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  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के निर्यात में 1.87 फीसदी का इजाफा

    वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के निर्यात में 1.87 फीसदी का इजाफा


    नई दिल्ली।
    वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं (Global Economic Uncertainties) के बीच बीते महीने (दिसंबर 2025) में भारत (India) से होने वाले वस्तु निर्यात (Commodity Export) में 1.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान भारत ने 38.51 अरब डॉलर का निर्यात किया है। जबकि, उससे पहले वर्ष की की समान अवधि (दिसंबर 2024) में 37.80 अरब डॉलर का निर्यात किया था।

    वहीं, बीते महीने वस्तुओं का आयात 8.7 प्रतिशत बढ़कर 63.55 अरब डॉलर रहा, जो दिसंबर 2024 में 58.43 अरब डॉलर का रहा है। इस तरह से बीते महीने वस्तुओं के आयात में वृद्धि के चलते व्यापार घाटा बढ़कर 25.04 अरब डॉलर हो गया।

    गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी आयात-निर्यात के आंकड़ों से पता चलता है कि वस्तु एवं सेवाओं को मिलाकर भारत ने बीते महीने 74.01 अरब डॉलर का निर्यात किया है, जबकि दिसंबर 2024 में 74.77 अरब डॉलर का निर्यात किया था।

    सेवा के निर्यात में गिरावट
    इस अवधि में सेवा के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है, जो 36.97 से घटकर 36.50 अरब डॉलर रही है। वहीं, आयात की बात करें तो दिसंबर 2025 में भारत ने वस्तु एवं सेवा का कुल निर्यात 80.84 अरब डॉलर का रहा है, जो दिसंबर 2024 में 76.23 अब ड़लर का रहा था। चालू वित्त वर्ष (अप्रैल-दिसंबर) के दौरान देश का कुल वस्तु निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 330.29 अरब डॉलर का रहा है। जबकि आयात 5.9 प्रतिशत बढ़कर 578.61 अरब डॉलर हो गया।


    नौ महीनों में कुल व्यापार घाटा 248.32 अरब डॉलर पर पहुंचा

    इस तरह वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में कुल व्यापार घाटा 248.32 अरब डॉलर दर्ज किया गया। अगर वस्तु एवं सेवा क्षेत्र के निर्यात को जोड़कर देखा जाए तो बीते नौ महीनों में निर्यात 4.33 प्रतिशत बढ़ गया है जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में 607.93 अरब डॉलर का था लेकिन चालू वित्तीय वर्ष दिसंबर तक ही निर्यात बढ़कर 634.26 अरब डॉलर का रहा है।


    निर्यात के मोर्चे पर सकारात्मक रुझान

    वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल का निर्यात को लेकर कहना है कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात सकारात्मक दिखाई दे रहा है। मौजूदा रुझानों को देखते हुए उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में कुल निर्यात (वस्तु और सेवाएं) 850 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर सकता है। बीते महीने इंजीनियरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री उत्पाद और दवा जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ा है। इसके साथ अमेरिका, चीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को भारत का निर्यात स्थिर गति से बढ़ रहा है।


    अमेरिका-चीन के साथ बढ़ रहा कारोबार

    वैश्विक खींचतान के बीच अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है लेकिन उसके बावजूद अमेरिका को होने वाला निर्यात नवंबर की तुलना में दिसंबर में भी स्थिर रहा है। बीते महीने भारत से 6.89 अरब डॉलर का निर्यात हुआ है। जबकि नवंबर 2025 में 6.98 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था। अगर दिसंबर 2024 के मुकाबले देखा जाए तो थोड़ी से कमी दिखाई देती है क्योंकि दिसंबर 2024 में भारत से 7.01 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था। उधर, चालू वित्तीय वर्ष में वित्तीय वर्ष 2024-25 के मुकाबले 9.75 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई देती है। वहीं, चीन को होने वाले निर्यात में 36.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • केन्द्रीय कर्मचारियों को खुलेगा नया बैंक अकाउंट, मिलेंगी तीन तरह की नई सुविधाएं

