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  • छिंदवाड़ा BJP में गुटबाजी: सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव को प्रदेश अध्यक्ष ने किया भोपाल तलब , खींचतान खत्म करने का अल्टीमेटम

    छिंदवाड़ा BJP में गुटबाजी: सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव को प्रदेश अध्यक्ष ने किया भोपाल तलब , खींचतान खत्म करने का अल्टीमेटम


    छिंदवाड़ा । मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा के अंदर गुटबाजी ने गंभीर रूप ले लिया है जिसके कारण पार्टी की एकता पर सवाल उठने लगे हैं। लोकसभा सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू और भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव के बीच चल रहे विवाद को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दोनों नेताओं को भोपाल स्थित पार्टी कार्यालय में तलब किया है। यह बैठक भाजपा के शीर्ष नेताओं हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की उपस्थिति में हुई जहां दोनों नेताओं को एक साथ बैठाकर बातचीत कराई गई और भविष्य में पार्टी की एकता बनाए रखने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया।

    गुटबाजी की यह समस्या छिंदवाड़ा भाजपा की जिला इकाई में लंबे समय से चल रही है। सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव के बीच मतभेद सार्वजनिक हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार शेषराव यादव की बैठकों में सांसद बंटी साहू शामिल नहीं होते थे और इस दौरान यादव ने साहू के खिलाफ बयानबाजी भी की थी। यह विवाद जिले में जिला कार्यकारिणी गठन पदों के बंटवारे और अन्य संगठनात्मक फैसलों को लेकर और भी गहरा गया था।

    भोपाल में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दोनों नेताओं से कहा कि भाजपा ने छिंदवाड़ा में लंबे संघर्ष के बाद सफलता हासिल की है लेकिन वर्तमान स्थिति पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने दोनों नेताओं से अपील की कि वे पार्टी हित में मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर काम करें क्योंकि पार्टी की छवि और भविष्य की सफलता इसके ऊपर निर्भर है। इस बीच संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने मध्यस्थता करते हुए दोनों नेताओं को चेतावनी दी कि अगर खींचतान तुरंत खत्म नहीं की गई तो पार्टी को इसका भारी नुकसान हो सकता है।

    भा ज पा सूत्रों के अनुसार बैठक सकारात्मक रही और दोनों नेताओं ने पार्टी के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया है। हालांकि यह देखना बाकी है कि इस विवाद के समाधान के बाद पार्टी के अंदर का माहौल कैसे बनता है और आगामी चुनावों में पार्टी को इसका कितना लाभ होता है। यह घटनाक्रम भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक चुनौती बनकर सामने आया है क्योंकि छिंदवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण जिले में आंतरिक मतभेद पार्टी की भविष्यवाणी और चुनावी रणनीति पर असर डाल सकते हैं।

  • फर्जी मतदान करने वालों से निपटेंगे उद्धव और राज ठाकरे

    फर्जी मतदान करने वालों से निपटेंगे उद्धव और राज ठाकरे


    मुंबई। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के एक बयान ने मंगलवार को नगर निकाय चुनावों में संभावित हिंसा को लेकर चिंता बढ़ा दी। उन्होंने घोषणा की कि नगर निकाय चुनावों के लिए 15 जनवरी को होने वाले मतदान के दिन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी और मनसे के कार्यकर्ताओं का एक संयुक्त दस्ता गठित किया जाएगा, जिसका काम दोहरा और फर्जी मतदान करने वालों की पिटाई करना होगा।

    राउत की धमकी मुंबई और अन्य नगर निकायों के चुनावों के लिए प्रचार के दौरान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा की गई सार्वजनिक अपील के बाद आई है।

    भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बढ़ते प्रभाव के बीच मुंबई के गढ़ की रक्षा के लिए मनसे और शिवसेना (UBT) ने गठबंधन किया है।

