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  • 40 के बाद भी स्किन रहे ग्लोइंग और यंग: रोज़ अपनाएं ये 8 आसान रुटीन

    40 के बाद भी स्किन रहे ग्लोइंग और यंग: रोज़ अपनाएं ये 8 आसान रुटीन


    नई दिल्ली। 40 की उम्र के बाद भी त्वचा में नेचुरल ग्लो और युवा लुक बनाए रखना मुश्किल नहीं है। सही स्किनकेयर, हेल्दी डाइट, पर्याप्त नींद और स्ट्रेस-फ्री लाइफस्टाइल अपनाकर आप हर उम्र में हेल्दी और ग्लोइंग दिख सकती हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि बड़ी-बड़ी चीज़ों या महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं, बल्कि रोज़ाना के छोटे-छोटे हेल्दी रुटीन ही स्किन, एनर्जी और कॉन्फिडेंस को बनाए रखते हैं।

    1. स्किन क्लीनिंग और मॉइस्चराइजिंग:
    40 की उम्र में त्वचा ड्राई और डल दिखने लगती है। सुबह और शाम चेहरा अपनी स्किन टाइप के अनुसार माइल्ड क्लींजर से धोएं और हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर लगाएं। रात में नाइट क्रीम का इस्तेमाल करें, जिससे त्वचा रिपेयर होती है और सुबह फ्रेश ग्लो दिखाई देता है।

    2. सनस्क्रीन का महत्व:
    सन डैमेज त्वचा की एजिंग को तेज करता है। इसलिए घर के अंदर या बाहर, SPF 30 या उससे अधिक का सनस्क्रीन रोजाना लगाना जरूरी है। यह पिगमेंटेशन, झाइयां और झुर्रियों को कंट्रोल करता है और स्किन को लंबे समय तक हेल्दी रखता है।

    3. हेल्दी डाइट और पानी:
    ग्लो बाहर से नहीं, अंदर से आता है। डाइट में हरी सब्जियां, मौसमी फल, सलाद, नट्स और प्रोटीन शामिल करें। शुगर और प्रोसेस्ड फूड कम करें। रोजाना 8–10 गिलास पानी पीने से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और त्वचा नेचुरली ब्राइट दिखती है। ओमेगा-3 फूड जैसे बादाम, अखरोट और बीज स्किन को प्लंप और ग्लोइंग बनाते हैं।

    4. पर्याप्त नींद और स्ट्रेस कम करना:
    40 के बाद स्ट्रेस का असर सीधे चेहरे पर दिखाई देता है। डार्क सर्कल, सूजन और डल स्किन इसके संकेत हैं। रोजाना 7–8 घंटे की नींद लें और योग, मेडिटेशन या हल्की वॉक से स्ट्रेस कम करें।

    5. एक्सरसाइज और फेस योगा:
    20–30 मिनट की डेली वॉक या एक्सरसाइज ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है और स्किन में नैचुरल रेडियंस लाती है। फेस योगा और मसाज मसल्स को टाइट रखते हैं और सैगिंग कम करते हैं। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या हल्के वेट्स मसल्स और हड्डियों के लिए भी फायदेमंद हैं।

    6. हार्श केमिकल्स से दूरी:
    40 के बाद हेवी मेकअप और हार्श स्किनकेयर स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सिंपल और कंसिस्टेंट रुटीन अपनाएं। नेचुरल या डर्मेटोलॉजिस्ट-रिकमेन्डेड प्रोडक्ट्स, गर्म पानी से चेहरा धोना और हायल्यूरोनिक एसिड या विटामिन C जैसी एक्टिव इंग्रेडिएंट्स स्किन को सपोर्ट करती हैं और नेचुरल ग्लो बनाए रखती हैं।

    7. स्ट्रेस-फ्री लाइफ:
    लंबे समय तक स्ट्रेस उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज करता है। मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग और “मी-टाइम” जैसी आदतें मानसिक शांति देती हैं और चेहरे पर पॉजिटिव ग्लो लाती हैं।
    8. नियमित हेल्थ चेक-अप:
    40 की उम्र के बाद स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी हो जाती है। इससे संभावित समस्याओं को समय रहते पहचानकर नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं।

