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  • एनर्जी ड्रिंक से मिलती है फुर्ती या बढ़ता है खतरा, रोज पीने से पहले जान लें शरीर पर होने वाले असर और जरूरी सावधानियां

    एनर्जी ड्रिंक से मिलती है फुर्ती या बढ़ता है खतरा, रोज पीने से पहले जान लें शरीर पर होने वाले असर और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली। एनर्जी ड्रिंक आज युवाओं और कामकाजी लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। थकान महसूस होने पर तुरंत ऊर्जा पाने और लंबे समय तक एक्टिव रहने के लिए कई लोग इनका सेवन करते हैं। पढ़ाई के दौरान जागने से लेकर जिम और खेल गतिविधियों तक एनर्जी ड्रिंक का इस्तेमाल बढ़ गया है। इन पेय पदार्थों में आमतौर पर कैफीन के साथ चीनी और दूसरे उत्तेजक पदार्थ शामिल हो सकते हैं। इनकी वजह से कुछ समय के लिए व्यक्ति को अधिक सतर्क और ऊर्जावान महसूस हो सकता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि एनर्जी ड्रिंक शरीर की थकान का स्थायी समाधान है।

    एनर्जी ड्रिंक में मौजूद कैफीन दिमाग और नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है। इससे नींद कम महसूस हो सकती है और व्यक्ति कुछ समय के लिए ज्यादा एक्टिव नजर आ सकता है। इसी कारण लंबे समय तक काम करने या रात में पढ़ाई करने वाले लोग इनका सेवन करते हैं। हालांकि ज्यादा कैफीन लेने से बेचैनी घबराहट दिल की धड़कन तेज होना और नींद में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कैफीन का असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति को जितनी मात्रा आसानी से सहन हो जाती है जरूरी नहीं कि उतनी मात्रा सभी के लिए सुरक्षित हो।

    एनर्जी ड्रिंक में चीनी की मात्रा भी कई बार काफी अधिक हो सकती है। नियमित रूप से ज्यादा चीनी वाले पेय पदार्थों का सेवन वजन बढ़ने और दांतों से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। यदि कोई व्यक्ति पहले से ही अधिक मीठे खाद्य पदार्थ और पेय ले रहा है तो एनर्जी ड्रिंक उसके कुल चीनी सेवन को और बढ़ा सकता है। इसलिए केवल पेय के नाम में एनर्जी शब्द देखकर इसे स्वास्थ्यवर्धक समझना सही नहीं है।

    खास सावधानी बच्चों और किशोरों को लेकर बरतनी चाहिए। कम उम्र में कैफीन का अधिक सेवन नींद और व्यवहार से जुड़ी परेशानियां पैदा कर सकता है। गर्भवती महिलाओं और कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को भी ऐसे पेय पदार्थों का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है। इसी तरह जिन लोगों को दिल से जुड़ी समस्या है या जो किसी विशेष बीमारी की दवा ले रहे हैं उन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के अधिक कैफीन वाले पेय से बचना चाहिए।

    एनर्जी ड्रिंक और शराब को मिलाकर पीना भी जोखिम बढ़ा सकता है। कैफीन व्यक्ति को कुछ समय के लिए कम नशे में महसूस करा सकता है जबकि शराब का असर शरीर पर बना रहता है। इससे व्यक्ति अपनी वास्तविक स्थिति को कम आंक सकता है और जोखिम भरे फैसले ले सकता है। इसलिए दोनों को मिलाकर सेवन करना उचित नहीं माना जाता।

    अगर थकान दूर करनी है तो पर्याप्त नींद संतुलित भोजन पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि ज्यादा बेहतर आधार हैं। एनर्जी ड्रिंक को रोजाना की आदत बनाने के बजाय कभी कभार भी सेवन करना हो तो लेबल पर कैफीन और चीनी की मात्रा जरूर देखनी चाहिए। किसी भी पेय को लेकर सबसे जरूरी बात उसकी मात्रा और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति है। यदि एनर्जी ड्रिंक लेने के बाद लगातार दिल की धड़कन तेज होना चक्कर घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हों तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

  • रीवा में परमाणु प्लांट के खिलाफ ग्रामसभा का बड़ा फैसला, जमीन सर्वे का विरोध कर ग्रामीणों ने सरकार को दी दो टूक चेतावनी

    रीवा में परमाणु प्लांट के खिलाफ ग्रामसभा का बड़ा फैसला, जमीन सर्वे का विरोध कर ग्रामीणों ने सरकार को दी दो टूक चेतावनी