    केन्द्रीय कर्मचारियों को खुलेगा नया बैंक अकाउंट, मिलेंगी तीन तरह की नई सुविधाएं


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) के लिए जो नया सैलरी बैंक खाता (New Salary Bank Account) होगा, उसके तीन मुख्य खंड हैं – बैंकिंग, बीमा और कार्ड। बैंकिंग सुविधा में उन्नत सुविधाओं के साथ जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट, मुफ्त आरटीजीएस/एनईएफटी/यूपीआई के साथ चेक सुविधा; आवास, शिक्षा, वाहन और व्यक्तिगत आवश्यकता के लिए रियायती ऋण; ऋण के प्रसंस्करण शुल्क में छूट; और लॉकर किराये पर छूट शामिल हैं।

    सैलरी अकाउंट में ही 20 लाख रुपये तक की अंतर्निहित सावधि जीवन बीमा सुरक्षा और किफायती प्रीमियम पर बीमा कवरेज को बढ़ाने के लिए अतिरक्ति टॉप-अप सुविधा दी जाएगी। कर्मचारी और परिवार के लिए व्यापक स्वास्थ्य बीमा कवरेज के तहत एक बेस प्लान और अतिरक्ति टॉप-अप सुविधा शामिल है। साथ ही डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, रिवॉर्ड प्रोग्राम और कैशबैक ऑफर जैसे बेहतर लाभ दिए जाएंगे।


    सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए मेडिक्लेम आयुष-बीमा पालिसी

    सरकार ने केंद्रीय कर्मियों एवं पेंशनधारकों की स्वाथ्य सेवा योजना (सीजीएचएस) के लाभार्थियों के लिए एक परिपूर्ण मेडिक्लेम आयुष बीमा शुरू करने की घोषणा की है जिसे न्यू इंडिया एश्योरेंस तथा डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना कैशलेस सुविधा, आधुनिक उपचार और अस्पतालों के एक बड़े नेटवर्क के साथ दी जा रही है। यह पॉलिसी विशेष रूप से सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए उपलब्ध है, जिसमें प्रति पॉलिसी अधिकतम छह सदस्य हो सकते हैं।


    10 लाख या 20 लाख रुपये के विकल्प

    यह देश के अंदर इंडेम्निटी-आधारित इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज प्रदान करती है, जिसमें 10 लाख रुपये या 20 लाख रुपये तक के बीमा राशि के विकल्प हैं। इस योजना में को-पेमेंट कंपोनेंट होगा जिसमें लाभार्थी और बीमा कंपनी के बीच 70:30 या 50:50 के आधार पर भुगतान की व्यवस्था भी शामिल होगी। यह पालिसी जल्द ही न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के कार्यालयों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इसमें अस्पताल के सामान्य कमरे और आईसीयू के लिए कमरे का किराया क्रमशः बीमा राशि का एक और दो प्रतिशत प्रति दिन तक सीमित रखा गया है तथा इसमें 30 दिनों का प्री-हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज और 60 दिनों का पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज उपलब्ध है।

    आयुष उपचार इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन के लिए बीमा राशि के 100 प्रतिशत तक कवर किए जाएंगे। आधुनिक उपचार बीमा राशि के 25 प्रतिशत तक सीमित किया गया है। 100 प्रतिशत आधुनिक उपचार कवरेज के लिए एक वैकल्पिक राइडर रखा गया है। इसमें हर दावारहित वर्ष के लिए 10 प्रतिशत संचयी बोनस रखा गया है।

  • राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की बधाई. बोले– देश के युवा अब जॉब सीकर नहीं. जॉब क्रिएटर बन रहे

    राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की बधाई. बोले– देश के युवा अब जॉब सीकर नहीं. जॉब क्रिएटर बन रहे


    भोपाल । राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश और देश के युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए स्टार्टअप संस्कृति की सराहना की है। उन्होंने कहा कि आज का युवा आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत कर रहा है और रोजगार मांगने के बजाय रोजगार देने वाला बनकर सफलता के नए अध्याय लिख रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2016 में आज ही के दिन राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में ‘स्टार्टअप इंडिया’ की शुरुआत की थी।
    यह पहल देश में नवाचार. उद्यमिता और निवेश आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित हुई है। सीएम ने लिखा कि राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हमारे देश के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं. बल्कि नौकरी देने वाले बनकर सफलता के नित नए अध्याय लिख रहे हैं। स्टार्टअप के लिए समर्पित सभी युवाओं के लिए मेरी मंगलकामनाएं हैं।सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया अभियान ने युवाओं की सोच को बदला है। आज युवा अपने विचारों और नवाचार के दम पर न केवल स्वयं आगे बढ़ रहे हैं. बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में मजबूत कदम है।

    उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की शुरुआत देश में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने और इसे महानगरों से निकालकर दूरदराज और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करना. नए रोजगार के अवसर पैदा करना और भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। स्टार्टअप दिवस के माध्यम से सरकार नवाचार आधारित सोच. तकनीकी विकास और निवेश को प्रोत्साहित करती है।स्टार्टअप इंडिया के तहत अब तक हजारों स्टार्टअप्स को मान्यता मिल चुकी है. जिससे लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। शिक्षा. स्वास्थ्य. कृषि. आईटी. फिनटेक और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप्स ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में स्टार्टअप नीति. इनक्यूबेशन सेंटर और फंडिंग सपोर्ट के जरिए युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में प्रदेश के युवा नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे।कुल मिलाकर. राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं. बल्कि यह युवाओं की सोच. आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक है. जिसमें देश का युवा भविष्य की अर्थव्यवस्था को आकार दे रहा है।

  • 77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोप के दो शीर्ष पदाधिकारी होंगे चीफ गेस्ट… PM मोदी के निमंत्रण पर आ रहे भारत

    77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोप के दो शीर्ष पदाधिकारी होंगे चीफ गेस्ट… PM मोदी के निमंत्रण पर आ रहे भारत


    नई दिल्ली।
    देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह (77th Republic Day celebrations) में इस बार यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा (European Council President Antonio Luis Santos da Costa) और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (European Commission President Ursula von der Leyen) मुख्य अतिथि होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के निमंत्रण पर ये शीर्ष पदाधिकारी 25 से 27 जनवरी 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को घोषणा की कि यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर भारत के राजकीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरे के दौरान, ये नेता 27 जनवरी को 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे, जहाँ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा की जाएगी।


    भारत और EU के बीच आर्थिक संबंध होंगे मजबूत

    उम्मीद है कि FTA भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच आर्थिक संबंधों को मज़बूत करेगा, जिसमें व्यापार, निवेश और बाज़ार पहुँच जैसे क्षेत्र शामिल होंगे, और अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित भारतीय निर्यातकों को कुछ राहत मिलेगी। इस समझौते के लिए पिछले कई महीनों से गहन बातचीत चल रही है और बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों ने व्यापार से जुड़े अधिकांश जटिल मुद्दों को सुलझा लिया है।


    प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता का कार्यक्रम

    इन दोनों शीर्ष अधिकारियों का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात और प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता का कार्यक्रम है। इसके अतिरिक्त, शिखर सम्मेलन के इतर एक ‘भारत-यूरोपीय संघ बिजनेस फोरम’ के आयोजन की भी संभावना है। वर्ष 2004 से रणनीतिक साझेदार रहे भारत और यूरोपीय संघ के बीच फरवरी 2025 में यूरोपीय संघ के आयुक्तों की ऐतिहासिक भारत यात्रा के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में काफी विस्तार हुआ है। गणतंत्र दिवस समारोह में इनकी भागीदारी से दोनों पक्षों के बीच सहयोग और आपसी हितों के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को और मजबूती मिलेगी।


    द्विपक्षीय संबंध कई क्षेत्रों में फैले हैं

    मंत्रालय ने कहा है कि पिछले साल फरवरी में EU कॉलेज ऑफ़ कमिश्नर्स की भारत की ऐतिहासिक यात्रा के बाद, द्विपक्षीय संबंध कई क्षेत्रों में फैले हैं। EU अभी भारत का सामान के लिए सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 136 अरब डॉलर से ज़्यादा हो गया है। 27 देशों के राजनीतिक और आर्थिक समूह के साथ FTA भारत का 19वां व्यापार समझौता होगा और इसकी व्यापार रणनीति में एक मुख्य स्तंभ होगा।

  • ईरान छोड़ ट्रंप का नया टारगेट, अब इस देश पर अमेरिका का निशाना

    ईरान छोड़ ट्रंप का नया टारगेट, अब इस देश पर अमेरिका का निशाना


    वाशिंगटन । इस समय पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट पर टिकी हुई हैं। ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शनों और तेहरान पर संभावित हमले की अटकलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना फोकस बदल दिया है। अब उनकी नजरें सात समंदर पार नहीं, बल्कि पड़ोसी देश मैक्सिको पर हैं, जहां ड्रग कार्टेलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन मैक्सिको पर दबाव डाल रहा है कि वह अमेरिकी सेना को अपनी सीमा में प्रवेश की अनुमति दे।

