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  • बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में अपने निजी जीवन और डेटिंग अफवाहों पर बात की।

    बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में अपने निजी जीवन और डेटिंग अफवाहों पर बात की।

    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में अपने निजी जीवन और डेटिंग अफवाहों पर बात की। The Namrata Zakaria Show के एक एपिसोड में मलाइका ने कहा कि उनके रिलेशनशिप हमेशा चर्चा में रहे हैं और मीडिया में लगातार हेडलाइन बनते रहे हैं। उनके पूर्व बॉयफ्रेंड अर्जुन कपूर के साथ ब्रेकअप के बाद उन्हें अक्सर एक मिस्ट्री मैन के साथ देखा गया, जिससे सोशल मीडिया पर अटकलें लगाई जाने लगीं।

    अर्जुन कपूर और पहले के रिश्ते पर मलाइका की राय
    मलाइका ने अर्जुन कपूर के बारे में कहा, “वह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं और मेरे जीवन का एक अहम हिस्सा रहे हैं। चाहे कुछ भी हो, मैं अपने अतीत या भविष्य के बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहती, क्योंकि इसके बारे में मीडिया में पहले ही बहुत कुछ लिखा और दिखाया जा चुका है।” 52 साल की मलाइका ने यह भी बताया कि उनके सभी रिश्ते हमेशा चर्चा में रहे हैं और हेडलाइन बनते रहे हैं।

    मिस्ट्री मैन को लेकर अफवाहों पर प्रतिक्रिया
    जब उनसे मिस्ट्री मैन के बारे में पूछा गया, तो मलाइका ने कहा, “लोग बात करना पसंद करते हैं। अगर आपको किसी के साथ देखा गया, तो यह बड़ी चर्चा बन जाती है। मैं अनावश्यक अफवाहों को हवा नहीं देना चाहती क्योंकि इससे कोई फायदा नहीं होता। विश्वास कीजिए, मैं जब भी बाहर जाती हूं, भले ही वह कोई पुराना दोस्त, मैनेजर या किसी भी प्रकार का दोस्त हो, तुरंत मुझे उस व्यक्ति से जोड़ दिया जाता है। यह अब हास्यस्पद बन चुका है।” उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां फोन करके पूछती हैं, “अब यह कौन है, लोग किसके बारे में बात कर रहे हैं?”

    मलाइका अरोड़ा का निजी जीवन
    मलाइका अरोड़ा का निजी जीवन हमेशा चर्चा में रहा है। उन्होंने पहले अरबाज़ खान से शादी की थी। दोनों करीब दो दशक तक शादी में रहे और 2017 में तलाक लिया। उनके एक बेटे, अरहान, को भी साझा रूप से पाला। मलाइका ने 2016 में अर्जुन कपूर को डेट करना शुरू किया था, लेकिन हाल ही में यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने कई वर्षों तक डेटिंग करने के बाद अलग होने का फैसला किया।

    मलाइका अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि उनके जीवन में मिस्ट्री मैन जरूर हैं, लेकिन अफवाहों पर प्रतिक्रिया देना और मीडिया को ज्यादा ईंधन देना उनके लिए जरूरी नहीं। उन्होंने अपने अतीत और वर्तमान पर ध्यान रखते हुए निजी जीवन को सुरक्षित रखने का फैसला किया है।

  • बुधवार के उपाय: गणपति और बुध की कृपा से संवरेंगी बुद्धि, व्यापार और आर्थिक स्थिति

    बुधवार के उपाय: गणपति और बुध की कृपा से संवरेंगी बुद्धि, व्यापार और आर्थिक स्थिति