    सबसे अहम बात यह है कि बड़ी चीज़ों की जरूरत नहीं, बल्कि रोज़ाना की छोटी-छोटी हेल्दी आदतें ही आपकी स्किन, एनर्जी और कॉन्फिडेंस को 40 की उम्र के बाद भी बनाए रख सकती हैं।

  • चेन स्मोकर भी थे टीवी के 'राम', लेकिन फैन की इस फटकार ने सिगरेट छोड़ने को किया मजबूर

    चेन स्मोकर भी थे टीवी के 'राम', लेकिन फैन की इस फटकार ने सिगरेट छोड़ने को किया मजबूर


    नई दिल्ली । टीवी के स्वर्ण युग में एक ऐसा चेहरा था, जिसने लाखों दिलों को छुआ और एक नई पहचान बनाई। वह चेहरा था अरुण गोविल का, जिन्होंने राम के किरदार को इतनी शिद्दत से निभाया कि लोग उन्हें असल में राम समझने लगे। लेकिन यह जो चेहरा राम के रूप में पूरे भारत में पूजा जाता था, वह कभी चेन स्मोकर भी था। हां यह सच है कि अरुण गोविल ने अपनी जवानी के दिनों में चेन स्मोकिंग की आदत भी डाली थी जो उनके जीवन का एक अंधेरा पहलू था। लेकिन क्या एक फैन की फटकार ने उन्हें सिगरेट छोड़ने के लिए प्रेरित किया आइए जानते हैं अरुण गोविल की इस अद्भुत जीवन यात्रा के बारे में, जो एक फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।

    अरुण गोविल की शुरुआत

    12 जनवरी 1958 को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में जन्मे अरुण गोविल ने अभिनय में अपने करियर की शुरुआत की थी। लेकिन उनका असली मुकाम तब आया जब उन्होंने दूरदर्शन के प्रसिद्ध धारावाहिक रामायण में भगवान राम का किरदार निभाया। यह धारावाहिक भारतीय टेलीविजन का एक ऐतिहासिक पल था और अरुण गोविल का राम के रूप में अवतार लेने के बाद वह हर घर के प्रिय बन गए।राम के रूप में गोविल की भूमिका इतनी प्रभावशाली थी कि आज भी उन्हें लोग सम्मान और श्रद्धा की नजर से देखते हैं। जब भी वह सार्वजनिक स्थानों पर जाते हैं, लोग उन्हें सम्मान देने के लिए उनके चरणों में झुक जाते हैं। यह सम्मान केवल उनके अभिनय के कारण नहीं बल्कि उस सादगी शुचिता और आदर्श के कारण था, जिसे उन्होंने अपने जीवन में आत्मसात किया।

    चेन स्मोकिंग की आदत और उसका असर

    वहीं, इस अभिनेता का जीवन केवल सादगी और आदर्शों का ही नहीं था। जब वह एक युवा अभिनेता थे, तब उन्होंने चेन स्मोकिंग की आदत लगा ली थी। यह आदत उनकी शख्सियत का एक ऐसा हिस्सा बन चुकी थी जिसे वह आसानी से छोड़ नहीं पा रहे थे। यह आदत उनकी सेहत के लिए तो हानिकारक थी ही साथ ही उनके सार्वजनिक छवि पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा था। लेकिन वह इस पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं पा रहे थे, क्योंकि यह उनकी आदत का हिस्सा बन चुका था।

