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  • Aaj Ka Rashifal 3 October 2026: आज किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सतर्क जानें अपना दैनिक राशिफल

    Aaj Ka Rashifal 3 October 2026: आज किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सतर्क जानें अपना दैनिक राशिफल


    नई दिल्ली। शनिवार 3 अक्टूबर 2026 का दिन सभी 12 राशियों के जातकों के लिए नई उम्मीदों और कुछ महत्वपूर्ण फैसलों का संकेत लेकर आया है। आज किसी को करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है तो किसी को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। नौकरी करने वाले लोगों को अपने काम पर ध्यान देना चाहिए जबकि व्यापारियों के लिए सोच समझकर निवेश करना जरूरी रहेगा। पारिवारिक जीवन में बातचीत और आपसी तालमेल से कई समस्याओं का समाधान निकल सकता है। प्रेम संबंधों में विश्वास बनाए रखना और जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना फायदेमंद रहेगा। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रह सकता है।

    मेष राशि: आज आपका आत्मविश्वास बढ़ा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में खर्च पर नियंत्रण रखें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें।

    वृषभ राशि: आज आपको धैर्य के साथ काम करने की जरूरत होगी। नौकरी और कारोबार में धीरे-धीरे प्रगति हो सकती है। किसी पुराने परिचित से बातचीत फायदेमंद साबित हो सकती है। अनावश्यक खरीदारी से बचें और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।

    मिथुन राशि: आज नए विचार आपके काम को आसान बना सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत है। कार्यस्थल पर अपनी बात स्पष्ट रूप से रखें। मित्रों के साथ अच्छा समय बीत सकता है। आर्थिक लेनदेन में सतर्क रहें।

    कर्क राशि: आज परिवार से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण विषय चर्चा में आ सकता है। भावनाओं में बहकर फैसला लेने से बचें। नौकरी में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद रख सकते हैं। घर के खर्चों की योजना बनाना उपयोगी रहेगा।

    सिंह राशि: आज आपका नेतृत्व कौशल लोगों को प्रभावित कर सकता है। कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है। व्यापार में नए प्रस्तावों पर विचार करें लेकिन शर्तों को अच्छी तरह समझ लें। रिश्तों में अहंकार से बचना जरूरी होगा।

    कन्या राशि: आज योजनाबद्ध तरीके से काम करना आपके लिए लाभदायक रहेगा। अधूरे कार्यों को पूरा करने पर ध्यान दें। धन से जुड़े मामलों में बजट बनाकर चलें। परिवार के सदस्यों की सलाह उपयोगी हो सकती है। आराम के लिए भी समय निकालें।

    तुला राशि: आज सामाजिक संपर्क बढ़ सकते हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात या बातचीत मन प्रसन्न कर सकती है। नौकरी में सहयोगियों के साथ तालमेल बनाए रखें। प्रेम जीवन में अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त करें। बड़े खर्चों पर सोच-विचार करें।

    वृश्चिक राशि: आज आपको अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना होगा। कामकाज में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं लेकिन धैर्य से समाधान तलाश सकते हैं। किसी को उधार देने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति पर विचार करें। परिवार का सहयोग मिल सकता है।

    धनु राशि: आज सीखने और नई योजनाओं पर काम करने के लिए समय अनुकूल रह सकता है। विद्यार्थियों को मेहनत जारी रखनी चाहिए। कारोबार में नए अवसरों की जानकारी मिल सकती है। यात्रा की योजना बनाते समय जरूरी तैयारियां पूरी रखें।

    मकर राशि: आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। काम को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने से दबाव कम होगा। आर्थिक मामलों में पुराने अनुभवों से सीख लें। परिवार के साथ बातचीत करने से गलतफहमियां दूर हो सकती हैं। पर्याप्त आराम करना भी जरूरी है।

    कुंभ राशि: आज रचनात्मक विचारों से आपको लाभ मिल सकता है। टीम के साथ काम करने में सफलता मिल सकती है। किसी नई योजना को शुरू करने से पहले जरूरी जानकारी जुटाएं। मित्रों का साथ उत्साह बढ़ाएगा। अनावश्यक विवादों से दूर रहें।

    मीन राशि: आज भावनात्मक संतुलन बनाए रखना आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। कामकाज में अपनी प्राथमिकताएं तय करें। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। परिवार और जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिल सकता है। अपनी दिनचर्या पर ध्यान दें।

  • भारत के स्वर्णिम अभियान में चमकीं दो बेटियां, कुमकुम मोहोड ने रचा इतिहास तो प्रणवी उर्स ने गोल्ड जीतकर बढ़ाया मान

