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  • Rahu Ketu का बॉक्स ऑफिस स्लो स्टार्ट,Day 1 में 1 करोड़ की कमाई, “Happy Patel” ने की आगे बढ़त

    Rahu Ketu का बॉक्स ऑफिस स्लो स्टार्ट,Day 1 में 1 करोड़ की कमाई, “Happy Patel” ने की आगे बढ़त


    नई दिल्ली। कॉमेडी के फैंस के लिए यह सप्ताह पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की जोड़ी के नाम रहा, जो ‘फुकरे’ के बाद फिर से बड़े पर्दे पर लौटे हैं। उनकी नई फिल्म ‘राहु केतु’ शुक्रवार को रिलीज़ हुई और ट्रेलर ने दर्शकों को एक फुल-ऑन फैंटेसी कॉमेडी का वादा किया था। फिल्म की कहानी एक जादुई नोटबुक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दो बदकिस्मत किरदारों को असल दुनिया में ले आती है। इन दोनों की किस्मत में उलझन तब और बढ़ जाती है जब मीनू टैक्सी नाम की रहस्यमयी लड़की नोटबुक चोरी कर लेती है और उनके लिए नोटबुक वापस लेना ज़िंदगी-मौत का मामला बन जाता है।
     ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘राहु केतु’ ने अपने पहले दिन (Day 1) लगभग 1 करोड़ रुपये की कमाई की। यह आंकड़ा सैकनिल्क की शुरुआती रिपोर्ट पर आधारित है और बाद में बदल भी सकता है।
    फिल्म की कुल हिंदी स्क्रीन पर ऑक्यूपेंसी 6.90% रही, जिसमें सबसे ज्यादा दर्शक शाम और रात के शो में नजर आए। इसका मतलब यह है कि शुरुआत में दर्शकों का उत्साह अपेक्षित स्तर से कम रहा, लेकिन शाम के समय कुछ हलचल जरूर देखी गई।

    इस बीच, उसी दिन रिलीज़ हुई वीर दास की कॉमेडी ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ ने बेहतर शुरुआत की और 1.25 करोड़ रुपये के साथ ‘राहु केतु’ से आगे निकल गई। बॉक्स ऑफिस पर पहले से चल रही फिल्मों जैसे ‘धुरंधर’, ‘28 इयर्स लेटर: द बोन टेंपल’, ‘द राजा साब’ आदि के साथ प्रतिस्पर्धा के बीच ‘राहु केतु’ के लिए यह सप्ताह चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

    फिर भी, ‘राहु केतु’ के पास एक मजबूत USP है

    फैंटेसी, कॉमेडी और थ्रिल का अनोखा मिश्रण। अगर कहानी और प्रदर्शन दर्शकों को बांध पाए, तो फिल्म समय के साथ टर्नअराउंड कर सकती है। अब यह देखना बाकी है कि क्या ‘राहु केतु’ अगले दिनों में अपनी रफ्तार पकड़ पाती है और क्या यह ‘हैप्पी पटेल’ जैसी नई कॉमेडी फिल्मों के बीच अपनी अलग पहचान बना पाती है।

    (नोट: बॉक्स ऑफिस आंकड़े शुरुआती रिपोर्ट्स पर आधारित हैं और आधिकारिक रिलीज के बाद बदल सकते हैं।)

  • युद्ध के बाद गाजा के पुनर्निर्माण के लिए US ने की 'बोर्ड ऑफ पीस' की घोषणा, इन्हें मिली बड़ी जिम्मेदारी

    युद्ध के बाद गाजा के पुनर्निर्माण के लिए US ने की 'बोर्ड ऑफ पीस' की घोषणा, इन्हें मिली बड़ी जिम्मेदारी


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने गाजा पट्टी (Gaza Strip) में युद्ध के बाद पुनर्निर्माण, शासन और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक नया अंतरराष्ट्रीय निकाय ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (शांति बोर्ड) (New International Body, ‘Board of Peace’) की स्थापना की घोषणा की है। ट्रंप खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। वाइट हाउस ने शुक्रवार को इस बोर्ड के संस्थापक कार्यकारी सदस्यों की सूची जारी की, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनेर और अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।

    यह बोर्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इजरायल-हमास संघर्ष को समाप्त करना, गाजा में स्थायी शांति स्थापित करना, पुनर्निर्माण करना और समृद्धि लाना है। योजना के दूसरे चरण में प्रवेश हो चुका है, जिसमें हमास द्वारा शासन छोड़ने, पूर्ण हथियार डालने और एक तकनीकी फिलिस्तीनी प्रशासन की स्थापना शामिल है।

    यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी निगरानी में गाजा को शासित करने वाली फिलिस्तीनी तकनीकी समिति की पहली बैठक शुक्रवार को मिस्र की राजधानी काहिरा में आयोजित की गई। इस समिति के प्रमुख अली शाथ हैं जो गाजा से ताल्लुक रखने वाले इंजीनियर और पूर्व फिलिस्तीनी अथॉरिटी अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि समिति जल्द से जल्द काम शुरू करेगी। उन्होंने माना कि गाजा के पुनर्निर्माण और पुनर्बहाली में लगभग तीन साल का समय लग सकता है। फिलहाल उनकी प्राथमिकता तत्काल जरूरतों पर रहेगी, जिनमें लोगों के लिए अस्थायी और स्थायी आश्रय की व्यवस्था शामिल है। मिस्र के सरकारी चैनल Al-Qahera News को दिए इंटरव्यू में अली शाथ ने कहा- फिलिस्तीनी लोग इस समिति के गठन और कामकाज की लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे, ताकि उन्हें इस तबाही से उबारा जा सके।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप गाजा में शासन व्यवस्था संभालने के लिए इस तकनीकी समिति के प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। 10 अक्टूबर को संघर्षविराम लागू होने के बाद इजरायली सेना गाजा के कुछ हिस्सों से पीछे हटी, जिसके चलते हजारों विस्थापित फिलिस्तीनी अपने तबाह हो चुके घरों की ओर लौटे। हालांकि आगे की राह आसान नहीं मानी जा रही है। सबसे बड़ी चुनौतियों में संघर्षविराम की निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती और हमास को निरस्त्र करने जैसी संवेदनशील प्रक्रिया शामिल है।

    ट्रंप की योजना के तहत, गाजा में रोजमर्रा के प्रशासन का काम अली शाथ की तकनीकी समिति करेगी, जबकि उसकी निगरानी ट्रंप के नेतृत्व में बनने वाला एक उच्चस्तरीय ‘बोर्ड ऑफ पीस’ करेगा। फिलहाल इस बोर्ड के सभी सदस्यों की घोषणा नहीं की गई है।


    वाइट हाउस ने घोषित किए बोर्ड के सदस्य

    व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, बोर्ड ऑफ पीस के संस्थापक कार्यकारी बोर्ड में सात सदस्य शामिल हैं:
    अध्यक्ष: डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति)
    मार्को रुबियो (अमेरिकी विदेश मंत्री)
    जेरेड कुशनेर (ट्रंप के दामाद और पूर्व सलाहकार)
    स्टीव विटकॉफ (मध्य पूर्व के लिए अमेरिकी विशेष दूत)
    सर टोनी ब्लेयर (पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री)
    अजय बंगा (विश्व बैंक के अध्यक्ष)
    मार्क रोवन (अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ)
    रॉबर्ट गेब्रियल (अमेरिकी उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार)

    ट्रंप ने इसे कभी भी, कहीं भी गठित सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड करार दिया है। बोर्ड के प्रत्येक सदस्य को गाजा की स्थिरता और दीर्घकालिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र सौंपे जाएंगे, जैसे शासन क्षमता निर्माण, क्षेत्रीय संबंध, पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षण, बड़े पैमाने पर फंडिंग और पूंजी जुटाना।


    अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां

    निकोलाय म्लादेनोव (बुल्गारियाई राजनेता और पूर्व यूएन मध्य पूर्व दूत) को गाजा के लिए हाई रिप्रेजेंटेटिव नियुक्त किया गया है, जो बोर्ड की ओर से जमीन पर काम करेंगे। अमेरिकी मेजर जनरल जास्पर जेफर्स को इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (ISF) का कमांडर बनाया गया है, जो सुरक्षा स्थापित करने, शांति बनाए रखने और आतंक-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा। गाजा में दैनिक प्रशासन के लिए नेशनल कमिटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) गठित की गई है, जिसके प्रमुख फिलिस्तीनी इंजीनियर और पूर्व मंत्री अली शाथ हैं। यह तकनीकी और गैर-राजनीतिक समिति हमास के स्थान पर सार्वजनिक सेवाएं संचालित करेगी।

    ट्रंप की यह योजना पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुई थी, जिसके तहत बचे हुए बंधकों की रिहाई और युद्धविराम हुआ। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने नवंबर 2025 में प्रस्ताव 2803 पारित कर इस योजना और बोर्ड को समर्थन दिया। हालांकि, टोनी ब्लेयर की नियुक्ति विवादास्पद है, क्योंकि इराक युद्ध (2003) में उनकी भूमिका के कारण मध्य पूर्व में वे विभाजनकारी व्यक्तित्व माने जाते हैं। ट्रंप ने पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि वे ब्लेयर को पसंद करते हैं, लेकिन उनकी स्वीकार्यता जांचेंगे।

