर्जी को अपने शानदार अभिनय के लिए पद्म भूषण, दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड और राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। साल 2018 में उन्हें फ्रांस सरकार ने ‘लीजन ऑफ ऑनर’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था। बता दें कि यह अवॉर्ड फ्रांस का सबसे बड़ा नागरिकता सम्मान है। चटर्जी ने अपने करियर में करीब 100 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है, जिनमें दो हिंदी फिल्में ‘निरुपमा’ और ‘हिंदुस्तानी सिपाही’ भी शामिल हैं। लेकिन साल 2019 में कोरोना संक्रमित होने के चलते उनका 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।

  • महाकाल की शरण में टीम इंडिया: निर्णायक मैच से पहले विराट कोहली और कुलदीप यादव ने की भस्म आरती , बाबा महाकाल से मांगी जीत की कामना

    महाकाल की शरण में टीम इंडिया: निर्णायक मैच से पहले विराट कोहली और कुलदीप यादव ने की भस्म आरती , बाबा महाकाल से मांगी जीत की कामना


    उज्जैन । न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में होने वाले निर्णायक वनडे मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के सितारे आध्यात्मिक ऊर्जा लेने उज्जैन पहुंचे। टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और स्पिनर कुलदीप यादव ने शुक्रवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए और अलौकिक मानी जाने वाली भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। दोनों खिलाड़ी सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर ध्यान और आराधना में लीन रहे। भस्म आरती के दौरान विराट कोहली पूरी तरह पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। उनके मस्तक पर त्रिपुण्ड सुशोभित था और वे पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं की नजरें भी एक पल के लिए विराट और कुलदीप पर ठहर गईं। हालांकि दोनों खिलाड़ियों ने पूरी सादगी और श्रद्धा के साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए और किसी तरह की औपचारिकता से दूर रहे।

    दर्शन के बाद कुलदीप यादव ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि उन्होंने खेल और जीवन दोनों में सफलता के लिए भगवान महाकाल से आशीर्वाद मांगा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की आध्यात्मिक अनुभूति खिलाड़ियों को मानसिक शांति और आत्मविश्वास देती है जो मैदान पर बेहतर प्रदर्शन में मददगार होती है। विराट कोहली ने भले ही कोई बयान नहीं दिया लेकिन उनका शांत और ध्यानमग्न चेहरा यह साफ बयां कर रहा था कि वे इस निर्णायक मुकाबले को लेकर पूरी तरह केंद्रित हैं।गौरतलब है कि इससे पहले भी भारतीय टीम के कई खिलाड़ी बड़े मुकाबलों से पहले महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाते रहे हैं। हाल ही में टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल भी उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। क्रिकेट और आस्था का यह संगम उज्जैन में अक्सर देखने को मिलता है जहां खिलाड़ी मैदान पर उतरने से पहले आध्यात्मिक बल लेने आते हैं।

    इंदौर में खेला जाने वाला यह एकदिवसीय मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मैच है। दोनों टीमें अब तक एक-एक मैच जीतकर बराबरी पर हैं ऐसे में यह मुकाबला सीरीज का फैसला करेगा। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को टीम इंडिया से जीत की पूरी उम्मीद है वहीं विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी से एक बड़ी पारी की आस भी लगाई जा रही है।अब सबकी नजरें रविवार को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हैं। महाकाल के आशीर्वाद के साथ टीम इंडिया मैदान में उतरेगी और करोड़ों प्रशंसक दुआ कर रहे हैं कि बाबा महाकाल की कृपा से जीत भारतीय टीम के हिस्से आए और देशभर में एक बार फिर जश्न का माहौल बने।

  • AR Rahman बोले 8 साल के पावर शिफ्ट पर, उनका बयान हुआ सोशल मीडिया पर वायरल और विवादित

    AR Rahman बोले 8 साल के पावर शिफ्ट पर, उनका बयान हुआ सोशल मीडिया पर वायरल और विवादित