    फैन की फटकार और जीवन में बदलाव

    अरुण गोविल के जीवन में एक मोड़ तब आया, जब एक फैन ने उन्हें उनके सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करते हुए देखा। उस फैन ने उन्हें न केवल फटकार लगाई बल्कि उनकी आदत को लेकर एक कड़ा संदेश दिया। उसने कहा आप तो भगवान राम का किरदार निभाते हैं लेकिन आपकी यह आदत भगवान राम के आदर्शों के खिलाफ है। इस फटकार ने गोविल को चौंका दिया और वह अपने जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रेरित हो गए इस फटकार का प्रभाव इतना गहरा था कि अरुण गोविल ने सिगरेट छोड़ने का संकल्प लिया। यह कदम उनके जीवन का एक बड़ा मोड़ था। उन्होंने न केवल अपने स्वास्थ्य के लिए बल्कि अपनी सार्वजनिक छवि और आदर्शों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए धूम्रपान छोड़ने का फैसला लिया।

    सादगी की मिसाल और जीवन की दिशा

    अरुण गोविल का जीवन केवल एक अभिनेता का जीवन नहीं था। उन्होंने अभिनय को एक तपस्या के रूप में देखा, जिसमें न केवल उनकी कला थी, बल्कि उनके भीतर की सादगी और शुचिता भी थी। उन्होंने कभी भी अपने अभिनय करियर को महज मनोरंजन का जरिया नहीं माना। उनके लिए यह एक मिशन था, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया। आज भी जब वह किसी सार्वजनिक मंच पर जाते हैं, तो लोग उन्हें आदर्श मानते हैं और उनके कदमों में श्रद्धा से झुकते हैं। यह सम्मान उनकी अभिनय कला से कहीं अधिक उनके जीवन के आदर्शों और सादगी के लिए है।अरुण गोविल की कहानी यह साबित करती है कि एक अभिनेता का जीवन केवल पर्दे पर दिखाए गए किरदार तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह अपनी निजी आदतों, व्यवहार और जीवन के सिद्धांतों से भी लोगों के दिलों में स्थान बनाता है।

  • ब्रैंडन किंग कप्तान, वेस्टइंडीज ने अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए किया टीम ऐलान

    ब्रैंडन किंग कप्तान, वेस्टइंडीज ने अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए किया टीम ऐलान

    नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 से पहले वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की टी20 सीरीज खेलकर अपनी तैयारियों को पुख्ता करेगी। यह सीरीज 19 से 22 जनवरी तक दुबई क्रिकेट स्टेडियम में खेली जाएगी। टीम 14 जनवरी को रवाना होगी और 16 जनवरी को यूएई पहुंचेगी।

    टीम में कप्तानी बदलाव

    नियमित कप्तान शाई होप इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। उनकी जगह ब्रैंडन किंग को टीम का कप्तान बनाया गया है। ब्रैंडन किंग पहले भी कई मौकों पर टीम की कप्तानी कर चुके हैं।

    खिलाड़ियों की अनुपस्थिति और वापसी

    शाई होप, रोस्टन चेज और अकील हुसैन फिलहाल दक्षिण अफ्रीका में चल रही एसए20 लीग में खेल रहे हैं, इसलिए वे इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। वहीं, शमर जोसेफ और एविन लुईस इंजरी से उबरकर टीम में लौट आए हैं। अल्जारी जोसेफ को फिट होने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है, इसलिए वह स्क्वॉड में नहीं हैं।

    नई और युवा प्रतिभाओं को मौका

    क्वेंटिन सैम्पसन को पहली बार टीम में शामिल किया गया है। वह रोवमैन पॉवेल की जगह लेंगे, जिन्हें वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत जेसन होल्डर और रोमारियो शेफर्ड के साथ इस सीरीज में आराम दिया गया है।

    हेड कोच डैरेन सैमी का संदेश

    हेड कोच डैरेन सैमी ने कहा कि यह सीरीज टी20 विश्व कप से पहले तैयारी का बेहतरीन मौका है। यह उन खिलाड़ियों के लिए भी मूल्यवान अवसर है जो 2025 के अंत में लंबे समय तक नहीं खेल पाए। सैमी ने बताया, “सबकॉन्टिनेंटल कंडीशन में प्रतिस्पर्धी मैच खेलना खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम की रणनीति समझने के लिए महत्वपूर्ण है।”

    टीम का प्रदर्शन और मुकाबले का रिकॉर्ड

    वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान टी20 फॉर्मेट की रोचक टीमें हैं। दोनों टीमें अब तक 8 बार आमने-सामने आई हैं। इसमें 5 मैचों में वेस्टइंडीज और 3 मैचों में अफगानिस्तान की जीत दर्ज है।

    अफगानिस्तान सीरीज के लिए वेस्टइंडीज की 16 सदस्यीय टीम

    ब्रैंडन किंग (कप्तान), एलिक अथांजे, कीसी कार्टी, जॉनसन चार्ल्स, मैथ्यू फोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, शिमरॉन हेटमायर, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, एविन लुईस, गुडाकेश मोती, खारी पियरे, क्वेंटिन सैम्पसन, जेडन सील्स, रेमन सिमंड्स, शमर स्प्रिंगर।

    इस सीरीज के जरिए वेस्टइंडीज अपनी टी20 विश्व कप 2026 की तैयारियों को मजबूत करेंगे और युवा व वापसी करने वाले खिलाड़ियों को मूल्यवान अनुभव मिलेगा।

  • तेज विकास, कम महंगाई-भारत को अपनानी चाहिए संतुलित और तटस्थ नीति: रिपोर्ट

    तेज विकास, कम महंगाई-भारत को अपनानी चाहिए संतुलित और तटस्थ नीति: रिपोर्ट

    नई दिल्ली। भारत इस समय आर्थिक विकास और कम महंगाई के संतुलित दौर में है, जिसे अर्थशास्त्री ‘गोल्डीलक्स फेज’ कह रहे हैं। मंगलवार को जारी एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया कि अब नीतियों को न तो बहुत सख्त और न ही बहुत ढीला रखना चाहिए, बल्कि लगभग तटस्थ नीति अपनाई जानी चाहिए।

    नीति का संतुलित दृष्टिकोण

    रिपोर्ट में सुझाया गया है कि 2026 में अर्थव्यवस्था और बाजार को सहारा देने के लिए ऐसी नीति सबसे बेहतर होगी जिसमें सरकारी खर्च पर नियंत्रण रखा जाए और ब्याज दरें आसान बनी रहें। यदि सरकार खर्च में सावधानी रखे और रिजर्व बैंक ब्याज दरों को आसान बनाए रखे, तो इससे निवेशकों और अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।

    अंदरूनी कमजोरियों पर ध्यान

    हालांकि, रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अर्थव्यवस्था में कुछ कमजोरियां अभी भी मौजूद हैं। इनमें कंपनियों का कम निवेश और विदेशी पूंजी का सीमित प्रवाह शामिल है, जिन्हें सुधारना जरूरी होगा।

    बॉन्ड और विदेशी निवेश की उम्मीद

    बॉन्ड मार्केट्स ने 2026 की शुरुआत में राज्यों द्वारा कर्ज लेने की संभावना पहले ही ध्यान में रख ली है। आरबीआई द्वारा बॉन्ड खरीद, बजट में वित्तीय अनुशासन और भारत को ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में शामिल किए जाने से विदेशी निवेश आने की उम्मीद बढ़ी है।

    शेयर बाजार और आर्थिक सुधार

    रिपोर्ट के अनुसार, हाल के आर्थिक सुधारों, सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि और शेयरों के उचित दामों के कारण शेयर बाजार को फायदा मिल सकता है। हालांकि, लंबे समय तक लाभ के लिए कंपनियों का निवेश और विदेशी निवेश बढ़ाने वाले बड़े सुधार जरूरी हैं।

    ब्याज दर और महंगाई का अनुमान

    एचएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा कि अगले साल महंगाई दर चार प्रतिशत से थोड़ी कम रहने की संभावना है। इससे आरबीआई पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव नहीं रहेगा और विकास धीमा होने पर दरें और कम करने की गुंजाइश भी रहेगी।

    वैश्विक घटनाओं का असर

    भंडारी ने बताया कि वैश्विक स्तर पर टैरिफ से जुड़ी खबरें, ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में शामिल होने की प्रक्रिया और विकसित देशों में बढ़ती ब्याज दरें भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकती हैं।

    सरकार का वित्तीय संतुलन लक्ष्य

    केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि 2031 तक सार्वजनिक कर्ज महामारी से पहले के स्तर पर लाया जाए। इसके लिए अगले पांच वर्षों तक वित्तीय सुधार और खर्च पर नियंत्रण जरूरी होगा। निजीकरण के जरिए यह संतुलन स्थापित किया जा सकता है ताकि आर्थिक विकास पर असर कम से कम हो।

    राज्यों का कर्ज और घाटा

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कई राज्यों में सार्वजनिक कर्ज बढ़ने की संभावना है, लेकिन 3 प्रतिशत की वित्तीय घाटे की सीमा के कारण यह नियंत्रित रहेगा। इस प्रकार, भारत 2026 में संतुलित विकास और तटस्थ नीतियों के जरिए आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की स्थिति में है।

  • खंडवा में फ्लोराइड पानी से स्वास्थ्य संकट,बच्चों के दांत और हड्डियां कमजोर, कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    खंडवा में फ्लोराइड पानी से स्वास्थ्य संकट,बच्चों के दांत और हड्डियां कमजोर, कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


    खंडवा। जिले के किल्लौद विकासखंड के कई गांवों में पेयजल में अत्यधिक फ्लोराइड मिलने से स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीण और बच्चों में दांत पीले और कमजोर हो रहे हैं, वहीं हड्डियों से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर ऋषव गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।

    बच्चों का शारीरिक विकास प्रभावित
    ज्ञापन में बताया गया कि फ्लोराइड युक्त पानी का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। कम उम्र में ही उनके दांत खराब और पीले हो रहे हैं, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। साथ ही कई ग्रामीण हड्डियों की समस्याओं से जूझ रहे हैं। पूरे क्षेत्र में जनस्वास्थ्य की स्थिति गंभीर होने लगी है और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

    विधायक की चुप्पी पर कांग्रेस का हमला
    कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी ने क्षेत्रीय विधायक नारायण पटेल की चुप्पी को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, जिम्मेदार विधायक के मौन से यह स्पष्ट होता है कि वह अपने कार्यों के प्रति कितने उत्तरदायी हैं। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

    प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें
    जनसुनवाई में कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं:

    किल्लौद ब्लॉक के सभी गांवों के पेयजल स्रोतों की तत्काल गुणवत्ता जांच कराई जाए।

    प्रभावित लोगों के लिए फ्लोराइड मुक्त और सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र की जाए।

    बच्चों और नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएं।

    समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालीन ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और उसे लागू किया जाए।

    स्थानीय स्थिति और प्रशासनिक कदम
    ग्रामीणों का कहना है कि फ्लोराइड युक्त पानी पीने से न केवल स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को भी खतरे में डाल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने और स्वास्थ्य, शिक्षा और जल सुरक्षा के लिए विशेष पहल करने की मांग की।

    सभी गांवों में नियमित जल परीक्षण और निगरानी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई है। स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो कांग्रेस और ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

    खंडवा के किल्लौद में इस पहल से यह संदेश गया कि स्वास्थ्य और सुरक्षित पेयजल को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन जनता की इन मांगों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

  • नौसेना की पहल: लक्षद्वीप में विशाल मेडिकल और सर्जिकल कैंप, कई विशेषज्ञ शामिल

    नौसेना की पहल: लक्षद्वीप में विशाल मेडिकल और सर्जिकल कैंप, कई विशेषज्ञ शामिल

    नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र बल न केवल देश की रक्षा करते हैं, बल्कि अब नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी कड़ी में नौसेना ने लक्षद्वीप में बहु-विशेषज्ञ मेगा मेडिकल एवं सर्जिकल शिविर आयोजित किया है। इस पहल के अंतर्गत कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी समेत अनेक सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं में परामर्श, जांच और उपचार प्रदान किया जा रहा है।

