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  • एम.पी. ट्रांसको की नई डिजिटल पहल: पेंशनर्स को वेबसाइट पर उपलब्ध होगी पेंशन स्लिप

    एम.पी. ट्रांसको की नई डिजिटल पहल: पेंशनर्स को वेबसाइट पर उपलब्ध होगी पेंशन स्लिप

    मध्यप्रदेश। पावर ट्रांसमिशन कंपनीएम.पी. ट्रांसको ने अपने पेंशनर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण डिजिटल पहल की है। कंपनी की आईटी सेल एवं पेंशन विभाग की संयुक्त टीम के प्रयासों से अब एम.पी. ट्रांसको के तकरीबन 4500 पेंशनर्स, चाहे वो किसी भी बैंक से पेंशन प्राप्त करते हों, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपनी पेंशन स्लिप ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।

    एम.पी. ट्रांसको के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री मुकुल मेहरोत्रा ने बताया कि अब तक केवल यूनियन बैंक से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर्स को ही वेबसाइट पर पेंशन स्लिप उपलब्ध कराने की सुविधा थी। लेकिन अब भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों से पेंशन लेने वाले पेंशनर्स के लिए भी यह व्यवस्था सफलतापूर्वक विकसित कर ली गई है।

    ऐसे प्राप्त करें स्लिप

    कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध पेंशन पोर्टल में पेंशन स्लिप प्राप्त करें नामक विकल्प जोड़ा गया है। इसके माध्यम से पेंशनर अपने न्यूमेरिक पीपीओ नंबरबैंक खाता संख्या तथा माह का चयन कर आसानी से पेंशन स्लिप ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में दिसंबर 2025 से संबंधित पेंशन स्लिप उपलब्ध कराई गई हैं, शीध्र ही वर्ष 2025 से पूर्व अवधि की पेंशन स्लिप भी वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी जायेगी।

  • डिलीवरी ऐप ज़ोमैटो-स्विगी फूड एप्लीकेशन पर खाना क्यों है महंगा रेस्टोरेंट से ज्यादा प्राइस जानिए पूरी कहानी

    डिलीवरी ऐप ज़ोमैटो-स्विगी फूड एप्लीकेशन पर खाना क्यों है महंगा रेस्टोरेंट से ज्यादा प्राइस जानिए पूरी कहानी


    नई दिल्ली ।
    आजकल फूड डिलीवरी ऐप्स जैसे जोमैटो स्विगी और ब्लिंकिट का उपयोग बढ़ता जा रहा है लेकिन इन ऐप्स पर खाना ऑर्डर करना अब ग्राहकों के लिए महंगा साबित हो रहा है। लोकलसर्कल्स के एक हालिया सर्वे में यह बात सामने आई कि 55% कंज्यूमर्स ने बताया कि ऐप्स से खाना ऑर्डर करने पर उन्हें रेस्टोरेंट की तुलना में ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं। लेकिन इसके पीछे क्या कारण है

    महंगे होने का कारण,कमीशन और डिलीवरी चार्ज

    इन ऐप्स द्वारा रेस्टोरेंट से लिया जाने वाला 20-30% का भारी कमीशन जो सीधे ग्राहकों की जेब पर असर डालता है महंगे खाने का प्रमुख कारण है। डिलीवरी ऐप्स रेस्टोरेंट से इस कमीशन के अलावा खुद से भी डिलीवरी शुल्क वसूलते हैं जो कुल मिलाकर खाने की कीमत को काफी बढ़ा देता है। सर्वे में हिस्सा लेने वाले 79,000 से ज्यादा नागरिकों में से 55% ने इस बात को माना है कि यह कमीशन उन्हें रेस्टोरेंट में खाने की तुलना में कहीं अधिक खर्च करने के लिए मजबूर करता है।

