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  • नवरात्रि का 6वां दिन: मां कात्यायनी की पूजा से मिलेंगे विशेष लाभ, जानिए पूजा विधि और मंत्र

    नवरात्रि का 6वां दिन: मां कात्यायनी की पूजा से मिलेंगे विशेष लाभ, जानिए पूजा विधि और मंत्र

    नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि का आज मंगलवार को छठवां दिन है। मां कात्यायनी नवरात्रि के छठे दिन पूजी जाने वाली देवी दुर्गा का छठा स्वरूप हैं। मां कात्यायनी की पूजा करने से जीवन में साहस, धर्म और विजय की प्राप्ति होती है। देवी पुराणों और विशेष रूप से देवी भागवत पुराण में मां कात्यायनी को आदिशक्ति का अत्यंत शक्तिशाली स्वरूप बताया गया है।

    मां कात्यायनी का स्वरूप

    मां कात्यायनी का वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला और उनका रूप अत्यंत तेज से परिपूर्ण है। उनका वाहन सिंह है और वे चार भुजाओं में तलवार और कमल धारण किए हुए हैं। एक हाथ अभय मुद्रा और दूसरा वर मुद्रा में है। देवी पुराणों में उनका स्वरूप दिव्य, तेजपूर्ण और युद्धशील बताया गया है।

    पूजा करने के लाभ

    पौराणिक मान्यता के अनुसार, महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री रूप में जन्म लिया, इसलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, विवाह में बाधाएं समाप्त होती हैं और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। विशेष रूप से कुंवारी कन्याओं के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है। यह देवी शत्रुओं पर विजय, आत्मबल और साहस में वृद्धि का प्रतीक भी हैं।

    मां कात्यायनी की पूजा विधि

    सुबह स्नान कर नारंगी रंग के कपड़े पहनें, क्योंकि मंगलवार को यह रंग शुभ माना जाता है। मां को नारंगी फूल जैसे गेंदा अर्पित करें, कुमकुम और अक्षत चढ़ाएं। माता के समक्ष एक पान चढ़ाएं और अपनी मनोकामना कहकर देवी से प्रार्थना करें। माता की कथा पढ़ें और सुबह-शाम आरती करें। इस दिन दान में लोगों को संतरा, शहद, कपड़े और जूते-चप्पल आदि दान करें। विवाहितों को पूजा के बाद सुहाग की सामग्री भी दान करनी चाहिए।

    मां कात्यायनी का भोग

    मां कात्यायनी को शहद का भोग अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा हलवा या मीठा पान भी भोग में लगाया जा सकता है।

    मां कात्यायनी का मंत्र

    मूल बीज मंत्र है: “ॐ देवी कात्यायन्यै नमः”। विवाह प्राप्ति के लिए विशेष मंत्र: “कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥”। तांत्रिक मंत्र है: “ॐ ह्रीं क्लीं कात्यायन्यै नमः”। मंत्र जाप का सबसे प्रभावी समय ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) माना गया है। नवरात्रि में किए गए जाप का प्रभाव कई गुना अधिक होता है। मंत्र का कम से कम 108 बार (एक माला) जाप करना चाहिए।

    मां कात्यायनी की आरती

    जय जय अम्बे, जय कात्यायनी,
    जय जगमाता, जग की महारानी।
    बैजनाथ स्थान तुम्हारा,
    वहां वरदाती नाम पुकारा।कई नाम हैं, कई धाम हैं,
    यह स्थान भी तो सुखधाम है।
    हर मंदिर में जोत तुम्हारी,
    कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी।
    हर जगह उत्सव होते रहते,
    हर मंदिर में भक्त हैं कहते।
    कात्यायनी रक्षक काया की,
    ग्रंथि काटे मोह माया की।
    झूठे मोह से छुड़ाने वाली,
    जय जय अम्बे, जय कात्यायनी।
    जय जगमाता, जग की महारानी,
    अपना नाम जपाने वाली।
    बृहस्पतिवार को पूजा करियो,
    ध्यान कात्यायनी का धरियो।
    हर संकट को दूर करेगी,
    भंडारे भरपूर करेगी।
    जो भी मां को भक्त पुकारे,
    कात्यायनी सब कष्ट निवारे।
    जय जय अम्बे, जय कात्यायनी,
    जय जगमाता, जग की महारानी।

    (नोट- यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम किसी भी तरह की मान्यता व परिणाम की पुष्टि नहीं करते हैं।)