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सबसे कामयाब और ऑस्कर विनर म्यूजिक कम्पोजर एआर रहमान इस वक्त सुर्खियों में हैं. वजह है उनका वो इंटरव्यू, जिसमें उन्होंने अपने करियर को लेकर भी बात की. उन्होंने बताया कि हिंदी सिनेमा में खुद को कम्फर्टेबल करने में उन्हें 7 साल का वक्त लग गया. लेकिन इस दौरान यह भी बताया कि 8 साल से पावर शिफ्ट हुआ, अब उन लोगों के हाथ में पावर है जो बिल्कुल भी क्रिएटिव नहीं है. जिस बयान के बाद विवाद छिड़ गया है. किसके बारे में उन्होंने यह बात कह दी है?
    AR Rahman ने 8 साल के पावर शिफ्ट पर ऐसा क्या कहा, जो विवाद हो गया

    AR Rahman: इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के सबसे कामयाब और ऑस्कर विनर म्यूजिक कम्पोजर एआर रहमान चर्चा में हैं. हाल ही में एआर रहमान ने बताया कि उन्हें हिंदी फिल्मों में खुद को कम्फर्टेबल करने में 7 साल से ज्यादा वक्त लग गया. पहले चीजें अलग थी, पर पिछले 8 साल में उन्हें इंडस्ट्री में बहुत कम काम मिला. जिसकी वजहों का भी उन्होंने खुलासा किया. हालांकि, वो कई बड़ी फिल्मों के लिए म्यूजिक कंपोज कर रहे हैं, जिसमें भारत की सबसे बड़ी फिल्म ‘रामायण’ शामिल है, जिसका बजट 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. जिसमें रणबीर कपूर काम कर रहे हैं. इसी बीच ए आर रहमान ने पिछले 8 साल में हुए पावर शिफ्ट को लेकर भी बात की.

    बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में ऑस्कर विजेता कंपोजर से सवाल हुआ कि क्या 1990 के दशक में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में किसी तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ा था. जिस पर एआर रहमान ने कहा कि उन्हें खुले तौर पर ऐसा कोई भेदभाव महसूस नहीं हुआ है. लेकिन पिछले 8 सालों में उनके हिंदी म्यूजिक करियर में गिरावट आई है. साथ ही एआर रहमान ने इस कमी की वजह ‘पावर शिफ्ट’ को बताया है.

    इस दौरान ऑस्कर विजेता कंपोजर एआर रहमान ने बताया कि, हो सकता है कि मुझे इन सब बातों का पता न चला हो. हो सकता है कि भगवान ने इन सब बातों को मुझसे छिपा लिया हो. लेकिन मैंने कभी ऐसा कुछ महसूस नहीं किया. पर पिछले 8 सालों में शायद पावर शिफ्ट हुआ है. जो लोग क्रिएटिव नहीं हैं, उनके पास अब चीज़ों का फैसला करने की पावर है. और यह शायद कोई कम्युनल बात भी हो सकती है, लेकिन मेरे सामने नहीं. यह मुझे बस ऐसे ही सुनाई दिया. लेकिन उस म्यूज़िक कंपनी ने आगे बढ़कर अपने पांच कंपोज़र हायर कर लिए. जिसके बाद कहा, ओह, यह बहुत बढ़िया है, मेरे लिए आराम है, मैं अपने परिवार के साथ चिल कर सकता हूं.

    रामायण को लेकर क्या बोला था?
    बीबीसी से बातचीत में एआर रहमान ने यह भी बताया कि, वो ब्राह्मण स्कूल से पढ़े हैं, जहां हर साल रामायण और महाभारत पढ़ाई जाती थी. उन्हें कहानी काफी अच्छे से पता थी.वहीं, फिल्म की कहानी ऊंचे आदर्शों और मूल्यों के बारे में है. वो कहते दिखे- लोग बेशक इस पर सवाल करें, पर वो इन सभी अच्छी बातों को महत्व देते हैं, जिससे सीखने को मिल रहा हो.

  • MP में शीतलहर का प्रकोप: मंदसौर में 2.5°C तक गिरा पारा 5 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट; अगले 2-3 दिन और बढ़ेगी ठंड

    MP में शीतलहर का प्रकोप: मंदसौर में 2.5°C तक गिरा पारा 5 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट; अगले 2-3 दिन और बढ़ेगी ठंड


    भोपाल । मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर दी है। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं और साफ आसमान के कारण प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि रात के साथ-साथ दिन में भी ठिठुरन बनी हुई है। प्रदेश में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान मंदसौर में दर्ज किया गया जहां न्यूनतम पारा गिरकर 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मंदसौर के अलावा शहडोल अनूपपुर उमरिया कटनी मैहर सहित कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। ठंड का असर सिर्फ ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है बल्कि भोपाल इंदौर ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहर भी इसकी चपेट में हैं। इन शहरों में रात का तापमान तेजी से गिरा है और दिन में भी ठंडक बनी हुई है जिससे लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा। ग्वालियर-चंबल सागर और रीवा संभाग में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा गया जहां विजिबिलिटी काफी कम हो गई। इससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ और सुबह के समय वाहनों की रफ्तार थमी रही। कई जगह स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने शहडोल अनूपपुर उमरिया कटनी और मैहर जिलों में कोल्ड वेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाने के लिए घरों में ही रहने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक ठंड से सर्दी खांसी बुखार और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक ठंड और तेज पड़ सकती है। रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है जबकि ठंडी हवाओं के कारण दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बना रहेगा। हालांकि राहत की उम्मीद भी दिखाई दे रही है। 19 जनवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है जिसके प्रभाव से 20 और 21 जनवरी के बाद प्रदेश में बादल छा सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या मावठा हो सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बादलों और बारिश के चलते तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और ठंड से कुछ हद तक राहत मिलेगी। फिलहाल प्रदेश में शीतलहर का असर जारी है और लोगों को अगले कुछ दिन और कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।

  • मालदा में PM के आगमन पर उत्सव का माहौल, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन ने बढ़ाया जोश

    मालदा में PM के आगमन पर उत्सव का माहौल, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन ने बढ़ाया जोश

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर शनिवार को खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। हजारों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन और भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन के उद्घाटन के लिए सुबह से ही मौजूद थे। आम जनता के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

    प्रधानमंत्री का दौरा और ट्रेन उद्घाटन
    पीएम मोदी ने मालदा टाउन स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर कोच का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने पुराने मालदा बाईपास के पास के मैदान में कई अन्य ट्रेनों का उद्घाटन किया और फिर एक जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर दी गई थीं, और दूर-दूर से लोग उत्सुकता से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

    जनता की प्रतिक्रिया और उत्साह
    भीड़ में मौजूद लोगों ने खुशी और गर्व जताया। एक महिला ने कहा, “पीएम मोदी यहां आकर वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन का उद्घाटन कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व का पल है।” वहीं एक पुरुष ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत होने जा रही है। यह ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा होगी।” एक युवा ने उत्साह जताते हुए कहा कि वे देखना चाहते हैं कि इस ट्रेन में यात्रियों को कौन-कौन सी नई सुविधाएं मिलेंगी।

    जनता की उम्मीदें पीएम मोदी से
    कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग प्रधानमंत्री से अपनी उम्मीदें भी साझा कर रहे थे।

    देवलिना साहा ने कहा कि बंगाल में बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के अवसर बेहतर हों, और उनका मानना है कि भाजपा के आने से आतंक और असुरक्षा खत्म होगी।

    आशा मुंडा ने बंगाल की सुरक्षा मजबूत करने और आदिवासी समुदाय के लिए कदम उठाने की उम्मीद जताई।

    गायत्री सरकार पॉल ने कहा, “यह हमारे शहर के लिए खुशी का पल है। जब भी पीएम मोदी बंगाल आते हैं, वे कुछ नई सौगात लेकर आते हैं।”

    मालदा के लिए खास दिन
    इस प्रकार मालदा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन और वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन का उद्घाटन एक ऐतिहासिक और गर्वपूर्ण दिन साबित हुआ। जनता की उमंग और उनकी उम्मीदें इस दिन को और भी खास बना रही थीं।

