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  • बसंत पंचमी 2026: ज्ञान और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की कृपा पाने के लिए विशेष भोग अर्पित करें

    बसंत पंचमी 2026: ज्ञान और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की कृपा पाने के लिए विशेष भोग अर्पित करें


    नई दिल्ली । बसंत पंचमी का पर्व हर वर्ष हिंदू परंपरा में विशेष रूप से ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की पूजा के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह दिन उन सभी छात्रों, शिक्षकों, और विद्वानों के लिए बहुत महत्व रखता है, जो शिक्षा और बुद्धि में वृद्धि चाहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और सही विधि से मां सरस्वती की पूजा करने से न केवल शिक्षा में सफलता मिलती है, बल्कि जीवन की रुकावटें भी दूर होती हैं। साथ ही, पूजा में भोग का भी खास स्थान है, जो देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए आवश्यक माना जाता है।

    बसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व

    बसंत पंचमी पर पीले रंग को विशेष महत्व दिया जाता है, और यह रंग ज्ञान, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन मां सरस्वती को केसरिया मीठे चावल अर्पित करने की परंपरा है। केसर और हल्दी से बने ये चावल देवी सरस्वती को प्रिय माने जाते हैं। इन चावलों का अर्पण करने से बुद्धि में वृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में इसे सुख-समृद्धि और वैभव का संकेत माना जाता है।

    पारंपरिक मिठाइयों का भोग

    केसरिया चावल के अलावा इस दिन पीली बूंदी के लड्डू, मालपुआ, और बेर जैसे मौसमी फलों का भी भोग अर्पित किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, पीली बूंदी के लड्डू अर्पित करने से वाणी में मधुरता और मानसिक एकाग्रता बढ़ती है। वहीं, मालपुआ को खासकर उत्तर भारत में देवी सरस्वती को अर्पित किया जाता है, जो खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बेर जैसे मौसमी फलों का भोग भी विशेष रूप से प्रिय माना जाता है, और यह देवी को अर्पित करने के बाद ही खाने की सलाह दी जाती है।

    सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक स्पष्टता के लिए भोग

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सही भोग अर्पित करने से कई लाभ मिलते हैं। विशेष रूप से, पीले फल और मिठाइयों का अर्पण मानसिक स्पष्टता और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करता है। सफेद चंदन, पीले फूल, और मिश्री का भोग नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और घर में शांति बनाए रखने में सहायक माना जाता है। वहीं, शहद का भोग अर्पित करने से वाणी दोष दूर होते हैं और बोलचाल में मधुरता आती है।

    2026 में बसंत पंचमी शुक्रवार को

    इस बार, 2026 में बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है, जो विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिन लक्ष्मी जी का भी दिन माना जाता है। इस दिन, मां सरस्वती को भोग लगाने के बाद, विशेष रूप से जरूरतमंद बच्चों में पढ़ाई की सामग्री और पीले रंग की खाने की चीजें बांटना बहुत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस प्रकार का दान न केवल विद्या में सफलता दिलाता है, बल्कि आर्थिक बाधाओं को भी दूर करता है।

  • माघ मेला 2026: ‘मेला सेवा एप’ से श्रद्धालुओं को डिजिटल मार्गदर्शन, QR कोड से सीधे प्रशासन से जुड़ाव

    माघ मेला 2026: ‘मेला सेवा एप’ से श्रद्धालुओं को डिजिटल मार्गदर्शन, QR कोड से सीधे प्रशासन से जुड़ाव


    नई दिल्ली। प्रयागराज में आयोजित हो रहे माघ मेला 2026 में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सहज अनुभव को बढ़ाने के लिए मेला प्रशासन ने तकनीकी नवाचारों को लागू किया है। इसी कड़ी में इस वर्ष ‘माघ मेला सेवा एप’ को लॉन्च किया गया, जो मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक डिजिटल सहायक का काम करेगा।

    शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और इस एप का औपचारिक शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री ने मेला के आगामी प्रमुख स्नान पर्वों की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों को डिजिटल मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से ‘मेला सेवा एप’ का लोकार्पण किया।

    यह एप श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराएगा। मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि एप का डिज़ाइन इस प्रकार किया गया है कि मेला क्षेत्र के किसी भी हिस्से में मौजूद श्रद्धालु या पर्यटक सीधे अपनी समस्या या सुझाव मेला प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। इसके लिए मेला क्षेत्र में स्थापित सभी बिजली के खंभों पर QR कोड लगाए गए हैं। श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन से इन QR कोड को स्कैन करके ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपनी समस्या दर्ज कर सकते हैं।