  • चैत्र नवरात्रि 2026 में कन्फ्यूजन खत्म एक ही दिन पड़ रही अष्टमी और नवमी जानिए पूजा का सही मुहूर्त

    चैत्र नवरात्रि 2026 में कन्फ्यूजन खत्म एक ही दिन पड़ रही अष्टमी और नवमी जानिए पूजा का सही मुहूर्त

    नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का पर्व हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है और इसमें अष्टमी तथा नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है इन दोनों दिनों में भक्त कन्या पूजन कर व्रत का पारण करते हैं लेकिन वर्ष 2026 में स्थिति कुछ अलग बन रही है जिससे कई लोगों के मन में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है दरअसल इस बार अष्टमी और नवमी दोनों तिथियां एक ही दिन पड़ रही हैं जिसके कारण यह सवाल उठ रहा है कि पूजा किस दिन करना अधिक शुभ रहेगा

    पंचांग के अनुसार 26 मार्च 2026 को अष्टमी तिथि सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक रहेगी इसके बाद नवमी तिथि आरंभ हो जाएगी यही कारण है कि इस दिन दोनों तिथियों का विशेष संयोग बन रहा है चूंकि राम नवमी की पूजा परंपरागत रूप से मध्याह्न काल में की जाती है इसलिए 26 मार्च का दिन इस दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है ज्योतिष विद्वानों के अनुसार जब नवमी तिथि मध्याह्न में उपस्थित होती है तो उसी दिन राम नवमी मनाना अधिक शुभ माना जाता है

    ऐसे में 26 मार्च को सुबह के समय अष्टमी की पूजा और कन्या पूजन करना उत्तम रहेगा इस दिन सुबह 6 बजकर 16 मिनट से 7 बजकर 48 मिनट तक का समय विशेष रूप से शुभ माना गया है इस दौरान माता की पूजा अर्चना और कन्या पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है इसके बाद नवमी तिथि शुरू होते ही भगवान श्रीराम की पूजा की जा सकती है

    राम नवमी की पूजा का शुभ समय 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक रहेगा इस अवधि में मध्याह्न का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है जो लगभग 12 बजकर 27 मिनट पर आता है मान्यता है कि इसी समय भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था इसलिए इस समय पूजा करने का विशेष महत्व होता है

    हालांकि कुछ लोग उदया तिथि को अधिक महत्व देते हैं ऐसे में वे 27 मार्च 2026 को राम नवमी मनाना उचित मानते हैं इस दिन भी नवमी तिथि सुबह 10 बजकर 6 मिनट तक रहेगी और पूजा का समय लगभग वही रहेगा जो 26 मार्च को है यानी सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक पूजा की जा सकती है

    कुल मिलाकर इस वर्ष अष्टमी और नवमी का संयोग एक ही दिन होने के कारण 26 मार्च का महत्व अधिक बढ़ गया है यही वजह है कि अधिकांश लोग इसी दिन दोनों पर्व मनाना पसंद करेंगे हालांकि परंपराओं और व्यक्तिगत मान्यताओं के अनुसार कुछ लोग 27 मार्च को भी राम नवमी मना सकते हैं

    इस विशेष संयोग में सबसे जरूरी बात यह है कि पूजा पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ की जाए क्योंकि सच्ची भक्ति ही भगवान तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग है चाहे आप 26 मार्च को पूजा करें या 27 मार्च को यदि विधि विधान और आस्था के साथ आराधना की जाए तो निश्चित रूप से शुभ फल की प्राप्ति होती है

  • विज्ञान भी हैरान ज्वाला देवी मंदिर में जलती प्राकृतिक ज्योतियों का अनोखा रहस्य

    विज्ञान भी हैरान ज्वाला देवी मंदिर में जलती प्राकृतिक ज्योतियों का अनोखा रहस्य


    नई दिल्ली । भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है यहां स्थित देवी मंदिर न केवल आस्था के केंद्र हैं बल्कि अपने भीतर कई अनसुलझे रहस्य भी समेटे हुए हैं इन्हीं में से एक है हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित ज्वाला देवी मंदिर जो भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र और रहस्यमयी स्थल माना जाता है इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां किसी देवी की मूर्ति नहीं है बल्कि चट्टानों के बीच से निकलती प्राकृतिक ज्वालाओं को ही देवी का स्वरूप मानकर पूजा की जाती है

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक है कहा जाता है कि जब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से देवी सती के शरीर के टुकड़े किए थे तब उनकी जीभ यहां गिरी थी इसी कारण यहां देवी ज्वाला के रूप में प्रकट हुईं और तभी से यह स्थान श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है मंदिर के गर्भगृह में चट्टानों के बीच से नौ अलग अलग ज्वालाएं निकलती हैं जो लगातार जलती रहती हैं इन ज्वालाओं को नौ दुर्गा का स्वरूप माना जाता है जिनमें महाकाली की ज्वाला सबसे प्रमुख और बड़ी मानी जाती है जबकि अन्य ज्वालाएं अन्नपूर्णा चंडी हिंगलाज विंध्यवासिनी महालक्ष्मी सरस्वती अंबिका और अंजनी के रूप में पूजी जाती हैं

    सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ये ज्वालाएं सदियों से बिना किसी तेल बाती या घी के निरंतर जल रही हैं यही कारण है कि यह मंदिर आस्था के साथ साथ रहस्य का भी केंद्र बना हुआ है विज्ञान ने भी इस रहस्य को समझने की कई कोशिशें की हैं वैज्ञानिकों का मानना है कि यह ज्वालाएं संभवतः धरती के भीतर से निकलने वाली प्राकृतिक गैस के कारण जलती हैं लेकिन कई वर्षों तक की गई जांच और गहराई तक खुदाई के बावजूद गैस का स्पष्ट स्रोत नहीं मिल पाया है जिससे यह रहस्य आज भी पूरी तरह सुलझ नहीं सका है

    इतिहास में भी इस मंदिर से जुड़ी कई रोचक घटनाएं मिलती हैं कहा जाता है कि मुगल सम्राट अकबर ने इन ज्वालाओं की सत्यता को परखने के लिए उन्हें बुझाने की कोशिश की थी उन्होंने लोहे की प्लेट और पानी का उपयोग किया लेकिन ज्वालाएं बुझ नहीं सकीं इस घटना के बाद उन्होंने देवी की शक्ति को स्वीकार करते हुए मंदिर में सोने का छाता अर्पित किया हालांकि मान्यता है कि वह छाता बाद में किसी अन्य धातु में परिवर्तित हो गया जिसने इस चमत्कार को और भी रहस्यमयी बना दिया

    मंदिर परिसर में स्थित एक और अनोखी जगह है जिसे गोरख डिब्बी कहा जाता है यह एक छोटा कुंड है जिसमें पानी देखने में उबलता हुआ प्रतीत होता है लेकिन जब कोई उसे छूता है तो वह ठंडा महसूस होता है यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आश्चर्य और आस्था का अनूठा अनुभव बन जाता हैज्वाला देवी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि विश्वास और रहस्य का अद्भुत संगम है यहां की प्राकृतिक ज्वालाएं आज भी लोगों के लिए आस्था का प्रतीक बनी हुई हैं और यही कारण है कि हर साल लाखों श्रद्धालु इस दिव्य स्थान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं

  • 24 मार्च का राशिफल: आज कैसा रहेगा आपका दिन ? यहां पढ़े सभी राशियों का हाल

    24 मार्च का राशिफल: आज कैसा रहेगा आपका दिन ? यहां पढ़े सभी राशियों का हाल

    राशिफल। आज मंगलवार, 24 मार्च 2026 को ग्रहों की चाल के अनुसार कई राशियों के लिए दिन मिलाजुला रहेगा। कुछ जातकों को आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है, तो कुछ को संबंधों और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा। आइए जानते सभी 12 राशियों के बारे में…

    मेष राशि (Aries)

    आज मेष राशि के जातकों को खर्चों को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन रुका हुआ धन मिलने से राहत भी मिलेगी। परिवार और जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी है। पुराने मित्र से मुलाकात मन हल्का करेगी और शिक्षा से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में सावधानी रखें क्योंकि जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। खर्च अधिक रहेंगे, लेकिन उधार दिया धन वापस मिल सकता है। जीवनसाथी से कहासुनी होने की संभावना है, इसलिए संयम बनाए रखें। मानसिक तनाव से बचें। शुभ रंग लाल और शुभ अंक 1 हैं।

    वृषभ राशि (Taurus)

    वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन थोड़ा उलझन भरा रहेगा, लेकिन भाग्य का साथ मिलने से काम पूरे होंगे। परिवार और भाइयों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रह सकता है, इसलिए सतर्क रहें। धार्मिक गतिविधियों में मन लगेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता और सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। शुभ रंग सफेद और शुभ अंक 6 हैं।

    मिथुन राशि (Gemini)

    आज मिथुन राशि के जातकों के लिए दिन लाभकारी रहेगा। जीवनसाथी के सहयोग से कार्य पूरे होंगे और आय में वृद्धि होगी। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। निवेश में लाभ मिलने के योग हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता और सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी और निवेश से लाभ होगा। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग हरा और शुभ अंक 5 हैं।

    कर्क राशि (Cancer)

    कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। नई खुशखबरी मिल सकती है। वाहन खरीदने का योग है और कानूनी कार्य पूरे हो सकते हैं। माता का आशीर्वाद मिलेगा, लेकिन निर्णय लेने में थोड़ी दुविधा रह सकती है। कार्यों में सफलता और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार का सहयोग प्राप्त होगा और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग सफेद और शुभ अंक 2 हैं।

    सिंह राशि (Leo)

    सिंह राशि वालों के लिए आज साझेदारी में काम करने वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। किसी डील से लाभ मिलेगा, लेकिन भरोसा सोच-समझकर करना जरूरी है। परिवार के साथ घूमने का प्लान बन सकता है और रिश्तेदारों से सहयोग मिलेगा। साझेदारी में सफलता मिलेगी, सतर्क रहें। डील से अच्छा लाभ होगा। परिवार और रिश्तों में खुशी बनी रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग सुनहरा और शुभ अंक 3 हैं।

    कन्या राशि (Virgo)

    कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन अत्यंत लाभकारी रहेगा। ऑनलाइन काम करने वालों को बड़ा ऑर्डर मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रशंसा मिलेगी और आय में वृद्धि होगी। रुके हुए काम पूरे होंगे और नौकरी बदलने के प्रयास सफल रहेंगे। नई जिम्मेदारियां और अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि और लाभ के योग हैं। प्रेम संबंधों में समझदारी जरूरी है और स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग हरा और शुभ अंक 5 हैं।

    तुला राशि (Libra)

    तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण रहेगा। मेहनत का पूरा फल मिलेगा और व्यापार में अच्छी डील हो सकती है। परिवार की उलझनें सुलझेंगी और वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता और नए अवसर मिलेंगे। आर्थिक लाभ होगा। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग गुलाबी और शुभ अंक 6 हैं।

    वृश्चिक राशि (Scorpio)

    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहेगा। काम का दबाव बढ़ सकता है, जिससे मानसिक तनाव होगा। अचानक कई जिम्मेदारियां आ सकती हैं। परिवार से जुड़ी अच्छी खबर मिलेगी, लेकिन जीवनसाथी से तालमेल बनाए रखना जरूरी है। कार्यक्षेत्र में दबाव रहेगा, धैर्य रखें। आय सामान्य रहेगी। जीवनसाथी से मतभेद हो सकता है। मानसिक तनाव से बचें। शुभ रंग लाल और शुभ अंक 9 हैं।

    धनु राशि (Sagittarius)

    धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। प्रेम जीवन में खुशियां रहेंगी और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और नई योजनाओं की शुरुआत कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता और प्रगति होगी। निवेश के लिए दिन अच्छा है। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग पीला और शुभ अंक 3 हैं।

    मकर राशि (Capricorn)

    मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहतरीन रहेगा। सामाजिक क्षेत्र में सम्मान मिलेगा और परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और नए अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में नए अवसर और सफलता मिलेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग नीला और शुभ अंक 8 हैं।

    कुंभ राशि (Aquarius)

    कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन खुशनुमा रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और व्यापार में यात्रा के योग बनेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है, खासकर खान-पान को लेकर सतर्क रहें। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। आय सामान्य रहेगी। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। शुभ रंग आसमानी और शुभ अंक 8 हैं।

    मीन राशि (Pisces)

    मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। चिंताओं से मुक्ति मिलेगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और परिवार में रिश्ते सुधरेंगे। भविष्य के लिए बचत पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। बचत और निवेश के योग हैं। रिश्तों में सुधार होगा और स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग पीला और शुभ अंक 7 हैं।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

  • लंबा कार्यकाल और निर्णायक नेतृत्व: पीएम मोदी पर महंत भक्ति चरण दास महाराज की प्रशंसा

    लंबा कार्यकाल और निर्णायक नेतृत्व: पीएम मोदी पर महंत भक्ति चरण दास महाराज की प्रशंसा


