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  • Eye Care Tips: तेज धूप में आंखों को रखें सुरक्षित, दूर करें ड्रायनेस और जलन

    Eye Care Tips: तेज धूप में आंखों को रखें सुरक्षित, दूर करें ड्रायनेस और जलन


    नई दिल्ली। मौसम में बदलाव के साथ आंखों की देखभाल करना भी जरूरी हो जाता है। बदलते मौसम की वजह से आंखों में चिपचिपापन हमेशा बना रहता है और आंखों में पानी आने की समस्या भी परेशान करने लगती है।

    इसके साथ ही आज के डिजिटल दौर में आंखों की कमजोरी एक आम समस्या बन गई है, लेकिन हम आपके लिए कुछ आसान और प्राकृतिक तरीके लेकर आए हैं, जिनके उपयोग से आंखों की देखभाल और घटते नंबर को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

    आज के डिजिटल दौर में आंखें स्क्रीन की वजह से बहुत थक जाती हैं। ऐसे में आंखों के व्यायाम और सनगैजिंग जरूरी हो जाता है। इसके लिए रोजाना 10 मिनट आंखों को चारों दिशाओं में घुमाएं और कुछ देर के लिए बंद कर आराम दें। इस व्यायाम को 5 बार दोहराएं। इसके साथ ही सनगैजिंग यानी सूरज को निहारे। इसके लिए सूर्योदय और सूर्यास्त से 1 घंटे पहले नंगी आंखों से सूरज की तरह देखने की कोशिश करें। इसके बाद दोनों हथेलियों को रगड़कर आंखों पर लगाएं। इससे आंखों को आराम मिलेगा।

    दूसरा, गर्मियों में आंखों का रुखापन बढ़ जाता है। ऐसे में रोजाना आंखों पर खीरा या ककड़ी का आईपैक लगाएं। इसके लिए खीरे या ककड़ी की दो स्लाइस को आंखों पर रखें और कुछ देर खुद को शांत करने की कोशिश करें। इससे आंखों की थकावट दूर होती है और रक्त संचार भी बढ़ता है।

    स्क्रीन टाइमिंग को कम करें। नियम बना लें कि रात को 9 बजे के बाद फोन का इस्तेमाल नहीं करेंगे और टीवी भी नहीं देखेंगे। इससे आंखों की मांसपेशियां मजबूत होंगी और स्क्रीन की वजह से पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। इससे सिर दर्द में भी राहत मिलेगी। इसके अलावा, त्राटक क्रिया को रोजाना करें। इसके लिए अंधेरे कमरे में एक मोमबत्ती या दीया जला लें और फिर उसे लगातार देखते रहें। इससे आंखों की सफाई होती है और आंखों से खूब सारा पानी भी बहता है।

    यह प्रक्रिया एकाग्रता को बढ़ाने में भी मदद करती है। इन अभ्यासों को रोज करने से कुछ ही महीनों में आंखों की स्थिति में खुद-ब-खुद सुधार देखने को मिलेगा और आंखों का तेजी से घटता नंबर भी स्थिर हो जाएगा।

  • गर्मियों का सुपरफूड पुदीना! ऊर्जा बढ़ाए और पाचन दुरुस्त रखे, जानें फायदे

    गर्मियों का सुपरफूड पुदीना! ऊर्जा बढ़ाए और पाचन दुरुस्त रखे, जानें फायदे


    नई दिल्ली।  देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। चिलचिलाती धूप और तपती गर्मी में ठंडक का अहसास देने के लिए पुदीना सबसे अच्छा और आसान प्राकृतिक उपाय है। हरी और सुगंधित पुदीना की छोटी-छोटी पत्तियां न सिर्फ ताजगी भरी खुशबू देती हैं, बल्कि तन और मन दोनों को शीतलता प्रदान करती हैं।
     
    गर्मियों में पुदीना का सेवन कई बीमारियों से बचाव में भी बेहद कारगर साबित होता है। पुदीना पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें मौजूद मेंथॉल शरीर को प्राकृतिक ठंडक देता है। गर्मी के दिनों में पुदीना चटनी, रायता, जूस, पन्ना, सलाद या पानी में मिलाकर पीने से गर्मी का असर काफी कम हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुदीना गर्मियों में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने का सबसे सरल तरीका है।

    आयुर्वेद में पुदीना का खासा स्थान है और इसके सेवन से शरीर को कई लाभ मिलते हैं। पुदीना पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह अपच, गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है, पेट को हल्का रखता है और भूख बढ़ाने में भी मदद करता है। पुदीना डिहाइड्रेशन से बचाव में भी कारगर है। गर्मियों में पसीना ज्यादा आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। पुदीने का पानी पीने से डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती और दिनभर ताजगी बनी रहती है। सिरदर्द और तनाव कम करता है,

    पुदीने की चाय सिरदर्द और मानसिक तनाव को दूर करने में बहुत फायदेमंद है। सुबह खाली पेट पुदीने वाला पानी पीने से पूरे दिन एनर्जी और ताजगी बनी रहती है।

    पुदीना एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद करता है। इसके सेवन से पसीने की दुर्गंध कम या खत्म होती है। मोटापा घटाने में सहायक है। सूजन कम करने और रोगाणुरोधी गुण रखता है। साथ ही हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।

    आयुर्वेद में पुदीने को गर्मियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना गया है। अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अध्ययनों में भी पुदीने के कई स्वास्थ्य लाभ बताए गए हैं, जिनमें सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण शामिल हैं।

    गर्मियों में पुदीने की मांग काफी बढ़ जाती है। पुदीना सस्ता, आसानी से उपलब्ध और बिना किसी साइड इफेक्ट वाला प्राकृतिक उपाय है। एक्सपर्ट इसे रोजाना अपने आहार में दही का रायता, पुदीने की चटनी, निंबू-पुदीना पानी या सलाद के रूप में शामिल करने की सलाह देते हैं।

  • फार्मा सेक्टर को मिलेगी नई ताकत! सरकार बढ़ाएगी निर्यात और सप्लाई चेन क्षमता

    फार्मा सेक्टर को मिलेगी नई ताकत! सरकार बढ़ाएगी निर्यात और सप्लाई चेन क्षमता


    नई दिल्ली।  तेलंगाना की राजधानी में फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर पर ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन किया गया, जिसको लेकर वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने मीडिया से बात की। इस दौरान राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘चिंतन शिविर’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाकर गहन मंथन करना है। इस पहल के तहत सेक्टर से जुड़ी चुनौतियों को समझते हुए उनके समाधान और भविष्य की स्पष्ट दिशा तय की जा रही है।

    वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि यह मंच केवल चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सरकार, उद्योग और अन्य संबंधित पक्षों की भूमिकाओं को स्पष्ट करते हुए ठोस रणनीति तैयार की जाती है। खासतौर पर फार्मा सेक्टर के लिए यह अहम है, क्योंकि यह भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा और तेजी से विकसित होता क्षेत्र है।

    अमेरिका द्वारा फार्मास्युटिकल सेक्टर पर लगाए गए संभावित टैरिफ को लेकर अग्रवाल ने कहा कि शुरुआती समझ के मुताबिक भारतीय जेनेरिक दवाएं इन टैरिफ से बाहर हैं। ऐसे में भारत के फार्मा निर्यात पर बड़ा असर पड़ने की संभावना कम है। हालांकि, कुछ इनोवेटिव या पेटेंटेड दवाओं पर सीमित प्रभाव पड़ सकता है।

    उन्होंने यह भी बताया कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर बातचीत जारी है। यदि किसी भी सेगमेंट में भारतीय उद्योग को दिक्कत आती है, तो उसे इस समझौते के तहत उठाया जाएगा और समाधान खोजा जाएगा।

    अग्रवाल ने आगे कहा कि भारत का फार्मा सेक्टर मजबूत स्थिति में है, और केंद्र सरकार इसके निर्यात को बढ़ाने के लिए लगातार नए बाजारों और उत्पादों पर ध्यान दे रही है। पिछले 5-6 वर्षों में भारत ने 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) किए हैं, जो करीब 38 अर्थव्यवस्थाओं को कवर करते हैं। इनका कुल आर्थिक आकार 30 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है।

    अग्रवाल के मुताबिक, ये समझौते भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खोलेंगे, बाजारों में विविधता लाएंगे और घरेलू उद्योग को मजबूत करेंगे। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

    मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को लेकर उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट अभी कुछ ही हफ्तों पुराना है, इसलिए इसके दीर्घकालिक प्रभाव का अनुमान लगाना मुश्किल है। हालांकि, सरकार इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए लंबी अवधि की रणनीति तैयार कर रही है।

    वाणिज्य सचिव ने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी बाहरी चुनौतियां समय-समय पर आती रहती हैं, लेकिन भारत ने हर बार इनसे निपटते हुए आगे बढ़ने की क्षमता दिखाई है।

    अग्रवाल के अनुसार, करीब 60 अरब डॉलर के आकार वाला भारत का फार्मा उद्योग अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत, आधुनिक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। सरकार का लक्ष्य है कि बायोसिमिलर, बायोलॉजिक्स और इनोवेटिव दवाओं जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत नेतृत्वकारी भूमिका निभाए।

    अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल दवाओं की कीमतों पर किसी बड़े असर के संकेत नहीं हैं। लेकिन अगर भविष्य में कोई समस्या आती है, तो सरकार और उद्योग मिलकर उसका समाधान निकालेंगे।

    वाणिज्य सचिव ने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि दवाओं की सप्लाई किसी भी हाल में बाधित न हो। सरकार और उद्योग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि घरेलू और वैश्विक स्तर पर दवाओं की उपलब्धता बनी रहे और भारत का फार्मा सेक्टर अपनी विकास की राह पर आगे बढ़ता रहे।

  • टॉमी पॉल का शानदार प्रदर्शन! टियाफो को हराकर पहुंचे ATP टूर के क्ले फाइनल में

    टॉमी पॉल का शानदार प्रदर्शन! टियाफो को हराकर पहुंचे ATP टूर के क्ले फाइनल में


    नई दिल्ली।  टॉमी पॉल ने 5 अप्रैल को ह्यूस्टन में यूएस मेन्स क्ले कोर्ट चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में फ्रांसिस टियाफो को हराकर अपने पहले एटीपी टूर क्ले फाइनल में जगह बनाई। अमेरिकी खिलाड़ी ने तीन सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में 7-5, 4-6, 7-6(7) से जीत हासिल की।

    इस जीत के साथ, पॉल ने ह्यूस्टन में एटीपी 250 इवेंट में लगातार चौथे चैंपियनशिप मैच में पहुंचने की उम्मीदों को समाप्त कर दिया। मैच लगभग दो घंटे और 45 मिनट तक चला।

    मैच की शुरुआत पॉल ने बेहतरीन खेल से की और पहला सेट 7-5 से जीत लिया। टियाफो ने दूसरे सेट में जल्दी ब्रेक लेकर मुकाबले में वापसी की और सेट 6-4 से अपने नाम किया। मैच के दौरान 90 मिनट की बारिश की देरी ने पॉल के मोमेंटम को थोड़ा बाधित किया, लेकिन उन्होंने फिर भी मजबूती दिखाते हुए ब्रेक पॉइंट बचाया और सेट को अपने पक्ष में किया।

    तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों ने कड़ा संघर्ष किया। टियाफो ने शुरुआती ब्रेक लिया, लेकिन पॉल ने वापसी की और 4-2 से बढ़त बनाई। टियाफो ने फिर 4-4 से बराबरी कर ली, जिससे मुकाबला टाई-ब्रेक में चला गया। टाई-ब्रेक में पॉल 6/4 से आगे थे, लेकिन टियाफो ने दो मैच पॉइंट बचाए। अंततः चौथे सीड वाले पॉल ने अंतिम गेम में दबाव में रहते हुए रोमांचक मुकाबला अपने नाम किया।

    पॉल ने मैच के बाद कहा, “जब मुझे जरूरत थी, मैंने अच्छा खेला। यह टियाफो के साथ एक शानदार मुकाबला था। वह हमेशा देखने में सबसे एंटरटेनिंग खिलाड़ियों में से रहे हैं। मुझे खुशी है कि हमें यह मैच यहां खेलने का मौका मिला।”

    अब पॉल फाइनल में रोमन एंड्रेस बुरुचागा का सामना करेंगे। बुरुचागा ने सेमीफाइनल में अपने ही देश के खिलाड़ी थियागो अगस्टिन तिरांटे को 6-1, 6-1 से हराकर पहले एटीरी टूर फाइनल में प्रवेश किया।

    इस मैच के साथ ही पॉल और बुरुचागा, दोनों ही खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से दर्शकों को रोमांचित किया और फाइनल में अपने पहले एटीपी खिताब के लिए कड़ा मुकाबला तैयार किया।

  • मेसी-सुआरेज की जोड़ी का जलवा! इंटर मियामी ने ऑस्टिन एफसी के खिलाफ 2-2 से मुकाबला किया बराबर

    मेसी-सुआरेज की जोड़ी का जलवा! इंटर मियामी ने ऑस्टिन एफसी के खिलाफ 2-2 से मुकाबला किया बराबर


    नई दिल्ली। इंटर मियामी सीएफ ने 5 अप्रैल को मियामी के बीचों-बीच बने अपने नए और आधुनिक स्टेडियम में ऐतिहासिक होम ओपनर खेला। इंटर मियामी का मुकाबला ऑस्टिन एफसी से था। मैच 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ।

    मैच की शुरुआत में ऑस्टिन एफसी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए छठे मिनट में बढ़त हासिल कर ली। गुइलहर्मे बिरो ने शानदार गोल दागकर मेहमान टीम को 1-0 से आगे कर दिया। हालांकि, इंटर मियामी ने जल्द ही वापसी की। टीम के कप्तान लियोनल मेसी ने बॉक्स के अंदर से बेहतरीन हेडर लगाकर क्लब का पहला ऐतिहासिक गोल किया और स्कोर 1-1 कर दिया। यह इस एमएलएस सीजन में मेसी का पहला गोल भी रहा।

    पहले हाफ के अंत तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, लेकिन दूसरे हाफ में ऑस्टिन ने 53वें मिनट में एक और गोल कर बढ़त बना ली। इससे इंटर मियामी पर दबाव बढ़ गया, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी। मैच के अंतिम चरण में कोच जेवियर माशेरानो ने रणनीतिक बदलाव करते हुए लुइस सुआरेज को मैदान पर उतारा।

    सुआरेज ने कोच के भरोसे को सही साबित करते हुए 82वें मिनट में कॉर्नर के बाद शानदार गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। यह इस सीजन में उनका पहला गोल था और इसी के साथ इंटर मियामी ने अपने नए स्टेडियम में कम से कम एक अंक सुनिश्चित कर लिया।

    मैच के बाद माशेरानो ने स्वीकार किया कि टीम ने आखिरी 20-25 मिनट में काफी जोखिम उठाए, लेकिन घरेलू मैदान पर आक्रामक खेल दिखाना जरूरी था। उन्होंने यह भी कहा कि टीम अपने चैंपियन होने का दर्जा बनाए रखना चाहती है।

    पहला मैच ड्रॉ रहने के बावजूद इंटर मियामी के लिए यह एक सकारात्मक शुरुआत रही। क्लब पहले ही एमएलएस कप 2025, 2024 सपोर्टर्स शील्ड, और लीग्स कप 2023 जैसे बड़े खिताब जीत चुका है, और अब वह इस नई शुरुआत को और भी यादगार बनाने के इरादे से आगे बढ़ रहा है।

  • पॉइंट्स टेबल में धमाका! राजस्थान रॉयल्स नंबर-1, GT को हराकर बदला पूरा खेल

    पॉइंट्स टेबल में धमाका! राजस्थान रॉयल्स नंबर-1, GT को हराकर बदला पूरा खेल


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 का 9वां मुकाबला गुजरात टाइटंस (जीटी) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के बीच नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शनिवार को खेला गया। आरआर ने जीटी पर 6 रन से जीत दर्ज अंकतालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया। आरआर की सीजन के दूसरे मैच में यह दूसरी जीत थी।

    दिल्ली कैपिटल्स अंकतालिका में दूसरे स्थान पर है। दिल्ली ने भी सीजन के अपने दोनों मैच जीते हैं। पंजाब किंग्स सीजन के अपने शुरुआती दोनों मैच जीतकर तीसरे स्थान पर है।

    आरसीबी ने 1 मैच खेला है और उसमें जीत हासिल करते हुए चौथे स्थान पर काबिज है। सनराइजर्स हैदराबाद ने सीजन में 2 मैच खेले हैं। हैदराबाद को 1 मैच में जीत और 1 मैच में हार का सामना करना पड़ा है। टीम 2 अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। मुंबई इंडियंस 2 मैचों में 1 जीत और 1 हार के साथ छठे स्थान पर है।

    गुजरात टाइटंस सीजन के अपने शुरुआती दोनों मैच गंवाकर सातवें स्थान पर है। एलएसजी अपना खेला एकमात्र गंवाकर आठवें स्थान पर है। कोलकाता नाइट राइडर्स अपने शुरुआती दोनों मैच गंवाकर नौवें और चेन्नई सुपर किंग्स अपने दोनों मैच गंवाकर दसवें स्थान पर है।

    समान अंक के बावजूद कई टीमों का अंकतालिका में स्थान ऊपर नीचे है। इसकी वजह रन रेट है। अंकतालिका में टीमों की रैंकिंग रन रेट के आधार पर है।

    अंकतालिका में हर मैच के बाद बदलाव होता है। रविवार को दो मैच होने हैं। शाम 3:30 से पहला मैच सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) और लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के बीच राजीव गांधी स्टेडियम हैदराबाद में खेला जाएगा। दूसरा मैच शाम 7:30 से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के बीच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु में खेला जाएगा। सीएसके अपने दोनों शुरुआती मैच हार चुकी है और आरसीबी के खिलाफ उसके घरेलू मैदान में सीजन की पहली जीत हासिल करने के इरादे से उतरेगी।

  • रामायण में हनुमान बनेंगे सनी देओल, एक्‍टर के सामने दारा सिंह की यादों बनाए रखने की चुनौती

    रामायण में हनुमान बनेंगे सनी देओल, एक्‍टर के सामने दारा सिंह की यादों बनाए रखने की चुनौती


    नई दिल्ली। रामायण की महान गाथा अब बड़े पर्दे पर लौट रही है। डायरेक्टर नितेश तिवारी और रणबीर कपूर मिलकर रामायण फिल्म ला रहे हैं, जिसमें भगवान राम की भूमिका में रणबीर नजर आएंगे। हनुमान जयंती पर फिल्म की पहली झलक रिलीज़ हुई है, जिसमें राम बने रणबीर दिखाई दे रहे हैं। इस झलक के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया है।

    हनुमान जी की भूमिका में नजर आएंगे सनी देओल

    फिल्म में हनुमान जी की भूमिका में सनी देओल नजर आएंगे। सनी देओल की छवि हमेशा ताकतवर और जोशीले किरदार वाली रही है, इसलिए कई लोगों का मानना है कि हनुमान के रोल में उनकी कास्टिंग उपयुक्त है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सनी दारा सिंह जैसे अपनी छाप लोगों के दिलों में छोड़ पाएंगे?

    दारा सिंह ने रामानंद सागर की रामायण में हनुमान बनकर सभी का दिल जीत लिया था। इस रोल के लिए उन्हें 60-62 साल की उम्र में भी घंटों बैठकर गेटअप तैयार करना पड़ता था। उनके चेहरे पर मोल्ड मास्क लगाया जाता, पूंछ और मेकअप के कारण उन्हें खाने-पीने और बैठने में तकलीफ होती। पूरी तैयारी में उन्हें 3-4 घंटे लगते थे।

    स्मरणीय मेहनत और श्रद्धा

    दारा सिंह की मेहनत और श्रद्धा के चलते हनुमान का किरदार आज भी यादगार है। अब सनी देओल पर जिम्मेदारी होगी कि वे इस किरदार को बड़े पर्दे पर जीवंत कर सकें। फिल्म रामायण इस साल दिवाली पर रिलीज होगी। बताया जा रहा है कि सनी का रोल इस पार्ट में छोटा है, लेकिन अगले पार्ट में, जो 2027 की दिवाली पर आएगा, उनकी ताकत और दमदार हनुमान की भूमिका दिखाई देगी।
  • टीमवर्क की मिसाल! प्लेयर ऑफ द मैच बिश्नोई ने तुषार-आर्चर को दिया जीत का पूरा क्रेडिट

    टीमवर्क की मिसाल! प्लेयर ऑफ द मैच बिश्नोई ने तुषार-आर्चर को दिया जीत का पूरा क्रेडिट


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में शनिवार को शाम का मुकाबला नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस (जीटी) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के बीच खेला गया। आरआर ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से आखिरी ओवरों में मैच का रुख अपनी ओर मोड़ लिया और जीटी पर 6 रन से जीत दर्ज की। बेहतरीन गेंदबाजी करने वाले रवि बिश्नोई प्लेयर ऑफ द मैच रहे। हालांकि, रवि ने जीत का श्रेय तुषार देशपांडे और जोफ्रा आर्चर के साथ ही पूरी टीम को दिया।

    मैच के बाद बिश्नोई ने कहा, “पिछला सीजन मुश्किल था, लेकिन मैंने अपनी प्रक्रिया पर टिके रहने की कोशिश की। मैं अपनी लेंथ मिस करता, तो मुझे छक्के पड़ जाते। यही मेरी एकमात्र कमजोरी थी। अगर मुझे लेंथ पर हिट पड़ती है, तो कोई दिक्कत नहीं है। इस मैच में भी आपने देखा कि जब मैंने फुल लेंथ गेंदबाजी की, मुझे रन पड़े, लेकिन गुड लेंथ पर रन नहीं बने। इसके लिए मैंने मानसिक, शारीरिक और तकनीकी तौर पर काम किया है।”

    बिश्नोई ने कहा, “राहुल तेवतिया का विकेट मेरे लिए अहम रहा। वह एक बेहतरीन फिनिशर के रूप में जाने जाते हैं। अगर वह आउट नहीं होते, तो मैच किसी भी तरफ जा सकता था।”

    लेग स्पिनर ने जीत का श्रेय तुषार देशपांडे, जोफ्रा आर्चर के साथ ही पूरी टीम को दिया।

    उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि टीम जीत गई। मेरे प्रदर्शन से ज्यादा तुषार ने आखिर में और जोफ्रा ने 19वें ओवर में जिस तरह से गेंदबाजी की, वह मायने रखता है। यह सबका मिलकर किया गया काम था और इसी वजह से हम जीते। हम एक युवा टीम हैं और आगे भी ऐसे ही खेलना चाहेंगे।”

    रवि बिश्नोई ने 4 ओवर में 41 रन देकर 4 विकेट लिए।

    मैच की बात करें तो आरआर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 210 रन बनाए थे। जीटी ने 211 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की थी और 8 ओवर में पहले विकेट के लिए 78 रन जोड़े। दूसरा विकेट 107 के स्कोर पर गिरा, लेकिन इसके बाद आरआर के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेते हुए जीटी की रन गति पर अंकुश लगाया।

    आखिरी 2 ओवरों में जीटी को जीत के लिए 15 रन चाहिए थे और 3 विकेट शेष थे। जोफ्रा आर्चर ने 19वें ओवर में मात्र 4 रन दिए। इसके बाद आखिरी ओवर में जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। तुषार देशपांडे ने मात्र 4 रन दिए और टीम को 6 रन से जीत दिला दी। जीटी 20 ओवर में 8 विकेट पर 204 रन बना सकी।

  • लखनऊ के KGMU में अवैध मजार हटाने की तैयारी, प्रशासन ने 15 दिन में कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम

    लखनऊ के KGMU में अवैध मजार हटाने की तैयारी, प्रशासन ने 15 दिन में कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी परिसर में अवैध मजारों को हटाने की कार्रवाई को तेज कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा है कि संबंधित अधिकारियों को 15 दिन के भीतर सभी अवैध मजार हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

    सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी

    केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन और पुलिस को पूरी जानकारी भेज दी गई है। अवैध मजार हटाने की योजना में सुरक्षा, लॉजिस्टिक और प्रशासनिक सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। प्रशासन ने कहा कि अभियान सख्ती से लागू किया जाएगा और विश्वविद्यालय के सभी संबंधित विभागों को इसके लिए निर्देश दे दिए गए हैं। विभागों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय कर ली गई है।

    अवैध मजारों पर नोटिस और प्रतिक्रिया

    मजारों को हटाने के लिए पहले ही नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अतिरिक्त समय भी दिया गया, ताकि मजार प्रबंधक वैध दस्तावेज पेश कर सकें। हालांकि, अब तक केवल एक प्रबंधक ने जवाब दिया है, लेकिन उसने कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।

    सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम
    प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर सभी अवैध मजार हटाए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति कार्रवाई में बाधा डालता है या विरोध करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। प्रो. केके सिंह ने कहा कि यह कदम विश्वविद्यालय परिसर को व्यवस्थित और नियमों के अनुसार बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अभियान पूरी निगरानी में चलाया जाएगा। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को भी सख्त कर दिया गया है।

  • हैदराबाद में रनवर्षा तय! Sunrisers Hyderabad के आगे Rishabh Pant ब्रिगेड की कड़ी परीक्षा, ऐसी हो सकती है प्लेइंग-11

    हैदराबाद में रनवर्षा तय! Sunrisers Hyderabad के आगे Rishabh Pant ब्रिगेड की कड़ी परीक्षा, ऐसी हो सकती है प्लेइंग-11


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और रविवार को Hyderabad के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाला मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। इस मैच में Sunrisers Hyderabad (SRH) और Lucknow Super Giants (LSG) आमने-सामने होंगी। मौजूदा फॉर्म को देखें तो हैदराबाद की टीम का पलड़ा भारी नजर आ रहा है, जबकि लखनऊ के लिए यह मुकाबला किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।

     SRH की बल्लेबाजी बनी सबसे बड़ी ताकत

    पिछले मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने 226 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर Kolkata Knight Riders को 65 रन से हराया था। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। ओपनिंग जोड़ी Travis Head और Abhishek Sharma पावरप्ले में ही मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। कप्तान Ishan Kishan आक्रामक अंदाज में खेल रहे हैं, जबकि Heinrich Klaasen मिडिल ऑर्डर की रीढ़ बने हुए हैं।

     ऑलराउंड संतुलन से और खतरनाक SRH

    Nitish Kumar Reddy जैसे ऑलराउंडर टीम को मजबूती दे रहे हैं। गेंदबाजी में Jaydev Unadkat और Eshan Malinga शानदार फॉर्म में हैं, जो विपक्षी बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

    LSG की बल्लेबाजी बनी चिंता

    दूसरी ओर Lucknow Super Giants के लिए सबसे बड़ी समस्या उनकी बल्लेबाजी है। पिछले मैच में Delhi Capitals के खिलाफ टीम सिर्फ 141 रन पर सिमट गई थी।कप्तान Rishabh Pant को ओपनिंग में भेजने का प्रयोग नाकाम रहा। अब उन्हें मिडिल ऑर्डर में वापसी करानी पड़ सकती है। Mitchell Marsh और Aiden Markram की ओपनिंग जोड़ी टीम के लिए अहम साबित हो सकती है, जबकि Nicholas Pooran से बड़ी पारी की उम्मीद होगी।

     गेंदबाजी में उम्मीद की किरण

    गेंदबाजी में Mohammed Shami और Prince Yadav ने पावरप्ले में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन मिडिल ओवर्स में टीम दबाव बनाने में नाकाम रही है।

    संभावित प्लेइंग-11

    सनराइजर्स हैदराबाद:
    अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन (कप्तान), हेनरिक क्लासेन, अनिकेत वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, सलिल अरोड़ा, हर्ष दुबे, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, डेविड पेन

    लखनऊ सुपर जायंट्स:
    मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (कप्तान), एडन मार्करम, आयुष बदोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, मोहम्मद शमी, एनरिक नॉर्किया, मोहसिन खान, प्रिंस यादव

    मैच का निष्कर्ष

    कुल मिलाकर, मौजूदा फॉर्म और घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए Sunrisers Hyderabad इस मुकाबले में मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। अगर Lucknow Super Giants की बल्लेबाजी नहीं सुधरी, तो यह मैच एकतरफा भी हो सकता है।