    कंज्यूमर्स की बढ़ती नाराजगी

    सर्वे में यह भी देखा गया कि ग्राहक सिर्फ महंगे होने की वजह से नाराज नहीं हैं बल्कि डिलीवरी वर्कर्स की स्थिति को लेकर भी उन्हें चिंता है। कई बार ग्राहकों को लगता है कि डिलीवरी टाइम बहुत लंबा होता है और कभी-कभी खाना खराब या ठंडा हो जाता है जो ग्राहकों के अनुभव को और खराब करता है।

    क्विक डिलीवरी ऐप्स पर जंक फूड का दबदबा

    एक और दिलचस्प बात यह सामने आई कि क्विक डिलीवरी ऐप्स पर बेचे जाने वाले आधे से ज्यादा पैकेट वाले फूड आइटम्स में ज्यादा फैट चीनी और नमक होता है या ये अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड होते हैं। 39% परिवार नियमित रूप से सॉफ्ट ड्रिंक्स बिस्कुट चिप्स और नूडल्स जैसी चीजें ऑर्डर करते हैं। यह स्थिति मुख्यतः बच्चों और युवाओं के बीच अधिक देखी जाती है जो जंक फूड की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

    भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी मार्केट

    भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी मार्केट 2024 में लगभग $31.8 बिलियन ₹2.86 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है और इस मार्केट के 2030 तक ₹12 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। स्मार्टफोन और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के कारण यह मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है। हालांकि इस बढ़ती मांग के बावजूद इन ऐप्स पर खाद्य पदार्थों की बढ़ी हुई कीमतें ग्राहकों को परेशान कर रही हैं।

    क्या हो सकता है समाधान

    इन समस्याओं का समाधान ग्राहक को पारदर्शिता और ऑप्शन की सुलभता में हो सकता है। उदाहरण स्वरूप रेस्टोरेंट और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के बीच कम कमीशन या बेहतर डील्स पर बातचीत हो सकती है जिससे ग्राहक को थोड़ी राहत मिल सके। इसके अलावा डिलीवरी शुल्क को भी ग्राहकों के लिए और अधिक स्पष्ट और उचित बनाया जा सकता है।

  • coInme Tax Payers और Zero Tax Filers टैक्स देने वालों में 50% बढ़ोतरी जानिए कितने करोड़ लोगों ने दिया टैक्स

    coInme Tax Payers और Zero Tax Filers टैक्स देने वालों में 50% बढ़ोतरी जानिए कितने करोड़ लोगों ने दिया टैक्स


    नई दिल्ली ।देश में इनकम टैक्स देने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है जबकि टैक्स छूट की सीमा में वृद्धि के बावजूद जीरो टैक्स फाइलर्स की संख्या भी बढ़ी है। केंद्र सरकार ने संसद में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिसमें बताया गया कि पिछले चार वर्षों में टैक्स देने वालों की संख्या में 50.4% और जीरो टैक्स फाइलर्स की संख्या में 20% की बढ़ोतरी हुई है।

    टैक्स देने वालों की बढ़ती संख्या

    2020-21 में कुल 6.72 करोड़ रिटर्न फाइल किए गए थे जिनमें से 4.84 करोड़ लोग जीरो टैक्स फाइलर्स थे यानी इन लोगों पर कोई टैक्स देनदारी नहीं थी। वहीं 1.88 करोड़ लोगों ने टैक्स अदा किया। अब 2024-25 तक जीरो टैक्स फाइलर्स की संख्या बढ़कर 5.58 करोड़ हो गई है जबकि टैक्स देने वालों की संख्या 2.82 करोड़ तक पहुंच गई है।

    जीरो टैक्स फाइलर्स और टैक्स पेयर की बढ़ती संख्या

    2020-21 में कुल रिटर्न का 72% जीरो टैक्स फाइलर्स ने फाइल किया था जो 2024-25 में घटकर 66% हो गया है। इसके उलट टैक्स देने वालों का हिस्सा 28% से बढ़कर 34% हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार टैक्स सिस्टम में सुधार जैसे कि AI फेसलेस असेसमेंट और सरल नियमों के चलते अब लोग टैक्स भरने में ज्यादा सहज महसूस कर रहे हैं।