    कई विशेषज्ञों और अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस बोर्ड को औपनिवेशिक संरचना जैसा बताया है, क्योंकि एक विदेशी नेता (ट्रंप) किसी अन्य क्षेत्र के शासन की निगरानी कर रहा है। फिलिस्तीनी गुटों और हमास की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन योजना के तहत हमास ने शासन छोड़ने पर सहमति जताई है, हालांकि निरस्त्रीकरण पर असहमति बनी हुई है।

  • पोपटलाल की लाइफ में होगा 180 डिग्री बदलाव, TMKOC में शादी का बड़ा ट्विस्ट

    पोपटलाल की लाइफ में होगा 180 डिग्री बदलाव, TMKOC में शादी का बड़ा ट्विस्ट


    नई दिल्ली। तारक मेहता का उल्टा चश्मा (TMKOC) के दर्शक लंबे समय से पोपटलाल की जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव देखने की उम्मीद कर रहे थे और अब ऐसा लग रहा है कि शो में एक बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। खबरों की मानें तो पोपटलाल की जिंदगी में शादी का नया मोड़ आने वाला है और उन्हें दूल्हन मिलने वाली है। इस खबर ने फैंस के बीच उत्साह और चर्चा को बढ़ा दिया है, क्योंकि पोपटलाल की नटखट, शर्मीली और अपने तरीके से बड़ी-बड़ी बातों को हल्के-फुल्के अंदाज़ में पेश करने वाली छवि को देखते हुए यह ट्विस्ट काफी मनोरंजक साबित हो सकता है।

    पोपटलाल की शादी का आइडिया शो में नई कॉमिक स्थिति पैदा करेगा।

    शो में पोपटलाल हमेशा अपने विवाह और शादी को लेकर हिचकते रहे हैं, लेकिन अब अगर उन्हें सच में दूल्हन मिलती है तो उनकी जिंदगी में एक नई लय आ सकती है। इससे न केवल पोपटलाल की कहानी आगे बढ़ेगी, बल्कि अन्य किरदारों के साथ उनके रिश्तों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। दर्शक यह भी जानना चाहेंगे कि पोपटलाल की दूल्हन कौन होगी और क्या वह गोकुलधाम सोसाइटी में आकर उनकी दुनिया को बदल देगी या फिर पोपटलाल की पुरानी आदतें वही रहेंगी।

    इस नए ट्विस्ट से शो में ड्रामा, रोमांच और कॉमेडी का एक नया मिश्रण देखने को मिलेगा।

    पोपटलाल के किरदार में अक्सर नाटकीयता और मज़ाकिया संवाद होते हैं, जो शो को सबसे अलग बनाते हैं। अगर पोपटलाल की शादी की कहानी को सही तरीके से आगे बढ़ाया गया तो यह TMKOC के लिए एक नया पेज बन सकता है। इसके साथ ही यह ट्विस्ट दर्शकों को नए सस्पेंस और नई परिस्थितियों से जोड़ने का काम करेगा।

    हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पोपटलाल की शादी का फैसला किस वजह से लिया गया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि शो में यह मोड़ सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ के साथ भी दिखाया जा सकता है। TMKOC की कहानी अक्सर समाज में चल रहे मुद्दों को हल्के-फुल्के तरीके से पेश करती है और यही वजह है कि यह शो सालों से दर्शकों का पसंदीदा बना हुआ है।

    पोपटलाल की शादी के पीछे कोई बड़ा संदेश या सामाजिक कारण भी हो सकता है, जिससे कहानी में गहराई आएगी और दर्शक इसे सिर्फ कॉमेडी के रूप में नहीं बल्कि एक संदेश के रूप में भी देखेंगे।

    पोपटलाल की शादी का ट्विस्ट फैंस के लिए एक नया सरप्राइज है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठता है कि क्या पोपटलाल अपनी नई जिम्मेदारियों को संभाल पाएंगे? क्या उनका अजीब-सा व्यवहार और मजाकिया अंदाज शादी के बाद भी जारी रहेगा? या फिर वे अपनी नई पत्नी के साथ एक अलग ही किरदार में नजर आएंगे? इन सभी सवालों का जवाब जल्द ही आने वाले एपिसोड में देखने को मिलेगा, जो TMKOC को फिर से चर्चा में ला देगा।
    TMKOC में पोपटलाल की शादी का ट्विस्ट शो में नया उत्साह और मनोरंजन लेकर आएगा, और दर्शकों के लिए यह एक बार फिर हंसी और मस्ती का पावर-पैक पैकेज साबित होगा।

  • 2016 में आई इस बॉलीवुड फिल्म में थे 23 किसिंग सीन्स, दीपिका थीं डायरेक्टर की पहली पसंद

