हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां काचीगुडा इलाके में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म पर रेड के दौरान कुछ ऐसा मिला है, जिसे देख अधिकारी हैरान हैं। जानकारी के मुताबिक यहां ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) की रेड में अधिकारियों को लगभग 1,000 लीटर जानवरों का खून मिला है। यह खून बकरियों और भेड़ों से गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा किया गया था और इंसानों का खून रखने के लिए बने ब्लड बैग में पैक किया गया था।
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इंसानी ब्लड बैग में मिला बकरी का खून, ऐसे हुआ खुलासा
हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां काचीगुडा इलाके में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म पर रेड के दौरान कुछ ऐसा मिला है, जिसे देख अधिकारी हैरान हैं। जानकारी के मुताबिक यहां ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) की रेड में अधिकारियों को लगभग 1,000 लीटर जानवरों का खून मिला है। यह खून बकरियों और भेड़ों से गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा किया गया था और इंसानों का खून रखने के लिए बने ब्लड बैग में पैक किया गया था।Wion न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने हैदराबाद पुलिस और राज्य के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के साथ मिलकर गुप्त सूचना के आधार पर यह रेड की थी। इस दौरान उन्होंने इंसानों के इस्तेमाल के लिए बने ब्लड बैग में जानवरों का खून भरा हुआ देख सीनियर अधिकारी भी हैरान रह गए।बकरी के खून के अलावा परिसर में खून की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली कुछ अत्याधुनिक मशीनें भी मिली हैं। रेड टीम को एक ऑटोक्लेव मशीन, एक लैमिनार एयर फ्लो यूनिट, 110 भरे हुए ब्लड बैग और लगभग 60 खाली ब्लड बैग भी मिले। ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के मुताबिक इसका इस्तेमाल गैरकानूनी क्लिनिकल ट्रायल, एक्सपेरिमेंट या लैब टेस्ट के लिए कल्चर मीडिया तैयार करने में किया जा सकता था। फर्म का मालिक फिलहाल फरार है। -

मुस्लिम देशों ने फिर अलापा कश्मीर पर राग, 370 लागू करने की मांग
नई दिल्ली। मुस्लिम देशों के सबसे बड़े संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी OIC ने जम्मू-कश्मीर का नाम लेकर एक बार फिर अपनी हदें पार की हैं। OIC ने अपने हालिया बयान में कश्मीर में जनमत की मांग करते हुए कहा है कि वह कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकारों का समर्थन करता है। इस दौरान OIC ने कश्मीर में धारा 370 को वापस लागू करने की मांग भी कर दी। बता दें कि भारत कई बार यह स्पष्ट कर चुका है कि संगठन को भारत के आंतरिक मामलों में बोलना का कोई कानूनी अधिकार नहीं है और ना ही OIC द्वारा इस तरह की बयानबाजी को स्वीकार किया जाएगा।ओआईसी (इस्लामी सहयोग संगठन) 57 देशों का एक अंतरसरकारी संगठन है जो मुस्लिम जगत की सामूहिक आवाज होने का दावा करता है। OIC ने 8 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने बयान को साझा किया है। इसके साथ लिखा गया है कि OIC, 5 जनवरी 1949 के यूनाइटेड नेशंस के प्रस्ताव की सालगिरह पर एक स्वतंत्र और निष्पक्ष रेफरेंडम के जरिए, जम्मू और कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को समर्थन देता है।OIC के बयान में कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग करते हुए कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट 5 जनवरी 1949 को भारत और पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र आयोग द्वारा अपनाए गए प्रस्ताव को याद दिलाता है, जिसमें जम्मू और कश्मीर के लोगों को संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जनमत संग्रह के माध्यम से आत्मनिर्णय के अधिकार की पुष्टि की गई थी। इसमें आगे कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाता है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर के राज्य के रूप में मान्यता का सम्मान करने और 5 अगस्त 2019 और उसके बाद उठाए गए सभी एकतरफा कदमों को वापस लेने की अपील करता है।
