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  • शाहरुख-सलमान की पतंगबाजी ने बढ़ाया मकर संक्रांति का मज़ा, फिल्मों में झलकता उत्सव

    शाहरुख-सलमान की पतंगबाजी ने बढ़ाया मकर संक्रांति का मज़ा, फिल्मों में झलकता उत्सव

    नई दिल्ली। हिंदी फिल्मों में भारतीय त्योहार कहानियों का अहम हिस्सा रहे हैं। हमारे त्योहारों, इसकी परंपरा पर फिल्मों में कई गाने भी सुनने को मिलते हैं। कई गाने तो बहुत हिट भी रहे हैं। होली, दिवाली, करवाचौथ के गीत बहुत बड़ी संख्या में हिंदी फिल्मों में रखे जाते हैं। कल मकर संक्रांति (14 जनवरी) का त्योहार है। मकर संक्रांति पर भी फिल्मी गीत, सीन्स कई बॉलीवुड फिल्मों में दिखे हैं। जानिए, इस त्योहार की झलक किन-किन हिंदी फिल्मों में दिखी है।
    हम दिल दे चुके सनम
    सलमान खान और ऐश्वर्या राय की फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम(1999)’ को दर्शकों से काफी प्यार मिला था। इस फिल्म में मकर संक्रांति का त्योहार दिखाया गया था। साथ ही एक गाना ‘ढील दे दे रे भईया…’ सलमान खान पर फिल्माया गया था। वह फिल्म में पतंगबाजी करते हुए नजर आते हैं। यह गाना आज भी मकर संक्रांति पर खूब पसंद किया जाता है, पतंगबाजी करते हुए लोग इस गाने को गाते या सुनते हैं। सलमान खान की 2016 में रिलीज हुई फिल्म ‘सुल्तान’ में भी मकर संक्रांति की एक झलक मिलती है। एक सीन में उनका किरदार अपने गांव की गलियों में पतंगबाजी करता हुआ नजर आता है।
    काई पो चे
    दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘काई पो चे’ साल 2013 में रिलीज हुई। इस फिल्म में भी ‘मांझा…’ नाम से एक गाना था, जिसमें सुशांत, राजकुमार राव और अमित साध दोस्तों के किरदार में नजर आते हैं। फिल्म में सभी मिलकर मकर संक्रांति का त्योहार मनाते हैं। यह गाना भी मकर संक्रांति के मौके पर लोग काफी पसंद करते हैं।
    रईस
    शाहरुख खान की फिल्मों में भारतीय त्योहारों पर कई गाने देखने को मिलते हैं। साल 2017 में उनकी फिल्म ‘रईस’ रिलीज हुई। इस फिल्म में ‘उड़ी उड़ी जाए…’ गाने में मकर संक्रांति का उल्लास, उमंग दिखा। पतंगबाजी भी झलक भी मिली। इस गाने में शाहरुख खान के साथ पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान भी नजर आईं।

    पतंग द काइट
    साल 2011 में रिलीज हुई ‘पतंग द काइट’ फिल्म की कहानी तो मकर संक्रांति पर की जाने वाली पतंगबाजी के ईद-गिर्द बुनी गई। इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी नजर आए थे। इस फिल्म में मकर संक्रांति पर होने वाली पतंगबाजी उत्सव के साथ एक परिवार के लोगों की जिंदगी, रिश्तों और सपनों को दिखाया गया है। तापसी पन्नू की फिल्म ‘रश्मि रॉकेट’ में भी मकर संक्रांति का सीक्वेंस दिखाया गया था। रश्मि की तेज दौड़ और पतंगबाजी को साथ में जोड़कर यह सीन फिल्म में दिखाया जाता है।

