Blog

  • बीजेपी मुख्यालय में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी CPC के नेताओं से मुलाकात, पार्टी-टू-पार्टी संवाद को मजबूत करने पर चर्चा

    बीजेपी मुख्यालय में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी CPC के नेताओं से मुलाकात, पार्टी-टू-पार्टी संवाद को मजबूत करने पर चर्चा

    नई दिल्ली । सोमवार को दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय में एक अहम बैठक का आयोजन किया गया जिसमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप-मंत्री सुन हैयान के नेतृत्व में चीनी डेलिगेशन ने भाग लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों राजनीतिक दलों के बीच द्विपक्षीय संवाद को और अधिक प्रभावी और सक्रिय बनाना था।बीजेपी महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने CPC के साथ पार्टी-टू-पार्टी संवाद को मजबूती देने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। बीजेपी के विदेश संपर्क विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने इस मुलाकात को महत्वपूर्ण बताया और सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों दलों ने राजनीतिक स्तर पर संचार को प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा की, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग और संवाद को प्रगति मिल सके।

    बैठक में चीन के राजदूत की अहम उपस्थिति

    बीजेपी मुख्यालय में हुई इस बैठक में भारत में चीन के राजदूत जू फेइहोंग की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही। उनके साथ चीनी डेलिगेशन ने बैठक में हिस्सा लिया। जू फेइहोंग की उपस्थिति ने इस दौरे को चीन की तरफ से विशेष महत्व देने का संकेत दिया। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए भविष्य में ऐसे संवादों के निरंतर और नियमित रूप से आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।

    बैठक का उद्देश्य और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का दृष्टिकोण
    चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की उप-मंत्री सुन हैयान ने बैठक के दौरान कहा कि राजनीतिक दलों के बीच संवाद, आपसी समझ और सहयोग महत्वपूर्ण है। CPC और BJP दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि राजनीतिक दलों के बीच मजबूत संवाद द्विपक्षीय संबंधों को नया दिशा दे सकता है और इससे न केवल दोनों देशों के बीच राजनीतिक बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह बैठक उस समय आयोजित की गई है जब भारत और चीन के बीच कई कूटनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। इस तरह के दौरों और संवादों के जरिए दोनों देशों के बीच आपसी समझ और विश्वास को बढ़ाया जा सकता है जिससे भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।

    भारत और चीन के संबंधों में नई दिशा

    यह मुलाकात भारत और चीन के रिश्तों के लिए अहम मानी जा रही है, खासकर जब दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और अन्य कूटनीतिक मुद्दों पर तनाव रहा है। इस संवाद के माध्यम से चीन और भारत दोनों ने दिखाया कि वे द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं और इस दिशा में सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
  • थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' पर सियासी और सिने विवाद, रिलीज क्यों टल रही है?

    थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' पर सियासी और सिने विवाद, रिलीज क्यों टल रही है?

    नई दिल्ली। साउथ के सुपरस्टार एक्टर थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। यह फिल्म 18 दिसंबर 2025 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को सबमिट की गई थी और इसे 9 जनवरी को रिलीज होना था। लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट में देरी की वजह से इसकी रिलीज टल गई। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कुछ सीन्स और डायलॉग्स पर आपत्ति जताई है। बोर्ड का मानना है कि फिल्म में कुछ ऐसे राजनीतिक कमेंट हैं जो विवाद पैदा कर सकते हैं। इसी वजह से फिल्म को सर्टिफिकेट मिलने में देरी हुई। लेकिन बात बस इतनी सी नहीं है।

    धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
    एक कम्प्लेंट में दावा किया गया कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है और फैंस बेसब्री से अपने चहेते एक्टर की आखिरी फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। प्रोड्यूसर वेंकट के नारायण ने बताया कि 22 दिसंबर को सेंसर बोर्ड ने ईमेल भेजा था कि कुछ छोटे बदलावों के बाद फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। मेकर्स ने बताए गए बदलाव कर दिए और फिल्म को दोबारा सबमिट किया, लेकिन फिर भी वक्त पर सर्टिफिकेट नहीं मिला।