    2016 में आई इस बॉलीवुड फिल्म में थे 23 किसिंग सीन्स, दीपिका थीं डायरेक्टर की पहली पसंद

    नई दिल्ली।  रणवीर सिंह ने बॉलीवुड में तमाम फिल्में की हैं। आज हम आपको धुरंधर स्टार रणवीर सिंह की वो फिल्म बता रहे हैं जिसमें करीब 23 किसिंग सीन्स थे। यह फिल्म साल 2016 में रिलीज हुई थी। अब आप फिल्म का नाम पहचान गए होंगे। अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं। इस फिल्म का नाम है बेफिक्रे। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ वाणी कपूर नजर आई थीं।

    आदित्य चोपड़ा ने डायरेक्ट की थी फिल्म
    बेफिक्रे यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म थी। फिल्म को आदित्य चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था। बेफिक्रे आदित्य चोपड़ा की पहली ऐसी फिल्म थी जिसे उन्होंने खुद प्रोड्यूस भी किया था। वहीं, ये चौथी फिल्म थी जिसे आदित्य चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था।

    दीपिका थीं आदित्य की पहली पसंद
    आईएमडीबी के मुताबिक, इस फिल्म के लिए आदित्य चोपड़ा की पहली पसंद दीपिका पादुकोण थीं। हालांकि, बाद में आदित्य चोपड़ा ने दीपिका की जगह वाणी कपूर को कास्ट किया क्योंकि वो अपनी फिल्म के लिए एक फ्रेश जोड़ी चाहते थे। कथिततौर पर इस फिल्म में 23 किसिंग सीन्स थे।

    उस वक्त एक दूसरे को डेट कर रहे थे रणवीर और दीपिका
    रणवीर इस फिल्म की शूटिंग के वक्त दीपिका पादुकोण को डेट कर रहे थे। जब दीपिका और रणवीर ने अपना रिलेशनशिप ऑफिसियल किया था तब दीपिका से किसी इवेंट में फिल्म में रणवीर सिंह के किसिंग सीन्स को लेकर सवाल हुआ था। उस वक्त दीपिका ने कहा था कि उन्हें फिल्म का पोस्टर काफी पसंद आया था। उन्होंने फिल्म की भी तारीफ की थी।

    कैसी थी फिल्म की बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस?
    रणवीर सिंह और वाणी कपूर की इस फिल्म का बजट करीब 64 करोड़ था। boxofficeindia.com की मानें तो यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर पाई थी। फिल्म एवरेज से कम थी। फिल्म ने भारत में 83.40 करोड़ (ग्रॉस कलेक्शन) की कमाई की थी।

  • म्यूजिक इंडस्ट्री में दहशत: सिंगर बी प्राक को लॉरेंस गैंग की धमकी, फिरौती को लेकर सनसनी

    म्यूजिक इंडस्ट्री में दहशत: सिंगर बी प्राक को लॉरेंस गैंग की धमकी, फिरौती को लेकर सनसनी

    नई दिल्ली।  बी प्राक को धमकी देने वाले कॉलर ने अपना नाम आरजू बिश्नोई बताया. आरजू बिश्नोई जो लॉरेन्स बिश्नोई गैंग का है और विदेश में छिप कर बैठा है. उसने फोन पर धमकी देते हुए कहा कि हेलो आरजू बिश्नोई बोल रहा हूं, उसको बी प्राक को मैसेज कर देना कि 10 करोड़ रुपये चाहिए.
    सिंगर बी प्राक को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. लॉरेंस गैंग ने सिंगर बी प्राक को धमकी दी है और दस करोड़ की मांग की है. ऑडियो रिकॉर्डिंग पंजाबी सिंगर दिलनूर को 6 जनवरी की दोपहर भेजी गई. इसके पहले दिलनूर को 5 जनवरी को दो बार कॉल किया गया था. लेकिन दिलनूर ने कॉल नहीं उठाया, 6 जनवरी को भी विदेशी नम्बर से कॉल किया गया.

    दिलनूर कि शिकायत के मुताबिक उसने कॉल उठाई, लेकिन जब बात अजीब लगने लगी, तो उसने कॉल काट दिया. जिसके बाद सिंगर को वॉयस मैसेज भेजा गया, उन्होंने मामले को लेकर मोहाली में शिकायत दर्ज कराई है.