    भारत के स्वर्णिम अभियान में चमकीं दो बेटियां, कुमकुम मोहोड ने रचा इतिहास तो प्रणवी उर्स ने गोल्ड जीतकर बढ़ाया मान


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 का 14वां दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए कई बड़ी उपलब्धियां लेकर आया है। 3 अक्टूबर को आइची-नागोया में जारी इन खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने तीरंदाजी और गोल्फ में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं कुश्ती में अमन सहरावत और अंतिम पंघल ने अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बना ली है। क्रिकेट में भी भारत और पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल मुकाबले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने के इरादे से मैदान पर उतर रहे हैं और देश की पदक तालिका में और इजाफा करने की कोशिश कर रहे हैं।

    दिन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में तीरंदाज कुमकुम मोहोड का प्रदर्शन शामिल रहा। महज 17 साल की कुमकुम ने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स में इस स्पर्धा का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गई हैं। फाइनल में उनका सामना दक्षिण कोरिया की ओह येजिन से हुआ। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और नतीजा शूट ऑफ के जरिए निकला जिसमें कुमकुम ने बाजी मार ली। इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में चीन की झू जिंगयी को 6-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। कुमकुम ने दक्षिण कोरिया की विश्व और ओलंपिक चैंपियन कांग चाए-यंग को हराकर भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारतीय तीरंदाजी टीम के शानदार अभियान में एक और स्वर्ण पदक जुड़ गया।

    गोल्फ में भी भारत के लिए ऐतिहासिक सफलता दर्ज हुई। प्रणवी शरथ उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। वह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। फाइनल राउंड से पहले प्रणवी ने 15 अंडर 195 के स्कोर के साथ तीन शॉट की बढ़त हासिल की थी। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारतीय गोल्फ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली। महिला टीम स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। प्रणवी शरथ उर्स अदिति अशोक और दीक्षा डागर की तिकड़ी ने रजत पदक अपने नाम किया। इस तरह गोल्फ में भारत को एक स्वर्ण और एक रजत पदक मिला।

    कुश्ती में भी भारतीय खिलाड़ियों ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं। पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में अमन सहरावत ने ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं महिला 53 किलोग्राम वर्ग में अंतिम पंघल ने विश्व पदक विजेता जिन झांग को 6-1 से मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। दोनों पहलवानों के फाइनल में पहुंचने से भारत की पदक उम्मीदों को मजबूती मिली है।

    क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान के बीच स्वर्ण पदक का मुकाबला जारी है। इससे पहले श्रीलंका की पुरुष क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को 63 रन से हराकर कांस्य पदक जीता। भारत ने एशियन गेम्स के 13वें दिन भी शानदार प्रदर्शन किया था। 2 अक्टूबर को भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 10 पदक जीते थे जिनमें छह स्वर्ण दो रजत और दो कांस्य शामिल थे। अब 14वें दिन तीरंदाजी गोल्फ कुश्ती क्रिकेट हॉकी और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर बनी हुई है। देश को उम्मीद है कि प्रतियोगिता के इस अहम चरण में खिलाड़ी अपने दमदार प्रदर्शन से पदकों की संख्या और बढ़ाएंगे।

  • बिहार में बाढ़ राहत बनी आफत: हेलीकॉप्टर से गिरा राशन का पैकेट सिर पर लगा, सारण में बुजुर्ग की मौत

    बिहार में बाढ़ राहत बनी आफत: हेलीकॉप्टर से गिरा राशन का पैकेट सिर पर लगा, सारण में बुजुर्ग की मौत


    सारण। बिहार के सारण जिले में बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने की कोशिश के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अमनौर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में वायुसेना के हेलीकॉप्टर से गिराए जा रहे सूखे राशन के पैकेट 60 वर्षीय अनिल कुमार सिंह उर्फ अप्पू सिंह पर जा गिरे। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी गांव में हेलीकॉप्टर की तेज हवा के कारण एक महिला और उसके दो बच्चे भी घायल हो गए।

    हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने अनिल सिंह का शव सड़क पर रखकर आवागमन रोक दिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के समझाने के बाद जाम हटाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया।

    खाना खाने के बाद बैठे थे, तभी गिरा राशन का पैकेट

    मृतक के बेटे अभिनव प्रताप सिंह के मुताबिक, उनके पिता खाना खाने के बाद बैठे हुए थे। इसी दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री के पैकेट गिराए जा रहे थे। एक पैकेट उनके पिता के सिर पर आकर लगा, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद कई और पैकेट उनकी छाती पर भी जा गिरे।