    हाई कोर्ट ने दिया सर्टिफिकेट देने का आदेश
    बाद में पता चला कि सेंसर बोर्ड के एक मेंबर ने चेयरपर्सन को शिकायत भेजी थी, जिसके बाद फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया। मद्रास हाई कोर्ट ने पहले फिल्म को तुरंत सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था, लेकिन फिर डिवीजन बेंच ने इस पर रोक लगा दी। विजय ने हाल ही में अपनी पॉलिटिकल पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (Tamilaga Vettri Kazhagam) की शुरुआत की है और ‘जन नायकन’ उनकी राजनीति में एंट्री से पहले की आखिरी फिल्म है। गॉसिप्स की मानें तो पॉलिटिकल वजहों से सेंसर बोर्ड की तरफ से देरी की गई।

    बार-बार रिलीज में देरी से फैंस में आक्रोश
    फिल्म की रिलीज डेट बार-बार टलने के कारण विजय के फैंस काफी नाराज हैं। केरल और तमिलनाडु में कई जगहों पर फैंस ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। हाल ही में विवाद के चलते कई प्री-प्लान्ड कार्यक्रमों (जैसे बाइक रैली और डीजे इवेंट्स) को रद्द करना पड़ा। एच विनोथ द्वारा निर्देशित इस पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर में एक आम आदमी की कहानी है जो समाज और राजनीति में बदलाव लाने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, मामिता बैजू और प्रकाश राज जैसे एक्टर्स हैं।

    सु्प्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, क्या बोला CBFC?
    अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाई कोर्ट के स्टे ऑर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सीबीएफसी ने भी सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि कोई भी फैसला देने से पहले उन्हें भी सुना जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अब मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी के लिए तय की है। प्रोड्यूसर ने वीडियो जारी करके फैंस से माफी मांगी है और कहा है कि मामला कोर्ट में है, इसलिए वे सब कुछ नहीं बता सकते।

  • बीएमसी चुनाव प्रचार में नितेश राणे का फिर विवादित बयान, मुस्लिम समाज पर की अपमानजनक टिप्पणी

    बीएमसी चुनाव प्रचार में नितेश राणे का फिर विवादित बयान, मुस्लिम समाज पर की अपमानजनक टिप्पणी


    मुंबई । बीएमसी चुनावों के प्रचार के दौरान महाराष्ट्र के बीजेपी नेता और मंत्री नितेश राणे ने एक बार फिर विवादित बयान देकर राजनीति में हलचल मचा दी है। राणे ने मुस्लिम समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे चुनावी माहौल और भी गरमा गया है। राणे ने वसई में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कोई भी हरा सांप हिंदू समाज की तरफ गंदी नजर से देख नहीं सकता। हिंदुओं के त्योहार में कोई मस्ती करने की कोशिश करेगा तो वह वापस शुक्रवार को सरेंडर नहीं कर पाएगा । राणे ने आगे कहा हमें यह गारंटी है कि हम आपके साथ पूरी ताकत से खड़े रहेंगे। इस दौरान उन्होंने आई लव मोहम्मद कहने वालों को पाकिस्तान भेजने की धमकी भी दी और कहा कि शहर का मेयर जय श्रीराम बोलने वाला ही होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समाज को एकजुट होकर पाकिस्तान में बैठे आई लव मोहम्मद’ वालों को वहां भेजना होगा।

    विवादों में घिरे नितेश राणे

    यह पहली बार नहीं है जब नितेश राणे ने इस तरह का विवादित बयान दिया हो। इससे पहले भी उन्होंने ठाकरे परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। नितेश राणे ने यह कहा था, ठाकरे भाइयों को वोट देने का मतलब पाकिस्तान में बैठे उनके अब्बा को वोट देना है। उन्होंने हिंदू समाज को सुरक्षित रखने की बात की और कहा कि मुंबई का मेयर हिंदू और मराठी” ही होना चाहिए। राणे के इस बयान के बाद से राजनीति में खलबली मच गई है। उनके बयान को विपक्ष ने आक्रामक ढंग से नकारा और इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश करार दिया है। वहीं बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों ने इसे हिंदू समाज की सुरक्षा और हित की बात बताया है।

