Blog

  • मानवीय संकट के बीच सूडान में बढ़ी चुनौतियां, पाकिस्तान से हथियार सौदा और सऊदी मध्यस्थ

    मानवीय संकट के बीच सूडान में बढ़ी चुनौतियां, पाकिस्तान से हथियार सौदा और सऊदी मध्यस्थ

    इस्लामाबाद। सूडान में अप्रैल 2023 से सेना और पैरामिलिट्री संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के बीच गृहयुद्ध लगातार जारी है। लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं, हजारों मारे गए हैं और देश में भुखमरी, बीमारियां और मानवीय संकट बढ़ता जा रहा है। इसी बीच पाकिस्तान और सूडान के बीच लगभग 1.5 अरब डॉलर का बड़ा हथियार और सैन्य विमान का सौदा अंतिम चरण में है।

    हथियार सौदे का विवरण

    सूत्रों के अनुसार, इस समझौते में शामिल हैं:

    10 कराकोरम-8 हल्के लड़ाकू विमान,

    200 से अधिक ड्रोन, निगरानी और कामिकाजी हमलों के लिए,

    एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम।

    इसके अतिरिक्त, सुपर मुश्शक प्रशिक्षण विमान और संभवतः JF-17 फाइटर जेट भी सौदे में शामिल हो सकते हैं। JF-17 पाकिस्तान और चीन द्वारा संयुक्त रूप से विकसित लड़ाकू विमान है। सूडानी सेना इस हथियार आपूर्ति से हवाई श्रेष्ठता फिर से हासिल करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि RSF ने हाल के महीनों में ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है।

    सऊदी अरब की मध्यस्थता और भूमिका

    पूर्व एयर मार्शल आमिर मसूद के अनुसार, सऊदी अरब इस सौदे में फंडिंग या मध्यस्थ के रूप में शामिल हो सकता है। यह कदम सऊदी अरब को सूडान में अपने राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव को बढ़ाने का अवसर देगा, जबकि सीधे हथियार सप्लाई के आरोपों से बचा जा सकेगा। इसके अलावा पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच 2–4 अरब डॉलर के बड़े रक्षा समझौते पर भी बातचीत चल रही है, जिसमें सूडान के लिए हथियार सप्लाई शामिल हो सकता है।

    भू-राजनीति और पाकिस्तान के लिए महत्व

    पाकिस्तान के लिए यह सौदा उसके तेजी से बढ़ते रक्षा निर्यात का हिस्सा है। इससे पहले पाकिस्तान ने लीबिया के साथ 4 अरब डॉलर से अधिक का हथियार सौदा किया है और बांग्लादेश के साथ भी रक्षा सहयोग पर बातचीत जारी है। पाकिस्तान सरकार अपने रक्षा उद्योग को आर्थिक स्थिरता का जरिया मान रही है, खासकर IMF के 7 अरब डॉलर के आर्थिक सुधार कार्यक्रम के बीच।

    विदेशी हस्तक्षेप का आरोप

    सूडानी सेना और RSF दोनों पक्षों ने विदेशी हथियार सप्लाई का आरोप लगाया है। सेना ने RSF पर UAE से हथियार लेने का आरोप लगाया, जबकि RSF ने सेना पर विदेशी समर्थन का आरोप लगाया। इस पृष्ठभूमि में पाकिस्तान का यह हथियार सौदा और सऊदी अरब की मध्यस्थता क्षेत्रीय भू-राजनीति और शक्ति संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    निष्कर्ष:
    सूडान में मानवीय संकट और गृहयुद्ध के बीच पाकिस्तान का हथियार सौदा और सऊदी अरब की मध्यस्थ भूमिका, क्षेत्रीय सुरक्षा, भू-राजनीति और पाकिस्तान की आर्थिक रणनीति सभी के लिए अहम मोड़ साबित हो सकता है।

  • Syria: अलेप्पो में युद्ध जैसे हालात…. सेना-SDF के बीच खूनी संघर्ष में 15 की मौत, लाखों लोग बेघर

    Syria: अलेप्पो में युद्ध जैसे हालात…. सेना-SDF के बीच खूनी संघर्ष में 15 की मौत, लाखों लोग बेघर