    रीवा । रीवा जिले के सिरमौर क्षेत्र में प्रस्तावित करीब 28 हजार करोड़ रुपये के परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। परियोजना के लिए जमीन की जांच और सर्वे की प्रक्रिया शुरू होने के बाद गांवों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है और ग्रामीण खुलकर परियोजना के खिलाफ सामने आ रहे हैं। हालात इस कदर बढ़ गए कि जमीन के सर्वे के लिए पहुंची ड्रिलिंग मशीनों को ग्रामीणों ने वापस लौटा दिया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे सरकार की कई योजनाओं का लाभ छोड़ने के लिए तैयार हैं लेकिन अपने गांव की जमीन पर परमाणु संयंत्र किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे।

    सिरमौर क्षेत्र के सरई कला गांव में हुई ग्रामसभा में भी परमाणु परियोजना के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उनका विरोध केवल जमीन अधिग्रहण तक सीमित नहीं है बल्कि परमाणु परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर भी गंभीर चिंता है। ग्रामीणों को आशंका है कि बड़े स्तर पर बनने वाले संयंत्र का असर पानी के स्रोतों पर्यावरण खेती और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ सकता है। इसी वजह से ग्रामीण परियोजना की शुरुआती गतिविधियों का भी विरोध कर रहे हैं।

    ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार चाहे तो लाड़ली बहना योजना की राशि बंद कर दे या राशन जैसी सुविधाएं रोक दे लेकिन गांव की जमीन पर परमाणु प्लांट नहीं लगने दिया जाएगा। ग्रामीणों के इस रुख ने प्रशासन के सामने भी चुनौती बढ़ा दी है क्योंकि परियोजना को लेकर जमीन की स्थिति और स्थानीय लोगों की राय जानने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

    रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा है कि परियोजना को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से चर्चा की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों की चिंताओं और सुझावों पर विचार किया जाएगा। प्रशासन की ओर से फिलहाल बातचीत के जरिए स्थिति को समझने की कोशिश की जा रही है।

    परमाणु परियोजनाओं के विरोध का यह मध्यप्रदेश में पहला मामला नहीं है। मंडला जिले में लंबे समय से प्रस्तावित चुटका परमाणु परियोजना को लेकर भी ग्रामीणों का विरोध जारी है। यह परियोजना वर्ष 1982 से प्रस्तावित है और वर्ष 2017 में इसे 1400 मेगावाट की मंजूरी मिली थी। इसके बावजूद परियोजना अभी शुरुआती चरण से आगे नहीं बढ़ सकी है। मंडला में 119 परिवार गांव छोड़ चुके हैं जबकि अन्य परिवार मुआवजे और परियोजना के विरोध से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।

    रीवा में अब ग्रामीणों का विरोध गांव की बैठकों और ग्रामसभा के फैसलों तक पहुंच चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद इस परियोजना की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। फिलहाल ग्रामीणों के तेवर साफ हैं कि विकास योजनाओं का लाभ भले ही छिन जाए लेकिन उनकी जमीन और गांव में परमाणु संयंत्र को मंजूरी स्वीकार नहीं होगी।

  • नवरात्रि के पहले दिन बदल सकता है इन 4 राशियों का समय, नौकरी, घर और शादी से जुड़े मिलेंगे खास संकेत

    नवरात्रि के पहले दिन बदल सकता है इन 4 राशियों का समय, नौकरी, घर और शादी से जुड़े मिलेंगे खास संकेत

    नई दिल्ली ।शारदीय नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर रविवार को होगा। इस दिन कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आश्विन शुक्ल प्रतिपदा का यह दिन चार राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। मेष, वृश्चिक, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए इस दिन करियर, नौकरी, विवाह, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन से जुड़े सकारात्मक संकेत बताए गए हैं। इन राशियों के जातकों के कुछ लंबे समय से अधूरे सपने पूरे होने की संभावना भी जताई गई है।

    मेष राशि वालों के लिए नवरात्रि का पहला दिन करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकता है। पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं। प्रमोशन मिलने पर वर्तमान शहर से किसी दूसरे शहर में जाने की स्थिति बन सकती है। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को भी नए शहर में अवसर मिल सकता है। परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा और परिजनों के साथ घूमने-फिरने का अवसर मिल सकता है। अविवाहित लोगों के विवाह की बात आगे बढ़ सकती है और शादी का सपना पूरा होने की संभावना है। सामाजिक संपर्क बढ़ाने से करियर में नए अवसर मिल सकते हैं।

    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह दिन जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आने वाला बताया गया है। लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का अंत हो सकता है और अपने लक्ष्य की दिशा में सफलता मिलने के संकेत हैं। इस दिन कोई ऐसी खुशखबरी या महत्वपूर्ण सूचना मिल सकती है, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। कार्यस्थल पर प्रभाव बढ़ेगा और लोग आपके काम से प्रभावित हो सकते हैं। प्रेम संबंध को विवाह में बदलने की इच्छा रखने वालों के लिए समय अनुकूल बताया गया है। परिवार की सहमति से लव मैरिज का रास्ता खुल सकता है। कुछ महीने पहले विवाह करने वाले लोगों के लिए संतान सुख के संकेत भी बताए गए हैं।

