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  • तुर्कमान गेट ऐतिहासिक दरवाजा संघर्षों का गवाह और विवादों का केंद्र

    तुर्कमान गेट ऐतिहासिक दरवाजा संघर्षों का गवाह और विवादों का केंद्र


    नई दिल्ली । दिल्ली का तुर्कमान गेट हाल ही में फिर सुर्खियों में है। 6 और 7 जनवरी 2025 की रात को यहां हुए हिंसक संघर्ष ने एक बार फिर इस इलाके को चर्चा का केंद्र बना दिया। घटना उस समय घटी जब दिल्ली पुलिस और MCD की टीम ने अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बुलडोजर चलाया। इसके खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू किया और स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस घटना ने तुर्कमान गेट के इतिहास सामाजिक संघर्षों और राजनीतिक विवादों के पुराने अध्यायों को फिर से जीवित कर दिया है।

    तुर्कमान गेट का ऐतिहासिक महत्व

    तुर्कमान गेट जिसे 17वीं शताब्दी में मुग़ल सम्राट शाहजहाँ के शासनकाल में बनाया गया था पुरानी दिल्ली का एक प्रमुख दरवाजा था। इसे शाहजहां बाद पुरानी दिल्ली के प्रमुख दरवाजों में से एक माना जाता है। यह दरवाजा प्रसिद्ध सूफी संत शाह तुर्कमान की दरगाह के पास स्थित होने के कारण इस दरवाजे का नाम तुर्कमान गेट पड़ा। शाह तुर्कमान की याद में हर साल उर्स का आयोजन भी किया जाता है जिससे इस इलाके की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान बनी रहती है।इसकी वास्तुकला में तीन मेहराबी प्रवेश द्वार और दो मंजिला बुर्ज शामिल हैं जो मुग़ल काल की शानदार निर्माण शैली का प्रतीक हैं। तुर्कमान गेट की संरचना और इतिहास इसे दिल्ली के अहम ऐतिहासिक धरोहरों में से एक बनाती है।

    1976 में पहली बार चला बुलडोजर

    तुर्कमान गेट का नाम पहली बार बड़े पैमाने पर 13 अप्रैल 1976 को चर्चा में आया जब संजय गांधी के नेतृत्व में आपातकाल के दौरान दिल्ली में झुग्गी हटाओ अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत तुर्कमान गेट क्षेत्र में झुग्गियां हटाई गईं जिसके बाद इलाके में असंतोष और गुस्सा फैल गया। शुरूआत में यह विरोध सीमित था लेकिन जब 19 अप्रैल 1976 को फिर से बुलडोजर चलने लगे तो स्थिति बेकाबू हो गई। जामा मस्जिद चांदनी चौक और तुर्कमान गेट जैसे इलाकों में जबरदस्त विरोध हुआ। इस विरोध ने हिंसक रूप ले लिया और पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। यही वह समय था जब तुर्कमान गेट इलाके में संघर्ष ने व्यापक रूप ले लिया।

    तुर्कमान गेट और औरंगजेब

    एक सवाल जो अक्सर उठता है वह है तुर्कमान गेट और औरंगजेब के बीच संबंध। हालांकि तुर्कमान गेट का निर्माण शाहजहां के शासनकाल में हुआ था और औरंगजेब शाहजहां का पुत्र था लेकिन इसका कोई सीधा ऐतिहासिक संबंध औरंगजेब से नहीं है। यह भ्रम अक्सर सोशल मीडिया और अधूरी जानकारी के कारण फैलता है जबकि तुर्कमान गेट की वास्तुकला और इतिहास सीधे तौर पर शाहजहां के समय से जुड़ी हुई है।

    2025 में फिर हुआ विवाद

    करीब 50 साल बाद तुर्कमान गेट फिर से चर्चा का विषय बना और इसका कारण था फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास का अतिक्रमण। सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और कब्जे ने इस ऐतिहासिक स्थल को फिर से विवादों में घेर लिया। दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि इस इलाके से अवैध कब्जे हटाए जाएं। इसके बाद 6 जनवरी 2025 को एक बार फिर से बुलडोजर तुर्कमान गेट के आसपास के क्षेत्र में चले जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों ने भारी विरोध शुरू कर दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। तुर्कमान गेट का इतिहास सिर्फ एक दरवाजे का नहीं है बल्कि यह दिल्ली के सामाजिक राजनीतिक और प्रशासनिक संघर्षों का गवाह रहा है आपातकाल से लेकर आज तक इस स्थल ने कई आंदोलन और संघर्ष देखे हैं। 1976 में हुए झुग्गी हटाओ अभियान से लेकर आज तक तुर्कमान गेट एक बार फिर से यह दर्शाता है कि यह क्षेत्र न सिर्फ ऐतिहासिक महत्व रखता है बल्कि आज भी विवादों और संघर्षों का केंद्र है।