    अनिल कुमार सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अखबार हॉकर थे। अमनौर थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने भी घटना की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, गंभीर चोट लगने के कारण बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हुई।

    नेपाल से आई बाढ़ से कई प्रखंड प्रभावित

    नेपाल से आई बाढ़ के कारण सारण जिले के कई प्रखंड प्रभावित हैं। इनमें मकेर, अमनौर और परसा सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क सड़क मार्ग से टूट गया है और वे टापू जैसे हालात में पहुंच गए हैं।

    ऐसे गांवों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हवाई मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है। वायुसेना के हेलीकॉप्टर से प्रभावित लोगों के बीच सूखा राशन और अन्य राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसी दौरान परशुरामपुर गांव में राशन के पैकेट गिराने के दौरान यह हादसा हुआ।

    छत पर खड़ी महिला और दो बच्चे भी घायल

    इसी गांव में राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान दूसरा हादसा भी हुआ। रंभा देवी अपने दो बच्चों के साथ घर की छत पर खड़ी होकर हेलीकॉप्टर से गिराई जा रही राहत सामग्री का इंतजार कर रही थीं।

    हेलीकॉप्टर के नीचे से उड़ने के कारण पैदा हुई तेज हवा की वजह से रंभा देवी छत से बगल के मकान पर जा गिरीं। उनके कमर में गंभीर चोट आई है। वहीं, उनके दोनों बच्चों के पैरों में फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है। तीनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

    एक ही गांव में दो हादसों से ग्रामीणों में दहशत

    राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान एक ही गांव में दो हादसे होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। एक ओर बाढ़ से लोग परेशान हैं, वहीं राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान हुए हादसे ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है और घायल महिला व उसके बच्चों का इलाज कराया जा रहा है।

  • प्रेमानंद के शिष्य की मौत पर पंडोखर धाम के गुरुशरण महाराज का दावा- ‘99% तक संकेत दे सकता हूं’

    प्रेमानंद के शिष्य की मौत पर पंडोखर धाम के गुरुशरण महाराज का दावा- ‘99% तक संकेत दे सकता हूं’


    दतिया। वृंदावन में संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत का मामला अब पंडोखर धाम तक पहुंच गया है। पंडोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने दावा किया है कि यदि आश्रम प्रबंधन, पुलिस, जांच एजेंसी या मृतक के परिजन उनके दरबार में आते हैं तो उनका ‘दिव्य दरबार’ घटना से जुड़े रहस्य को सामने लाने में जांच में सहयोग कर सकता है।

    दीपक लोधी की 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इस मामले को लेकर गुरुशरण महाराज ने कहा कि उनका मकसद किसी को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि जांच एजेंसियों को जिम्मेदार व्यक्ति या तत्वों तक पहुंचने में मदद करना है, ताकि परिवार को न्याय मिल सके और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो।

    बोले- ‘99 प्रतिशत तक संकेत दे सकता हूं’
    गुरुशरण महाराज ने कहा कि जो लोग इस घटना से संबंधित जानकारी चाहते हैं, वे उनके पास आ सकते हैं। उनका दावा है कि वह घटना के संबंध में “99 प्रतिशत तक संकेत” दे सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह पुलिस, अदालत या जांच एजेंसी नहीं हैं और किसी को सजा देने का अधिकार उनके पास नहीं है।

    उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इतना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़े और वास्तविक तथ्य सामने आएं। उनके मुताबिक, वह जांच एजेंसियों को उस बिंदु तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं, जिससे घटना को लेकर ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो सके।

    प्रेमानंद महाराज से मौन तोड़ने की अपील
    गुरुशरण महाराज ने संत प्रेमानंद महाराज से भी अपने शिष्य की मौत को लेकर सामने आने और घटना पर स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वृंदावन में हर तरफ राधा नाम की गूंज सुनाई देती है, लेकिन उसी धाम के एक आश्रम की चौथी मंजिल से हुई इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    उन्होंने कहा कि मृतक के परिजन और जांच से जुड़े लोग यदि उनसे संपर्क करते हैं तो वह सहयोग के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि उनका एकमात्र उद्देश्य घटना की सच्चाई सामने लाना, परिवार को न्याय दिलाना और किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसने से बचाना है।