    नई दिल्ली:भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश में चुनी हुई सरकार के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले नेता बनकर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने अपने कार्यकाल के 8931 दिन पूरे कर लिए हैं, जिससे उन्होंने पूर्व रिकॉर्डधारक Pawan Kumar Chamling का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।

    इस उपलब्धि को लेकर संत समाज और विभिन्न आध्यात्मिक संगठनों ने प्रधानमंत्री की जमकर सराहना की है। महंत भक्ति चरण दास महाराज ने इस मौके पर प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि उनका नेतृत्व स्थिरता, समर्पण और निर्णायकता का प्रतीक है। उन्होंने इस उपलब्धि को केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि देश की राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

    महंत भक्ति चरण दास महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार देश की सेवा में समर्पित रहे हैं और बिना थके विकास के कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इसे एक संत की तरह सेवा भावना से जोड़ा और कहा कि यह नेतृत्व राष्ट्र निर्माण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह 8931 दिनों की यात्रा केवल समय का आंकड़ा नहीं, बल्कि निरंतर कार्य और समर्पण का प्रतीक है।

    प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक सफर भी काफी व्यापक रहा है। वे पहले Gujarat Chief Minister के रूप में लंबे समय तक सेवा कर चुके हैं, जहां उन्होंने विकास और सुशासन के कई मॉडल पेश किए। उनके नेतृत्व में गुजरात को विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में देखा गया।

    इसके बाद जब उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली, तो उन्होंने शासन को केवल प्रशासन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे परिवर्तन का माध्यम बनाया। डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास जैसे कई बड़े कार्यक्रम उनके कार्यकाल में आगे बढ़े।

    संत समाज का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। भारतीय संस्कृति, धर्म और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत पहचान दिलाने में भी उनका योगदान रहा है। इस कारण देश की सांस्कृतिक छवि और अधिक सुदृढ़ हुई है।

    महंत भक्ति चरण दास महाराज ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आगे भी विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ता रहेगा। साथ ही देश अपने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को भी संरक्षित रखेगा।

    यह उपलब्धि न केवल एक राजनीतिक मील का पत्थर है, बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।

  • Sprouts Health Tips: हर किसी को नहीं सूट करता अंकुरित आहार, ये लोग जरूर बरतें सावधानी

    Sprouts Health Tips: हर किसी को नहीं सूट करता अंकुरित आहार, ये लोग जरूर बरतें सावधानी


    नई दिल्ली:अंकुरित अनाज या स्प्राउट्स आज के समय में सेहत के प्रति जागरूक लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुके हैं। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह आहार शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ मांसपेशियों और कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करता है। लेकिन क्या यह सभी के लिए समान रूप से फायदेमंद है? आयुर्वेद के अनुसार इसका जवाब है नहीं।

    आयुर्वेद में अंकुरित आहार को संतुलित तरीके से और सही व्यक्ति के लिए ही उपयुक्त माना गया है। अंकुरित आहार पचने में थोड़ा भारी होता है और अगर इसे गलत तरीके से खाया जाए तो यह शरीर में वात दोष को बढ़ा सकता है। इससे गैस, पेट फूलना और शरीर में रूखापन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए विशेषज्ञ हमेशा इसे सीमित मात्रा में और सही तरीके से खाने की सलाह देते हैं।

    विशेष रूप से उन लोगों को अंकुरित आहार से सावधान रहना चाहिए जिनका पाचन कमजोर है। अगर किसी व्यक्ति को कब्ज, अपच या मंद पाचन की समस्या रहती है, तो उन्हें स्प्राउट्स का सेवन कम या बंद कर देना चाहिए। कमजोर पाचन तंत्र में यह आहार सही तरीके से पच नहीं पाता और इससे शरीर में टॉक्सिन्स बनने लगते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

    इसके अलावा, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी अंकुरित आहार देने से बचना चाहिए। इस उम्र में पाचन तंत्र अपेक्षाकृत कमजोर होता है, जिससे स्प्राउट्स का पाचन कठिन हो सकता है। इसी तरह जिन लोगों का स्वभाव वात प्रधान होता है, उन्हें भी इसका सेवन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि यह वात को और बढ़ा सकता है।

    अंकुरित आहार का सेवन करते समय उसकी सही विधि भी बेहद महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद के अनुसार, स्प्राउट्स को कच्चा खाने से बचना चाहिए। बेहतर है कि उन्हें हल्का उबालकर या पकाकर, घी या तेल के साथ खाया जाए। इससे पाचन आसान होता है और शरीर को अधिकतम पोषण मिल पाता है।