    इस एप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह डिजिटल शिकायत एवं मार्गदर्शन प्रणाली के जरिए प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच सीधे संवाद की सुविधा प्रदान करता है।

    समस्या दर्ज होते ही संबंधित विभागों की टीम सक्रिय होकर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगी। इस प्रकार श्रद्धालुओं को अब पारंपरिक पद्धति की तुलना में अधिक तेज, सहज और प्रभावी सेवा प्राप्त होगी।

    माघ मेले में यह पहल पहली बार लागू की गई है और इसे सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल मेला बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एप के माध्यम से श्रद्धालु न केवल शिकायत दर्ज कर सकेंगे, बल्कि मेले में होने वाली विभिन्न सुविधाओं, मार्गदर्शन, स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी जानकारी भी सीधे प्राप्त कर सकेंगे।

    इस डिजिटल नवाचार से माघ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के अनुभव को और सहज बनाने के साथ ही प्रशासन की कार्यकुशलता भी बढ़ेगी। QR कोड और मोबाइल एप के माध्यम से श्रद्धालुओं को स्थानिक मार्गदर्शन, हेल्पलाइन संपर्क और शिकायत निवारण जैसी सेवाएं तुरंत उपलब्ध होंगी।

    इस पहल से यह सुनिश्चित होगा कि माघ मेले में पहली बार तकनीक का प्रयोग करते हुए श्रद्धालुओं की समस्याओं का त्वरित समाधान हो और उन्हें एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित मेला अनुभव प्राप्त हो। यह कदम मेला प्रशासन को अधिक पारदर्शी, त्वरित और श्रद्धालु-केंद्रित बनाएगा। माघ मेला सेवा एप श्रद्धालुओं के लिए डिजिटल मार्गदर्शन, शिकायत समाधान, और त्वरित प्रशासनिक संपर्क का एक नया आयाम खोल रहा है। QR कोड आधारित इस नवाचार से माघ मेला 2026 और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीकी रूप से आधुनिक बन रहा है।
  • छिंदवाड़ा में मवेशी विवाद हत्या: रिश्तेदारों ने लाठी-कल्हाड़ी से पीटकर की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

    छिंदवाड़ा में मवेशी विवाद हत्या: रिश्तेदारों ने लाठी-कल्हाड़ी से पीटकर की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली ।छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र में मवेशी चराने को लेकर मामूली विवाद ने एक सगे परिवार में भयावह घटना का रूप ले लिया। सोमाटेकड़ी (टाटरवारा) गांव के 65 वर्षीय लखनलाल यादव अपने खेत में अपने ही रिश्तेदारों के मवेशी चराने के विरोध में बहस में उलझ गए। मृतक का आरोप था कि रिश्तेदारों के मवेशी उनकी फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे, जिस पर विवाद बढ़ गया।बात इतनी गंभीर हो गई कि मृतक के सगे रिश्तेदार धनलाल यादव, ज्ञानचंद यादव और राजकुमार राजा यादव ने गुस्से में आकर लखनलाल पर कुल्हाड़ी और डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना जानलेवा था कि वह मौके पर ही दम तोड़ बैठे।

    घटना की सूचना मिलते ही जुन्नारदेव थाना पुलिस सक्रिय हुई और महज तीन घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दो कुल्हाड़ी और एक डंडा भी जब्त किया गया।पुलिस ने घटना स्थल का पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और फॉरेंसिक जांच के लिए साक्ष्य एकत्र करना शुरू किया। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। मामूली विवाद के कारण रिश्तेदारों के बीच इतनी हिंसा होना गांव में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और आरोपी पहले ही हत्या के गंभीर अपराध के तहत जेल भेज दिए गए हैं।यह घटना यह संदेश देती है कि खेत और मवेशी जैसे मामूली झगड़े भी कभी-कभी अनियंत्रित होने पर जानलेवा परिणाम दे सकते हैं। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि विवाद को आपसी बातचीत और समझौते के जरिए हल करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

  • माघ माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि: जानिए 11 जनवरी 2026 के शुभ और अशुभ काल

    माघ माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि: जानिए 11 जनवरी 2026 के शुभ और अशुभ काल