    नई दिल्ली।हिंदू धर्म में सप्ताह के हर दिन का विशेष आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। इन्हीं में से बुधवार का दिन भगवान गणेश और ग्रह बुध को समर्पित माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह बुद्धिवाणीव्यापारशिक्षातर्कशक्ति और संचार का कारक होता है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध कमजोर होता हैतो जीवन में कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं। निर्णय लेने में भ्रमव्यापार में नुकसानपढ़ाई में एकाग्रता की कमीबार-बार धोखा मिलना और वाणी से जुड़े दोष आम समस्याएं बन जाती हैं। ऐसे में बुधवार के दिन किए गए कुछ विशेष उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। गणपति को प्रथम पूज्य माना गया हैइसलिए किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी आराधना की जाती है। वहीं बुध ग्रह को मजबूत करने से करियरव्यापार लेखन मीडिया अका उंटिंग शिक्षा और कम्युनिकेशन से जुड़े क्षेत्रों में उन्नति के योग बनते हैं। बुधवार के दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता हैक्योंकि यह रंग बुध ग्रह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन हरे वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। साथ ही भगवान गणेश को हरी दूर्वा अर्पित करने से बुध ग्रह की अनुकूलता बढ़ती है। मूंग की दालहरी सब्जियांहरा चारा या हरे फल का दान करने से आर्थिक और मानसिक समस्याओं में राहत मिलती है।

    बुधवार को गणपति मंत्र का जाप भी अत्यंत फलदायी माना गया है। सुबह स्नान के बाद ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करने से मानसिक तनाव कम होता है और कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। यह उपाय विशेष रूप से विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है।इसके अलावा तुलसी पूजन का भी विशेष महत्व है। बुधवार को तुलसी के पौधे में जल अर्पित कर दीपक जलाना और परिक्रमा करना बुध दोष को शांत करने में सहायक होता है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और पारिवारिक तनाव कम होते हैं।

    बुधवार को गाय को हरा चारा या पालक खिलाना भी आर्थिक दृष्टि से शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस उपाय से धन संबंधी अड़चनें दूर होती हैं और आय के नए स्रोत बनते हैं।विद्यार्थियों के लिए यह दिन विशेष माना जाता है। वे गणेश जी को कॉपीकलम या पेंसिल अर्पित कर सकते हैंजिससे पढ़ाई में एकाग्रता और सफलता मिलती है। वहीं व्यापारी हरे वस्त्र में थोड़े से मूंग बांधकर तिजोरी में रखेंमान्यता है कि इससे व्यापार में लाभ और धन आगमन के योग बनते हैं।

    हालांकि बुधवार को कुछ बातों से परहेज करना भी जरूरी है। इस दिन किसी का अपमान न करेंकटु वाणी से बचें और बिना सोचे-समझे कोई बड़ा आर्थिक फैसला न लें। कर्ज लेने या देने से भी बचना चाहिए। साथ ही हरे पेड़-पौधों को काटना अशुभ माना गया है।नियमित रूप से बुधवार के उपाय करने से व्यक्ति की बुद्धि तीव्र होती हैवाणी में मधुरता आती हैव्यापार और नौकरी में स्थिरता मिलती हैशिक्षा में सफलता प्राप्त होती है और रिश्तों में भी सुधार देखने को मिलता है।

  • ईरान में हालात बेकाबू, ढाई हजार से ज्यादा मौतें, भारत ने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील

    ईरान में हालात बेकाबू, ढाई हजार से ज्यादा मौतें, भारत ने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील


    नई दिल्ली। ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने देश को गहरे संकट में धकेल दिया है। हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे हैं और अब तक 2,571 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सख्त कार्रवाई, गिरफ्तारियों और बढ़ती हिंसा के बीच आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए कड़ी एडवाइजरी जारी करते हुए ईरान तुरंत छोड़ने की अपील की है।
    ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने साफ शब्दों में कहा है कि देश में रह रहे सभी भारतीय नागरिकपर्यटक, छात्र, कारोबारी और PIO (पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन)उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट्स या सुरक्षित परिवहन के किसी भी माध्यम से जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकलें। दूतावास ने स्पष्ट किया कि यह फैसला तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात और अनिश्चित स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद नागरिकों को विरोध प्रदर्शनों, धरनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से पूरी तरह दूर रहने की सख्त सलाह दी है।

    साथ ही कहा गया है कि सभी भारतीय नागरिक दूतावास के नियमित संपर्क में रहें और स्थानीय मीडिया व आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।

    एडवाइजरी में यह भी निर्देश दिया गया है कि सभी भारतीय नागरिक अपने जरूरी दस्तावेजपासपोर्ट, वीजा, पहचान पत्र और अन्य इमिग्रेशन पेपर्सहमेशा तैयार और सुरक्षित रखें। किसी भी तरह की सहायता, जानकारी या आपात स्थिति में भारतीय दूतावास से तत्काल संपर्क करने को कहा गया है।