    अलेप्पो।
    सीरिया (Syria) के सबसे बड़े शहर अलेप्पो (Largest city Aleppo) में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। सीरियाई सरकारी सेना (Syrian government forces) और कुर्द बहुल सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) के बीच शेख मकसूद तथा अशरफीह जैसे कुर्द-प्रभुत्व वाले इलाकों में लगातार तीसरे दिन भीषण झड़पें चल रही हैं। इन लड़ाइयों में अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक लाख से अधिक नागरिकों को अपना घर-बार छोड़कर भागना पड़ा है। अल जजीरा ने एक सीरियाई सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि सीरियाई सेना ने शेख मकसूद और अशरफीह जिलों में एसडीएफ के ठिकानों पर तोपखाने से हमले किए, जबकि भारी मोर्टार हमलों और स्नाइपर गतिविधियों के बीच लोग भागते रहे। वहीं, एसडीएफ ने कहा कि उसके लड़ाके सीरियाई क्वार्टर (हय अल-सेरियान) के पास सीरियाई सरकारी बलों के साथ भयंकर झड़पों में लगे हुए हैं।

    अल जजीरा के अनुसार, राज्य मीडिया के हवाले से अलेप्पो स्वास्थ्य निदेशालय ने कहा कि एसडीएफ की गोलाबारी में कम से कम सात नागरिक मारे गए और 52 घायल हुए, जबकि एसडीएफ ने दावा किया कि कुर्द बहुल इलाकों में आठ नागरिकों की मौत हुई। स्थानीय अधिकारियों का अनुमान है कि लगभग दो-तिहाई निवासी सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से भाग गए हैं, लेकिन तोपखाने और जमीनी हमलों के बीच 100,000 से अधिक लोग अभी भी फंसे हुए हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की ने सीरियाई सरकार द्वारा अनुरोध किए जाने पर सहायता करने की तत्परता का संकेत दिया है।

    तुर्की के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि अंकारा उत्तरी सीरिया में हो रहे घटनाक्रमों पर ‘करीब से नजर रख रहा है’ और इस बात को दोहराया कि तुर्की आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सीरिया की लड़ाई का समर्थन करता है। अल जजीरा के अनुसार, तुर्की और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल कथित तौर पर दोनों पक्षों के बीच स्थिति को शांत करने के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा लड़ाई में अशरफीह और शेख मकसूद के केंद्रीय हिस्सों में अभूतपूर्व सैन्य आवाजाही शामिल है, जो हाल के वर्षों में अलेप्पो में देखी गई सबसे तीव्र झड़पों में से एक है।

    सीरियाई सरकार के सूत्रों ने अल जजीरा को बताया कि एसडीएफ अलेप्पो के शेख मकसूद और अशरफीह इलाकों से नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए मध्यस्थों के माध्यम से दमिश्क के साथ बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, एसडीएफ ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने न तो इन क्षेत्रों से सुरक्षित मार्ग की मांग की है और न ही ऐसा करने का उसका कोई इरादा है। सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में समूह ने कहा कि वह खुद को हमलावर नहीं मानता है और इसलिए उसके पास पीछे हटने का कोई कारण नहीं है। बयान में कहा गया कि हमारी सेनाओं ने किसी भी प्रकार के सुरक्षित मार्ग का अनुरोध नहीं किया है और न ही करेंगी, क्योंकि हम हमलावर पक्ष नहीं हैं।

    पहलवी ने गुरुवार रात को विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया था और उन्होंने शुक्रवार रात 8 बजे भी प्रदर्शनों का आह्वान किया। ‘वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी‘ की वरिष्ठ फेलो होली डैग्रेस ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों का रुख बदलने वाला कारक पहलवी का ईरानियों से बृहस्पतिवार और शुक्रवार को रात 8 बजे सड़कों पर उतरने का आह्वान था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट से यह स्पष्ट हो गया कि ईरानियों ने इस आह्वान को गंभीरता से लिया और इस्लामी गणराज्य को उखाड़ फेंकने के लिए विरोध प्रदर्शन किया।

  • उद्धव ठाकरे का BJP पर तंज: ‘इतनी बेशर्म कि रावण को भी अपने पार्टी में शामिल कर सकती है’

    उद्धव ठाकरे का BJP पर तंज: ‘इतनी बेशर्म कि रावण को भी अपने पार्टी में शामिल कर सकती है’

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे और भाजपा के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। नासिक में अपनी चचेरे भाई और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के साथ आयोजित संयुक्त चुनावी रैली में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह पार्टी इतनी बेशर्म हो गई है कि वह असुर सम्राट रावण को भी अपने खेमे में शामिल कर सकती है।

    चुनावी हिंदुत्व पर आरोप

    उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी का हिंदुत्व केवल चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने नासिक महानगरपालिका की उस योजना पर भी सवाल उठाया, जिसमें अगले साल के कुंभ मेले के लिए ‘साधुग्राम’ बनाने के लिए पेड़ों को काटने का प्रस्ताव है। उद्धव ने पूछा कि भाजपा का हिंदुत्व वास्तविक है या सिर्फ राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।