  • FSL ने दी सफाई, आतिशी के बयान पर स्पीकर ने कहा-अब माफी के अलावा कोई रास्ता नहीं

    FSL ने दी सफाई, आतिशी के बयान पर स्पीकर ने कहा-अब माफी के अलावा कोई रास्ता नहीं


    नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में आतिशी मार्जिन के बयान को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि सदन की आधिकारिक रिकॉर्डिंग को विपक्ष की मांग पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में जांच के लिए भेजा गया था और रिपोर्ट अब आ चुकी है। स्पीकर के मुताबिक FSL की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि रिकॉर्डिंग में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है और ऑडियो-वीडियो दोनों पूरी तरह मैच करते हैं।
    स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि 8 जनवरी को दोनों पक्षों की सहमति से रिकॉर्डिंग FSL को सौंप दी गई थी, लेकिन अगले दिन अचानक पंजाब सरकार की तरफ से अपनी ‘अलтернатив जांच’ का दावा सामने आया और वीडियो को डॉक्टर्ड बताया गया। इसके साथ ही FIR भी दर्ज की गई, जिसे स्पीकर ने “नाटकीय मोड़” करार दिया। अब दिल्ली की FSL रिपोर्ट सामने आने के बाद यह मामला और तेज हो गया है, क्योंकि रिपोर्ट ने पहले किए गए दावों को चुनौती दी है।

    स्पीकर का AAP पर हमला, गुरुओं के सम्मान को बताया ठेस
    विजेंद्र गुप्ता ने इस प्रकरण को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि संविधानिक गरिमा और धार्मिक भावनाओं का मामला बताया।

    उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर गुरुओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई और विधानसभा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। स्पीकर ने कहा, “यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा” और इस मामले की कड़ी निंदा की।

    आतिशी से माफी की मांग, पंजाब CM को दी चेतावनी
    स्पीकर ने साफ कहा कि FSL रिपोर्ट के बाद अब आतिशी मार्जिन को माफी मांगनी होगी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्डिंग, ट्रांसक्रिप्ट और ऑडियो-वीडियो में कोई अंतर नहीं है, इसलिए आतिशी को आगे आकर अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए, बयान वापस लेना चाहिए और सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। साथ ही, स्पीकर ने पंजाब के मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि दिल्ली विधानसभा के मामलों में दखल नहीं दें।

  • मुंबई में महत्वपूर्ण मुलाकातें: सर्जियो गोर ने आरबीआई और टाटा ग्रुप से की बातचीत

    मुंबई में महत्वपूर्ण मुलाकातें: सर्जियो गोर ने आरबीआई और टाटा ग्रुप से की बातचीत

    नई दिल्ली।  भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने इस हफ्ते की शुरुआत में अपना कामकाज शुरू कर दिया। सोमवार को नई दिल्ली में जिम्मेदारी संभालने के बाद, 14 जनवरी को उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति भवन में अपने क्रेडेंशियल्स सौंपे। इस अवसर पर गोर ने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप के भरोसे और अमेरिका सरकार की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर गर्व है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका-भारत साझेदारी सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और तकनीक सहित कई अहम क्षेत्रों में मजबूत होगी और यह साझेदारी 21वीं सदी को परिभाषित करेगी।

    मुंबई में वाणिज्यिक दौरा और प्रमुख मुलाकातें
    अपने कार्यकाल की शुरुआत में सर्जियो गोर सबसे पहले मुंबई यात्रा पर पहुंचे। वहां उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की और दोनों ने सहयोग बढ़ाने के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की, जिसमें नई अमेरिकी तकनीक शामिल है। इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए गोर ने कहा, “आरबीआई के गवर्नर से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हमने सहयोग बढ़ाने के क्षेत्रों पर चर्चा की।”

    इसके अलावा गोर ने टाटा कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से भी मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि यह एक ऐसा समूह है जिसकी 150 साल पुरानी विरासत है और जिसकी अमेरिका में मजबूत मौजूदगी है।