    एक और जरूरी बात यह है कि अंकुरित अनाज को सही समय पर खाया जाए। अंकुरण के तुरंत बाद ही इसका सेवन करना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि अधिक समय तक रखने पर इसके पोषक तत्वों में कमी आ सकती है। ताजे स्प्राउट्स शरीर के लिए अधिक लाभकारी होते हैं।

    अंकुरित आहार को अपनी डाइट में शामिल करते समय संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसे अपनी संपूर्ण डाइट का एक हिस्सा बनाएं, न कि पूरी डाइट का विकल्प। सही मात्रा, सही तरीका और सही व्यक्ति के अनुसार इसका सेवन करने पर यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
    अंकुरित आहार एक पौष्टिक विकल्प जरूर है, लेकिन यह हर किसी के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं है। अपनी शारीरिक प्रकृति और पाचन क्षमता को ध्यान में रखते हुए ही इसका सेवन करना चाहिए, ताकि इसका लाभ मिले और कोई नुकसान न हो।

  • मुझे पसंद नहीं यह नियम’-अक्षर पटेल ने IPL के इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर उठाए सवाल

    मुझे पसंद नहीं यह नियम’-अक्षर पटेल ने IPL के इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली:Axar Patel ने इंडियन प्रीमियर लीग में लागू ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम को लेकर अपनी असहमति खुलकर जाहिर की है। Delhi Capitals के कप्तान के तौर पर उन्होंने साफ कहा कि यह नियम उन्हें व्यक्तिगत रूप से पसंद नहीं है, क्योंकि इससे ऑलराउंडर खिलाड़ियों की भूमिका कमजोर हो रही है।

    एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अक्षर पटेल ने कहा कि पहले टीम संतुलन बनाने के लिए ऑलराउंडर बेहद अहम होते थे, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देते थे। लेकिन ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम आने के बाद टीम मैनेजमेंट अब किसी विशेष बल्लेबाज या गेंदबाज को प्राथमिकता देता है। ऐसे में ऑलराउंडर की जरूरत कम होती जा रही है। उनके मुताबिक यह बदलाव खेल के मूल संतुलन को प्रभावित करता है।

    अक्षर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह हमेशा टीम की जरूरत के हिसाब से खुद को ढालते आए हैं। इसी वजह से उन्हें ‘क्राइसिस मैन’ का टैग भी मिला है। उन्होंने बताया कि कभी उन्हें फिनिशर की भूमिका निभानी होती है, तो कभी मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करनी पड़ती है। कई बार गेंदबाजी में भी अहम जिम्मेदारी उठानी होती है। उनके अनुसार, क्रिकेट एक टीम गेम है और हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका के प्रति लचीला रहना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि अगर खिलाड़ी अपनी पसंद की भूमिका न मिलने पर निराश हो जाए, तो इसका सीधा असर उसके प्रदर्शन पर पड़ता है। इसलिए वह हमेशा टीम की जरूरत को प्राथमिकता देते हैं और उसी मानसिकता के साथ मैदान पर उतरते हैं। अक्षर का मानना है कि जब आप हर परिस्थिति के लिए तैयार रहते हैं, तभी आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं।

    यह पहली बार नहीं है जब अक्षर पटेल ने इस नियम पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले 2024 में भी उन्होंने कहा था कि इस नियम के कारण उनकी बल्लेबाजी पोजिशन प्रभावित हुई थी। गौरतलब है कि Indian Premier League में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम 2023 में लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य मैच को और रोमांचक बनाना था। हालांकि, कई खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने इसे लेकर अलग-अलग राय व्यक्त की है।

    अब जब IPL 2026 का आगाज होने वाला है, तो इस नियम को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। दिल्ली कैपिटल्स की टीम अपना पहला मुकाबला Lucknow Super Giants के खिलाफ 1 अप्रैल को खेलेगी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इस नियम के तहत अपनी रणनीति कैसे तैयार करती है।

    अक्षर पटेल का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि क्रिकेट में नए नियमों को लेकर खिलाड़ियों के बीच अब भी मतभेद मौजूद हैं। आने वाले समय में यह बहस और भी गहराने की संभावना है, खासकर तब जब ऑलराउंडर्स की भूमिका को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।