    दागी नेताओं को प्राथमिकता देने का आरोप

    शिवसेना प्रमुख ने भाजपा के “दागी” नेताओं को पार्टी में प्राथमिकता देने का आरोप भी लगाया। उद्धव ने कहा कि कई वफादार नेताओं को नजरअंदाज किया गया है, जबकि पार्टी उन्हें सही अवसर नहीं दे रही। उन्होंने इस रवैये को दुखद बताया और भाजपा के आचरण पर सवाल उठाए।

    प्रधानमंत्री पर भी टिप्पणी

    यह पहली बार नहीं है जब उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर सीधे निशाना साधा हो। कुछ दिन पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि पीएम पहले चुनाव में प्रचार कर रहे थे, लेकिन अब उनकी पार्टी को कमजोर करने में लगी हुई है।

    महाराष्ट्र में चुनावी हालात

    महाराष्ट्र में राजनीतिक परिस्थितियां इस समय उलझी हुई हैं। 15 जनवरी को राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव होने हैं और मतगणना 16 जनवरी को होगी। इस बार शिवसेना को तोड़कर अलग पार्टी बनाने वाले एकनाथ शिंदे भी भाजपा के साथ चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में उद्धव ठाकरे ने भाजपा और शिंदे दोनों पर निशाना साधा है और जनता के बीच अपनी पार्टी के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश की।

    उद्धव ठाकरे की नासिक रैली में भाजपा पर तंज और हिंदुत्व को लेकर सवाल, साथ ही शिंदे के सहयोग पर निशाना, महाराष्ट्र की चुनावी राजनीति में नई हलचल पैदा कर रही है। चुनावों से पहले दोनों राजनीतिक धड़ों के बीच जुबानी जंग और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

  • ममता बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया, कहा- अगला लक्ष्य दिल्ली होगा

    ममता बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया, कहा- अगला लक्ष्य दिल्ली होगा

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कोलकाता में आयोजित एक रैली में 2026 के विधानसभा चुनाव में अपनी जीत का दावा किया। ममता ने कहा कि भाजपा कितनी भी कोशिश कर ले, वह बंगाल में सत्ता हासिल नहीं कर पाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बंगाल में जीतने के बाद उनका अगला राजनीतिक लक्ष्य राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली होगा।

    भाजपा और केंद्र सरकार पर हमला

    रैली में ममता ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा अब लंबे समय तक भारत पर शासन नहीं कर सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां भाजपा के राजनीतिक फायदे के लिए काम कर रही हैं और कई राज्यों में सत्ता पर जबरदस्ती कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं।

    निर्वाचन आयोग और धरना की तैयारी

    सीएम ममता बनर्जी ने अपने सांसद कल्याण बनर्जी को निर्देश दिए कि आगामी राजनीतिक कदम के तहत उनका अगला धरना स्थल निर्वाचन आयोग होगा। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार में चुनाव आयोग की मदद से सत्ता हासिल की। ममता ने पूछा कि क्या भाजपा बंगाल पर भी इसी तरह कब्जा करने का प्रयास करेगी।

    ईडी छापेमारी पर ममता का बयान

    ममता ने आईपैक कार्यालय पर हुई ईडी की छापेमारी के संदर्भ में अपने फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि ईडी उनकी पार्टी की रणनीति से जुड़ी जानकारियां चुराने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा, “मैंने जो किया, टीएमसी अध्यक्ष के रूप में किया और इसमें कोई गलत बात नहीं है।”

    राजनीतिक संकेत और भविष्य की योजना

    ममता बनर्जी की यह रैली सिर्फ विधानसभा चुनाव में जीत का जश्न नहीं थी, बल्कि आगामी राजनीतिक लड़ाइयों के संकेत भी थे। उन्होंने साफ किया कि टीएमसी का अगला लक्ष्य केवल बंगाल तक सीमित नहीं है और उनकी नजर राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत उपस्थिति बनाने पर है।
    ममता बनर्जी की कोलकाता रैली में भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखे आरोप, निर्वाचन आयोग के प्रति सवाल और 2026 विधानसभा चुनाव में जीत का दावा ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उनका यह स्पष्ट संदेश है कि टीएमसी केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं रहेगी और दिल्ली की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाने का इरादा रखती है।

  • Makar Sankranti 2026 : मकर संक्रांति पर कैसे पकेगी खिचड़ी, षट्तिला एकादशी ने चावल दान पर भी फंसाया पेंच, अब मकर संक्रांति पर क्या करें?

    Makar Sankranti 2026 : मकर संक्रांति पर कैसे पकेगी खिचड़ी, षट्तिला एकादशी ने चावल दान पर भी फंसाया पेंच, अब मकर संक्रांति पर क्या करें?