    मकर राशि वालों के लिए नवरात्रि का पहला दिन रुकावटों से राहत मिलने का संकेत दे रहा है। कामकाज में आने वाली बाधाएं दूर हो सकती हैं और बनाई गई योजनाओं के सफल होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अपने क्षेत्र में लगातार मेहनत करनी होगी। जिस पद और आर्थिक लाभ की इच्छा है, उसे पाने की दिशा में सफलता मिल सकती है। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए भी अवसर बनने के संकेत हैं। इसके अलावा विदेश में नौकरी या शिक्षा से संबंधित कोई प्रस्ताव मिलने की संभावना बताई गई है।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए नवरात्रि का पहला दिन घर और आर्थिक मामलों से जुड़ी उम्मीदें पूरी होने का संकेत दे रहा है। लंबे समय से घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए यह समय अनुकूल बताया गया है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने से मकान खरीदने की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। करियर में भी आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। अपने लक्ष्य के प्रति लगातार प्रयास और दृढ़ता बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा। पारिवारिक जीवन में सुख और शांति बनी रह सकती है।

    कुंभ राशि वालों के लिए वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखना भी जरूरी बताया गया है। संयमित बातचीत और सकारात्मक व्यवहार से काम आसान हो सकते हैं। वहीं अन्य तीन राशियों के लिए भी नवरात्रि का पहला दिन अपने-अपने क्षेत्रों में आगे बढ़ने और लंबित इच्छाओं को पूरा करने की दिशा में अवसरों वाला बताया गया है। इन ज्योतिषीय संकेतों में नौकरी, करियर, विवाह, विदेश से जुड़े अवसर और घर खरीदने जैसे विषय प्रमुख हैं।

  • राहुल गांधी की ‘सरप्राइज पॉलिटिक्स’: छोटा दस्ता, अचानक धरना और सरकार पर सीधा वार

    राहुल गांधी की ‘सरप्राइज पॉलिटिक्स’: छोटा दस्ता, अचानक धरना और सरकार पर सीधा वार


    नई दिल्ली। अचानक धरना, पुलिस थाने की ओर कूच या बिना पूर्व सूचना किसी जगह पहुंच जाना राहुल गांधी की हालिया राजनीति में ‘सरप्राइज’ एक अहम रणनीति के तौर पर उभरता दिख रहा है। पिछले कुछ महीनों में उनके ऐसे कई कदम सामने आए हैं, जिनमें बड़ी भीड़ के बजाय सीमित लोगों के साथ अचानक एक्शन लेकर राजनीतिक और मीडिया का ध्यान खींचने की कोशिश नजर आती है।

    औचक एक्शन, कम लोगों के साथ मैदान में उतरना
    राहुल गांधी इन दिनों मोदी सरकार को घेरने के लिए विरोध प्रदर्शन के पारंपरिक तरीकों से अलग रास्ता अपनाते दिख रहे हैं। कभी अचानक धरना, कभी पुलिस थाने की ओर मार्च और कभी किसी तय कार्यक्रम से अलग मौके पर पहुंच जाना—इन कदमों में एक बात समान रहती है, वह है औचक कार्रवाई।

    6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी मार्च के दौरान भी ऐसा ही देखने को मिला। पुलिस ने संसद मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। इसके बाद राहुल गांधी ने बैरिकेड पार किया और प्रियंका गांधी के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। यह प्रदर्शन करीब आठ घंटे तक चला और बाद में पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया।

    अगले दिन भी विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी का काफिला अचानक जंतर-मंतर की ओर बढ़ा। इस तरह के कदमों ने पुलिस और प्रशासन के सामने पहले से तय विरोध-प्रदर्शन के प्रबंधन को चुनौती दी है।

    नया नहीं है यह तरीका
    हालांकि राहुल गांधी के लिए अचानक मैदान में उतरना कोई बिल्कुल नया प्रयोग नहीं है। इसकी झलक कई साल पहले भट्टा-पारसौल आंदोलन के दौरान भी दिखाई दी थी। उस समय वह बाइक से पश्चिमी उत्तर प्रदेश पहुंचे थे और किसानों से मुलाकात की थी।

    फर्क इतना है कि हाल के वर्षों में इस तरह के राजनीतिक कदमों की आवृत्ति और दृश्यता बढ़ी है। अब अचानक किए गए किसी एक्शन को सोशल मीडिया और न्यूज कवरेज के जरिए बड़े राजनीतिक संदेश में बदलने की कोशिश भी दिखाई देती है।