    इस बीच, अमेरिका स्थित मानवाधिकार संस्था ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी’ ने हालात को और भी चिंताजनक बताया है। संस्था के मुताबिक, अब तक मारे गए 2,571 लोगों में से 2,403 प्रदर्शनकारी हैं, जबकि 147 सरकारी कर्मी भी हिंसा में जान गंवा चुके हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि मृतकों में 12 बच्चे और 9 ऐसे आम नागरिक शामिल हैं, जो किसी भी प्रदर्शन में शामिल नहीं थे।

  • 7 पारियों में 578 रन! भारतीय सरजमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का शानदार दबदबा

    7 पारियों में 578 रन! भारतीय सरजमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का शानदार दबदबा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज और कप्तान शुभमन गिल का बल्ला न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय सरजमीं पर लगातार आग उगल रहा है। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले जा रहे वनडे मुकाबले में गिल ने एक बार फिर अपनी क्लास और निरंतरता का शानदार नमूना पेश किया। उन्होंने 53 गेंदों में 1 छक्का और 9 चौकों की मदद से 56 रन की अहम पारी खेली। यह इस सीरीज में उनका लगातार दूसरा अर्धशतक रहा जिसने टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    भारतीय मैदानों पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का रिकॉर्ड बेहद लाजवाब रहा है। गिल ने अब तक कीवी टीम के खिलाफ भारत में कुल 7 वनडे पारियां खेली हैं, जिनमें उन्होंने 115.6 की शानदार औसत से 578 रन बनाए हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ उनकी निरंतरता को दर्शाता है बल्कि बड़े मैचों में जिम्मेदारी लेने की उनकी क्षमता को भी उजागर करता है इन सात पारियों में गिल ने कई यादगार पारियां खेली हैं। इनमें 149 गेंदों पर खेली गई 208 रनों की ऐतिहासिक पारी, 78 गेंदों में 112 रन, नाबाद 80 रन और हालिया मैचों में लगातार दो अर्धशतक शामिल हैं। उनकी पारियों की सूची में 40*, 26, 56 और 56 रनों की पारियां भी शामिल हैं जो यह साबित करती हैं कि वह हर परिस्थिति में टीम के लिए योगदान दे रहे हैं।

    इस मुकाबले में भारतीय टीम शुभमन गिल की कप्तानी में मैदान पर उतरी है। टीम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन संतुलन नजर आया। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के साथ श्रेयस अय्यर और केएल राहुल विकेटकीपर मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं। ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा और नितीश रेड्डी को शामिल किया गया है, जबकि गेंदबाजी विभाग में हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम माइकल ब्रेसवेल की कप्तानी में मैदान पर उतरी है। कीवी टीम में डेवोन कॉनवे, हेनरी निकोल्स, विल यंग और डेरिल मिशेल जैसे भरोसेमंद बल्लेबाज मौजूद हैं। ग्लेन फिलिप्स और मिशेल हे विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि काइल जैमीसन और जैकरी फाउल्क्स गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई कर रहे हैं।

    सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने वडोदरा में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर बढ़त बनाई थी। उस मैच में न्यूजीलैंड ने 300 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था, जवाब में टीम इंडिया ने विराट कोहली की 93 रनों की शानदार पारी और शुभमन गिल के अर्धशतक की बदौलत लक्ष्य हासिल कर लिया था।फिलहाल तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत 1-0 से आगे है। ऐसे में दूसरे मुकाबले में जीत दर्ज कर टीम इंडिया सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान पर उतरी है। शुभमन गिल का मौजूदा फॉर्म देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के लिए आगे की राह आसान नहीं होने वाली है।