    नई दिल्ली। मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी को मनाया जाएगा। हालांकि, इस बार की मकर संक्रांति बेहद ही खास होने वाली है। क्योंकि,मकर संक्रांति पर इस बार एकादशी तिथि का संयोग बन गया है। ऐसे में मकर संक्रांति पर सूर्यदेव के साथ भगवान विष्णु की कृपा का लाभ भी मिलने वाला है। लेकिन इससे मकर संक्रांति पर एक दुविधा की स्थिति भी बन गई है जिसको लेकर लोगों में उलझन की स्थिति बनी हुई है। दरअसल मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने और दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। लेकिन, एकादशी तिथि होने के कारण अब सवाल यह उठता है कि, क्या इस बार मकर संक्रांति पर भगवान को खिचड़ी का भोग लगाना,खिचड़ी खाना और दान करना शुभ रहेगा या नहीं। आपके इन्हीं सवालों के जवाब यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि अबकी बार मकर संक्रांति पर एकादशी तिथि के संयोग में खिचड़ी खाने, दान करने और भगवान को भोग लगाने के संबंध में आप क्या कर सकते हैं।

    क्या मकर संक्रांति 2026 पर कर सकते हैं चावल और खिचड़ी का दान ?
    सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। सूर्य इस दिन अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हें। इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं और देवताओं का दिन भी शुरू होता है। श्रीमद्भागवत गीता में भी मकर संक्रांति के दिन का बड़ा महत्व बताया गया है, इस दिन से देवलोक में दिन आरंभ होता और सूर्यदेव अपने दिए हुए वरदान के अनुसार मकर राशि में आकर धन समृद्धि और सुख लाते हैं। इसलिए भी इस दिन का विशेष महत्व है। और परंपराओं से चल मान्यता चली आ रही है कि मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी का भोग लगता है और खिचड़ी एवं चावल का दान भी किया जाता है। लेकिन अबकी बार मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का संयोग होने से दुविधा की स्थिति बन गई है।

    शास्त्रों के अनुसार, एकादशी तिथि पर अन्न का सेवन और अन्न दान करना वर्जित माना गया है। खास तौर पर चावल खाने और दान करने की मनाही है। ऐसे में मकर संक्रांति पर इस बार आप तिल, गुड़ और मूंगफली आदि का दान कर सकते हैं। इस दिन आप चावल और खिचड़ी का बाकी सामान दान के निमित्त अलग से निकालकर घर के मंदिर में रख दें।
    मकर संक्रांति 14 जनवरी बुधवार के दिन और उससे अगले दिन 15 जनवरी को गुरुवार है। शास्त्रों में गुरुवार के दिन खिचड़ी का सेवन वर्जित बताया गया है। ऐसे में आप उस दिन भी खिचड़ी नहीं बना सकते हैं तो ऐसे में शनिवार का दिन यानी 17 जनवरी को आप खिचड़ी बना सकते हैं और इसी दिन आप चावल का दान भी कर सकते हैं। बता दें कि 17 जनवरी शनिवार के दिन सप्तमी उपरांत अष्टमी तिथि रहेगी जो शनि से संबंधित है और सूर्य जब तक मकर राशि में गोचर करते रहेंगे तब तक माघ मास में दान पुण्य का संयोग बना रहेगा। ऐसे में इस दिन जो भी आप चावल आदि का दान करेंगे उसका आपको उत्तम फल मिलेगा। आप 17 जनवरी को खिचड़ी का सेवन भी करेंगे तो यह शुभ रहेगा और आपके ग्रह दोष कटेंगे।

    मकर संक्रांति 2026 पर क्या दान करें ?
    मकर संक्रांति पर इस बार आप चाहें तो गुड़, तिल, तिल से बनी चीजें जैसे लड्डू आदि का दान करें। इस दिन तिल का दान करने से पापों का नाश होता है। साथ ही तिल का दान करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं। इस दिन दान पुण्य करने से सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है।

  • ISPL 2026 बना स्टार्स का संगम, अक्षय-सूर्या-राम चरण की फोटो पर फैंस का जबरदस्त रिएक्शन

    ISPL 2026 बना स्टार्स का संगम, अक्षय-सूर्या-राम चरण की फोटो पर फैंस का जबरदस्त रिएक्शन

    नई दिल्ली। इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (ISPL) के तीसरे सीजन का उद्घाटन समारोह शुक्रवार को गुजरात के सूरत में भव्य अंदाज में आयोजित किया गया। इस मौके पर खेल और मनोरंजन की दुनिया का अनोखा मेल देखने को मिला। कार्यक्रम में भारतीय सिनेमा के तीन बड़े सितारे-अक्षय कुमार, सूर्या और राम चरण—एक साथ पहुंचे और मंच पर कैमरे के लिए पोज देते हुए फैंस को यादगार लम्हा दे गए। जैसे ही तीनों कलाकारों की तस्वीर सामने आई, सोशल मीडिया पर यह पल वायरल हो गया।