    मार्शल आर्ट से राजनीति तक
    राहुल गांधी अपने फिटनेस और मार्शल आर्ट्स अभ्यास को लेकर भी सार्वजनिक तौर पर बात करते रहे हैं। भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान उन्होंने शाम के समय जिउ-जित्सु और मार्शल आर्ट्स से जुड़े अभ्यास को लेकर वीडियो भी साझा किए थे। उनका कहना रहा है कि इन गतिविधियों का उद्देश्य फिटनेस के साथ युवाओं को मार्शल आर्ट्स से जोड़ना भी है।

    फिटनेस को लेकर राहुल गांधी ने अगस्त 2026 में भी बताया था कि वह व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद करीब एक घंटा शारीरिक प्रशिक्षण के लिए निकालते हैं। उनके मुताबिक इसमें ताकत, एरोबिक क्षमता और लचीलेपन पर काम शामिल होता है।

    धरना पॉलिटिक्स में फिटनेस भी जरूरी
    सड़क पर उतरकर किए जाने वाले लंबे राजनीतिक प्रदर्शनों में शारीरिक ऊर्जा भी एक अहम पहलू बन जाती है। राहुल गांधी के हालिया प्रदर्शनों में इसका उदाहरण देखने को मिला है। आकाशवाणी भवन के बाहर उनका धरना कई घंटे चला, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।

    यानी जिस फिटनेस को राहुल गांधी पहले निजी अनुशासन के तौर पर पेश करते रहे हैं, उसे अब उनकी सार्वजनिक राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। कांग्रेस भी पिछले कुछ समय से राहुल गांधी की सड़क पर उतरकर सीधे विरोध करने वाली छवि को प्रमुखता देती दिख रही है।

    ‘अड़ियल तेवर’ या सोची-समझी रणनीति?
    हाल के प्रदर्शनों में राहुल गांधी का तरीका सरकार के साथ सीधे टकराव वाला नजर आया है। चाहे प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ते हुए धरने पर बैठना हो या संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर टिके रहना—उनके इन कदमों में पीछे हटने के बजाय मौके पर बने रहने का संदेश प्रमुख रहा है।

    राजनीतिक विश्लेषण में इसे एक ऐसी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य सिर्फ अपनी मांग दर्ज कराना नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन पर तत्काल राजनीतिक दबाव बनाना और घटनाक्रम को सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में लाना भी है। हालिया प्रदर्शनों में राहुल गांधी के अचानक लिए गए फैसलों ने इसी तरह की चर्चा को बढ़ाया है।

    ‘ब्रांड मोदी’ के सामने अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश
    राहुल गांधी के सामने राजनीतिक चुनौती यह भी है कि नरेंद्र मोदी की राजनीति लंबे समय से एक मजबूत और स्थापित राजनीतिक ब्रांड के रूप में सामने रही है। ऐसे में राहुल गांधी की सार्वजनिक छवि को उससे अलग रूप देने की कोशिश कांग्रेस की मौजूदा रणनीति का हिस्सा दिखाई देती है।

    एक तरफ नरेंद्र मोदी की स्थापित सत्ता और संगठन आधारित राजनीति है, तो दूसरी ओर राहुल गांधी की ओर से सड़क पर उतरने, अचानक विरोध करने और टकराव की स्थिति में पीछे नहीं हटने वाली छवि को उभारने का प्रयास नजर आता है।

    हालिया घटनाक्रम से यह जरूर स्पष्ट है कि राहुल गांधी की राजनीति में सरप्राइज, सीमित टीम के साथ अचानक एक्शन और दृश्यता वाले विरोध प्रदर्शन का इस्तेमाल बढ़ा है। अब यह रणनीति कांग्रेस को कितना राजनीतिक लाभ देती है और जनता के बीच राहुल गांधी की छवि को किस दिशा में ले जाती है, इसका आकलन आने वाले समय में राजनीतिक घटनाक्रम और जन प्रतिक्रिया से होगा।

  • 24 अक्टूबर से बुध की वक्री चाल, इन 3 राशियों के लिए धन और करियर में लाभ के संकेत

    24 अक्टूबर से बुध की वक्री चाल, इन 3 राशियों के लिए धन और करियर में लाभ के संकेत


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार, तर्क, गणित और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, बुध की चाल में बदलाव का असर व्यक्ति की संवाद शैली, आर्थिक फैसलों और कारोबारी रणनीतियों पर पड़ सकता है। पंचांग गणना के मुताबिक, 24 अक्टूबर 2026 को बुध वक्री होने जा रहे हैं। इस बदलाव को कुछ राशियों के लिए पुराने काम पूरे होने और आर्थिक लाभ के अवसर बनने से जोड़कर देखा जा रहा है।

    ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की वक्री चाल को हर स्थिति में नकारात्मक नहीं माना जाता। कई बार वक्री ग्रह से जुड़ी अवधि में पहले से अटकी योजनाओं पर दोबारा काम करने, पुराने मामलों को सुलझाने और अप्रत्याशित लाभ मिलने की संभावना बताई जाती है। इसी आधार पर बुध की वक्री चाल को मेष, कर्क और कुंभ राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

