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  • शाहिद कपूर ने विशाल भारद्वाज की ओ रोमियो का इंटेंस फर्स्ट लुक जारी किया, फिल्म इस तारीख को रिलीज होगी

    शाहिद कपूर ने विशाल भारद्वाज की ओ रोमियो का इंटेंस फर्स्ट लुक जारी किया, फिल्म इस तारीख को रिलीज होगी

    नई दिल्‍ली ।  एक्टर शाहिद कपूर ने शुक्रवार, 9 जनवरी को अपनी आने वाली फिल्म ओ रोमियो का शानदार फर्स्ट-लुक पोस्टर जारी किया, जिससे फैंस उनके दमदार और खून से सने अवतार को देखकर उत्सुक हो गए। सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर करते हुए, शाहिद ने कैप्शन दिया, “रोमियो ओ रोमियो तुम कहाँ हो ओ’रोमियो!” और घोषणा की कि फिल्म का ट्रेलर 10 जनवरी को रिलीज होगा।
    शाहिद ने ओ रोमियो का फर्स्ट लुक जारी किया
    पोस्टर में, शाहिद मुंह खोलकर चिल्लाते हुए दिख रहे हैं, उनका चेहरा, गर्दन और हाथ खून से सने हुए हैं और उन पर कट और चोट के निशान हैं और टैटू बने हुए हैं। एक डार्क, आंशिक रूप से बिना बटन वाली शर्ट पहने, बेल्ट, अंगूठियां, ब्रेसलेट और एक चेन नेकलेस के साथ, एक्टर में एक कच्ची तीव्रता दिख रही है, जो एक डार्क और भावनात्मक रूप से चार्ज कहानी का संकेत देती है। पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा था, “#ORomeo की दुनिया की एक झलक देखें। कल आ रहा है!” फिल्म साजिद नाडियाडवाला द्वारा प्रस्तुत की गई है और 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
    शाहिद और विशाल के पिछले सहयोग
    ओ रोमियो शाहिद कपूर और जाने-माने फिल्म निर्माता विशाल भारद्वाज के बीच एक और सहयोग है, यह जोड़ी शक्तिशाली और अपरंपरागत सिनेमा देने के लिए जानी जाती है। दोनों ने पहले समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्मों जैसे कमीने (2009) और हैदर (2014) में एक साथ काम किया है, दोनों में शाहिद ने अपने कुछ सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किए हैं। उनके सहयोग गहन कहानी कहने, परतदार किरदारों और बोल्ड कहानियों के लिए जाने जाते हैं, जिससे ओ रोमियो के उनकी फिल्मोग्राफी में एक और जुड़ाव होने की उम्मीद बढ़ गई है।
    ओ रोमियो के बारे में और जानें
    ओ रोमियो को शेक्सपियर के रोमियो और जूलियट से प्रेरित एक आधुनिक, डार्क रीइमेजिनिंग के रूप में वर्णित किया गया है, जो एक कठोर और हिंसक पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म प्यार, जुनून, क्रोध और विश्वासघात के विषयों की पड़ताल करती है, जिसमें शाहिद का किरदार एक ऐसी दुनिया में घूमता है जो क्रूरता और भावनात्मक उथल-पुथल से भरी हुई है। फिल्म में तृप्ति डिमरी फीमेल लीड के रूप में हैं। विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित, ओ रोमियो स्टाइलिश हिंसा, काव्यात्मक कहानी कहने और दिल को छू लेने वाले संगीत का मिश्रण होने का वादा करती है, जो फिल्म निर्माता की सिग्नेचर शैली की पहचान है।
  • इंदौर एमवाय अस्पताल में फिर लापरवाही: चेस्ट वार्ड में डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा कटा, नर्स सस्पेंड

    इंदौर एमवाय अस्पताल में फिर लापरवाही: चेस्ट वार्ड में डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा कटा, नर्स सस्पेंड


