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  • ‘बुर्के वाली PM बनी तो जय श्री राम भी नहीं बोल पाएंगे’, ओवैसी के बयान पर नितेश राणे भड़के

    ‘बुर्के वाली PM बनी तो जय श्री राम भी नहीं बोल पाएंगे’, ओवैसी के बयान पर नितेश राणे भड़के


    नई दिल्ली| AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी के बयान को लेकर लगातार राजनीति हो रही है। इस मुद्दे पर अब भाजपा नेता नितेश राणे का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई बुर्के वाली कल प्रधानमंत्री बन जाती है, कल ही हिंदू समाज का धर्मांतरण कर दिया जाएगा हम कल से ही जय श्री राम भी नहीं बोल पाएंगे, आई लव महादेव के पोस्टर नहीं लगा पाएंगे। महाराष्ट्र के मंत्री ने कहा कि ओवैसी हिजाबी महिला प्रधानमंत्री बनाने की बात करके इस देश को इस्लामिक देश बनाने की धमकी देने की कोशिश कर रहे हैं।

    मीडिया से बात करते हुए नितेश राणे ने कहा, “भौंकने वाले, कभी काटते नहीं है। देश को इस्लामी राज्य में बदलने का प्रयास बुर्का पहने प्रधानमंत्री की धमकी से शुरू होता है। ओवैसी हमें यह कहकर डराने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर कल कोई बुर्का पहनी महिला प्रधानमंत्री बन जाती है, तो सभी को जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाएगा और यह हिंदू राष्ट्र इस्लामी राज्य में बदल जाएगा। इसका मतलब है कि हम अपने घरों में पूजा भी नहीं कर पाएंगे, हम ‘जय श्री राम’ नहीं कह पाएंगे और हम ‘आई लव महादेव’ के बैनर भी नहीं लगा पाएंगे।” नितेश ने कहा, “यह धमकी देने वाले लोगों को महाराष्ट्र में खड़े रहने देना है या नहीं, यह हमें देखना होगा।”

    आपको बता दें, हैदराबाद के सांसद ने महाराष्ट्र में एक रैली के दौरान कहा था कि वह चाहते हैं कि किसी दिन एक हिजाबी महिला भारत की प्रधानमंत्री बने। पाकिस्तान में उन्होंने अपने संविधान में लिख दिया कि एक मुस्लिम ही प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान में लिखा है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री बन सकता है। उनके इस बयान के बाद काफी राजनैतिक बयानबाजी हुई।

    भाजपा की तरफ से राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ओवैसी ऐसा ही चाहते हैं, तो सबसे पहले उन्हें अपनी पार्टी से ही इसकी शुरुआत करनी चाहिए। उन्हें अपनी पार्टी के अध्यक्ष पद पर किसी महिला को बैठाना चाहिए। दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ओवैसी के इस बयान को दिन में तारे देखने जैसा बताया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि संविधान सभी को प्रधानमंत्री पद तक जाने की अनुमति देता है, लेकिन हमारा देश हिंदू प्रधान है, ऐसे में हिंदू को ही प्रधानमंत्री बनना चाहिए।

  • भारत के खिलाफ जहर उगलते लश्कर आतंकी, स्कूल में दिया विवादित भाषण, पाकिस्तान में आलोचना

    भारत के खिलाफ जहर उगलते लश्कर आतंकी, स्कूल में दिया विवादित भाषण, पाकिस्तान में आलोचना