    मेष राशि: अटके काम पूरे होने के संकेत
    मेष राशि के जातकों के लिए बुध की वक्री चाल को करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इस दौरान आपकी कम्युनिकेशन स्किल मजबूत हो सकती है, जिससे कार्यक्षेत्र में अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने और लोगों को प्रभावित करने में मदद मिलेगी।

    पार्टनरशिप या कमर्शियल सेक्टर से जुड़े लोगों को इस अवधि में कोई बड़ी व्यावसायिक डील मिलने के योग बताए जा रहे हैं। आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सकती है। साथ ही, लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना भी बन सकती है।

    कर्क राशि: नौकरी और निवेश में लाभ
    कर्क राशि वालों के लिए बुध की उल्टी चाल को जीवन के कई क्षेत्रों में सफलता के संकेतों से जोड़ा जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। प्रमोशन या मनचाही जगह ट्रांसफर की इच्छा भी पूरी हो सकती है।

    वहीं, पुराने निवेश या प्रॉपर्टी से जुड़े किसी फैसले का लाभ मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में खुशहाली बनी रह सकती है और इस दौरान मानसिक शांति का अनुभव भी हो सकता है।

    कुंभ राशि: आमदनी बढ़ने के संकेत
    कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध की वक्री चाल करियर और आर्थिक स्थिति को मजबूती देने वाली मानी जा रही है। इस अवधि में आमदनी बढ़ने के योग बन सकते हैं। कारोबार करने वालों को बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने और नया मुकाम हासिल करने का अवसर मिल सकता है।

    प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और बौद्धिक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल बताया जा रहा है। मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है। साथ ही, सोच-समझकर लिए गए फैसले करियर और आर्थिक मामलों में सफलता की दिशा में मददगार साबित हो सकते हैं।

  • बेंगलुरु में आज CJP का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, ध्रुव राठी-प्रकाश राज भी होंगे शामिल

    बेंगलुरु में आज CJP का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, ध्रुव राठी-प्रकाश राज भी होंगे शामिल


    बेंगलुरु। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बेंगलुरु में गुरुवार, 8 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शन करेगी। फ्रीडम पार्क में होने वाले इस कार्यक्रम में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ यूट्यूबर ध्रुव राठी और अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज के भी शामिल होने की पुष्टि हुई है।

    10:30 बजे शुरू होगा प्रदर्शन

    CJP की ओर से फ्रीडम पार्क में सुबह 10:30 बजे से प्रदर्शन और ‘पीपल्स ट्रिब्यूनल’ आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में कर्नाटक के अलग-अलग जिलों से ऐसे लोगों के पहुंचने की बात कही गई है, जिनका दावा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान उनके नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए हैं। आयोजकों के मुताबिक, इन लोगों की बात सुनी जाएगी और उनकी शिकायतों को सामने रखा जाएगा।

    इसके बाद CJP की ओर से ‘चप्पल प्रदर्शन’ भी किया जाएगा। पार्टी के मुताबिक, यह प्रदर्शन SIR को लेकर उसके विरोध का हिस्सा है।

    ध्रुव राठी ने वीडियो जारी कर की अपील

    ध्रुव राठी के बेंगलुरु पहुंचने की जानकारी CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और प्रकाश राज की ओर से साझा किए गए वीडियो के जरिए सामने आई। राठी ने भी वीडियो संदेश में 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही और लोगों से प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की। उन्होंने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की भी अपील की है।

    प्रकाश राज ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर राठी को बेंगलुरु कार्यक्रम का ‘स्पेशल गेस्ट’ बताया। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में फ्रीडम पार्क पहुंचने की अपील की है।

    SIR पर क्या है प्रदर्शनकारियों की आपत्ति?

    CJP और प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों का आरोप है कि SIR के दौरान कई पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इसी मुद्दे पर ‘पीपल्स ट्रिब्यूनल’ में कथित तौर पर प्रभावित लोगों की शिकायतें दर्ज की जाएंगी।

    आयोजकों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची में नामों को लेकर जवाबदेही की मांग की है। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी।

    दिपके करेंगे लोगों से बातचीत

    CJP संस्थापक अभिजीत दिपके बेंगलुरु में उन स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे, जिनका दावा है कि SIR के दौरान उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इसके बाद फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया जाएगा।

    CJP पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग और SIR को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इससे पहले पार्टी के नेतृत्व में मुंबई समेत अन्य जगहों पर भी प्रदर्शन हो चुके हैं।

    10 अक्टूबर को दिल्ली में भी प्रदर्शन

    बेंगलुरु के बाद CJP की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन की घोषणा की गई है। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी। ध्रुव राठी ने भी अपने वीडियो संदेश में लोगों से 10 अक्टूबर को दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