    राजनीतिक गर्मी बढ़ी

    नितेश राणे के बयान के बाद से बीएमसी चुनावों में राजनीति और भी तीव्र हो गई है। जहां एक ओर बीजेपी और हिंदूवादी दल इसे अपनी चुनावी रणनीति के हिस्से के रूप में देख रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे समाज में नफरत फैलाने की कोशिश के रूप में उजागर कर रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयान केवल वोटों के ध्रुवीकरण के लिए दिए जाते हैं, जो चुनावी लाभ के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। राणे के इस बयान पर कई नेताओं ने आलोचना की है, लेकिन बीजेपी के भीतर इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है। हालांकि, राणे पहले भी ऐसे विवादित बयान दे चुके हैं, जिन्हें बीजेपी की ओर से अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

  • तापसी पन्नू का फटकार: फिल्म इंडस्ट्री में पैसे देकर प्रमोशन करना बंद होना चाहिए

    तापसी पन्नू का फटकार: फिल्म इंडस्ट्री में पैसे देकर प्रमोशन करना बंद होना चाहिए



    नई दिल्ली। 
    तापसी पन्नू उन सेलेब में से हैं जो कभी किसी मुद्दे पर बात करने से झिझकती नहीं हैं फिर चाहे वो इंडस्ट्री की ही बात क्यों ना हो। अब तापसी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के पीआर गेम की आलोचना की है और कहा कि ये अब एक अलग लेवल पर चला गया है। तापसी का कहना है कि लोग अब पैसे देकर दूसरों को नीचा गिरवाते हैं। तापसी ने टाइम्स नाउ से बात करते हुए सवाल उठाया कि क्या किसी इंसान की सफलता किसी और के फेलियर पर निर्भर करती है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि लोग पैसे देकर दूसरों को निचा गिराने की कोशिश करते हैं।

    अलग लेवल पर पीआर गेम
    वह बोलीं, ‘मैं अपनी चीजों में बिजी थी कुछ समय से, लेकिन लास्ट 1.5 या 2 साल से मैं थोड़ी स्लो डाउन हो गई हूं। मुझे एहसास हुआ कि ये पीआर गेम एक अलग लेवल पर चला गया है। आप खुद को पुश करो ना जो पहले एक वर्जन होता था पीआर का। आप तो किसी और को गिराने के लिए भी पैसे दे रहे हो।’

    दूसरों के फेलियर्स से कैसे मिलती सक्सेस
    तापसी ने आगे कहा, ‘आखिर कबसे आपकी सक्सेस दूसरों के फेलियर्स पर डिपेंड होने लगी। लोगों ने अपनी पर्सनैलिटी का एक अलग मुखौटा बनाया हुआ है। मैं सिर्फ एक हिट फिल्म का हिस्सा रहने से संतुष्ट नहीं हूं, मेरी आवाज भी इतनी स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए चाहे वो आपकी ना हो। लेकिन आपको अपनी आवाज बनानी होगी और वो आवाज जो आप फिल्मों से हटकर बना रहे हो और आपके काम से मैच भी नहीं कर रही तो वो गलत है।

  • ‘चूड़िया’ का बजट रिकॉर्ड: फिल्म से भी ज्यादा पैसे खर्च हुए इस गाने पर

    ‘चूड़िया’ का बजट रिकॉर्ड: फिल्म से भी ज्यादा पैसे खर्च हुए इस गाने पर

    नई दिल्ली। करन जौहर के डायरेक्शन में बनी फिल्म कभी कभी खुशी कभी गम आज 25 साल बाद भी ऑडियंस की फेवरिट है। फिल्म में शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, ऋतिक रोशन, जया बच्चन, काजोल, करीना कपूर जैसे लीडिंग एक्टर्स थे। आलीशान लोकेशन, शानदार म्यूजिक। फिल्म का डायरेक्शन करन जौहर ने लिया था। कुछ कुछ होता है के बाद ये उनकी दूसरी डायरेक्टोरियल फिल्म थी वो भी इतनी बड़ी कास्ट के साथ। इस फिल्म में एक गाना भी है ‘बोले चूड़िया, बोले कंगना’, इस गाने में पूरी कास्ट एक साथ नजर आई थी। लेकिन क्या आप जानते हैं इस सिर्फ एक गाने का खर्चा फिल्म के बजट से ज्यादा था। इस बारे में राइटर-डायरेक्टर निखिल अडवानी ने बताया।