…”बयान में संयुक्त राष्ट्र से भी एक अपील की गई है। इसमें कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी पर भरोसा जताया है कि वह जम्मू-कश्मीर से जुड़े प्रस्तावों को लागू करे और UNSC के संबंधित प्रस्तावों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर विवाद का हल निकाले।”
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बीच सड़क पर फटी पानी की ज्वालामुखी, कॉलेज और हॉस्टल परिसर जलमग्न
मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन में बुधवार को विकास के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई। यहां करोड़ों की लागत से बिछाई गई बाणसागर परियोजना की पाइपलाइन अचानक बीच सड़क पर फूट गई। पानी का दबाव (प्रेशर) इतना जबरदस्त था कि सड़क पर फव्वारा फूट पड़ा और देखते ही देखते मुख्य मार्ग ने नदी का रूप ले लिया है।मामला अमरपाटन महाविद्यालय के पास का है।पाइपलाइन फटने से न केवल लाखों लीटर पानी बर्बाद हुआ, बल्कि पानी के तेज बहाव से पक्की सड़क करीब 4 इंच नीचे धंस गई है जिससे बड़ा हादसा होने से टला है।
कॉलेज और हॉस्टल परिसर जलमग्न
पाइपलाइन फूटते ही पानी की तेज धार ने आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। पानी का बहाव पास ही स्थित शासकीय छात्रावास और महाविद्यालय परिसर की ओर मुड़ गया, जिससे वहां घुटनों तक पानी भर गया। अचानक हुए जलभराव से छात्रों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। सड़क पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को घंटों तक परेशान होना पड़ा।L&T कंपनी के काम पर उठे सवाल
मौके पर पहुंचीं एसडीएम डॉ. आरती सिंह ने बताया कि यह पाइपलाइन जल निगम की ओर से L&T कंपनी द्वारा बिछाई गई थी। इतनी अहम परियोजना में पाइपलाइन का इस तरह फूटना कंपनी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। पानी के अंडरग्राउंड प्रेशर ने सड़क की नींव हिला दी, जिससे डामर की सड़क धंस गई। PWD को सड़क मरम्मत की सूचना दे दी गई है।जेसीबी बुलाकर संभाले हालात
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम डॉ. आरती सिंह, तहसीलदार रामदेव साकेत और थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाई और पानी की निकासी का काम शुरू करवाया। एसडीएम ने बताया कि संबंधित कंपनी को फटकार लगाते हुए तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलापूर्ति और यातायात बहाल हो सके। -

खैर-सागौन तस्करी पर वन विभाग का मास्टर स्ट्रोक: देशभर में तस्करी के नेटवर्क का खुलासा, लाखों की लकड़ी जब्त
शहडोल । देशभर में खैर लकड़ी की बढ़ती मांग ने इसे तस्करी का नया हॉटस्पॉट बना दिया है, और इस स्थिति का लाभ उठाते हुए तस्कर दिन-ब-दिन अपनी गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। लेकिन शहडोल वन विभाग ने अब एक जबरदस्त कार्रवाई की है, जिससे तस्करी के इस गहरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है और वन संपदा की लूट में संलिप्त तत्वों को कड़ा संदेश दिया गया है। शहडोल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए छापे में खैर और सागौन की लाखों रुपये मूल्य की लकड़ी जब्त की गई है।वन विभाग की यह कार्रवाई बुढ़ार वन परिक्षेत्र के ग्राम बुगरा में शुरू हुई, जहां एक घर से 104 नग सागौन लकड़ी 3.109 घनमीटर बरामद हुई। पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि यह लकड़ी रात के समय पिकअप वाहन से लाई गई थी। वन अपराध के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। इसके बाद, ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के कोलमी वार्ड में अशोक कुमार अवस्थी के घर से सागौन लकड़ी के छिलके, बोरे और लकड़ी के टुकड़े, साथ ही 13 चेन-सॉ मशीनें और एक बैटरी चालित चेन-सॉ मशीन बरामद की गई।