    शिवसेना (UBT) के नेता ने यहां पत्रकारों से कहा, “हमने (शिवसेना-UBT और MNS) एक टीम बनाई है, जो 15 जनवरी को सुबह सात बजे से सक्रिय हो जाएगी। जैसे ही क्षेत्रवार दोहरे मतदाताओं की जानकारी दस्ते को मिलेगी, संयुक्त टीम ऐसे मतदाताओं से उचित तरीके से निपटेगी।” राउत की यह चेतावनी 29 नगर निकायों के चुनावों के लिए जारी जोरदार प्रचार अभियान की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें एक तरफ भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना व दूसरी तरफ मुंबई महानगर क्षेत्र में शिवसेना (उबाठा)-मनसे गठबंधन के बीच तीखी तकरार देखने को मिली है।

    विपक्ष ने राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष फर्जी और दोहरी मतदाता सूची का मुद्दा आक्रामक रूप से उठाया था और मतदाता सूची में कथित विसंगतियों को दूर करने की मांग की थी। राउत से जब दोहरी मतदाता होने का दावा करके व्यक्तियों पर हमला करने के बाद के कानूनी परिणामों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तर्क दिया कि कानून के दायरे में न आने वालों को पीटना कानून और व्यवस्था की स्थिति भंग करने के बराबर नहीं है। राउत ने पूछा, ‘क्या फर्जी मतदान कानून और व्यवस्था की परिभाषा में आता है?’
  • Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या कब है? जानें पूजा विधि और स्नान-दान से जुड़े जरूरी नियम

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या कब है? जानें पूजा विधि और स्नान-दान से जुड़े जरूरी नियम

    नई दिल्ली। Mauni Amavasya 2026 Date: सनातन परंपरा में माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या पर्व के रूप में जाना जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार इस पावन तिथि पर मौन रहकर साधना-आराधना करने पर साधक को विशेष पुण्यफल की प्राप्ति होती है. देवी-देवताओं संग पितरों का आशीर्वाद बरसाने वाली मौनी अमावस्या कब पड़ेगी और क्या हैं इसकी पूजा के नियम और उपाय, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.
    Mauni Amavasya 2026 Kab Hai: माघ मास में पड़ने वाले तमाम पर्वों में मौनी अमावस्या का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. प्रयागराज संगम में लगने वाले माघ मेले में यह तीसरा और सबसे बड़ा पर्व स्नान माना जाता है क्योंकि हिंदू धर्म से जुड़े लोगों की मान्यता है कि इस पर्व पर गंगा का जल अमृत के समान पुण्यदायी हो जाता है. यही कारण है कि मौनी अमावस्या पर देश भर से लोग ​प्रयागराज के त्रिवेणी संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं. मौनी अमावस्या का पर्व मौन रहकर स्नान-ध्यान, दान और पितृपूजा करने के लिए उत्तम माना गया है. आइए जानते हैं कि इस साल यह पावन पर्व कब पड़ेगा और इससे जुड़े नियम, उपाय आदि क्या हैं?
    हिंदू मान्यता के अनुसार इस साल मौनी अमावस्या का पर्व 18 जनवरी 2026, रविवार को मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार माघ मास की अमावस्या तिथि 18 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 00:03 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 19 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 01:21 बजे बजे तक रहेगी. ऐसे में इस साल मौनी अमावस्या का पर्व 18 जनवरी 2026 को मनाया जाना ही उचित रहेगा.

    मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व
    हिंदू मान्यता के अनुसार मौनी अमावस्या पर्व पर मौन रहकर की जाने वाली साधना शीघ्र ही सफल होती है. यह पर्व पितरों से लेकर देवताओं की कृपा बरसाने वाला माना गया है. हिंदू मान्यता है कि कुंभ मेले के दौरान इस पर्व पर प्रयागराज संगम पर गंगा का पावन जल अमृत के समान हो जाता है. जिसमें डुबकी लगाते ही व्यक्ति का तन और मन दोनों पाप से मुक्त होकर पवित्र हो जाता है. यही कारण है कि इस कुंभ मेले में इस पर्व पर सबसे ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं. मौनी अमावस्या पर स्नान-ध्यान करने के साथ पितरों का श्राद्ध और पिंडदान करने का भी बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर पितृ पूजा करने से कुंडली का पितृदोष दूर होता है.