    पूरी फिल्म का बजट था 3 करोड़
    हाल में रेडियो नशा के साथ बातचीत में निखिल अडवानी ने बताया कि कैसे एक गाने की कीमत बजट से ज्यादा थी। निखिल ने कहा कि आजकल लोग स्प्रेडशीट पर बजट बनाते हैं और उसे फाइनल करने के लिए भी दो महीने लग जाते हैं। लेकिन जब हमने यश जौहर को कभी खुशी कभी गम की स्क्रिप्ट सुनाई तो उन्होंने मुझे अपने ऑफिस बुलाया और फिल्म का बजट लिखने को कहा। मैंने 3 करोड़ रुपए का बजट लिखा और उन्हें पेपर पकड़ा दिया। यश जौहर ने बजट को मंजूरी दी और ऐसे फिल्म शुरू हुई।

    बोले चूड़िया गाने का सेट
    निखिल ने आगे कहा कि उनकी फिल्म का पहला सेट बोले चूड़िया था। करन जौहर सेट पर ही बेहोश हो गए थे। काजोल को अपने लहंगे से दिक्कत थी और वो डांस नहीं कर पा रही थी। कई दिक्कतें थीं, 200 डांसर्स, 300 जूनियर आर्टिस्ट। हमने झूमर्स भी खुद बनवाए थे क्योंकि करन जौहर को सब कुछ गग्रैंड चाहिए था।

    पूरी फिल्म के बजट से ऊपर चला गया था सिर्फ एक गाना
    निखिल ने आगे बताया कि उस शाम यश जौहर ने हमें चाय ब्रेक पर बुलाया और पूछा कि हमने इस फिल्म का बजट बनाया है न? मैं कहा हां। उन्होंने पूछा ‘कितना बजट था?’ मैंने कहा मुझे याद नहीं है। फिर उन्होंने वो पेपर निकाला और जोर से पढ़ते हुए 3 करोड़ कहा। फिर उन्होंने कहा बोले चूड़िया के लिए जो सेट बनाया है उस पर इससे से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। उन्होंने वो पेपर फाड़ा और कहा अब बनाओ फिल्म।

    डायरेक्टर्स में था फिल्म बनाने का नशा
    निखिल ने ये भी बताया कि पहले के लोगों में फिल्म बनाने का नशा होता था। यश जौहर एक फिल्म के लिए अपना घर बेचने के बारे में सोच रहे थे। यश चोपड़ा ने भी ऐसा सोचा था। अपने समय के ये ग्रेट डायरेक्टर्स थे। निखिल ने कहा कि इंडस्ट्री के दो ही लोग ऐसे हैं जो हमें वापस उस दौर में ले जा सकते हैं और वो हैं यश चोपड़ा के बेटे आदित्य चोपड़ा और यश जौहर के बेटे करन जौहर।

  • कर्नाटक में झारखंड के मजदूर को बांग्लादेशी होने के शक में पीटा, महिला ने बचाया; 4 आरोपियों पर मामला दर्ज

    कर्नाटक में झारखंड के मजदूर को बांग्लादेशी होने के शक में पीटा, महिला ने बचाया; 4 आरोपियों पर मामला दर्ज