    इस बीच, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दल भी दिल्ली में प्रदर्शन कर चुके हैं। विपक्ष SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि चुनाव आयोग ने प्रक्रिया से जुड़ी आपत्तियों पर अपना पक्ष अलग-अलग मौकों पर रखा है।

  • आज का राशिफल 8 अक्टूबर, ग्रहों की चाल बदलेगी कई राशियों का भाग्य, किसी को धन लाभ तो किसी को संभलकर चलने की जरूरत

    आज का राशिफल 8 अक्टूबर, ग्रहों की चाल बदलेगी कई राशियों का भाग्य, किसी को धन लाभ तो किसी को संभलकर चलने की जरूरत


    नई दिल्ली। आज का राशिफल 8 अक्टूबर 2026 कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत लेकर आया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार आज चंद्रमा सिंह राशि में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में रहेंगे जबकि गुरु कर्क राशि में स्थित होकर हंस राजयोग का प्रभाव बना रहे हैं। ऐसे में कुछ राशि वालों के लिए करियर कारोबार और आर्थिक मामलों में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं जबकि कुछ लोगों को खर्च और भावनात्मक फैसलों को लेकर सावधानी बरतनी होगी।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं और नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। वृषभ राशि के जातकों के लिए किसी नई शुरुआत का रास्ता खुल सकता है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। मिथुन राशि वालों को परिवार का सहयोग मिलेगा लेकिन घरेलू खर्च बढ़ सकते हैं इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा।

    कर्क राशि के जातकों को आज मानसिक दुविधा परेशान कर सकती है। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी करने के बजाय परिस्थितियों को समझकर आगे बढ़ना लाभकारी रहेगा। सिंह राशि वालों को भावनाओं में बहकर अनावश्यक खरीदारी करने से बचना चाहिए। आज मन प्रसन्न रहेगा लेकिन खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। कन्या राशि वालों के लिए आर्थिक दृष्टि से दिन अच्छा रह सकता है। कामकाज में मेहनत का लाभ मिलेगा और किसी पुराने प्रयास का सकारात्मक परिणाम सामने आ सकता है।

    तुला राशि वालों के लिए नई शुरुआत और लाभकारी समझौते के संकेत मिल रहे हैं। कारोबार में कोई महत्वपूर्ण डील आगे बढ़ सकती है। नौकरी करने वाले लोगों को भी नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है। वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दिन विशेष रूप से सकारात्मक रह सकता है। ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार इन्हें राजयोग का लाभ मिल सकता है और लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ने की संभावना है।

    धनु राशि वालों को आज अपनी जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर रहना होगा। काम के दबाव के बीच लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। परिवार के लोगों के साथ समय निकालना भी जरूरी रहेगा। मकर राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से अच्छे संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के साथ कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है। कुंभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में संयम और समझदारी से फैसला लेना चाहिए। किसी बड़े निवेश से पहले पूरी जानकारी जुटाना बेहतर रहेगा।

    मीन राशि वालों को आज मानसिक उलझन और अनचाहे खर्च परेशान कर सकते हैं। किसी बात को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने से बचें और अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान दें। रिश्तों के मामले में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ सकता है लेकिन दूसरों की अपेक्षाओं और अपनी इच्छाओं के बीच संतुलन बनाकर चलना जरूरी होगा। कुल मिलाकर 8 अक्टूबर का दिन कई राशियों के लिए बदलाव अवसर और नई शुरुआत के संकेत लेकर आया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सही योजना धैर्य और सोच समझकर लिए गए फैसले दिन को बेहतर बना सकते हैं।

  • RBI ने Paytm Payments Bank को शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से भी हटाया, अप्रैल में लाइसेंस हुआ था रद्द

    RBI ने Paytm Payments Bank को शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से भी हटाया, अप्रैल में लाइसेंस हुआ था रद्द


    नई दिल्ली। पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने PPBL को RBI एक्ट, 1934 की दूसरी अनुसूची यानी शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से बाहर कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब अप्रैल 2026 में RBI पहले ही बैंक का लाइसेंस रद्द कर चुका है और उसके बाद बैंक को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

    31 जुलाई को जारी हुई थी अधिसूचना
    RBI ने 7 अक्टूबर को बताया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक को दूसरी अनुसूची से बाहर करने की अधिसूचना 31 जुलाई 2026 को जारी की गई थी। इसे सितंबर में भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। इसका मतलब है कि PPBL अब RBI एक्ट की दूसरी अनुसूची में शामिल शेड्यूल्ड बैंकों की सूची का हिस्सा नहीं है।