    अमावस्या पर करें पीपल पूजा का महाउपाय
    हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत ज्यादा पवित्र और पूजनीय माना गया है. इसमें न सिर्फ ब्रह्मा, विष्णु और महेश बल्कि शनि और पितरों का भी वास माना गया है. ऐसे में मौनी अमावस्या पर पुण्य की प्राप्ति और तमाम तरह के दोषों से मुक्ति पाने के लिए स्नान-ध्यान करने के बाद पीपल पर दूध मिला जल अर्पित करने के बाद दीपदान करें. पूजा के अंत में पीपल देवता की कम से कम 11 बार परिक्रमा करें.

  • Toxic Teaser Controversy: CBFC को नहीं दी गई थी टीजर की जानकारी, विवादों में घिरी यश की फिल्म

    Toxic Teaser Controversy: CBFC को नहीं दी गई थी टीजर की जानकारी, विवादों में घिरी यश की फिल्म

    नई दिल्ली। यश की आने वाली फिल्म टॉक्सिक का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। हाल में टीजर भी रिलीज किया गया जिसके बाद फिल्म मुश्किलों में आ गई है। करीब तीन मिनट के इस टीजर में यश और ब्रिज़लियन एक्ट्रेस बीट्रीज़ टोफेनबैक के बीच गाड़ी में एक इंटिमेट सीन दिखाया गया है। इस सीन को लेकर काफी विवाद हो गया है। आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने यश और सीन पर आपत्ति जताई थी। विंग ने कर्नाटक स्टेट विमिन कमीशन से इस बारे में शिकायत दर्ज की थी।
    CBFC को इसलिए नहीं दी गई जानकारी
    कर्नाटक स्टेट विमिन कमीशन ने CBFC से लिखित में यश की फिक्म टॉक्सिक के टीजर के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की थी। लेकिन इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक CBFC से जुड़े सूत्र ने पोर्टल को ये जानकारी दी है कि टॉक्सिक का टीजर को बोर्ड ने सर्टिफिकेट नहीं दिया है। क्योंकि ये टीजर ऑनलाइन रिलीज किया गया है। और ऑनलाइन रिलीज के लिए CBFC के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती।
    ऑनलाइन टीजर को सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
    अगर कोई भी टीजर या प्रोमो थिएटर में दिखाया जाता या किसी दूसरी फिल्म के सैट जुड़ा होता तब CBFC के सर्टिफिकेट की जरूरत होती।टॉक्सिक के मेकर्स ने ये करीब तीन मिनट का टीजर अपने यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है। इसलिए CBFC के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी।
    इस सीन पर हुआ विवाद
    टॉक्सिक का टीजर रिलीज होते ही विवाद में घिर गया था। टीजर में दिखाया गया था कि शमशान भूमि पर किसी को दफनाया जा रहा है तभी यश के किरदार राया का इंट्रो सीन शुरू हो जाता है। वो एक गाड़ी में आता है। गेट के बाहर गाड़ी रोकी जाती है और एक तार से जोड़ दी जाती है। इंटिमेट सी की वजह से गाड़ी हिलने लगती है और शमशान भूमि पर ब्लास्ट हो जाता है। इस सीन को लेकर विवाद हुआ है। हालांकि, इस पर मेकर्स की तरफ से कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है।