    दरअसल, अमेरिका मैक्सिको में मादक पदार्थों (खासकर फेंटानिल) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में अपनी सेना को शामिल करने की मांग कर रहा है। दूसरी तरफ मैक्सिको की सरकार विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को सिरे से नकार रही है। अमेरिकी अधिकारी विशेष अभियान दलों के सैनिकों या सीआईए अधिकारियों को मैक्सिकन सैनिकों के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाने की मंजूरी मांग रहे हैं।

    न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका मैक्सिको की धरती पर फेंटानिल की प्रयोगशालाओं को नष्ट करने के मकसद से चलाए जा रहे अभियानों में अमेरिकी सैन्य बलों की भागीदारी के लिए मैक्सिको से मंजूरी हासिल करने के प्रयास तेज कर रहा है। अमेरिकी अधिकारी चाहते हैं कि संदिग्ध फेंटानिल उत्पादन स्थलों पर छापेमारी के दौरान मैक्सिकन सैनिकों के साथ विशेष अभियान दल के सैनिक या सीआईए अधिकारी शामिल हों। यह अनुरोध दोनों देशों के बीच फेंटानिल संकट को लेकर हुई उच्च-स्तरीय सुरक्षा वार्ताओं के बाद आया है।

    बता दें कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद ट्रंप ने मैक्सिको को चेतावनी दी थी कि वह अगला निशाना बन सकता है। उन्होंने कहा था कि अब हम ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने जा रहे हैं। मैक्सिको पर ड्रग तस्करों का कब्जा है। उस देश की हालत देखना बेहद दुखद है, लेकिन ड्रग तस्करों का ही राज है और वे हर साल हमारे देश में 2.5 लाख से 3 लाख लोगों की जान ले रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि अमेरिका इन ड्रग कार्टेलों से निपटने के लिए मैक्सिको में जमीनी ठिकानों पर हमला कर सकता है।

    इन धमकियों के बावजूद मैक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के विचार को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने ट्रंप के साथ सुरक्षा और मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर हुई ‘अच्छी बातचीत’ के बाद अपना विरोध दोहराया है। शीनबाम ने पहले भी ट्रंप की ओर से सैन्य कार्रवाई के प्रस्तावों को ठुकरा दिया था और मैक्सिकन ड्रग कार्टेलों के खिलाफ प्रयासों में विदेशी सैन्य भागीदारी से लगातार इनकार किया है।

  • MP: राहुल गांधी कल आएंगे इंदौर… दूषित पानी से मौतों पर राजनीति का अखाड़ा बना शहर

    MP: राहुल गांधी कल आएंगे इंदौर… दूषित पानी से मौतों पर राजनीति का अखाड़ा बना शहर


    इंदौर।
    लोकसभा (Lok Sabha) में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Opposition Leader Rahul Gandhi) के 17 जनवरी को मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) दौरे के पहले ये शहर पूरी तरह राजनीति का अखाड़ा बन गया है। गांधी दूषित पानी से हुई लगभग 20 से भी ज्यादा लोगों की मौत के मामले को लेकर 17 को इंदौर आने वाले हैं। वे यहां प्रभावितों के परिजन से मुलाकात करेंगे। उनके इस दौरे के पहले राज्य में इस मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने कल अपने इंदौर प्रवास के दौरान बिना किसी का नाम लिए इस मामले को लेकर कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”हमने इस कठिनाई के दौर को महसूस किया है, संवेदना के साथ महसूस किया है, लेकिन आप अगर लाशों पर राजनीति करने आओगे, इंदौर बर्दाश्त नहीं करेगा। कोई बर्दाश्त करने वाला नहीं है।

    उन्होंने कहा कि अगर आपने आपदा में से अवसर तलाश कर राजनीति का रास्ता तलाशा, तो ये उचित नहीं कहा जा सकता। आप सकारात्मक विरोध करो, विपक्ष की आवाज विपक्ष की तरह से रखो, तो हम सब उस बात से सहमत हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा,’लेकिन अगर आपने बात निकाली, तो बात दूर तलक तक जाएगी।

    वहीं कांग्रेस ने भी सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, भाजपाइयों की जुबान अभी भी “भागीरथपुरा” का भय बढ़ा रही है! पीड़ित परिवारों के गहरे जख्मों पर नमक लगा रही है! अहंकार में डूबे हुए “23 सरकारी हत्याओं” के अपराधी इसीलिए निरंकुश हैं, क्योंकि जनमत का अपमान इनकी आदत में आ चुका है! तभी तो ये आंसूओं में डूबे इंदौर का दर्द भूलकर, “जुबानी-जहर” उगल रहे हैं! गलती सुधारने की बजाय अभी भी मुंहजोरी कर रहे हैं!”