    झारखंड । कर्नाटक के मंगलुरु में एक झारखंड के प्रवासी मजदूर को कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिक होने के शक में चार लोगों ने बेरहमी से पीटा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना रविवार को मंगलुरु के बाहरी इलाके कुलूर में हुई, जहां आरोपियों ने मजदूर से उसकी नागरिकता को लेकर सवाल किए और पहचान पत्र दिखाने की मांग की। झारखंड के दिलजान अंसारी पिछले 10 से 15 वर्षों से काम की तलाश में मंगलुरु में रह रहे थे। वह हर साल चार से छह महीने शहर में काम करते हैं।
    अंसारी ने आरोपियों को बार-बार बताया कि वह भारतीय नागरिक हैं, लेकिन आरोपियों ने उनकी बातों को नजरअंदाज किया और उन्हें बांग्लादेशी समझते हुए लगातार परेशान किया। आरोपी अपने शक के आधार पर अंसारी के साथ अपमानजनक व्यवहार करते रहे। इस दौरान एक स्थानीय महिला ने उनकी मदद की और उन्हें आरोपियों के चंगुल से बचाया हालांकि, डर के कारण अंसारी ने शुरू में पुलिस से संपर्क नहीं किया और बिना शिकायत के घर लौट गए। लेकिन बाद में स्थानीय नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया।
    मंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने बताया कि सत्यापन के बाद यह पुष्टि हुई कि दिलजान अंसारी भारतीय नागरिक हैं और काम के सिलसिले में मंगलुरु आए थे। पुलिस ने कुलूर के निवासी सागर, धनुष, लालू उर्फ रतीश और मोहन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं और जांच जारी है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि देश में प्रवासी श्रमिकों के प्रति भेदभाव और असहिष्णुता का क्या स्तर है, खासकर उन पर जो बाहरी राज्य से आकर काम करते हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आगे से ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।

  • शाहरुख-सलमान की पतंगबाजी ने बढ़ाया मकर संक्रांति का मज़ा, फिल्मों में झलकता उत्सव

    शाहरुख-सलमान की पतंगबाजी ने बढ़ाया मकर संक्रांति का मज़ा, फिल्मों में झलकता उत्सव

    नई दिल्ली। हिंदी फिल्मों में भारतीय त्योहार कहानियों का अहम हिस्सा रहे हैं। हमारे त्योहारों, इसकी परंपरा पर फिल्मों में कई गाने भी सुनने को मिलते हैं। कई गाने तो बहुत हिट भी रहे हैं। होली, दिवाली, करवाचौथ के गीत बहुत बड़ी संख्या में हिंदी फिल्मों में रखे जाते हैं। कल मकर संक्रांति (14 जनवरी) का त्योहार है। मकर संक्रांति पर भी फिल्मी गीत, सीन्स कई बॉलीवुड फिल्मों में दिखे हैं। जानिए, इस त्योहार की झलक किन-किन हिंदी फिल्मों में दिखी है।
    हम दिल दे चुके सनम
    सलमान खान और ऐश्वर्या राय की फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम(1999)’ को दर्शकों से काफी प्यार मिला था। इस फिल्म में मकर संक्रांति का त्योहार दिखाया गया था। साथ ही एक गाना ‘ढील दे दे रे भईया…’ सलमान खान पर फिल्माया गया था। वह फिल्म में पतंगबाजी करते हुए नजर आते हैं। यह गाना आज भी मकर संक्रांति पर खूब पसंद किया जाता है, पतंगबाजी करते हुए लोग इस गाने को गाते या सुनते हैं। सलमान खान की 2016 में रिलीज हुई फिल्म ‘सुल्तान’ में भी मकर संक्रांति की एक झलक मिलती है। एक सीन में उनका किरदार अपने गांव की गलियों में पतंगबाजी करता हुआ नजर आता है।
    काई पो चे
    दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘काई पो चे’ साल 2013 में रिलीज हुई। इस फिल्म में भी ‘मांझा…’ नाम से एक गाना था, जिसमें सुशांत, राजकुमार राव और अमित साध दोस्तों के किरदार में नजर आते हैं। फिल्म में सभी मिलकर मकर संक्रांति का त्योहार मनाते हैं। यह गाना भी मकर संक्रांति के मौके पर लोग काफी पसंद करते हैं।
    रईस
    शाहरुख खान की फिल्मों में भारतीय त्योहारों पर कई गाने देखने को मिलते हैं। साल 2017 में उनकी फिल्म ‘रईस’ रिलीज हुई। इस फिल्म में ‘उड़ी उड़ी जाए…’ गाने में मकर संक्रांति का उल्लास, उमंग दिखा। पतंगबाजी भी झलक भी मिली। इस गाने में शाहरुख खान के साथ पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान भी नजर आईं।