    दूसरे कथित सिद्धियों के दावेदारों को भी चुनौती
    गुरुशरण महाराज ने सिद्धियों और भविष्यवाणी की क्षमता का दावा करने वाले अन्य लोगों को भी इस मामले की सच्चाई सामने लाने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास ऐसी शक्ति है तो उसे घटना से जुड़े तथ्यों को सामने रखकर अपनी क्षमता साबित करनी चाहिए।

    उन्होंने बिना नाम लिए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि भारत में पर्चा लिखने का दावा करने वाला कोई व्यक्ति अब तक यह कहने के लिए सामने नहीं आया कि वह इस मामले के बारे में सब कुछ बताने को तैयार है।

    जांच से ही सामने आएगा मौत का कारण
    दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत को लेकर फिलहाल गुरुशरण महाराज की ओर से किए गए दावे जांच का विकल्प नहीं हैं। घटना की वास्तविक परिस्थितियां, मौत का कारण और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका जैसे सवाल पुलिस या संबंधित जांच एजेंसी की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होंगे।

    गुरुशरण महाराज ने अपने बयान में भी कहा कि वह कोई थाना, अदालत या जांच एजेंसी नहीं हैं। उन्होंने केवल जांच में सहयोग करने और घटना से जुड़े संभावित तथ्यों तक पहुंचने के लिए संकेत देने की बात कही है।

  • मुंबई के बाद दिल्ली कूच करेगी CJP, दिपके का ऐलान- ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो जंतर-मंतर पर जुटेंगे

    मुंबई के बाद दिल्ली कूच करेगी CJP, दिपके का ऐलान- ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो जंतर-मंतर पर जुटेंगे


    नई दिल्ली। मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दिपके ने अब दिल्ली कूच का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को देशभर से लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटेंगे। दिपके ने इसे शांतिपूर्ण आंदोलन बताया है।

    2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक वहां पहुंचे। प्रदर्शन में युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर और तिरंगे नजर आए।

    शिवाजी पार्क में जुटी बड़ी भीड़

    शिवाजी पार्क बड़े राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों के लिए जाना जाता है। प्रदर्शन के दौरान तेज गर्मी और बैरिकेडिंग के बावजूद बड़ी संख्या में युवा वहां पहुंचे। दादर स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

    मंच से दिपके ने इसे “जंतर-मंतर 2.0” बताते हुए ‘चलो दिल्ली’ का नारा दिया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो देशभर के युवा और Gen-Z दिल्ली पहुंचेंगे। CJP की ओर से आगे अन्य शहरों में भी आंदोलन करने की बात कही गई है।

    वोटर लिस्ट को लेकर दिपके के क्या आरोप?

    दिपके ने चुनावी मतदाता सूची को लेकर कई दावे किए। उनका आरोप है कि दो साल में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए। उन्होंने 2024 के करीब 97 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं और लोकसभा चुनाव में NDA और विपक्षी गठबंधन के बीच करीब 2 प्रतिशत के वोट शेयर अंतर का हवाला देते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का चुनावी नतीजों पर असर पड़ सकता है।

    दिपके ने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सीट से करीब 40 हजार वोटर हटाए जाने और तमिलनाडु में करीब एक लाख नाम हटाए जाने का भी दावा किया। पश्चिम बंगाल में भी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप उन्होंने लगाया। ये आंकड़े और आरोप CJP तथा दिपके के दावे हैं; इनका अंतिम सत्यापन या न्यायिक निष्कर्ष इस रिपोर्ट में स्थापित नहीं है।

    दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करीब 40 लाख वोटर जोड़े गए और इसे चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी से जोड़ा। बीजेपी समर्थकों की ओर से तेलंगाना, कर्नाटक और झारखंड में विपक्षी दलों की जीत का उदाहरण दिए जाने पर उन्होंने कहा कि अगर मैच फिक्स हो तो हर गेंद नो-बॉल नहीं होती और हर कैच नहीं छूटता।

    CJP की प्रमुख मांगें क्या हैं?

    मुंबई प्रदर्शन में CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग रखी। पार्टी ने SIR प्रक्रिया को रोकने और 2024 लोकसभा चुनाव से पहले वाली मतदाता सूची को बहाल करने की मांग भी उठाई है। इसके साथ नए मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए स्वतंत्र संस्था बनाने की मांग भी सामने रखी गई है।

    दिपके ने ‘एक देश, एक चुनाव’ की बहस को लेकर भी केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बीजेपी का लक्ष्य ‘एक देश, एक पार्टी’ की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने का आरोप लगाया और शिंदे गुट की शिवसेना को ‘शेल कंपनी’ कहा। ये दिपके के राजनीतिक आरोप हैं।

    प्रदर्शन में फिल्मी हस्तियां भी पहुंचीं

    शिवाजी पार्क के प्रदर्शन में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, निर्देशक विशाल भारद्वाज, फिल्मकार हंसल मेहता, संगीतकार विशाल ददलानी और महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी समेत कई लोग मौजूद रहे। शिवसेना (यूबीटी) ने भी प्रदर्शन को समर्थन दिया।

    स्थानीय विधायक महेश सावंत ने बताया कि आदित्य ठाकरे की तबीयत खराब होने के कारण वह प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए।

    CJP नेता ने दिल्ली पुलिस को दी चेतावनी

    CJP नेता सौरव दास ने पिछले जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपने रवैये में सुधार करे, वरना आंदोलन और तेज किया जाएगा। CJP नेताओं ने इसे ‘जंतर-मंतर सीजन 2’ बताया है।

    वामपंथी कार्यकर्ता शैलेश कांबले ने कहा कि कई वामपंथी संगठन भी आंदोलन में शामिल हुए हैं। वहीं, कानून के छात्र आयान पटेल ने मतदान के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया पर चिंता जताई। मंच से बोलने वाली किशोरी अनुजा ने भी सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।

    अब CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अगला प्रदर्शन करने की घोषणा की है। हालांकि, इस प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी स्थिति अलग विषय है और इसमें बदलाव संभव है।

  • ट्रंप प्रशासन की 46 अरब डॉलर की बॉर्डर योजना पर कोर्ट की रोक, टेक्सास में दीवार निर्माण अस्थायी रूप से रुका

    ट्रंप प्रशासन की 46 अरब डॉलर की बॉर्डर योजना पर कोर्ट की रोक, टेक्सास में दीवार निर्माण अस्थायी रूप से रुका


    नई दिल्ली। टेक्सास की एक फेडरल कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की दक्षिणी सीमा पर बॉर्डर वॉल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने राज्य के बिग बेंड इलाके में प्रस्तावित निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह मामला स्थानीय लैंडओनर्स, कारोबारियों और पर्यावरणविदों की आपत्तियों से जुड़ा है, जिन्होंने इस परियोजना को चुनौती दी थी।

    यह प्रोजेक्ट ट्रंप प्रशासन की करीब 46 अरब डॉलर की व्यापक सीमा सुरक्षा योजना का हिस्सा है। इसके तहत अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर करीब 30 फीट ऊंची स्टील की दीवारें, व्हीकल बैरियर्स, सड़कें और सर्विलांस टेक्नोलॉजी लगाने की योजना है।

    जज ने कहा- वादियों को गंभीर नुकसान का खतरा
    फेडरल जज कैथलीन कार्डोने ने अपने आदेश में कहा कि मामले में वादी अपने दावों में सफल होते हुए दिखाई दे रहे हैं और यदि निर्माण पर रोक नहीं लगाई गई तो उन्हें गंभीर नुकसान हो सकता है। इसी आधार पर कोर्ट ने फिलहाल बिग बेंड सेक्टर में निर्माण गतिविधियों को आगे बढ़ाने से प्रशासन को रोक दिया।

    कोर्ट के आदेश पर अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

    दूर-दराज इलाका होने से सुरक्षा पहले से मजबूत होने का दावा
    बॉर्डर वॉल का विरोध कर रहे स्थानीय पक्षों का तर्क है कि बिग बेंड इलाका बेहद दूर-दराज और दुर्गम है। उनके मुताबिक, इस भौगोलिक स्थिति के कारण यहां अवैध तरीके से सीमा पार करना पहले ही कठिन है, इसलिए इस इलाके में भारी-भरकम बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पर सवाल उठते हैं।

    याचिकाकर्ताओं ने प्रशासन पर निर्माण परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए नियमों में कई तरह की छूट देने और कानूनी प्रक्रियाओं को दरकिनार करने का आरोप लगाया है। हालांकि, ये आरोप मामले में पक्षकारों के दावे हैं और अंतिम कानूनी निष्कर्ष कोर्ट के आगे के फैसले पर निर्भर करेगा।

    पर्यावरण संगठन ने फैसले को बताया बड़ी जीत
    मामले में याचिका दायर करने वाले सेंटर फॉर बायोलॉजिकल डायवर्सिटी के लाइकेन जोर्डहल ने कोर्ट के आदेश का स्वागत किया। उन्होंने इसे पूरी जीत बताते हुए कहा कि अंतिम फैसला आने तक निर्माण के लिए इस्तेमाल हो रहे बुलडोजर वापस लौटेंगे।

    जोर्डहल ने इसे बिग बेंड, टेक्सास और अमेरिकी संविधान के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। वहीं, कोर्ट की मौजूदा रोक फिलहाल अस्थायी है और इससे परियोजना पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

    कुछ हफ्ते पहले शुरू हुआ था निर्माण
    कोर्ट का यह आदेश ऐसे समय आया है, जब ट्रंप प्रशासन के बिग बेंड सेक्टर में बॉर्डर वॉल के पहले पैनल लगाए जाने के कुछ सप्ताह ही हुए हैं। प्रशासन की व्यापक योजना के तहत दक्षिणी सीमा पर दीवार के साथ-साथ वाहन अवरोधक, सड़कें और निगरानी से जुड़ी तकनीक विकसित करने का प्रस्ताव है।

    अब कोर्ट की अस्थायी रोक के कारण बिग बेंड इलाके में इन निर्माण गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। मामले में आगे होने वाली सुनवाई और अंतिम फैसला यह तय करेगा कि इस हिस्से में प्रस्तावित निर्माण को स्थायी रूप से आगे बढ़ाया जा सकेगा या नहीं।

  • MP में अक्टूबर की शुरुआत में बदला मौसम, दिन में गर्मी, रात में बढ़ी ठंडक

    MP में अक्टूबर की शुरुआत में बदला मौसम, दिन में गर्मी, रात में बढ़ी ठंडक


    भोपाल। मानसून की विदाई की शुरुआत के साथ मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। बारिश थमने के बाद दिन में गर्मी का असर बढ़ रहा है, जबकि रातें ठंडी होने लगी हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे पहुंच गया है, वहीं बड़वानी और धार में दिन का तापमान 35 डिग्री के पार दर्ज हो रहा है।

    दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 30 सितंबर को खत्म हो चुका है। इसके बाद प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश नहीं हुई है। अब मौसम में दिन-रात के तापमान का अंतर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में इसी तरह का मौसम बना रहने की संभावना है।

    अमरकंटक सबसे ठंडा, कई शहरों में रात का पारा 20° से नीचे

    बीती रात प्रदेश में अमरकंटक सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शाजापुर में 17.3, धार में 17.5, इंदौर और पचमढ़ी में 17.6 तथा भोपाल और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा।

    दूसरी ओर, दिन में गर्मी का असर बना हुआ है। पचमढ़ी और अमरकंटक में अधिकतम तापमान 29 डिग्री से नीचे चल रहा है, जबकि बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में दिन का तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया है। यानी प्रदेश में एक ही समय पर कहीं रातें ठंडी हो रही हैं तो कहीं दिन में गर्मी का असर तेज है।

    अक्टूबर के पहले पखवाड़े में ऐसा ही रहेगा मौसम

    मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर के बाद करीब 15 दिन मौसम के बदलाव वाले होते हैं। अक्टूबर के पहले पखवाड़े में रात के तापमान में गिरावट शुरू हो जाती है, लेकिन दिन में धूप और गर्मी का असर बना रहता है। इस बार भी प्रदेश में इसी तरह का मौसम देखने को मिल रहा है।

    अगले तीन दिन यानी 3, 4 और 5 अक्टूबर को प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है। इस दौरान ज्यादातर इलाकों में तेज धूप खिली रहेगी। इसके बाद 6 अक्टूबर को पूर्वी और उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।

    उज्जैन और ग्वालियर-चंबल से मानसून की वापसी संभव

    IMD मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, मानसून की वापसी रेखा फिलहाल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्यप्रदेश में यह रेखा ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है। ऐसे में प्रदेश से मानसून की वापसी इन्हीं इलाकों से शुरू होने की संभावना है।

    इसके बाद मानसून इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से विदा हो सकता है। अगले 2-3 दिन में वापसी की शुरुआत होने और 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून के लौटने की संभावना है।

    6 अक्टूबर को इन जिलों में हल्की बारिश के आसार

    मौसम विशेषज्ञ नायक के मुताबिक, अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है।

    6 अक्टूबर को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश का अनुमान है। इससे पहले 3, 4 और 5 अक्टूबर को कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है।

    प्रदेश में अब तक सामान्य से 4% कम बारिश

    इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले करीब 1.5 इंच कम है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 4% कम पानी गिरा है।

    क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 4% अधिक बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा 4% ज्यादा है।

    हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी हिस्से में स्थिति और कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

  • आरडीआई योजना में फंड की कमी नहीं, बड़ी संख्या में प्रस्तावों की समीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोकी गई

    आरडीआई योजना में फंड की कमी नहीं, बड़ी संख्या में प्रस्तावों की समीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोकी गई

    । विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (आरडीआई) योजना के तहत प्रस्ताव आमंत्रण प्रक्रिया को फंड की कमी के कारण बंद किए जाने की खबरों को गलत बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि योजना के तहत पात्र प्रौद्योगिकी संस्थाओं को धनराशि जारी करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं और फंड की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (टीडीबी) की ओर से जारी प्रस्ताव आमंत्रण को केवल प्रशासनिक कारणों से अस्थायी रूप से रोका गया है। बड़ी संख्या में परियोजना प्रस्ताव मिलने के बाद सभी आवेदनों का मूल्यांकन पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया है। 30 सितंबर 2026 तक प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा पूरी होने के बाद आवेदन प्रक्रिया जल्द दोबारा शुरू की जाएगी।

    मंत्रालय ने कहा कि प्रस्ताव आमंत्रण रोकने के पीछे धन की कमी होने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। टीडीबी ने भी अपनी वेबसाइट पर स्पष्ट किया है कि मौजूदा प्रस्ताव आमंत्रण को केवल प्रशासनिक कारणों से अस्थायी रूप से बंद किया गया है। बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होने के कारण निवेश समिति और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड मूल्यांकन प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में जुटे हैं। संबंधित अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं, ताकि पात्र और योग्य परियोजनाओं का मूल्यांकन जल्द पूरा किया जा सके और उन्हें नियमानुसार मंजूरी दी जा सके। सरकार का कहना है कि समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन आमंत्रण फिर शुरू किया जाएगा।

    मंत्रालय के अनुसार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) निकट भविष्य में अन्य सेकंड-लेवल फंड मैनेजर्स (एसएलएफएम) नियुक्त करने की प्रक्रिया में भी हैं। इससे आरडीआई योजना के क्रियान्वयन और वित्तपोषण क्षमता को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। डीएसटी और एएनआरएफ आरडीआई योजना के डिजाइन, वित्तपोषण और निगरानी के लिए जिम्मेदार शीर्ष सरकारी संस्थान हैं। यह योजना 1 लाख करोड़ रुपये की है और इसके तहत टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड एक फंड मैनेजर के रूप में कार्य करता है।

    आरडीआई योजना का उद्देश्य उन कंपनियों, कॉर्पोरेट संस्थाओं और स्टार्टअप्स को सहायता देना है, जो डीप-टेक, अनुसंधान और नवाचार आधारित तकनीकों पर काम कर रहे हैं। विशेष रूप से रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में काम करने वाली संस्थाओं को इस योजना के तहत दीर्घकालिक और कम लागत वाली वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। योजना के तहत चयनित पात्र प्रौद्योगिकी संस्थाओं को बड़े आकार के ऋण और अन्य वित्तीय सहायता दी जाती है। हालांकि, टीडीबी किसी परियोजना को धनराशि तभी जारी करता है, जब संबंधित संस्था गैर-सरकारी या निजी स्रोतों से निर्धारित अनुपात में पूंजी जुटाने में सफल हो जाती है।

    मंत्रालय ने दोहराया कि आरडीआई योजना पूरी तरह सक्रिय है और इसके संचालन पर फंड की कमी का कोई असर नहीं पड़ा है। योजना का उद्देश्य भारत में अनुसंधान, नवाचार और उन्नत प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देना है। सरकार के अनुसार, मौजूदा प्रस्ताव आमंत्रण को रोकने का कारण केवल बड़ी संख्या में प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया है। समीक्षा पूरी होने के बाद आवेदन प्रक्रिया जल्द दोबारा शुरू की जाएगी और पात्र परियोजनाओं को नियमों के अनुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती रहेगी।

  • कचरा फेंकने के विवाद में महिला से मारपीट का आरोप FIR के बाद भी धमकाने का दावा लेकर SP ऑफिस पहुंची पीड़िता

    कचरा फेंकने के विवाद में महिला से मारपीट का आरोप FIR के बाद भी धमकाने का दावा लेकर SP ऑफिस पहुंची पीड़िता


    शिवपुरी । शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र की संजय कॉलोनी में कचरा फेंकने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। 29 वर्षीय मोनिका खटीक ने प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव पर मारपीट करने और थाने के अंदर धमकाने का आरोप लगाया है। शुक्रवार 2 अक्टूबर को पीड़िता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और आवेदन देकर आरोपियों से अपनी तथा परिवार की जान को खतरा बताया। महिला ने सुरक्षा देने और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

    मोनिका खटीक संजय कॉलोनी के वार्ड क्रमांक 35 की निवासी है। उसने बताया कि गुरुवार रात करीब 8:30 बजे वह अपने घर से कूड़ा-कचरा लेकर उसे डालने के लिए एकांत स्थान की ओर जा रही थी। इसी दौरान उसके घर से तीन-चार मकान दूर रहने वाले प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव ने उसे रास्ते में रोक लिया। मोनिका का आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

    महिला के मुताबिक जब उसने गाली देने का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से मारपीट की। मोनिका के चिल्लाने पर उसकी नानी आशा खटीक और मामी मंजू खटीक मौके पर पहुंचीं। दोनों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।

    थाने में भी धमकाने का लगाया आरोप

    मोनिका के अनुसार वह अपने भाई के साथ देर रात फिजिकल थाने पहुंची थी जहां उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के दौरान आरोपी और उनके कुछ सहयोगी भी थाने पहुंच गए। पीड़िता का दावा है कि वहां उसे डराया धमकाया गया और जान से मारने के साथ झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

    पीड़िता ने इस घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। उसने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की बात भी कही है। उसका कहना है कि फुटेज से थाने के अंदर हुई घटना के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। हालांकि थाने में धमकी देने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।

    मोनिका का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि उसे उसके भाई और परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकियां दी जा रही हैं। इससे परिवार के लोग डरे हुए हैं और उन्हें किसी अप्रिय घटना की आशंका है।

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए आवेदन में महिला ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उसने यह भी कहा कि भविष्य में उसके या परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ शिकायत की जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    फिलहाल मामला महिला की शिकायत और लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। पुलिस जांच के बाद ही मारपीट और थाने में धमकी देने के आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पीड़िता ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और परिवार को सुरक्षा देने की अपील की है।

  • पैसों के विवाद में खूनी झड़प का आरोप बड़े भाई ने डंडे से मारा भतीजे ने कुल्हाड़ी से किया हमला

    पैसों के विवाद में खूनी झड़प का आरोप बड़े भाई ने डंडे से मारा भतीजे ने कुल्हाड़ी से किया हमला


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के बैराड़ में भेड़ों के करीब 3 लाख रुपए के लेनदेन को लेकर दो भाइयों के परिवारों के बीच विवाद हो गया। गुरुवार शाम शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। छोटे भाई रामे खटीक के परिवार ने बड़े भाई भूरा खटीक और उसके बेटे राहुल खटीक पर डंडे और कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप लगाया है। घटना में रामे के सिर में गंभीर चोट आई है। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीच बचाव करने पहुंची रामे की पत्नी ममता के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। बैराड़ पुलिस ने ममता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    ममता पत्नी रामे खटीक ने पुलिस को बताया कि वह बैराड़ के वार्ड क्रमांक 9 में यूको बैंक के पास रहती हैं। गुरुवार शाम करीब 8 बजे उनके घर के सामने उनके पति रामे और जेठ भूरा खटीक के बीच भेड़ों के पैसों के लेनदेन को लेकर बातचीत चल रही थी। दोनों के बीच बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। ममता के मुताबिक इसी दौरान भूरा और उसका बेटा राहुल रामे को गाली देने लगे।

    ममता का कहना है कि रामे ने दोनों को गाली देने से मना किया तो बहस और बढ़ गई। आरोप है कि इसी दौरान भूरा ने डंडे से रामे के सिर पर वार कर दिया। सिर में चोट लगने के बाद भी विवाद नहीं रुका। शिकायत के अनुसार इसके बाद राहुल ने कुल्हाड़ी से रामे के सिर पर हमला किया। इससे उसके सिर में चोट आई और खून निकलने लगा।

    शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि दोनों ने इसके बाद रामे के साथ डंडों से मारपीट की। इस दौरान उसकी पीठ और दोनों पैरों में भी चोटें आईं। पति को घायल देखकर ममता बीच बचाव करने पहुंचीं तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना के बाद परिवार के लोगों ने घायल रामे को अस्पताल पहुंचाया जहां उसका उपचार किया जा रहा है।

    पुलिस ने ममता की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब विवाद की वजह और घटना के दौरान हुई मारपीट से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि भेड़ों के करीब 3 लाख रुपए के लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई विवाद चल रहा था या घटना के दौरान ही मामला बढ़ा।

    इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक लेनदेन को लेकर होने वाले विवाद के गंभीर रूप लेने की स्थिति सामने रखी है। मामूली बातचीत से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में मारपीट तक पहुंच गया और एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।