    नई दिल्ली| लश्कर-ए-तैयबा के उप प्रमुख और पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह पाकिस्तानी सेना के साथ अपने संगठन के गहरे संबंधों को खुलासा कर रहा है। कसूरी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना उसे अपने सैनिकों की अंतिम यात्रा में जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए आमंत्रित करती है। यह वीडियो किस समय का है, तारीख अभी मालूम नहीं चली। इसमें वह स्कूल के बच्चों को भाषण देता नजर आ रहा है। हालांकि, खुफिया स्रोतों ने इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि कर दी है।
    सैफुल्लाह कसूरी ने दावा किया, ‘पाकिस्तान की सेना मुझे जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए बुलाती है। क्या तुम्हें पता है कि भारत भी मुझसे डरता है?’ यह खुलासा पाकिस्तान की ओर से राज्य प्रायोजित आतंकवाद के भारत के लंबे समय से चले आ रहे आरोपों को मजबूती देता है। यह घटना किसी सभ्य समाज में अकल्पनीय है कि एक आतंकी संगठन का दूसरा सबसे बड़ा नेता बच्चों के स्कूल में जाकर युवा दिमागों को प्रभावित करे। पहलगाम हमले में 26 पर्यटकों की हत्या के लिए जिम्मेदार लश्कर ने पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर काम किया, जैसा कि 1999 के कारगिल युद्ध में भी देखा गया था।

    आतंक का निर्यात करने में जुटा पाकिस्तान
    ऑपरेशन सिंदूर के छह महीने बाद पाकिस्तान समर्थित लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद ने जम्मू-कश्मीर में नए हमलों की तैयारी की थी, जिसे नई दिल्ली ने गंभीर चेतावनी करार दिया। एनडीटीवी की रिपोर्ट में यह बताया गया है। ऑपरेशन सिंदूर अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के जवाब में शुरू हुआ था, जो आतंकी ढांचे को नष्ट करने का भारतीय अभियान था। अगर इसी तरह पाकिस्तान की ओर से आतंक का निर्यात जारी रहा तो इसकी नई फेज शुरू हो सकती है। यह भारत ही नहीं, दुनिया भर के लिए चिंता की बात है। ताजा वीडियो से पाकिस्तान की थू-थू हो रही है, लेकिन वैश्विक स्तर पर उसके खिलाफ सख्त ऐक्शन लेना होगा।

  • मकर संक्रांति पर लाडली बहनों को बड़ी राहत: दिसंबर-जनवरी की दो किस्तें एक साथ मिलने की संभावना

    मकर संक्रांति पर लाडली बहनों को बड़ी राहत: दिसंबर-जनवरी की दो किस्तें एक साथ मिलने की संभावना


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए मकर संक्रांति से पहले राहत भरी खबर सामने आ रही है। योजना के तहत दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की मासिक सहायता राशि एक साथ जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। अगर यह प्रक्रिया पूरी होती है तो पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 3000 रुपये जमा हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

    योजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, 1500 रुपये प्रतिमाह की यह आर्थिक सहायता केवल उन महिलाओं को मिलेगी जिन्होंने ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है। सरकार ने लाभार्थियों के सत्यापन और अपात्र लोगों को योजना से बाहर करने के उद्देश्य से दिसंबर के अंत तक ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया था। जिन खातों का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, उनकी किस्त फिलहाल रोकी जाने की संभावना बनी हुई है।बीते कुछ महीनों में इस योजना के तहत किस्तों के भुगतान में देरी देखी गई है। चुनावी गतिविधियों और तकनीकी कारणों के चलते समय पर राशि ट्रांसफर नहीं हो सकी। पहले यह अनुमान लगाया गया था कि तीन महीनों की बकाया राशि एक साथ जारी होगी, लेकिन हाल ही में केवल एक माह की किस्त ही लाभार्थियों के खातों में पहुंच पाई। इसके बाद दिसंबर और जनवरी की किस्तों को लेकर महिलाओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

    मकर संक्रांति को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों और पोस्टरों ने उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि त्योहार से पहले ही दो महीनों की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। वहीं, विपक्षी दल इस दावे को राजनीतिक प्रचार से जोड़कर देख रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल यही कहा जा रहा है कि भुगतान की प्रक्रिया बजट और तकनीकी मंजूरी के बाद ही आगे बढ़ेगी।लाडकी बहिण योजना राज्य की सबसे बड़ी सामाजिक सहायता योजनाओं में शामिल है। इसके तहत 21 से 65 वर्ष की आयु की उन महिलाओं को मासिक सहायता दी जाती है, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होती है। वर्तमान में लगभग 2.4 करोड़ महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिससे राज्य सरकार पर हर महीने हजारों करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ता है।

    सरकारी सूत्रों का कहना है कि योजना को लेकर किसी भी प्रकार की अंतिम जानकारी केवल आधिकारिक माध्यम से साझा की जाएगी। लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने बैंक खाते तथा सरकारी पोर्टल पर नियमित अपडेट चेक करते रहें।फिलहाल मकर संक्रांति से पहले दो किस्तें एक साथ मिलने की उम्मीद ने महिलाओं में उत्सुकता बढ़ा दी है। सरकार की ओर से स्पष्ट घोषणा होने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि यह राशि कब और किन शर्तों पर खातों में पहुंचेगी।

  • आज की सरकारी नौकरी: हरियाणा, राजस्थान और प्रसार भारती में 136 पदों पर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन जारी

    आज की सरकारी नौकरी: हरियाणा, राजस्थान और प्रसार भारती में 136 पदों पर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन जारी


    नई दिल्ली । सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आज की ताज़ा खबर बेहद महत्वपूर्ण है। हरियाणा लोक सेवा आयोगHPSC राजस्थान कर्मचारी चयन आयोगRSSB और प्रसार भारती ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचनाएं जारी की हैं। कुल मिलाकर इन भर्तियों के तहत 136 पद भरे जाएंगे जिनमें असिस्टेंट इंजीनियर सुपरवाइजर और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    सबसे पहले बात करें हरियाणा लोक सेवा आयोग की। HPSC ने असिस्टेंट इंजीनियर के 50 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन प्रक्रिया 13 जनवरी 2026 से शुरू होकर 12 फरवरी 2026 शाम 5 बजे तक चलेगी। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट hpsc.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इन पदों के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से इंजीनियरिंग डिग्री अनिवार्य है। साथ ही उम्मीदवारों को 10वीं तक हिंदी या संस्कृत का ज्ञान होना चाहिए। आयु सीमा 18 से 42 वर्ष निर्धारित की गई है जबकि आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल के अनुसार 53100 से 167800 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।

    वहीं राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग ने सुपरवाइजरपर्यवेक्षक के 72 पदों पर भर्ती निकाली है। यह भर्ती विशेष रूप से महिला उम्मीदवारों के लिए है। आवेदन प्रक्रिया पहले से ही शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 4 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार rssb.rajasthan.gov.in या राज्य सरकार के SSO पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस पद के लिए ग्रेजुएशन डिग्री के साथ कंप्यूटर कोर्स का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। आयु सीमा 18 से 40 वर्ष रखी गई है जबकि SC ST और OBC वर्ग को छूट दी जाएगी। चयन के बाद उम्मीदवारों को पे मैट्रिक्स लेवल-7 के तहत वेतन मिलेगा।

    इसके अलावा राष्ट्रीय प्रसारक प्रसार भारती ने मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के 14 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये नियुक्तियां विभिन्न दूरदर्शन और आकाशवाणी केंद्रों के लिए होंगी। आवेदन की अंतिम तिथि 21 जनवरी 2026 है। उम्मीदवारों के पास MBA या मार्केटिंग में पीजी डिप्लोमा और कम से कम एक वर्ष का कार्य अनुभव होना चाहिए। आयु सीमा 35 वर्ष से कम रखी गई है। चयनित उम्मीदवारों को शहर के आधार पर 35000 से 50000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।इन भर्तियों से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र और राज्य स्तर पर रोजगार के अवसर लगातार सामने आ रहे हैं। नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आने वाले दिनों में अन्य विभागों में भी नई भर्तियों की संभावना जताई जा रही है इसलिए उम्मीदवार सतर्क और तैयार रहें।