    मकर संक्रांति के अलावा इन फिल्मों में दिखी लोहड़ी के त्योहार की धूम
    मकर संक्रांति से पहले देश भर में लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है। आज (13 जनवरी) ही यह त्योहार मनाया जाएगा। हिंदी फिल्मों में भी लोहड़ी के रंग नजर आए हैं। शाहरुख खान और प्रीति जिंटा की ‘वीर जारा’, में लोहड़ी का त्योहार दिखाया गया। इस फिल्म में एक गाना ‘लो आ गई लोहड़ी…’ अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया। इसी तरह अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा पर फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ में ‘तू कमाल दी…’ गाना फिल्माया गया, इस गाने में लोहड़ी का उत्सव, उल्लास दिखाया गया। फिल्म ‘यमला पगला दीवाना’ में भी लोहड़ी का त्योहार दिखाया गया था, जिसमें दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र नजर आए थे।
  • माघ मेला की रंगीन तस्वीरें: मकर संक्रांति स्नान के लिए दूर-दूर से आए लोग

    माघ मेला की रंगीन तस्वीरें: मकर संक्रांति स्नान के लिए दूर-दूर से आए लोग

    नई दिल्ली। प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में माघ मेला अपने पूरे वैभव के साथ चल रहा है। मकर संक्रांति के पवित्र स्नान के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में संगम पहुंच रहे हैं। कल्पवास, स्नान-दान और पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी भीड़ ने मेला क्षेत्र को श्रद्धा और उत्साह से भर दिया है।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

    सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन ने आठ स्तरीय सुरक्षा घेरा स्थापित किया है। बाहरी सुरक्षा घेरों में पुलिस बल तैनात हैं, जबकि आंतरिक सुरक्षा में पीएसी, आरएएफ और एटीएस के जवान मुस्तैदी से नजर रख रहे हैं। प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं की गहन तलाशी और सत्यापन के बाद ही मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जा रहा है। घाटों पर घुड़सवार पुलिस बल तैनात हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से तुरंत निपटा जा सके।

    साधु-संत और भंडारे

    माघ मेले में देशभर से साधु-संत संगम में पहुंचे हैं। महावीर मार्ग पर संत शिविर के बाहर अन्न क्षेत्र में साधु-संतों को प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए भी भंडारे आयोजित किए गए हैं, जिससे सभी को भोजन की सुविधा मिल सके।

    मौनी बाबा का त्रिशूल आकर्षण का केंद्र

    संगम अपर मार्ग पर मौनी बाबा का त्रिशूल विशेष आकर्षण बना हुआ है। श्रद्धालु इसे देखने और फोटो खींचने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से माघ मेले का एक महत्वपूर्ण आकर्षण है।

    पंडाल और सांस्कृतिक कार्यक्रम

    माघ मेला क्षेत्र में कई पंडाल पहले से तैयार हैं। इन पंडालों में साधु-संत और श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। इसके अलावा, मेला क्षेत्र में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें देशभर के कलाकार हिस्सा ले रहे हैं।

    पवित्र संगम में पूजा और आरती

    श्रद्धालु पवित्र संगम में मां गंगा की आरती करते हुए चुनरी चढ़ा रहे हैं। वे अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। सुबह की धूप और बदलते मौसम के बीच श्रद्धालुओं की श्रद्धा और उत्साह देखने लायक है।

    प्रयागराज माघ मेला इस साल भी अपने ऐतिहासिक वैभव और धार्मिक महत्व के साथ आयोजित हो रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़, पंडाल, साधु-संतों की उपस्थिति, भंडारे और सुरक्षा व्यवस्था इसे देश का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन बनाते हैं। मकर संक्रांति स्नान और संगम की पवित्रता में शामिल होने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं, जिससे मेला क्षेत्र में श्रद्धा और उत्सव का माहौल बना हुआ है।
  • यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ पर आलोचना, महिला आयोग ने उठाया सवाल, CBFC के पास मामला

    यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ पर आलोचना, महिला आयोग ने उठाया सवाल, CBFC के पास मामला

    नई दिल्ली। यश की आने वाली फिल्म Toxic: A Fairytale for Grown Ups का टीज़र हाल ही में विवादों में फंस गया है। इस टीज़र में यश को एक महिला के साथ कार में रोमांटिक दृश्य में और फिर कई लोगों को गोली मारते हुए दिखाया गया है, जिसने ऑनलाइन खूब चर्चा और आलोचना बटोरी। इसके बाद आम आदमी पार्टी (AAP) की महिला इकाई ने कर्नाटक राज्य महिला आयोग (KSWC) के सामने शिकायत दर्ज करवाई।

