पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह वीभत्स घटना गुरुवार शाम की है जब उत्तरपाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बंद पड़ी हिंद मोटर फैक्ट्री के परिसर में पीड़िता अपनी एक सहेली के साथ गई थी। आरोप है कि वहाँ आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर नाबालिग को बंधक बनाया और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच शुरू की गई। शनिवार को पुलिस ने बताया कि इस मामले में पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपांकर अधिकारी उर्फ सोनाई और एक अन्य नाबालिग के रूप में हुई है।
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पश्चिम बंगाल: हुगली में नाबालिग से दरिंदगी, TMC नेता समेत दो गिरफ्तार; सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक बंद पड़ी फैक्ट्री के भीतर 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि राज्य की सियासत में भी उबाल ला दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस TMC का स्थानीय युवा नेता बताया जा रहा है।दीपांकर अधिकारी इलाके में टीएमसी का सक्रिय युवा चेहरा माना जाता है। वहीं दूसरा आरोपी कथित तौर पर पीड़िता का पूर्व परिचित बताया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। भाजपा की वरिष्ठ नेता और विधायक अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बंगाल में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। पॉल ने दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि एक महिला मुख्यमंत्री के शासन में इस तरह की आपराधिक गतिविधियां आम हो गई हैं।उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है।दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में खुद को कानून के साथ खड़ा बताया है। स्थानीय टीएमसी नेता निताई दासगुप्ता ने स्वीकार किया कि गिरफ्तार आरोपी उनकी पार्टी का सदस्य है लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी तरह के अपराध का समर्थन नहीं करती। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से आरोपी को तुरंत निष्कासित करने की मांग की है। टीएमसी नेता अजय शंकर ने भी दोहराया कि कानून अपना काम करेगा और जो भी दोषी होगा उसे कड़ी सजा भुगतनी होगी। फिलहाल पुलिस अन्य फरार संदिग्धों की तलाश में जुटी है और इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। -

BMC चुनाव से ठीक पहले बीजेपी की बढ़ी टेंशन, अपनों के बयानों से बिगड़ सकते हैं सियासी समीकरण
नई दिल्ली । एशिया के सबसे अमीर नगर निगम बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के चुनाव से ठीक 48 घंटे पहले सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। 15 जनवरी 2026 को होने वाले मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी के लिए हालात आसान नहीं दिख रहे। वजह विपक्ष नहीं, बल्कि पार्टी के अपने नेताओं के बयान हैं, जिन्होंने मुंबई की पहचान और मराठी अस्मिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।चुनावी प्रचार के दौरान बीजेपी की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी। अन्नामलाई ने कहा कि मुंबई सिर्फ महाराष्ट्र का नहीं, बल्कि एक इंटरनेशनल शहर है। उन्होंने मुंबई के 75 हजार करोड़ रुपये के बजट की तुलना चेन्नई और बेंगलुरु से करते हुए इसे वैश्विक शहर बताया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब बीएमसी चुनाव में मराठी अस्मिता एक संवेदनशील और निर्णायक मुद्दा बना हुआ है।अन्नामलाई के बयान को महाराष्ट्र में कई राजनीतिक दलों ने मराठी पहचान पर हमला करार दिया। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे मुंबई को महाराष्ट्र से अलग दिखाने की कोशिश बताया। राज ठाकरे के अलावा शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और बीजेपी पर मराठी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।
इसी बीच उत्तर प्रदेश के जौनपुर से बीजेपी के पूर्व सांसद कृपाशंकर सिंह के एक बयान ने आग में घी डालने का काम किया। चुनाव प्रचार के दौरान सिंह ने कहा कि मीरा-भाईंदर का मेयर उत्तर भारतीय होना चाहिए और इतने हिंदी भाषी पार्षद चुने जाने चाहिए कि महानगर पालिका में उत्तर भारतीय मेयर बने। इस बयान ने भी स्थानीय राजनीति में भूचाल ला दिया।शिवसेना उद्धव गुट और मनसे ने इन बयानों को मुद्दा बनाते हुए बीजेपी की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। मनसे नेता अविनाश जाधव ने कहा कि बीजेपी मराठी लोगों का वोट सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए चाहती है, जबकि असल में पार्टी की नीति उत्तर भारतीय राजनीति को बढ़ावा देने की है। शिवसेना नेताओं ने भी प्रचार में इसे मराठी मानुष के अपमान के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया है।
बढ़ते विवाद के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कई चुनावी सभाओं में दोहराया कि बीजेपी ने कभी मराठी अस्मिता से समझौता नहीं किया है और न ही भविष्य में करेगी। सीएम फडणवीस ने कहा कि बीजेपी ही मराठी मानुष, मराठी माटी और महाराष्ट्र की संस्कृति की सच्ची आवाज है।हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान से ठीक पहले इस तरह के बयान बीजेपी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। बीएमसी जैसे बड़े नगर निगम में स्थानीय पहचान और भावनाएं हमेशा निर्णायक भूमिका निभाती रही हैं। ऐसे में अपनों के बयान चुनावी समीकरणों को अंतिम समय में बदल सकते हैं और इसका सीधा असर मतदान पर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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Lohri 2026 Items: लोहरी की आग में अर्पित करें ये 4 खास चीजें, सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि
नई दिल्ली। भारत के प्रमुख लोक पर्वों में शामिल लोहड़ी इस वर्ष 13 जनवरी 2026 को पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। खासतौर पर उत्तर भारत, पंजाब, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में इस पर्व का विशेष महत्व है। लोहड़ी रबी फसलों की कटाई की शुरुआत, ठंड के मौसम के समापन और बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन किसान अच्छी फसल के लिए ईश्वर का आभार प्रकट करते हैं और आने वाले साल में समृद्धि की कामना करते हैं।लोहड़ी की रात और अग्नि पूजा का महत्व
लोहड़ी की रात को पवित्र अग्नि प्रज्वलित कर उसकी परिक्रमा करने की परंपरा है। मान्यता है कि अग्नि में अर्पित की गई सामग्री के माध्यम से अग्निदेव और सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं। श्रद्धालु अग्नि के चारों ओर घूमते हुए सुख-शांति, स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। यह पर्व सामाजिक एकता और पारिवारिक मेल-मिलाप का भी प्रतीक है।लोहड़ी की पवित्र अग्नि में क्या अर्पित करना होता है शुभ
लोहड़ी के अवसर पर अग्नि में कुछ विशेष चीजें अर्पित करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। माना जाता है कि इन वस्तुओं का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है।तिल: नकारात्मकता से मुक्ति का प्रतीक
लोहड़ी की अग्नि में तिल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तिल पापों का नाश करता है और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। साथ ही तिल वातावरण को भी शुद्ध करता है, जिससे घर और परिवार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।गुड़: रिश्तों में मिठास और सौहार्द
गुड़ को मिठास और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। लोहड़ी की अग्नि में गुड़ डालने से पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों में मधुरता आती है। मान्यता है कि इससे आपसी मतभेद दूर होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।मूंगफली: अच्छी फसल और समृद्धि की कामना
मूंगफली को अन्न का प्रतीक माना जाता है। विशेष रूप से किसानों के लिए लोहड़ी के दिन अग्नि में मूंगफली अर्पित करना बेहद शुभ माना गया है। ऐसा करने से आने वाले वर्ष में अच्छी फसल और आर्थिक समृद्धि की संभावना बढ़ती है।रेवड़ी: खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा
लोहड़ी के पर्व पर रेवड़ी का विशेष महत्व है। मान्यता है कि अग्नि में रेवड़ी अर्पित करने से बुरी शक्तियों का नाश होता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।आस्था और परंपरा का संगम
लोहड़ी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। अग्नि में अर्पित की जाने वाली ये चार चीजें जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सकारात्मकता लाने का प्रतीक मानी जाती हैं। -

Mardaani 3 Trailer: 93 बच्चियों की जिंदगी बचाएंगी रानी मुखर्जी, 'अम्मा' से होगी भिडंत, खतरनाक है 'मर्दानी 3' का ट्रेलर
नई दिल्ली।मर्दानी 3 का ट्रेलर देखकर आपके भी मुंह से शायद यही लफ्ज निकलेगा. बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी की मच-अवेटेड फिल्म ‘मर्दानी 3’ का ट्रेलर रिलीज हो चुका है. 3 मिनट 16 सेकेंड का ये ट्रेलर आपके रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है. एक्ट्रेस एक बार फिर अपने आइकॉनिक किरदार शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में बड़े पर्दे पर वापसी करने के लिए तैयार हैं.मर्दानी 3 का ट्रेलर रिलीज
फिल्म भले ही सच्ची घटनाओं से इंस्पायर्ड बताई जाती है, लेकिन ट्रेलर में कहानी का कहने का अंदाज बेहद डरावना है. मर्दानी 3 आपको अंदर तक उस जुर्म का एहसास कराती है.ट्रेलर शुरू होता है, एक खेलती हुई बच्ची के किडनैप होने से. इसके बाद बताया जाता है कि शहर में लगातार छोटी-छोटी बच्चियों का अपहरण हो रहा है. इस केस को सॉल्व करने के लिए शिवानी शिवाजी रॉय को बुलाया जाता है. जब केस की पड़ताल की जाती है तो पता चलता है कि पिछले तीन महीनों में 93 बच्चियों को किडनैप किया जा चुका है. और इन सब अपराध के पीछे ‘अम्मा’ का हाथ है.अम्मा किसी डरावने सपने से भी ज्यादा डरावनी है. वो बच्चियों का अपहरण करके उनके साथ क्या करती है क्या नहीं ये ट्रेलर में करीने से छुपाया गया है. लेकिन जितनी कहानी भी ये झलक कहती है वो आपके दिल को जोर से धड़काने के लिए काफी है.
‘मर्दानी 3’ के ट्रेलर में जबरदस्त एक्शन सीक्वेंस, तगड़े डायलॉग्स और मजबूत बैकग्राउंड स्कोर देखने को मिलता है. रानी का रफ-टफ पुलिस अवतार फैंस को फिर से ‘मर्दानी’ और ‘मर्दानी 2’ की याद दिला देता है. ट्रेलर में दिखाया गया है कि इस बार शिवानी शिवाजी रॉय की लड़ाई सिर्फ अपराधियों से नहीं, बल्कि एक खतरनाक सिस्टम से भी है.ट्रेलर रिलीज होते ही फैंस ने रानी मुखर्जी की जमकर तारीफ शुरू कर दी है. कमेंट सेक्शन में ‘रानी इज बैक’ की भरमार है. कोई उनके एक्शन अवतार को सलाम कर रहा है, तो कोई कह रहा है कि ‘मर्दानी 3’ अब तक की सबसे पावरफुल फिल्म साबित हो सकती है.
मर्दानी फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त
‘मर्दानी’ साल 2014 में रिलीज हुई थी, जबकि ‘मर्दानी 2’ 2019 में आई थी. दोनों ही फिल्मों को दर्शकों और क्रिटिक्स से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था. अब ‘मर्दानी 3’ से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं. फिल्म पूरी तरह से फीमेल सेंट्रीक होने वाली है. इसमें जानकी बोड़ीवाला और मल्लिका प्रसाद भी अहम रोल में हैं. मर्दानी 3 सिनेमाघरों में 30 जनवरी को रिलीज होगी
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छठ पूजा के बाद फिर जहरीली हुई यमुना, प्रदूषण बढ़ा लेकिन 2024 के मुकाबले 2025 में दिखी हल्की राहत
नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना नदी की हालत एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। ताज़ा जारी जल गुणवत्ता रिपोर्ट के अनुसार छठ पूजा के बाद यमुना का पानी लगातार और अधिक प्रदूषित होता चला गया है। अक्टूबर के बाद से नदी में गिरने वाले बिना शोधित सीवेज के संकेतक माने जाने वाले फीकल कोलीफॉर्म के स्तर में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है जिससे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरा बढ़ गया है। हालांकि रिपोर्ट में एक राहत वाली बात भी सामने आई है कि मौजूदा आंकड़े पिछले वर्ष 2024 की तुलना में बेहतर हैं।रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2025 में फीकल कोलीफॉर्म का स्तर करीब 8000 यूनिट प्रति 100 मिलीलीटर दर्ज किया गया था। नवंबर में यह आंकड़ा तीन गुना बढ़कर 24000 यूनिट तक पहुंच गया जबकि दिसंबर में स्थिति और बिगड़ते हुए यह 92000 यूनिट प्रति 100 मिलीलीटर हो गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक फीकल कोलीफॉर्म की सुरक्षित सीमा 2500 यूनिट मानी जाती है और आदर्श स्तर सिर्फ 500 यूनिट होना चाहिए। ऐसे में मौजूदा आंकड़े यमुना के पानी की बेहद खराब गुणवत्ता को दर्शाते हैं।अक्टूबर में प्रदूषण अपेक्षाकृत कम रहने की बड़ी वजह छठ पूजा से पहले ऊपरी इलाकों के बैराजों से छोड़ा गया भारी मात्रा में ताज़ा पानी बताया गया है। 21 से 25 अक्टूबर के बीच यमुना में 6.68 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया जिससे नदी का प्रवाह बढ़ा और प्रदूषण कुछ हद तक बह गया। इसी कारण उस दौरान सफेद झाग लगभग गायब हो गया था और नदी अपेक्षाकृत साफ नजर आई।हालांकि नवंबर की शुरुआत में जैसे ही पानी का बहाव कम हुआ यमुना में बदबू और झाग दोबारा लौट आए। इसके साथ ही प्रदूषण के अन्य संकेतक भी चिंताजनक बने रहे। बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड BOD अक्टूबर में 25 mg/l था जो नवंबर में बढ़कर 33 mg/l पहुंच गया। दिसंबर में यह फिर 25 mg/l पर आ गया लेकिन यह अब भी सुरक्षित सीमा 3 mg/l से करीब आठ गुना अधिक है।जलीय जीवों के लिए जरूरी डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन DO का स्तर भी कई स्थानों पर बेहद कम पाया गया। नवंबर में DO का स्तर 0.5 से 8.5 mg/l के बीच रहा जिसमें दो स्थानों पर यह शून्य तक गिर गया। दिसंबर में भी कई जगहों पर ऑक्सीजन का स्तर जलीय जीवन के लिए आवश्यक 5 mg/l से काफी नीचे दर्ज किया गया।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिसंबर 2024 में फीकल कोलीफॉर्म का स्तर 84 लाख यूनिट और नवंबर 2024 में 79 लाख यूनिट तक पहुंच गया था। इस तुलना में मौजूदा आंकड़े काफी कम हैं लेकिन विशेषज्ञ इस सुधार को लेकर संदेह जता रहे हैं। उनका कहना है कि साल के इस समय यमुना में पानी का प्रवाह बेहद कम होता है ऐसे में प्रदूषण में इतनी बड़ी और अचानक गिरावट व्यावहारिक नहीं लगती।यमुना कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जमीनी हकीकत और रिपोर्ट में दर्शाए गए आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर है। नदी से अब भी तेज़ बदबू आती है और कई जगह झाग साफ दिखाई देता है। ऐसे में विशेषज्ञों ने प्रदूषण नियंत्रण समिति से डेटा संग्रह की पद्धति पर सवाल उठाए हैं और पारदर्शिता की मांग की है।
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अर्पिता खान का खुला बयान: माही-नदीम के समर्थन में, सवाल उठाया दुनिया के हालात पर
नई दिल्ली।
टीवी एक्ट्रेस माही विज इन दिनों खबरों में बनी हुई हैं। एक्ट्रेस ने हाल में नदीम कुरैशी के साथ एक तस्वीर शेयर की थी। इस तस्वीर के कैप्शन में माही ने नदीम को जन्मदिन की बधाई देने के साथ उन्हें अपना सबसे खास दोस्त बताया था। माही की बेटी ने नदीम को अब्बा कहते हुए जन्मदिन की बधाई दी थी। सोशल मीडिया पर तारा के इंस्टाग्राम पर माही और नदीम के रिश्ते को लेकर यूजर्स ने कमेंट किए थे। बाद में माही ने खुद को जज किए जाने और अपने खास रिश्ते पर सवाल उठाए जाने पर चुप्पी तोड़ते हुए सफाई दी थी। एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे ने भी माही का सपोर्ट किया और अब सलमान खान की बहन अर्पिता खान भी माही- नदीम के समर्थन में सामने आई हैं।अर्पिता ने नदीम को टारगेट करने वालों के लिए लिखा पोस्ट