  • EMI की जिम्मेदारी किसकी? जानें व्यक्ति की मौत के बाद बैंक क्या कर सकता है

    EMI की जिम्मेदारी किसकी? जानें व्यक्ति की मौत के बाद बैंक क्या कर सकता है

    नई दिल्ली|  किसी भी तरह के लोन में कई तरह की चीजें शामिल होती हैं, जिसकी वजह से लोन आज के डिजिटल युग में भी काफी पेचीदा प्रोसेस बना हुआ है। जिन लोगों को आसानी से लोन मिल जाता है, उन्हें इस पेचीदा प्रोसेस के बारे में मालूम नहीं चल पाता। लेकिन, जिन लोगों के लोन ऐप्लिकेशन को बैंक बार-बार रिजेक्ट कर देते हैं, वे इस समस्या को बहुत अच्छे से जानते हैं। लोन के लिए अप्लाई करने से लेकर लोन की पूरी पेमेंट होने तक ये एक बहुत लंबा प्रोसेस होता है। अगर लोन चलते-चलते किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो क्या होगा? यहां हम जानेंगे कि अगर लोन लेने के बाद किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो क्या होगा? ऐसी स्थिति में बैंक किस व्यक्ति से लोन की वसूली करेगा?
    उधारकर्ता की मृत्यु हो जाए तो क्या होता है आगे का प्रोसेस
    नियमों के मुताबिक, अगर लोन लेने के बाद किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो बैंक सबसे पहले उस लोन अकाउंट के को-ऐप्लिकैंट से संपर्क करेगा। अगर लोन के लिए कोई को-ऐप्लिकैंट ही नहीं है या फिर को-ऐप्लिकैंट लोन की भरपाई के लिए असमर्थ है तो फिर बैंक लोन के लिए गारंटर बने व्यक्ति से संपर्क करती है। अगर गारंटर भी लोन की भरपाई के लिए मना कर दे तो बैंक फिर मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी से संपर्क करते हैं और उनसे लोन की बकाया राशि के समय-समय पर भुगतान करने की अपील करते हैं। को-ऐप्लिकेंट, गारंटर और कानूनी उत्तराधिकारी में से कोई भी लोन की भरपाई करने में समर्थ नहीं है तो बैंक वसूली के लिए मजबूरी में आखिरी विकल्प पर काम करना शुरू कर देते हैं।

    वसूली के लिए किस हद तक जा सकते हैं बैंक
    लोन की वसूली के लिए बैंकों के पास आखिरी विकल्प के तौर पर मृतक की संपत्ति को अपने कब्जे में लेना है। जब लोन अकाउंट के को-ऐप्लिकेंट, गारंटर और कानूनी उत्तराधिकारी लोन का भुगतान करने में असमर्थता जताते हैं तो ऐसे मामलों में बैंकों के पास ये अधिकार होते हैं कि वो मृतक की संपत्ति को बेचकर कर्ज की वसूली कर सकते हैं। होम लोन और ऑटो लोन के मामले में बैंक सीधे-सीधे मृतक के घर या गाड़ी को अपने कब्जे में लेते हैं और फिर नीलामी आयोजित कर उसे बेचकर लोन की वसूली करते हैं। अगर किसी व्यक्ति ने पर्सनल लोन या फिर कोई अन्य लोन लिया है तो ऐसे मामलों में बैंक उसकी किसी अन्य संपत्ति को नीलामी में बेचकर अपने पैसों की वसूली करते हैं।

  • भोपाल में 30 हजार किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली, ट्रैफिक डायवर्शन और जाम से बचने के लिए देखें रूट प्लान

    भोपाल में 30 हजार किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली, ट्रैफिक डायवर्शन और जाम से बचने के लिए देखें रूट प्लान


    भोपाल । आज भोपाल में कृषि कल्याण वर्ष का शुभारंभ होने जा रहा है, जिसमें 30 हजार से अधिक किसान भाग लेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन जम्बूरी मैदान में होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत करेंगे। इस आयोजन में 1101 ट्रैक्टरों और 800 से 900 बसों के माध्यम से किसान प्रदेशभर से पहुंचेंगे। ऐसे में राजधानी भोपाल में भारी ट्रैफिक और मार्गों पर बदलाव होने की संभावना है, जिससे जाम और यात्रा में परेशानी हो सकती है।

    ट्रैफिक डायवर्शन की जानकारी

    जम्बूरी मैदान जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों की एंट्री रोक दी गई है, और कई मुख्य सड़कें डायवर्ट की जाएंगी। खासतौर पर उन रास्तों पर ज्यादा दबाव रहेगा, जो ट्रैक्टर रैली और किसानों के वाहन ले जा रहे होंगे। इसके अलावा, परीक्षार्थियों के लिए विशेष मार्ग व्यवस्था की गई है, ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपनी परीक्षा में शामिल हो सकें।

    मुख्य रूट डायवर्शन और वैकल्पिक मार्ग

    भोपाल मिसरोद-सलैया क्षेत्र 11 मील बायपास रोड, खजूरी कला, पटेल नगर चौराहा, प्रेस्टीज कॉलेज के सामने लाइन अप। भोपाल फंदा ब्लॉक-बैरासिया रोड खजूरी सड़क, मोबारकपुर बायपास, लांबाखेड़ा बायपास चौराहा, चोपड़ा कला बायपास चौराहा, अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के सामने लाइन अप। रायसेन और विदिशा से आने वाले ट्रैक्टर संबंधित मार्गों से होते हुए प्रेस्टीज कॉलेज के सामने लाइन अप करेंगे।

    जम्बूरी मैदान पार्किंग

    जन सामान्य जीप/कार/दो पहिया वाहन गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, सेंट जेवियर स्कूल के सामने। वीआईपी वाहन: गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, अयप्पा मंदिर, गैस गोदाम, सेंट जेवियर स्कूल के सामने। मीडिया वाहन गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, जम्बूरी मैदान पानी की टंकी के पास।

    ऑप्शनल मार्ग

    बोर्ड ऑफिस, गोविन्दपुरा टर्निंग, अन्नानगर, सद्भावना चौराहा, महात्मा गांधी चौराहा, सेंट जेवियर स्कूल, अवधपुरी तिराहा तक मार्ग पर अत्यधिक यातायात रहेगा। इसके अलावा, पटेल नगर बायपास, आनंद नगर, रत्नागिरी तिराहा, पिपलानी पेट्रोल पंप तक मार्ग पर भी भारी दबाव रहेगा।

    विशेष मार्ग व्यवस्था
    परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए पिपलानी चौराहा से पटेल नगर चौराहा तक विशेष मार्ग व्यवस्था की गई है। वहीं, भारी वाहनों के लिए भोपाल-बाईपास खजूरी सड़क से 11 मील तक पर डायवर्जन लागू होगा।

    किसान रैली में शामिल होने वाले जिलों की सूची

    भोपाल से 601, विदिशा से 250 और रायसेन से 250 ट्रैक्टर रैली में शामिल होंगे। इसके अलावा, द्वितीय कार्यक्रम सभा और कृषि कल्याण वर्ष के शुभारंभ में 30,000 किसान भाग लेंगे। इसमें भोपाल से 12,000, सिहोर और रायसेन से 6,000-6,000, विदिशा से 4,000, राजगढ़ और नर्मदापुरम से 1,000-1,000 किसान शामिल होंगे।
  • ग्वालियर समेत MP के 7 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 20 जिले कोहरे की चपेट में; 3 दिन बाद फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड

    ग्वालियर समेत MP के 7 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 20 जिले कोहरे की चपेट में; 3 दिन बाद फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड


    नई दिल्ली! मध्यप्रदेश ठिठुर रहा है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में शीतलहर का असर महसूस हो रहा है। रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, प्रदेश के 20 से अधिक जिले सुबह कोहरे की चपेट में हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन तीन दिन बाद फिर से कड़ाके की ठंड शुरू होगी। रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना में सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहेगा।

    सुबह के समय ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रायसेन, शाजापुर, देवास, सीहोर, गुना, अशोकनगर और विदिशा में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा।

    सबसे ठंडा पचमढ़ी, पारा 5.8 डिग्री
    शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, यहां तापमान 7 डिग्री तक गिरा।

    20 से अधिक जिलों में कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित हुई।

    भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी, खजुराहो, नौगांव, मंडला, उमरिया, रीवा, राजगढ़, रायसेन, दतिया, मलाजखंड, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, खंडवा, सीधी, खरगोन और टीकमगढ़ में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

    वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बढ़ेगी ठंड
    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो दिन ठंड और कोहरे का असर जारी रहेगा। यह सिस्टम आगे बढ़ने के बाद तापमान में गिरावट और तेज ठंड ला सकता है। वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत पर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवाएं 252 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से बह रही हैं, जिसका असर मध्यप्रदेश पर भी देखा जा रहा है।

    कोहरे से ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित
    दिल्ली से प्रदेश में आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग कोहरा के कारण प्रभावित हो रही है। खासकर मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल और जन शताब्दी जैसी ट्रेनें लगातार लेट हो रही हैं। मालवा एक्सप्रेस भोपाल में 5 से 6 घंटे तक देरी से पहुंच रही है।

    जनवरी में कड़ाके की ठंड का रिकॉर्ड
    इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी के रिकॉर्ड टूटे हैं। जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। भोपाल में इस साल ठंड ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में प्रदेश में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट आती है।

    एमपी के बड़े शहरों में ठंड का ट्रेंड
    भोपाल में जनवरी में रात का तापमान 0.6 डिग्री तक पहुंच चुका है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और भोपाल में दिन में भी ठंड का असर रहता है। पिछले 10 साल के आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर और जनवरी में सर्द हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड और कोहरा सामान्य है।

  • MP में शीतलहर का कहर जारी, नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 7 जिलों में अलर्ट

    MP में शीतलहर का कहर जारी, नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 7 जिलों में अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, और अब सर्दी का सितम और ज्यादा बढ़ने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके कारण अगले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड बनी रहेगी। सुबह के समय घने कोहरे के कारण विजिबलिटी में कमी आ रही है, जिससे यात्रा करना और भी कठिन हो रहा है। कई जिलों में धूप भी अब बेअसर हो गई है, और ठंड का प्रकोप और ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

    मौसम विभाग ने 7 जिलों ग्वालियर, चंबल, रीवा समेत अन्य इलाकों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, 20 से अधिक जिलों में घना कोहरा रहने की संभावना है। शनिवार को खजुराहो सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.6°C दर्ज किया गया। वहीं दतिया में 4.6°C, राजगढ़ में 4.4°C, शिवपुरी में 4°C, नौगांव में 5°C और रीवा में 5.5°C तापमान रहा।

    मौसम का हाल

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी ठंड का असर देखने को मिला है। इंदौर का तापमान 6.9°C, भोपाल का 7°C और ग्वालियर का 5.9°C दर्ज किया गया। जबलपुर में हालांकि थोड़ा राहत का मौसम रहा, जहां तापमान 9.4°C था। प्रदेश के 25 शहरों में रात का तापमान 10°C से नीचे रहा।पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो दिन ठंड का कहर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जनवरी में हो रही यह रिकॉर्ड ठंड ने नवंबर और दिसंबर के तापमान के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं, और लोग ठंड से राहत पाने के लिए परेशान हो गए हैं।
  • पारिवारिक विवाद ने लिया खौ़फनाक रूप, पति ने पत्नी और बुआ पर पेट्रोल डालकर लगाई आग

    पारिवारिक विवाद ने लिया खौ़फनाक रूप, पति ने पत्नी और बुआ पर पेट्रोल डालकर लगाई आग