    कर्नाटक महिला आयोग ने CBFC को लिखा पत्र

    AAP ने आयोग से अनुरोध किया कि टीज़र में दिखाई गई ‘अश्लील और स्पष्ट सामग्री’ महिलाओं और बच्चों की सामाजिक भलाई के लिए हानिकारक है। AAP राज्य सचिव उषा मोहन ने पत्र में कहा कि यह कंटेंट बिना किसी उम्र-संबंधी चेतावनी के सार्वजनिक किया गया है, जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाता है और कन्नड़ संस्कृति का अपमान करता है। शिकायत में यह भी कहा गया कि इस सामग्री का समाज, विशेषकर नाबालिगों, पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

    कर्नाटक महिला आयोग ने इस पत्र के बाद केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को लिखा कि वे उचित कार्रवाई करें। आयोग के सचिव ने पत्र में कहा कि शिकायत का सत्यापन करने के बाद नियमों के अनुसार आगे कार्रवाई की जाए और उसका रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाए।

    AAP ने मांगी सोशल मीडिया से टीज़र हटाने की मांग

    AAP की महिला इकाई ने राज्य सरकार से भी अनुरोध किया है कि टीज़र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जाए। पार्टी ने जोर देकर कहा कि राज्य के सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और तत्काल कार्रवाई की जाए।

    Toxic फिल्म और टीज़र की जानकारी

    फिल्म Toxic: A Fairytale for Grown Ups के मेकर्स ने यह टीज़र 8 जनवरी को यश के जन्मदिन के मौके पर रिलीज किया था। यह एक एक्शन-पैक्ड टीज़र है, जिसमें यश कार में महिला के साथ रोमांटिक सीन और कई लोगों पर गोली चलाते हुए दिखे।

    फिल्म का निर्देशन गीतु मोहनदास ने किया है और यश ने खुद इस फिल्म के स्क्रीनप्ले और कहानी में योगदान दिया है। फिल्म में रुक्मिणी वासनथ, नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, ह्यूमा कुरैशी, अक्षय ओबेरॉय और सुदेव नायर जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 19 मार्च, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और यह रणवीर सिंह की बहुप्रतीक्षित धुरंधर 2 के साथ टकराएगी।

    Toxic का विवाद न केवल फिल्म की रिलीज़ से पहले सुर्खियों में ला चुका है बल्कि समाज और मीडिया के नजरिए से भी चर्चा का केंद्र बन गया है। कर्नाटक महिला आयोग और AAP की शिकायत से अब CBFC पर दबाव बढ़ गया है कि वह फिल्म की सामग्री पर उचित कार्रवाई करे और सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित करे।

  • सब्जियां, मांस-मछली, अंडा-दाल और मसाले फिर हुए महंगे … खुदरा महंगाई दर में इजाफा

    सब्जियां, मांस-मछली, अंडा-दाल और मसाले फिर हुए महंगे … खुदरा महंगाई दर में इजाफा


    नई दिल्ली।
    बीते महीने के दौरान खुदरा महंगाई दर (Retail inflation rate) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है जो बढ़कर 1.33 फीसदी रही है। इससे पहले नवंबर में सीपीआई 0.71 फीसदी थी। वहीं, खाद्य वस्तुओं (Food Items) की महंगाई दर -2.71 फीसदी दर्ज की गई है, जो नवंबर में -3.91 प्रतित रही थी। आंकड़ों से पता चलता है कि सब्जियों, मांस-मछली, अंडा, दाल, मसाले और व्यक्तिगत देखभाल के सामान की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कुल स्तर पर महंगाई दर में इजाफा हुआ है।

    सोमवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि नवंबर के मुकाबले दिसंबर में महंगाई दर 0.62 अंकों को बढ़ोतरी हुई है लेकिन उसके बाद भी महंगाई दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के अनुमान से कम रही है। चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में आरबीआई ने महंगाई दर 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।