  • फराह खान ने यामी गौतम की ‘हक’ में अदाकारी को बताया आउटस्टैंडिंग हर अवॉर्ड के लिए तैयार रहो

    फराह खान ने यामी गौतम की ‘हक’ में अदाकारी को बताया आउटस्टैंडिंग हर अवॉर्ड के लिए तैयार रहो

    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम की फिल्म ‘हक’ (Haq) को एक बार फिर जबरदस्त सराहना मिल रही है। साल 2025 में थिएटर्स में रिलीज होने के बाद जहां फिल्म को क्रिटिक्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, वहीं अब Netflix पर प्रीमियर के बाद इसे दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री से नई तारीफें मिल रही हैं। ताजा नाम इस लिस्ट में जुड़ा है मशहूर फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान का, जिन्होंने यामी की परफॉर्मेंस को “आउटस्टैंडिंग” बताते हुए कहा है कि वह हर बड़े अवॉर्ड के लिए तैयार रहें।

    फराह खान ने बुधवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर फिल्म ‘हक’ का पोस्टर शेयर किया। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा,
    “Yami Gautam, get ready to receive every award! Outstanding performance.
    यानी, “यामी गौतम, हर अवॉर्ड लेने के लिए तैयार हो जाइए, शानदार प्रदर्शन।”
    इतना ही नहीं, फराह ने फिल्म के दूसरे लीड एक्टर इमरान हाशमी की भी जमकर तारीफ की और लिखा,
    “You are the best till date.”

    फराह खान से पहले भी कई नामी सितारे यामी गौतम की तारीफ कर चुके हैं। एक्ट्रेस कियारा आडवाणी ने Netflix पर फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था,
    “Just watched Haq on Netflix. Yami Gautam, what a beautiful performance.”
    वहीं, अभिनेता संजय कपूर ने भी इसे “एक बेहतरीन फिल्म” बताते हुए इसकी कहानी और अभिनय की सराहना की थी।

    फिल्म ‘हक’ एक कोर्टरूम ड्रामा है, जिसका निर्देशन सुपर्ण वर्मा ने किया है। इसमें यामी गौतम धर और इमरान हाशमी मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि शीबा चड्ढा एक अहम किरदार में नजर आती हैं। फिल्म का निर्माण विनीत जैन, विशाल गुरनानी, जूही पारेख मेहता और हरमन बावेजा ने मिलकर किया है। यह फिल्म जंगली पिक्चर्स, इंसोमनिया फिल्म्स और बावेजा स्टूडियोज के बैनर तले बनी है।

    ‘हक’ की कहानी भारत के एक ऐतिहासिक सुप्रीम कोर्ट फैसले Mohd. Ahmed Khan v. Shah Bano Begum से प्रेरित है। यह फैसला मुस्लिम महिलाओं के वैवाहिक अधिकारों और भरण-पोषण से जुड़ा एक अहम मोड़ माना जाता है। फिल्म में यामी गौतम ने बानो नाम की महिला का किरदार निभाया है, जो उस समय न्याय के लिए लड़ती है, जब उसका पति अपनी ही चचेरी बहन से दूसरी शादी कर लेता है।

    कहानी बानो के संघर्ष के जरिए निजी आस्था, सामाजिक परंपराओं और संवैधानिक कानून के टकराव को दिखाती है। फिल्म यह सवाल उठाती है कि क्या एक महिला का हक उसकी धार्मिक और सामाजिक सीमाओं से बड़ा हो सकता है। यामी गौतम की परफॉर्मेंस को खासतौर पर इसलिए सराहा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने बानो के दर्द, मजबूती और आत्मसम्मान को बेहद संवेदनशील तरीके से पर्दे पर उतारा है।

    हालांकि, सकारात्मक समीक्षाओं के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई। ‘हक’ ने दुनियाभर में करीब ₹29 करोड़ का ही कलेक्शन किया। लेकिन अब, 2 जनवरी को Netflix पर रिलीज होने के बाद, ऐसा लग रहा है कि फिल्म को उसका असली दर्शक वर्ग मिल गया है। सोशल मीडिया पर लगातार फिल्म और यामी की एक्टिंग को लेकर तारीफों की बाढ़ आई हुई है।

    OTT रिलीज के बाद मिल रहे प्यार से यामी गौतम भी काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा,
    “HAQ को इतना प्यार और सराहना मिलना मेरे लिए बेहद खास है। एक कलाकार और एक महिला के तौर पर यह प्रतिक्रिया मेरे लिए बहुत संतोषजनक है। जय हिंद।”

    ‘हक’ ने यह साबित कर दिया है कि कभी-कभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं, बल्कि दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाती हैं। फराह खान जैसी बड़ी फिल्ममेकर की तारीफ ने यामी गौतम की परफॉर्मेंस को और मजबूत पहचान दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले अवॉर्ड सीजन में ‘हक’ और यामी गौतम कितना कमाल दिखा पाते हैं।

  • अमेरिकी दस्तावेजों से खुलासा: ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका में की 60 बार लॉबिंग

    अमेरिकी दस्तावेजों से खुलासा: ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका में की 60 बार लॉबिंग


    नई दिल्ली । पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की संभावित सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान की बेचैनी अमेरिकी दस्तावेजों में उजागर हुई है। FARA के तहत दाखिल रिकॉर्ड बताते हैं कि पाकिस्तान ने भारत के सैन्य अभियान को रोकने के लिए अमेरिका में बड़े स्तर पर कूटनीतिक और राजनीतिक लॉबिंग की। इस दौरान पाकिस्तानी राजनयिकों और लॉबिंग फर्मों ने अमेरिकी प्रशासन सांसदों पेंटागन और विदेश विभाग के अधिकारियों से करीब 60 बार संपर्क किया।दस्तावेजों के मुताबिक यह अभियान अप्रैल के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर भारत के चार दिवसीय सैन्य अभियान के बाद तक जारी रहा। पाकिस्तान का उद्देश्य स्पष्ट था-वॉशिंगटन के जरिए भारत पर दबाव बनाना ताकि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई को रोका जा सके। इसके लिए ईमेल फोन कॉल और आमने-सामने की बैठकों का सहारा लिया गया।

    लॉबिंग पर करोड़ों का खर्च

    FARA रिकॉर्ड के अनुसार पाकिस्तान ने अमेरिका में छह लॉबिंग फर्मों की सेवाएं लीं और इस पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए। रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल और मई के दौरान पाकिस्तान का लॉबिंग खर्च भारत की तुलना में कहीं अधिक रहा। पाकिस्तान ने अमेरिकी प्रशासन तक अपनी पहुंच बढ़ाने और व्यापार एवं कूटनीतिक फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की।सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने भारत की सैन्य तैयारी को क्षेत्रीय अस्थिरता के रूप में पेश किया और अमेरिका से हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि इन लॉबिंग प्रयासों का भारत की रणनीति पर कोई असर नहीं पड़ा। भारत ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को प्राथमिकता देते हुए कदम उठाए।

    भारत का रुख स्पष्ट

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका में लॉबिंग एक कानूनी और स्थापित प्रक्रिया है। विदेशी सरकारें दूतावास निजी कंपनियां और व्यावसायिक संगठन लॉबिंग फर्मों के माध्यम से अपनी बात रखते हैं। भारत का दूतावास भी दशकों से जरूरत के अनुसार ऐसी सेवाओं का इस्तेमाल करता रहा है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि FARA के तहत सभी लॉबिंग गतिविधियों का रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और इसे गुप्त या असामान्य गतिविधि नहीं माना जाना चाहिए।

    रणनीतिक संदेश और आगे की तस्वीर

    विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान की आक्रामक लॉबिंग यह दर्शाती है कि वह भारत की सैन्य क्षमता और राजनीतिक इच्छाशक्ति को लेकर गंभीर दबाव में था। इसके बावजूद भारत ने किसी भी दबाव में समझौता नहीं किया। अमेरिकी दस्तावेजों से यह भी स्पष्ट हुआ कि आतंकवाद और सुरक्षा मामलों में भारत का रुख अब पहले से अधिक सख्त और निर्णायक है।

  • माओवादी संगठन को बड़ा झटका ‘पूना मार्गेम’ अभियान से प्रभावित होकर 26 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 64 लाख था इनाम

    माओवादी संगठन को बड़ा झटका ‘पूना मार्गेम’ अभियान से प्रभावित होकर 26 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 64 लाख था इनाम


    सुकमा । छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में चलाए जा रहे पूना मार्गेम पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। इस अभियान के तहत 26 माओवादी जिनमें 07 महिला कैडर भी शामिल हैं ने आत्मसमर्पण किया है। इस आत्मसमर्पण को माओवादी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि ये माओवादी लंबे समय से विभिन्न नक्सली गतिविधियों में सक्रिय रहे थे। इन माओवादियों पर कुल ₹64 लाख का इनाम घोषित था।

    आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान और उनका योगदान

    आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी पीएलजीए बटालियन दक्षिण बस्तर माड़ डिवीजन और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय रहे थे। इनमें से कुछ माओवादी सुकमा माड़ क्षेत्र और ओडिशा की सीमाओं पर हुई कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में विभिन्न रैंक के लोग शामिल हैं जैसे CYPCM – 01,DVCM – 01, PPCM – 03,ACM – 03 पार्टी सदस्य 18 यह माओवादी आत्मसमर्पण अभियान न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन में बदलाव ला रहा है बल्कि यह माओवादी संगठन के खिलाफ सुरक्षा बलों की एक बड़ी रणनीतिक सफलता भी है।

    पूना मार्गेम अभियान का उद्देश्य

    पूना मार्गेम अभियान का मुख्य उद्देश्य भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति सम्मानजनक और समाज में स्वीकार्य जीवन की ओर लौटने का अवसर देना है। इस अभियान के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत विशेष लाभ मिलेंगे जिसमें आर्थिक सहायता सुरक्षा आवास शिक्षा और रोजगार जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

    एसपी की अपील
    सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चह्वाण ने शेष माओवादियों से अपील करते हुए कहा हिंसा का रास्ता छोड़ें शांति और विकास का मार्ग अपनाएं। सरकार आत्मसमर्पण करने वालों के पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे इस अवसर का लाभ उठाएं और समाज में अपना स्थान बनाएं।

    नक्सलवाद के खिलाफ एक और कदम

    पूना मार्गेम अभियान को नक्सलवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस अभियान ने न केवल सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है बल्कि यह नक्सलियों के भीतर यह संदेश भी भेज रहा है कि अगर वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटते हैं तो उनके लिए बेहतर भविष्य की संभावना है।

  • शुभ और अशुभ काल 07 जनवरी 2026 पंचांग – माघ माह की पंचमी तिथि

    शुभ और अशुभ काल 07 जनवरी 2026 पंचांग – माघ माह की पंचमी तिथि


    नई दिल्ली । आज, 07 जनवरी 2026 माघ माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। यह बुधवार का दिन है जो विशेष रूप से भगवान गणेश जी को समर्पित होता है। इस दिन की पूजा से बुद्धि सफलता और समृद्धि प्राप्त होती है, साथ ही बुध दोष भी समाप्त होता है। इस दिन गणपति जी की पूजा के दौरान दूर्वा ,मोदक और शमी के पत्तों का अर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप भी विशेष लाभकारी होता है।

    शुभ काल, अमृत काल

    यह समय सबसे उत्तम माना जाता है, खासकर पूजा, अनुष्ठान और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए। आज के अमृत काल का समय है 0933 AM से 1108 AM तक और 0552 AM से 0730 AM तक।

    ब्रह्म मुहूर्त

    ब्रह्म मुहूर्त, जो कि सुबह का पवित्र समय होता है, वह 05:37 AM से 06:25 AM तक रहेगा। इस समय का प्रयोग साधना और पूजा के लिए सर्वोत्तम है।

    अशुभ काल ,राहू काल

    राहू काल, जो शुभ कार्यों के लिए मना होता है, आज दोपहर 12:33 PM से 1:52 PM तक रहेगा। इस समय के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है।
    यम गण्ड
    यम गण्ड का समय सुबह 8:33 AM से 9:53 AM तक रहेगा। इस समय भी महत्वपूर्ण कार्यों से बचना चाहिए।
    कुलिक काल
    कुलिक काल का समय 11:13 AM से 12:33 PM तक रहेगा, जो किसी भी प्रकार के कार्य के लिए अशुभ माना जाता है।
    दुर्मुहूर्त
    दुर्मुहूर्त का समय 12:11 PM से 12:54 PM तक रहेगा, जो कार्यों के लिए निषेध काल है।
    वर्ज्यम्
    वर्ज्यम् काल 08:05 PM से 09:43 PM तक रहेगा, यह समय भी शुभ कार्यों से बचने का है।

    सूर्य और चंद्रमा का समय

    सूर्योदय
    आज सूर्योदय 7:13 AM पर होगा।

    सूर्यास्त
    सूर्यास्त 5:52 PM पर होगा।
    चन्द्रोदय
    आज चन्द्रोदय 10:04 PM पर होगा।
    चन्द्रास्त
    08 जनवरी को चन्द्रास्त 10:42 AM पर होगा।
    आज के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से विशेष रूप से बुध ग्रह से संबंधित दोषों का निवारण होता है। गणेश जी के आशीर्वाद से जीवन में सफलता और समृद्धि का वास होता है। साथ ही, इस दिन के शुभ और अशुभ काल का ध्यान रखते हुए महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनानी चाहिए।

  • भोपाल में मातम: बैंक क्लर्क ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में खुद को बताया जिम्मेदार।

    भोपाल में मातम: बैंक क्लर्क ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में खुद को बताया जिम्मेदार।


    भोपाल । राजधानी भोपाल के व्यस्ततम एमपी नगर इलाके से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहां जीवन की भागदौड़ और मानसिक तनाव ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। भारतीय स्टेट बैंक SBI में क्लर्क के पद पर कार्यरत 35 वर्षीय अभिनाष जैन ने मंगलवार को चेतक ब्रिज के नीचे ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना उस समय हुई जब ऑफिस में उनका अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था।

    दफ्तर से निकले और फिर कभी नहीं लौटे जानकारी के अनुसार लाला लाजपत राय कॉलोनी निवासी अभिनाष जैन और उनकी पत्नी रोली जैन दोनों ही मैदा मील स्थित एसबीआई की एक ही शाखा में कार्यरत थे। मंगलवार की सुबह दोनों हमेशा की तरह साथ में घर से दफ्तर के लिए निकले थे लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। ऑफिस पहुंचने के बाद पति-पत्नी के बीच किसी गंभीर विषय पर बहस हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक विवाद के बाद अभिनाष मानसिक रूप से काफी विचलित हो गए और अचानक बैंक से बाहर निकल गए।

    व्हाट्सएप पर अंतिम विदाई: अब कभी वापस नहीं आऊंगा बैंक से निकलने के कुछ ही समय बाद अभिनाष ने अपने पिता भाई और पत्नी को व्हाट्सएप पर एक भावुक संदेश भेजा। इस संदेश को सुसाइड नोट के रूप में देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि वे अब कभी वापस नहीं लौटेंगे और अपने इस कठोर फैसले के लिए वे किसी और को नहीं बल्कि स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं। संदेश भेजने के तुरंत बाद उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। घबराए हुए परिजनों ने तत्काल एमपी नगर पुलिस को इसकी सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की।

    चेतक ब्रिज के पास मिला क्षत-विक्षत शव पुलिस और परिजन जब शहर के विभिन्न कोनों में अभिनाष की तलाश कर रहे थे तभी चेतक ब्रिज के पास रेलवे ट्रैक पर लोगों की भारी भीड़ जमा होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे मृतक के साले ने कपड़ों और हुलिए से अभिनाष की पहचान की। ट्रेन की चपेट में आने के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। सूचना मिलते ही एमपी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल रवाना किया।

    जांच के घेरे में वो आखिरी विवाद पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। एएसआई अनूप के अनुसार प्राथमिक तौर पर यह मामला आत्महत्या का ही है लेकिन पुलिस उस विवाद की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जो बैंक परिसर में पति-पत्नी के बीच हुआ था। क्या तनाव केवल उस क्षण का था या लंबे समय से कोई पारिवारिक कलह चल रही थी पुलिस इन सभी बिंदुओं पर परिजनों के बयान दर्ज करेगी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।यह दुखद घटना समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और छोटी-छोटी बातों पर उपजे विवादों के भयावह परिणाम की याद दिलाती है। एक सुरक्षित भविष्य और प्रतिष्ठित नौकरी होने के बावजूद क्षणिक आवेश ने एक युवा जीवन का अंत कर दिया।

  • अंबेडकर पोस्टर प्रकरण: अनिल मिश्रा को हाईकोर्ट से जमानत, तत्काल रिहाई..

    अंबेडकर पोस्टर प्रकरण: अनिल मिश्रा को हाईकोर्ट से जमानत, तत्काल रिहाई..


    ग्वालियर। हाईकोर्ट ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का पोस्टर जलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एडवोकेट अनिल मिश्रा को बड़ी राहत दी है। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और समान राशि की जमानत पर तत्काल रिहा करने का आदेश जारी किया। चार दिनों से न्यायिक हिरासत में बंद मिश्रा की रिहाई अब सुनिश्चित हो गई है यह मामला ग्वालियर से जुड़ा है, जहां सोशल मीडिया पर कथित पोस्टर जलाने की घटना के बाद साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई की। इस प्रकरण में अनिल मिश्रा समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

    हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर जताई आपत्ति

    सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि एफआईआर में उल्लिखित तथ्यों के आधार पर अनिल मिश्रा को नोटिस देकर पूछताछ की जा सकती थी। हिरासत लेना अंतिम विकल्प होना चाहिए था, जबकि इस मामले में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि गिरफ्तारी से पहले वैधानिक प्रावधानों की अनदेखी की गई, जो व्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा संवेदनशील विषय है।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। इसी आधार पर जमानत प्रदान की गई। हाईकोर्ट ने संकेत दिया कि अन्य सह-आरोपियों को भी राहत मिल सकती है, बशर्ते उनके मामलों में परिस्थितियां समान हों।

    एफआईआर रद्द करने की मांग पर अलग सुनवाई
    अनिल मिश्रा की ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि दर्ज एफआईआर कानूनन टिकाऊ नहीं है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एफआईआर निरस्त करने की मांग को अलग प्रक्रिया के तहत सुना जाएगा। फिलहाल केवल जमानत याचिका पर निर्णय लेते हुए उनकी रिहाई का आदेश दिया गया।

    पुलिस जांच जारी

    ग्वालियर साइबर पुलिस का कहना है कि प्रकरण की जांच अभी भी जारी है और सोशल मीडिया से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली पर जवाबदेह रहना होगा।

    कानूनी हलकों में चर्चा

    इस फैसले के बाद प्रदेश के कानूनी और अधिवक्ता समुदाय में चर्चा तेज हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गिरफ्तारी की वैधानिक सीमाओं को रेखांकित करता है। पुलिस को यह संदेश जाता है कि संवेदनशील मामलों में भी कानून की प्रक्रिया से समझौता नहीं किया जा सकता।
  • Nestle Baby Food: नेस्ले के इस प्रोडक्ट में मिला खतरनाक टॉक्सिन, बच्चों में उल्टी और पेट दर्द का खतरा, ऐसे करें चेक

    Nestle Baby Food: नेस्ले के इस प्रोडक्ट में मिला खतरनाक टॉक्सिन, बच्चों में उल्टी और पेट दर्द का खतरा, ऐसे करें चेक

    Nestle Recall: नेस्ले दुनियाभर में कई प्रोडक्ट्स बेचती है, यह काफी फेमस है. कंपनी ने अपने एक प्रोडक्ट में टॉक्सिन होने की आशंका के चलते वापस मंगाया है. चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं.
    फूड और बेवरेज सेक्टर की दिग्गज कंपनी नेस्ले ने मंगलवार को अपने कुछ प्रमुख बेबी न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स को वापस मंगाने का ऐलान किया. कंपनी ने बताया कि इन प्रोडक्ट्स में एक ऐसे टॉक्सिन के होने की आशंका है, जिससे बच्चों में उल्टी और मतली जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.

    जिन प्रोडक्ट्स को रिकॉल किया गया है, उसमें SMA, BEBA और NAN ब्रांड के इन्फैंट और फॉलो-ऑन फॉर्मूला शामिल हैं. ये प्रोडेक्ट मुख्य रूप से यूरोप में बेचे जाते हैं, हालांकि BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, नेस्ले अधिकारियों ने इसे दुनियाभर में जहां भी बेचा जाता है, वहां से वापस मंगाया है.

    कंपनी ने क्या कहा?

    कंपनी की तरफ से Reuters को बताया गया कि एक बड़े सप्लायर से मिले एक इंग्रीडिएंट में क्वालिटी से जुड़ी समस्या सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया. इसके बाद नेस्ले ने अपने सभी प्रभावित इन्फैंट न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले एराकिडोनिक एसिड ऑयल और उससे जुड़े ऑयल मिक्स की जांच शुरू की.

    नेस्ले ने साफ किया है कि अब तक किसी भी रिकॉल किए गए प्रोडक्ट से जुड़ी बीमारी या लक्षण की पुष्टि नहीं हुई है. कंपनी ने यह भी बताया कि दिसंबर में सीमित स्तर पर शुरू हुआ यह रिकॉल अब बड़े स्तर पर किया जा रहा है. ऑस्ट्रिया के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस रिकॉल से नेस्ले की 10 से ज्यादा फैक्ट्रियों में बने 800 से अधिक प्रोडक्ट्स प्रभावित हुए हैं. इसे कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा प्रोडक्ट रिकॉल बताया जा रहा है.

    प्रभावित बैच की पहचान कैसे करें?

    नेस्ले ने अलग-अलग देशों में बिकने वाले उन बैच नंबरों की सूची जारी की है, जिनका सेवन नहीं किया जाना चाहिए. कंपनी ने कहा है कि वह सप्लाई में होने वाली किसी भी रुकावट को कम करने के लिए काम कर रही है.

    ग्राहकों को सलाह दी गई है कि पाउडर फॉर्मूला के लिए डिब्बे या पैक के नीचे लिखे कोड को देखें, जबकि रेडी-टू-फीड फॉर्मूला के लिए बाहरी बॉक्स और कंटेनर के साइड या ऊपर दिए गए कोड की जांच करें.

    क्यों किया गया रिकॉल?

    नेस्ले ने ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, नॉर्वे, स्विट्ज़रलैंड और ब्रिटेन में इन प्रोडक्ट्स को रिकॉल किया है. वजह बताई गई है सेर्यूलाइड नामक टॉक्सिन की संभावित मौजूदगी, जोबैसिलस सेरेस बैक्टीरिया के कुछ स्ट्रेन से बनता है.

    ब्रिटेन की फूड स्टेंडर्ड एजेंसी के अनुसार, यह टॉक्सिन पकाने, उबालने या दूध तैयार करने की प्रक्रिया में नष्ट नहीं होता. अगर इसका सेवन हो जाए, तो जल्दी ही उल्टी, मतली और पेट में ऐंठन जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं. वहीं, नॉर्वे की फूड सेफ्टी एजेंसी ने कहा है कि इससे कोई तुरंत गंभीर स्वास्थ्य जोखिम नहीं है.

  • मकर संक्रांति 2026: सूर्य के मकर गोचर से बदलेगा भाग्य का चक्र, 12 महीने बाद नए अवसरों की शुरुआत

    मकर संक्रांति 2026: सूर्य के मकर गोचर से बदलेगा भाग्य का चक्र, 12 महीने बाद नए अवसरों की शुरुआत


    नई दिल्ली ।मकर संक्रांति के पावन अवसर पर 14 जनवरी 2026 को सूर्य देव शनि की राशि मकर में प्रवेश करने जा रहे हैं। यह खगोलीय घटना करीब 12 महीने बाद घटित हो रही है जिसे धार्मिक सामाजिक और ज्योतिषीय-तीनों ही दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही जहां मकर संक्रांति का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा वहीं खरमास की समाप्ति के बाद विवाह गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों की भी पुनः शुरुआत होगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य का यह गोचर कई राशियों के जीवन में करियर धन और मान-सम्मान के नए द्वार खोल सकता है।

    ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और शनि को स्वभाव से विपरीत ग्रह माना गया है लेकिन पिता-पुत्र के संबंध के कारण सूर्य का शनि की राशि मकर में प्रवेश विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए परिश्रम अनुशासन और निरंतर प्रयासों का फल अवश्य मिलता है। यह गोचर उन लोगों के लिए खास साबित हो सकता है जो लंबे समय से अपने लक्ष्य को पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर दशम भाव में होगा जो कर्म और करियर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। इस अवधि में नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और पदोन्नति के योग भी बन सकते हैं। जो लोग नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं उनके लिए यह समय अनुकूल साबित हो सकता है। नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी और वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है।वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य नवम भाव में गोचर करेंगे जिसे भाग्य और धर्म का भाव कहा जाता है। इस दौरान भाग्य का पूरा साथ मिलने के संकेत हैं। उच्च शिक्षा विदेश यात्रा और धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। अचल संपत्ति या दीर्घकालिक निवेश से लाभ के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों का सहयोग और सम्मान प्राप्त हो सकता है।

    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर तीसरे भाव में होगा जो पराक्रम और साहस का प्रतीक है। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए काम शुरू करने की प्रेरणा मिलेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं हालांकि व्यापार या निवेश में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जा रही है। पारिवारिक जीवन में भाई-बहनों के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा।मकर राशि के लिए यह गोचर सबसे अधिक प्रभावशाली माना जा रहा है क्योंकि सूर्य लग्न भाव में प्रवेश करेंगे। इससे व्यक्तित्व में निखार आएगा सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और करियर में उन्नति के मजबूत योग बनेंगे। संपत्ति और सरकारी मामलों में सफलता मिल सकती है लेकिन स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है इसलिए संतुलन जरूरी है।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य द्वादश भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान विदेश यात्रा विदेशी कंपनियों से जुड़े काम और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। हालांकि खर्चों में वृद्धि संभव है और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रह सकता है।ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि सूर्य का मकर गोचर मेहनत अनुशासन और धैर्य का महत्व सिखाता है। यह समय उन्हीं लोगों को विशेष फल देगा जो लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर लगातार प्रयास करते हैं। कुल मिलाकर मकर संक्रांति 2026 कई राशियों के लिए बदलाव और उन्नति का संकेत लेकर आ रही है।

  • कोलंबिया के राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप को ललकारा, आओ मुझे पकड़कर दिखाओ…

    कोलंबिया के राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप को ललकारा, आओ मुझे पकड़कर दिखाओ…


    नई दिल्ली। दक्षिणी अमेरिकी देश वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद अब उसके पड़ोसी देश कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ललकारा है और चुनौती दी है कि वो उन्हें पकड़कर दिखाएं। गुस्तावो पेट्रो ने सोमवार को वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन की घोर आलोचना की और ट्रंप को संबोधित एक बयान में कहा, “आओ मुझे पकड़ो। मैं तुम्हारा यहाँ इंतजार कर रहा हूँ।”

    उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर वे (अमेरिका) बमबारी करते हैं, तो ग्रामीण लोग पहाड़ों में हज़ारों गुरिल्ला बन जाएँगे। और अगर वे उनके चहेते राष्ट्रपति को गिरफ्तार करते हैं तो वे जनता के ‘जैगुआर’ को जगा देंगे।” उन्होंने दावा किया कि कोलंबिया की जनता उन्हें प्यार करती है और सम्मान करती है। बता दें कि पेट्रो, 1990 के दशक में हथियार छोड़ने से पहले एक वामपंथी गुरिल्ला थे।

    उन्होंने कहा, “मैंने कसम खाई थी कि मैं दोबारा हथियार नहीं उठाऊँगा… लेकिन अपनी मातृभूमि के लिए मैं फिर से हथियार उठाऊँगा।”
    अमेरिका और कोलंबिया के बीच बढ़ा तनाव

    दोनों देशों (अमेरिका और कोलंबिया) के बीच तब तनाव और बढ़ गया जब वेनेजुएला पर हमले के बाद रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रिपोर्टर्स से कहा कि कोलंबिया को एक ऐसा आदमी चला रहा है जो अमेरिका को ड्रग्स बेचता था। ट्रंप ने कहा, “कोलंबिया भी बहुत बीमार है, उसे एक बीमार आदमी चला रहा है जिसे कोकीन बनाना और उसे यूनाइटेड स्टेट्स को बेचना पसंद है। और वह ज़्यादा समय तक ऐसा नहीं कर पाएगा, मैं आपको बता रहा हूँ।” ट्रंप ने यह भी कहा कि कोलंबिया के खिलाफ ऐसी ही अभियान शुरू करना उन्हें अच्छा लगेगा।
    मादुरो ने भी ट्रंप को ऐसे ही ललकारा था

    बता दें कि अक्टूबर में, ट्रंप ने अवैध ड्रग्स व्यापार से संबंधों को लेकर पेट्रो और उनके परिवार के सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दिए थे।

    कोलंबिया दुनिया में कोकीन का सबसे बड़ा उत्पादक है। कोका का पौधा मुख्य रूप से तीन लैटिन अमेरिकी देशों – पेरू, बोलीविया और कोलंबिया में उगाया जाता है। कोलंबियाई राष्ट्रपति से पहले इसी तरह अगस्त में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो ने भी ट्रंप को “आकर खुद को पकड़ने” की चुनौती दी थी। तब मादुरो ने कहा था, “आओ मुझे पकड़ो। मैं मिराफ्लोरेस में इंतजार करूंगा। देर मत करना, कायर।” उन्होंने अगस्त में एक जोशीले भाषण में ऐसा कहा था, जब अमेरिका ने उनकी गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी के लिए इनाम बढ़ा दिया था।