  • दिसंबर में थोक महंगाई में इजाफा, दर बढ़कर 0.83 प्रतिशत पर पहुंची

    दिसंबर में थोक महंगाई में इजाफा, दर बढ़कर 0.83 प्रतिशत पर पहुंची


    नई दिल्ली । देश में थोक स्तर पर महंगाई एक बार फिर बढ़ती नजर आई है। विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण दिसंबर 2025 में थोक मूल्य सूचकांक WPI आधारित मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 0.83 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह सितंबर 2025 के बाद पहली बार है जब थोक महंगाई की दर शून्य से ऊपर दर्ज की गई है।सरकारी आंकड़ों के अनुसारनवंबर 2025 में थोक मुद्रास्फीति दर शून्य से नीचे रही थी और यह माइनस 0.32 प्रतिशत दर्ज की गई थी। वहींएक साल पहले दिसंबर 2024 में थोक महंगाई दर 2.57 प्रतिशत के स्तर पर थी। इस तरह साल-दर-साल तुलना में थोक महंगाई अब भी अपेक्षाकृत निचले स्तर पर हैलेकिन हालिया बढ़ोतरी से कीमतों पर दबाव के संकेत मिलते हैं।

    विनिर्मित उत्पादों ने बढ़ाई महंगाई

    दिसंबर में थोक महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में इजाफा रहा। विनिर्मित वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक में बड़ा योगदान होता है और इनकी कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी समग्र महंगाई दर को प्रभावित करती है। उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसारकच्चे माल की लागतपरिवहन खर्च और मांग में धीरे-धीरे हो रही बढ़ोतरी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।

    तीन महीने बाद राहत खत्म

    सितंबर 2025 के बाद से लगातार तीन महीनों तक थोक महंगाई दर शून्य के आसपास या उससे नीचे बनी हुई थीजिससे उद्योग और व्यापार जगत को कुछ राहत मिली थी। हालांकि दिसंबर में दर के फिर से सकारात्मक क्षेत्र में आने से यह संकेत मिलता है कि कीमतों में स्थिरता की अवधि अब खत्म हो सकती है।

    खुदरा महंगाई से अलग संकेत

    थोक महंगाई और खुदरा महंगाई CPI के रुझान अक्सर अलग-अलग होते हैं। थोक स्तर पर कीमतों में बदलाव का असर कुछ समय बाद खुदरा बाजार में भी दिख सकता है। ऐसे में दिसंबर के आंकड़े आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई पर संभावित दबाव की ओर इशारा कर सकते हैंहालांकि इसका सीधा और त्वरित असर होना जरूरी नहीं है।

    आगे क्या संकेत

    अर्थशास्त्रियों का मानना है कि थोक महंगाई में यह बढ़ोतरी फिलहाल चिंताजनक नहीं हैलेकिन अगर विनिर्मित उत्पादों और कच्चे माल की कीमतों में लगातार इजाफा होता रहातो इसका असर उत्पादन लागत और अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। साथ ही वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल और अन्य कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी आने वाले महीनों में महंगाई की दिशा तय करेगा। दिसंबर 2025 में थोक मुद्रास्फीति दर का 0.83 प्रतिशत पर पहुंचना यह दर्शाता है कि कीमतों में गिरावट का दौर थम गया है और महंगाई धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। हालांकि मौजूदा स्तर अभी नियंत्रण में हैलेकिन सरकार और नीति निर्माताओं के लिए यह एक संकेत है कि महंगाई के रुझानों पर करीबी नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

  • राजधानी में कानून-व्यवस्था पर सवाल: CM आवास के नजदीक हत्या, सौरभ भारद्वाज का तीखा हमला

    राजधानी में कानून-व्यवस्था पर सवाल: CM आवास के नजदीक हत्या, सौरभ भारद्वाज का तीखा हमला

    नई दिल्ली। नई दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में पिछले सप्ताह एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। आम आदमी पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता और स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष रचना यादव को उनके घर के पास ही दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पहले उनसे नाम पूछा और पुष्टि होते ही गोलियां चला दीं। घटना के बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज में हमलावर साफ दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

    पति की हत्या के मामले में गवाह थीं रचना यादव

    रचना यादव की हत्या अकेली नहीं मानी जा सकती। वर्ष 2023 में उनके पति विजेंद्र यादव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में रचना यादव प्रमुख प्रत्यक्षदर्शी गवाह थीं। पुलिस का अनुमान है कि उनकी हत्या का मकसद पुराने मामले को कमजोर करना और गवाहों में डर का माहौल पैदा करना हो सकता है। रचना यादव ने अपने पीछे दो बेटियों का परिवार छोड़ा है, जिन्हें इस घटना से गहरा आघात पहुँचा है।