इसके साथ ही, ग्राम पटदई में एक ढाबे से 130 नग सागौन लकड़ी 2.079 घनमीटर भी जब्त की गई। इन कार्रवाईयों के दौरान, लगभग 5 से 6 घन मीटर लकड़ी की तस्करी के प्रमाण मिले, जिससे तस्करों की गतिविधियों का जाल साफ तौर पर उजागर हुआ।खैर और सागौन लकड़ी की बढ़ती तस्करी की वजह से इनकी मांग बढ़ गई है, और यही कारण है कि अब इनकी जड़ें और छिलके भी तस्करी के शिकार हो रहे हैं। इस पर वन विभाग की डीएफओ श्रद्धा पेंद्रे ने बताया कि तस्करी की इस समस्या को लेकर विभाग ने एक सख्त रणनीति अपनाई है।जिसमें लगातार निगरानी रखी जा रही है और तस्करों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जंगल की संपदा की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि किसी भी कीमत पर अवैध तस्करी और जंगल की लूट को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। विभाग अब आने वाले दिनों में इस नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए और भी प्रभावी कदम उठाएगा। -

‘O’ Romeo’ टीज़र में शाहिद कपूर दिखे खतरनाक रोमांटिक अंदाज़ में, त्रिप्ती डिमरी संग रिश्ते में जोखिम उठाने को तैयार
नई दिल्ली। अभिनेता शाहिद कपूर ने अपनी आगामी फिल्म ‘O’ Romeo’ का पहला टीज़र शनिवार को जारी किया, जिसमें उनके किरदार की खतरनाक और भावनात्मक दुनिया का पहला अंदाज़ दिखाया गया। 1 मिनट 35 सेकेंड लंबे इस टीज़र में शाहिद के अलावा त्रिप्ती डिमरी, दिशा पाटनी, तमन्ना भाटिया, विक्रांत मैसी और अविनाश तिवारी जैसे कलाकार भी नजर आते हैं।टीज़र की शुरुआत शाहिद के चरित्र से होती है, जो एक नाव पर ‘चोटू’ को पुकारते हुए गुस्से में दिखाई देते हैं। काउबॉय हैट, काले वेस्ट, गहनों और पूरे शरीर पर टैटू के साथ उनका हिंसक पक्ष सामने आता है। शाहिद की इस एंट्री में दर्शकों को उनके क्रूर और इंटेंस अंदाज़ का अहसास होता है, जो फिल्म के डार्क रोमांस की झलक देता है।
अन्य किरदारों की झलक
टीज़र में नाना पाटेकर, दिशा पाटनी, विक्रांत मैसी और तमन्ना भाटिया के किरदार भी पेश किए गए हैं, जिनमें से कुछ शाहिद के किरदार जैसी विचित्रताएं दिखाते हैं। हालांकि, टीज़र में फिल्म की मातृसुलभ किरदार फरिदा जलाल का संवाद सबसे चर्चा में रहा। उन्होंने कहा, “Rise in love, and you’re a Romeo. Drown in it, and you’re a c**tiya,” जिससे सोशल मीडिया पर मजेदार प्रतिक्रियाएं आईं।
त्रिप्ती डिमरी की एंट्री के समय शाहिद अपने नरम पक्ष का इजहार करते हुए उसे लंबी निगाहों से देखते हैं। अरुणा इरानी, हुसैन दलाल, रेश लांबा और राहुल देशपांडे भी फिल्म में अहम भूमिकाओं में हैं, हालांकि टीज़र में उनका हिस्सा नहीं दिखाया गया।
सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाएं
फैंस फरिदा जलाल के अप्रत्याशित शब्दों को देखकर काफी हैरान और खुश नजर आए। एक यूजर ने लिखा, “Farida Jalal saying ch***ya was sooooooo out of the blue. Loved it,” तो दूसरे ने मजाक में कहा, “Farida Jalal comes out of the syllabus।”
शाहिद के फैंस ने उनके अभिनय और फिल्म की डायरेक्शन को काबिलेतारीफ बताया। एक यूजर ने लिखा, “The world reminds you of Kaminey vibes, the direction looks literally cool. Comeback ab aur bhi khatarnaak!!!” जबकि दूसरे ने 2026 की बॉलीवुड रिलीज़ को लेकर उत्साह जताया: “Bollywood is peaking hard in 2026, Dhurandhar 2, O Romeo, King, Love and War, Ramayana.”सारांश:
विषाल भारद्वाज की ‘O’ Romeo’ का टीज़र शाहिद कपूर के हिंसक और इंटेंस किरदार की झलक पेश करता है। त्रिप्ती डिमरी संग रोमांस, अन्य किरदारों की विचित्रताएं और फरिदा जलाल के अप्रत्याशित संवाद ने फैंस को उत्साहित कर दिया है। टीज़र सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और फिल्म से जुड़ी उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। -

मप्र में अब सरकारी बंगलों में नहीं चलेगा कब्जा: कई को बंगला खाली करने का नोटिस
भोपाल। मध्यप्रदेश में कई पूर्व मंत्री और अधिकारी सरकारी आवास खाली करने को तैयार नहीं हैं। इसे देखते हुए संपदा संचालनालय ने अब सख्ती शुरू कर दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नियम सबके लिए बराबर हैं, चाहे वे अपनी ही पार्टी के बड़े नेता क्यों न हों। बिना पात्रता के सरकारी बंगलों का आनंद ले रहे पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसदों और आईएएस अधिकारियों को अब ‘बेदखली’ का डर सताने लगा है।अब सरकार ने पात्रता खत्म होने के बावजूद सरकारी बंगलों में जमे पूर्व मंत्रियों और आईएएस अफसरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 13 जनवरी तक बंगला खाली करने का आखिरी अल्टीमेटम दिया गया है, अन्यथा बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही 4 आईएएस और कई पूर्व मंत्रियों को भी नोटिस जारी कर भारी जुर्माने की चेतावनी दी गई है।सरकारी बंगलों से कब्जा हटाने के लिए एक्शन
राजधानी भोपाल के पॉश इलाकों में स्थित सरकारी बंगलों पर अवैध रूप से काबिज रसूखदारों के खिलाफ मोहन सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। 2023 के विधानसभा चुनाव में हारने वाले पूर्व मंत्रियों और कार्यकाल पूरा कर चुके पूर्व सांसदों ने अभी तक अपने सरकारी आवास नहीं छोड़े हैं। अब सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय पर बंगले खाली नहीं हुए, तो पुलिस बल का प्रयोग कर सामान बाहर कर दिया जाएगा।प्रभात झा के परिवार को 13 जनवरी तक का अल्टीमेटम
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 74 बंगले स्थित बी-टाइप आवास खाली करने के लिए 13 जनवरी तक का समय दिया गया है।नोटिस में साफ कहा गया है कि इस तारीख के बाद प्रशासन ‘बल प्रयोग’ करेगा। हालांकि, उनके बेटे तुशमुल झा का कहना है कि वे खुद ही बंगला खाली करने की प्रक्रिया में हैं और यह एक सहज प्रक्रिया है।पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को नोटिस
इधर, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह 2023 में चुनाव हार गए थे, लेकिन 2 साल बाद भी उन्होंने लिंक रोड-1 स्थित अपना सरकारी बंगला (C-15) खाली नहीं किया है। इस मामले में उनका कहना है कि उन्होंने सरकार से थोड़ा समय और मांगा है।पद नहीं फिर भी सरकारी आवास पर डेरा
मध्यप्रदेश में नेताओं की कुर्सी तो चली गई, लेकिन नेता सरकारी बंगलों का मोह नहीं त्याग पा रहे हैं। पूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया जैसे दिग्गज नेता 2023 का विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, लेकिन करीब दो साल बीत जाने के बाद भी इन्होंने सरकारी बंगलों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। यही हाल पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया का है, जो वर्तमान में विधायक भी नहीं हैं, फिर भी मंत्री रहते आवंटित हुए आवास में रह रही हैं। भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की स्थिति भी अलग नहीं है; संसद की सदस्यता खत्म होने के बाद भी उन्होंने सरकारी बंगला खाली नहीं किया है।सरकार सख्त, कब्जेदारों को नोटिस
संपदा संचालनालय के मुताबिक, कार्रवाई की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 6 जनवरी को ही नोटिस थमाया जा चुका है, वहीं रामपाल सिंह को भी पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है।मोहन सरकार ने अब कड़ा रुख अख्तियार करते हुए साफ कर दिया है कि पात्रता खत्म होने के बाद सरकारी आवास पर किसी भी तरह का ‘अवैध कब्जा’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम स्पष्ट हैं—पद गया, तो बंगला भी छोड़ना होगा।30 गुना तक किराया वसूलने को मंजूरी
विधि विभाग ने सख्त नियम लागू करते हुए भारी-भरकम किराए की वसूली को मंजूरी दे दी है। नियमों के मुताबिक, पात्रता खत्म होने के शुरुआती तीन महीनों तक तो सामान्य किराया लगेगा, लेकिन इसके बाद भी बंगला खाली नहीं हुआ तो अगले तीन महीनों के लिए 10 गुना किराया वसूला जाएगा। जब छह महीने बाद भी कब्जा बरकरार रहा, ऐसी स्थिति में रसूखदारों को 30 गुना ज्यादा हर्जाना भरना होगा। सरकार के मकसद साफ है—या तो समय से बंगला खाली कर दें, वरना लाखों के जुर्माने के लिए तैयार रहें।IAS अफसरों पर भी गिरी गाज