    इसी बीच श्री पटवारी ने राहुल गांधी के दौरे के संबंध में कहा कि नेता प्रतिपक्ष इस घटना को लेकर बहुत चिंतित थे। पूरी घटना उनके संज्ञान में है। उन्होंने प्रभावितों के परिजनों से मिलने की इच्छा जाहिर की है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 17 जनवरी को इंदौर आगमन पीड़ित परिवारों और शहरवासियों को संबल, संवेदना और न्याय की उम्मीद देगा।

    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 20 से भी ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। सरकार जहां लगातार व्यवस्थाएं सुधारने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे एक मुद्दा बना रही है।

  • अमेरिका ने 75 देशों के लिए सस्पेंड किया वीजा, पाकिस्तान ने तोड़ी चुप्‍पी – हम US के साथ…

    अमेरिका ने 75 देशों के लिए सस्पेंड किया वीजा, पाकिस्तान ने तोड़ी चुप्‍पी – हम US के साथ…

    वाशिंगटन। अमेरिका ने पाकिस्तान समेत 75 देशों को बड़ा झटका दिया है। उसने 21 जनवरी से इन देशों के लिए इमिग्रेशन वीजा को सस्पेंड करने का फैसला लिया है। ट्रंप सरकार का यह फैसला पाकिस्तानियों के लिए किसी बेइज्जती से कम नहीं है, क्योंकि पिछले कुछ समय में पाकिस्तान और अमेरिका की करीबी बढ़ी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर व्हाइट हाउस का दौरा कर चुके हैं, जहां ट्रंप ने उनकी जमकर तारीफ भी की थी। ऐसे में अब उसे वीजा बैन वाले 75 देशों की लिस्ट में डालना पाकिस्तान को उसकी हैसियत दिखाने जैसा है।

    इस मामले पर पाकिस्तान ने गुरुवार को चुप्पी तोड़ी है। उसने नपे-तुले अंदाज में कहा है कि हम अमेरिका के साथ संपर्क में है।

    पाकिस्तान ने कहा कि वह अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में है और उम्मीद है कि वॉशिंगटन द्वारा अपने इमिग्रेशन सिस्टम की अंदरूनी समीक्षा पूरी करने के बाद रूटीन वीजा प्रोसेसिंग फिर से शुरू हो जाएगी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसने इस घोषणा पर ध्यान दिया है और इस कदम के दायरे और अवधि के बारे में स्पष्टीकरण के लिए अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क में है।

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, “हम और जानकारी हासिल करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं। यह एक बदलती हुई खबर है जिस पर हम नजर रख रहे हैं। हम समझते हैं कि यह अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियों और सिस्टम की समीक्षा की एक आंतरिक प्रक्रिया है।” प्रवक्ता ने आगे कहा कि पाकिस्तान इस घटनाक्रम को अमेरिका की आंतरिक नीति समीक्षा का हिस्सा मानता है और उम्मीद जताई कि समीक्षा पूरी होने के बाद सामान्य वीजा प्रोसेसिंग फिर से शुरू हो जाएगी।

    पाकिस्तान के साथ-साथ बांग्लादेश को भी झटका

    75 देशों के नागरिकों के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया रोकने वाले अमेरिकी फैसले से सिर्फ पाकिस्तान को ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश को भी झटका लगा है। दरअसल, इस लिस्ट में बांग्लादेश भी शामिल है। यह कदम ऐसे प्रवासियों पर नकेल कसने के प्रयासों का हिस्सा है जो सरकार पर बोझ बन सकते हैं। अमेरिका के विदेश विभाग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अमेरिकी विदेश विभाग उन 75 देशों के लिए आप्रवासी वीजा जारी नहीं करेगा जिनके प्रवासी अमेरिकी जनता की कल्याणकारी योजनाओं का दुरुपयोग करते हैं। यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक अमेरिका यह सुनिश्चित नहीं कर लेता कि नए आप्रवासी अमेरिकी जनता से धन संसाधन का दोहन नहीं करेंगे।”