    साधारण भाषा में समझें तो RBI एक्ट की दूसरी अनुसूची में शामिल बैंकों को शेड्यूल्ड बैंक कहा जाता है। इन बैंकों पर संबंधित नियामकीय व्यवस्था लागू होती है और उन्हें कानून के तहत कुछ सुविधाएं और अधिकार मिलते हैं। PPBL को इस सूची से बाहर करना उसके खिलाफ चल रही लंबी नियामकीय कार्रवाई का अगला कदम है।

    कार्रवाई की शुरुआत 2022 में हुई थी
    पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ RBI की सख्ती अचानक शुरू नहीं हुई थी। मार्च 2022 में केंद्रीय बैंक ने PPBL को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। RBI ने उस समय बैंक में गंभीर निगरानी संबंधी चिंताओं का हवाला दिया था। साथ ही बैंक को अपनी IT व्यवस्था की व्यापक जांच के लिए बाहरी IT ऑडिट कंपनी नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद बैंक पर नियामकीय दबाव लगातार बढ़ता गया और 2024 में RBI ने कई कारोबारी गतिविधियों पर रोक लगा दी।

    जनवरी-फरवरी 2024 में और कड़ी हुई पाबंदियां
    31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी 2024 को RBI ने PPBL पर अतिरिक्त कारोबारी पाबंदियां लगाईं। बैंक को ग्राहकों के खातों, वॉलेट और अन्य प्रीपेड साधनों में नए जमा, क्रेडिट या टॉप-अप लेने से रोक दिया गया। इन पाबंदियों के कारण PPBL की सामान्य बैंकिंग गतिविधियां काफी सीमित हो गई थीं।

    अप्रैल 2026 में रद्द कर दिया गया बैंकिंग लाइसेंस
    PPBL के खिलाफ कार्रवाई का सबसे बड़ा कदम 24 अप्रैल 2026 को आया, जब RBI ने उसका बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक का कामकाज उसके और जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदायक तरीके से चलाया जा रहा था। RBI के अनुसार, बैंक का प्रबंधन भी जमाकर्ताओं और जनहित के लिहाज से उचित नहीं था तथा बैंक अपने पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों का पालन करने में विफल रहा था।

    RBI ने यह भी कहा था कि बैंक को जारी रखना जनहित में उपयोगी नहीं होगा। लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक को बैंकिंग कारोबार करने से रोक दिया गया और RBI ने उसके समापन की प्रक्रिया के लिए हाई कोर्ट का रुख किया।

    दिल्ली हाई कोर्ट ने भी वाइंडिंग अप का आदेश दिया
    लाइसेंस रद्द होने के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी PPBL के वाइंडिंग अप का आदेश दिया। यानी अब बैंक को सामान्य बैंकिंग संस्था के रूप में जारी रखने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के तहत बंद किया जाना है।

    ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
    RBI की ताजा कार्रवाई मुख्य रूप से PPBL की शेड्यूल्ड बैंक की स्थिति से जुड़ी है। ग्राहकों के लिहाज से बड़ी बात यह है कि बैंक पर पहले ही नए ग्राहक जोड़ने और नए जमा, क्रेडिट व वॉलेट टॉप-अप जैसी गतिविधियों पर रोक लग चुकी थी। इसके बाद अप्रैल 2026 में बैंकिंग लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया।

    वहीं Paytm ऐप की कई सेवाएं पेटीएम पेमेंट्स बैंक से अलग दूसरे बैंकों के जरिए चलती हैं। इसलिए PPBL के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को Paytm ऐप की सभी सेवाओं के बंद होने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। Paytm ने भी स्पष्ट किया है कि उसके UPI, QR पेमेंट, Soundbox, कार्ड मशीन और पेमेंट गेटवे जैसी सेवाएं मल्टी-बैंक व्यवस्था के तहत चलती हैं।

    इस तरह PPBL के खिलाफ कार्रवाई का क्रम अब एक और चरण में पहुंच गया है—पहले नए ग्राहक जोड़ने पर रोक, फिर 2024 में जमा और टॉप-अप जैसी गतिविधियों पर पाबंदी, अप्रैल 2026 में बैंकिंग लाइसेंस रद्द और अब शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से बाहर किया जाना। इसके साथ बैंक के वाइंडिंग अप की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।

  • मध्‍य प्रदेश के 12 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, चक्रवात और ट्रफ से बदला मौसम

    मध्‍य प्रदेश के 12 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, चक्रवात और ट्रफ से बदला मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ के सक्रिय होने से पूर्वी हिस्से में आंधी-बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 12 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जबकि 9 अक्टूबर के बाद सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा और 10 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार गुरुवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में आंधी के साथ बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटे के दौरान भी प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई है।

    9 अक्टूबर को भी इन जिलों में बारिश

    मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भी पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में बारिश की संभावना है। इसके बाद सक्रिय सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा।