प्रशासन ने सुधीर कोचर, अदिति गर्ग, रत्नाकर झा और निधि सिंह समेत 4 आईएएस और 3 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी बेदखली का नोटिस थमाया है।विधायक रह रहे मंत्रियों वाले बंगलों में
सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव और मीना सिंह जैसे विधायक पात्रता से ऊपर की श्रेणी (B और C टाइप) के बंगलों में रह रहे हैं। -

आशिया से अंशिका को बनी मुस्लिम युवती, मोनू से मंदिर में रचाई शादी
बरेली। उत्तरप्रदेश के बरेली जिले में प्यार की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जहां आशिया खान नाम की एक युवती अपने प्यार को पाने के लिए अंशिका बन गई। पूरा मामला कस्बा मीरगंज का बताया जा रहा है। मीरगंज की रहने वाले आशिया खान ने अपने प्रेमी मोनू के साथ बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में जाकर हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। आशिया खान ने अपना नाम परिवर्तित करने के साथ ही धर्म भी परिवर्तित कर लिया है।आशिया ने हमेशा के लिए इस्लाम धर्म को छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है। इसके लिए बाकायदा आशिया का शुद्धिकरण भी कराया गया।मेले में हुई थी दोनों की मुलाकात
दरअसल, आशिया से अंशिका बनी युवती ने बताया कि उसकी मुलाकात मेले में मोनू से हुई और फिर दोनों ने मोबाइल नंबर एक्सचेंज किया। दोनों के बीच बात होती रही और फिर बातचीत होते-होते दोनों के बीच प्यार हो गया।अब दोनों ने शादी भी रचा ली है। दोनों ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में जाकर हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी कर ली। युवती ने बताया कि वह पिछले 4 सालो से सनातन धर्म को मानती थी और मंदिर भी जाती थी। मोनू से मुलाकात के बाद से ही वह हिंदू धर्म के रीति रिवाजों को मानने लगी थी।
सहमति से शादी करने का लिया फैसलायुवती ने बताया वह कुल मिलाकर 6 भाई-बहन हैं, जिसमें चार भाई और दो बहनें हैं। उसने कहा कि मैं मोनू के साथ अपनी मर्जी से शादी करना चाहती हूं। किसी ने कोई डराया-धमकाया नहीं है। मेरी इनसे मुलाकात भोजीपुरा के एक मेले में हुई थी।
भोजीपुरा क्षेत्र में हमारी एक बहन रहती हैं, उनके घर पर आना जाना था। वहीं पर मेला घूमने गए थे। पहली ही नजर में प्यार हो गया और एक-दूसरे का नंबर हम लोगों ने ले लिया था। फिर बात होने लगी फिर धीरे-धीरे मुलाकात हुई और प्यार हो गया। फिर हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया।
हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई शादीबरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में दोनों की हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी संपन्न कराई गई। यहां आश्रम के पंडित ने पहले लड़की का शुद्धिकरण कराया। उसे गंगाजल व गौमूत्र पान के साथ गायत्री मंत्र का जाप कराया। इसके बाद हिंदू रीति-रिवाज से दोनों की मंदिर में शादी संपन्न कराई गई। दोनों का कहना है कि वह आपसी सहमति से शादी रचा रह हैं।
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हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर से शिव उपासना अभियान की शुरुआत, सोमनाथ मंदिर हमले के बाद उठाया कदम
उज्जैन । आज सुबह बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दर्शन कर एक विशेष अभियान की शुरुआत की। यह अभियान विशेष रूप से सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देशभर में भगवान शिव की उपासना के माध्यम से समाज में शांति समृद्धि और सौहार्द बनाए रखना है। इस अभियान को प्रधानमंत्री की ओर से पूरे देश में एकजुटता और सामूहिक शांति की भावना के तहत शुरू किया गया है।महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद खंडेलवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के खिलाफ पूरे देश में एक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए और उनके आशीर्वाद से देश में शांति और समृद्धि की स्थापना हो सकती है। खंडेलवाल ने इस अभियान के तहत महाकाल मंदिर में पार्टी के विधायकों जिला अध्यक्ष और अन्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ पूजा अर्चना की और जयकारा लगाया।