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  • ईरान में हालात खराब, भारत ने जारी की एडवाइजरी, देश छोड़ने का किया आग्रह

    ईरान में हालात खराब, भारत ने जारी की एडवाइजरी, देश छोड़ने का किया आग्रह

    नई दिल्ली। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन लगातार हिंसक होते जा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए भारत के दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। इसमें छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और टूरिस्टों को सलाह दी गई है कि वे कमर्शियल फ्लाइट या उपलब्ध अन्य परिवहन साधनों के माध्यम से ईरान छोड़ दें।

    प्रदर्शन और हिंसा की स्थिति

    ईरान में विरोध प्रदर्शन लगभग 20 दिनों से जारी हैं। देशभर में 280 से ज्यादा जगहों पर अशांति की खबरें आई हैं। स्थानीय मीडिया और रिपोर्ट्स के अनुसार, इन विरोधों के दौरान कम से कम 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 20,000 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इंटरनेट सेवा पिछले पांच दिनों से बाधित है, जिससे लोगों तक ताजा जानकारी पहुंचने में कठिनाई हो रही है।

    भारतीय दूतावास की सलाह

    भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों से कहा है कि वे विरोध या प्रदर्शन वाली जगहों से बचें और अपने पासपोर्ट और अन्य पहचान दस्तावेज सुरक्षित रखें। दूतावास के साथ संपर्क बनाए रखें और किसी भी स्थानीय घटना के लिए मीडिया पर नजर रखें।

    इमरजेंसी हेल्पलाइन और संपर्क विवरण

    ईरान में किसी भी मदद या आपात स्थिति के लिए भारतीय नागरिक दूतावास से निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

    मोबाइल: +989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359

    ईमेल: [email protected]

    इसके अलावा, सभी भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि जो लोग दूतावास में रजिस्टर नहीं हुए हैं, वे इस लिंक https://www.meaers.com/request/home
    पर जाकर रजिस्टर करें। यदि इंटरनेट बाधाओं के कारण रजिस्ट्रेशन संभव न हो, तो उनके परिवार भारत से रजिस्टर कर सकते हैं।

    दूतावास का उद्देश्य

    भारतीय दूतावास का मुख्य उद्देश्य वहां रह रहे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद प्रदान करना है। उन्होंने बार-बार चेतावनी दी है कि सभी भारतीय नागरिकों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी तरह के जोखिम वाले स्थानों से दूर रहना चाहिए।

    निष्कर्ष:
    ईरान में बढ़ती हिंसा और अशांति को देखते हुए भारत सरकार ने वहां रह रहे नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनाई है और उनके सुरक्षित बाहर निकलने के लिए दूतावास ने सक्रिय कदम उठाए हैं।

  • डबल इंजन सरकार से तेज हुआ विकास का पहिया पीएमजी और प्रगति से अटकी परियोजनाओं को मिली रफ्तार -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    डबल इंजन सरकार से तेज हुआ विकास का पहिया पीएमजी और प्रगति से अटकी परियोजनाओं को मिली रफ्तार -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के कारण आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन यानी प्रगति प्लेटफॉर्म की शुरुआत से वर्षों से अटकी हुई निवेश और विकास परियोजनाएं फिर से सक्रिय हुई हैं। इन संस्थागत व्यवस्थाओं ने केंद्र और राज्य के सभी हितग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के समन्वय से पीएमजी की उपलब्धियों को मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने प्रगति प्लेटफॉर्म पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के माध्यम से कुल 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये के निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं, 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं वर्तमान में क्रियान्वयन के चरण में हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत की उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता और समन्वय का प्रमाण है।इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 तथा नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्वास इसका उदाहरण है। वहीं धार में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क कपास उत्पादक किसानों के लिए नए अवसर लेकर आएगा।

    डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही देश की सबसे बड़ी शक्ति है। जब विभाग आपसी सहयोग से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन व्यवस्था को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणाम आधारित और जवाबदेह बनाया है, जहां हर परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित होती है। पहले बड़ी योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती थीं, लेकिन पीएमजी और प्रगति पोर्टल ने पुरानी प्रणाली को जड़ से बदल दिया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। पीएम प्रगति और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको-सिस्टम विकसित हुआ है, जहां आधुनिक तकनीक के सहारे अधोसंरचना परियोजनाएं समय पर पूरी हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास – तीनों स्तरों पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।उन्होंने कहा कि भले ही राज्यों के बीच राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन राष्ट्र के विकास के लिए सभी राज्यों का समान महत्व है। प्रगति पोर्टल के माध्यम से भू-गर्भ संपदा का दोहन अब देशहित में अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पूर्व में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में तीन नदी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है।