    10 अक्टूबर से दोनों हिस्सों में मौसम रहेगा शुष्क

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक मौसम केंद्र के सात दिवसीय पूर्वानुमान में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव 10 अक्टूबर से दिखाई देगा। इस तारीख से पूर्वी मध्य प्रदेश में भी ड्राय कंडीशन शुरू होने की संभावना है। यानी 10 से 12 अक्टूबर के दौरान पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है।

    बारिश का असर खेती पर, लेकिन पूरे प्रदेश में समान नहीं होगी नमी

    मौसम के इस बदलाव का सबसे सीधा असर कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है। 9 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से में होने वाली स्थानीय बारिश से मिट्टी की ऊपरी परत में नमी बढ़ सकती है, लेकिन इसे पूरे प्रदेश में एक समान नमी उपलब्ध कराने वाली बारिश नहीं माना जा सकता।

    खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में लगातार शुष्क मौसम का पूर्वानुमान है। ऐसे में रबी की तैयारियों के दौरान किसानों के लिए अपने खेत की वास्तविक स्थिति, मिट्टी में मौजूद नमी, उपलब्ध सिंचाई सुविधा और पिछले दिनों हुई स्थानीय बारिश को ध्यान में रखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। केवल प्रदेश में बारिश होने की सामान्य जानकारी के आधार पर बोवनी या सिंचाई का फैसला करना उचित नहीं होगा।

    3 अक्टूबर को विदा हो चुका है मानसून

    मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को ही लौट चुका है। हालांकि, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ के सक्रिय होने के कारण इसके बाद भी कुछ इलाकों में बारिश का दौर बना हुआ है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों को देखें तो अक्टूबर में मौसम में बारिश, गर्मी और ठंड—तीनों तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इस बार भी अक्टूबर की शुरुआत में यही स्थिति बनी हुई है। महीने की शुरुआत में कई जगह धूप खिली, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंडक महसूस हुई और पूर्वी हिस्से में बारिश भी दर्ज की गई। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।

    सामान्य से 4% कम हुई मानसून की बारिश

    जून से सितंबर तक चलने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले करीब 1.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 4% कम बारिश दर्ज हुई।

    क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4% ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम पानी गिरा।

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4% अधिक रहा। हालांकि, इसी क्षेत्र के बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई।

    पश्चिमी MP के 20 जिलों में कम बारिश

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज हुई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    वहीं 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

  • उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी के 25 साल के राजनीतिक सफर की तारीफ की, INDIA गठबंधन के प्रदर्शन पर भी दी प्रतिक्रिया

    उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी के 25 साल के राजनीतिक सफर की तारीफ की, INDIA गठबंधन के प्रदर्शन पर भी दी प्रतिक्रिया


    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर उन्हें बधाई दी है। श्रीनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 25 साल तक लगातार चुनाव जीतते रहना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी सफलता प्रधानमंत्री मोदी के मतदाताओं के साथ मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव को दर्शाती है। उमर अब्दुल्ला ने अपनी और अपनी सरकार के सहयोगियों की ओर से प्रधानमंत्री को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 साल तक लगातार चुनाव जीतना आसान नहीं है। यह सफर पहले राज्य स्तर पर और फिर केंद्र स्तर पर जारी रहा है। उन्होंने लगातार जीत के सिलसिले को आधुनिक राजनीति में एक असाधारण उपलब्धि बताया। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इतने लंबे समय तक चुनावी सफलता बनाए रखना अपने आप में महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद वे देश के प्रधानमंत्री बने और अब सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे कर चुके हैं।

    उमर अब्दुल्ला ने INDIA गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर दिए गए बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ INDIA गठबंधन की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि यह विरोध पिछले दिनों दिल्ली में हुई गठबंधन की बैठक का नतीजा है। उन्होंने प्रदर्शन को मनगढ़ंत और फर्जी बताए जाने के दावों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने और उनके सहयोगियों ने इस मुद्दे को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

    मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी सार्वजनिक विरोध और राजनीतिक विवाद पर उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार के उस दावे को चुनौती दी, जिसमें खोजी पत्रकारिता की रिपोर्टों को बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया गया है। उन्होंने प्रदर्शन के संदर्भ में कहा कि अगर यह मामला फर्जी होता तो सबसे पहले उस अखबार के खिलाफ कार्रवाई की जाती, जिसकी रिपोर्ट के जरिए यह पूरा मामला सामने आया है। उमर अब्दुल्ला ने इस आधार पर प्रदर्शन को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।

    श्रीनगर में कश्मीर घाटी के एक बड़े खेल आयोजन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 साल की राजनीतिक यात्रा के महत्व को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी जीत हासिल करना आसान नहीं है और लंबे समय तक मतदाताओं के साथ जुड़ाव बनाए रखना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने INDIA गठबंधन के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध को लेकर भी अपना पक्ष रखा।