    AAP नेताओं ने जताया दुख और पुलिस पर उठाए सवाल

    मंगलवार को शालीमार बाग में रचना यादव की शोक सभा आयोजित की गई। इसमें आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा शामिल हुए। दोनों नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और रचना यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हत्या के आरोपी सीसीटीवी में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, बावजूद इसके पुलिस की कार्रवाई बेहद धीमी है। उन्होंने इसे राजधानी की कानून-व्यवस्था के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वारदात स्थल मुख्यमंत्री के आवास से केवल 400 मीटर दूर है, फिर भी सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा।

    न्याय दिलाने के लिए AAP का संघर्ष

    AAP ने साफ किया कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। पार्टी ने दोहराया कि दोषियों को सख्त सजा दिलाने और परिवार को इंसाफ देने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। इस घटना ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और लोगों में भय का माहौल पैदा किया है।

    रचना यादव की हत्या न सिर्फ दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह है, बल्कि यह पुराने हत्या मामलों में गवाहों की सुरक्षा की जरूरत को भी उजागर करती है। AAP नेताओं ने घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों को तुरंत पकड़ने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

  • अंगूरी भाभी की तुलना पर रश्मि देसाई का बयान: शिल्पा शिंदे और शुभांगी अत्रे दोनों का सम्मान जरूरी

    अंगूरी भाभी की तुलना पर रश्मि देसाई का बयान: शिल्पा शिंदे और शुभांगी अत्रे दोनों का सम्मान जरूरी


    नई दिल्ली/ मुंबई।टीवी की दुनिया में अंगूरी भाभी का किरदार हमेशा से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है। इस किरदार को सबसे पहले लोकप्रिय बनाने वाली अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने करीब दस साल बाद शो भाभीजी घर पर हैं 2.0 में वापसी की है। उनकी इस वापसी के साथ-साथ दिए गए बयान भी चर्चा में आ गए हैं। शिल्पा ने हाल ही में कहा था कि अंगूरी भाभी हमेशा से वही रही हैं और वह अपनी तुलना किसी से नहीं करतीं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और इंडस्ट्री में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।इसी मुद्दे पर अभिनेत्री रश्मि देसाई ने आईएएनएस से बातचीत में अपनी राय रखी और तुलना की संस्कृति पर सवाल उठाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि शिल्पा शिंदे और शुभांगी अत्रे दोनों ही बेहतरीन कलाकार हैं और उनकी तुलना करना न तो जरूरी है और न ही सही।

    रश्मि देसाई ने कहा कि शिल्पा शिंदे और शुभांगी अत्रे ने अपने-अपने समय में अंगूरी भाभी के किरदार को पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाया है। दोनों ने इस किरदार को अपनी-अपनी शैली में जीवंत किया और दर्शकों का प्यार हासिल किया। ऐसे में किसी एक को दूसरे से बेहतर ठहराना या तुलना करना कलाकारों के योगदान को कम करके देखने जैसा है।उन्होंने आगे कहा कि शिल्पा शिंदे एक वरिष्ठ और अनुभवी अभिनेत्री हैं। उनकी तुलना करना सम्मान की कमी जैसा लगता है। अभिनय की दुनिया में किसी कलाकार की पहचान उसकी मेहनतअनुभव और परफॉर्मेंस से बनती हैन कि तुलना से। रश्मि के मुताबिकशिल्पा ने जो भी बयान दिया हैउसे गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

    रश्मि देसाई ने शिल्पा शिंदे के व्यक्तित्व पर बात करते हुए कहा कि वह एक बेबाक और साफ-गोई वाली अभिनेत्री हैं। उन्होंने जो कहावह उनके निजी अनुभव और करियर के सफर का हिस्सा है। शिल्पा ने कभी शो छोड़ने का इरादा नहीं किया था और अब जब वह दोबारा लौटकर आई हैंतो यह उनके लिए घर वापसी जैसा अनुभव है। दर्शकों को इस वापसी को खुले दिल से स्वीकार करना चाहिए।इसके साथ ही रश्मि ने शुभांगी अत्रे की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शुभांगी ने अंगूरी भाभी के किरदार को अपने समय में शानदार तरीके से निभाया और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने इस भूमिका के प्रति पूरी प्रतिबद्धता दिखाई और शो की लोकप्रियता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