    इन राज्यों में महंगाई सबसे ज्यादा

    राज्यों के लिहाज से देखा जाए तो केरल में सबसे अधिक महंगाई है। जहां पर बीते महीने औसत महंगाई दर 9.49 फीदी रही है। इसके बाद कर्नाटक का नंबर आता है। जहां पर महंगाई दर 2.99 फीसदी दर्ज की हई है। इसके बाद आंध्र प्रदेश (2.71%), तमिलनाडु (2.67%) और जम्मू-कश्मीर (2.26%) रही है।

    बीते महीने ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर बढ़कर 0.76 फीसदी रही, जो नवंबर में 0.10 फीसदी थी। वहीं, शहरी क्षेत्रों में महंगाई बढ़कर 2.03 फीसदी पहुंच गई, जो उससे पहले महीने 1.40 फीसदी थी। इस अवधि में कई क्षेत्रों से जुड़ी महंगाई दर में नरमी भी देखने को मिली है। जैसे मकान (हाउसिंग) की महंगाई 2.86 फीसदी रही है जो एक महीने पहले 2.96 प्रतिशत थी। शिक्षा महंगाई 3.38 से घटकर 3.32 फीसदी रही है। वहीं, स्वास्थ्य महंगाई 3.60 से घटकर 3.43 फीसदी रही है।

    ईंधन और बिजली की महंगाई दर 1.97 फीसदी रही है जो नवंबर में 2.32 प्रतिशत रही थी। जबकि परिवहन और संचार क्षेत्र की महंगाई 0.88 प्रतिशत से घटकर 0.76 फीसदी रही।


    महीने के आधार पर बढ़ी और सालाना आधार पर घटी कीमतें

    अगर महीने के आधार पर देखा जाए तो नवंबर के मुकाबले दिसंबर में सब्जियों, अनाज और मसालों की कीमतें बढ़ी है, लेकिन सालाना आधार पर दिसंबर 2024 के मुकाबले दिसंबर 2025 में कीमतों में गिरावट आई है। सब्जियों के दाम 18.47 प्रतिशत और दालें 15.09 प्रतिशत घट गई। मसालों के दामों में भी 2.15 प्रतिशत और अनाजों में 0.35 प्रतिशत की नरमी रही। हालांकि तेल के दाम 6.75 प्रतिशत, फलों के 6.66 फीसदी और मांस एवं मछलियों के दामों में 5.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

  • इंदौर में बीआरटीएस हटाने में अधिकारी दिखा रहे हैं बहाने, हाई कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी

    इंदौर में बीआरटीएस हटाने में अधिकारी दिखा रहे हैं बहाने, हाई कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी


    इंदौर। इंदौर में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम बीआरटीएस को हटाने के मामले में अधिकारियों की बहानेबाजी पर हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने यह कहते हुए सख्त चेतावनी दी कि आदेशों को हल्के में मत लीजिए, हमें सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर मत करिए। इस मामले में अब हाई कोर्ट सतत निगरानी करेगा और अधिकारियों के कामकाजी तरीकों पर पैनी नजर रखेगा।

    क्या है मामला

    सोमवार को कोर्ट की सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि बीआरटीएस हटाने के बाद डिवाइडर की जगह एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि जिस ब्रिज के नाम पर डिवाइडर का काम रोका जा रहा है उसका कार्य केवल कागजों पर चल रहा है और सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। याचिकाकर्ता का कहना था कि प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं और यह मामला लगातार लटका हुआ है। कोर्ट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधिकारियों का रवैया बिल्कुल असंतोषजनक है और वह कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। कोर्ट ने इस पर सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी, जिससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

    कोर्ट की प्रतिक्रिया

    कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि वह अब मामले की निगरानी करेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। अदालत ने अधिकारियों से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने को कहा और कहा कि यदि इस प्रक्रिया में और देरी होती है तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। कोर्ट का यह आदेश अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि वे अपनी जिम्मेदारी से पीछे न हटें और काम को जल्द पूरा करें। यह मामला बीआरटीएस को हटाने और उसके स्थान पर डिवाइडर और अन्य संरचनाओं के निर्माण से जुड़ा है जो शहर के यातायात सुधार के लिए अहम है। हालांकि प्रशासन द्वारा किए गए विलंब से नगरवासियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