    ट्रेड और रणनीतिक साझेदारी पर जोर
    नई दिल्ली में अपने पहले दिन अमेरिकी राजदूत ने भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच 13 जनवरी से ट्रेड वार्ता फिर से शुरू हो गई है और अगली बैठक मंगलवार को होगी। गोर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश होने के कारण डील अंतिम रूप देना आसान काम नहीं है, लेकिन अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड, सुरक्षा, काउंटर टेररिज्म, ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग जारी रहेगा।

    भारत अमेरिका का सबसे अहम साझेदार
    सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया और कहा कि आने वाले महीनों और सालों में उनका उद्देश्य एक बड़ा एजेंडा पूरा करना है। उनका मानना है कि दोनों देश सच्चे रणनीतिक साझेदार बनकर काम करेंगे, जिसमें सम्मान, ताकत और नेतृत्व दोनों तरफ से आएगा।

    इस तरह, सर्जियो गोर का कार्यकाल भारत-अमेरिका सहयोग को नई ऊँचाई पर ले जाने और दोनों देशों के बीच व्यापारिक एवं रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

  • सेबी का बड़ा फैसला… एक अफ्रैल से बदल जाएंगे म्यूचुअल फंड से जुड़े ये नियम

    सेबी का बड़ा फैसला… एक अफ्रैल से बदल जाएंगे म्यूचुअल फंड से जुड़े ये नियम


    नई दिल्ली।
    भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) (Securities and Exchange Board of India + SEBI) ने म्यूचुअल फंड (Mutual Fund ) से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। इसका मकसद पारदर्शिता बढ़ाना, निवेशकों के हितों की सुरक्षा करना और फंड हाउसों में बेहतर गवर्नेंस सुनिश्चित करना है। ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।


    क्या हैं नए नियम?

    नए नियमों के तहत म्यूचुअल फंड योजनाओं के खर्च ढांचे में अहम बदलाव किए गए हैं। म्यूचुअल फंड योजनाएं अब अपने प्रदर्शन से जुड़ा बेस एक्सपेंस रेशियो वसूल सकेंगी। सेबी ने स्पष्ट किया है कि जो योजनाएं प्रदर्शन आधारित बेस एक्सपेंस रेशियो लेने का विकल्प चुनेंगी, उन्हें बोर्ड द्वारा समय-समय पर तय किए गए खर्च ढांचे और डिस्क्लोजर नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा कुल खर्च को अलग-अलग हिस्सों में दिखाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा ब्रोकरेज सीमा में भी सेबी ने कटौती की है। कैश मार्केट में ब्रोकरेज की अधिकतम सीमा को घटाकर 6 बेसिस पॉइंट कर दिया गया है। वहीं डेरिवेटिव सेगमेंट में नेट ब्रोकरेज कैप को 3.89 बेसिस प्वाइंट से घटाकर 2 बेसिस प्वाइंट कर दिया गया है।

    इसके अलावा पहले ब्रोकरेज, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT), स्टांप ड्यूटी और एक्सचेंज फीस जैसे खर्च टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) में शामिल रहते थे। वहीं अब इन्हें अलग-अलग दिखाना होगा। नया बेस एक्सपेंस रेशियो केवल एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा निवेशकों का पैसा मैनेज करने के लिए ली जाने वाली फीस को दिखाएगा। इसके अलावा, सेबी ने ट्रस्टी और प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों (KMPs) की जिम्मेदारियों को भी बढ़ाया है। इससे एसेट मैनेजमेंट कंपनियों पर निगरानी और जवाबदेही और सख्त होगी, जिससे गवर्नेंस मानकों को मजबूती मिलेगी।


    शेयर बाजार में बदलाव के भी प्रस्ताव

    हाल ही में सेबी ने शेयर बाजारों में कारोबार से संबंधित ढांचे में बड़े बदलाव का प्रस्ताव किया। इसका मकसद नियमों को सरल बनाना, दोहराव को हटाना और बाजार सहभागियों के लिए अनुपालन के बोझ को कम करना है। ये प्रस्ताव शेयर बाजारों और जिंस वायदा-विकल्प बाजारों में कारोबारी सुगमता बढ़ाने की सेबी की व्यापक पहल का हिस्सा हैं।