  • अश्लील कंटेंट पर जीरो टॉलरेंस: ‘टटीरी’ सॉन्ग हटाने में जुटी हरियाणा पुलिस

    अश्लील कंटेंट पर जीरो टॉलरेंस: ‘टटीरी’ सॉन्ग हटाने में जुटी हरियाणा पुलिस

    नई दिल्ली:रैपर Badshah के विवादित गाने ‘टटीरी’ को लेकर Haryana Police ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार अब तक इस गाने से जुड़े कुल 857 लिंक विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटवाए जा चुके हैं। इनमें 154 यूट्यूब वीडियो और 703 इंस्टाग्राम रील्स शामिल हैं, जो इस गाने को प्रमोट या शेयर कर रहे थे।

    यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई है, जिनमें गाने के बोलों में महिलाओं और नाबालिगों के प्रति आपत्तिजनक और अश्लील भाषा के इस्तेमाल की बात सामने आई थी। पुलिस ने इसे समाज के लिए हानिकारक मानते हुए स्पष्ट किया है कि इस तरह के कंटेंट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    पंचकूला पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया है। इन नोटिस में गाने के हर वर्जन—चाहे वह री-अपलोड हो, शॉर्ट वीडियो हो या किसी अन्य फॉर्मेट में—उसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की साइबर टीम लगातार ऐसे कंटेंट की निगरानी कर रही है और नए अपलोड्स को भी ट्रैक कर रही है।

    राज्य के पुलिस महानिदेशक Ajay Singhal ने इस मुद्दे पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों की गरिमा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी दोहराया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जिम्मेदारी बनाए रखना बेहद जरूरी है और इसके लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।

    वहीं, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक Shibash Kabiraj ने सोशल मीडिया यूजर्स को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस गाने पर रील बनाता है, वीडियो शेयर करता है या किसी भी रूप में इसे फैलाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अकाउंट्स को ब्लॉक किया जा सकता है और बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त धाराओं में केस दर्ज होगा।

    यह मामला Panchkula के सेक्टर-20 स्थित साइबर थाना में दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहकर उन यूजर्स की पहचान कर रही हैं, जो इस गाने को फैलाने में शामिल हैं।

    हरियाणा पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शेयर करने से बचें और यदि कहीं ऐसा कंटेंट दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया आज एक शक्तिशाली माध्यम है, इसलिए इसका उपयोग जिम्मेदारी के साथ करना जरूरी है।

    यह कार्रवाई एक बड़े संदेश के तौर पर देखी जा रही है कि अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील और अपमानजनक कंटेंट के खिलाफ सख्ती बढ़ रही है। आने वाले समय में ऐसे मामलों में और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि ऑनलाइन स्पेस को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाया जा सके।

  • युवाओं के दिलों पर राज क्यों करता है BTS? संघर्ष से स्टारडम तक की पूरी कहानी

    युवाओं के दिलों पर राज क्यों करता है BTS? संघर्ष से स्टारडम तक की पूरी कहानी


    नई दिल्ली : दक्षिण कोरिया का मशहूर के-पॉप ग्रुप BTS आज सिर्फ एक म्यूजिक बैंड नहीं, बल्कि युवाओं की भावनाओं और सपनों की आवाज बन चुका है। दुनिया के लगभग हर कोने में इनके फैंस मौजूद हैं, जिन्हें ‘ARMY’ के नाम से जाना जाता है। लेकिन आखिर ऐसा क्या है जिसने इस सात सदस्यों वाले ग्रुप को इतना खास बना दिया कि आज की युवा पीढ़ी इनके नाम से ही उत्साहित हो जाती है।

    इस सफर की शुरुआत साल 2010 में BigHit Entertainment से हुई, जिसे आज HYBE के नाम से जाना जाता है। कंपनी के सीईओ Bang Si-hyuk ने एक अलग तरह का हिप-हॉप ग्रुप बनाने का सपना देखा। इस ग्रुप में सात सदस्यों को जोड़ा गया-RM, Jin, Suga, J-Hope, Jimin, V और Jungkook।

    शुरुआती दौर बेहद कठिन था। सीमित संसाधनों के कारण सभी सदस्य एक छोटे से कमरे में रहते थे और कई बार उनके पास खाने तक के पैसे नहीं होते थे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। 13 जून 2013 को उन्होंने ‘No More Dream’ गाने और ‘2 Cool 4 School’ एल्बम के साथ डेब्यू किया। शुरुआत में उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी मेहनत और जुनून ने धीरे-धीरे लोगों का दिल जीत लिया।

    BTS की सबसे बड़ी ताकत उनका म्यूजिक और मैसेज है। इनके गाने सिर्फ एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, अकेलापन, आत्म-स्वीकृति और जीवन की चुनौतियों जैसे विषयों को छूते हैं। ‘Love Yourself’ जैसी एल्बम सीरीज ने युवाओं को खुद से प्यार करना और अपनी पहचान स्वीकार करना सिखाया। यही कारण है कि आज के दौर में जब युवा मानसिक दबाव और भावनात्मक संघर्ष से जूझ रहे हैं, BTS उनके लिए एक सहारा बन गया है।

    इसके अलावा, BTS अपने फैंस के साथ मजबूत कनेक्शन बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल करता है। वे अपने फैंस से सीधे संवाद करते हैं, जिससे उनके और ARMY के बीच एक खास रिश्ता बन गया है। यही कनेक्शन उन्हें बाकी म्यूजिक ग्रुप्स से अलग बनाता है।

    उनका स्टाइल, डांस और विजुअल प्रेजेंटेशन भी युवाओं को खूब आकर्षित करता है। रंग-बिरंगे बाल, यूनिक फैशन और हाई-एनर्जी परफॉर्मेंस ने उन्हें एक ट्रेंडसेटर बना दिया है। इतना ही नहीं, BTS लैंगिक रूढ़ियों को तोड़ने और अपनी पहचान को खुले तौर पर अपनाने के लिए भी जाना जाता है, जो युवाओं को खुद को एक्सप्रेस करने की प्रेरणा देता है।

    हाल ही में 2026 में उनकी वापसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका क्रेज कम होने वाला नहीं है। BTS आज सिर्फ एक बैंड नहीं, बल्कि एक ग्लोबल मूवमेंट बन चुका है, जो संगीत के जरिए दुनिया भर के युवाओं को जोड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।

  • ट्रंप के अल्टीमेटम से बढ़ा तनाव: रूस ने दी सख्त चेतावनी, परमाणु ठिकानों पर हमले को बताया बेहद खतरनाक

    ट्रंप के अल्टीमेटम से बढ़ा तनाव: रूस ने दी सख्त चेतावनी, परमाणु ठिकानों पर हमले को बताया बेहद खतरनाक


    नई दिल्ली:मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम ने वैश्विक चिंता को और गहरा कर दिया है। इस अल्टीमेटम के बाद जहां ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी, वहीं अब रूस ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखा है। रूस का कहना है कि मौजूदा हालात को युद्ध के बजाय राजनीतिक और रणनीतिक तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए।

    क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने साफ शब्दों में कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने का एकमात्र प्रभावी तरीका संवाद और कूटनीति है। उनका मानना है कि सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं, जिसका असर केवल क्षेत्रीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

    रूस ने खास तौर पर ईरान के बुशहर परमाणु पावर प्लांट पर संभावित हमले की आशंका को बेहद गंभीर बताया है। पेसकोव ने चेतावनी दी कि किसी भी परमाणु सुविधा पर हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा बल्कि इससे मानवीय आपदा भी पैदा हो सकती है, जिसकी भरपाई संभव नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि रूस इस मुद्दे पर अमेरिका तक अपनी चिंताएं स्पष्ट रूप से पहुंचा चुका है।

    इसी बीच, ईरान के नतांज परमाणु परिसर पर हाल ही में हुए हमलों ने भी स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। यह परिसर ईरान के परमाणु कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां यूरेनियम संवर्धन का कार्य होता है। इस पर हुए हमले को रूस ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताते हुए कड़ी निंदा की थी।

    इस मामले में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने भी चिंता व्यक्त की है। हालांकि एजेंसी ने स्पष्ट किया कि किसी प्रकार का रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ, लेकिन उसने एहतियात बरतने और स्थिति पर करीबी नजर रखने की जरूरत पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया तो इसके परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं।

    मौजूदा हालात ऐसे समय में सामने आए हैं जब पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं, और इजरायल भी इस समीकरण का अहम हिस्सा है। ऐसे में किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई पूरे क्षेत्र को बड़े संघर्ष की ओर धकेल सकती है।

    रूस का यह बयान वैश्विक स्तर पर शांति की अपील के रूप में देखा जा रहा है। यह साफ संकेत देता है कि बड़ी शक्तियां अब इस संकट को युद्ध के बजाय बातचीत के जरिए सुलझाने के पक्ष में हैं। हालांकि, आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या संबंधित देश इस सलाह को मानते हैं या फिर यह तनाव एक बड़े संघर्ष का रूप लेता है।