    टॉक्सिक रिलीज
    टॉक्सिक की बात करें तो फिल्म 19 मार्च को धुरंधर 2 के साथ रिलीज हो रही है। इस फिल्म की कास्ट शानदार है। फिल्म में नयनतारा, कियारा अडवानी, तारा सुतारिया, रुकमणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसी पांच दमदार हीरोइन नजर आने वाली हैं। फिल्म को गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट की है। अब बस रिलीज

  • 14 जनवरी 2026 का पंचांग: माघ कृष्ण एकादशी पर गणेश पूजन का विशेष योग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

    14 जनवरी 2026 का पंचांग: माघ कृष्ण एकादशी पर गणेश पूजन का विशेष योग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

    नई दिल्ली । 14 जनवरी 2026. बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है. जो व्रत. पूजा और साधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है. वहीं बुधवार का दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। ऐसे में आज का दिन आध्यात्मिक साधना. व्रत और शुभ कार्यों के लिए खास संयोग बना रहा है।

    बुधवार को गणपति जी की पूजा करने से बुद्धि. विवेक. व्यापार में सफलता और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार. इस दिन गणेश जी की आराधना करने से बुध ग्रह से संबंधित दोष भी शांत होते हैं। श्रद्धालु आज के दिन भगवान गणेश को दूर्वा घास. मोदक और शमी के पत्ते अर्पित करते हैं। साथ ही “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    पंचांग के अनुसार. आज के दिन कुछ विशेष शुभ मुहूर्त भी हैं. जिनमें पूजा-पाठ. जप-तप और महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। आज अमृत काल दोपहर 03:22 बजे से शाम 05:10 बजे तक रहेगा. जो किसी भी शुभ कार्य के लिए उत्तम माना जाता है। वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:38 बजे से 06:25 बजे तक रहेगा। यह समय ध्यान. साधना और ईश्वर आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

    हालांकि. दिन में कुछ अशुभ काल भी हैं. जिनमें शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। आज राहुकाल दोपहर 12:35 बजे से 01:56 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यम गण्ड सुबह 08:34 बजे से 09:55 बजे तक. कुलिक काल 11:15 बजे से 12:35 बजे तक और दुर्मुहूर्त 12:14 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। इन समयों में नए कार्य की शुरुआत. यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना शुभ माना जाता है।

    सूर्य और चंद्रमा की स्थिति की बात करें तो आज सूर्य का उदय सुबह 07:14 बजे और सूर्यास्त शाम 05:57 बजे होगा। वहीं चंद्रमा का उदय तड़के 03:22 बजे और चंद्रास्त दोपहर 02:08 बजे होगा। चंद्रमा की यह स्थिति व्रत और मानसिक शांति के लिए अनुकूल मानी जा रही है। कुल मिलाकर. माघ कृष्ण एकादशी और बुधवार का यह संयोग भक्तों के लिए अत्यंत शुभ है। विधि-विधान से गणेश जी की पूजा. एकादशी व्रत और शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य जीवन में सुख. समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

  • प्राइवेट स्कूलों की मान्यता व नवीनीकरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अब 20 जनवरी 2026

    प्राइवेट स्कूलों की मान्यता व नवीनीकरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अब 20 जनवरी 2026


    भोपाल!
    राज्य शिक्षा केन्द्र, ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संचालित प्राइवेट स्कूलों की मान्यता एवं मान्यता नवीनीकरण के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए सभी अशासकीय विद्यालयों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से मान्यता नवीनीकरण अथवा नवीन मान्यता के लिए आवेदन करना होगा।

    राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूर्व में आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई थी, किन्तु तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए इसे बढ़ाकर अब 20 जनवरी 2026 कर दिया गया है।

    राज्य शिक्षा केन्द्र ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा का अधिकार नियम 11 के उपनियम 4(ग) के तहत यदि कोई स्कूल निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन आवेदन नहीं करता है, तो उस स्कूल को मान्यता विहीन माना जाएगा और विद्यालय का संचालन शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 18 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।

  • मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन में करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन में करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को श्रीमहाकाल महालोक उज्जैन में पाँच दिवसीय ‘श्रीमहाकाल महोत्सव’ का शुभारंभ करेंगे। 18 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव श्रीमहाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय के प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम होगा। वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और अटूट श्रद्धा के महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है।

    5 दिनों तक बहेगी संगीत सरिता

    महोत्सव की मुख्य सभाओं में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार भगवान शिव की आराधना अपनी स्वर-लहरियों से करेंगे। 14 जनवरी: महोत्सव के पहले दिन सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ ‘शिवोऽहम्’ की संगीतमय प्रस्तुति देंगे। 15 जनवरी: मुम्बई का प्रसिद्ध ‘द ग्रेट इंडियन क्वायर’ ‘शिवा’ थीम पर प्रस्तुति देगा। 16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीत यात्रा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। 17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं मुम्बई के विपिन अनेजा व उनके बैंड द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी। 18 जनवरी: महोत्सव का समापन इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और श्रीलंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों द्वारा प्रस्तुत ‘शिव केंद्रित नृत्य नाटिका’ से होगा, जो महोत्सव के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दर्शाएगा।

    त्रिवेणी संग्रहालय में प्रतिदिन जनजातीय संस्कृति के होंगे दर्शन

    महोत्सव में प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के दर्शन होंगे। इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन होगा। प्रतिदिन निकलने वाली ‘कला यात्रा’ शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीमहाकाल लोक पहुँचेगी। इसमें शिव बारात, डमरू वादन और मलखंब के रोमांचक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगे।

    15 जनवरी को होगा बौद्धिक विमर्श

    सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ, 15 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय ‘शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में’ रखा गया है, जहाँ विद्वान शिव तत्व की दार्शनिक गहराईयों पर प्रकाश डालेंगे। आमजन को इस भक्तिमय उत्सव में सहभागी होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।

  • कैसा रहेगा आज का राशिफल, जानिए

    कैसा रहेगा आज का राशिफल, जानिए


    मेष राशि
    :- कुछ एकाग्रता की प्रवृत्ति बनेगी। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। योग्यताएं सम्मान दिलायेगी। शुभांक-3-5-7

    वृष राशि :- अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। विद्यार्थियों को लाभ। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। शुभांक-3-5-6

    मिथुन राशि :– समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। महत्वपूर्ण कार्यों को आज ही निपटा लें, उसके बाद समय व्ययकारी सिद्घ होगा। शुभांक-2-4-6

    कर्क राशि :- संतान की उन्नति के योग हैं। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। शुभांक-3-6-7

    सिंह राशि :– अपने काम आसानी से बनते चले जाएंगे। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। महत्त्वपूर्ण निर्णय के लिए दूरदर्शिता से काम लें। हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। स्वास्थ्य नरम होगा। शुभांक-3-6-8

    कन्या राशि :- कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। व्यापार में वृद्घि होगी। यश-प्रतिष्ठा में वृद्घि होगी। शत्रुपक्ष पर आप हावी रहेंगे। स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान रहें। नौकरी में सहयोगियों का सहयोग प्राप्त होगा। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। पुराने मित्र से मिलन होगा। शुभांक-6-7-8

    तुला राशि :- माता पक्ष से विशेष लाभ होगा। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रखें। रुपए पैसों की सुविधा नहीं मिल पाएगी। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। शुभांक-1-4-6

    वृश्चिक राशि :– पुराने मित्र के कारण कार्य बाधा हटेगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। सफलता मिलेगी। नौकरी में सावधानीपूर्वक कार्य करें। कर्ज देने से बचें। शुभांक-4-7-9

    धनु राशि :- स्वास्थ्य का पाया कमजोर बना रहेगा। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। नवीन जिम्मेदारी बढ़ने के आसार रहेंगे। यात्रा शुभ रहेगी। एकाकी वृत्ति त्यागें। शुभांक-5-7-9

    मकर राशि :- अपने काम को प्राथमिकता से करें। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढ़ने के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे हैं। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। आध्यात्मिक रुचि बनेगी। धार्मिक यात्रा का योग। शुभांक-4-7-9

    कुंभ राशि :- कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। यार दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। किसी कार्य विशेष के लिए यात्रा आवश्यक होगी। शुभांक-4-6-9

    मीन राशि :– शंकाओं के कारण मनस्ताप भी पैदा हो सकते हैं। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। आलस्य का त्याग करें। काम पर पैनी नजर रखिए। सब्र का फल मीठा होता है। अत: धैर्य रखें व अच्छे समय इन्तजार करें। वैचारिक द्वन्द्व और असंतोष बना रहेगा। आध्यात्मिक रुचि बनेगी। शुभांक-2-5-7

  • OTT पर नंबर-1 ट्रेंड कर रही यह 7 एपिसोड की सीरीज इंटेंस स्पाई-थ्रिलर देख उड़ जाएंगे होश

    OTT पर नंबर-1 ट्रेंड कर रही यह 7 एपिसोड की सीरीज इंटेंस स्पाई-थ्रिलर देख उड़ जाएंगे होश

    नई दिल्ली । ओटीटी की दुनिया में कई फिल्में और सीरीज आती हैं लेकिन कुछ ऐसी होती हैं जो रिलीज होते ही इतिहास रच देती हैं। सच्ची घटनाओं पर आधारित वेब सीरीज फ्रीडम एट मिडनाइट’ का दूसरा सीजन इस समय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धूम मचा रहा है और महज 7 एपिसोड की यह सीरीज वर्तमान में ओटीटी पर नंबर-1 पर ट्रेंड कर रही है।

    इतिहास के पन्नों से निकली एक अनकही कहानी

    यह सीरीज भारत के विभाजन और आजादी के उस संवेदनशील दौर की कहानी बयां करती है जिससे हर भारतीय का भावनात्मक जुड़ाव है। सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे स्वतंत्रता संग्राम के बीच पाकिस्तान का निर्माण हुआ और देश को विभाजन का दर्द झेलना पड़ा। इसके माध्यम से पंडित जवाहर लाल नेहरू सरदार वल्लभ भाई पटेल और महात्मा गांधी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और उनकी भूमिका को पर्दे पर बारीकी से दिखाया गया है। यह सीरीज दर्शकों को भारतीय इतिहास के एक अज्ञात पक्ष से परिचित कराती है जिसे देखकर हर कोई भारतीयता और संघर्ष की गहराई को महसूस करता है।

    कब और कहां देखें

    प्लेटफॉर्म: सोनी लिव, रिलीज डेट: 9 जनवरी 2026 ,एपिसोड्स की संख्या: 7, शैली ऐतिहासिक ड्रामा / पॉलिटिकल थ्रिलर, दर्शकों और क्रिटिक्स का मिल रहा भरपूर प्यार इस सीरीज के पहले सीजन की अपार सफलता के बाद दर्शक लंबे समय से दूसरे सीजन का इंतजार कर रहे थे। 9 जनवरी को स्ट्रीम होने के बाद से ही इसे क्रिटिक्स और दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। सीरीज ने रिलीज होते ही जबरदस्त चर्चा और वाहवाही बटोरी है।

    रेटिंग में भी मारी बाजी

    सीरीज की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पॉपुलर रेटिंग वेबसाइट IMDb पर इसे 8.3/10 की शानदार रेटिंग मिली है जो इसके उच्च गुणवत्ता को साबित करती है।इतिहास में रुचि रखने वाले और देश की आजादी के संघर्ष को करीब से समझने की चाह रखने वाले दर्शकों के लिए यह सीरीज एक ‘मस्ट वॉच’ बन गई है।

  • धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'Ikkis' देखने से क्यों कतरा रही हैं हेमा मालिनी? वजह जानकर आपकी आंखें भी हो जाएंगी नम

    धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'Ikkis' देखने से क्यों कतरा रही हैं हेमा मालिनी? वजह जानकर आपकी आंखें भी हो जाएंगी नम


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन को डेढ़ महीना बीत चुका है लेकिन ‘देओल परिवार’ और उनके चाहने वालों के लिए इस खालीपन को भर पाना नामुमकिन साबित हो रहा है। हाल ही में धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई जिसे देख फैंस की आंखें नम हो गईं। धर्मेंद्र के करियर का यह अंतिम अध्याय न सिर्फ उनके परिवार के लिए बल्कि उनके लाखों प्रशंसकों के लिए भी एक भावुक यात्रा बन गया है।हालांकि एक ताज्जुब की बात यह है कि धर्मेंद्र की पत्नी और बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने अब तक यह फिल्म नहीं देखी है। इस सवाल पर जब हेमा मालिनी से बातचीत की गई तो उन्होंने खुलासा किया कि वह इस फिल्म को देखने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं।

    फिल्म न देखने की वजह ‘भावुकता’

    हेमा मालिनी ने कहा “जब यह फिल्म रिलीज हुई तब मैं मथुरा में अपने काम में व्यस्त थी। सच कहूं तो मैंने अभी तक ‘इक्कीस’ नहीं देखी है क्योंकि यह मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला पल होगा। मेरी बेटी भी मुझसे यही कह रही थी। शायद मैं इसे तब देखूंगी जब मेरे घाव थोड़े भरने लगेंगे। मा मालिनी के लिए यह फिल्म एक भावनात्मक और दर्दनाक अनुभव हो सकती है क्योंकि इसमें उनके पति ने अपनी अंतिम फिल्म में प्रदर्शन किया है। वह शायद इस पल को महसूस करने के लिए और भी मानसिक रूप से तैयार होना चाहती हैं।

    ‘इक्कीस’ की स्क्रीनिंग में नम थीं सबकी आंखें

    1 जनवरी 2026 को रिलीज हुई इस फिल्म की मुंबई में विशेष स्क्रीनिंग रखी गई थी जहां सनी देओल और सलमान खान समेत बॉलीवुड के तमाम सितारे ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। ट्रेलर लॉन्च के दौरान भी सनी देओल भावुक हो गए थे और अपने पिता को याद करते हुए रो पड़े थे। धर्मेंद्र की यह फिल्म उनके करियर का एक ऐतिहासिक और यादगार विदाई मानी जा रही है।

    धर्मेंद्र और अगस्त्य नंदा का यादगार साथ

    फिल्म ‘इक्कीस’ को श्रीराम राघवन ने निर्देशित किया है और यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:मुख्य भूमिका: अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने शहीद अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है।धर्मेंद्र का रोल: फिल्म में धर्मेंद्र एक बेहद अहम और प्रभावशाली भूमिका में नजर आए हैं जो दर्शकों के दिल को छू लेती है। कहानी: यह 21 साल के सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की वीरता की गाथा है जिन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।सह-कलाकार: फिल्म में जयदीप अहलावत और सिमर भाटिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।

    एक युग का अंत

    धर्मेंद्र केवल एक अभिनेता नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा के एक युग का नाम थे। उनकी अंतिम फिल्म ‘इक्कीस’ न केवल एक युद्ध की कहानी है बल्कि धर्मेंद्र जैसे महान कलाकार को सिनेमाई जगत की तरफ से एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि भी है। फैंस सोशल मीडिया पर लगातार लिख रहे हैं कि बड़े पर्दे पर उन्हें आखिरी बार देखना एक ऐतिहासिक और हृदयविदारक अनुभव है। हेमा मालिनी के लिए यह फिल्म सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण हिस्से को देखना है और शायद इसलिए वह इसे देखने के लिए अब तक तैयार नहीं हो पाई हैं।