    सिंगर बी प्राक को मिली धमकी
    बी प्राक को धमकी देने वाले कॉलर ने अपना नाम आरजू बिश्नोई बताया. आरजू बिश्नोई जो लॉरेन्स बिश्नोई गैंग का है और विदेश में छिप कर बैठा है. उसने फोन पर धमकी देते हुए कहा कि हेलो आरजू बिश्नोई बोल रहा हूं, उसको बी प्राक को मैसेज कर देना कि 10 करोड़ रुपये चाहिए. तेरे पास एक हफ्ते का टाइम है. जिस मर्जी देश में चला जा. आसपास इसके साथ वाला कोई भी मिल गया ना तो नुकसान कर देंगे. और इसको फेक कॉल मत समझना. मिल के चलेगा तो ठीक नहीं तो उसको बोल मिट्टी में मिला देंगे.

    हिट हुए बी प्राक के गाने
    बी प्राक बॉलीवुड का एक बड़ा नाम हैं, उनका असली नाम प्रतीक बच्चन है. वो अपनी भावनात्मक और दिल छू लेने वाली आवाज के लिए मशहूर हैं. म्यूजिक की दुनिया में उन्होंने संगीत निर्माता के तौर पर शुरूआत की. फिर ‘मन भरया’ से गायक बने और ‘केसरी’, ‘गुड न्यूज’, ‘शेरशाह’ जैसी फिल्मों में गाने दिए.

    बी प्राक उन सिंगर्स में से हैं, जो अपनी आवाज से महफिल सजा देते हैं. पर्सनल लाइफ की बात करें, तो पिछले साल 1 दिसंबर 2025 को उनकी पत्नी मीरा ने बेटे को जन्म दिया. उन्होंने अपने बेटे का नाम द्विज बच्चन रखा है. वो आध्यत्म से भी जुड़े हुए हैं. उन्हें अकसर वृंदावन में प्रेमानंद महाराज जी के आश्रम में देखा जाता है.

  • दिल्ली में चार दिन इन रास्तों से बचकर निकलें, रिपब्लिक डे परेड रिहर्सल की वजह से बंद रहेंगे कई रूट

    दिल्ली में चार दिन इन रास्तों से बचकर निकलें, रिपब्लिक डे परेड रिहर्सल की वजह से बंद रहेंगे कई रूट

    नई दिल्ली।  गणतंत्र दिवस नजदीक आते ही राजधानी दिल्ली में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में 17, 19, 20 और 21 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल आयोजित की जाएगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को पहले से सतर्क करते हुए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के मुताबिक, इन चारों दिनों कर्तव्य पथ पर परेड की रिहर्सल होगी, जिसके चलते दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात आंशिक या पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

    विजय चौक से इंडिया गेट तक होगी परेड रिहर्सल
    दिल्ली पुलिस ने बताया कि रिहर्सल विजय चौक से शुरू होकर इंडिया गेट तक होगी और परेड रूट को सी-हेक्सागन तक विस्तारित किया गया है। परेड के सुचारू संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सुबह 10:15 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहेंगे। इस दौरान आम लोगों को अनावश्यक रूप से इस क्षेत्र में आने से बचने की सलाह दी गई है।

    उत्तर-दक्षिण आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते
    उत्तर से दक्षिण या दक्षिण से उत्तर दिल्ली जाने वाले यात्रियों को ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है। यात्री सराय काले खां और आईपी फ्लाईओवर के रास्ते राजघाट की ओर जाने वाली रिंग रोड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा मथुरा रोड और भैरों रोड होते हुए रिंग रोड से भी गंतव्य तक पहुंचा जा सकता है। एक अन्य विकल्प लाजपत राय मार्ग है, जो मथुरा रोड से रिंग रोड को जोड़ता है।

    मध्य और नई दिल्ली के लिए सुझाए गए रूट
    यात्री अरबिंदो मार्ग, सफदरजंग रोड, कमाल अतातुर्क मार्ग और कौटिल्य मार्ग से होते हुए सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट और बाबा खड़क सिंह मार्ग की ओर जा सकते हैं। वहीं, पृथ्वी राज रोड से राजेश पायलट मार्ग और सुब्रमण्यम भारती मार्ग के जरिए मथुरा रोड और रिंग रोड की ओर भी पहुंचा जा सकता है।

    पूर्व-पश्चिम दिशा में जाने वालों के लिए राहत
    पूर्व से पश्चिम या पश्चिम से पूर्व दिशा में यात्रा करने वाले लोग भैरों रोड और मथुरा रोड के जरिए रिंग रोड का उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद सुब्रमण्यम भारती मार्ग, राजेश पायलट मार्ग और पृथ्वी राज रोड से आगे सफदरजंग रोड और कमाल अतातुर्क मार्ग होते हुए पंचशील मार्ग, साइमन बोलिवर मार्ग, अपर रिज रोड या वंदे मातरम मार्ग की ओर बढ़ सकते हैं।

