बैठक में चीन के राजदूत की अहम उपस्थिति
बैठक का उद्देश्य और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का दृष्टिकोण
भारत और चीन के संबंधों में नई दिशा

बैठक में चीन के राजदूत की अहम उपस्थिति
भारत और चीन के संबंधों में नई दिशा

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
एक कम्प्लेंट में दावा किया गया कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है और फैंस बेसब्री से अपने चहेते एक्टर की आखिरी फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। प्रोड्यूसर वेंकट के नारायण ने बताया कि 22 दिसंबर को सेंसर बोर्ड ने ईमेल भेजा था कि कुछ छोटे बदलावों के बाद फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। मेकर्स ने बताए गए बदलाव कर दिए और फिल्म को दोबारा सबमिट किया, लेकिन फिर भी वक्त पर सर्टिफिकेट नहीं मिला।
हाई कोर्ट ने दिया सर्टिफिकेट देने का आदेश
बाद में पता चला कि सेंसर बोर्ड के एक मेंबर ने चेयरपर्सन को शिकायत भेजी थी, जिसके बाद फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया। मद्रास हाई कोर्ट ने पहले फिल्म को तुरंत सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था, लेकिन फिर डिवीजन बेंच ने इस पर रोक लगा दी। विजय ने हाल ही में अपनी पॉलिटिकल पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (Tamilaga Vettri Kazhagam) की शुरुआत की है और ‘जन नायकन’ उनकी राजनीति में एंट्री से पहले की आखिरी फिल्म है। गॉसिप्स की मानें तो पॉलिटिकल वजहों से सेंसर बोर्ड की तरफ से देरी की गई।
बार-बार रिलीज में देरी से फैंस में आक्रोश
फिल्म की रिलीज डेट बार-बार टलने के कारण विजय के फैंस काफी नाराज हैं। केरल और तमिलनाडु में कई जगहों पर फैंस ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। हाल ही में विवाद के चलते कई प्री-प्लान्ड कार्यक्रमों (जैसे बाइक रैली और डीजे इवेंट्स) को रद्द करना पड़ा। एच विनोथ द्वारा निर्देशित इस पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर में एक आम आदमी की कहानी है जो समाज और राजनीति में बदलाव लाने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, मामिता बैजू और प्रकाश राज जैसे एक्टर्स हैं।
सु्प्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, क्या बोला CBFC?
अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाई कोर्ट के स्टे ऑर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सीबीएफसी ने भी सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि कोई भी फैसला देने से पहले उन्हें भी सुना जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अब मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी के लिए तय की है। प्रोड्यूसर ने वीडियो जारी करके फैंस से माफी मांगी है और कहा है कि मामला कोर्ट में है, इसलिए वे सब कुछ नहीं बता सकते।

विवादों में घिरे नितेश राणे
राजनीतिक गर्मी बढ़ी

अलग लेवल पर पीआर गेम
वह बोलीं, ‘मैं अपनी चीजों में बिजी थी कुछ समय से, लेकिन लास्ट 1.5 या 2 साल से मैं थोड़ी स्लो डाउन हो गई हूं। मुझे एहसास हुआ कि ये पीआर गेम एक अलग लेवल पर चला गया है। आप खुद को पुश करो ना जो पहले एक वर्जन होता था पीआर का। आप तो किसी और को गिराने के लिए भी पैसे दे रहे हो।’
दूसरों के फेलियर्स से कैसे मिलती सक्सेस
तापसी ने आगे कहा, ‘आखिर कबसे आपकी सक्सेस दूसरों के फेलियर्स पर डिपेंड होने लगी। लोगों ने अपनी पर्सनैलिटी का एक अलग मुखौटा बनाया हुआ है। मैं सिर्फ एक हिट फिल्म का हिस्सा रहने से संतुष्ट नहीं हूं, मेरी आवाज भी इतनी स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए चाहे वो आपकी ना हो। लेकिन आपको अपनी आवाज बनानी होगी और वो आवाज जो आप फिल्मों से हटकर बना रहे हो और आपके काम से मैच भी नहीं कर रही तो वो गलत है।

पूरी फिल्म का बजट था 3 करोड़
हाल में रेडियो नशा के साथ बातचीत में निखिल अडवानी ने बताया कि कैसे एक गाने की कीमत बजट से ज्यादा थी। निखिल ने कहा कि आजकल लोग स्प्रेडशीट पर बजट बनाते हैं और उसे फाइनल करने के लिए भी दो महीने लग जाते हैं। लेकिन जब हमने यश जौहर को कभी खुशी कभी गम की स्क्रिप्ट सुनाई तो उन्होंने मुझे अपने ऑफिस बुलाया और फिल्म का बजट लिखने को कहा। मैंने 3 करोड़ रुपए का बजट लिखा और उन्हें पेपर पकड़ा दिया। यश जौहर ने बजट को मंजूरी दी और ऐसे फिल्म शुरू हुई।
बोले चूड़िया गाने का सेट
निखिल ने आगे कहा कि उनकी फिल्म का पहला सेट बोले चूड़िया था। करन जौहर सेट पर ही बेहोश हो गए थे। काजोल को अपने लहंगे से दिक्कत थी और वो डांस नहीं कर पा रही थी। कई दिक्कतें थीं, 200 डांसर्स, 300 जूनियर आर्टिस्ट। हमने झूमर्स भी खुद बनवाए थे क्योंकि करन जौहर को सब कुछ गग्रैंड चाहिए था।
पूरी फिल्म के बजट से ऊपर चला गया था सिर्फ एक गाना
निखिल ने आगे बताया कि उस शाम यश जौहर ने हमें चाय ब्रेक पर बुलाया और पूछा कि हमने इस फिल्म का बजट बनाया है न? मैं कहा हां। उन्होंने पूछा ‘कितना बजट था?’ मैंने कहा मुझे याद नहीं है। फिर उन्होंने वो पेपर निकाला और जोर से पढ़ते हुए 3 करोड़ कहा। फिर उन्होंने कहा बोले चूड़िया के लिए जो सेट बनाया है उस पर इससे से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। उन्होंने वो पेपर फाड़ा और कहा अब बनाओ फिल्म।
डायरेक्टर्स में था फिल्म बनाने का नशा
निखिल ने ये भी बताया कि पहले के लोगों में फिल्म बनाने का नशा होता था। यश जौहर एक फिल्म के लिए अपना घर बेचने के बारे में सोच रहे थे। यश चोपड़ा ने भी ऐसा सोचा था। अपने समय के ये ग्रेट डायरेक्टर्स थे। निखिल ने कहा कि इंडस्ट्री के दो ही लोग ऐसे हैं जो हमें वापस उस दौर में ले जा सकते हैं और वो हैं यश चोपड़ा के बेटे आदित्य चोपड़ा और यश जौहर के बेटे करन जौहर।


सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन ने आठ स्तरीय सुरक्षा घेरा स्थापित किया है। बाहरी सुरक्षा घेरों में पुलिस बल तैनात हैं, जबकि आंतरिक सुरक्षा में पीएसी, आरएएफ और एटीएस के जवान मुस्तैदी से नजर रख रहे हैं। प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं की गहन तलाशी और सत्यापन के बाद ही मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जा रहा है। घाटों पर घुड़सवार पुलिस बल तैनात हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से तुरंत निपटा जा सके।
साधु-संत और भंडारे
माघ मेले में देशभर से साधु-संत संगम में पहुंचे हैं। महावीर मार्ग पर संत शिविर के बाहर अन्न क्षेत्र में साधु-संतों को प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए भी भंडारे आयोजित किए गए हैं, जिससे सभी को भोजन की सुविधा मिल सके।
मौनी बाबा का त्रिशूल आकर्षण का केंद्र
संगम अपर मार्ग पर मौनी बाबा का त्रिशूल विशेष आकर्षण बना हुआ है। श्रद्धालु इसे देखने और फोटो खींचने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से माघ मेले का एक महत्वपूर्ण आकर्षण है।
पंडाल और सांस्कृतिक कार्यक्रम
माघ मेला क्षेत्र में कई पंडाल पहले से तैयार हैं। इन पंडालों में साधु-संत और श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। इसके अलावा, मेला क्षेत्र में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें देशभर के कलाकार हिस्सा ले रहे हैं।
पवित्र संगम में पूजा और आरती
श्रद्धालु पवित्र संगम में मां गंगा की आरती करते हुए चुनरी चढ़ा रहे हैं। वे अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। सुबह की धूप और बदलते मौसम के बीच श्रद्धालुओं की श्रद्धा और उत्साह देखने लायक है।

सोमवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि नवंबर के मुकाबले दिसंबर में महंगाई दर 0.62 अंकों को बढ़ोतरी हुई है लेकिन उसके बाद भी महंगाई दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के अनुमान से कम रही है। चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में आरबीआई ने महंगाई दर 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।
इन राज्यों में महंगाई सबसे ज्यादा
राज्यों के लिहाज से देखा जाए तो केरल में सबसे अधिक महंगाई है। जहां पर बीते महीने औसत महंगाई दर 9.49 फीदी रही है। इसके बाद कर्नाटक का नंबर आता है। जहां पर महंगाई दर 2.99 फीसदी दर्ज की हई है। इसके बाद आंध्र प्रदेश (2.71%), तमिलनाडु (2.67%) और जम्मू-कश्मीर (2.26%) रही है।
बीते महीने ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर बढ़कर 0.76 फीसदी रही, जो नवंबर में 0.10 फीसदी थी। वहीं, शहरी क्षेत्रों में महंगाई बढ़कर 2.03 फीसदी पहुंच गई, जो उससे पहले महीने 1.40 फीसदी थी। इस अवधि में कई क्षेत्रों से जुड़ी महंगाई दर में नरमी भी देखने को मिली है। जैसे मकान (हाउसिंग) की महंगाई 2.86 फीसदी रही है जो एक महीने पहले 2.96 प्रतिशत थी। शिक्षा महंगाई 3.38 से घटकर 3.32 फीसदी रही है। वहीं, स्वास्थ्य महंगाई 3.60 से घटकर 3.43 फीसदी रही है।
ईंधन और बिजली की महंगाई दर 1.97 फीसदी रही है जो नवंबर में 2.32 प्रतिशत रही थी। जबकि परिवहन और संचार क्षेत्र की महंगाई 0.88 प्रतिशत से घटकर 0.76 फीसदी रही।
महीने के आधार पर बढ़ी और सालाना आधार पर घटी कीमतें
अगर महीने के आधार पर देखा जाए तो नवंबर के मुकाबले दिसंबर में सब्जियों, अनाज और मसालों की कीमतें बढ़ी है, लेकिन सालाना आधार पर दिसंबर 2024 के मुकाबले दिसंबर 2025 में कीमतों में गिरावट आई है। सब्जियों के दाम 18.47 प्रतिशत और दालें 15.09 प्रतिशत घट गई। मसालों के दामों में भी 2.15 प्रतिशत और अनाजों में 0.35 प्रतिशत की नरमी रही। हालांकि तेल के दाम 6.75 प्रतिशत, फलों के 6.66 फीसदी और मांस एवं मछलियों के दामों में 5.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई।