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  • JNU नारेबाजी पर उमर खालिद के पिता का बड़ा हमला: बोले-विरोध अब अपराध बन गया, कन्हैया कुमार राजनीतिक दबाव में चुप

    JNU नारेबाजी पर उमर खालिद के पिता का बड़ा हमला: बोले-विरोध अब अपराध बन गया, कन्हैया कुमार राजनीतिक दबाव में चुप


    नई दिल्ली।  जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में हाल ही में हुई नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन को लेकर उमर खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इलियास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में अब विरोध करना अपराध बनता जा रहा है, जबकि गंभीर अपराधों के दोषियों को आसानी से जमानत मिल जाती है। उनका कहना है कि यह स्थिति लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी के लिए बेहद चिंताजनक है।
    सैयद कासिम रसूल इलियास ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उमर खालिद और शरजील इमाम को मिली जमानत के खिलाफ कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ नारे जरूर लगाए गए, लेकिन कोई आधिकारिक बयान या भड़काऊ भाषण नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “यह विरोध न तो हिंसक था और न ही किसी कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाला, फिर भी एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट तैयार कर दी गई। यह दर्शाता है कि असहमति को दबाने का एक चलन बन चुका है।”

    उमर खालिद के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने के बावजूद उसे लंबे समय तक जेल में रखा गया।

    उन्होंने कहा कि दंगों के समय उमर खालिद की मौजूदगी तक साबित नहीं हो पाई, इसके बावजूद उसे जमानत नहीं दी गई, जबकि उसी एफआईआर में नामजद कुछ अन्य आरोपियों को राहत मिल चुकी है। उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया और कहा कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।

    कासिम रसूल इलियास ने इस पूरे मामले में कन्हैया कुमार का जिक्र करते हुए भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कन्हैया कुमार और उमर खालिद दोनों जेएनयू में सहपाठी रहे हैं और 2016 के मामले में दोनों को आरोपी बनाया गया था। इसके बावजूद कन्हैया कुमार इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

    उन्होंने कहा, “कन्हैया कुमार अब एक राजनेता हैं और किसी राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं। पार्टी और राजनीति से जुड़े दबावों के कारण वे उमर खालिद के मुद्दे पर सवाल उठाने से पीछे हट रहे हैं। यह स्थिति अजीब जरूर है, लेकिन उनकी राजनीतिक मजबूरियां उनके पैरों में बेड़ियों की तरह हैं।”

    सैयद कासिम का मानना है कि मौजूदा दौर में छात्रों और युवा वर्ग के लिए शांतिपूर्ण विरोध करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि जब देश में बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के आरोपी भी जमानत पा जाते हैं, तो केवल नारे लगाने या विरोध दर्ज कराने वालों को निशाना बनाना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

    उन्होंने आगे कहा कि राजनीति और निजी स्वार्थों के चलते असल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। यदि राजनीतिक हस्तक्षेप न हो, तो उमर खालिद जैसे मामलों में निष्पक्ष और त्वरित न्याय संभव हो सकता है। उनके अनुसार, प्रशासन और न्यायपालिका को राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।

    सैयद कासिम रसूल इलियास ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति की आवाज़ को दबाना समाज के लिए खतरनाक संकेत है।

    उन्होंने उम्मीद जताई कि समाज, न्यायपालिका और संस्थाएं मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि छात्रों और नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुरक्षित रहे।

    इस बयान से साफ है कि उमर खालिद के परिवार के लिए न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनके पिता का मानना है कि न्याय और राजनीति के बीच संतुलन बनाए रखना आज की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है, और यदि इस पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरी चोट पहुंच सकती है।

  • राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी का आयोजन बालोद में 9 से 13 जनवरी तक होगी ऐतिहासिक मेगा इवेंट

    राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी का आयोजन बालोद में 9 से 13 जनवरी तक होगी ऐतिहासिक मेगा इवेंट


    नई दिल्ली । बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक होने वाला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी अब किसी भी शंका या विवाद से परे स्पष्ट रूप से निर्धारित हो चुका है। भारत स्काउट एवं गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने पुष्टि की है कि यह आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बालोद के दुधली में होगा। इससे पहले इस आयोजन को लेकर कई अफवाहें और अटकलें चल रही थीं जिन पर अब विराम लग चुका है।

    14 000 प्रतिभागियों का मेगा इवेंट

    यह जम्बूरी भारत स्काउट एवं गाइड नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित होने वाला देश का पहला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी है जिसमें देश-विदेश से लगभग 14 000 प्रतिभागी भाग लेंगे। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ से लगभग 4 292 स्काउट और गाइड शामिल होंगे। इस जम्बूरी के माध्यम से न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश को एक नई पहचान मिलेगी क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय सहभागिता भी देखने को मिलेगी।

    तैयारियों में तेजी

    राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि इस आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से नियमों के अनुसार की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन भारत स्काउट एवं गाइड संगठन और स्वयंसेवकों की टीम मिलकर काम कर रही है। आयोजन स्थल की तैयारियां भी अपनी अंतिम रूपरेखा में हैं ताकि आने वाले 14 000 प्रतिभागियों के लिए सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।

    बालोद को मिलेगी नई पहचान

    इंद्रजीत सिंह ने कहा इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से न केवल बालोद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को देश और विदेश में एक नई पहचान मिलेगी। हजारों रोवर-रेंजरों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा जिससे युवा शक्ति को नेतृत्व अनुशासन और सेवा भाव का अहम संदेश मिलेगा। यह आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है जो युवाओं को प्रेरित करने और उनके अंदर देशप्रेम और सामाजिक सेवा की भावना को मजबूत करने का एक बेहतरीन मंच साबित होगा।

    युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर

    पहला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा जिससे उन्हें स्काउट-गाइड आंदोलन की मूल भावना – सेवा अनुशासन और देशप्रेम को और सशक्त बनाने का अवसर मिलेगा। बालोद में होने वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरव का विषय है और यह न केवल राज्य के बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

  • T20 World Cup 2026 ICC के फैसले के बाद बांग्लादेश को भारत में ही खेलने होंगे मैच BCB का बड़ा बयान

    T20 World Cup 2026 ICC के फैसले के बाद बांग्लादेश को भारत में ही खेलने होंगे मैच BCB का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आयोजन को लेकर भारत और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCB के बीच जो तनाव बना हुआ था वह अब लगभग समाप्त होता हुआ नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें उसने भारत में होने वाले अपने मैच किसी अन्य देश में कराने का अनुरोध किया था। ICC के इस सख्त रुख के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि बांग्लादेश की टीम को भारत में ही अपने सभी निर्धारित मुकाबले खेलने होंगे।

    ICC का सख्त रुख

    ICC ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर बांग्लादेश टीम भारत आने से इनकार करती है तो उसे टूर्नामेंट के अंक गंवाने पड़ सकते हैं। इसके अलावा ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को यह आश्वासन भी दिया कि बांग्लादेश टीम को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी और टूर्नामेंट के दौरान उसकी सुरक्षा को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इसके बाद BCB ने आधिकारिक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने ICC की ओर से प्राप्त लिखित जवाब का उल्लेख किया। BCB ने बताया कि ICC ने बांग्लादेश की सुरक्षा संबंधित सभी चिंताओं का समाधान किया है और टीम को भारत में खेलने के लिए पूरी तरह से आश्वस्त किया है।

    BCB का बयान

    BCB ने अपने बयान में कहा हमें ICC की ओर से लिखित जवाब प्राप्त हुआ है जिसमें हमारे सभी सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान किया गया है। ICC ने आश्वस्त किया है कि बांग्लादेश टीम को पूरी सुरक्षा दी जाएगी और हम बिना किसी परेशानी के भारत में अपने मुकाबले खेल सकेंगे। इसके साथ ही BCB ने यह भी बताया कि ICC ने टूर्नामेंट से जुड़े किसी भी सुझाव या इनपुट को गंभीरता से लेने का वादा किया है और इस पर काम करने को तैयार है। हालांकि ICC की ओर से इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    भारत में खेले जाएंगे अहम मुकाबले

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश टीम को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में तीन अहम मुकाबले खेलने हैं। बांग्लादेश का पहला मैच 7 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ होगा इसके बाद 9 फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले होंगे। इसके अलावा बांग्लादेश को 17 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल के खिलाफ भी मुकाबला खेलना है। इस टूर्नामेंट के दौरान बांग्लादेश के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबले होंगे और यह टीम की प्रगति के लिए एक अहम अवसर साबित हो सकता है।

    आखिरकार स्थिति स्पष्ट

    ICC के फैसले और सुरक्षा के पुख्ता आश्वासन के बाद अब यह लगभग साफ हो चुका है कि बांग्लादेश टीम 2026 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप के अपने सभी मुकाबले भारत में ही खेलेगी। ICC का यह रुख टूर्नामेंट की तैयारियों को और मजबूती प्रदान करता है साथ ही यह संदेश भी देता है कि भारत में होने वाले इस मेगा इवेंट में सभी टीमों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

  • जेब में सिर्फ 300 रुपये, दिल में बड़े सपने: यश के संघर्ष से सुपरस्टार बनने तक की कहानी

    जेब में सिर्फ 300 रुपये, दिल में बड़े सपने: यश के संघर्ष से सुपरस्टार बनने तक की कहानी


    नई दिल्ली । साउथ फिल्म इंडस्ट्री में जब भी मेहनत और संघर्ष से सफलता पाने वाले कलाकारों की बात होती है तो अभिनेता यश का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले यश का सफर आसान नहीं रहा। जेब में सिर्फ 300 रुपये और आंखों में बड़े सपने लेकर घर छोड़ने वाला यह युवक आज भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिना जाता है।

    अभिनेता यश का जन्म 8 जनवरी 1986 को कर्नाटक के हासन जिले के छोटे से गांव भुवनहल्ली में हुआ था। उनका असली नाम नवीन कुमार गौड़ा है। उनके पिता बीएमटीसी में बस चालक थे और माता एक गृहिणी थीं। परिवार साधारण था और माता-पिता चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर सुरक्षित सरकारी नौकरी करे। लेकिन यश का मन बचपन से ही अभिनय की दुनिया में बस चुका था।स्कूल के दिनों में यश नाटकों और डांस प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। मंच पर तालियों की गूंज उन्हें खास सुकून देती थी और यहीं से उनके भीतर अभिनेता बनने का सपना मजबूत होता गया। जब परिवार ने उनके इस सपने का विरोध किया तो यश ने एक कठिन लेकिन साहसी फैसला लिया। वह सिर्फ 300 रुपये लेकर घर से निकल पड़े और बेंगलुरु का रुख किया। उन्हें डर था कि अगर वापस लौटे तो फिर कभी अपने सपनों के पीछे नहीं भाग पाएंगे।

    बेंगलुरु पहुंचकर यश ने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में उन्हें बड़े रोल नहीं मिले। वह बैकस्टेज काम करते रिप्लेसमेंट कलाकार बनते और छोटे-छोटे किरदार निभाते रहे। कई बार हालात इतने मुश्किल हुए कि गुजारा करना भी चुनौती बन गया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। यही संघर्ष उनके भविष्य की मजबूत नींव बना।साल 2008 में यश को कन्नड़ फिल्म मोगिना मनासु से सिनेमा में पहला बड़ा मौका मिला। इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर भी मिला। इसके बाद राजधानी गजकेसरी मास्टरपीस जैसी फिल्मों ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा का जाना-पहचाना चेहरा बना दिया।

    हालांकि यश की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ 2018 में आया जब केजीएफ चैप्टर 1 रिलीज हुई। फिल्म में रॉकी भाई का किरदार निभाकर उन्होंने पूरे देश में पहचान बना ली। इसके बाद केजीएफ चैप्टर 2 ने इतिहास रच दिया और 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर कन्नड़ सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई।निजी जीवन में यश ने अपनी को-स्टार राधिका पंडित से 2016 में शादी की। दोनों ने मिलकर यशो मार्ग फाउंडेशन की शुरुआत की जो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और जल संरक्षण के लिए काम करता है। आज यश सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं बल्कि संघर्ष आत्मविश्वास और मेहनत की मिसाल बन चुके हैं।

  • इरफान खान की 59वीं जयंती पर बेटे बाबिल का इमोशनल ट्रिब्‍यूट बचपन की यादों के साथ पापा को किया याद

    इरफान खान की 59वीं जयंती पर बेटे बाबिल का इमोशनल ट्रिब्‍यूट बचपन की यादों के साथ पापा को किया याद


    नई दिल्ली ।आज बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता इरफान खान की 59वीं जयंती है। इस खास मौके पर उनके बेटे बाबिल खान ने पिता के साथ अपनी बचपन की यादों को साझा करते हुए एक बेहद इमोशनल पोस्ट इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। बाबिल ने अपने पिता के साथ अपनी दो प्यारी तस्वीरें साझा की जो दर्शाती हैं कि इरफान के साथ उनका बचपन कितना खास और नज़दीकी था। इन तस्वीरों के साथ बाबिल ने जो कैप्शन लिखा वह दिल को छूने वाला था जिसमें उन्होंने अपने पापा के साथ बिताए गए सरल और प्यारे पलों का जिक्र किया।

    बाबिल ने पहली फोटो में अपनी और इरफान की एक पुरानी तस्वीर साझा की जिसमें वह अपने पिता के ऊपर पैर फैलाए एक बिस्तर पर लेटे हुए हैं। इस तस्वीर में इरफान खान आराम से लेटे हुए हैं और बाबिल उनके ऊपर बेफिक्री से सो रहे हैं। इस दृश्य में साधारण तकिए और कुछ घरेलू सामानों के साथ एक सुकूनभरी घरेलू माहौल का अहसास होता है। दूसरी तस्वीर में बाबिल और इरफान खान दोनों आमने-सामने खड़े हुए हैं जिसमें पित-पुत्र के रिश्ते की नजदीकी और समझ दिखाई देती है।

    बाबिल ने कैप्शन में लिखा आपकी तस्वीरें मेरी तस्वीरें। मैं उन पर कूदने और उनकी पीठ पर सो जाने से पहले ‘सोफा मोड एक्टिवेटेड’ कहता था । यह कैप्शन उनकी और उनके पिता की मस्ती और सजीव यादों को खूबसूरती से बयां करता है। बाबिल का यह भावुक पोस्ट दर्शाता है कि कैसे वह अपने पिता के साथ बिताए गए समय को हमेशा अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा मानते हैं।

    इरफान खान ने 29 अप्रैल 2020 को दुनिया को अलविदा कहा था जब वह महज 53 वर्ष के थे और गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इरफान खान का निधन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नुकसान था। उन्होंने अपनी फिल्मी यात्रा की शुरुआत 1998 में फिल्म सलाम बॉम्बे से की थी और उसके बाद उन्होंने कई यादगार और बेहतरीन फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उनकी अभिनय शैली और मजबूत काया आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। चाहे वह हासिल पान सिंह तोमर लाइफ ऑफ पाई दी लंचबॉक्स जैसी फिल्में हों इरफान ने हर रोल में खुद को साबित किया।

    इरफान खान का जीवन और करियर एक प्रेरणा है और उनके योगदान को फिल्म इंडस्ट्री कभी नहीं भूल पाएगी। बाबिल के इस पोस्ट के जरिए उनके पिता के साथ उनके रिश्ते की खूबसूरत झलक भी देखने को मिली। बाबिल आज भले ही खुद फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बन गए हों लेकिन उनके लिए इरफान खान हमेशा एक आदर्श और प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
    इरफान खान की जयंती पर बाबिल का यह इमोशनल ट्रिब्‍यूट उन यादों को ताज़ा करता है जो हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेंगी।

  • सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की गिरावट, मिडकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती..

    सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की गिरावट, मिडकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती..

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में उतारचढ़ाव भरे कारोबार के बाद हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता और अहम आर्थिक आंकड़ों से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण लार्जकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 102.20 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84961.14 के स्तर पर बंद हुआ जबकि एनएसई निफ्टी 37.95 अंक या 0.14 प्रतिशत फिसलकर 26140.75 पर आ गया।

    हालांकि प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी रही लेकिन बाजार के व्यापक हिस्से में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 276.15 अंक या 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ 61424.70 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 70.65 अंक या 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 17958.50 पर बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशक चुनिंदा शेयरों में अवसर तलाशते नजर आए।सेक्टोरल आधार पर आईटी शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.87 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.69 प्रतिशत निफ्टी फार्मा 0.69 प्रतिशत निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.65 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.07 प्रतिशत में भी मजबूती देखने को मिली।

    वहीं दूसरी ओर ऑटो और वित्तीय शेयरों में मुनाफावसूली के चलते गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो 0.80 प्रतिशत निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.66 प्रतिशत निफ्टी इन्फ्रा 0.50 प्रतिशत निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.33 प्रतिशत और निफ्टी कमोडिटीज 0.31 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुए।सेंसेक्स के गेनर्स की सूची में टाइटन एचसीएल टेक टेक महिंद्रा इन्फोसिस सन फार्मा टीसीएस आईसीआईसीआई बैंक एलएंडटी बीईएल और ट्रेंट शामिल रहे। वहीं मारुति सुजुकी पावर ग्रिड एचडीएफसी बैंक एशियन पेंट्स टाटा स्टील एचयूएल एसबीआई भारती एयरटेल एमएंडएम बजाज फाइनेंस इंडिगो और बजाज फिनसर्व प्रमुख लूजर्स रहे।

    जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों और अमेरिका के अहम रोजगार आंकड़ों से पहले निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं। वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और चीन द्वारा दुर्लभ धातुओं के निर्यात पर प्रतिबंध जैसे कारकों से बाजार सीमित दायरे में बना रह सकता है। हालांकि आईटी फार्मा और मिडकैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी से बाजार को कुछ राहत मिली है।

  • Besan for Skin: चेहरे की हर समस्या का सस्ता और असरदार इलाज है बेसन, पुराने जमाने का नुस्खा जो कभी नहीं होता फेल

    Besan for Skin: चेहरे की हर समस्या का सस्ता और असरदार इलाज है बेसन, पुराने जमाने का नुस्खा जो कभी नहीं होता फेल

    नई दिल्ली। हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन हमेशा ही खूबसूरत, ग्लोइंग और फ्लॉलेस बनी रहे. अपनी इस ख्वाइश को पूरा करने के लिए अक्सर हम महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं. कई बार तो ये प्रोडक्ट्स हमारे लिए सही तरीके से काम कर जाते हैं लेकिन कई बार इनके इस्तेमाल से सिर्फ हमारे समय और पैसों की बर्बादी ही होती है. आज की यह आर्टिकल उन सभी के लिए काफी काम की होने वाली है अपनी स्किन को खूबसूरत और फ्लॉलेस बनाना चाहते हैं बिना किसी ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किये. आज हम आपको बताने वाले हैं कि आप किस तरह से किचन में मौजूद बेसन का इस्तेमाल करके अपनी स्किन को साफ, सॉफ्ट और ग्लोइंग बना सकते हैं. आपकी स्किन टाइप चाहे कुछ भी हो आप बिना किसी टेंशन के इन तरीकों से बेसन का इस्तेमाल अपने चेहरे पर कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं चेहरे पर बेसन का इस्तेमाल करने के 5 आसान और चमत्कारी तरीके.

    गहराई से सफाई के लिए बेसन और हल्दी
    अगर आप अपनी स्किन को गहराई से साफ करना चाहते हैं तो बेसन और हल्दी से बेहतर आपके लिए कुछ और नहीं हो सकता. इसके लिए आपको एक कटोरे में दो चम्मच बेसन को ले लेना होगा और फिर उसमें थोड़ी सी हल्दी को मिला देना होगा. इन दोनों ही चीजों को अच्छे से मिक्स करने के लिए आपको कच्चे दूध का इस्तेमाल करना है. जब एक गाढ़ा लेकिन स्मूद पेस्ट तैयार हो जाए तो इसे अपने चेहरे पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें. धोते समय हल्के हाथों से चेहरे को रगड़ें. नियमित तौर पर इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन साफ होती है और साथ ही निखरी हुई लगने लगती है. इसके अलावा इसके इस्तेमाल से चेहरे पर मौजूद टैनिंग और दाग-धब्बे भी खत्म हो जाते हैं.
    ड्राई स्किन के लिए बेसन और मलाई
    अगर आपकी स्किन ड्राई है तो आपको बेसन और मलाई का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करना शुरू कर देना चाहिए. इस फेस पैक को तैयार करने के लिए आपको एक कटोरा लेकर उसमें दो चम्मच बेसन और एक चम्मच मलाई और थोड़ा सा गुलाबजल उसमें दाल देना है. इन सभी चीजों को अच्छे से मिक्स करके एक पेस्ट तैयार कर लें. इस पेस्ट को तैयार करने के बाद अपने चेहरे पर लगा लें और फिर 20 मिनट के लिए छोड़ दें. अंत में साधारण पानी से अपने चेहरे को धो लें. इसके इस्तेमाल से आपकी त्वचा को न्यूट्रिशन मिलता है और साथ ड्राइनेस भी दूर होती है.

    ऑयली स्किन के लिए बेसन और नींबू
    ऑयली स्किन वालों को अपने चेहरे पर बेसन और नींबू का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए. इसके इस्तेमाल से चेहरा ऑयली नहीं होता और साथ ही पिंपल्स की समस्या भी दूर रहती है. इस फेस पैक को तैयार करने के लिए आपको दो चम्मच बेसन में आधा नींबू का रस और थोड़ा सा पानी मिलाना है. एक स्मूद और गाढ़ा पेस्ट तैयार हो जाए तो इसे अपने चेहरे पर लगाकर सूखने तक के लिए छोड़ देना है और जब यह अच्छी तरह सूख जाए तो चेहरे को धो लेना है.

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    इंस्टेंट ग्लो के लिए बेसन और दही
    अगर आप अपने चेहरे को मिनटों में ग्लोइंग बनाना चाहते हैं तो इसके लिए बेसन और दही का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है. इस पेस्ट को तैयार करने के लिए आपको दो चम्मच बेसन में एक चम्मच फ्रेश दही को मिक्स करना है. जब स्मूद पेस्ट तैयार हो जाए तो इसे अपने चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें. रेगुलर बेसिस पर इसके इस्तेमाल से आपको स्किन सॉफ्ट और नैचुरली ग्लोइंग बनती है.

    टैनिंग हटाने के लिए बेसन और गुलाब जल
    अगर पूरे दिन धूप में रहने की वजह से आपका चेहरा काला पड़ गया है तो आपको बेसन और गुलाबजल का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए. टैनिंग से छुटकारा दिलाने वाले इस फेस पैक को तैयार करने के लिए आपको दो चम्मच बेसन में जरूरत के अनुसार गुलाबजल मिलाकर एक स्मूद और गाढ़ा पेस्ट तैयार करना है. इस पेस्ट को अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह लगा लें और जब यह सूझ जाए तो धो लें. कुछ ही दिन इसके इस्तेमाल से आपकी टैनिंग की प्रॉब्लम खत्म हो जाती है.

  • शासकीय कार्यालयों में बगैर वैध दस्तावेज के वाहन नहीं चल सकेंगे सरकार का बड़ा फैसला

    शासकीय कार्यालयों में बगैर वैध दस्तावेज के वाहन नहीं चल सकेंगे सरकार का बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग ने शासकीय विभागों, निगमों एवं निकायों द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए अनुबंधित किए जाने वाले वाहनों के संबंध में नवीन निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार अब बगैर वैध दस्तावेजों के किसी भी वाहन को शासकीय कार्यालयों में उपयोग में नहीं लिया जाएगा।

    शासकीय विभागों द्वारा सीधे अथवा निजी एजेंसियों के माध्यम से उपयोग में लाए जाने वाले मालवाहक एवं यात्री वाहनों के सभी वैधानिक दस्तावेज अनुबंध से पूर्व और वाहन उपयोग की संपूर्ण अवधि के दौरान वैध होना अनिवार्य होगा। साथ ही, विभागों को भुगतान से पहले भी इन दस्तावेजों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    परिवहन विभाग ने यह भी निर्देश दिये है कि खनिज अथवा अन्य सामग्री के परिवहन के लिये जारी की जाने वाली अनुमति संबंधित वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुबंधित वाहनों द्वारा नियमानुसार मोटरयान कर का भुगतान किया गया होना चाहिए।

    ई-मेल से भीप्राप्‍त कर स‍कते हैं मार्गदर्शन

    सभी विभागों, निगमों एवं निकायों को यह सुविधा प्रदान की गई है कि वे अपने यहां अनुबंधित अथवा एजेंसियों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे वाहनों के संबंध में परिवहन आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश, ग्वालियर से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए ई-मेल आईडी [email protected] पर पत्र प्रेषित किया जा सकता है।

  • दही-चूड़ा के बहाने सियासी संदेश: तेजप्रताप यादव मकर संक्रांति पर बुलाएंगे तेजस्वी-नीतीश को

    दही-चूड़ा के बहाने सियासी संदेश: तेजप्रताप यादव मकर संक्रांति पर बुलाएंगे तेजस्वी-नीतीश को


    नई दिल्‍ली । बिहार में दही-चूड़ा भोज के बहाने सियासत गरमाने लगी है। जनशक्ति जनता दल के मुखिया और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज का ऐलान किया है। तेजप्रताप यादव इस भोज में आने के लिए कई मेहमानों को लगातार आमंत्रित कर रहे हैं। खास बात यह है कि तेजप्रताप ने खुद कहा है कि वो इस भोज में अपने भाई तेजस्वी यादव को भी आमंत्रित करेंगे। इस भोज में सीएम नीतीश कुमार को भी बुलाने की बात तेजप्रताप यादव ने कही है।
    तेजप्रताप यादव ने बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर उन्हें दही-चूड़ा भोज में आने का न्योता दिया। मंत्री दीपक प्रकाश से मुलाकात की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए तेजप्रताप यादव ने एक्स पर लिखा, ‘आज पंचायती राज विभाग के मंत्री श्री दीपक प्रकाश जी से उनके सरकारी आवास पर पहुंचकर आगामी 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर 26 M स्ट्रैंड रोड स्थित मेरे सरकारी आवास पर “दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम” हेतु आमंत्रण पत्र देकर आमंत्रित किया। साथ ही नए जिम्मेदारियों हेतु दीपक प्रकाश जी को बधाई दिया।

    मीडिया से बातचीत में तेजप्रताप यादव ने कहा कि दही-चूड़ा भोज में वो सभी को आमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी आमंत्रित करेंगे। तेजप्रताप यादव ने कहा कि इस भोज में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी न्योता दिया जाएगा।

    राबड़ी आवास गए थे तेजप्रताप यादव
    इससे पहले तेजप्रताप यादव नए साल के पहले दिन अपनी मां से मिलने पटना स्थित उनके आवास पर भी गए थे। दरअसल इस दिन राबड़ी देवी का जन्मदिन था और तेजप्रताप अचानक 10 सर्कुलर रोड स्थित अपनी मां के आवास पर गए थे। तेजप्रताप यादव ने बाद में मां से मुलाकात की तस्वीर भी शेयर की थी। तेजप्रताप यादव ने घर से निकलने के बाद कहा था कि उनकी मां उन्हें बहुत मानती हैं। मां के जन्मदिन पर वो उनके घर गए थे और उनके साथ बैठकर केक काटा था।

    बिहार में दही-चूड़ा का भोज मकर संक्रांति के अवसर पर एक पारंपरिक आयोजन रहा है। तेजप्रताप यादव को पिछले ही साल उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने पार्टी और घर से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद तेजप्रताप यादव ने अपनी अलग JJD पार्टी बनाई थी। यह पार्टी बिहार विधानसभाा चुनाव के दंगल में भी उतरी थी। लेकिन खुद तेजप्रताप यादव भी चुनाव हार गए थे। अब दही-चूड़ा के बहाने तेजप्रताप यादव अपने परिवार के सदस्य, सरकार और विपक्ष के नेताओं को न्योता दे रहे हैं। 14 जनवरी को इस भोज का आयोजन किया गया है।

  • राजस्थान ने क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन की मेजबानी की जो समावेशी और जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है

    राजस्थान ने क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन की मेजबानी की जो समावेशी और जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है


    नई दिल्ली । राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन मंगलवार6 जनवरी 2026 को आयोजित किया गयाजिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेतृत्वनीति निर्माताओंउद्योगपतियोंस्टार्टअप्स और शिक्षाविदों को एक मंच उपलब्‍ध कराया गया ताकि शासनबुनियादी ढ़ांचेनवाचार और कार्यबल विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ताएआईकी परिवर्तनकारी भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके। यह सम्मेलन 15-20 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले इंडिया एआई प्रभाव सम्‍मेलन का पूर्वाभ्यास है।

    इस सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्माभारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णवजो वर्चुअल रूप से उपस्थित थेभारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद और राजस्थान सरकार के सूचना एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर सहित एमईआईटीवाई और राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उनकी भागीदारी ने भारत की एआई-आधारित विकास यात्रा में राजस्थान को एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करने में केंद्र और राज्य के मजबूत सहयोग को रेखांकित किया।सभा को संबोधित करते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहाऔद्योगिक क्रांतिबिजलीकंप्यूटरसेमीकंडक्टरइंटरनेट और मोबाइल प्रौद्योगिकी के माध्यम से जिस प्रकार का परिवर्तन आया हैवैसा ही परिवर्तन अब एआई के माध्यम से होने वाला है। प्रधानमंत्री का स्पष्ट लक्ष्य प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिकरण करना है ताकि एआई से संचालित ज्ञान कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित न रहकर प्रत्येक व्यक्तिप्रत्येक घर और प्रत्येक उद्यमी तक पहुंचे। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आज एक कार्यक्रम शुरू किया गया है जिसके तहत दस लाख युवाओं को एआई कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगाजिससे भारत के युवा इस नए तकनीकी युग के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें।

    भारत सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृढ़ विश्वास है कि प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिकरण होना चाहिए। इसी सोच से प्रेरित होकर सरकार ने कृषिस्वास्थ्य सेवाशिक्षा और पर्यावरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एआई का लाभ उठाने के लिए इंडिया एआई मिशन के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों की आय बढ़ानाजीवन स्तर में सुधार करना और एआई के जिम्मेदार और समावेशी उपयोग के माध्यम से राष्ट्र की समग्र उत्पादकता को बढ़ावा देना है।

    राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा आज राजस्थान ई-गवर्नेंस और समावेशन से आगे बढ़कर एआई और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है। एआई हमारे देश की प्रगति का अगला महत्वपूर्ण चरण है। इस दिशा में और आगे बढ़ते हुए हमने एक एआई और मशीन लर्निंग नीति लागू की है। यह नीति सुनिश्चित करेगी कि एआई प्रणालियां अधिक पारदर्शीनिष्पक्ष और सत्यनिष्ठा के सिद्धांतों के प्रति जवाबदेह बनें। एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग से सार्वजनिक सेवाओं का वितरण तेजअधिक पारदर्शी और अधिक नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। इससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी और नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कई एआई पहलों की घोषणा और शुभारंभ थाजिसने एआई-आधारित नवाचार और शासन के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में राजस्थान की भूमिका को मजबूत किया। ये कार्यक्रम और पहलें इस प्रकार हैं:

    सभी के लिए युवा एआई – राष्ट्रीय एआई साक्षरता कार्यक्रमभारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका नेतृत्व एमईआईटीवाई के अंतर्गत इंडियाएआई मिशन कर रहा है। इसका उद्देश्य देशभर के छात्रों और युवाओं में एआई की बुनियादी जानकारी का विकास करना है। राष्ट्रीय युवा दिवस12 जनवरीके उपलक्ष्य में शुरू किया गया यह अभियान लाखों शिक्षार्थियों को एक संक्षिप्तस्व-गति से संचालित बुनियादी एआईएआई 101पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रेरित करना चाहता हैजिससे विकसित भारत की परिकल्पना और समावेशीलोकतांत्रिक एआई अपनाने के अनुरूप सामूहिक एआई शिक्षण का एक राष्ट्रव्यापी माहौल तैयार हो सके।

    राजस्थान एआई/एमएल नीति 2026 का शुभारंभ किया गया हैजिसका उद्देश्य शासन को सुदृढ़ करनाआर्थिक विकास को गति देनाअनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना और उच्च मूल्य वाले रोजगार सृजित करना है। इस नीति के शुभारंभ के साथ ही राजस्थान के एआई पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया।राज्यभर में कौशल विकासउद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आईस्टार्ट लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टमएलएमएसका उपयोग किया जाएगा।

    राजस्थान एवीजीसी-एक्‍सआर पोर्टल का उद्देश्य राज्य में एनिमेशनवीएफएक्‍सगेमिंगकॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करना है। भारत और राजस्थान के एआई विजन को प्रदर्शित करने वाला एक एआई -थीम वाला वीडियो भी जारी किया गया।संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में गूगलआईआईटी दिल्लीनेशनल लॉ यूनिवर्सिटीजोधपुर और स्किल डेवलपमेंट नेटवर्कवाधवानी फाउंडेशनके साथ एआई अनुसंधानकौशल विकासनैतिक ढांचे और नवाचार संस्‍कृति को आगे बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापनएमओयूपर हस्ताक्षर किए गए।

    भारत में आयोजित एक उच्च स्तरीय रणनीतिक सत्र में एमईआईटीवाई के अतिरिक्त सचिवइंडियाएआई मिशन के सीईओ और एनआईसी के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह ने एनवीडिया के दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक श्री विशाल धूपर के साथ वार्तालाप किया। इस सत्र का संचालन प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक श्री समीर जैन ने किया। चर्चा में एआई अवसंरचना के लोकतांत्रिकरणसार्वजनिक-निजी सहयोग को बढ़ानेबड़े पैमाने पर नवाचार को सक्षम बनाने और जिम्मेदार एवं विश्वसनीय एआई के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की क्षमता निर्माण के साथ-साथ वैश्विक एआई सुरक्षा कॉमन के निर्माण को आगे बढ़ाने की भारत की रणनीति का विश्लेषण किया गया।

    श्रीमती कविता भाटियावैज्ञानिक ‘जी’समूह समन्वयकएमईआईटीवाई भारत एआई मिशन की सीओओ ने भारत एआई मिशन का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया और इंडिया एआई प्रभाव समिट 2026 के विजन और प्राथमिकताओं की रूपरेखा बताई।सम्मेलन में आईआईटी जोधपुर के प्रोफेसर श्री अविनाश शर्मा द्वारा वैश्विक एआईराष्ट्रीय एआई और क्षेत्रीय एआई पर परिप्रेक्ष्य विषय पर एक सत्र भी आयोजित किया गयाजिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान वैश्विक स्तर पर प्रासंगिकसंदर्भ-जागरूक एआई समाधानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    समानांतर विषयगत सत्रों में शासन बुनियादी ढ़ांचेनवाचारनैतिकता और रोजगार के क्षेत्रों में एआई के वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों की जांच की गई।राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन ने इंडिया एआई प्रभाव समिट 2026 की तैयारी में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय उपलब्‍धि हासिल कियाजिससे सार्वजनिक भलाईसमावेशी विकास और क्षेत्रों में सतत विकास के लिए एआई का लाभ उठाने की भारत की प्रतिबद्धता को बल मिला।