अर्पिता खान ने एक पोस्ट को दोबारा शेयर करते हुए उसके कैप्शन में रिश्ते को जज करने वाले लोगों की सोच पर सवाल उठाए हैं। नदीम कुरैशी को टैग करते हुए अर्पिता ने लिखा, अगर जैसे इंसान को भी टारगेट किया जा सकता जा सकता है तो मैं नहीं जानती कि हम किस तरह की दुनिया में रह रहे हैं’।अंकिता लोखंडे ने भी दिया साथ
इसके अलावा अंकिता लोखंडे ने भी अपने पोस्ट में बताया था कि वो माही, जय और नदीम को करीब से जानती हैं। नदीम ना सिर्फ माही के मुश्किल वक्त में खड़े रहे बल्कि उन्होंने उनका भी साथ दिया था। ऐसे में उनके रिश्ते को जज नहीं किया जाना चाहिए।माही का खास रिश्ता
बता दें, माही ने नदीम को जन्मदिन की बधाई देते हुए एक तस्वीर शेयर की थी। इस तस्वीर में वो नदीम को केक खिलाती हुई देखी जा रही हैं।अ एक्ट्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा था कि उन्होंने इस रिश्ते को चुना है। नदीम ने उनका मुश्किल वक्त में साथ दिया, उनके लिए खड़े रहे। इसलिए वो उनके लिए घर-परिवार का हिस्सा हैं। वो उन्हें प्यार करती हैं। इसके अलावा माही की बेटी ने नदीम को अब्बा कहते हुए पोस्ट शेयर किया था।
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भारत-जर्मनी 8 अरब डॉलर की मेगा डील: 6 साइलेंट किलर AIP पनडुब्बियों का निर्माण होगा भारत में
नई दिल्ली। भारत और जर्मनी ने भारतीय नौसेना की ताकत और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 8 अरब डॉलर की मेगा डील पर सहमति जताई है। इस डील के तहत भारत में 6 अत्याधुनिक स्टील्थ पारंपरिक पनडुब्बियों का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना प्रोजेक्ट 75I के अंतर्गत मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड MDL और जर्मनी की थिसेन क्रुप मरीन सिस्टम्स TKMS के बीच सहयोग से पूरी होगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डील को भारत-जर्मनी के करीबी सहयोग का प्रतीक बताया और कहा कि देश में 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां सक्रिय हैं जो दोनों देशों के मजबूत आर्थिक और तकनीकी रिश्तों को दर्शाती हैं। उन्होंने बताया कि इस समझौते से मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल को भी बड़ा बल मिलेगा।इन 6 पनडुब्बियों की सबसे बड़ी खासियत उनकी एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन AIP तकनीक होगी। यह तकनीक पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की सबसे बड़ी कमी को दूर करती है। सामान्य पनडुब्बियों को बैटरी चार्ज करने के लिए सतह पर आना पड़ता है या स्नॉर्कल का उपयोग करना पड़ता है जिससे उनका लोकेशन दुश्मनों के लिए पता चल सकता है। AIP तकनीक से लैस पनडुब्बियां हफ्तों तक पानी के भीतर रह सकती हैं कम शोर करती हैं और दुश्मन की नजर से लंबी अवधि तक छिपी रह सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इन पनडुब्बियों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री निगरानी सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन और मजबूत होगा। AIP पनडुब्बियां टॉरपीडो एंटी-शिप मिसाइल क्रूज़ मिसाइल और समुद्री माइन जैसे पारंपरिक हथियारों से लैस होंगी जो उन्हें बेहद खतरनाक और प्रभावी बनाती हैं।प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हालिया बैठक में दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-जर्मनी हर क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं और यह परियोजना इसके नए अध्याय की शुरुआत है। यह समझौता भारतीय नौसेना की क्षमता को नए स्तर पर ले जाएगा और भारतीय रक्षा उद्योग को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगा।