    इंदौर । इंदौर प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार एमवाय अस्पताल एक बार फिर गंभीर लापरवाही के कारण सुर्खियों में है। चूहा कांड के बाद अब अस्पताल में एक और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा कट गया। यह घटना चेस्ट वार्ड में हुई, जहां एक नर्स की लापरवाही के कारण मासूम का अंगूठा काटा गया। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल कार्रवाई की गई।

    घटना का विवरण

    बताया जा रहा है कि बेटमा से निमोनिया के इलाज के लिए एक मासूम को एमवाय अस्पताल के चेस्ट वार्ड में भर्ती कराया गया था। यहां, नर्स ने बच्चे के हाथ पर लगे टेप को काटने के लिए कैंची का इस्तेमाल किया। लापरवाही से कैंची बच्चे के अंगूठे पर लग गई, जिससे उसका अंगूठा कट गया। घटना के बाद बच्चे के परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

    अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई

    इस गंभीर लापरवाही को लेकर अस्पताल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित नर्स को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही तीन नर्सिंग इंचार्ज का वेतन रोकने की भी कार्रवाई की गई। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    बच्चे का उपचार

    हालांकि, इस घटना के बाद बच्चे की स्थिति गंभीर थी, लेकिन उसे इंदौर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया, जहां प्लास्टिक सर्जन की टीम ने ऑपरेशन कर कटे हुए अंगूठे को सफलतापूर्वक ठीक कर दिया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि बच्चे की हालत स्थिर है और उसे निगरानी में रखा गया है।

    पहले भी विवादों में रहा अस्पताल

    यह पहला मामला नहीं है, जब एमवाय अस्पताल विवादों में आया हो। इससे पहले भी नवजात बच्चों को चूहों द्वारा कुतरे जाने की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। लगातार ऐसी लापरवाहियां सामने आने के बाद अब अस्पताल प्रशासन को सख्त कार्रवाई की जरूरत है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों का विश्वास बना रहे।

  • मऊगंज में खाकी का गवाह घोटाला: पुलिस के 'सुपर गवाह' ने खोला तंत्र का कच्चा चिट्ठा, 1000 मुकदमे और सिर्फ 6 चेहरे

    मऊगंज में खाकी का गवाह घोटाला: पुलिस के 'सुपर गवाह' ने खोला तंत्र का कच्चा चिट्ठा, 1000 मुकदमे और सिर्फ 6 चेहरे


    मऊगंज । मऊगंज अभय मिश्रा मऊगंज जिले के नईगढ़ी और लौर थाने में पुलिस द्वारा गवाहों के नाम पर एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है जो ना सिर्फ कानून की धज्जियां उड़ाने वाला है, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। यहां पर ऐसे सुपर गवाह सामने आए हैं, जो एक ही दिन में 7-7 मुकदमों में गवाही देते हैं और हर मामले में वही चेहरा दिखाई देता है। इन गवाहों में प्रमुख नाम है अमित कुशवाहा का जो अब तक 500 से ज्यादा मामलों में गवाही दे चुका है।

    गवाहों के नाम पर खेल

    अमित कुशवाहा, जो खुद एक सरकारी वाहन चालक है, मऊगंज पुलिस के पॉकेट गवाह के रूप में सामने आया है। आश्चर्यजनक रूप से, 2020 की एक FIR में उसकी उम्र 20 साल दर्ज की जाती है, जबकि 5 साल बाद 2025 की FIR में उसकी उम्र केवल 21 साल बताई जाती है। यह सवाल खड़ा करता है कि क्या मऊगंज पुलिस ने जानबूझकर यह गवाह तैयार किया है। RTI के जवाब में पुलिस ने दावा किया था कि अमित कुशवाहा उनका वाहन चालक नहीं है, लेकिन जब उसे सरकारी गाड़ी चलाते पकड़ा गया तो यह सफाई पूरी तरह से झूठी साबित हो गई। इसके अलावा यह भी तथ्य सामने आया है कि अमित कुशवाहा थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर के साथ हमेशा रहता है और जहां-जहां साहब का तबादला होता है वह गवाही देने पहुंच जाता है।

    पुलिसिया तंत्र की पोल
    टीम ने यह भी खुलासा किया कि गवाही देने वाले इसी पॉकेट गवाह के जरिए पुलिस ने दर्जनों निर्दोषों को सलाखों के पीछे डाला। उदाहरण के तौर पर जहरीली शराब मामले में 20 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई जिसमें अमित कुशवाहा गवाह बना। यह मामला सिर्फ एक उदाहरण था क्योंकि ऐसे कई मामलों में गवाह वही चेहरा नजर आता है जिससे पुलिस ने तंत्र को पूरी तरह से मजाक बना दिया। नईगढ़ी थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर का नाम इस पूरे खेल में सबसे ऊपर है, क्योंकि उनके कार्यकाल में गवाहों के इस सिंडिकेट का पूरी तरह से विस्तार हुआ। इनका ट्रैक रिकॉर्ड विवादों से भरा पड़ा है जिसमें बिछिया थाने में एक निर्दोष व्यक्ति की पिटाई के मामले में मानवाधिकार आयोग ने जुर्माना लगाया था लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    किसकी हो रही है सुनवाई

    मऊगंज के इस मामले में आरोप है कि पुलिस ने 80 साल के बुजुर्ग नंदकुमार तिवारी को आधी रात को लॉकअप में डाल दिया। उनके खिलाफ कोई ठोस आरोप नहीं था बस उन्होंने पुलिस की रात में मौजूदगी पर सवाल उठाया था। वायरल ऑडियो में पुलिसकर्मी खुद स्वीकार कर रहे हैं कि उनके पास शराब नहीं बल्कि पेट्रोल था फिर भी आरोप आबकारी का बनाया गया और गवाह वही पुलिस का चहेता अमित कुशवाहा।

    सिंडीकेट का बड़ा खुलासा

    नईगढ़ी और लौर थाने में पॉकेट गवाहों की पूरी फौज खड़ी कर दी गई है, जिनमें राहुल विश्वकर्मा, दिनेश कुशवाहा जैसे नाम शामिल हैं, जो थाने में चपरासी तक के काम करते हैं। यह मामला अब राज्य की सियासत के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। समाजसेवी कुंजबिहारी तिवारी ने इस संगठित अपराध की शिकायत मुख्यमंत्री, डीजीपी, आईजी और लोकायुक्त से की है। उनके पास साक्ष्य और वीडियो प्रमाण हैं, जो पुलिस के खिलाफ गवाही दे रहे हैं।

    सीसीटीएनएस पोर्टल और मैनुअल जांच
    मऊगंज पुलिस का गवाह घोटाला अब सीसीटीएनएस पोर्टल के जरिए सामने आया है, जहां पर दर्ज डिजिटल रिकॉर्ड से इस पूरे तंत्र का खुलासा हुआ है। जानकारों का मानना है कि अगर मैनुअल FIR और पुरानी केस डायरियों की निष्पक्ष जांच की जाए तो यह आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है, जो मऊगंज के नईगढ़ी और लौर थाना पुलिस के ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकता है।

    न्याय के गले में फंसा ताला
    क्या खाकी अब बेगुनाहों की जिंदगी से खेल रही है यह सवाल मऊगंज की पुलिस पर ही नहीं पूरे न्यायिक तंत्र पर भी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अमानुल्लाह ने हाल ही में पॉकेट गवाहों पर सख्त टिप्पणी करते हुए इसे न्याय का कत्ल बताया था लेकिन मऊगंज का यह मामला पूरी तरह से पुलिसिया तंत्र की पोल खोलने का काम कर रहा है। अब सवाल यह है कि इस घोटाले पर कब कार्रवाई होगी ।

  • Winter Hair Care Tips: नारियल तेल में ऐसे मिलाएं आंवला, फिर बालों पर करें अप्लाई, झड़ने की समस्या होगी खत्म

    Winter Hair Care Tips: नारियल तेल में ऐसे मिलाएं आंवला, फिर बालों पर करें अप्लाई, झड़ने की समस्या होगी खत्म

    नई दिल्‍ली । ठंड के मौसम में हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे सिर की त्वचा रूखी होने लगती है. स्कैल्प ड्राई होने से बालों की जड़ें कमजोर पड़ती हैं और बाल झड़ने लगते हैं. इसके अलावा ठंड में पानी कम पीना और धूप की कमी भी बालों के झड़ने का बड़ा कारण बनती है.

    सर्दियों में खानपान में लापरवाही से शरीर में आयरन, प्रोटीन और विटामिन्स की कमी हो जाती है. खासकर विटामिन-सी, विटामिन-ई और बायोटिन की कमी बालों की ग्रोथ को प्रभावित करती है, जिससे हेयर फॉल की समस्या बढ़ जाती है.
    ठंड में अक्सर लोग गर्म पानी से सिर धोते हैं, जिससे स्कैल्प का नैचुरल ऑयल खत्म हो जाता है. बार-बार शैंपू करना, गीले बालों में कंघी करना और हेयर ड्रायर का ज्यादा इस्तेमाल भी बाल झड़ने का कारण बनता है.
    ब्यूटी एक्सपर्ट रिजवाना परवीन बताती है कि सर्दियों में हल्के गुनगुने पानी से ही बाल धोएं और हफ्ते में दो बार से ज्यादा शैंपू न करें. नारियल, सरसों या तिल के तेल से नियमित मालिश करें. साथ ही हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे और पर्याप्त पानी को डाइट में शामिल करें.
    उन्होंने कहा कि आंवले का तेल बालों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो बालों की जड़ों को मजबूत करते हैं, समय से पहले सफेद होने से रोकते हैं और बालों में प्राकृतिक चमक लाते हैं.
    उन्होंने कहा कि घर पर आंवला तेल बनाने के लिए 5–6 ताजे आंवले, 250 मिली नारियल या तिल का तेल और एक साफ कांच की बोतल लें. आंवले को अच्छे से धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें या कद्दूकस कर लें.
    कढ़ाही में तेल डालकर धीमी आंच पर गरम करें और उसमें आंवला डाल दें. जब आंवला काला पड़ जाए और तेल से खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें. ठंडा होने पर तेल को छानकर कांच की बोतल में भर लें. यह तेल 2–3 महीने तक सुरक्षित रहता है.
    उन्होंने कहा कि हफ्ते में 2–3 बार आंवला तेल से हल्के हाथों से सिर की मालिश करें और 1–2 घंटे बाद बाल धो लें. नियमित इस्तेमाल से बाल झड़ना कम होता है, डैंड्रफ दूर होता है और बाल घने, मजबूत और चमकदार बनते हैं.
  • ED के छापों के बाद कोलकाता से दिल्ली तक सियासी बवाल, TMC के 8 सांसद अमित शाह के दफ्तर के बाहर हिरासत में

    ED के छापों के बाद कोलकाता से दिल्ली तक सियासी बवाल, TMC के 8 सांसद अमित शाह के दफ्तर के बाहर हिरासत में


    नई दिल्ली । कोलकाता में IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर ईडी की छापेमारी के बाद राजनीतिक हलकों में बवाल मच गया है। यह छापेमारी पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टीके बीच राजनीतिक संघर्ष को और गहरा कर दिया है। इस पर टीएमसी और बीजेपी दोनों ही पक्षों के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली।

    TMC के सांसदों ने मंगलवार, 9 जनवरी को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया, विरोध जताने के लिए। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए सांसदों ने ईडी की कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। इस दौरान TMC के प्रमुख नेताओं में से डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने टीएमसी के नेताओं, डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा को हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कुल आठ सांसदों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन उन्हें माहौल को देखते हुए बाद में रिहा कर दिया गया।

    महुआ मोइत्रा ने प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा, यह हमारे साथ अन्याय हो रहा है। हमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी के सामने झुकने वाली नहीं हैं। गृह मंत्रालय ने ईडी का गलत इस्तेमाल किया है। ईडी को हमारी पार्टी की राजनीतिक और रणनीतिक जानकारी चुराने के लिए भेजा गया था। ममता बनर्जी शेरनी हैं और उन्होंने हमारी पार्टी की प्रॉपर्टी की रक्षा की है। हम बीजेपी को हराकर दिखाएंगे।

    TMC सांसद शताब्दी रॉय ने भी तीखा हमला करते हुए कहा, कल पूरी दुनिया ने देखा कि गृह मंत्रालय ने ईडी का गलत इस्तेमाल किया। ये सिर्फ चुनाव जीतने के लिए अपनी एजेंसियों को भेजते हैं, लेकिन वे चुनाव नहीं जीत सकते। वहीं, कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया कि BJP ने ग्यारह साल तक सही टेंडर जारी नहीं किए और अपनी पार्टी के लोगों को काम देकर उन्हें लूटने का मौका दिया।

    टीएमसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी लोकतंत्र को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल कर रही है और यह सब असहमति को दबाने के लिए किया जा रहा है। TMC नेताओं का कहना है कि ईडी की छापेमारी को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, खासकर चुनावों से पहले। गौरतलब है कि ईडी ने कोयला चोरी घोटाले से जुड़े धनशोधन की जांच के तहत कोलकाता स्थित आई-पैक के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की थी। इसके बाद टीएमसी सरकार पर आरोप लगाते हुए लगातार हमलावर हो गई थी। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक मैदान को और भी गरम कर दिया है, और दोनों प्रमुख दलों के बीच आगामी विधानसभा चुनावों में संघर्ष तेज हो गया है।

  • IND vs BAN विवाद पर तमीम इकबाल की सलाह: जज़्बात से नहीं, भविष्य को ध्यान में रखकर लें फैसले

    IND vs BAN विवाद पर तमीम इकबाल की सलाह: जज़्बात से नहीं, भविष्य को ध्यान में रखकर लें फैसले

    नई दिल्‍ली ।  भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे क्रिकेट विवाद पर बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। तमीम ने कहा कि इस तरह के अहम मामलों में भावनाओं के बजाय जिम्मेदारी और दूरदर्शिता के साथ सोचने की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्दबाजी में फैसले लिए गए, तो उसका असर सिर्फ मौजूदा हालात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले एक दशक तक बांग्लादेश क्रिकेट को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

    भारत में टूर्नामेंट पर बांग्लादेश की आपत्ति
    फरवरी से भारत में प्रस्तावित टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस मुद्दे पर असमंजस की स्थिति में है और उसने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत की यात्रा से इनकार किया है। BCB ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से अनुरोध किया है कि बांग्लादेश के मैच सह-मेजबान श्रीलंका में आयोजित किए जाएं। इस बीच विवाद तब और तेज हो गया जब आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया। बांग्लादेश में इस फैसले को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में तल्खी और बढ़ गई है।

    IND-BAN विवाद पर तमीम इकबाल की अपील
    भारत-बांग्लादेश क्रिकेट विवाद को लेकर तमीम इकबाल ने संयम बरतने की अपील की है। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां काफी संवेदनशील हैं और ऐसे माहौल में किसी भी तरह का जल्दबाजी वाला फैसला नुकसानदायक साबित हो सकता है। तमीम का मानना है कि अगर सभी संबंधित पक्ष आपस में संवाद करें तो कई जटिल मुद्दों का समाधान संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को सिर्फ मौजूदा हालात नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी स्थिति और टीम के भविष्य को भी ध्यान में रखना चाहिए। उनका कहना है कि हर फैसला इस सोच के साथ लिया जाना चाहिए कि वह लंबे समय में बांग्लादेश क्रिकेट और खिलाड़ियों के हित में हो।

    BCB को तमीम की सलाह
    तमीम इकबाल ने इस पूरे विवाद पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को सलाह दी है। उन्होंने कहा कि BCB को एक स्वतंत्र संस्था की तरह काम करना चाहिए। तमीम ने माना कि सरकार से संवाद जरूरी है, लेकिन किसी भी बड़े फैसले की जिम्मेदारी अंततः बोर्ड की ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनभावनाएं अक्सर जज्‍बात से संचालित होती हैं, लेकिन अगर हर निर्णय उसी आधार पर लिया जाए तो इतनी बड़ी क्रिकेट संस्था को सही तरीके से चलाना मुश्किल हो जाता है।

    तमीम ने आगाह किया कि आज लिया गया कोई भी कदम आने वाले 10 वर्षों तक बांग्लादेश क्रिकेट की दिशा तय कर सकता है। उनका कहना है कि फैसले भावनाओं से ऊपर उठकर इस बात को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए कि वे देश के क्रिकेट ढांचे और खिलाड़ियों के भविष्य के लिए कितने फायदेमंद हैं। तमीम के इस बयान से साफ है कि भारत–बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों को लेकर चल रहा विवाद केवल मौजूदा टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर लंबे समय तक दिखाई दे सकता है।

  • नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे

    नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे


    सतना । कोलगवां थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक पंद्रह स्थित पानी टंकी क्षेत्र में नशेड़ियों ने पुलिस पर पत्थर से हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब पुलिसकर्मी शराब पीकर हंगामा कर रहे युवकों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। करीब एक दर्जन आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे पुलिसकर्मियों को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा।

    सूचना मिलने के बाद दो पुलिसकर्मी बाइक से मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि कुछ युवक शराब पीकर गाली-गलौज कर रहे थे और क्षेत्र में अशांति फैला रहे थे। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने नशेड़ियों को समझाने की कोशिश की, उन युवकों ने न केवल पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों को अपनी जान की सुरक्षा के लिए वहां से भागना पड़ा।

    इस हमले में पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, लेकिन कोई बड़ी घटना नहीं घटी। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद नशेड़ियों का एक समूह था जो पहले तो गाली-गलौज कर रहा था और फिर अचानक हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन हमलावरों का कुछ पता नहीं चल पाया है।पुलिस ने इस हमले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई है। इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि इलाके में बढ़ते नशे के मामलों पर नियंत्रण रखने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

  • Republic Day Long Weekend 2026: इन छुट्टियों में घूम आएं भारत की 5 खूबसूरत जगहें, ट्रिप रहेगा यादगार

    Republic Day Long Weekend 2026: इन छुट्टियों में घूम आएं भारत की 5 खूबसूरत जगहें, ट्रिप रहेगा यादगार


    नई दिल्‍ली ।  Republic Day 2026 : रोजाना की भागदौड़ और काम के प्रेशर के बीच ब्रेक मिलना किसी बोनस से कम नहीं होता, खासकर उन युवाओं के लिए जिन्होंने नए साल पर अपने लिए Travel Goals सेट किए हैं. इस लॉन्ग वीकेंड में आप आसानी से बजट ट्रिप(Budget Trip) प्लान कर सकते हैं, जिसमें ज्यादा छुट्टियां भी नहीं लगतीं और जेब पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ता.
    राजस्थान- कम दिनों में ज्यादा कुछ देखने का प्लान हो तो राजस्थान बेहतरीन जगह है. जयपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे शहर न केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए मशहूर हैं बल्कि यहां का फूड, लोकसंस्कृति और हैंडलूम भी लोगों को बेहद आकर्षित करता है. जनवरी में यहां का मौसम सुहावना रहता है, इसलिए किले, हवेलियां, लेक और डेजर्ट सफारी आराम से एक्सप्लोर की जा सकती हैं.
    शिमला- सर्दियों में हिल स्टेशन का मजा लेना हो तो शिमला की ओर रुख किया जा सकता है. दिल्ली-एनसीआर से यह डेस्टिनेशन रोड ट्रिप के लिए भी फेमसहै. इस मौसम में यहां बर्फबारी देखने का मौका मिल सकता है, जो ट्रिप का अनुभव और यादगार बना देता है. मॉल रोड, रिज, आसपास के व्यू पॉइंट्स और कैफे, कम दिनों में भी आसानी से घूमे जा सकते हैं.
    ऋषिकेश- एडवेंचर और शांति दोनों साथ चाहिए हों तो ऋषिकेश एक परफेक्ट जगह है. यहां रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, कैंपिंग और ट्रेकिंग जैसी गतिविधियां युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. इसके साथ ही गंगा तट पर होने वाली आरती और पहाड़ों के बीच शांत वातावरण मानसिक सुकून भी देता है.
    पचमढ़ी- मध्य प्रदेश का पचमढ़ी नेचर लवर्स के लिए खास आकर्षण रखता है. यह हिल स्टेशन अपनी हरी-भरी वादियों, झरनों और ऐतिहासिक गुफाओं के लिए जाना जाता है. जनवरी का मौसम घूमने के लिए अनुकूल रहता है, इसलिए कम दिनों में भी यहां की खूबसूरती आराम से देखी जा सकती है.
    लैंसडाउन- जो लोग भीड़-भाड़ से दूर शांत जगह तलाश रहे हैं, उनके लिए उत्तराखंड का लैंसडाउन बढ़िया विकल्प है. यहां का सुकून भरा माहौल, ऊंचे देवदार के पेड़ और साफ-सुथरी घाटियां इसे एक रिलैक्सिंग वीकेंड डेस्टिनेशन बनाते हैं.
    रिपब्लिक डे 2026 का यह लॉन्ग वीकेंड उन लोगों के लिए खास मौका है जो नए साल में खुद के लिए “मी-टाइम” या “ट्रैवल गोल्स” सेट कर चुके हैं. सही बजट, पहले से बुकिंग और थोड़ा-सा प्लानिंग करके यह छोटा ब्रेक आपकी यादों में लंबे समय तक जगह बना सकता है. तो अगर आप भी छुट्टियों को सिर्फ कैलेंडर पर देखकर छोड़ देने वालों में नहीं हैं, तो इस बार कहीं निकल पड़ें, नई जगहें देखिए, नए अनुभव जुटाइए और साल की शुरुआत पॉजिटिव एनर्जी के साथ कीजिए
  • ग्वालियर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड का कहर: 25 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, जनजीवन बेहाल

    ग्वालियर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड का कहर: 25 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, जनजीवन बेहाल


    ग्वालियर । ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ने इस बार सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। जनवरी में बीते 25 साल का रिकॉर्ड टूट गया, जब अधिकतम तापमान गिरकर सिर्फ 10.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी लुढ़ककर 5 डिग्री दर्ज किया गया।
    मौसम विभाग के अनुसार बीते 100 साल में यह दूसरी बार है जब जनवरी के महीने में ग्वालियर में इतनी गंभीर ठंड दर्ज की गई है। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के चलते सुबह से लेकर दिन तक ठंड का असर बना हुआ है और लोगों को दिन में भी रात जैसा एहसास हो रहा है।

    शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तक पूरा शहर कोहरे की मोटी चादर में लिपटा रहा। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। पिछले आठ दिनों से सुबह देर तक और शाम को जल्दी घना कोहरा छा रहा है। दृश्यता घटकर 60 से 100 मीटर रह गई, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।

    ठंड के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की छुट्टियां 10 जनवरी तक बढ़ा दी हैं।

    मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 11.1 डिग्री कम रहने के कारण दिन को ‘कोल्ड सीवियर डे’ घोषित किया गया। इससे पहले साल 2019 में अधिकतम तापमान 8.3 डिग्री तक गिरा था। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण घना कोहरा बना हुआ है। वहीं कश्मीर की ओर से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही बर्फीली हवाएं हिमालय की बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक ला रही हैं, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ गई है।

    ठंड से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने शहर के प्रमुख चौराहों पर अलाव जलवाए हैं, ताकि राहगीरों और बेसहारा लोगों व जानवरों को कुछ राहत मिल सके।

    इसके बावजूद धूप न के बराबर दिखाई दे रही है और सूरज के तेवर पूरी तरह ढीले पड़े हुए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान और गिर सकता है और घना कोहरा भी बना रहेगा।

    कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और ग्वालियर आने वाली कई ट्रेनें 5 से 6 घंटे तक देरी से चल रही हैं। दिल्ली से आने वाली पंजाब मेल करीब 4 घंटे, शताब्दी एक्सप्रेस लगभग 2 घंटे और मंगला एक्सप्रेस करीब 5 घंटे लेट रही। वहीं भोपाल से आने वाली मंगला एक्सप्रेस भी साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंची, जबकि केरल और समता एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से काफी देर से चल रही हैं।

    हवाई यातायात पर भी कोहरे का असर पड़ा है। ग्वालियर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स 2 से 3 घंटे तक देरी से संचालित हो रही हैं। गुरुवार को इंडिगो की मुंबई और दिल्ली फ्लाइट्स और एयर इंडिया की बेंगलुरु फ्लाइट कोहरे के कारण देर से आईं और रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर ग्वालियर में ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया है और आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

  • भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत

    भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत


    भोपाल । भोपाल राजा भोज एयरपोर्ट पर अब यात्रियों को मौसम के खराब होने और कोहरे के कारण होने वाली उड़ान देरी से राहत मिल गई है। एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक कैटेगरी-2 इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम आईएलएस की स्थापना के साथ अब उड़ानों की टाइमिंग पर ब्रेक लग गया है। पहले जहां मौसम खराब होने और घने कोहरे के कारण उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ता था, वहीं अब इस नए सिस्टम की मदद से ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछले दिसंबर-जनवरी के महीने में भोपाल एयरपोर्ट पर उड़ानें लेट होने और डायवर्ट होने की समस्या आम थी, लेकिन अब नए सिस्टम के चलते एक भी उड़ान डायवर्ट नहीं हुई है।
    आईएलएस सिस्टम की स्थापना का काम तीन साल से चल रहा था, जिसमें मौसम उपकरणों के अपग्रेडेशन के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रनवे से लगी कुछ ज़मीन सेना की थी, जिसके कारण इस उपकरण की स्थापना में रुकावट आ रही थी। हालांकि, इस समस्या का समाधान होते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस अत्याधुनिक सिस्टम की स्थापना पूरी की। अब जब दृश्यता 350 मीटर तक घट जाती है, तब भी विमान इस सिस्टम की मदद से सुरक्षित लैंड कर सकते हैं।
    नए सिस्टम की स्थापना से न केवल उड़ान की देरी में कमी आई है, बल्कि यात्रियों को भी राहत मिली है। इस अपग्रेडेशन को नागर विमानन महानिदेशालय डीजीसीए से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद पूरी तरह से लागू किया गया है। अब यह सिस्टम अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोहरे और खराब मौसम के बावजूद उड़ानें समय पर चल सकें।
    एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इस अपग्रेडेशन से यात्रा की सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ी हैं। पिछले कुछ समय से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है, और यह नया सिस्टम उनके लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है। अब भोपाल एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है, जहां अत्याधुनिक कैटेगरी-2 आईएलएस सिस्टम की स्थापना की गई है। यह एयरपोर्ट इस प्रणाली के साथ प्रदेश का पहला और देश का तीसरा एयरपोर्ट बन चुका है, जिसने अपने उड़ान संचालन को और भी सुरक्षित और प्रभावी बना लिया है।