    पतंग द काइट
    साल 2011 में रिलीज हुई ‘पतंग द काइट’ फिल्म की कहानी तो मकर संक्रांति पर की जाने वाली पतंगबाजी के ईद-गिर्द बुनी गई। इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी नजर आए थे। इस फिल्म में मकर संक्रांति पर होने वाली पतंगबाजी उत्सव के साथ एक परिवार के लोगों की जिंदगी, रिश्तों और सपनों को दिखाया गया है। तापसी पन्नू की फिल्म ‘रश्मि रॉकेट’ में भी मकर संक्रांति का सीक्वेंस दिखाया गया था। रश्मि की तेज दौड़ और पतंगबाजी को साथ में जोड़कर यह सीन फिल्म में दिखाया जाता है।

    मकर संक्रांति के अलावा इन फिल्मों में दिखी लोहड़ी के त्योहार की धूम
    मकर संक्रांति से पहले देश भर में लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है। आज (13 जनवरी) ही यह त्योहार मनाया जाएगा। हिंदी फिल्मों में भी लोहड़ी के रंग नजर आए हैं। शाहरुख खान और प्रीति जिंटा की ‘वीर जारा’, में लोहड़ी का त्योहार दिखाया गया। इस फिल्म में एक गाना ‘लो आ गई लोहड़ी…’ अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया। इसी तरह अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा पर फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ में ‘तू कमाल दी…’ गाना फिल्माया गया, इस गाने में लोहड़ी का उत्सव, उल्लास दिखाया गया। फिल्म ‘यमला पगला दीवाना’ में भी लोहड़ी का त्योहार दिखाया गया था, जिसमें दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र नजर आए थे।
  • माघ मेला की रंगीन तस्वीरें: मकर संक्रांति स्नान के लिए दूर-दूर से आए लोग

    माघ मेला की रंगीन तस्वीरें: मकर संक्रांति स्नान के लिए दूर-दूर से आए लोग

    नई दिल्ली। प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में माघ मेला अपने पूरे वैभव के साथ चल रहा है। मकर संक्रांति के पवित्र स्नान के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में संगम पहुंच रहे हैं। कल्पवास, स्नान-दान और पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी भीड़ ने मेला क्षेत्र को श्रद्धा और उत्साह से भर दिया है।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

    सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन ने आठ स्तरीय सुरक्षा घेरा स्थापित किया है। बाहरी सुरक्षा घेरों में पुलिस बल तैनात हैं, जबकि आंतरिक सुरक्षा में पीएसी, आरएएफ और एटीएस के जवान मुस्तैदी से नजर रख रहे हैं। प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं की गहन तलाशी और सत्यापन के बाद ही मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जा रहा है। घाटों पर घुड़सवार पुलिस बल तैनात हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से तुरंत निपटा जा सके।

    साधु-संत और भंडारे

    माघ मेले में देशभर से साधु-संत संगम में पहुंचे हैं। महावीर मार्ग पर संत शिविर के बाहर अन्न क्षेत्र में साधु-संतों को प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए भी भंडारे आयोजित किए गए हैं, जिससे सभी को भोजन की सुविधा मिल सके।

    मौनी बाबा का त्रिशूल आकर्षण का केंद्र

    संगम अपर मार्ग पर मौनी बाबा का त्रिशूल विशेष आकर्षण बना हुआ है। श्रद्धालु इसे देखने और फोटो खींचने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से माघ मेले का एक महत्वपूर्ण आकर्षण है।