मझगांव डॉकयार्ड में इन पनडुब्बियों का निर्माण न केवल भारत की नौसेना की ताकत बढ़ाएगा बल्कि देश के रक्षा क्षेत्र में स्थानीय उत्पादन रोजगार और तकनीकी विशेषज्ञता को भी बढ़ावा देगा। यह परियोजना देश के आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।इस डील को भारतीय नौसेना के इतिहास की सबसे बड़ी पनडुब्बी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। रणनीतिक दृष्टि से देखें तो AIP तकनीक वाली पनडुब्बियों की मौजूदा वैश्विक नौसैनिक युद्ध में अहम भूमिका है। इससे भारत की समुद्री ताकत और क्षेत्रीय प्रभुत्व दोनों मजबूत होंगे।
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Beauty Tips: पार्लर जाना छोड़ देंगे जब किचन में रखी इन चीजों से मिलेगा खूबसूरत और निखरा हुआ चेहरा, जानें इस्तेमाल करने का तरीका
Beauty Tips: खूबसूरत दिखना हर किसी की चाहत होती है और यह ख्वाइश पूरी हो इसके लिए हम हर तरह के प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स का सहारा लेना शुरू कर देते हैं. खूबसूरत दिखना जरूरी है लेकिन हमारे लिए बार-बार पार्लर जाना और तरह-तरह के प्रोडक्ट्स पर बार-बार पैसे खर्च कर पाना भी हमारे लिए संभव नहीं है. कई बार तो ऐसा भी होता है कि पार्लर में जिन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है वे हमारी स्किन को फायदा तो नहीं बल्कि उल्टा नुकसान ही पंहुचा देते हैं. ऐसे में आज की यह आर्टिकल उन सभी के लिए है जो बिना ज्यादा पैसे खर्च किये और केमिकल लोडेड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किये अपने चेहरे को नेचुरल तरीके से ग्लोइंग और निखरा हुआ बनाना चाहते हैं. आज हम आपको किचन में मौजूद कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने वाले हैं जिनके रेगुलर इस्तेमाल से आपको घर पर ही पार्लर जैसी नेचुरल ग्लो आसानी से मिल सकती है. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से.चेहरे पर नेचुरल ग्लो के लिए हल्दी
अगर आप अपनी स्किन को घर पर ही ग्लोइंग बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको हल्दी का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए. हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं जो पिंपल्स को कम करने में और स्किन को अंदर से साफ रखने में काफी मदद करते हैं. इसके लिए आपको एक चुटकी हल्दी में थोड़ा सा बेसन और दूध मिलाकर एक फेस पैक तैयार कर लेना होगा. इस फेस पैक को अपने चेहरे पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर साधारण पानी से ही धो लें. जब आप चेहरे को धोते हैं तो आपके चेहरे पर इंस्टैंटली एक निखार देखने को मिलता है जिसे आप खुद भी महसूस कर पाएंगे.स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने के लिए शहद
एक्सपर्ट्स की अगर मानें तो शहद हमारी स्किन के लिए किसी मॉइस्चराइजर से कम नहीं है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन में मॉइस्चर बरकरार रहती है और साथ ही वह सॉफ्ट भी बनी रहती है. इसका इस्तेमाल करना काफी ज्यादा आसान है. इसके लिए आपको रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर शहद की पतली सी लेयर लगा लेनी है और करीबन 15 मिनट बाद अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लेना है. कुछ ही दिन इसके इस्तेमाल से आपको फर्क दिखने लगेगा.टैन और डलनेस हटाने के लिए दही
अगर आपका चेहरा टैन हो गया है या फिर आपकी स्किन डल लगने लगी है तो आपको आज से ही दही का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करना शुरू कर देना चाहिए. दही में भरपूर मात्रा में लैक्टिक एसिड पाया जाता है जो आपकी स्किन को अंदर से साफ करने में मदद करता है और टैनिंग को भी कम करता है. इसके लिए आपको एक चम्मच दही में थोड़ा सा शहद मिलाकर इसे अपने चेहरे पर लगा लेना है. इसे करीबन 20 मिनट अपने चेहरे पर लगा हुआ रहने दें और बाद में पानी से धो लें. यह छोटा सा नुस्खा आपके चेहरे को फ्रेश और ब्राइट बनता है.रिंकल्स और दाग-धब्बे कम करने के लिए एलोवेरा