    नई दिल्ली । आज 11 जनवरी 2026 माघ माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। यह दिन रविवार के रूप में आ रहा है, जो कि विशेष महत्व रखता है। इस दिन, चित्रा नक्षत्र और स्वाति नक्षत्र का संगम हो रहा है जो कि कई प्रकार के शुभ योगों को जन्म देता है। साथ ही इस दिन सुकर्मा और धृति योग का भी निर्माण हो रहा है जो कार्यों में सफलता, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माने जाते हैं। इन योगों का प्रभाव विशेष रूप से शुभ कार्यों में देखा जा सकता है।

    शुभ काल

    अगर आप किसी विशेष काम को लेकर परेशान हैं या किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, तो आज का दिन बहुत ही शुभ है। विशेष तौर पर, निम्नलिखित मुहूर्त और काल आपके लिए उत्तम साबित हो सकते हैं

    अभिजीत मुहूर्त 12:13 PM – 12:56 PM यह समय विशेष रूप से व्यापार, अध्ययन, या किसी नई योजना की शुरुआत के लिए आदर्श होता है।
    अमृत काल 11:06 AM – 12:52 PM इस दौरान किए गए कार्यों का फल अच्छे और स्थायी होते हैं। यह समय किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
    ब्रह्म मुहूर्त 05:38 AM – 06:26 AM यह समय आत्मिक उन्नति, ध्यान, पूजा और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए बहुत लाभकारी होता है।

    अशुभ काल

    जहां शुभ समय का महत्व होता है, वहीं अशुभ कालों को जानना भी उतना ही आवश्यक है। अशुभ कालों में किसी भी महत्वपूर्ण काम को शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन समयों में कार्यों में विघ्न आ सकते हैं या नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आज के दिन निम्नलिखित अशुभ कालों से बचने की सलाह दी जाती है:

    राहू काल 4:34 PM – 5:55 PM इस दौरान कोई महत्वपूर्ण कार्य न करें, क्योंकि राहू काल में कार्यों में विघ्न और समस्याएं आ सकती हैं।

    यम गण्ड 12:34 PM – 1:54 PM यह समय भी शुभ नहीं होता और इसे टालना चाहिए।
    कुलिक 3:14 PM – 4:34 PM इस समय किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से बचें।
    दुर्मुहूर्त 04:29 PM – 05:12 PM इस समय में कामों में रुकावटें आ सकती हैं, इसलिए इसे भी अनदेखा करें।
    वर्ज्यम 12:28 AM – 02:16 AM यह समय रात में होता है और इसका प्रभाव विशेष रूप से रात के समय किया गया कार्य पर पड़ता है। सूर्य और चंद्रमा का समय,सूर्योदय: 7:14 AM, सूर्यास्त: 5:55 PM, चन्द्रोदय: 11 जनवरी 2026, 12:42 AM,चन्द्रास्त: 11 जनवरी 2026, 12:16 PM आज के पंचांग के अनुसार, यह दिन खासतौर पर मानसिक और शारीरिक उन्नति के लिए उपयुक्त रहेगा, बशर्ते आप शुभ कालों का लाभ उठाएं और अशुभ कालों से बचें।

  • इंदौर की मौत के बाद ग्वालियर निगम हुआ सक्रिय: 140 शिकायतों का निराकरण, 1200 ट्यूबवेल की सफाई, कंट्रोल रूम भी बनाया

    इंदौर की मौत के बाद ग्वालियर निगम हुआ सक्रिय: 140 शिकायतों का निराकरण, 1200 ट्यूबवेल की सफाई, कंट्रोल रूम भी बनाया


    नई दिल्ली ।मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पानी की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है। इंदौर में दूषित पानी से मौत की घटना के बाद नगर निगम ने सक्रिय कदम उठाना शुरू किया है। शहर के कई इलाकों से गंदे पानी की शिकायतें आ रही थीं, जिनके समाधान के लिए जनता ने सीएम हेल्पलाइन CM Helpline का सहारा लिया।1 जनवरी से अब तक सीएम हेल्पलाइन में 140 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से अधिकांश मामलों का समाधान कर दिया गया है। नगर निगम कमिश्नर संघप्रिय सिंह ने बताया कि शिकायतों के निराकरण के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे काम में तेजी लाई जा रही है।

    कुल 2600 ट्यूबवेलों में से अब तक 1200 की सफाई पूरी हो चुकी है और शेष ट्यूबवेलों की सफाई भी जल्द ही पूरी की जाएगी। इसके अलावा पानी की टंकियों की सफाई भी लगातार जारी है।शहर में कुछ स्थानों पर गंदे पानी की समस्या पुरानी और क्षतिग्रस्त सीवर तथा पेयजल लाइनों की वजह से उत्पन्न हो रही है। ऐसे 56 स्थानों की लाइनों को बदला जाएगा। नगर निगम ने इन इलाकों को चिन्हित किया है और हर क्षेत्र के लिए विशेष प्लान तैयार किया जा रहा है ताकि समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।

    नगर निगम की टीम ने बताया कि फिलहाल 124 शिकायतों वाले स्थानों पर समस्या का समाधान कर दिया गया है और बाकी 16 पर काम चल रहा है। निगम ने जनता से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में अब भी गंदे पानी की समस्या है तो वे सीधे सीएम हेल्पलाइन या नगर निगम कंट्रोल रूम से संपर्क करें।इस कदम से यह स्पष्ट है कि ग्वालियर नगर निगम पानी की समस्या को गंभीरता से ले रहा है। यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि समस्या के कारण आने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को रोका जा सके।

    शहरवासियों के लिए राहत की बात यह है कि समस्या का निराकरण सिस्टमेटिक और तेज़ी से किया जा रहा है। कंट्रोल रूम के माध्यम से शिकायतों का ट्रैक रखा जा रहा है और हर इलाके का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।ग्वालियर नगर निगम की यह पहल यह संदेश देती है कि नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति प्रशासन सचेत है और तकनीकी एवं प्रबंधन उपायों के जरिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

  • ग्वालियर में स्ट्रीट डॉग का तांडव, कोचिंग जा रहे मासूम पर हमला, 10 दिन में 872 लोग डॉग बाइट के शिकार

    ग्वालियर में स्ट्रीट डॉग का तांडव, कोचिंग जा रहे मासूम पर हमला, 10 दिन में 872 लोग डॉग बाइट के शिकार


    ग्वालियर । ग्वालियर में शनिवार सुबह कोचिंग जा रहे आठ वर्षीय मासूम अहिम पर अचानक एक स्ट्रीट डॉग ने हमला कर दिया। बच्चे की जांघ को जबड़े में दबाकर कुत्ते ने सड़क पर घसीटना शुरू किया। आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को डॉग के चंगुल से छुड़ाया। घायल मासूम को तुरंत जेएएच अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांघ पर टांके लगाए।

    घटना माधौगंज थाना क्षेत्र के लक्कड़खाना नाले के पास हुई। बच्चे के पिता दीन मोहम्मद ने बताया कि हमला करने वाला कुत्ता मानसिक रूप से अस्वस्थ है और लंबे समय से इलाके में घूम रहा है। इसके झुंड ने पहले भी कई लोगों पर हमला किया, लेकिन नगर निगम से शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    अहिम पर हमला इतने अचानक हुआ कि बच्चे को कोई तैयारी नहीं थी। कुत्ते ने उसकी जांघ को जबड़े में दबाकर सड़क पर घसीटा। मौके पर पहुंचे लोगों ने कुत्ते को भगाया और बच्चे को सुरक्षित किया। अब अहिम गहरे सदमे और डर में है।

    ग्वालियर में डॉग बाइट का डर:
    पिछले कुछ दिनों में शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। सिर्फ 1 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक 872 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं। आंकड़े बताते हैं कि बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी को डॉग बाइट की घटनाओं में शामिल किया गया।

    जयारोग्य अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक 18,993, जबकि 2025 में 8,606 डॉग बाइट के मामले सामने आए। इस तरह केवल दो साल में कुल 27,593 लोग कुत्तों के काटने से प्रभावित हुए।

    नगर निगम का कहना है कि रोजाना करीब 40 कुत्ते पकड़े जाते हैं और 25 कुत्तों की नसबंदी की जाती है। शहर में केवल एक एबीसी सेंटर है, जो बिरला नगर पुल के नीचे संचालित होता है। इसके बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण से बाहर है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खतरनाक स्थिति है। शहर के गलियों, मोहल्लों और चौराहों तक डॉग बाइट का डर आम हो गया है।

    नगर निगम से जनता की मांग है कि आवारा कुत्तों की संख्या कम करने और नसबंदी पर विशेष ध्यान दिया जाए।