  • अब पुरुष भी हो सकते हैं प्रेग्नेंट! अमेरिका में भारतीय मूल की डॉक्टर का बड़ा बयान

    अब पुरुष भी हो सकते हैं प्रेग्नेंट! अमेरिका में भारतीय मूल की डॉक्टर का बड़ा बयान

    वाशिंगटन। अमेरिका में सीनेटर के सामने गर्भपात संबंधी दवाओं को लेकर चल रही बहस में पुरुषों के गर्भवती होने की संभावना पर चर्चा की गई। रिपब्लिकन सीनेटर हॉली ने भारतीय मूल की डॉक्टर से सवाल पूछा कि क्या जैविक पुरुष गर्भधारण कर सकते हैं?

    क्या एक पुरुष गर्भवती हो सकता है? इस सवाल को लेकर एक अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर और भारतीय मूल की डॉक्टर के बीच में जमकर बहस हो गई। यह पूरा मामला डर्कसेन सीनेट कार्यालय में सामने आया,जहां पर गर्भपात संबंधी परेशानियों और सरकार द्वारा गर्भपात की दवाओं पर लगाए जा रहे प्रतिबंध के विरोध कर रही समिति की सुनवाई चल रही थी। इसमें सीनेटर्स के सामने भारतीय मूल की अमेरिकी डॉक्टर निशा वर्मा थी, जबकि मुख्य सवाल रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉली पूछ रहे थे।

    प्रजनन स्वास्थ्य को लेकर चल रही इस बहस की शुरुआत हुई। डॉक्टर वर्मा ने कहा कि गर्भपात से संबंधी दवाओं का पर लगाया गया प्रतिबंध गलत है। 100 से अधिक डीप रिसर्च ऐसी हुई हैं, जिनमें इन्हें सुरक्षित माना गया है। इस पर रिपब्लिकन सीनेटर एशले मूडी ने डॉक्टर वर्मा से सवाल पूछा कि क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं? डॉक्टर ने इसके जवाब से बचती नजर आई।

    इसके बाद रिपब्लिकन सीनेटर हॉली ने माइक अपनी ओर लेते हुए कहा, “एशले ने यह मुद्दा उठाया है, तो चलिए यहीं से शुरू करते हैं। डॉक्टर वर्मा, क्या आपको लगता है, कि पुरुष गर्भवती हो सकते हैं?”

    डॉक्टर वर्मा ने कहा, “मैं विभिन्न पहचान वाले मरीजों का इलाज करती हूं, मैं कई महिलाओं का इलाज करती हूं, मैं विभिन्न पहचान वाले लोगों का इलाज करती हूं।”

    इस पर उन्हें बीच में टोकते हुए हॉली ने कहा, “अच्छा, लक्ष्य तो सच्चाई जानना है, तो क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं?” हॉली ने फिर पूछा। डॉ वर्मा ने कहा, “मुझे ठीक से नहीं पता कि प्रश्न का उद्देश्य क्या है।” इससे पहले कि हॉली ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और कहा कि उद्देश्य जैविक वास्तविकता स्थापित करना है।

    हॉली बार-बार उन्हें इस सवाल का जवाब हां या ना में देने के लिए कहते रहे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। बाद में डॉक्टर वर्मा ने कहा कि वह उस सवाल के जवाब में इसलिए हिचकिचाई क्योंकि उन्हें नहीं पता था, कि इस सवाल का क्या उद्देश्य क्या है।

    हालांकि, डॉक्टर वर्मा के इस टालमटोल वाले जवाब के बाद सीनेटर ने और सख्त होते हुए कहा, “कई लोग, बेवसाइट्स आपको विशेषज्ञ कहती हैं। आप एक डॉक्टर हैं और आप विज्ञान और प्रमाणों का पालन करती हैं। मैं केवल प्रमाणों के आधार पर जानना चाहता हूं। क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं? यह हां या ना का प्रश्न है।”

    वर्मा ने फिर भी सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया और कहा, “मुझे आपसे ध्रुवीकरण की भावना से रहित बातचीत करने में खुशी होगी।” इसके बाद, हॉली ने फिर से दोहराया कि केवल एक जैविक पुरुष और एक जैविक महिला होती है, और केवल महिला ही गर्भवती हो सकती है।