    फैंस बोले-‘एक फ्रेम में तीन लेजेंड्स’

    इस खास पल में अक्षय कुमार, सूर्या और राम चरण एक-दूसरे को गले लगाते हुए नजर आए। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने जोरदार तालियों और सीटियों से उनका स्वागत किया। सोशल मीडिया पर फैंस ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा—“Legends in one frame” और “Indian cinema power packed moment।” कई यूजर्स ने इसे भारतीय सिनेमा की तीन बड़ी इंडस्ट्रीज़ का ऐतिहासिक संगम बताया।

    स्टाइल में भी दिखी अलग पहचान

    तीनों सितारे अपने-अपने स्टाइल में भी अलग नजर आए। अक्षय कुमार ने ब्लू हुडी, डेनिम जींस और व्हाइट स्नीकर्स के साथ कैजुअल लेकिन कूल लुक अपनाया। वहीं सूर्या बेज कलर के सूट और व्हाइट टी-शर्ट में बेहद डैपर दिखे। राम चरण ने व्हाइट टी-शर्ट, ब्लू जींस और ब्लैक लेदर जैकेट के साथ अपने सिग्नेचर स्वैग को बरकरार रखा। तीनों का यह अंदाज फैंस को काफी पसंद आया।

    क्या है इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग

    इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग एक टी10 टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट है, जिसमें देशभर की टीमें हिस्सा लेती हैं। ISPL सीजन 3 की शुरुआत 9 जनवरी 2026 से हो चुकी है और यह टूर्नामेंट 6 फरवरी 2026 तक चलेगा। लीग के सभी मुकाबले जियोहॉटस्टार पर लाइव स्ट्रीम किए जा रहे हैं।

    स्टार्स की टीमों से सजी ISPL

    ISPL सीजन 3 में कई नामचीन सितारे टीम ओनर के तौर पर जुड़े हैं। मौजूदा चैंपियन माजी मुंबई (अमिताभ बच्चन), टाइगर्स ऑफ कोलकाता (सौरव गांगुली, सैफ अली खान और करीना कपूर), श्रीनगर के वीर (अक्षय कुमार), चेन्नई सिंगम्स (सूर्या), बेंगलुरु स्ट्राइकर्स (ऋतिक रोशन), फाल्कन राइजर्स हैदराबाद (राम चरण) के अलावा नई टीमों दिल्ली सुपरहीरोज (सलमान खान) और अहमदाबाद लॉयंस (अजय देवगन) भी इस लीग का हिस्सा हैं।

    मनोरंजन और क्रिकेट का दमदार मेल

    ISPL 2026 न सिर्फ क्रिकेट प्रेमियों बल्कि फिल्मी सितारों के फैंस के लिए भी खास बनता जा रहा है। उद्घाटन समारोह में अक्षय कुमार, सूर्या और राम चरण की मौजूदगी ने इस लीग की चमक को और बढ़ा दिया है। अब दर्शकों को मैदान पर रोमांचक मुकाबलों के साथ-साथ सितारों की मौजूदगी का भी भरपूर मनोरंजन मिलने वाला है।

  • बॉक्स ऑफिस पर प्रभास का जलवा: ‘द राजा साब’ ने पहले दिन कमाए 54.15 करोड़

    बॉक्स ऑफिस पर प्रभास का जलवा: ‘द राजा साब’ ने पहले दिन कमाए 54.15 करोड़

    नई दिल्ली। प्रभास स्टारर हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘द राजा साब’ ने बॉक्स ऑफिस पर दमदार एंट्री की है। Sacnilk वेबसाइट के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने रिलीज के पहले दिन भारत में सभी भाषाओं में करीब 45 करोड़ रुपये नेट की कमाई की। वहीं, गुरुवार को हुए पेड प्रीव्यू से फिल्म ने पहले ही 9.15 करोड़ रुपये कमा लिए थे। इस तरह ओपनिंग डे पर फिल्म का कुल कलेक्शन 54.15 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो इसे साल की बड़ी ओपनिंग फिल्मों में शामिल करता है।

    तेलुगु बेल्ट में जबरदस्त रिस्पॉन्स

    फिल्म को सबसे ज्यादा फायदा तेलुगु राज्यों से मिला, जहां प्रभास का स्टारडम साफ नजर आया। तेलुगु में कुल ऑक्यूपेंसी 57.16 प्रतिशत दर्ज की गई। मॉर्निंग शो 50.92 प्रतिशत से शुरू हुए, दोपहर में 50.82 प्रतिशत रहे, जबकि शाम के शो बढ़कर 57.70 प्रतिशत और रात के शो 69.20 प्रतिशत तक पहुंच गए। इससे साफ है कि जैसे-जैसे दिन बढ़ा, दर्शकों की दिलचस्पी और भी मजबूत होती गई।

    हिंदी और तमिल में मिला मिला-जुला रिस्पॉन्स

    हिंदी बेल्ट में फिल्म की शुरुआत थोड़ी धीमी रही। यहां कुल ऑक्यूपेंसी 15.63 प्रतिशत दर्ज की गई। मॉर्निंग शो सिर्फ 7.47 प्रतिशत रहे, लेकिन रात तक यह आंकड़ा बढ़कर 21.34 प्रतिशत तक पहुंच गया। तमिल वर्जन की बात करें तो यहां फिल्म ने औसत प्रदर्शन किया। तमिल में कुल ऑक्यूपेंसी 22.61 प्रतिशत रही, जबकि नाइट शोज में यह करीब 28 प्रतिशत तक पहुंच गई।

    शाम और रात के शोज बने गेमचेंजर

    जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, दर्शकों की संख्या में साफ इजाफा देखने को मिला। खासकर शाम और रात के शोज में फिल्म को बेहतर रिस्पॉन्स मिला। डॉल्बी सिनेमा के तेलुगु शोज में भी करीब 24.93 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, जो फिल्म के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    स्टारकास्ट और रिव्यू

    मारुति के निर्देशन में बनी ‘द राजा साब’ में प्रभास के साथ संजय दत्त, मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल, बोमन ईरानी, रिद्धि कुमार और ज़रीना वहाब अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। ETimes की समीक्षा के मुताबिक, प्रभास इस फिल्म में हल्के-फुल्के और स्वैग से भरे अंदाज में जमे हुए दिखते हैं। हालांकि, कुछ हिस्सों में कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है। कुल मिलाकर फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से मिला-जुला लेकिन उत्साहजनक रिस्पॉन्स मिल रहा है।

    पहले दिन की कमाई को देखते हुए साफ है कि वीकेंड पर ‘द राजा साब’ का बॉक्स ऑफिस ग्राफ और ऊपर जा सकता है।

  • संगीत सेरेमनी में कृति सेनन और नूपुर सेनन का धमाकेदार डांस, दोनों बहनों के ग्लैमरस लुक ने लूटी महफिल

    संगीत सेरेमनी में कृति सेनन और नूपुर सेनन का धमाकेदार डांस, दोनों बहनों के ग्लैमरस लुक ने लूटी महफिल

    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन की बहन नूपुर सेनन 11 जनवरी को उदयपुर में सिंगर स्टेबिन बेन के साथ सात फेरे लेने जा रही हैं। शादी से पहले तीन दिन तक चलने वाले इस निजी समारोह की शुरुआत 9 जनवरी को संगीत सेरेमनी के साथ हुई। इस खास मौके पर परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में संगीत का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कृति और नूपुर सेनन ने अपने डांस और स्टाइल से समां बांध दिया।

    ‘सजना जी वारी वारी’ पर बहनों का धमाकेदार डांस

    संगीत समारोह का सबसे खास पल तब आया जब नूपुर सेनन अपनी ब्राइड्समेड्स और बहन कृति सेनन के साथ मशहूर गाने ‘सजना जी वारी वारी’ पर थिरकती नजर आईं। दोनों बहनों की केमिस्ट्री, एनर्जी और एक्सप्रेशंस ने दर्शकों को खूब एंटरटेन किया। सोशल मीडिया पर इस डांस का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस दोनों बहनों की तारीफ करते नहीं थक रहे।

    कृति सेनन का हाई-फैशन ग्लैमरस अवतार

    संगीत समारोह में कृति सेनन का लुक चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने पिंक और ब्लू शेड्स वाला एम्ब्रॉयडर्ड लहंगा पहना, जिसमें स्पेगेटी स्ट्रैप्स वाला कुर्ती-स्टाइल ब्लाउज, वी-नेकलाइन और साइड स्लिट्स थे। लहंगे के हेम पर शीशे और कढ़ाई वाले शेल टैसल्स ने आउटफिट को और खास बना दिया। फ्लेयर्ड और प्लीटेड स्कर्ट में शिमरी शीशे की डिटेलिंग ने कृति के ग्लैम को नई ऊंचाई दी।

    हेयरस्टाइल और ज्वेलरी ने बढ़ाया चार्म

    कृति ने हाफ-टाई हेयरस्टाइल अपनाया, जिसमें ढीली लटें चेहरे को खूबसूरती से फ्रेम कर रही थीं। बन पर शीशे और शेल से सजी ज्वेलरी ने उनके लुक को यूनिक टच दिया। कुंदन चोकर, झुमके, गुलाबी चूड़ियां और चंकी ब्रेसलेट के साथ उनका मेकअप-स्मोकी आईज, ग्लॉसी पिंक लिप्स और रूज-टिन्टेड गाल- उन्हें परफेक्ट पार्टी लुक दे रहा था।

    नूपुर सेनन बनीं संगीत की स्टार

    दुल्हन बनने जा रहीं नूपुर सेनन भी किसी से कम नहीं दिखीं। उन्होंने रंग-बिरंगे पैनल डिजाइन वाला लहंगा पहना, जिसमें गोल्ड एम्ब्रॉयडर्ड ब्लाउज और शीशे-सिक्विन की खूबसूरत कढ़ाई थी। उनके लुक की खासियत ब्लाउज की डिटेलिंग रही, जिसमें टैसल एम्ब्रॉयडरी और शीशे वाली चेन हाथों और पीठ से होती हुई हेयरस्टाइल से जुड़ी नजर आई।

    दुल्हन के अंदाज ने लूटी तारीफें

    नूपुर ने चोकर नेकलेस, मांग टीका, चूड़ियां और बालों से जुड़े झुमकों के साथ अपने लुक को पूरा किया। ड्यूई ग्लैम मेकअप और गुंथे हुए बालों में वह एकदम ब्राइडल वाइब्स देती दिखीं। संगीत समारोह में दोनों बहनों का यह स्टाइलिश और एनर्जेटिक अंदाज शादी के जश्न को और खास बना गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं।

  • Hrithik Roshan: बचपन में हकलाने की समस्या, 21 की उम्र में गंभीर बीमारी, चुनौतियों से पार पाकर बने सुपरस्टार

    Hrithik Roshan: बचपन में हकलाने की समस्या, 21 की उम्र में गंभीर बीमारी, चुनौतियों से पार पाकर बने सुपरस्टार

    नई दिल्‍ली ।  ऋतिक रोशन का जन्म 10 जनवरी 1974 को मुंबई में हुआ था। उनकी गिनती हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में होती। अपने बेहतरीन अभिनय, डांस की खास शैली और दिलकश लुक्स की वजह से वह लाखों दिलों पर राज करते हैं। हालांकि, उनकी सफलता की कहानी सिर्फ चमक-दमक और स्टाइल से जुड़ी नहीं है। फिल्मों से कदम रखन से पहले उनके संघर्ष की कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा का काम कर सकती है।
    फिल्म परिवार से रखते हैं ताल्लुक
    ऋतिक रोशन का जन्म एक फिल्मी परिवार में हुआ था। उनके पिता राकेश रोशन बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और फिल्म निर्माता हैं। वहीं, उनकी मां पिंकी रोशन, एक गृहिणी हैं। उनके दादा, रोशनलाल नागरथ भी संगीतकार थे। उनके चाचा राजेश रोशन भी संगीतकार हैं। राकेश की फिल्मों का संगीत वह ही तैयार करते हैं।
    बचपन में कई चुनौतियों का किया सामना
    फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद ऋतिक का बचपन काफी संघर्षों के साथ गुजरा। वह हकलाने की समस्या से जूझते थे, जिसके कारण वह लोगों के बीच बोलने में संकोच करते थे। इसके अलावा वह अपने हाथ के अतिरिक्त अंगूठे की वजह से काफी खराब महसूस करते थे। स्कूल के दोस्त उनका मजाक उड़ाया करते थे। पहली फिल्म में नजर आने से पहले वह अपने इस अंगूठे को कटवाना चाहते थे, लेकिन मां की सलाह के बाद उन्होंने ऐसा नहीं किया।
    21 साल की उम्र में हुई गंभीर बीमारी
    ऋतिक एक और गंभीर शारीरिक समस्या का सामना कर चुके हैं। 21 साल की उम्र में उन्हें स्कोलियोसिस नामक बीमारी का पता चला, जिसमें रीढ़ की हड्डी में घुमाव होता है और यह व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियों को प्रभावित करता है। डॉक्टर ने यह तक कह दिया था कि वह कभी डांस नहीं कर सकते। हालांकि, ऋतिक ने अपनी मेहनत और समर्पण से इस बीमारी पर भी जीत हासिल की और बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन डांसर्स में अपनी जगह बनाई।
    चुनौतियों से पार पाकर बने सुपरस्टार
    ऋतिक रोशन ने 2000 में कहो न प्यार है से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इस फिल्म ने उन्हें स्टार बना दिया और वह रातों-रात लाखों दिलों की धड़कन बन गए। उनकी आकर्षक पर्सनालिटी, कड़ी मेहनत और डांस स्टाइल ने दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया। इस फिल्म की सफलता ने उन्हें बॉलीवुड के शीर्ष अभिनेताओं में जगह दिलाई।
    इस फिल्म में जल्द आएंगे नजर
    इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें, धूम 2, जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, वॉर, और सुपर 30 जैसी फिल्मों का नाम प्रमुख है। उनकी फिल्मों में न सिर्फ उनके अभिनय का जादू देखने को मिला, बल्कि उन्होंने अपने डांस और स्टाइल से भी करोड़ों लोगों को अपना प्रशंसक बनाया। मौजूदा समय में वह वॉर 2 में काम कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन अयान मुखर्जी कर रहे हैं। फिल्म इस साल स्वतंत्रता दिवस के आस-पास रिलीज हो सकती है।
  • आप भी खड़े होकर पीते हैं पानी? तो जाएं सावधान; जानिए इसके बड़े नुकसान