    रश्मि देसाई ने कहा कि शिल्पा की वापसी निश्चित तौर पर शो के लिए एक नया अध्याय हैलेकिन इससे यह नहीं भूलना चाहिए कि शुभांगी अत्रे ने भी इस किरदार को लंबे समय तक सफलता के साथ आगे बढ़ाया। दोनों कलाकारों का योगदान समान रूप से सराहनीय है।अंत में रश्मि ने यही संदेश दिया कि टीवी इंडस्ट्री में तुलना की बजाय कलाकारों के काम और समर्पण का सम्मान किया जाना चाहिएक्योंकि हर कलाकार अपने तरीके से किसी भी किरदार को खास बनाता है।

  • संसदीय समिति के सामने जस्टिस वर्मा का पक्ष: कैश कांड में पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

    संसदीय समिति के सामने जस्टिस वर्मा का पक्ष: कैश कांड में पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

    नई दिल्ली। कैश कांड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा ने संसदीय समिति को अपना लिखित जवाब सौंप दिया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए महाभियोग की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। जस्टिस वर्मा का कहना है कि यदि प्रशासनिक एजेंसियां घटनास्थल को सुरक्षित रखने में विफल रहीं, तो इसकी जिम्मेदारी उन पर डालना न्यायसंगत नहीं है।

    “घटनास्थल पर मैं सबसे पहले नहीं पहुंचा”

    सूत्रों के मुताबिक, जस्टिस वर्मा ने समिति को दिए जवाब में स्पष्ट किया कि वह घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले व्यक्ति नहीं थे। आग लगने जैसी गंभीर घटना में पुलिस और अन्य एजेंसियों की जिम्मेदारी होती है कि वे तुरंत मौके को सील करें और सुरक्षा मानकों का पालन करें। उन्होंने कहा कि पुलिस ने न तो स्थल को सुरक्षित किया और न ही मानक प्रक्रिया का पालन किया, ऐसे में बाद की किसी भी चूक के लिए उन्हें दोषी ठहराना अनुचित है।

    पुलिस और फायर ब्रिगेड की भूमिका पर सवाल

    जस्टिस वर्मा ने अपने जवाब में यह भी कहा कि आग लगने के समय मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड दोनों मौजूद थीं। इसके बावजूद घटनास्थल को सील नहीं किया गया और आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय किसी भी तरह की नकदी की औपचारिक बरामदगी नहीं की गई थी, जबकि बाद में नकदी मिलने की बात कही जा रही है। उनके अनुसार, जब घटनास्थल पूरी तरह से प्रशासनिक एजेंसियों के नियंत्रण में था, तो उसकी सुरक्षा में हुई चूक की जिम्मेदारी उन पर कैसे डाली जा सकती है।

    महाभियोग प्रक्रिया को दी चुनौती

    इन्हीं तर्कों के आधार पर जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने खिलाफ शुरू की गई महाभियोग प्रक्रिया और संसदीय समिति के गठन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में शीर्ष अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रखा गया है। अब पूरे घटनाक्रम पर देश की सर्वोच्च अदालत के निर्णय की प्रतीक्षा है।

    क्या है कैश कांड की पूरी कहानी

    यह मामला मार्च 2025 में उस समय चर्चा में आया, जब दिल्ली के तुगलक क्रीसेंट स्थित जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास के एक स्टोर रूम में आग लग गई। 14 मार्च 2025 को लगी इस आग को बुझाने पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम को वहां फर्श पर 500 रुपये के नोटों के जले और आंशिक रूप से जले बंडल दिखाई दिए थे। इसी घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी।

    घटना के बाद तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने जांच के लिए तीन जजों की इन-हाउस समिति गठित की और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा का तबादला दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया। इसके बाद जुलाई 2025 में 140 से अधिक सांसदों ने उनके खिलाफ महाभियोग का नोटिस दिया, जिस पर अगस्त 2025 में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तीन सदस्यीय संसदीय समिति का गठन किया।