    रेलवे क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 285 किलोमीटर लंबी जबलपुर–गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और उच्च क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हुआ है। इससे जबलपुर, बालाघाट, मंडला और सिवनी जिलों की कनेक्टिविटी नागपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों से बढ़ी है। इसके अलावा 18.5 हजार करोड़ रुपये लागत की इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन परियोजना से उज्जैन सहित पूरे मालवा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि प्रगति प्लेटफॉर्म की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। इसकी 50वीं बैठक 31 दिसंबर 2025 को सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि पीएमजी और प्रगति पोर्टल की अभिनव पहल से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान संभव हुआ है। डिजिटल और जवाबदेही आधारित इस मंच ने “नीति नहीं निष्पादन, घोषणा नहीं डिलीवरी और समीक्षा नहीं समाधान” की भावना को साकार किया है।

    उन्होंने बताया कि पीएमजी पोर्टल पर निगरानी में चल रही 209 परियोजनाओं से जुड़े 322 मुद्दों में से 312 का समाधान राज्य सरकार ने किया है, जबकि प्रगति पोर्टल पर सामने आए 124 मुद्दों में से 120 का निराकरण किया गया है। भूमि अधिग्रहण के मामलों में भी मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नए मानक स्थापित किए हैं।मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं के कारण मध्यप्रदेश ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में 77 सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जो देश की समग्र प्रगति को गति दे रही हैं।

  • वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर विकास का बड़ा कदम, सुविधाओं में होगा सुधार

    वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर विकास का बड़ा कदम, सुविधाओं में होगा सुधार

    नई दिल्ली। वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर हर वर्ष लाखों शवदाह होते हैं, जिसके कारण जगह की कमी, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं में कई चुनौतियां सामने आती हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए घाट पर एक व्यापक विकास परियोजना लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए सुविधाओं को सुधारना है।

    शवदाह के लिए नए प्लेटफॉर्म और ऊंची चिमनी

    जिलाधिकारी वाराणसी सतेंद्र कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत शवदाह के लिए नए व्यवस्थित प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं। साथ ही, शवदाह के बाद बची राख के फैलने की समस्या को रोकने के लिए घाट पर ऊंची चिमनी का निर्माण किया जा रहा है। इससे राख का उचित निस्तारण संभव होगा और आसपास के घरों व स्थानों में फैलने से रोक लगेगी।

    लकड़ी और मुंडन संस्कार की सुविधाएं

    घाट पर शवदाह में प्रयुक्त लकड़ी को व्यवस्थित रखने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे अव्यवस्था और गंदगी की समस्या कम हो सके। मुंडन संस्कार के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अब बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उन्हें पहले जैसी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

    पुराने हिस्सों का पुनर्स्थापन और सुदृढ़ीकरण

    जिलाधिकारी ने बताया कि यह परियोजना पिछले एक वर्ष से चल रही है। इसके तहत घाट के कच्चे हिस्सों में नए निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जबकि पक्के हिस्सों का पुनर्स्थापन और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य घाट की पारंपरिक पहचान बनाए रखते हुए आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं का विकास करना है।

    सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों पर प्रशासन की सफाई

    सतेंद्र कुमार ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो को लेकर स्पष्ट किया कि वे घाटों और सीढ़ियों पर बनी अलग-अलग कलाकृतियों से संबंधित हैं। कुछ वीडियो एआई के माध्यम से भ्रामक रूप से बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि घाट पर मौजूद सभी मूर्तियां और मंदिर संस्कृति विभाग के संरक्षण में सुरक्षित हैं और उन्हें पुनर्स्थापित किया जाएगा।

    प्रशासन का उद्देश्य

    जिलाधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि मणिकर्णिका घाट की पवित्रता, सांस्कृतिक विरासत और श्रद्धालुओं की आस्था को किसी भी स्थिति में आघात न पहुंचे।