    आप भी खड़े होकर पीते हैं पानी? तो जाएं सावधान; जानिए इसके बड़े नुकसान


    नई दिल्ली । स्वस्थ रहने के लिए पानी पीना उतना ही जरूरी है जितना कि उसका सही तरीका अपनाना। आजकल हम अक्सर जल्दबाजी में खड़े होकर पानी पी लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपके शरीर के लिए कितनी हानिकारक हो सकती है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, खड़े होकर पानी पीने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें किडनी, पाचन तंत्र और फेफड़ों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं कि खड़े होकर पानी पीने के क्या नुकसान हो सकते हैं और इसे ठीक से पीने का तरीका क्या है।

    खड़े होकर पानी पीने के नुकसान

    मांसपेशियों और जोड़ों पर असर खड़े होकर पानी पीने से शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो सकते हैं क्योंकि इस स्थिति में पानी पेट के निचले हिस्से में दबाव डालते हुए पहुंचता है। इससे शरीर की नसों पर भी दबाव पड़ता है जिससे कमर और रीढ़ की हड्डी में दर्द और जकड़न की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक इस आदत को अपनाने से मांसपेशियों और जोड़ों में ऐंठन और समस्या हो सकती है।

    किडनी से जुड़ी परेशानियां

    जब आप खड़े होकर पानी पीते हैं तो पानी जल्दी से पेट के निचले हिस्से में पहुंचता है और किडनी के ऊपर अधिक दबाव डालता है। इस दबाव के कारण किडनी का कार्य प्रभावित हो सकता है, जिससे शरीर में पानी का फिल्टरेशन सही तरीके से नहीं हो पाता। दूसरी ओर बैठकर पानी पीने से शरीर धीरे-धीरे पानी अवशोषित करता है, जिससे किडनी का कार्य संतुलित रहता है और किडनी पर दबाव कम पड़ता है।

    फेफड़ों और हृदय को नुकसान

    खड़े होकर पानी पीने से विटामिन्स और पोषक तत्व सही तरीके से पाचन तंत्र और लिवर तक नहीं पहुंच पाते। इससे हृदय और फेफड़ों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा यह शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को भी प्रभावित कर सकता है जिससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

    पाचन प्रक्रिया होती है प्रभावित

    खड़े होकर पानी पीने से पानी तेजी से पेट में पहुंचता है, जो पाचन तंत्र को सही तरीके से काम करने का समय नहीं देता। इससे गैस, अपच पेट भारी रहने और पेट की अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। पानी का सही तरीके से पाचन में शामिल होना बेहद जरूरी है और बैठकर पानी पीने से यह प्रक्रिया बेहतर तरीके से होती है।

    पानी पीने का सही तरीका

    स्वस्थ शरीर और बेहतर पाचन के लिए पानी पीने का तरीका बहुत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के अनुसार बैठकर पानी पीना सबसे अच्छा होता है। इसे धीरे-धीरे और शांतिपूर्वक पीना चाहिए, जिससे पानी अच्छे से शरीर में अवशोषित हो सके। पीठ सीधी रखकर पानी पिएं ताकि शरीर में कोई अतिरिक्त दबाव न पड़े और रक्त संचार सही से हो। 7-8 गिलास पानी हर दिन पीना चाहिए, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और विषाक्त तत्व बाहर निकल सकें। पानी पीना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसका सही तरीका अपनाना भी है। खड़े होकर पानी पीने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, खासकर किडनी पाचन तंत्र और हृदय पर। इसलिए, स्वस्थ रहने के लिए हमेशा बैठकर और धीरे-धीरे पानी पिएं ताकि शरीर को बेहतर तरीके से हाइड्रेट किया जा सके और आपकी सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े।