    कोविड के बाद बढ़ी इनकम और टैक्स कलेक्शन

    COVID-19 महामारी के बाद सैलरी बिजनेस और MSMEs से होने वाली इनकम में बढ़ोतरी भी टैक्स कलेक्शन में दिखाई दे रही है। पिछले पांच वर्षों में कॉर्पोरेट मुनाफा बढ़ा है जिससे इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने और टैक्स देने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

    दक्षिणी राज्यों में जीरो टैक्स फाइलर्स की संख्या बढ़ी

    विशेष रूप से दक्षिणी राज्यों में जैसे कि तेलंगाना केरल और तमिलनाडु में जीरो टैक्स फाइलर्स की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। तेलंगाना में पिछले पांच वर्षों में जीरो टैक्स फाइलर्स की संख्या तीन गुना बढ़ गई जबकि केरल में यह ढाई गुना बढ़ी है। तमिलनाडु में यह लगभग 1.25 गुना बढ़ी है।विशेषज्ञों के अनुसार इन राज्यों में युवा अपनी पहली नौकरी शुरू करते हैं और कम सैलरी होने के बावजूद PAN कार्ड और प्रोविडेंट फंड में योगदान देना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा टैक्स छूट का फायदा उठाने के कारण इन राज्यों में जीरो टैक्स फाइलर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है।

    हरियाणा और उत्तर भारत में टैक्स देने वालों की बढ़ोतरी

    हरियाणा में टैक्स देने वालों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। उत्तर भारत में पिछले पांच वर्षों में टैक्स देने वालों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब लोग अपनी इनकम को सही तरीके से दर्शाकर टैक्स अदा करने में सहज महसूस कर रहे हैं। इसके कारण टैक्स देने वालों की संख्या में 1 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।हरियाणा इस मामले में पहले स्थान पर है जबकि गुजरात दूसरे और बिहार तीसरे स्थान पर है। मध्य प्रदेश 7वें स्थान पर है। सरकार द्वारा टैक्स छूट की सीमा बढ़ाए जाने और टैक्स सिस्टम को आसान बनाने से अब लोग अपनी इनकम सही तरीके से दिखाने और टैक्स भरने में रुचि दिखा रहे हैं। इस कारण पिछले कुछ वर्षों में टैक्स देने वालों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है जो भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के संकेत हैं।

  • मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी में नव नियुक्त सहायक अभियंता व केमिस्ट का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ

    मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी में नव नियुक्त सहायक अभियंता व केमिस्ट का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ


    मध्यप्रदेश । पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेडMPPGCL के नवनियुक्त 16 सहायक अभियंताओंप्लांट एवं केमिस्ट के प्रथम बैच का छह सप्ताह का आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थानएनपीटीआई नागपुर में प्रारंभ हो गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कंपनी में नव नियुक्त तकनीकी अधिकारियों को आधुनिक विद्युत उत्पादन तकनीकों संचालन प्रक्रियाओं एवं पर्यावरणीय मानकों की व्यावहारिक समझ प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

    छह सप्ताह की अवधि वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक अभियंताओं को ताप विद्युत एवं जल विद्युत संयंत्रों के संचालनऑपरेशन और संधारणमेंटेनेंस से संबंधित विस्तृत एवं गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान अभियंताओं को विद्युत उत्पादन की विभिन्न प्रणालियों उपकरणों की कार्यप्रणाली सुरक्षा मानकों तथा तकनीकी चुनौतियों से अवगत कराया जाएगा ताकि वे भविष्य में पावर प्लांट संचालन की जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर सकें।प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि के रूप में सहायक अभियंताओं को दो सप्ताह का विशेष सुपर-क्रिटिकल सिम्युलेटर प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से अभियंताओं को अत्याधुनिक सुपर-क्रिटिकल तकनीक पर आधारित विद्युत संयंत्रों के संचालन का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण से अभियंता वास्तविक परिस्थितियों में आने वाली तकनीकी समस्याओं का समाधान करना सीखेंगे जिससे उनके निर्णय लेने की क्षमता और कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।

    वहीं नवनियुक्त केमिस्टों को प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जल रसायनवॉटर केमिस्ट्री कोयला परीक्षणकोल टेस्टिंग बॉयलर एवं कूलिंग सिस्टम से संबंधित रासायनिक प्रक्रियाओं तथा पर्यावरणीय कारकों के परीक्षण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें प्रदूषण नियंत्रण उत्सर्जन मानकों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवीनतम नियमों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी जाएगी जिससे विद्युत उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सके।

    प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर एनपीटीआई नागपुर के प्रमुख निदेशक श्री रामचन्द्र उकिरदे ने कहा कि इस प्रशिक्षण सत्र का पाठ्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है कि सहायक अभियंता ताप एवं जल विद्युत गृहों के संचालन और संधारण कार्यों में समान रूप से दक्षता प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विद्युत उत्पादन की नवीन तकनीकों के साथ-साथ पर्यावरणीय बारीकियों गुणवत्ता मानकों एवं सुरक्षा उपायों की भी गहन जानकारी दी जाएगी।उन्होंने यह भी बताया कि एनपीटीआई का उद्देश्य ऐसे कुशल और जिम्मेदार तकनीकी अधिकारी तैयार करना है जो देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को भी ध्यान में रखें। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल प्रतिभागियों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाएगा बल्कि उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा।

  • उज्जैन में टोल कर्मचारी पर चाकू से हमला, बिना टोल देने पर विवाद हुआ हिंसक

    उज्जैन में टोल कर्मचारी पर चाकू से हमला, बिना टोल देने पर विवाद हुआ हिंसक


    उज्जैन। नागदा रोड स्थित चकरावदा टोल प्लाजा पर 7 जनवरी 2025 की रात लगभग 2:10 बजे एक गंभीर घटना हुई, जिसमें टोल कर्मचारी अरुण पर चार युवकों ने चाकू से हमला किया। यह पूरी वारदात टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

    सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि उज्जैन की ओर जा रही टाटा टिगोर कार में सवार चार युवक पहले टोल कर्मचारियों से बहस करने लगे। कुछ देर बाद चालक सीट पर बैठे एक युवक ने कार से उतरकर अरुण पर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद पीछे बैठे अन्य युवक भी उतरकर चाकू से हमला करने लगे और फिर अन्य कर्मचारियों पर भी हाथ साफ किया। हमलावर तुरंत अपनी कार में बैठकर फरार हो गए।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी टोल शुल्क दिए बिना आगे निकलना चाहते थे। जब कर्मचारियों ने उन्हें रोका तो युवक गुस्से में चिल्लाने लगे और विवाद बढ़ने पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में अरुण की पीठ, गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तुरंत उज्जैन के चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां सिर और गर्दन पर टांके लगाए गए।

    भैरवगढ़ थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।

  • गिरावट के बीच निवेशकों के लिए शानदार मौका, जानिए आज किस स्टॉक पर रखें नजर

    गिरावट के बीच निवेशकों के लिए शानदार मौका, जानिए आज किस स्टॉक पर रखें नजर


    नई दिल्ली ।आज के व्यापारिक माहौल में एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच GIFT निफ्टी घरेलू बाजार के लिए कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। 6 जनवरी को निफ्टी की साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 376.28 अंक गिरकर 85,063.34 पर और निफ्टी 50 71.60 अंक गिरकर 26,178.70 पर बंद हुआ। इस गिरावट के बीच निवेशकों को कुछ खास कंपनियों के स्टॉक्स पर नजर रखने का मौका मिल सकता है जिनमें कॉर्पोरेट गतिविधियों के कारण महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
    आज अपने तिमाही नतीजे घोषित करने वाली कंपनियाँ
    आज गैलेक्सी एग्रीको एक्सपोर्ट्स महेश डेवलपर्स प्रीमियर एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और सिद्धेश्वरी गारमेंट्स तिमाही नतीजे जारी करेंगी जिससे इन स्टॉक्स में हलचल संभव है।
    प्रमुख कंपनियों के नतीजे और अपडेट्स टाइटन कंपनी Q3 YoY
    टाइटन ने दिसंबर तिमाही में घरेलू कारोबार में 38% की वृद्धि की जबकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 79% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी ने 54 नए घरेलू और 2 नए अंतरराष्ट्रीय स्टोर खोले जिससे कुल स्टोर की संख्या 3433 हो गई। यह मजबूत प्रदर्शन कंपनी के शेयरों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
    ज्युबिलेंट फूडवर्क्स Q3 YoY
    ज्युबिलेंट फूडवर्क्स का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू 13.4% बढ़कर ₹2,438.7 करोड़ हो गया है। डोमिनोज इंडिया की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 5% रही और कंपनी ने 75 नए स्टोर खोले जिससे कुल स्टोर की संख्या 2,396 हो गई। यह अच्छा प्रदर्शन निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।
    लोढ़ा डेवलपर्स Q3 YoY
    लोढ़ा डेवलपर्स की प्री-सेल्स में 25% की वृद्धि हुई लेकिन कलेक्शन में 17% की गिरावट आई। कंपनी ने ₹33,800 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू वाले पांच नए प्रोजेक्ट जोड़े हैं जो स्टॉक की दिशा पर असर डाल सकते हैं।
    यस बैंक
    यस बैंक को NSDL से अपने रिटेल डिवीजन के डीमैट अकाउंट्स को अपनी सब्सिडियरी यस सिक्योरिटीज इंडियाको ट्रांसफर करने की मंज़ूरी मिल गई है। यह कदम बैंक के भविष्य के लिए सकारात्मक हो सकता है।
    IRB इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट
    IRB इंफ्रा ट्रस्ट ने ओडिशा में NHAI के प्रोजेक्ट के लिए सफलतापूर्वक बोली लगाई है। ट्रस्ट को 20 साल के रेवेन्यू-लिंक्ड कंसेशन अवधि के लिए ₹3087 करोड़ की अपफ्रंट बिड कंसेशन फीस देना होगा जो इसके लिए एक महत्वपूर्ण विकास हो सकता है।
    बायोकॉन
    बायोकॉन की सब्सिडियरी बायोकॉन बायोलॉजिक्स JP मॉर्गन हेल्थकेयर कॉन्फ्रेंस में नए ऑन्कोलॉजी बायोसिमिलर पेश करेगी जो कैंसर के इलाज के क्षेत्र में कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूत करेगा।
    पिडिलाइट इंडस्ट्रीज
    पिडिलाइट इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी पिडिलाइट वेंचर्स ने Pepperfry में अपनी पूरी हिस्सेदारी 100% शेयर-स्वैप डील में ट्रांसफर कर दी है जिससे कंपनी के विकास की दिशा पर असर हो सकता है।
    ONGC
    ONGC ने इरुसुमंडा क्षेत्र में लगी आग को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है जिससे कंपनी के संचालन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
    फिनो पेमेंट्स बैंक
    फिनो पेमेंट्स बैंक ने नए कोर बैंकिंग सिस्टम को लागू करने की घोषणा की है। 8-10 जनवरी के बीच माइग्रेशन के दौरान बैंकिंग सेवाओं का निलंबन रहेगा जिसका असर बैंक के स्टॉक्स पर हो सकता है।
    रिलायंस इंडस्ट्रीज
    रिलायंस ने रूस से तेल आयात करने के दावों को खारिज किया है और इसे झूठा और मानहानिकारक बताया है। यह कंपनी के स्टॉक्स के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है खासकर जब बात विश्वव्यापी तेल आपूर्ति की हो। आज इन कंपनियों के परिणाम और घटनाओं के बीच निवेशक इन स्टॉक्स पर नजर रख सकते हैं। गिरावट के बीच यह कुछ स्टॉक्स अच्छे निवेश अवसर प्रदान कर सकते हैं।