    हॉली ने डॉक्टर पर तीखा हमला करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि यह असाधारण है कि हम विज्ञान और महिलाओं के बारे में सुनवाई में हैं। रिकॉर्ड के लिए, महिलाएं गर्भवती होती हैं, पुरुष नहीं। आप इस बुनियादी सच्चाई को भी नहीं मानती कि जैविक रूप से पुरुष गर्भवती नहीं होते। जैविक रूप से पुरुष और महिला में अंतर होता है। मुझे नहीं पता कि हम आपको और विज्ञान के जानकार होने के आपके दावों को कैसे गंभीरता से ले सकते हैं।”

    वर्मा ने अपने दृष्टिकोण का बचाव करते हुए कहा, “मैं विज्ञान की जानकार हूं, मैं यहां मरीजों के जटिल अनुभवों का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी हूं। मुझे नहीं लगता कि बात घुमाने वाली भाषा या प्रश्न इस उद्देश्य को पूरा करते हैं।”

    जवाब में हॉली ने कहा, “यह कहना बात घुमाना नहीं है कि पुरुषों और महिलाओं के बीच वैज्ञानिक अंतर है। यह कहना ध्रुवीकरण नहीं है कि महिलाएं एक जैविक वास्तविकता हैं और उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए और उन्हें उसी रूप में संरक्षित किया जाना चाहिए। महिलाओं को महिला और पुरुषों को पुरुष के रूप में मान्यता देने से आपका इनकार विज्ञान, जनविश्वास और महिलाओं के लिए संवैधानिक सुरक्षा के लिए गहरा हानिकारक है।”

    दरअसल, यह पूरा मामला रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक राजनीति से प्रेरित था। रिपब्लिकन पार्टी शुरुआत से ही गर्भपात और समलैंगिकता के खिलाफ आवाज उठाती रही है। वर्तमान में अमेरिका में उन्हीं की सरकार है, ऐसे में गर्भपात संबंधी नियम भी कड़े हो गए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप समेत उनके कई साथी खुले आम समलैंगिकों और गर्भपात को लेकर अपने विचार साझा कर चुके हैं।

  • हरलीन देओल ने खेली 64 रनों की मैच जिताऊ पारी… उनके 'रिटार्ड आउट' पर हरमनप्रीत कौर भी थी हैरान

    हरलीन देओल ने खेली 64 रनों की मैच जिताऊ पारी… उनके 'रिटार्ड आउट' पर हरमनप्रीत कौर भी थी हैरान


    नई दिल्ली।
    हरलीन देओल (Harleen Deol)…ये ऐसा नाम है जिस पर पिछले 24 घंटों में ‘क्रिकेट के गलियारों’ में खूब चर्चा हुई है। 14 जनवरी को दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के खिलाफ हुए मुकाबले में टीम हित में फैसला लेते हुए यूपी वॉरियर्स (UP Warriors) के मैनेजमेंट ने हरलीन देओल को रिटायर्ड आउट (Retired out) कर वापस बुलाया था। वहीं मुंबई इंडियंस के खिलाफ 15 जनवरी को हुए मैच में उन्होंने 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेल हर किसी को हैरान कर दिया। हरलीन तो मैच के बाद इमोशनल नजर आईं ही, वहीं मुंबई इंडियंस की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी उनकी तारीफ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालांकि हरमन भी हरलीन को रिटायर्ड आउट करने से हैरान थीं।

    हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा, “हां, बिल्कुल। मुझे लगता है कि उसने दिखा दिया है कि वह टीम में क्यों है और वह टीम के लिए क्या कर सकती है। और मुझे लगता है कि आज उसने बहुत अच्छी बैटिंग की और मुझे लगता है कि वह ऐसी खिलाड़ी है जो हमेशा अपनी टीम के लिए अच्छा करना चाहती है। हां, पिछले मैच में उसे रिटायर होते देखकर हैरानी हुई, लेकिन मुझे लगता है कि वह बहुत पॉजिटिव सोच के साथ आई और मुझे उम्मीद है कि वह इसे जारी रखेगी।”