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने अपील की कि देशभर के लोग शिव मंदिरों में जाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें और देश के हर कोने में शांति समृद्धि और सामाजिक सौहार्द की स्थापना के लिए प्रार्थना करें। उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल सभी के जीवन में शांति और समृद्धि प्रदान करें और हम सभी को मिलकर देश की सेवा करने की शक्ति दें।खंडेलवाल ने इस अभियान की शुरुआत महाकाल मंदिर से करने का कारण बताते हुए कहा कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी यह जगह पूरी दुनिया में श्रद्धा का केंद्र है।
प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस अभियान के जरिए पार्टी का उद्देश्य केवल धार्मिक जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना भी है। सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद देशभर में इस अभियान को लेकर आक्रोश है और इससे जुड़े लोग इसे एकता की शक्ति के रूप में देख रहे हैं।महाकाल मंदिर से अभियान की शुरुआत के साथ ही बीजेपी ने यह संदेश दिया कि हम सभी को देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। यह कदम न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी यह एक प्रेरणास्त्रोत साबित हो सकता है।
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कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, मध्य प्रदेश के कई इलाके प्रभावित, ग्वालियर-चंबल सबसे अधिक
भोपाल। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के चलते मध्य प्रदेश में ठंड का प्रकोप तेज हो गया है। विशेषकर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में तापमान लगातार घट रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। वहीं, 15 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को भी ठंड की स्थिति समान रहने की संभावना है। दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में दिनभर तापमान सामान्य से कम रहने के कारण कोल्ड डे अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर से आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में ठंड और बढ़ गई है।
राज्य के प्रमुख शहरों में तापमान में गिरावट
राजधानी भोपाल के साथ ही इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में रातें बेहद ठंडी रही। ग्वालियर-चंबल अंचल में दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहा। गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश में सबसे ठंडा खजुराहो (छतरपुर) रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दतिया में 3.9, शिवपुरी में 4, राजगढ़ में 5, पचमढ़ी में 5.8, मंडला में 5.9, रीवा में 6, उमरिया में 6.4 और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री था।
भोपाल में पारा 8, इंदौर में 9.4, उज्जैन में 8.3 और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिन तक ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, इसलिए लोग आवश्यक सावधानी बरतें।
घना कोहरा और यातायात में परेशानी
घने कोहरे के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। मालवा एक्सप्रेस सहित दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने-जाने वाली दर्जनभर ट्रेनें देरी से चल रही हैं। पंजाब मेल, जनशताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में भी समय की अनियमितता देखी जा रही है।
सड़क मार्ग पर भी घना कोहरा ड्राइवरों के लिए चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से वाहन सावधानीपूर्वक चलाने और समय निकालकर यात्रा करने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच ग्वालियर-चंबल अंचल सबसे अधिक प्रभावित हैं। तापमान में गिरावट और कोहरे से सड़क और रेल यातायात बाधित है। अगले दो दिन मौसम की यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।