  • AC खरीदने का प्लान हैं तो चुकाने पड़ सकते हैं ज्यादा दाम… SBI की ये सेवा भी हो रही महंगी

    AC खरीदने का प्लान हैं तो चुकाने पड़ सकते हैं ज्यादा दाम… SBI की ये सेवा भी हो रही महंगी


    नई दिल्ली।
    दो ऐसी खबरें हैं, जो आपको थोड़ा परेशान कर सकती हैं। अगर आप रूम एयर कंडीशनर (Room Air Conditioner) खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले समय में आपको ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। वहीं, स्टेट बैंक (State Bank) के करोड़ों ग्राहकों के लिए मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग (Mobile app or internet banking) के जरिए तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) महंगे होने जा रही है।

    ब्रोकरेज फर्म इक्विरस की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 से लागू होने वाले नए स्टार-रेटिंग नियमों और लगातार बनी हुई कमोडिटी महंगाई के चलते एसी की कीमतों में 7–8 फीसदी तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।

    नए मॉडल्स की कीमतों में इजाफा होने के आसार
    रिपोर्ट में कहा गया है कि नए नियम लागू होने के बाद कंपनियां अपने नए मॉडल्स की कीमतों में इजाफा करेंगी। इसके अलावा अप्रैल–मई 2026 के दौरान कीमतों में एक और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पूरे उद्योग में दामों का नया स्तर तय होगा और कंपनियों के मुनाफे पर बना दबाव कुछ हद तक कम होगा।

    उपभोक्ताओं के लिहाज से इसका मतलब यह है कि नए स्टार-रेटेड मॉडल्स पहले से महंगे होंगे। इसी आशंका के चलते बाजार में पहले ही खरीदारी का रुझान दिखने लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर में डीलर्स और ग्राहक बड़ी संख्या में पुराने स्टार-रेटिंग वाले मॉडल्स का स्टॉक कर रहे हैं, ताकि नए नियम लागू होने से पहले खरीदारी की जा सके।

    रिपोर्ट में भारतीय रूम एयर कंडीशनर उद्योग के पिछले दो वर्षों के उतार-चढ़ाव का भी जिक्र किया गया है। कैलेंडर वर्ष 2024 में जहां उद्योग ने करीब 40 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की थी, वहीं 2025 उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। खराब मौसम, जीएसटी बदलाव से जुड़ी बाधाएं, चैनल पर अधिक स्टॉक और आक्रामक ग्राहक सहायता योजनाओं के कारण मांग में अस्थिरता बनी रही और मुनाफे पर दबाव पड़ा।

    आईएमपीएस के जरिए राशि भेजना होगा महंगा
    देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के करोड़ों ग्राहकों के लिए मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) महंगे होने जा रही है। 15 फरवरी से आईएमपीएस के जरिए ज्यादा रकम भेजने पर चार्ज देना होगा।

    अभी तक यह सेवा ज्यादातर मामलों में मुफ्त थी। बैंक ने साफ किया है कि 25 हजार रुपये तक आईएमपीएस के जरिए ऑनलाइन से पैसे भेजना पहले की तरह बिल्कुल मुफ्त रहेगा, जिससे आम ग्राहकों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन उससे ज्यादा की धनराशि भेजने पर शुल्क लगेगा।

    बैंक के नए नियमों के हिसाब से ऑनलाइन चैनल के जरिए 25,000 से ज्यादा रकम भेजने पर शुल्क देना होगा। जैसे-जैसे रकम बढ़ेगी, शुल्क भी बढ़ता जाएगा। आईएमपीएस के जरिए 25 हजार से एक लाख रुपये तक भेजने पर दो रुपये शुल्क और उसके ऊपर जीएसटी देनी होगा।

    इसी तरह से एक से दो लाख पर छह फीसदी सेवा शुल्क और ऊपर से जीएसटी अतिरिक्त लगेगी। वहीं, दो से पांच लाख रुपये की धनराशि आईएमपीएस के माध्यम से ट्रांसफर करने पर 10 शुल्क और जीएसटी देना होगा। अगर ग्राहक शाखा से आईएमपीएस करता है तो वहां पहले से ही चार्ज लगता आ रहा है जो आगे भी जारी रहेगा।