    आजादपुर, आईएसबीटी और धौला कुआं के लिए विकल्प
    यात्री रिंग रोड के जरिए आईएसबीटी, चांदगी राम अखाड़ा और मॉल रोड होते हुए आजादपुर की ओर जा सकते हैं। इसके अलावा वाहन बर्फखाना से आजाद मार्केट और रानी झांसी फ्लाईओवर के रास्ते पंचकुइयां रोड, हनुमान मूर्ति और धौला कुआं की दिशा में भी जा सकते हैं।

    कनॉट प्लेस और केंद्रीय सचिवालय जाने वालों के लिए एडवाइजरी
    दक्षिण दिल्ली से कनॉट प्लेस और केंद्रीय सचिवालय जाने वाले यात्रियों को मदर टेरेसा क्रिसेंट और पार्क स्ट्रीट होते हुए मंदिर मार्ग या बाबा खड़क सिंह मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एक अन्य विकल्प वंदे मातरम मार्ग और लिंक रोड के जरिए रिंग रोड से पंचकुइयां रोड की ओर जाना है।

    ट्रैफिक पुलिस की अपील
    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें, समय का अतिरिक्त प्रावधान रखें और संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। नियमों का पालन कर सहयोग करने से परेड रिहर्सल के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहेगी।

  • उत्तर भारत में 'कोल्ड वेव' का अलर्ट: दिल्ली से यूपी तक पारा गिरा, पंजाब में तापमान 0°C दर्ज

    उत्तर भारत में 'कोल्ड वेव' का अलर्ट: दिल्ली से यूपी तक पारा गिरा, पंजाब में तापमान 0°C दर्ज

    नई दिल्ली। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का दौर शुक्रवार को जारी रहा। कश्मीर के अलावा कई जगहों पर रात का तापमान शून्य से नीचे रहा। पंजाब के एसबीएस नगर (नवांशहर) जिले का बल्लोवाल सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस कम था। इस सीजन में न्यूनतम तापमान में पहली इतनी गिरावट दर्ज की गई।

    हरियाणा का भिवानी 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान
    राज्य के सात जिलों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 2.7, बठिंडा में तीन और अमृतसर में 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा। हरियाणा का भिवानी 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के अनुसार, हरियाणा के अंबाला में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, गुरुग्राम में 4.9 डिग्री जबकि फरीदाबाद में 4.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा, दोनों राज्यों के कई स्थानों पर सुबह के समय कोहरे के कारण ²श्यता कम हो गई। राजस्थान में कड़ाके की सर्दी से कोई राहत नहीं मिली। अलवर, नागौर, फतेहपुर और करौली सहित चार स्थानों पर न्यूनतम तापमान लगभग तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    पांच दिनों की शीतलहर के बाद दिल्ली के तापमान में मामूली सुधार
    लगातार पांच दिनों की शीतलहर के बाद शुक्रवार को राजधानी के तापमान में मामूली सुधार देखा गया। दिन में चटक धूप भी खिली, जिसने कंपकंपाती ठंड से राहत दी। दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम है। सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। आइजीआइ एयरपोर्ट पर सुबह साढ़े सात बजे दृश्यता घटकर 150 मीटर रह गई।

    मौसम विभाग ने शनिवार के लिए मध्यम से घना कोहरा छाने व दिन में आंशिक रूप से बादल रहने का यलो अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों में हल्की वर्षा होने की भी संभावना है।

    सोनमर्ग में बर्फबारी, जम्मू में पारा गिरा
    श्रीनगर में चिल्ले कलां के बीच पर्यटन स्थल सोनमर्ग सहित कश्मीर के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी से शीतलहर ने शुक्रवार को फिर जोर पकड़ लिया। घाटी के अधिकांश हिस्सों में दिन के पारे में गिरावट आई है। जम्मू में भी कड़ाके की ठंड से कोई राहत नहीं मिली है। वहीं, श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 1.5, पहलगाम में माइनस 2.6, गुलमर्ग में माइनस 2.3, जम्मू में 4.7 और कटड़ा में 2.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    उत्तराखंड को बर्फबारी का इंतजार
    उत्तराखंड में सुबह और शाम कड़ाके की ठंड ने लोगों को बेहाल कर रखा है। मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे का प्रकोप जारी है, जबकि कई स्थानों पर शीतलहर और शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ ऊंची चोटियों पर बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर के लिए घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    हिमाचल में हल्का हिमपात
    हिमाचल प्रदेश में रोहतांग सहित ¨शकुला, बारालाचा व कुंजम दर्रे में हल्का हिमपात हुआ। प्रदेश भर में कई स्थानों पर बादल छाए रहे, लेकिन वर्षा नहीं हुई। पर्यटकों सहित किसान व बागवान हिमपात और वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। शुक्रवार शाम ऊंची चोटियों व दारचा घाटी सहित मयाड़ व कोकसर घाटी में भी हिमपात हुआ। मनाली घाटी में बादल छाए रहे। लाहुल स्पीति सहित मनाली में हिमपात की उम्मीद बढ़ गई है।

  • आधी रात का विद्रोह: हरदा एकलव्य विद्यालय के 400 बच्चों का पैदल मार्च, अधीक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना और बदइंतजामी के आरोप

    आधी रात का विद्रोह: हरदा एकलव्य विद्यालय के 400 बच्चों का पैदल मार्च, अधीक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना और बदइंतजामी के आरोप


    हरदा । हरदा जिले के रहटगांव तहसील स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में उस समय सनसनी फैल गई, जब सैकड़ों छात्र-छात्राएं आधी रात को हॉस्टल की दीवार फांदकर पैदल मार्च पर निकल पड़े। यह घटना न सिर्फ प्रशासन के लिए चौंकाने वाली थी, बल्कि आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गई। बच्चों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी, भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब थी और शिकायत करने पर डराया-धमकाया जाता था।बताया जा रहा है कि विद्यालय में अध्ययनरत करीब 300 से 400 छात्र-छात्राएं तड़के करीब चार बजेअचानक एकजुट हुए और हॉस्टल परिसर की दीवार फांदकर जिला मुख्यालय हरदा की ओर पैदल निकल पड़े। बच्चों का कहना था कि उन्होंने कई बार अधीक्षिका सोनिया आनंद और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से अपनी समस्याएं साझा कीं, लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। मजबूर होकर बच्चों ने यह अनोखा और साहसिक कदम उठाया।
    पैदल मार्च के दौरान बच्चों में गुस्सा और पीड़ा साफ नजर आ रही थी। वे प्राचार्य हाय-हाय मानसिक प्रताड़ना बंद करोऔर ऐसा भोजन नहीं चलेगा जैसे नारे लगाते हुए अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। करीब दस किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद ग्राम सोडलपुर के पास फोरलेन मार्ग पर जिला प्रशासन को इस असाधारण घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन स्वयं मौके पर पहुंचे। कलेक्टर के पहुंचते ही सभी बच्चे सड़क किनारे बैठ गए और खुलकर अपनी समस्याएं बताईं। बच्चों ने बताया कि उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन नहीं दिया जाता, साफ-सफाई की हालत खराब है और अनुशासन के नाम पर अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने वालों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, जिससे वे भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
    कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बच्चों को शांत करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने मौके पर ही पालकों की एक निगरानी समिति गठित करने की घोषणा की, जो विद्यालय की व्यवस्थाओं, भोजन और अनुशासन पर नजर रखेगी। कलेक्टर के आश्वासन के बाद बच्चों ने अपना विरोध समाप्त किया। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा बसों की व्यवस्था कर सभी बच्चों को सुरक्षित वापस हॉस्टल पहुंचाया गया। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एकलव्य आवासीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली और बच्चों के अधिकारों को लेकर एक बड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है, जिस पर समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।

  • ट्रंप; बोले- जिसने ग्रीनलैंड डील पर साथ नहीं दिया, उसे भी नहीं छोड़ेंगे

    ट्रंप; बोले- जिसने ग्रीनलैंड डील पर साथ नहीं दिया, उसे भी नहीं छोड़ेंगे

     अमेरिकी राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक स्वास्थ्य कार्यक्रम में ट्रंप ने ग्रीन लैंड के मुद्दे पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “अगर वे (यूरोपीय देश) ग्रीनलैंड समझौते का समर्थन नहीं करते हैं, तो मैं उन देशों पर टैरिफ लगा सकता हूं। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है, उन्हें यह समझना होगा।”

    आपको बता दें, डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब यूरोपीय देश लगातार ग्रीनलैंड में अभ्यास के लिए सेना भेजकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर नाटो देशों के बीच बढ़ते इस तनाव को कम करने के लिए अमेरिकी सांसदोंका एक दल इस समय डेनमार्क में है। यहां पर वह डेनमार्क और ग्रीनलैंड के सांसदों से बातचीत कर रहे हैं।

    ट्रंप की ग्रीन लैंड प्रस्ताव को लेकर यूरोप में विरोध इस तरह बढ़ गया है कि जर्मनी और इटली जैसे देशों ने खुले आम रूस के साथ खुद से बात करने की शुरुआत करने पर सहमति जताई है। फ्रांस सीधे तौर पर ग्रीनलैंड में अपनी सेना को पहले से तैनात किए हुए है। इसके बाद भी राष्ट्रपति मैक्रों ने वहां और सैनिक भेजने की बात कही है।

    गौरतलब है कि ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड को कब्जे में लेने की बात कह रहे हैं। ग्रीनलैंड, नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) का एक अर्ध स्वायत्त क्षेत्र है और ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि आर्कटिक द्वीप पर अमेरिका के नियंत्रण से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है।

    उन्होंने शुक्रवार को बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए कहा, ‘‘अगर कोई देश ग्रीनलैंड के मुद्दे पर सहमत नहीं होता है, तो मैं उस पर शुल्क लगा सकता हूं। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की आवश्यकता है।’’

  • बाबर आजम से हुई नोंकझोक पर स्टीव स्मिथ ने तोड़ी चुप्पी, बताया सिंगल ना लेने का असली कारण

    बाबर आजम से हुई नोंकझोक पर स्टीव स्मिथ ने तोड़ी चुप्पी, बताया सिंगल ना लेने का असली कारण

    नई दिल्ली। स्टीव स्मिथ और बाबर आजम के बीच बिग बैश लीग के दौरान हुई नोंकझोक के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में स्टीव स्मिथ बाबर आजम को एक रन लेने से इनकार करते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं एक वीडियो में बाबर आजम की खराब फील्डिंग पर स्टीव स्मिथ निराश दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में जब बाबर आजम आउट हुए तो वह मैदान से बाहर जाते समय बाउंड्री रोप पर अपना गुस्सा निकाल रहे हैं। यह सारी घटनाएं एक ही मैच की है, फैंस हैरान इसलिए भी हैं क्योंकि यह नोंकझोक बाबर आजम और स्टीव स्मिथ के बीच एक ही टीम में रहते हुए हुई। स्टीव स्मिथ ने इस मामले पर अब अपनी चुप्पी तोड़ी है।

    बाबर आजम और स्टीव स्मिथ के बीच इस नोंकझोक की शुरुआत पहली पारी से ही हो गई थी। सिडनी थंडर की पारी के दौरान डेविड वॉर्नर के एक शॉट को रोकने के प्रयास में स्टीव स्मिथ और बाबर आजम के बीच गलतफहमी हुई और गेंद बाउंड्री के बाहर चली गई। हालांकि रिप्ले में साफ दिखा कि बाबर आजम गेंद को पकड़ सकते थे, बाबर की खराब फील्डिंग देख स्टीव स्मिथ हैरान रह गए। वहीं कुछ देर बाद ऐसा ही एक शॉट और आया, जहां पर स्मिथ ने बाबर को नजरअंदाज करते हुए खुद गेंद को पकड़ा। हालांकि इस दौरान भी बाबर स्टीव स्मिथ के आगे आ गए थे।

    इसके बाद दोनों बल्लेबाजों ने सिडनी सिक्सर्स के लिए पारी का आगाज किया और अच्छी शुरुआत दिलाई। हालांकि 11वें ओवर के दौरान स्टीव स्मिथ ने बाबर आजम को एक आसान सिंगल लेने के लिए मना कर दिया। जिससे बाबर काफी नाराज नजर आए। स्टीव स्मिथ ने अब उस सिंगल को ना लेने का कारण बताया है।

    स्टीव स्मिथ ने मैच के बाद कहा, “’हमने 10 ओवर के बाद बात की थी, और कप्तान और कोच ने कहा था कि तुरंत पावर-सर्ज ले लो। मैंने कहा नहीं, एक ओवर और खेलने दो। मैं छोटी बाउंड्री की तरफ खेलना चाहता हूं। मैं पहले ओवर को खराब नहीं करना चाहता। मैं उस ओवर में 30 रन बनाने की कोशिश करूंगा। मुझे लगता है कि हमने 32 रन बनाए, इसलिए यह एक अच्छा नतीजा था। मुझे नहीं पता कि बाबर मुझसे सिंगल न लेने के फैसले से खुश था या नहीं।”

    स्टीव स्मिथ का सिंगल ना लेने का फैसला टीम के हित में रहा, 12वें ओवर में स्मिथ ने पावर-सर्ज का इस्तेमाल किया और 32 रन बटौरे। यह बीबीएल के इतिहास का सबसे महंगा ओवर था। इस ओवर में भी स्मिथ दो रन लेने में आनाकानी कर रहे थे, मगर अंत में उन्होंने दो रन लिए। बता दें, बीबीएल में पावर-सर्ज का नियम है। इसके तहत 10 ओवर के बाद टीमें 2 ओवर के लिए पावरप्ले का इस्तेमाल कर सकती है, जिसमें 2 खिलाड़ी 30 गज के घेरे से बाहर रहेंगे। जैसा कि आमतौर पर टी20 में पहले 6 ओवर में होता है।