    मणिकर्णिका घाट पर यह विकास परियोजना पारंपरिक पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक सुविधाओं के साथ श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए घाट को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

  • अबू धाबी में इंडियन ऑयल का ऐतिहासिक सफलता, तेल के नए भंडार की खोज

    अबू धाबी में इंडियन ऑयल का ऐतिहासिक सफलता, तेल के नए भंडार की खोज

    नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को जानकारी दी कि भारत की तेल कंपनियों को अबू धाबी में एक बड़ी सफलता मिली है। यहां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और भारत पेट्रो रिसोर्सेज लिमिटेड (बीपीसीएल) का संयुक्त उपक्रम, ऊर्जा भारत प्राइवेट लिमिटेड (यूबीपीएल), शिलैफ और हबशन क्षेत्रों में हल्के कच्चे तेल का भंडार खोजने में सफल रहा।

    प्रधानमंत्री मोदी के ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्रयास में योगदान

    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में नया मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की मेहनत और तकनीकी क्षमता को दिखाती है। इससे न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि विदेशी निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।

    देश में तेल और गैस खोज के नए कदम

    भारत में तेल और गैस की खोज के लिए ‘मिशन अन्वेषण’ पहल शुरू की गई है, जो देश के इतिहास का सबसे बड़ा सर्वेक्षण कार्यक्रम है। इसके तहत 20,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सर्वे किया जाना है, जिसमें से अब तक 8,000 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र का सर्वे पूरा हो चुका है। इसके अलावा अब 10 लाख वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र को तेल खोज के लिए खोला गया है और 99 प्रतिशत प्रतिबंधित क्षेत्र हटा दिए गए हैं।

    ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम और निवेश संभावनाएं

    ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम के तहत देशी और विदेशी कंपनियों को तेल और गैस क्षेत्रों में निवेश करने का अवसर मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में 25 नए तेल और गैस क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, 154 क्षेत्र सक्रिय हैं, और अब तक 14 नई खोजें सफल रही हैं। आने वाला समय निवेश और भागीदारी के नए रिकॉर्ड बना सकता है।

    यूबीपीएल की इस खोज ने इंडियन ऑयल और बीपीसीएल के संयुक्त प्रयासों को सार्थक किया है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए यह खोज रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में इसके सकारात्मक असर से देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

  • सीवेज प्रदूषण पर NGT सख्त, MP-UP-राजस्थान से जवाब तलब, इंदौर में मौतें और भोपाल में 'ई-कोलाई' का खतरा

    सीवेज प्रदूषण पर NGT सख्त, MP-UP-राजस्थान से जवाब तलब, इंदौर में मौतें और भोपाल में 'ई-कोलाई' का खतरा


    नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की प्रधान पीठ ने नई दिल्ली में बुधवार को इंदौर, भोपाल और राजस्थान के शहरों में पेयजल में सीवेज की मिलावट से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर स्वतः संज्ञान लिया। NGT ने मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की राज्य सरकारों से जवाब तलब किया है। ट्रिब्यूनल ने इंदौर में गंदे पानी के कारण मौतों और भोपाल में पेयजल में ‘ई-कोलाई’ बैक्टीरिया मिलने के मामलों का हवाला दिया।
    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इंदौर में गंदे पानी के सेवन से मौतें हुई हैं, जबकि भोपाल के कुछ इलाकों में ट्यूबवेल से रिसाव के कारण पेयजल में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। वहीं, राजस्थान के उदयपुर, जोधपुर, कोटा, बांसवाड़ा, जयपुर और अजमेर जैसे शहरों में पुरानी और जर्जर पाइपलाइन प्रणाली के चलते सीवेज के पानी का पेयजल में मिलना जारी है। ग्रेटर नोएडा में भी सीवेज मिला पानी पीने से कई लोग बीमार पड़े, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।
    एनजीटी ने इन घटनाओं को गंभीर पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य से जुड़ा मामला माना। पीठ ने संबंधित राज्य सरकारों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से स्पष्ट जवाब तलब किया है। कहा गया है कि यह मामला पर्यावरणीय कानूनों का पालन सुनिश्चित करने, जिम्मेदारी तय करने और नागरिकों के सुरक्षित पेयजल के अधिकार की रक्षा के लिए विचाराधीन रहेगा।

    इसके अलावा, NGT ने मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के मामलों को भी संज्ञान में लिया। रिपोर्ट के अनुसार, सड़क, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और कोयला खदान परियोजनाओं के लिए 50 से 100 वर्ष पुराने लगभग 15 लाख पेड़ काटे जा चुके हैं या काटे जाने का प्रस्ताव है। सिंगरौली, खंडवा, विदिशा, भोपाल और इंदौर में भारी संख्या में पेड़ों की कटाई से वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

    पीठ ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य वन विभागों को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई तक शपथ पत्र के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करें। अगली सुनवाई 9 मार्च 2026 को होगी।

  • इतिहास रचते हुए केएल राहुल ने खेली शानदार शतकीय पारी, भारत ने न्यूजीलैंड को मात दी

    इतिहास रचते हुए केएल राहुल ने खेली शानदार शतकीय पारी, भारत ने न्यूजीलैंड को मात दी

    नई दिल्ली।  निरंजन शाह स्टेडियम में खेले गए वनडे में केएल राहुल ने 92 गेंदों में 1 छक्का और 11 चौकों की मदद से नाबाद 112 रन की पारी खेली। इस पारी के साथ ही उन्होंने वनडे करियर का 8वां शतक पूरा किया। राहुल की इस पारी ने टीम को संकट से बाहर निकालते हुए शानदार स्थिति में पहुंचाया।

    रिकॉर्ड तोड़ा, ग्लेन फिलिप्स को पछाड़ा

    केएल राहुल ने साल 2025 से अब तक 41-50 ओवरों में सर्वाधिक रन बनाने वाले फुल मेंबर टीम के खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस दौरान उन्होंने 140.09 की स्ट्राइक रेट के साथ 283 रन बनाए और ग्लेन फिलिप्स (157.4 स्ट्राइक रेट, 244 रन) को पीछे छोड़ा। इस लिस्ट में जनिथ लियानागे (201), जस्टिन ग्रीव्स (194) और कॉर्बिन बॉश (162) क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें पायदान पर हैं।

    मैच की स्थिति और साझेदारियां

    भारतीय टीम ने टॉस हारकर बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 284 रन बनाए। सलामी जोड़ी रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल ने 12.2 ओवरों में 70 रन की साझेदारी की। रोहित 24 रन बनाकर आउट हुए, जबकि गिल ने 53 गेंदों में 56 रन जोड़े। शुरुआती दौर में विराट कोहली ने 23 रन का योगदान दिया।

    केएल राहुल की महत्वपूर्ण साझेदारियां

    टीम 118 रन पर 4 विकेट गंवा चुकी थी। तब केएल राहुल ने रवींद्र जडेजा के साथ पांचवें विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी निभाई। जडेजा 27 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद राहुल ने नितीश रेड्डी (20) के साथ छठे विकेट के लिए 57 रन जोड़े। इन साझेदारियों ने टीम को मजबूती प्रदान की और अंत तक 284 रन तक पहुँचाया।

    विपक्षी गेंदबाजों का प्रदर्शन

    न्यूजीलैंड की ओर से क्रिस्चियन क्लार्क ने सर्वाधिक 3 विकेट लिए। काइल जैमीसन, जैक फाउलकेस, जेडेन लेनोक्स और कप्तान माइकल ब्रेसवेल ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। हालांकि, केएल राहुल की पारी ने विपक्षी गेंदबाजों की कोशिशों को बेअसर कर दिया।

    केएल राहुल की नाबाद 112 रन की पारी ने न सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि टीम को संकट से उबारते हुए मैच में मजबूत स्थिति दिलाई। इस प्रदर्शन से वह वनडे क्रिकेट में अपने स्थान को और मजबूत करते हुए इतिहास रचने में सफल रहे।

  • सेंसेक्स नहीं, कम महंगाई ने दी सोने-चांदी को उड़ान, बनाया नया रिकॉर्ड

    सेंसेक्स नहीं, कम महंगाई ने दी सोने-चांदी को उड़ान, बनाया नया रिकॉर्ड

    नई दिल्ली। बुधवार के कारोबारी सत्र में कीमती धातुओं ने नया रिकार्ड बनाया। एमसीएक्स पर सोना 1,43,500 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,87,990 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। हालांकि दोपहर 12.16 बजे सोने ने 1,43,300 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,85,129 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार किया। पिछले कुछ दिनों में भी दोनों धातुओं ने अपने उच्चतम स्तर को छुआ था।

    अमेरिकी महंगाई आंकड़ों का असर

    अमेरिका में दिसंबर के कोर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में महीने-दर-महीने महंगाई 0.2 प्रतिशत और साल-दर-साल 2.6 प्रतिशत रही, जो उम्मीद से कम थी। यह संकेत मिला कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक भविष्य में ब्याज दरें घटा सकता है। इसी कारण निवेशक सोने-चांदी की ओर आकर्षित हुए।

    वैश्विक तनाव बढ़ा रहे खरीदारी

    राहुल कलंत्री, कमोडिटी विशेषज्ञ, मेहता इक्विटीज लिमिटेड के अनुसार, ईरान में अशांति और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोना और चांदी खरीद रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका की ब्याज दरों और महंगाई के आंकड़े भी इन धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।

    तकनीकी स्तर और निवेशकों के लिए संकेत

    विशेषज्ञों के अनुसार, सोने को 1,37,310–1,39,550 रुपए के स्तर पर सपोर्ट और 1,44,350–1,46,670 रुपए के बीच रेजिस्टेंस मिलता है। चांदी के लिए 2,54,170–2,69,810 रुपए सपोर्ट और 2,79,810–2,84,470 रुपए रेजिस्टेंस पर बनी हुई है।

    उद्योग में मांग और सीमित आपूर्ति

    चांदी की मजबूत कीमतों के पीछे सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, एआई और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति भी एक बड़ा कारण है। विशेषज्ञों का कहना है कि शॉर्ट और मीडियम-टर्म में चांदी की खरीदारी लगातार बनी रहेगी।

    आगे की संभावनाएं

    डॉलर की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिका की सर्वोच्च अदालत के टैरिफ फैसले और वैश्विक तनाव की घटनाओं के चलते इस हफ्ते सोना और चांदी की कीमतों में हल्की उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। निवेशक सुरक्षित निवेश और तकनीकी स्तर को ध्यान में रखते हुए ही खरीदारी करें।

  • चूड़ा-दही भोज से दूर रहे तेजस्वी, तेजप्रताप का सियासी वार, शायद जयचंदों ने घेर रखा है

    चूड़ा-दही भोज से दूर रहे तेजस्वी, तेजप्रताप का सियासी वार, शायद जयचंदों ने घेर रखा है


    नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में यादव परिवार के भीतर चल रही खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने चूड़ा-दही भोज में तेजस्वी यादव के नहीं पहुंचने पर न सिर्फ नाराजगी जताई, बल्कि तीखा सियासी तंज भी कसा। तेजप्रताप ने कहा कि उन्होंने खुद 13 जनवरी को तेजस्वी यादव को भोज का निमंत्रण देने के लिए संपर्क किया था, लेकिन वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
    इस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, हो सकता है उन्हें जयचंदों ने घेर रखा हो।

    तेजप्रताप यादव ने साफ शब्दों में कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी और संतोष की बात यह रही कि उनके पिता और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कहा, “पिता जी का आना और उनका आशीर्वाद मिलना ही मेरे लिए सबसे बड़ी जीत है। उससे ऊपर कुछ नहीं।” तेजप्रताप ने बताया कि चूड़ा-दही भोज में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों खेमों के कई बड़े नेता पहुंचे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी निमंत्रण भेजा गया था और कई दलों के नेताओं ने आकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

    इस मौके पर तेजप्रताप यादव ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि लालू यादव की मूल और असली पार्टी जनशक्ति जनता दल है। उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को खुली सलाह देते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का विलय जनशक्ति जनता दल में कर देना चाहिए। तेजप्रताप का यह बयान बिहार की सियासत में हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है।

    तेजप्रताप यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने दावा किया कि उन्हें बीजेपी समेत कई राजनीतिक दलों से ऑफर मिल चुके हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि आगे किसके साथ जाना है, इसका फैसला वे खुद लेंगे। उन्होंने कहा, “जो बिहार के हित में काम करेगा, जनता की बात करेगा, जनशक्ति जनता दल उसी का साथ देगा।”