    बैंक की तरफ से कहा गया कि वेतन खातों और पेंशन खाताधारकों को आईएमपीएस शुल्क से छूट मिलती रहेगी, जिनमें शौर्य फैमिली पेंशन खाते समेत कई खास खाते शामिल हैं।

  • नारायणपुर महिला कॉलेज में पीएम-उषा फंड से बिना टेंडर के करोड़ों की खरीदी, प्राचार्य समेत पांच निलंबित

    नारायणपुर महिला कॉलेज में पीएम-उषा फंड से बिना टेंडर के करोड़ों की खरीदी, प्राचार्य समेत पांच निलंबित


    रायपुर । छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के महिला कॉलेज में पीएम-उषा फंड से बिना टेंडर के करोड़ों रुपये की खरीदी करने का मामला सामने आया है जिसे लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। इस वित्तीय अनियमितता और खरीदी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में कॉलेज के प्राचार्य और तीन सहायक प्राध्यापकों समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला महासमुंद जिले के बाद सामने आया है, जहां भी इसी तरह की अनियमितताएं पाई गई थीं। अब नारायणपुर जिले में भी बिना निविदा टेंडर प्रक्रिया अपनाए पीएम-उषा फंड से खरीदी की गई है जिससे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
    क्या है पूरा मामला
    नारायणपुर जिले के नवीन वीरांगना रमोतिन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय में पीएम उषा फंड से खरीदी किए गए उपकरणों और सामग्रियों को लेकर सवाल उठ रहे थे। नियमों के अनुसार, जब सरकारी फंड से किसी प्रकार की खरीदारी होती है तो टेंडर प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होता है लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया पूरी तरह से नजरअंदाज की गई। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र कुमार पटेल और सहायक प्राध्यापकों भूषण जय गोयल, किशोर कुमार कोठारी, हरीश चंद बैद और नोहर राम को निलंबित कर दिया है। विभाग ने इन आरोपियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करने का फैसला किया है।

    उच्च शिक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया

    उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि विभाग लगातार भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में कड़ी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी फंड का सही उपयोग हो और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं। यह मामला उन लाखों छात्रों और शिक्षकों के लिए एक बड़ा संदेश है जिनका भविष्य सरकारी योजनाओं और फंड्स पर निर्भर करता है। इसके अलावा इससे यह भी साबित होता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी तरह के गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

  • कॉमनवेल्थ कॉन्फ्रेंस में 42 देशों के प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा, बांग्लादेश-पाकिस्तान ने बनाई दूरी

    कॉमनवेल्थ कॉन्फ्रेंस में 42 देशों के प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा, बांग्लादेश-पाकिस्तान ने बनाई दूरी


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) गुरुवार को 28वीं कॉमनवेल्थ कॉन्फ्रेंस (Commonwealth Conference) का उद्घाटन करने जा रहा हैं। इस बार इस कॉन्फ्रेंस में 56 में से 42 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। वहीं भारत (India) से चिढ़े बांग्लादेश और पाकिस्तान (Bangladesh and Pakistan) ने इससे दूरी बना ली है। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला (Lok Sabha Speaker Om Birla) ने कहा कि इस बार सबसे ज्यादा देश इस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने वाले हैं। इस बार ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूके भी इसमें शामिल होंगे।

    बिड़ला ने कहा कि बांग्लादेश से हो सकता है कि कोई भी इस कॉन्फ्रेंस में शामिल ना हो। वहीं पाकिस्तान भी इसमें हिस्सा नहीं लेगा। यह कॉन्फ्रेंस 14 से 16 जनवरी तक संविधान सदन में होगी। इसमें कम से कम 61 अधिकारी और प्रिसाइडिंग ऑफिसर शामिल होंगे। उन्होंने कहा, यह बहुत ही गर्व का विषय है कि इस बार भारत इस कॉन्फ्रेंस की मेजबानी कर रहा है और इसमें सबसे ज्यादा देश शामिल हो रहे हैं।