    पंडाल और सांस्कृतिक कार्यक्रम

    माघ मेला क्षेत्र में कई पंडाल पहले से तैयार हैं। इन पंडालों में साधु-संत और श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। इसके अलावा, मेला क्षेत्र में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें देशभर के कलाकार हिस्सा ले रहे हैं।

    पवित्र संगम में पूजा और आरती

    श्रद्धालु पवित्र संगम में मां गंगा की आरती करते हुए चुनरी चढ़ा रहे हैं। वे अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। सुबह की धूप और बदलते मौसम के बीच श्रद्धालुओं की श्रद्धा और उत्साह देखने लायक है।

    प्रयागराज माघ मेला इस साल भी अपने ऐतिहासिक वैभव और धार्मिक महत्व के साथ आयोजित हो रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़, पंडाल, साधु-संतों की उपस्थिति, भंडारे और सुरक्षा व्यवस्था इसे देश का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन बनाते हैं। मकर संक्रांति स्नान और संगम की पवित्रता में शामिल होने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं, जिससे मेला क्षेत्र में श्रद्धा और उत्सव का माहौल बना हुआ है।
  • यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ पर आलोचना, महिला आयोग ने उठाया सवाल, CBFC के पास मामला

    यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ पर आलोचना, महिला आयोग ने उठाया सवाल, CBFC के पास मामला

    नई दिल्ली। यश की आने वाली फिल्म Toxic: A Fairytale for Grown Ups का टीज़र हाल ही में विवादों में फंस गया है। इस टीज़र में यश को एक महिला के साथ कार में रोमांटिक दृश्य में और फिर कई लोगों को गोली मारते हुए दिखाया गया है, जिसने ऑनलाइन खूब चर्चा और आलोचना बटोरी। इसके बाद आम आदमी पार्टी (AAP) की महिला इकाई ने कर्नाटक राज्य महिला आयोग (KSWC) के सामने शिकायत दर्ज करवाई।

    कर्नाटक महिला आयोग ने CBFC को लिखा पत्र

    AAP ने आयोग से अनुरोध किया कि टीज़र में दिखाई गई ‘अश्लील और स्पष्ट सामग्री’ महिलाओं और बच्चों की सामाजिक भलाई के लिए हानिकारक है। AAP राज्य सचिव उषा मोहन ने पत्र में कहा कि यह कंटेंट बिना किसी उम्र-संबंधी चेतावनी के सार्वजनिक किया गया है, जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाता है और कन्नड़ संस्कृति का अपमान करता है। शिकायत में यह भी कहा गया कि इस सामग्री का समाज, विशेषकर नाबालिगों, पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

    कर्नाटक महिला आयोग ने इस पत्र के बाद केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को लिखा कि वे उचित कार्रवाई करें। आयोग के सचिव ने पत्र में कहा कि शिकायत का सत्यापन करने के बाद नियमों के अनुसार आगे कार्रवाई की जाए और उसका रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाए।

    AAP ने मांगी सोशल मीडिया से टीज़र हटाने की मांग

    AAP की महिला इकाई ने राज्य सरकार से भी अनुरोध किया है कि टीज़र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जाए। पार्टी ने जोर देकर कहा कि राज्य के सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और तत्काल कार्रवाई की जाए।

    Toxic फिल्म और टीज़र की जानकारी

    फिल्म Toxic: A Fairytale for Grown Ups के मेकर्स ने यह टीज़र 8 जनवरी को यश के जन्मदिन के मौके पर रिलीज किया था। यह एक एक्शन-पैक्ड टीज़र है, जिसमें यश कार में महिला के साथ रोमांटिक सीन और कई लोगों पर गोली चलाते हुए दिखे।

    फिल्म का निर्देशन गीतु मोहनदास ने किया है और यश ने खुद इस फिल्म के स्क्रीनप्ले और कहानी में योगदान दिया है। फिल्म में रुक्मिणी वासनथ, नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, ह्यूमा कुरैशी, अक्षय ओबेरॉय और सुदेव नायर जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 19 मार्च, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और यह रणवीर सिंह की बहुप्रतीक्षित धुरंधर 2 के साथ टकराएगी।