    मंदसौर । मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के पीपलखूंटा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी और उसकी बुआ पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस जघन्य वारदात में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गई हैं और उनका इलाज मंदसौर जिला अस्पताल में चल रहा है। घटना से पहले पति-पत्नी के बीच एक लंबा विवाद चल रहा था, जो अंततः हिंसक रूप में बदल गया।जानकारी के अनुसार, ममता और उसके पति राजनाथ के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो कि अदालत तक पहुँच चुका था। दोनों के बीच एक सुनवाई के बाद ममता अपनी बुआ के साथ नाहरगढ़ के पीपलखूंटा गांव में रहने आ गई थी। इसी दौरान, राजनाथ ने अपने गुस्से में आकर दोनों महिलाओं पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
    पहले उसने अपनी पत्नी ममता पर पेट्रोल डाला और जब ममता की बुआ उसे बचाने के लिए आगे आई, तो उस पर भी पेट्रोल डालकर आग लगा दी।आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया और घायलों को मंदसौर जिला अस्पताल भेजा। चिकित्सकों के अनुसार, ममता का चेहरा, छाती और पेट बुरी तरह झुलस गए हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। ममता करीब 35 प्रतिशत तक जल चुकी हैं। वहीं, कासूबाई, ममता की बुआ, का भी बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है।यह दुखद घटना कई सवाल खड़े करती है, खासकर इस मामले में पुलिस की भूमिका पर।पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि करीब तीन महीने पहले ममता के पिता ने सुवासरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी ।
    जिसमें उन्होंने अपनी बेटी को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। हालांकि, पुलिस ने इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह घटना घटित हो सकी। ममता के पिता राम सिंह नाथ ने कहा कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती, तो यह हादसा टल सकता था।पीड़ित परिवार और स्थानीय जनता ने इस मामले में पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस पूरी घटना ने न केवल एक परिवार की खुशियों को छीन लिया, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पारिवारिक विवादों को कैसे हल किया जाए, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

  • पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में किया दुग्धाभिषेक, शौर्य यात्रा में भी लिया हिस्सा

    पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में किया दुग्धाभिषेक, शौर्य यात्रा में भी लिया हिस्सा

    नई दिल्ली से खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेने गुजरात पहुंचे हैं। सोमनाथ मंदिर में आज पीएम मोदी ने भव्य पूजा-अर्चना और दुग्धाभिषेक किया। मंदिर में सभी मंत्रोच्चारों के बीच पूजा का माहौल मंत्रमुग्ध कर रहा था। भक्तों और नागरिकों ने प्रधानमंत्री का स्वागत भक्ति और उत्साह के साथ किया।

    सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना से पहले वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों को समर्पित थी। इस भव्य यात्रा में कुल 108 घोड़ों के साथ जुलूस निकाला गया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया। शौर्य यात्रा में शामिल लोगों ने वीरों को सम्मान देते हुए उनका स्मरण किया।पीएम मोदी ने मंदिर में भगवान शिव का दुग्धाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। मंत्रोच्चार और भव्य वातावरण ने पूरे कार्यक्रम को और भी दिव्य और श्रद्धापूर्ण बना दिया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत मंदिर में आयोजित ये आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं बल्कि राष्ट्रीय गौरव और वीरता की भावना को भी जागृत करते हैं।

    सोमनाथ मंदिर में इस अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का खास ध्यान रखा गया। प्रशासन ने मंदिर और उसके आसपास की सुरक्षा कड़ी कर दी थी। प्रधानमंत्री मोदी के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए। मंदिर में भक्तजन पीएम मोदी के दर्शन और उनके साथ पूजा-अर्चना में सम्मिलित होने के लिए सुबह से ही मौजूद रहे।शौर्य यात्रा और दुग्धाभिषेक के कार्यक्रम ने मंदिर परिसर को भव्य और भक्ति से परिपूर्ण बना दिया। पीएम मोदी ने न केवल पूजा-अर्चना की बल्कि शौर्य यात्रा में शामिल होकर वीरों को सम्मानित किया। यह आयोजन दर्शाता है कि धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय गौरव एक साथ मिलकर समाज में एक सकारात्मक संदेश फैलाते हैं।

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का यह आयोजन देशभर में श्रद्धा और गौरव का प्रतीक बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति ने इस पर्व की गरिमा और बढ़ा दी है। भक्तजन और नागरिक इस अवसर को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते नजर आए। मंदिर में दुग्धाभिषेक और शौर्य यात्रा के बीच का संगम एक यादगार अनुभव के रूप में सामने आया।इस प्रकार पीएम मोदी का सोमनाथ मंदिर में दुग्धाभिषेक और शौर्य यात्रा में हिस्सा लेना धार्मिक और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बन गया। इस आयोजन ने मंदिर में भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ-साथ वीरता और गौरव को भी सम्मानित किया।