    इस कॉन्फ्रेंस में सदस्य देशों को बुलाने के लिए सारे प्रोटोकॉल को अपनाया गया है। सभी सदस्य देशों को समय रहते ही इसकी औपचारिक सूचना दे दी गई थी। उन्हें बाकायदा निमंत्रण भेजा गया। इसके अलावा वेबसाइट पर भी सभी देशों का नमंत्रण पत्र अपलोड किया गया है। इतने सारे देशों ने कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने की पुष्टि कर दी लेकिन पाकिस्तान और बांगलादेश की ओर से कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी गई।

    अब इस कॉन्फ्रेंस में केवल दो दिन शेष बचे हैं। ऐसे में अब उनके भाग लेने की कोई संभावना नहीं बची है। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की भारत के प्रति चिढ़ और ज्यादा बढ़ गई है। वहीं बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूसुफ की अंतरिम सरकार और इस्लामाबाद में खूब गंठ रही है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है और भारत के खिलाफ जहर उगला जा रहा है। बांग्लादेश में भी हालात स्थिर नहीं हैं। कुल मिलाकर बांग्लादेश का हाल भी पाकिस्तान के जैसा हो रहा है। ऐसे में दोनों एक दूसरे को खूब भा रहे हैं लेकिन भारत उन्हें फूटी आंख भी नहीं सुहाता है।

  • महाराणा प्रताप सेना का दावा… अजमेर शरीफ दरगाह पहले था शिव मंदिर, कोर्ट से ASI सर्वे की मांग

    महाराणा प्रताप सेना का दावा… अजमेर शरीफ दरगाह पहले था शिव मंदिर, कोर्ट से ASI सर्वे की मांग


    अजमेर।
    अजमेर जिला अदालत (Ajmer District Court) में एक याचिका दायर कर दावा किया गया है कि अजमेर शरीफ दरगाह (Ajmer Sharif Dargah) मूल रूप से एक शिव मंदिर (Shiva Temple) है। महाराणा प्रताप सेना (Maharana Pratap Army) के अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार द्वारा दाखिल इस याचिका में एएसआई सर्वेक्षण (ASI survey) की मांग की गई है। उनका कहना है कि मंदिर को बदलकर दरगाह बनाया गया था जिसे लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले भी हिंदू सेना ऐसी मांग कर चुकी है।


    महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्ष ने डाली अर्जी

    अजमेर की अदालत में महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने एक अर्जी दी है। अपनी याचिका में राजवर्धन सिंह ने दावा किया कि अजमेर दरगाह पहले एक शिव मंदिर था जिसे बाद में दरगाह बना दिया गया। उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर काफी समय से कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले राष्ट्रपति को भी एक प्रार्थना पत्र दिया गया था जिसे आगे की कार्रवाई के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव को भेज दिया गया है।


    विष्णु गुप्ता भी कर चुके हैं ऐसा ही दावा

    वकील एपी सिंह ने कहा कि यह जगह भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर था। यह प्राचीन कालीन स्थल है। याचिका अजमेर की जिला अदालत में पेश की गई है। साल 2024 में हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने भी ऐसी ही एक याचिका दायर की थी जिसमें कहा गया था कि सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह एक मंदिर के ऊपर बनी है। उन्होंने ने भी अदालत से दरगाह को हिंदू मंदिर घोषित करने की मांग की थी।


    पवित्र मुस्लिम स्थलों में शुमार

    बता दें कि अजमेर शरीफ दरगाह को भारत के पवित्र मुस्लिम धर्म स्थलों में गिना जाता है। यह अजमेर का एक मशहूर ऐतिहासिक स्थान है। सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती फारस से 1192 ईस्वी में अजमेर आए थे और 1236 ईस्वी में अपनी मृत्यु तक यहीं रहे। मुगल बादशाह हुमायूं ने उनकी याद में इस दरगाह का निर्माण करवाया था। यहां उनकी मजार मौजूद है। अपने शासन के दौरान मुगल सम्राट अकबर भी हर साल अजमेर की यात्रा पर आता था।