    अब जस्टिस यशवंत वर्मा के जवाब और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर इस पूरे मामले की दिशा तय होगी।

  • लोहड़ी: प्यार, परंपरा और खुशियों के रंग में रंगे बॉलीवुड कपल्स

    लोहड़ी: प्यार, परंपरा और खुशियों के रंग में रंगे बॉलीवुड कपल्स


    नई दिल्ली। सर्दियों की ठिठुरन के बीच जब अलाव की गर्माहट दिलों को सुकून देती है, तब लोहड़ी का पर्व अपने साथ उल्लास, समृद्धि और नई शुरुआत का संदेश लेकर आता है। पंजाब की इस पारंपरिक खुशियों भरी लोक-परंपरा को बॉलीवुड में भी पूरे जोश और अपनत्व के साथ मनाया जाता है। खासतौर पर बॉलीवुड के चर्चित कपल्स के लिए लोहड़ी केवल एक त्योहार नहीं बल्कि परिवार रिश्तों और साथ होने के एहसास का उत्सव है।कहीं सादगी से परिवार के साथ पूजा-अर्चना, तो कहीं दोस्तों के बीच हंसी-ठिठोली और सोशल मीडिया पर झलकती खुशियों की तस्वीरें बॉलीवुड कपल्स लोहड़ी को अपने-अपने अंदाज में खास बना देते हैं। इन सितारों का त्योहार मनाने का तरीका फैंस के लिए भी प्रेरणा बन जाता है।

    विक्की कौशल और कैटरीना कैफ

    विक्की कौशल और कैटरीना कैफ की लोहड़ी सेलिब्रेशन अक्सर सुर्खियों में रहती है। पंजाबी परंपरा से जुड़े विक्की के लिए यह त्योहार खास मायने रखता है, और कैटरीना भी इसे पूरे दिल से अपनाती नजर आती हैं। परिवार के साथ पारंपरिक रीति-रिवाज, रंग-बिरंगे देसी परिधान और अलाव के चारों ओर बिताए गए सुकून भरे पल इनकी लोहड़ी को बेहद खास बना देते हैं। इनकी तस्वीरों में परंपरा और निजी खुशियों का खूबसूरत संगम साफ नजर आता है।

    सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी

    सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी लोहड़ी को सादगी और शालीनता के साथ मनाना पसंद करते हैं। यह कपल अक्सर करीबी दोस्तों और परिवार के साथ सीमित लेकिन दिल से जुड़े जश्न में शामिल होता है। पारंपरिक कपड़ों में सजे सिद्धार्थ और कियारा लोहड़ी की रस्मों में शामिल होकर त्योहार की सांस्कृतिक भावना को सम्मान देते दिखाई देते हैं। इनका जश्न दिखावे से दूर, भावनाओं से भरपूर होता है।

    पुलकित सम्राट और कृति खरबंदा

    पुलकित सम्राट और कृति खरबंदा त्योहारों को साथ मनाने के लिए जाने जाते हैं। इनकी लोहड़ी खुशहाल महफिलों, हंसी-मजाक और पारंपरिक रस्मों से सजी होती है। दोनों का साथ में त्योहार मनाना उनके मजबूत रिश्ते और जीवन के हर पल को सेलिब्रेट करने के स्वभाव को दर्शाता है। मुस्कुराते चेहरे और अपनापन इनकी लोहड़ी की सबसे बड़ी पहचान बन जाते हैं।

    शाहिद कपूर और मीरा राजपूत

    शाहिद कपूर और मीरा राजपूत के लिए लोहड़ी पूरी तरह पारिवारिक मूल्यों से जुड़ा त्योहार है। यह कपल अक्सर बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पारंपरिक पूजा और रीति-रिवाजों के जरिए लोहड़ी मनाता है। अपनेपन और क्वालिटी टाइम से भरा यह जश्न फैंस के दिलों में भी खास जगह बना लेता है। शाहिद और मीरा की लोहड़ी यह दिखाती है कि त्योहारों की असली खुशी परिवार के साथ होती है।