    उद्घाटन और आयोजन स्थल

    13 जनवरी को कवरत्ती स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने इस शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया। शिविर 17 जनवरी तक चलेगा और लक्षद्वीप के पांच द्वीप-अमीनी, एंड्रॉथ, अगत्ती, कवरत्ती और मिनिकॉय-में विस्तारित किया गया है।

    स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार यह विशाल पैमाने का चिकित्सा शिविर दूरदराज के नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शिविर में व्यापक स्वास्थ्य जांच, शीघ्र निदान, समय पर चिकित्सकीय परामर्श, जरूरी उपचार और निशुल्क दवाओं का वितरण द्वीपवासियों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करेगा।

    बहु-विशेषज्ञ सेवाएं और मोतियाबिंद ऑपरेशन

    शिविर में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी समेत बुनियादी और सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं की व्यवस्था है। कवरत्ती में नेत्र विज्ञान टीम मोतियाबिंद रोगियों के ऑपरेशन कर रही है, जबकि मरीजों को चश्मे, आई ड्रॉप्स और दवाएं भी प्रदान की जा रही हैं।

    सरकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों के अनुरूप

    यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के उद्देश्यों के अनुरूप है। शिविर ‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ के वैश्विक स्वास्थ्य दर्शन के अनुसार उपचारात्मक, निवारक और प्रोत्साहक स्वास्थ्य सेवाओं का समन्वय प्रस्तुत करता है।

    नौसेना प्रमुख के विचार

    एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि यह पहल तीन दृष्टियों से अनूठी है-समन्वय, जिसमें तीनों सशस्त्र सेवाएं और स्थानीय प्रशासन मिलकर कार्य कर रहे हैं; विस्तार, जिसमें कई विशेषज्ञ शामिल हैं; और पैमाना, जिसमें बड़ी संख्या में चिकित्सा स्टाफ तैनात है। इससे नागरिक सैन्य सहयोग और अंतर-सेवा समन्वय मजबूत होता है।

    आधुनिक सुविधाओं और सहयोगी स्टाफ

    शिविर में देशभर के विभिन्न रक्षा चिकित्सा प्रतिष्ठानों से 29 मेडिकल अधिकारी, 2 नर्सिंग अधिकारी और 42 पैरामेडिकल कर्मी तैनात हैं। साथ ही जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक उपकरण, स्टोर और दवाओं से सपोर्ट किया गया है।

    यह बहु-विशेषज्ञ मेडिकल शिविर भारतीय नौसेना और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की सेवा-भावना, जिम्मेदारी और लक्षद्वीप के लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।

  • दिसंबर में ऑटो सेल्स में रिकॉर्ड बढ़त, कारों की बिक्री ऑल-टाइम हाई पर पहुंची

    दिसंबर में ऑटो सेल्स में रिकॉर्ड बढ़त, कारों की बिक्री ऑल-टाइम हाई पर पहुंची

    नई दिल्ली। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने मंगलवार को दिसंबर 2025 के वाहन बिक्री आंकड़े जारी किए। इसके अनुसार, दिसंबर में थोक पैसेंजर वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर करीब 26.8 प्रतिशत बढ़कर 3,99,216 यूनिट्स रही, जो पिछले साल दिसंबर में 3,14,934 यूनिट्स थी। इस बढ़त ने वाहन निर्माता और डीलरों के बीच उत्साह पैदा कर दिया है।

    दोपहिया और तिपहिया वाहनों की मजबूत बिक्री

    सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 39 प्रतिशत बढ़कर 15,41,036 यूनिट्स हुई, जबकि दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 11,05,565 यूनिट्स था। तिपहिया वाहनों की बिक्री भी 17 प्रतिशत बढ़कर 61,924 यूनिट्स दर्ज की गई, जो पिछले साल 52,733 यूनिट्स थी। इन आंकड़ों से साफ है कि छोटे और कम लागत वाले वाहन भी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