  • मुम्बई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेश-म्यांमार से आए हजारों मुसलमान…

    मुम्बई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेश-म्यांमार से आए हजारों मुसलमान…


    मुंबई।
    हाल के दिनों में भारत (India) में घुसपैठियों (Intruders) का मुद्दा काफी गर्म है। असम (Assam ) से लेकर पश्चिम बंगाल (West Bengal) और अन्य सीमावर्ती राज्यों में यही चर्चा में है। एसआईआर (ASI) के जरिए वोटर लिस्ट (Voter list) में सुधार करके घुसपैठियों को बाहर निकालने की कवायद चल रही है। इस बीच मुंबई से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है। इसके मुताबिक मुंबई में बड़ी संख्या में मुसलमान (Muslim) बांग्लादेश और म्यांमार (Bangladesh and Myanmar) से अवैध रूप से लोग आकर बसे हुए हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इन लोगों ने यहां आने के बाद वोटर कार्ड और आधार कार्ड जैसे वैध भारतीय पहचान पत्र बनवा लिए हैं। जिस प्रक्रिया के जरिए इन अवैध प्रवासियों को मुंबई में बसाया जा रहा है, उसे ‘मलवानी पैटर्न’ कहा जाता है।


    कुल 61 इलाके

    रिपोर्ट में बताया गया है कि मुंबई में कुल ऐसे 61 इलाके चिह्नित किए गए हैं, जहां पर अवैध प्रवासी मिले हैं। इस रिपोर्ट के कुल कुल सात हजार से अधिक लोगों से इंटरव्यू किए गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि इंटरव्यू में यह सामने आया कि इसमें से 3014 लोगों ने बिना वीजा-पासपोर्ट के ही भारत में एंट्री की। इसमें भी 96 फीसदी लोग मुसलमान हैं जो बांग्लादेश और म्यांमार से भारत में आए हुए हैं। इस रिसर्च को अंजाम देने वाले एक प्रोफेसर ने बताया कि गरीब लोग बांग्लादेश छोड़ देते हैं। वह भारत में आते हैं और यहां आकर जाली दस्तावेज बनवा लेते हैं। यहां पर वो वोटर बन जाते हैं और नगर निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में वोट डालने लगते हैं। ‘ग्रे रेलिजियस नेटवर्क’ के चलते इनकी संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है।


    एजेंटों की कारगुजारी

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अवैध प्रवासियों के पास नकली दस्तावेज आता कहां से है। इसमें बताया गया है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में एजेंट्स हैं। यह लोग सात हजार से लेकर 30 हजार रुपए तक में सभी पहचान पत्र मुहैया करा देते हैं। रिसर्च में शामिल प्रोफेसर ने बताया कि अवैध रूप से भारत आने वाला स्थानीय एजेंट से मिलता है। इसके बाद एजेंट एक तय कीमत पर उन्हें वोटर कार्ड से लेकर आधार और पैन कार्ड तक मुहैया कराता है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम पिछले 12-13 साल से काम कर रहा है। इससे अवैध प्रवासियों के लिए भारत में बसना आसान हो जाता है। एक बार वोटर कार्ड मिल जाने के बाद इनके लिए चीजें काफी आसान हो जाता है।


    स्थानीय नेताओं की कारगुजारी

    रिपोर्ट में यह भी बताया कि मुंबई में छह विधानसभा क्षेत्रों, एक लोकसभा सीट और 56 म्यूनिसिपल वार्डों में इन अवैध वोटरों का असर है। इसके मुताबिक जितने लोगों का सर्वे किया गया, उनमें से 73 फीसदी लोगों के पास वोटर कार्ड मौजूद था। अवैध प्रवासियों को बसाने के लिए किसी दलदली इलाके में एक अवैध बस्ती बसाई जाती है। इसके बाद बिना डोम के मस्जिद बनाई जाती है। स्थानीय प्रभावशाली नेता इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाते हैं। इसके बाद नकली दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। फिर स्थानीय वोटर लिस्ट में बदलाव कर दिया जाता है। फिर उनके फंडिंग का इंतजाम किया जाता है।