    मनीष पॉल और संयुक्ता पॉल

    मनीष पॉल और उनकी पत्नी संयुक्ता पॉल लोहड़ी को बेहद पारंपरिक और घरेलू अंदाज में मनाते हैं। परिवार के साथ स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन, लोक-रीति और सादगी भरा उत्सव इनके लोहड़ी सेलिब्रेशन की पहचान है। बिना किसी तामझाम के, दिल से मनाया गया यह पर्व पारिवारिक एकता और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है।

    परंपरा और प्यार का संगम

    कुल मिलाकर, बॉलीवुड कपल्स की लोहड़ी सेलिब्रेशन यह साबित करती है कि सितारों की चकाचौंध के बीच भी रिश्तों, परंपराओं और परिवार की अहमियत सबसे ऊपर है। अलाव की आग के साथ जहां ठंड दूर होती है, वहीं इन कपल्स की मुस्कानें त्योहार की असली गर्माहट को दर्शाती हैं। लोहड़ी इन सितारों के लिए सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि प्यार, साथ और खुशियों का खूबसूरत उत्सव है।

  • तमिल संस्कृति भारत की साझा विरासत पोंगल समारोह में बोले पीएम मोदी- भरी रहे थाली और जेब सुरक्षित रहे धरती

    तमिल संस्कृति भारत की साझा विरासत पोंगल समारोह में बोले पीएम मोदी- भरी रहे थाली और जेब सुरक्षित रहे धरती


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पोंगल के पावन अवसर पर तमिल संस्कृति और परंपराओं के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित भव्य पोंगल समारोह में शामिल होकर प्रधानमंत्री ने न केवल इस उत्सव की खुशियों को साझा किया बल्कि इसे भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रकृति और प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने का एक नया मंत्र भी दिया।

    ग्लोबल फेस्टिवल बना पोंगल: पीएम मोदी समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पोंगल केवल एक क्षेत्रीय पर्व नहीं बल्कि एक ग्लोबल फेस्टिवल बन चुका है। उन्होंने कहा दुनिया भर में फैला तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति से प्रेम करने वाले लोग इसे बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। मैं भी उन प्रेम करने वालों में से एक हूँ और इस विशेष पर्व को आप सभी के साथ मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने तमिल संस्कृति को दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक बताते हुए इसे सदियों को जोड़ने वाली कड़ी करार दिया।

    अन्नदाता के प्रति आभार और प्रकृति का संतुलन प्रधानमंत्री ने पोंगल के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस त्योहार में हमारे अन्नदाता की कड़ी मेहनत छिपी है। यह सूर्य देव और धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। पीएम मोदी ने कहा हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हमारी थाली भी भरी रहे हमारी जेब भी भरी रहे और हमारी धरती भी सुरक्षित रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगली पीढ़ी के लिए मिट्टी की सेहत बनाए रखना और जल संरक्षण करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।तमिल विरासत से प्रधानमंत्री का गहरा जुड़ाव अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने पिछले एक साल में तमिल संस्कृति से जुड़े अपने सुखद अनुभवों को साझा किया। उन्होंने गंगई कोंडा चोलपुरम मंदिर में प्रार्थना वाराणसी के ‘काशी तमिल संगमम’ की जीवंत ऊर्जा और रामेश्वरम में पंबन ब्रिज के उद्घाटन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये अनुभव तमिल विरासत की समृद्धि और महानता का साक्षात् प्रमाण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिल संस्कृति पूरे भारत की साझा विरासत है जो एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और अधिक सशक्त बनाती है।

    एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संदेश प्रधानमंत्री ने कहा कि पोंगल जैसे पर्व हमें सिखाते हैं कि प्रकृति के प्रति आभार केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने संसाधनों के समझदारीपूर्ण उपयोग का आह्वान करते हुए कहा कि जब हम प्रकृति की देखभाल करेंगे तभी हमारा भविष्य सुरक्षित होगा। केंद्रीय मंत्री के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक तमिल वेशभूषा संगीत और पकवानों ने मिनी तमिलनाडु का दृश्य उत्पन्न कर दिया जहाँ प्रधानमंत्री ने सभी को पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।