  • खंडवा के गांवों में फ्लोराइड से सैंकड़ों प्रभावित, बच्चों और युवाओं की सेहत पर संकट

    खंडवा के गांवों में फ्लोराइड से सैंकड़ों प्रभावित, बच्चों और युवाओं की सेहत पर संकट




    खंडवा।
    मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के किल्लौद ब्लॉक में पीने के पानी में फ्लोराइड की उच्च मात्रा के कारण इलाके के ग्रामीणों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। एक दर्जन से ज्यादा गांवों में लोग मजबूरी में दूषित पानी पी रहे हैं, जिससे बच्चों और युवाओं में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उभरकर सामने आ रही हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि कई बच्चों के दांत पीले पड़ गए हैं, युवाओं के हाथ ठीक से नहीं मुड़ पा रहे, और जोड़ों में दर्द, कमजोरी और इंफेक्शन जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं।

    पानी की जांच में कई गांवों में फ्लोराइड का स्तर 2.0 से 5.0 पीपीएम पाया गया, जबकि सुरक्षित सीमा 1.0 पीपीएम से कम मानी जाती है। अधिक फ्लोराइड के कारण क्षेत्र में डेंटल और स्केलेटल फ्लोरोसिस के लक्षण दिखाई देने लगे हैं।

    किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी में हालात और भी चिंताजनक हैं। यहां नल-जल योजना के तहत जो पानी सप्लाई हो रहा है, उसमें भी फ्लोराइड की मात्रा अधिक है। पूरे गांव में पीने का पानी केवल एक बोरवेल से सप्लाई होता है, जिससे लगभग 3 हजार लोग प्रभावित हैं।

    ग्रामवासी शिवराज सिंह सिसोदिया ने कहा, बच्चों के दांत पीले हो रहे हैं, युवाओं के हाथों में दिक्कत है और लीवर इंफेक्शन जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। हमें सुरक्षित पीने का पानी चाहिए। इंदौर जैसी घटना हमारे गांव में न हो।

    मामला गंभीर होने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की टीम ने प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। जिन हैंडपंप और ट्यूबवेल में फ्लोराइड का स्तर अधिक पाया गया, वहां लाल निशान लगाकर लोगों से पानी न पीने की चेतावनी दी गई।

    खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि PHE द्वारा दूषित जल स्रोतों की पहचान कर लाल निशान लगाए गए हैं। ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाबों और वाटर टैंकों का निर्माण कर लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

    ग्रामीणों का आरोप है कि सिर्फ चिह्नांकन किया गया, लेकिन न तो बोरवेल पूरी तरह बंद किए गए और न ही फिल्टर प्लांट या स्थायी शुद्ध पेयजल व्यवस्था शुरू की गई। लंबे समय से लोग फ्लोरोसिस और अन्य बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन अभी तक समाधान कागजों तक ही सीमित है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी पीने से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, बच्चों की दंत संरचना प्रभावित होती है और गंभीर मामलों में स्थायी अपंगता का खतरा भी बन सकता है।

    खंडवा के यह हालात ग्रामीणों और प्रशासन दोनों के लिए चेतावनी हैं कि जल सुरक्षा और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित करना आवश्यक है।

  • SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए जरूरी खबर! क्या आधार अपडेट नहीं किया तो ब्लॉक हो जाएगा YONO ऐप?

    SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए जरूरी खबर! क्या आधार अपडेट नहीं किया तो ब्लॉक हो जाएगा YONO ऐप?

    नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद अहम चेतावनी सामने आई है। अगर आप भी SBI के ग्राहक हैं, तो यह खबर आपके लिए जानना बहुत ज़रूरी है। इन दिनों SBI ग्राहकों के WhatsApp पर बैंक के नाम से एक संदिग्ध मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि अगर ग्राहक ने अपना आधार अपडेट नहीं किया, तो उसका SBI YONO मोबाइल ऐप ब्लॉक कर दिया जाएगा।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मैसेज के साथ एक APK फाइल भी भेजी जा रही है और ग्राहकों से इसे तुरंत इंस्टॉल करने को कहा जा रहा है। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह मैसेज पूरी तरह फर्जी है और इसका मकसद ग्राहकों की निजी जानकारी और बैंक डिटेल्स चुराना है।

    जैसे ही कोई ग्राहक इस APK फाइल को डाउनलोड करता है, उसके मोबाइल का कंट्रोल साइबर ठगों के हाथ में जा सकता है। इसके बाद बैंक अकाउंट खाली होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    ध्यान रखें, SBI या कोई भी बैंक कभी WhatsApp पर APK फाइल भेजकर ऐप डाउनलोड करने को नहीं कहता। अगर आपके पास ऐसा कोई मैसेज आए, तो उसे तुरंत डिलीट करें और किसी भी लिंक या फाइल पर क्लिक न करें।

    साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत बैंक या साइबर हेल्पलाइन को दें। आपकी एक छोटी सी गलती भारी नुकसान में बदल सकती है।

  • बेटे ‘काजू’ के जन्म के 3 हफ्ते बाद काम पर लौटीं भारती सिंह, पपाराजी को बांटी मिठाई बोलीं-किशमिश सोची थी, काजू आ गया

    बेटे ‘काजू’ के जन्म के 3 हफ्ते बाद काम पर लौटीं भारती सिंह, पपाराजी को बांटी मिठाई बोलीं-किशमिश सोची थी, काजू आ गया


    नई दिल्ली। मशहूर कॉमेडियन और टीवी स्टार भारती सिंह ने एक बार फिर अपने जज्बे और प्रोफेशनलिज्म से सभी को प्रभावित किया है। 19 दिसंबर को अपने दूसरे बेटे ‘काजू’ को जन्म देने के महज तीन हफ्ते बाद ही भारती दोबारा काम पर लौट आई हैं। बुधवार को वह अपने लोकप्रिय टीवी शो लाफ्टर शेफ्स: सीजन 3 के सेट पर नजर आईं, जहां उन्होंने पूरे उत्साह और मुस्कान के साथ शूटिंग शुरू की।

    सेट पर पहुंचते ही भारती सिंह ने मीडिया कर्मियों को मिठाई बांटी और खुशी-खुशी कैमरों के सामने पोज दिए। इस दौरान जब पपाराजी ने उन्हें दूसरे बच्चे के लिए बधाई दी, तो भारती ने अपने चिर-परिचित हास्य अंदाज में कहा, सोचा था किशमिश आएगी, लेकिन काजू आ गया।

    भारती का यह मजेदार बयान सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े।

    इसी बीच एक फोटोग्राफर ने मजाक में कहा कि तीसरा बच्चा जरूर बेटी होगा। इस पर भारती ने तुरंत जवाब दिया, “अब बस यही करती रहूं क्या? शूटिंग भी तो करनी होती है।” उनकी इस बेबाक प्रतिक्रिया ने माहौल को और हल्का बना दिया।

    हालांकि, इतनी जल्दी काम पर लौटने को लेकर सोशल मीडिया पर फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने भारती की हिम्मत और मेहनत की सराहना की, जबकि कुछ ने उन्हें आराम करने की सलाह दी। एक यूजर ने लिखा, इतनी जल्दी काम पर आ गईं, थोड़ा आराम भी जरूरी है।” वहीं दूसरे ने कहा, “स्ट्रॉन्ग वुमन, सलाम है भारती दी। कई दर्शकों ने यह भी कहा कि भारती के बिना शो अधूरा लगता है।

    भारती सिंह और उनके पति, लेखक-प्रोड्यूसर हर्ष लिम्बाचिया ने वर्ष 2017 में शादी की थी। अप्रैल 2022 में दोनों ने अपने पहले बेटे लक्ष्य लिम्बाचिया का स्वागत किया था। इसके बाद 19 दिसंबर 2025 को उनके घर दूसरे बेटे का जन्म हुआ, जिसे कपल प्यार से ‘काजू’ कहकर बुलाता है। गर्भावस्था के दौरान भारती और हर्ष कई बार यह इच्छा जता चुके थे कि वे बेटी चाहते हैं। एक पॉडकास्ट के दौरान भारती ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा था कि अगर दूसरी संतान बेटी नहीं हुई, तो वे भविष्य में फिर कोशिश कर सकते हैं।
    वर्क फ्रंट की बात करें तो भारती सिंह एक बार फिर लाफ्टर शेफ्स: सीजन 3 की मेजबानी करती नजर आ रही हैं। इस शो में उनके साथ मशहूर शेफ हरपाल सिंह सोखी भी हैं। शो में अली गोनी, करण कुंद्रा, ईशा सिंह, ईशा मालवीय, तेजस्वी प्रकाश, एल्विश यादव, कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा शाह जैसे सितारे हिस्सा ले रहे हैं। यह कुकिंग रियलिटी शो कलर्स टीवी पर प्रसारित हो रहा है और जियोहॉटस्टार पर भी उपलब्ध है।कॉमेडियन भारती सिंह अपने दूसरे बेटे ‘काजू’ के जन्म के महज तीन हफ्ते बाद काम पर लौट आईं और लाफ्टर शेफ्स: सीजन 3 के सेट पर पपाराजी को मिठाई बांटी।

  • एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप

    एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री डैजी शाह के घर के पास मंगलवार को आग लगने की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में उस समय हुआ, जब क्षेत्र में चुनावी प्रचार गतिविधियां चल रही थीं। डैजी शाह ने इस आगजनी के लिए एक राजनीतिक पार्टी के प्रचार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया है।

    डैजी शाह के अनुसार, उनके घर से सटी एक इमारत के बाहर चुनाव प्रचार के दौरान पटाखे फोड़े गए, जिनसे आग भड़क उठी। घटना के तुरंत बाद एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें जलती हुई बिल्डिंग और आसपास अफरा-तफरी का माहौल साफ देखा जा सकता है। वीडियो में डैजी शाह गुस्से और चिंता के साथ यह कहते हुए नजर आती हैं कि ऐसी हरकतें बेहद खतरनाक हैं और इससे किसी की जान भी जा सकती थी।वीडियो में डैजी शाह कहती हैं कि प्रचार के दौरान सड़क पर और रिहायशी इमारत के बेहद करीब पटाखे जलाए गए, जबकि यह इलाका पूरी तरह से रेसिडेंशियल है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के इस तरह के पटाखे फोड़ने की इजाजत आखिर किसने दी। अभिनेत्री ने बताया कि आग जिस बिल्डिंग में लगी, वह उनके घर के बिल्कुल पास है और कुछ देर के लिए स्थिति काफी भयावह हो गई थी।

    डैजी शाह ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगते ही प्रचार में शामिल लोग मौके से भाग गए। उनके मुताबिक, करीब 200 लोगों का एक समूह वहां मौजूद था, लेकिन जैसे ही आग भड़की, सभी वहां से गायब हो गए और स्थिति को संभालने की कोई कोशिश नहीं की गई। उन्होंने इस पूरे मामले में एक राजनीतिक पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए नागरिक समझ और जिम्मेदारी की कमी का आरोप लगाया।अपने पोस्ट के कैप्शन में डैजी शाह ने साफ किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बिल्डिंग कमेटी ने पहले ही प्रचार के लिए घर-घर जाकर कैंपेन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इस घटना ने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।