    Toxic का विवाद न केवल फिल्म की रिलीज़ से पहले सुर्खियों में ला चुका है बल्कि समाज और मीडिया के नजरिए से भी चर्चा का केंद्र बन गया है। कर्नाटक महिला आयोग और AAP की शिकायत से अब CBFC पर दबाव बढ़ गया है कि वह फिल्म की सामग्री पर उचित कार्रवाई करे और सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित करे।

  • सब्जियां, मांस-मछली, अंडा-दाल और मसाले फिर हुए महंगे … खुदरा महंगाई दर में इजाफा

    सब्जियां, मांस-मछली, अंडा-दाल और मसाले फिर हुए महंगे … खुदरा महंगाई दर में इजाफा


    नई दिल्ली।
    बीते महीने के दौरान खुदरा महंगाई दर (Retail inflation rate) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है जो बढ़कर 1.33 फीसदी रही है। इससे पहले नवंबर में सीपीआई 0.71 फीसदी थी। वहीं, खाद्य वस्तुओं (Food Items) की महंगाई दर -2.71 फीसदी दर्ज की गई है, जो नवंबर में -3.91 प्रतित रही थी। आंकड़ों से पता चलता है कि सब्जियों, मांस-मछली, अंडा, दाल, मसाले और व्यक्तिगत देखभाल के सामान की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कुल स्तर पर महंगाई दर में इजाफा हुआ है।

    सोमवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि नवंबर के मुकाबले दिसंबर में महंगाई दर 0.62 अंकों को बढ़ोतरी हुई है लेकिन उसके बाद भी महंगाई दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के अनुमान से कम रही है। चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में आरबीआई ने महंगाई दर 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।


    इन राज्यों में महंगाई सबसे ज्यादा

    राज्यों के लिहाज से देखा जाए तो केरल में सबसे अधिक महंगाई है। जहां पर बीते महीने औसत महंगाई दर 9.49 फीदी रही है। इसके बाद कर्नाटक का नंबर आता है। जहां पर महंगाई दर 2.99 फीसदी दर्ज की हई है। इसके बाद आंध्र प्रदेश (2.71%), तमिलनाडु (2.67%) और जम्मू-कश्मीर (2.26%) रही है।

    बीते महीने ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर बढ़कर 0.76 फीसदी रही, जो नवंबर में 0.10 फीसदी थी। वहीं, शहरी क्षेत्रों में महंगाई बढ़कर 2.03 फीसदी पहुंच गई, जो उससे पहले महीने 1.40 फीसदी थी। इस अवधि में कई क्षेत्रों से जुड़ी महंगाई दर में नरमी भी देखने को मिली है। जैसे मकान (हाउसिंग) की महंगाई 2.86 फीसदी रही है जो एक महीने पहले 2.96 प्रतिशत थी। शिक्षा महंगाई 3.38 से घटकर 3.32 फीसदी रही है। वहीं, स्वास्थ्य महंगाई 3.60 से घटकर 3.43 फीसदी रही है।

    ईंधन और बिजली की महंगाई दर 1.97 फीसदी रही है जो नवंबर में 2.32 प्रतिशत रही थी। जबकि परिवहन और संचार क्षेत्र की महंगाई 0.88 प्रतिशत से घटकर 0.76 फीसदी रही।


    महीने के आधार पर बढ़ी और सालाना आधार पर घटी कीमतें

    अगर महीने के आधार पर देखा जाए तो नवंबर के मुकाबले दिसंबर में सब्जियों, अनाज और मसालों की कीमतें बढ़ी है, लेकिन सालाना आधार पर दिसंबर 2024 के मुकाबले दिसंबर 2025 में कीमतों में गिरावट आई है। सब्जियों के दाम 18.47 प्रतिशत और दालें 15.09 प्रतिशत घट गई। मसालों के दामों में भी 2.15 प्रतिशत और अनाजों में 0.35 प्रतिशत की नरमी रही। हालांकि तेल के दाम 6.75 प्रतिशत, फलों के 6.66 फीसदी और मांस एवं मछलियों के दामों में 5.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई।