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  • भोपाल के यूनियन कार्बाइड इलाके में 42 बस्तियों की बड़ी आबादी मल-मूत्र और रसायन मिला पानी पीने को मजबूर हालत बदतर

    भोपाल के यूनियन कार्बाइड इलाके में 42 बस्तियों की बड़ी आबादी मल-मूत्र और रसायन मिला पानी पीने को मजबूर हालत बदतर


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने के आसपास बसी 42 बस्तियों की एक बड़ी आबादी अब भी गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर है। यह पानी मल-मूत्र और घातक रसायनों से भरा हुआ है जो न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। नगर निगम ने 2017 में इन बस्तियों में पाइपलाइन के जरिए जलापूर्ति शुरू की थी लेकिन यह पाइपलाइन नालियों से होकर गुजरती है जिससे पानी की गुणवत्ता पूरी तरह से प्रभावित हो गई है।

    गैस त्रासदी से पीड़ित इन इलाकों के लोग अब तक बेहतर पानी की सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गैस पीड़ित संगठनों की शिकायतों पर सर्वोच्च न्यायालय ने मई 2012 में एक निगरानी समिति का गठन किया था। इस समिति ने इन बस्तियों में स्थित हैंडपंप और कुओं के पानी की जांच की और उसमें भारी मात्रा में हैवी मेटल डाइक्लोरोइथीन जैसे रसायन पाए गए।

    इसके बाद समिति ने नगर निगम को पेयजल के लिए पाइपलाइन डालने का निर्देश दिया। हालांकि यह पाइपलाइन नालियों से होकर गुजर रही थी जिसके कारण इसमें भारी मात्रा में ई. कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। ई. कोलाई बैक्टीरिया सामान्यतः मलजल में पाया जाता है और यह इंसान के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है।

    2018 में किए गए पानी की जांच में यह खुलासा हुआ कि पाइपलाइन के पानी में ई. कोलाई बैक्टीरिया की मात्रा बहुत अधिक थी जो लोगों के लिए गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। इसके बावजूद नगर निगम और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और आज भी लोग इस गंदे पानी को पीने को मजबूर हैं।

    गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए यह स्थिति और भी दर्दनाक है क्योंकि पहले ही वे जानलेवा गैसों से प्रभावित हुए थे और अब उन्हें दूषित पानी पीने के कारण नए स्वास्थ्य संकटों का सामना करना पड़ रहा है। इन बस्तियों के निवासी बार-बार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं लेकिन अब तक कोई सार्थक समाधान नहीं निकल सका है।

    इस संकट की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए गैस पीड़ित संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने कई बार प्रदर्शन भी किया है लेकिन शासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। 2017 में नगर निगम ने सर्वोच्च न्यायालय में एक शपथपत्र देकर जलापूर्ति में सुधार करने का वादा किया था लेकिन सात साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

    यह संकट सिर्फ पानी की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है बल्कि यह स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए भी खतरा बन चुका है। नागरिक समाज और विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं ताकि इन 42 बस्तियों के लोगों को साफ पानी मिल सके और उनका स्वास्थ्य सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

  • इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत सरकार ने हाई कोर्ट में मृतकों की संख्या कम बताई विपक्षी दलों का आरोप

    इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत सरकार ने हाई कोर्ट में मृतकों की संख्या कम बताई विपक्षी दलों का आरोप


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है और 35 से अधिक लोग गंभीर हालत में अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। सभी मरीजों में उल्टी दस्त और संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं जिससे पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह सभी मौतें गंदे और दूषित पानी पीने के कारण हुईं।
    मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं लेकिन मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।इस बीच सरकार ने हाई कोर्ट में पेश किए गए आंकड़ों में मृतकों की संख्या कम बताई जबकि हकीकत यह है कि अब तक 16 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि जैसे कोरोना महामारी के दौरान मौतों के आंकड़े छिपाए गए थे उसी तरह अब भी सरकार मृतकों के असली आंकड़े छिपा रही है ताकि जिम्मेदारी से बचा जा सके।

    कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मामले में सरकार की नाकामी पूरी तरह से उजागर हो चुकी है और अब समय आ गया है कि सच्चाई सामने लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए ताकि और लोगों की जान बचाई जा सके और दूषित पानी के कारण फैलने वाले संक्रमण को रोका जा सके।

    स्थानीय निवासियों की चिंता और बढ़ गई है क्योंकि दूषित पानी पीने से संक्रमण फैलने की संभावना अधिक है। स्वास्थ्य विभाग ने इलाके में पानी की जांच शुरू कर दी है और पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन जनता की परेशानी लगातार बनी हुई है।यह मामला प्रशासन और सरकार की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है क्योंकि दूषित पानी पीने से होने वाली मौतें आम बात नहीं हैं और यह स्थिति तत्काल ध्यान देने योग्य है।

  • मादुरो की गिरफ्तारी पर भड़के किम जोंग उन… ट्रंप को दी चेतावनी- मेरे दोस्त को छोड़ दो, वरना…

    मादुरो की गिरफ्तारी पर भड़के किम जोंग उन… ट्रंप को दी चेतावनी- मेरे दोस्त को छोड़ दो, वरना…


    सियोल।।
    वेनेजुएला (Venezuela) पर अमेरिका (America) की कार्रवाई और फिर राष्ट्रपति निकोलस (President Nicholas) की गिरफ्तारी के मामले ने वैश्विक राजनीति में गजब का तहलका मचा दिया है। दूसरी ओर इस पूरे मामले में वैश्विक राजनीति और गर्म तब हो गई जब इस पूरे मामले में उत्तर कोरिया (North Korea) के नेता किम जोंग उन (Kim Jong Un) भी कूद पड़े। किम जोंग ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर अमेरिका को खुलकर चेतावनी दी है। मादुरो को अपना दोस्त बताते हुए किम जोंग ने कहा कि अगर उन्हें तुरंत रिहा नहीं किया गया तो इसके गंभीर वैश्विक परिणाम हो सकते हैं।

    मीडिया रिपोर्टस में बताया गया है कि किम जोंग ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए ट्रंप को यहां तक चेताया कि यह टकराव विश्व युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर मादुरो को तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की यह कार्रवाई सिर्फ वेनेजुएला ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की शांति के लिए खतरा है। किम जोंग ने यहां तक कह दिया कि ऐसी कार्रवाइयों से विश्व युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है।


    किम जोंग ने अमेरिका पर लगाया आरोप

    इस दौरान उत्तर कोरियाई नेता ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में जबरन दखल दे रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के राष्ट्रपति को इस तरह गिरफ्तार करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। किम जोंग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वेनेजुएला की संप्रभुता का सम्मान किया जाए और मादुरो को जल्द रिहा किया जाए।


    रूस समेत ये बड़े देश अमेरिका के खिलाफ

    बता दें कि वेनेजुएला पर अमेरिका के इस कार्रवाई को कई देशों ने गलत ठहराया है। रूस से लेकर कोलंबिया, क्यूबा, चिली, मेक्सिको, ब्राजील, ईरान, स्पेन और जर्मनी तक। इन सभी देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है। रूस ने यहां तक कह दिया कि वेनेजुएला को अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार है और बाहरी सैन्य हस्तक्षेप अस्वीकार्य है। रूस ने संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया।

    वहीं कोलंबिया ने कहा कि वेनेजुएला पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। कोलंबिया ने यह साफ किया कि वह सैन्य टकराव नहीं चाहता, लेकिन शांति और मानव गरिमा की रक्षा जरूरी है। सुरक्षा कारणों से उसने वेनेजुएला सीमा पर अपनी सेना तैनात की।


    क्या वैश्विक मोड़ ले सकता है अमेरिका-वेनेजुएला तनाव?

    विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग का यह बयान वैश्विक तनाव को और बढ़ा सकता है, क्योंकि पहले ही अमेरिका की कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने चिंता जताई है। ऐसे में अमेरिका-वेनेजुएला विवाद अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

  • इंदौर में सर्द हवाओं से ठिठुरन अगले हफ्ते तक कोहरे और कड़ाके की ठंड का सामना करेंगे शहरवासी

    इंदौर में सर्द हवाओं से ठिठुरन अगले हफ्ते तक कोहरे और कड़ाके की ठंड का सामना करेंगे शहरवासी


    इंदौर । इंदौर में इन दिनों सर्द हवाओं और घने कोहरे ने शहरवासियों को ठिठुरन का अहसास करा दिया है। रविवार की सुबह भी कोहरे ने इंदौर को अपनी चपेट में लिया और शनिवार को भी कोहरा छाया हुआ था जिसके कारण दृश्यता 100 मीटर तक सिमट गई थी। इस घने कोहरे के कारण इंदौर एयरपोर्ट से दो दर्जन उड़ानें प्रभावित हुईं।

    उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के कारण शहरवासियों को दिन और रात दोनों समय ठंडक का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में अगले एक हफ्ते तक कोहरे और शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। 4 से 6 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है।

    वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इंदौर में नमी आ रही है और उत्तरी हवाओं की वजह से ठंडक का असर दिन में भी महसूस हो रहा है। हालांकि तीन दिन बाद हवाओं का रुख पश्चिमी होने से तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। 10 जनवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में बनेगा जिसके प्रभाव से इंदौर का तापमान बढ़ सकता है।

    शुक्रवार रात तीन बजे से शनिवार सुबह 4.30 बजे तक घना कोहरा छाया रहा और इस दौरान दृश्यता 100 मीटर तक सिमट गई। दिन में धूप भी बहुत कम समय के लिए निकली और अधिकांश समय बादल छाए रहे। शनिवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री कम था जबकि न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक था।भोपाल स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों तक इंदौर में शीतलता बरकरार रहेगी। रविवार तक कोहरे का असर जारी रहेगा और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

  • वाराणसी में सबसे बड़े खेल मेला का आज होगा आगाज, PM मोदी करेंगे उद्घाटन

    वाराणसी में सबसे बड़े खेल मेला का आज होगा आगाज, PM मोदी करेंगे उद्घाटन


    वाराणसी।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वाराणसी (Varanasi) में सबसे बड़े खेल मेला (Biggest Sports Fair) का आज से शुभारंभ होने जा रहा है। पहली बार 72वीं राष्ट्रीय सीनियर महिला एवं पुरुष वॉलीबाल प्रतियोगिता की शुरुआत सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होगी। काशी के इतिहास का यह सबसे बड़ा खेल मेला होगा। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) वर्चुअल माध्यम से करेंगे। शुभारंभ समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिन पहले ही वाराणसी पहुंच चुके हैं। प्रतियोगिता में देश की कुल 58 टीमें हिस्सा ले रही हैं। 30 टीमें पुरुषों और 28 टीमें महिला वर्ग की शामिल हो रही हैं।

    दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री का लाइव संबोधन होगा। इसके बाद पीएम मोदी उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद ही मैच शुरू हो जाएंगे। 4 से 7 जनवरी तक लीग मैच खेले जाएंगे। इस दौरान कुल 125 मैच होंगे। 8 जनवरी को प्री-क्वार्टर फाइनल मैच खेले जाएंगे। 9 जनवरी को क्वार्टर फाइनल और 10 जनवरी को सेमीफाइनल होगा। 11 जनवरी को फाइनल मुकाबला और समापन समारोह होगा।

    आयोजन समिति अध्यक्ष महापौर अशोक तिवारी ने शनिवार को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में प्रतियोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि इस प्रतियोगिता में देश के कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अपने तेज-तर्रार प्रदर्शन से दर्शकों को रोमांचित करेंगे। इनमें अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी भी शामिल हैं। इस खेल की एक खासियत यह भी है कि खेल के नियम ऐसे होते हैं कि वॉलीबॉल में अंक काफी तेजी से बनते हैं और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी होता रहता है। इसके एक नियम के मुताबिक टीमों का कोई खिलाड़ी अंपायर के किसी फैसले पर खुद आपत्ति नहीं उठा सकता है। इसके लिए उसे अपने कप्तान के जरिये शिकायत करनी होती है।

    महापौर ने बताया कि खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए हर दिन कोई न कोई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेगा। 8 जनवरी को प्रदेश की राज्यपाल भी शामिल हो सकती हैं। समापन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य होंगे। उद्घाटन समारोह में सीएम योगी के साथ ही यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहेंगे।

  • गुजरात के गांधीनगर में 100 लोग अस्पताल में भर्ती; पानी के सेंपल लिए

    गुजरात के गांधीनगर में 100 लोग अस्पताल में भर्ती; पानी के सेंपल लिए


    गांधीनगर।
    इंदौर (Indore) के बाद अब गुजरात (Gujarat) के गांधीनगर (Gandhinagar) के कई इलाकों में प्रशासन ने लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई बरतने की सलाह दी है। बताया जाता है कि टाइफाइड (Typhoid) के चलते 104 संदिग्ध मरीजों (104 Suspected patients) को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य जांच में पता चला है कि प्रभावित क्षेत्रों का पीने का पानी असुरक्षित है जिसके बाद नगर निगम ने घर-घर सर्वेक्षण और क्लोरीन की गोलियां बांटना शुरू कर दिया है। खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मरीजों के इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। प्रशासन ने लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई बरतने की सलाह दी है।


    बच्चों समेत 104 मरीज भर्ती

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, गांधीनगर में बड़े पैमाने पर टाइफाइड के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों समेत 104 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीते 3 दिनों में सिविल अस्पताल में टाइफाइड के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बाल चिकित्सा वार्ड में 104 मरीजों को भर्ती कराया गया है। खुद उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शनिवार को गांधीनगर सिविल अस्पताल में हालात की समीक्षा की।


    22 डॉक्टरों की टीम गठित

    हर्ष संघवी ने बताया कि अस्पताल में स्थिति का जायजा लेने के लिए उप जिलाधिकारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भर्ती मरीजों के परिवारों के लिए भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था कर दी गई है। मरीजों के इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की एक टीम गठित की गई है।


    अमित शाह ने ली हालात की जानकारी

    उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जिलाधिकारी से फोन पर 3 बार हालात की जानकारी ली। 104 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। प्रशासन इलाज के साथ ही निगरानी व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है। मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिशें हो रही हैं।


    इलाकों से लिए पानी के नमूने

    वहीं सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीता पारिख ने बताया कि गांधीनगर के सेक्टर 24, 25, 26 और 28 के साथ-साथ आदिवाड़ा क्षेत्र से बच्चों सहित कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोगों की हालत स्थिर है। इन क्षेत्रों से पानी के सेंपल जमा किए गए हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पीने का पानी सुरक्षित नहीं है।


    पानी उबाल कर पीने की सलाह

    यही कारण है कि गांधीनगर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को पानी उबाल कर पीने और घर का बना खाना खाने की सलाह दी गई है। नगर निगम पानी की टंकियों की सफाई पर जोर दे रहा है। साथ ही क्लोरीन की गोलियां भी बांट रहा है।

    इंदौर में गर्म है माहौल
    यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई है जब इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई है। इसे लेकर माहौल गर्म है। इंदौर प्रशासन ने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक छह लोगों के मारे जाने की बात कही है तो स्थानीय नागरिक 6 महीने के बच्चे समेत 16 लोगों के मारे जाने की बात कह रहे हैं। वहीं इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि उनको 10 मरीजों की मौत की जानकारी मिली है। बता दें कि इंदौर नगर निगम पड़ोसी खरगोन जिले के जलूद में नर्मदा नदी से पानी को 80 किलोमीटर दूर लाकर घर-घर पहुंचाता है।

  • RSS चीफ का लव जिहाद पर कड़ा प्रहार… बोले- घर से ही शुरू हो इसे रोकने का प्रयास

    RSS चीफ का लव जिहाद पर कड़ा प्रहार… बोले- घर से ही शुरू हो इसे रोकने का प्रयास


    भोपाल।
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh-RSS) प्रमुख ने शनिवार को कहा कि ‘लव जिहाद’ (Love Jihad) को रोकने के प्रयास परिवार से ही शुरू होने चाहिए। उन्होंने इसके लिए परिवारों में संवाद, महिलाओं में जागरूकता (Awareness Women) और सामूहिक सामाजिक प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया। आरएसएस की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि संगठन की ओर से यहां आयोजित ‘स्त्री शक्ति संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने महिलाओं की सामाजिक भूमिका पर चर्चा के दौरान ‘लव जिहाद’ के मुद्दे का उल्लेख किया।

    ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन मुस्लिम पुरुषों द्वारा हिंदू महिलाओं का कथित तौर पर प्रेम संबंध या शादी के जाल में फंसाकर इस्लाम धर्म में धर्मांतरण कराने के संदर्भ में करते हैं। भागवत ने कहा कि परिवारों को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि किसी परिवार की लड़की किसी अजनबी के प्रभाव में कैसे आ जाती है। उन्होंने इसे परिवारों में संवाद की कमी का परिणाम बताया।

    आरएसएस प्रमुख ने कहा कि इस दिशा में तीन स्तरों पर प्रयास जरूरी हैं, जिनमें परिवारों के भीतर निरंतर संवाद, लड़कियों में जागरूकता पैदा करना और स्वयं की रक्षा के लिए उन्हें सक्षम बनाना तथा ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई शामिल है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों को भी सतर्क रहना चाहिए और समाज को सामूहिक रूप से प्रतिक्रिया देनी चाहिए, ताकि इस समस्या का समाधान निकाला जा सके।

    भागवत ने कहा कि धर्म, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था महिलाओं के कारण सुरक्षित है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तीकरण, वैचारिक दिशा और पारिवारिक व सामाजिक जीवन में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘वह समय बीत चुका है जब सुरक्षा के नाम पर महिलाओं को घरों तक सीमित रखा जाता था।’ उन्होंने कहा कि परिवार और समाज पुरुषों और महिलाओं के संयुक्त प्रयासों से आगे बढ़ते हैं, इसलिए दोनों का ‘प्रबोधन’ आवश्यक है।

    कार्यक्रम में आरएसएस के मध्य भारत प्रांत के प्रांत संघचालक अशोक पांडे और विभाग संघचालक सोमकांत उमलाकर भी मंच पर मौजूद थे। भागवत ने कहा कि महिलाएं परिवार में देखभाल करने वाली की केंद्रीय भूमिका निभाती हैं और संतुलन, संवेदनशीलता एवं व्यवस्था बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि देश की आबादी में महिलाओं की संख्या लगभग आधी है और सामाजिक तथा राष्ट्रीय कार्यों में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत है।

    मानसिक स्वास्थ्य का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि यह जरूरी है कि परिवार में कोई भी स्वयं को अकेला महसूस न करे। उन्होंने बच्चों पर वास्तविकता से परे अपेक्षाएं थोपने से बचने की सलाह दी और कहा कि सफलता से अधिक महत्वपूर्ण जीवन का अर्थ है। भागवत ने कहा कि भारत ‘मानसिक गुलामी’ से बाहर निकल रहा है और दुनिया उम्मीदों के साथ देश की ओर देख रही है।

  • बेनेजुएला में बड़ा 'ऑपरेशन… घर में घुसकर राष्ट्रपति मादुरो को मिनटों में उठा ले गया अमेरिका

    बेनेजुएला में बड़ा 'ऑपरेशन… घर में घुसकर राष्ट्रपति मादुरो को मिनटों में उठा ले गया अमेरिका


    वाशिंगटन।
    वेनेजुएला (Venezuela) में एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में अमेरिकी विशेष बलों (American special forces) ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (President Nicolás Maduro) को एक गुप्त सैन्य अभियान के बाद गिरफ्तार कर लिया है। अमेरिका ने इस मिशन को ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ (‘Operation Absolute Resolve’) नाम दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने इस सफलता की पुष्टि करते हुए कहा कि अब वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन तक अमेरिका देश का नियंत्रण संभालेगा। अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन के अनुसार, यह मिशन 2 जनवरी की रात को अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन की बारीकियों ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है।

    इस मिशन में F-22, F-35, F-18 लड़ाकू विमानों, B-1 बमवर्षक विमानों और ड्रोन्स समेत 150 से अधिक विमान शामिल थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने रात 10:46 बजे (ईस्टर्न टाइम) मिशन को हरी झंडी दी। ठीक रात 1:01 बजे (कराकस समय अनुसार रात 2:01 बजे) अमेरिकी फोर्स मादुरो के परिसर में उतरी। मादुरो एक किले जैसे सुरक्षित महल में थे। ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सैनिकों ने इस महल के हूबहू ढांचे पर महीनों तक अभ्यास किया था।


    30 मिनट में मिशन पूरा, भारी धमाकों से गूंजा कराकस

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने मार-ए-लागो से दिए बयान में कहा कि जब यह हमला हुआ तो कराकस की लाइटें बंद थीं। यह डार्क और घातक मिशन था। सैनिकों के पास भारी ‘ब्लोटॉर्च’ थे ताकि वे सुरक्षित कमरों के दरवाजे काटकर अंदर घुस सकें, लेकिन मादुरो को सुरक्षित कमरे तक पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। 30 मिनट से भी कम समय में मादुरो को पकड़ लिया गया। इस दौरान कराकस में कम से कम सात बड़े विस्फोट सुनाई दिए।


    वेनेजुएला अब अमेरिका के नियंत्रण में

    राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वेनेजुएला में एक सुरक्षित और उचित सत्ता हस्तांतरण होने तक अमेरिका ही देश को चलाएगा। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी है। अमेरिकी न्याय विभाग ने पुष्टि की है कि मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स पर ‘नार्को-टेररिज्म’ के गंभीर आरोप हैं, जिसके तहत उन पर अमेरिका में मुकदमा चलेगा।

    जनरल केन ने बताया कि इस मिशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई है और न ही कोई सैन्य उपकरण खोया है। वहीं वेनेजुएला के अधिकारियों का दावा है कि इस हमले में उनके कुछ सैनिक और नागरिक मारे गए हैं, हालांकि उन्होंने सटीक संख्या नहीं बताई।


    खुफिया एजेंसियों का महाजाल

    इस मिशन की सफलता के पीछे CIA, NSA और NGA जैसी शीर्ष खुफिया एजेंसियों का हाथ था। जनरल केन ने बताया कि यह ऑपरेशन दशकों के अनुभव और थल सेना, वायु सेना, नौसेना और स्पेस फोर्स के बेजोड़ तालमेल का नतीजा था। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस मिशन में विफलता का कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि एक भी चूक पूरे अभियान को खतरे में डाल सकती थी।

  • उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी

    उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी


    नई दिल्ली । उत्तर भारत के कई हिस्सों में सर्दी और कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दिल्ली उत्तर प्रदेश पंजाब हरियाणा और अन्य मैदानी इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर ने दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में इस समय घना कोहरा छाया हुआ है जिससे विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8-9 डिग्री सेल्सियस के आसपास है जबकि अधिकतम तापमान 16-18 डिग्री तक पहुँच रहा है। कोहरे की वजह से हवाई और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है कई उड़ानें देरी से चल रही हैं। इसके अलावा यूपी के लखनऊ वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने यूपी के लगभग 30 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है और 4-6 जनवरी तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना जताई है।

    पंजाब और हरियाणा

    पंजाब और हरियाणा में भी घना कोहरा और शीतलहर जारी है। यहां विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में शीतलहर की स्थिति को 6 जनवरी तक जारी रहने का अनुमान जताया है। न्यूनतम तापमान इन क्षेत्रों में सामान्य से काफी नीचे जा चुका है और ठंड के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। गुलमर्ग सोनमर्ग पहलगाम और अन्य ऊपरी इलाकों में नए साल के मौके पर ताजा बर्फबारी हुई है जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। जम्मू-कश्मीर में ‘चिल्लई कलां’ के दौरान कड़ाके की ठंड ने तापमान को और नीचे गिरा दिया है लेकिन पर्यटक बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के मनाली रोहतांग पास लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है जिससे ठंड का असर बढ़ा है लेकिन पर्यटकों की भीड़ बनी हुई है।

    कोहरा और ठंड की चुनौती

    उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा और शीतलहर के कारण सामान्य जनजीवन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लखनऊ समेत कई जिलों में अगले तीन दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। घना कोहरा और शीतलहर का प्रभाव कृषि ट्रांसपोर्ट और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ा है और इससे बचने के लिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई खास राहत की उम्मीद नहीं जताई गई है इसलिए उत्तर भारत के लोग खासकर यात्री और स्कूलों के छात्र अपनी यात्रा और अन्य गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें।

  • PMAY 2.0 से साकार हो रहा अपने घर का सपना…. मोदी सरकार अब होम लोन पर देगी बड़ा तोहफा

    PMAY 2.0 से साकार हो रहा अपने घर का सपना…. मोदी सरकार अब होम लोन पर देगी बड़ा तोहफा


    नई दिल्ली।
    घर खरीदना (Buying Home) हर किसी का सपना होता है लेकिन इस सपने को साकार कर पाना इतना आसान भी नहीं है। इस सपने को साकार करने के लिए केंद्र सरकार (Central government) की प्रधानमंत्री आवास योजना (Prime Minister’s Housing Scheme- PMAY) 2.0 काफी अहम भूमिका निभाती है। योजना के तहत, योग्य कर्जदार 25 लाख रुपये तक के होम लोन पर 1.8 लाख रुपये तक की इंटरेस्ट सब्सिडी पा सकते हैं। यह सब्सिडी पांच सालाना किस्तों में दी जाती है और सीधे कर्जदार के लोन अकाउंट में जमा की जाती है, जिससे बकाया मूलधन और EMI कम हो जाती है।


    किस-किस कैटेगरी के लिए योजना

    यह योजना तय इनकम कैटेगरी के लोगों के लिए है। सालाना 3 लाख रुपये तक कमाने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवार, 3 लाख से 6 लाख रुपये के बीच इनकम वाले कम इनकम ग्रुप (LIG) के कर्जदार और सालाना 6-9 लाख रुपये कमाने वाले मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के खरीदार, अन्य शर्तों के अधीन, इसके लिए योग्य हैं। सीधी सब्सिडी के अलावा टैक्स इंसेंटिव भी री-पेमेंट का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

    इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24(b) के तहत, कर्ज लेने वाले होम लोन के ब्याज पर हर साल 2 लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा, सेक्शन 80C प्रिंसिपल रीपेमेंट पर 1.5 लाख रुपये तक की कटौती की अनुमति देता है, जिससे समय के साथ कर्ज लेने की असल लागत कम होती है।


    योजना के बारे में

    प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 भारत के प्रमुख शहरी आवास मिशन का दूसरा चरण है, जिसका लक्ष्य शहरों और कस्बों में सभी के लिए आवास हासिल करना है। योजना में विधवाओं, अकेली महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग व्यक्तियों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और SC/ST और अल्पसंख्यक समुदायों को प्राथमिकता दी जाती है। यह योजना बुनियादी सुविधाओं के साथ किफायती आवास को बढ़ावा देती है, जिससे राज्यों को घर के आकार के नियमों में लचीलापन मिलता है। आवेदकों के पास भारत में कहीं भी पक्का घर नहीं होना चाहिए और उन्हें निर्धारित आय सीमा के भीतर आना चाहिए।