आपकी स्किन के लिए एलोवेरा जेल किसी चमत्कार से कम नहीं है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन को ठंडक मिलती है और साथ ही उसे रिपेयर होना का मौका भी मिलता है. आपको हर रात अपने चेहरे पर थोड़ा सा एलोवेरा जेल लगा लेना है और हल्के हाथों से मसाज करना है. जब आप रेगुलर बेसिस पर इस उपाय को करते हैं तो आपके चेहरे पर मौजूद फाइन लाइन्स ,रिंकल्स और दाग-धब्बे कम होने लग जाते हैं.इंस्टेंट फ्रेशनेस के लिए गुलाब जल
गुलाब जल का इस्तेमाल लंबे समय से चेहरे को खूबसूरत बनाने के लिए किया जाता रहा है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन टोन बेहतर होती है और वह फ्रेश भी लगने लगता है. इसका इस्तेमाल करना काफी ज्यादा आसान है, आपको सिर्फ एक कॉटन बॉल की मदद से इसे अपने चेहरे पर अच्छे से लगा लेना है. जब आप इसका रेगुलर इस्तेमाल करते हैं तो आपकी स्किन टाइट होती है और साथ ही चेहरे पर एक नेचुरल ग्लो भी आता है. -

सीएम रेखा गुप्ता ने देर रात पीतमपुरा अटल कैंटीन का लिया जायजा, ₹5 में सम्मानजनक भोजन का अनुभव किया
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के 100वें जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली में अटल कैंटीन की शुरुआत की गई है। इस कैंटीन में लोगों को मात्र ₹5 में भरपेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। दिल्ली सरकार की यह पहल सिर्फ पेट भरने तक सीमित नहीं बल्कि जरूरतमंदों को सम्मान और स्वाभिमान के साथ भोजन देने का संदेश भी देती है।बीती रात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पीतमपुरा स्थित अटल कैंटीन पहुंचीं। उन्होंने वहां काम कर रहे कर्मचारियों से हाल-चाल पूछा और सुनिश्चित किया कि व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चल रही हैं। सीएम ने उपस्थित लोगों से पूछा आपको कोई दिक्कत तो नहीं है? सब ठीक है न?। इसके साथ ही उन्होंने कैंटीन में मौजूद बच्चों से भी बातचीत की जिन्होंने बताया कि उन्हें यहां अच्छा और पौष्टिक खाना मिलता है।इस दौरान कैंटीन में खड़े लोगों ने मुख्यमंत्री को देखकर रेखा गुप्ता जिंदाबाद के नारे लगाए जिससे माहौल और उत्साहपूर्ण बन गया। सीएम ने वहां भोजन कर रहे लोगों से उनके अनुभव साझा किए और यह सुनिश्चित किया कि सभी सुविधाएं सही ढंग से उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दौरे का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया। वीडियो में वह लोगों से संवाद करती बच्चों के साथ समय बिताती और उनके अनुभव जानती नजर आ रही हैं। उन्होंने लिखा कि अटल कैंटीन में केवल भोजन ही नहीं मिलता बल्कि लोगों को सुकून सम्मान और स्वाभिमान का भी भरोसा मिलता है।पीतमपुरा अटल कैंटीन का निरीक्षण करते हुए सीएम ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की और वहां आए लोगों से उनके अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की यह योजना मेहनतकश और जरूरतमंद लोगों के लिए प्रभावी और भरोसेमंद सहारा बन रही है। दिन और रात दोनों समय भोजन उपलब्ध कराने से किसी भी व्यक्ति को खाली पेट नहीं रहना पड़ता।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केवल ₹5 में सम्मान के साथ भोजन मिलने से यह सुनिश्चित होता है कि सहायता केवल सुविधा तक सीमित न रहे बल्कि गरिमा के साथ मिले। लोगों की संतुष्टि और विश्वास देखकर यह स्पष्ट हो गया है कि अटल कैंटीन योजना जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रही है।अटल कैंटीन की यह पहल गरीब और जरूरतमंदों के लिए भरोसेमंद विकल्प बन चुकी है। यह योजना न केवल पेट भरने की सुविधा देती है बल्कि सम्मान और स्वाभिमान के साथ भोजन उपलब्ध कराने में भी सक्षम है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह दौरा योजना की प्रभावशीलता और जनता में विश्वास को और मजबूत करता है।