    मुंबई इंडियंस ने इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए यूपी वॉरियर्स के सामने जीत के लिए 161 रनों का टारगेट रखा था, यूपी ने इस स्कोर को 11 गेंदें और 7 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। हरमनप्रीत कौर ने मुंबई इंडियंस की सीजन की दूसरी हार पर कहा, “(यहां पार स्कोर क्या था?) मुझे लगा 180 या कुछ ऐसा, जिसकी हम तलाश कर रहे थे क्योंकि हम जानते थे कि इस ट्रैक पर पहले बैटिंग करना आसान नहीं है। लेकिन मुझे लगता है कि हमने पावरप्ले में काफी अच्छा किया। हमने विकेट नहीं गंवाया, लेकिन बदकिस्मती से बोर्ड पर रन काफी नहीं थे, लेकिन बाद में, मुझे लगता है कि नेट और निक ने हमें बेहतर स्थिति में पहुंचाया। लेकिन मुझे लगता है कि हरलीन को क्रेडिट जाता है जिस तरह से उन्होंने आज बैटिंग की।

    हां, मेरा मतलब है, जब ओस होती है तो चेज करना हमेशा बेहतर होता है। आज बहुत ज्यादा ओस थी। और मुझे लगता है, हां, टोटल सेट करना कुछ ऐसा है जिसका हम सच में इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद है कि आने वाले मैचों में हम बेहतर अप्रोच के साथ आएंगे। (गेंद के साथ अपने दूसरे ऑप्शन इस्तेमाल करने पर) हां, मुझे लगता है कि यह उनके लिए टीम के लिए कुछ ओवर फेंकने का एक शानदार मौका था। मुझे लगता है कि उन्होंने ठीक-ठाक किया क्योंकि बहुत ज़्यादा ओस थी, गेंदबाज़, आप जानते हैं, अच्छी तरह से ग्रिप नहीं कर पा रहे थे, लेकिन मुझे लगता है कि स्कोर भी, आप जानते हैं, बोर्ड पर काफी नहीं था। तो मुझे लगता है, मुझे लगता है कि उन्होंने ठीक-ठाक बॉलिंग की।”

  • ट्रंप का दावा, ईरान में मैंने रूकवा दी 800 प्रदर्शनकारियों को फांसी की सजा

    ट्रंप का दावा, ईरान में मैंने रूकवा दी 800 प्रदर्शनकारियों को फांसी की सजा

    वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू होने की आशंका के बीच गुरुवार को स्थिति थोड़ी बेहतर होती दिखी। जहां अमेरिका ने खाड़ी देशों में अपने अड्डों पर अलर्ट लेवल कम कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में भी नरमी देखने को मिली। इस बीच अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान में खामेनेई शासन को लेकर बड़ा दावा किया है। वाइट हाउस के मुताबिक ईरान गुरुवार को 800 प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटकाने वाला था। वाइट हाउस ने कहा है कि ट्रंप के दबाव के बाद ईरान ने इन फांसी की सजाओं पर रोक लगा दी है। इससे पहले ट्रंप ने भी बुधवार को कहा था कि उन्हें बेहद महत्वपूर्ण सूत्रों से आश्वासन मिला है कि ईरान अब प्रदर्शनकारियों की फांसी की सजा को आगे नहीं बढ़ाएगा।
    वाइट हाउस ने क्या कहा?
    हालांकि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई का इशारा देते हुए यह भी कहा है कि उसके पास अब भी सभी विकल्प खुले हैं। वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति को आज पता चला कि 800 फांसी की सजा जो कल होने वाली थी, उसे रोक दिया गया है।” उन्होंने कहा कि ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रही तो गंभीर परिणाम होंगे और इसलिए ईरान ने फांसी रोक दी है।
    ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंध

    वहीं अमेरिका ने ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित हिंसक कार्रवाई करने और विदेशी बाजारों में तेल की बिक्री से होने वाली कमाई की हेराफेरी करने के आरोप में कई ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक संदेश में इन प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं। उन्होंने नए प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।

    ईरान के नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का जवाब सड़कों पर सामूहिक गोलीबारी से लेकर अस्पतालों और घायल पीड़ितों पर हमलों जैसी क्रूर हिंसा से दिया है।”

    बेसेंट ने बताया कि वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय की ओर से 18 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी शासन इन संस्थाओं का उपयोग तेल पर लगे प्रतिबंधों से बचने और इससे होने वाली आय को ईरानी जनता की हित के बजाय कहीं और करता है। प्रतिबंधों की सूची में ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी का नाम भी शामिल है।

    इससे पहले ईरान की इस्लामिक सत्ता को चुनौती देने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शन गुरुवार को धीरे-धीरे शांत होते नजर आए। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस दौरान ईरान की कार्रवाई में कम से कम 3,428 लोग मारे जा चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।