    पार्टी के भविष्य को लेकर तेजप्रताप यादव ने बड़े ऐलान करते हुए कहा कि जनशक्ति जनता दल आने वाले समय में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारेगी। इसके अलावा दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव और बिहार में इस साल होने वाले विधान परिषद (MLC) चुनाव में भी पार्टी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी।

    गौरतलब है कि आरजेडी से बाहर होने के बाद तेजप्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल का गठन किया था। उन्होंने इसी पार्टी के सिंबल पर महुआ सीट से बिहार विधानसभा 2025 का चुनाव भी लड़ा, हालांकि जीत हासिल नहीं कर सके। इसके बावजूद तेजप्रताप अपने बयानों और सियासी गतिविधियों के जरिए लगातार यह संकेत दे रहे हैं कि वे बिहार की राजनीति में किसी भी कीमत पर अपनी अलग पहचान और मजबूत भूमिका बनाए रखने के मूड में हैं।

  • चांदी में जबरदस्त उछाल, तीन दिन में ₹34 हजार की तेजी; सोना भी सर्वकालिक रिकॉर्ड पर…

    चांदी में जबरदस्त उछाल, तीन दिन में ₹34 हजार की तेजी; सोना भी सर्वकालिक रिकॉर्ड पर…


    नई दिल्ली।देश में कीमती धातुओं की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों को चौंका दिया है। बुधवार को सोना और चांदी दोनों ही नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन IBJA के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेज उछाल दर्ज किया गया है। बुधवार को एक किलो चांदी ₹14,145 महंगी होकर ₹2,77,175 के स्तर पर पहुंच गई। बीते महज तीन दिनों में चांदी की कीमतों में कुल ₹34 हजार से अधिक की छलांग लग चुकी है जो हालिया वर्षों में सबसे तेज बढ़ोतरी मानी जा रही है।

    सोने की कीमतें भी ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही हैं। 24 कैरेट सोना बुधवार को ₹1,868 की मजबूती के साथ ₹1,42,152 प्रति 10 ग्राम पर खुला। यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है। इससे पहले मंगलवार को सोना ₹1,40,482 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर सोने को निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है।बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने से सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हो गई है, जिससे निवेशकों का रुझान तेजी से सोने की ओर बढ़ा है। वहीं चांदी को केवल कीमती धातु ही नहीं, बल्कि एक अहम औद्योगिक धातु के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से आ रही मजबूत औद्योगिक मांग बड़ी वजह है। इसके अलावा अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर कंपनियां पहले से चांदी का स्टॉक बढ़ा रही हैं, जिससे सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।आईबीजेए द्वारा जारी किए गए सोने और चांदी के भाव में 3 प्रतिशत जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी कारण दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में खुदरा स्तर पर कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। आईबीजेए के रेट का उपयोग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने और बैंकों द्वारा गोल्ड लोन की गणना के लिए किया जाता है।

    अगर पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब ₹57,033 यानी लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दामों में ₹1,44,403 की जबरदस्त तेजी आई है, जो करीब 167 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।भू-राजनीतिक तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के संकेतों ने सोने को एक बार फिर सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प बना दिया है। चीन सहित कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं, जिससे मांग और कीमतों दोनों को समर्थन मिल रहा है।

    बाजार जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी बनी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल और जोखिम को समझते हुए ही निवेश का फैसला लें।देश में कीमती धातुओं की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों को चौंका दिया है। बुधवार को सोना और चांदी दोनों ही नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेज उछाल दर्ज किया गया है। बुधवार को एक किलो चांदी ₹14,145 महंगी होकर ₹2,77,175 के स्तर पर पहुंच गई। बीते महज तीन दिनों में चांदी की कीमतों में कुल ₹34 हजार से अधिक की छलांग लग चुकी है, जो हालिया वर्षों में सबसे तेज बढ़ोतरी मानी जा रही है।सोने की कीमतें भी ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही हैं। 24 कैरेट सोना बुधवार को ₹1,868 की मजबूती के साथ ₹1,42,152 प्रति 10 ग्राम पर खुला। यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है। इससे पहले मंगलवार को सोना ₹1,40,482 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर सोने को निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है।

    बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने से सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हो गई है, जिससे निवेशकों का रुझान तेजी से सोने की ओर बढ़ा है। वहीं चांदी को केवल कीमती धातु ही नहीं, बल्कि एक अहम औद्योगिक धातु के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से आ रही मजबूत औद्योगिक मांग बड़ी वजह है। इसके अलावा अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर कंपनियां पहले से चांदी का स्टॉक बढ़ा रही हैं, जिससे सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।

    आईबीजेए द्वारा जारी किए गए सोने और चांदी के भाव में 3 प्रतिशत जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी कारण दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में खुदरा स्तर पर कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। आईबीजेए के रेट का उपयोग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने और बैंकों द्वारा गोल्ड लोन की गणना के लिए किया जाता है।अगर पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब ₹57,033 यानी लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दामों में ₹1,44,403 की जबरदस्त तेजी आई है, जो करीब 167 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

    भू-राजनीतिक तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के संकेतों ने सोने को एक बार फिर सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प बना दिया है। चीन सहित कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं, जिससे मांग और कीमतों दोनों को समर्थन मिल रहा है।बाजार जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी बनी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल और जोखिम को समझते हुए ही निवेश का फैसला लें।

  • शेयर बाजार समाचार, सेंसेक्स गिरावट, निफ्टी अपडेट, विदेशी निवेशक बिकवाली, आईटी शेयर, ऑटो सेक्टर, आईपीओ न्यूज़।

    शेयर बाजार समाचार, सेंसेक्स गिरावट, निफ्टी अपडेट, विदेशी निवेशक बिकवाली, आईटी शेयर, ऑटो सेक्टर, आईपीओ न्यूज़।


    नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बीते कुछ सत्रों से जारी अनिश्चितता का माहौल मंगलवार को भी बरकरार रहा। घरेलू शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में दबाव में नजर आयाजिसके चलते प्रमुख सूचकांकों ने लाल निशान के साथ विदाई ली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज BSE का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 245 अंक फिसलकर 83,383 के स्तर पर बंद हुआवहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE का निफ्टी भी 67 अंकों की कमजोरी के साथ 25,666 के स्तर पर आ गया। बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ी भूमिका ऑटोआईटी और एफएमसीजी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में हुई बिकवाली ने निभाई।

    बिकवाली के चक्रव्यूह में फंसे निवेशक मंगलवार के कारोबार में निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 18 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार जानकारों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों FII द्वारा भारतीय बाजार से लगातार पूंजी निकालने और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के कारण घरेलू सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक13 जनवरी को विदेशी निवेशकों ने 1,499 करोड़ रुपए के शेयर बेचेजिसने बाजार के मोमेंटम को धीमा कर दिया।

    आईटी और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा ‘दर्द’ सेक्टर आधारित प्रदर्शन पर नजर डालें तो आईटी IT और ऑटोमोबाइल शेयरों में सबसे ज्यादा मुनाफावसूली देखी गई। हालिया तेजी के बाद इन सेक्टर्स में निवेशकों ने अपनी पोजीशन हल्की की। इसके विपरीतमेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में थोड़ी खरीदारी दर्ज की गईजिससे बाजार को निचली स्तरों पर कुछ सहारा मिला। घरेलू संस्थागत निवेशकों DII ने भी 1,181 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को संभालने का प्रयास कियालेकिन एफआईआई FII की बिकवाली का दबाव भारी पड़ा।

    वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असर अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत मिले। जहां जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ बंद हुएवहीं चीन के शंघाई कंपोजिट में गिरावट रही। अमेरिकी बाजारोंविशेषकर डाउ जोंस में रही 0.80% की गिरावट का असर भी भारतीय बाजार की ओपनिंग और क्लोजिंग पर स्पष्ट रूप से देखा गया। ब्याज दरों को लेकर वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों को जोखिम लेने से दूर रखा है।

    प्राइमरी मार्केट में हलचल और आगे की राह सेकेंडरी मार्केट में जारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर आईपीओ मार्केट पर बनी हुई है। अमागी मीडिया लैब्स के आईपीओ का दूसरा दिन रहाजिसके जरिए कंपनी 1,788 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की दिशा तय करेगा। फिलहालछोटे और मध्यम निवेशकों को ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनाने और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही लंबी अवधि के लिए निवेश करने की सलाह दी जा रही है।