    ग्वालियर में इस तरह की घटनाएं आवारा कुत्तों के असंगठित झुंडों की वजह से लगातार बढ़ रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर नगर निगम की सुरक्षा व्यवस्था और सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते प्रभावी कदम उठाएगा और शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
    यह घटना बच्चों की सुरक्षा, नगर निगम की जवाबदेही और आवारा कुत्तों के नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर करती है। ग्वालियरवासियों की चिंता बढ़ती जा रही है, और समय रहते कदम न उठाए जाने पर हालात और गंभीर हो सकते हैं।

  • जबलपुर में गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण: 80 फीट चौड़ी होगी, 3.50 करोड़ का प्रोजेक्ट जाम मुक्त आवागमन के लिए मंजूर

    जबलपुर में गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण: 80 फीट चौड़ी होगी, 3.50 करोड़ का प्रोजेक्ट जाम मुक्त आवागमन के लिए मंजूर


    जबलपुर । जबलपुर में 7 किलोमीटर लंबे ओवरब्रिज के पास हर दिन यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ता था। मुख्य वजह थी ओवरब्रिज के लगभग 100 मीटर आगे बनी गोहलपुर नाले की संकरी पुलिया, जो केवल 30 फीट चौड़ी थी। लंबी प्रतीक्षा और यातायात जाम को देखते हुए महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने बीते शनिवार को पुलिया का औचक निरीक्षण किया और क्षेत्रीय जनता की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए इसके चौड़ीकरण को हरी झंडी दे दी।

    नगर निगम प्रशासन ने बताया कि गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण 3 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा। वर्तमान 30 फीट चौड़ी पुलिया को बढ़ाकर 80 फीट चौड़ा किया जाएगा, जिससे यातायात में गति बढ़ेगी और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। महापौर ने कहा कि मार्च 2026 तक काम शुरू हो जाएगा और जुलाई 2026 तक इसे पूरा कर जनता को समर्पित किया जाएगा।

    पुलिया चौड़ीकरण से न केवल वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या और संकरे रास्ते से होने वाली असुविधा भी समाप्त होगी। यह प्रोजेक्ट शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

    इस पहल का राजनीतिक महत्व भी रहा है। कांग्रेस के क्षेत्रीय विधायक लखन घनघोरिया ने विधानसभा में इस पुलिया को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि ओवरब्रिज तो बना दिया गया, लेकिन नाले के पुलिया पर ध्यान नहीं दिया गया। अब महापौर और नगर निगम प्रशासन ने इसे चुनौती मानते हुए समाधान के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

    गोहलपुर पुलिया के चौड़ीकरण से कटनी-सिहोरा-पनागर-अधारताल की ओर जाने वाले यात्रियों को ढाई से तीन घंटे तक जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार और आवागमन भी सुगम बनेगा।

    यह परियोजना शहर की यातायात प्रणाली में स्थायी सुधार लाने के साथ-साथ नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देने का उदाहरण भी है।

    नया चौड़ा पुल केवल वाहनों के लिए नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए भी सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करेगा। नगर निगम ने पुलिया के आसपास के मार्गों की सुरक्षा और व्यवस्थित निर्माण के लिए विशेष निगरानी रखने की बात कही है।

    इस तरह गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण न केवल जबलपुर के सबसे लंबे ओवरब्रिज के आसपास के जाम की समस्या को समाप्त करेगा, बल्कि शहर की विकास योजना और नागरिक सुविधा में भी एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

  • हर-हर महादेव की गूंज, ॐ का उच्चारण और भव्य ड्रोन शो: पीएम मोदी ने सोमनाथ की दिव्यता को किया प्रदर्शित, शौर्य यात्रा में शामिल हुए

    हर-हर महादेव की गूंज, ॐ का उच्चारण और भव्य ड्रोन शो: पीएम मोदी ने सोमनाथ की दिव्यता को किया प्रदर्शित, शौर्य यात्रा में शामिल हुए


    गुजरात सोमनाथ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी गुजरात यात्रा के दूसरे दिन सोमनाथ मंदिर में दिव्य अनुभव का अनोखा प्रदर्शन किया। शनिवार शाम को पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर के परिसर में हर-हर महादेव की गूंज के साथ प्रवेश किया और उसके बाद पवित्र महाआरती में हिस्सा लिया। इस अवसर पर ॐ का उच्चारण और भव्य ड्रोन शो ने समां बांध दिया, जिसे पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर भी साझा किया।

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और 1000 साल की यात्रा

    सोमनाथ मंदिर इस समय दो महत्वपूर्ण कारणों से चर्चा में है। एक तरफ, यह वर्ष 1026 में महमूद गजनवी द्वारा मंदिर पर हमले और इसके ध्वस्त होने के 1000 साल पूरे होने का समय है। दूसरी तरफ यह 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ भी है। पीएम मोदी ने इस खास मौके पर इस समारोह को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का नाम दिया।

    सोमनाथ की दिव्यता का उद्घाटन

    पीएम मोदी ने कहा सोमनाथ शाश्वत दिव्यता की एक ज्योति के रूप में खड़ा है। सोमनाथ की पावन धरा से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रहा है। उनके मुताबिक सोमनाथ सिर्फ एक मंदिर नहीं बल्कि यह हमारे समाज और संस्कृति की हिम्मत और गौरव का प्रतीक है।

    ड्रोन शो और आधुनिक तकनीक का संगम

    पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर परिसर में भव्य ड्रोन शो देखने का अनुभव साझा किया। इस अद्भुत शो में प्राचीन आस्थाओं के साथ आधुनिक तकनीक का तालमेल हर किसी को मंत्रमुग्ध कर गया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का यह प्रकाशपुंज पूरी दुनिया में भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रहा है।

    ॐ का महत्व

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान पीएम मोदी ने ॐ का विशेष महत्व बताया। उन्होंने कहा, ॐ हमारे वेदों, शास्त्रों पुराणों उपनिषदों और वेदांत का सार है। ॐ ही ध्यान का मूल है, और योग का आधार है। ॐ ही साधना में साध्य है और ॐ ही शब्द ब्रह्म का स्वरूप है। पीएम मोदी ने इस दौरान 1000 सेकंड्स तक सामूहिक रूप से ओंकार नाद का उच्चारण किया जिससे माहौल में अद्भुत ऊर्जा का संचार हुआ।

    शौर्य यात्रा का आयोजन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी यात्रा की शुरुआत शौर्य यात्रा से की, जो सोमनाथ के शंख सर्किल से शुरू हुई। इस यात्रा में पीएम मोदी ने डमरू बजाया और यात्रा एक किलोमीटर लंबी रही। इसके बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना की।

    अगला कदम सार्वजनिक सभा

    इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह 11 बजे सद्भावना ग्राउंड में सार्वजनिक सभा को संबोधित किया जहां उन्होंने अपने संदेशों और विचारों से उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया।

  • मैं नितेश राणे की जुबान काट दूंगा,’ अखिलेश यादव के नेता अबू आजमी के बिगड़े बोल, कहा- बौना सा मंत्री है, नेपाली दिखता है

    मैं नितेश राणे की जुबान काट दूंगा,’ अखिलेश यादव के नेता अबू आजमी के बिगड़े बोल, कहा- बौना सा मंत्री है, नेपाली दिखता है


    नई दिल्ली । समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र राज्य अध्यक्ष अबू आजमी ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे पर विवादित टिप्पणी की है। अबू आजमी ने राणे को बौना मंत्री और नेपाली बताते हुए धमकी दी कि अगर उन्हें ताकत मिले तो वह नितेश राणे की जुबान काट देंगे। अबू आजमी का यह बयान नितेश राणे के हालिया हिंदुत्व से जुड़ी टिप्पणियों और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बयानबाजी पर आया है। आजमी ने राणे के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा यह बौना मंत्री बोलता है कि मस्जिद में घुसकर मुसलमानों को मारूंगा। क्या हम हिंजड़े हैं क्या हमें मारेगा तू उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके पास शक्ति हो तो वह इस बौने मंत्री की जुबान काट डालेंगे और उसे सबक सिखाएंगे।

    नितेश राणे के बयान पर प्रतिक्रिया

    नितेश राणे के हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर दिए गए बयान के बाद यह विवाद उठ खड़ा है। राणे ने कहा था कि वह हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के लिए काम कर रहे हैं और किसी भी प्रकार के धर्मनिरपेक्षता या ध्रुवीकरण के लिए नहीं। उन्होंने विशेष रूप से रामनवमी या हनुमान जयंती जैसे धार्मिक जुलूसों में पत्थरबाजी की घटनाओं पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि जब ईद और मुहर्रम शांतिपूर्वक मनाए जा सकते हैं, तो रामनवमी या हनुमान जयंती पर ऐसा क्यों होता है। राणे ने कहा था कि उनका किसी खास समुदाय से विरोध नहीं है, लेकिन जो लोग जिहाद करना चाहते हैं, उनके खिलाफ उनकी आपत्ति स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग वंदे मातरम नहीं बोलते उन्हें पाकिस्तान भेजा जाना चाहिए।

    अबू आजमी की कड़ी प्रतिक्रिया

    अबू आजमी ने नितेश राणे के इस बयान का विरोध करते हुए कहा कि राणे का यह बयान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भड़काऊ है। उन्होंने सवाल किया कि अगर राणे इतना बहादुर हैं तो क्यों नहीं मस्जिद में जाकर दिखाते हैं कि वह क्या कर सकते हैं। आजमी ने यह भी कहा कि राणे जैसे लोग यह कहते हैं कि अगर देश में रहना है तो वंदे मातरम बोलना होगा, लेकिन वह यह नहीं समझते कि हमें राम नवमी के दिन पानी लेकर खड़ा रहने का गर्व है।

    सपा नेता की भाषा पर सवाल


    आजमी का बयान, जो कि भारतीय राजनीति में एक नई कड़ी विवाद को जन्म दे सकता है, कई लोगों को आपत्ति दे रहा है। उनकी भाषा और बयानों में हिंसा की ओर इशारा करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे असहिष्णुता की ओर बढ़ने वाला कदम बताया है।

  • एनएसई का बड़ा IPO आने वाला, निवेशकों के लिए संकेत: सेबी से जल्द मिल सकता है NOC

    एनएसई का बड़ा IPO आने वाला, निवेशकों के लिए संकेत: सेबी से जल्द मिल सकता है NOC

    नई दिल्ली| नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का आईपीओ भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से जल्द ही नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिलने के करीब है। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नियामक एनएसई को अप्रूवल देने की प्रक्रिया इस महीने के अंत तक पूरी कर सकता है। एनओसी मिलने के बाद एनएसई अपने पब्लिक इश्यू को बाजार में उतारने के लिए तैयार हो जाएगा, और लिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय एक्सचेंज के हाथ में होगा।

    डार्क फाइबर विवाद ने रोके एनएसई के रास्ते

    एनएसई का आईपीओ कई सालों से अटका हुआ था, जिसका मुख्य कारण 2010-2014 के बीच हुए तथाकथित डार्क फाइबर केस हैं। आरोप था कि कुछ हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स को एनएसई के को-लोकेशन सर्वर तक खास एक्सेस दिया गया था, जिससे वे अन्य बाजार भागीदारों की तुलना में तेजी से ट्रेडिंग कर पाते थे। अप्रैल 2019 में, सेबी ने एनएसई को कथित गैर-कानूनी मुनाफे के रूप में 62.58 करोड़ रुपये लौटाने और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को मार्केट से जुड़े पदों पर कार्य करने से रोकने का निर्देश दिया था। 2022 में एक्सचेंज पर 7 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था, जिसे बाद में सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल ने रद्द कर दिया।

    रिटेल निवेशकों की बड़ी भागीदारी

    एनएसई ने पिछले साल जुलाई में जानकारी दी थी कि लगभग 1.46 लाख रिटेल निवेशक उसके शेयरों में निवेश कर चुके हैं। ये शेयर ग्रे (अनलिस्टेड) मार्केट में हैं और हर निवेशक के पास की कीमत 2 लाख रुपये से कम है। इसके बावजूद रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आईपीओ के बाद इस हिस्सेदारी और बढ़ सकती है, क्योंकि निवेशकों को लंबे समय से एक्सचेंज के शेयर में संभावित मुनाफा नजर आ रहा है।

    एनएसई के लिए रास्ता अब साफ

    सेबी से एनओसी मिलने के बाद एनएसई को अपने पब्लिक इश्यू को समयबद्ध तरीके से लॉन्च करने का अधिकार मिलेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, आईपीओ के लिए निवेशक पहले से उत्साहित हैं और बाजार में इसकी मांग अच्छी रहने की संभावना है। लंबे समय से रुका यह आईपीओ न केवल एनएसई के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि भारतीय शेयर बाजार में भी नया उत्साह और रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने में मदद करेगा।