    तीसरी तिमाही में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा

    वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में पैसेंजर वाहनों की थोक बिक्री 12.76 लाख यूनिट्स रही। यह तिमाही की बिक्री का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 20.6 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है।

    2025 में वार्षिक बिक्री का नया रिकॉर्ड

    पूरा साल 2025 (जनवरी-दिसंबर) देखा जाए तो पैसेंजर वाहनों की कुल थोक बिक्री 44.90 लाख यूनिट्स रही। यह वार्षिक बिक्री का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

    निर्यात में भी वृद्धि

    साल 2025 में देश से 8.63 लाख पैसेंजर वाहनों का निर्यात हुआ। यह निर्यात का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

    मजबूत बिक्री के पीछे कारक

    सियाम का मानना है कि इस मजबूत वृद्धि के पीछे कई कारक हैं। आयकर में कटौती, जीएसटी 2.0 की सुविधा और आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कमी ने ग्राहकों की खरीद क्षमता और धारणा पर सकारात्मक असर डाला। इन उपायों के चलते उपभोक्ता वाहन खरीदने के लिए ज्यादा प्रेरित हुए।

    सियाम के आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर लगातार बढ़त पर है। दिसंबर और पूरे 2025 के आंकड़े बताते हैं कि पैसेंजर, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की मांग में मजबूत रिकवरी हुई है। भविष्य में भी यह रुझान उद्योग के लिए उत्साहजनक संकेत देता है।

  • भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश

    भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश



    नई दिल्ली। भेड़ाघाट नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे नीलेश लोधी पर देर रात आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। घटना के तुरंत बाद घायल को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष चतुर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

    घटना तिलवारा थाना क्षेत्र के विशाल मेगा मार्ट के पास हुई। जानकारी के अनुसार, नीलेश लोधी अपने घर भेड़ाघाट लौट रहे थे, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें रोककर ताबड़तोड़ चाकू मार दिया। हमलावरों में जीतू पटेल, अंकित और सचिन शामिल थे,

     उन्होंने कहा कि जीतू पटेल आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ अवैध वसूली और मारपीट के कई मामले पहले भी दर्ज हैं। हाल ही में जेल से छूटने के बाद वह अपने साथियों के साथ फिर से प्रॉपर्टी का काम करने लगा था।

    पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

    जीतू पटेल चौकी लाल का निवासी है और उसके घर एवं आस-पास भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि नीलेश लोधी प्रॉपर्टी के काम में सक्रिय थे और उनके घायल होने की खबर से इलाके में तनाव है। पुलिस ने मौके पर सघन गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

    यह मामला भेड़ाघाट में प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा हुआ माना जा रहा है और प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। नीलेश की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि पुलिस आरोपियों की सूत्रों और तफ्तीश के आधार पर तलाश में जुटी हुई है।

  • आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं हो रही है, भ्रामक पत्र पर ध्यान न दें

    आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं हो रही है, भ्रामक पत्र पर ध्यान न दें


    भोपाल ! मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में अभी किसी भी स्तर पर कोई भर्ती नहीं की जा रही है। विभिन्न जिलों में भर्ती के सम्बंध में एक निराधार पत्र के माध्यम से भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है जो कि पूरी तरह असत्य है।


    वायरल पत्र उप सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास एस. के. मिश्रा, के नाम से हस्ताक्षरित है। जबकि विभाग में इस नाम का कोई उप सचिव नहीं है। इस जाली पत्र में सन्दर्भ भारत सरकार का पत्र क्रमांक F/2479  दिनांक 27.12.2025 उल्लेखित है, जो पूर्णतः निराधार है। आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं की जा रही है न ही यह पत्र विभाग से संबंधित है।


  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई फसल के स्वागत और हर्ष व उल्लास के पावन पर्व 
    लोहड़ी की  शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा  कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली लेकर आए तथा समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव के भाव को और सुदृढ़ करे, यही मंगलकामना है।