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  • Under-19, ODI: कैप्टेंसी डेब्यू में वैभव सूर्यवंशी का फ्लाप शो… ये दो खिलाड़ी बने संकटमोचक

    Under-19, ODI: कैप्टेंसी डेब्यू में वैभव सूर्यवंशी का फ्लाप शो… ये दो खिलाड़ी बने संकटमोचक


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका (India vs South Africa) पहला अंडर-19 वनडे मैच (First Under-19 ODI match) बेनोनी के विलोमूर पार्क में खेला गया। यह वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का बतौर भारतीय कप्तान पहला मैच था। इस मैच में उनका बल्ला तो नहीं चला, मगर इंद्रदेव की बदौलत टीम इंडिया 25 रनों (DLS) से इस मैच में जीत दर्ज करने में कामयाब रही। वैभव सूर्यवंशी जैसे विस्फोटक बल्लेबाज के फ्लोप शो के बावजूद भारत ने पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 300 रन बोर्ड पर लगाए, जिसके सामने साउथ अफ्रीका ने बारिश की खलल तक 27.4 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 148 रन बनाए। DLS मैथड के हिसाब से टीम इंडिया 25 रन आगे चल रही थी। मैच शुरू ना हो पाने की कंडीशन की वजह से अंपायरों को मुकाबले को वहीं समाप्त करना पड़ा, जिस वजह से टीम इंडिया ने यह मैच 25 रनों से अपने नाम किया।

    साउथ अफ्रीका ने पहले वनडे में टॉस जीतकर बॉलिंग करने का फैसला लिया था। नियमित कप्तान आयुष म्हात्रे के टीम में ना होने की वजह से वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई है। वैभव के साथ आरोन जोर्ज ने पारी का आगाज किया और दोनों भारतीय सलामी बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौटे। आरोन ने 7 गेंदों पर 5 तो वैभव सूर्यवंशी ने 12 गेंदों पर 11 रन बनाए।

    एक समय ऐसा था जब भारत 15वें ओवर तक 67 के स्कोर पर 4 विकेट खो चुका था, तब हरवंश पंगालिया (93) और आरएस अंबरीश (65) ने 5वें विकेट के लिए 137 रनों की साझेदारी कर बड़े स्कोर की राह दिखाई। टीम इंडिया 50 ओवर में 300 के स्कोर पर सिमट गई।

    301 के टारगेट का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम की भी शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले 10 ओवर में टीम ने 62 के स्कोर पर 3 विकेट खो दिए थे। इसके बाद चौथे विकेट के लिए ओपनर जोरिच वान शाल्कविक (60*) और अरमान मनैक (46) के बीच 86 रनों की साझेदारी हुई। बारिश की वजह से मैच रुकने से पहले मनैक रन आउट हो गए, जिसका फायदा भारत को मिला। बारिश की वजह से मैच फिर शुरू नहीं हो पाया और भारत ने मुकाबले को 25 रनों (DLS) से अपने नाम किया। तीन मैच की इस सीरीज में भारत अब 1-0 से आगे है।

  • मुस्तफिजुर को IPL से बाहर करने पर गहराया विवाद… टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश उठा सकता है ये कदम

    मुस्तफिजुर को IPL से बाहर करने पर गहराया विवाद… टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश उठा सकता है ये कदम


    नई दिल्ली।
    कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) से बांग्लादेशी तेज गेंदबाज़ मुस्ताफिज़ुर रहमान (Mustafizur Rahman) को रिलीज किए जाने के बाद यह मामला अब सिर्फ आईपीएल (IPL) तक सीमित नहीं रहा. सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (Bangladesh Cricket Board- BCB) ने संकेत दिए हैं कि अगर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India- BCCI) आधिकारिक तौर पर मुस्ताफिज़ुर को आईपीएल से बाहर किए जाने के कारणों की पुष्टि करता है, तो बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप के कुछ मैचों के वेन्यू बदलने की मांग कर सकता है।


    मीटिंग में लिया गया फैसला

    सूत्रों के अनुसार, मुस्ताफिज़ुर के आईपीएल से बाहर होने के बाद BCB के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक आपात बैठक की. इस बैठक में यह सवाल प्रमुखता से उठा कि जब भारत मुस्ताफिज़ुर रहमान जो आईपीएल में खेलने वाले बांग्लादेश के इकलौते खिलाड़ी थे उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे सका, तो फिर टी20 वर्ल्ड कप के दौरान पूरी बांग्लादेश टीम की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

    बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम को एक महीने से भी कम समय में भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलना है. ऐसे में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसी वजह से BCB ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को भी दे दी है।


    असली वजह जानना चाहता है बांग्लादेश

    सूत्रों का कहना है कि BCB अब आधिकारिक तौर पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड से यह स्पष्ट जवाब चाहता है कि मुस्ताफिज़ुर रहमान को आईपीएल से बाहर करने की असली वजह क्या थी. अगर यह कारण सुरक्षा या राजनीतिक दबाव से जुड़ा पाया गया, तो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश सरकार, दोनों मिलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    आईसीसी के नियमों के मुताबिक, किसी भी देश को सुरक्षा कारणों के आधार पर वेन्यू बदलने की मांग करने के लिए उसके क्रिकेट बोर्ड और सरकार दोनों को औपचारिक शिकायत देनी होती है. इसके बाद आईसीसी हालात की समीक्षा कर फैसला लेता है।

    बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 की मेज़बानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से कर रहे हैं. टूर्नामेंट के कई अहम मुकाबले कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में प्रस्तावित हैं. यही वही मैदान है जिसने आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2023 के दौरान पाकिस्तान टीम की भी मेज़बानी की थी। हालांकि, सूत्रों का यह भी कहना है कि टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट का वेन्यू बदलना आईसीसी के लिए आसान नहीं होगा. इससे न सिर्फ मेज़बान देशों की तैयारियों पर असर पड़ेगा, बल्कि प्रसारण, टिकटिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कई बड़े फैसलों को दोबारा लेना पड़ेगा।

    फिलहाल, पूरा मामला इस बात पर टिका है कि BCCI मुस्ताफिज़ुर रहमान की आईपीएल से छुट्टी पर क्या आधिकारिक कारण बताता है. अगर यह मामला और तूल पकड़ता है, तो आने वाले दिनों में भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों में भी तनाव देखने को मिल सकता है।

  • चीनी सेना में भ्रष्टाचार को लेकर शी जिनपिंग टेंशन में, कई बड़े अधिकारी गिरफ्तार

    चीनी सेना में भ्रष्टाचार को लेकर शी जिनपिंग टेंशन में, कई बड़े अधिकारी गिरफ्तार

    वीजिंग। चीन में बढ़ता भ्रष्टाचार शी जिनपिंग सरकार के चिंता का सबब बनता जा रहा है। ऊंचे पदों पर आसीन उप मंत्री स्तर के अधिकारी भी भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। चीन में भ्रष्टाचारी आधिकारियों पर शिकंजा भी कसा जा रहा है। साल 2025 में ऐसे करीब 65 अधिकारी गिरफ्तार किए गए हैं जो कि 2024 से 12 फीसदी ज्यादा हैं। इन लोगों में मंत्रालयों के सीनियर प्रशासनिक अधिकारी, बैंकर, सरकारी कंपनियों के अधिकारी और कई नामी विश्वविद्यालयों के अध्यक्ष शामिल हैं।

    चीन के सेंट्रल कमीशन फॉर डिसिप्लिन इंस्पेक्शन (CCDI) ने कहा है कि 2025 में भ्रष्टाचारी अधिकारियों की पकड़ बीते साल से ज्यादा हुई है।

    2024 में ऐसे 58 अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि 72 साल के शी जिनपिंग के इस तीसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने छोटे और बड़े भ्रष्टाचारी अधिकारियों के खिलाफ अभियान शुरू किया है।
    सेना में भयंकर भ्रष्टाचार की दीमक

    चीन की मीडिया का कहना है कि कुछ ही सालों में लाखों अधिकारियों को सजा मिल चुकी है। इसमें सेना में उच्च पदों पर आसीन अधिकारी भी हैं। पिछले साल चले अभियान में सेना के कई टॉप जनरल्स को भी बर्खास्त कर दिया गया।

    अक्टूबर में अपने भाषण में शी जिनपिंग ने कहा था कि देश के लिए भ्रष्टाचार बड़ी चुनौती बनी हुई है। हाल ही में ऑल चाइना फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन्स की पूर्व वाइस चेयरवुमन झांग शिपिंग को गिरफ्तार किया गया था।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के बड़े अधिकारी बड़े-बड़े घोटालों में शामिल हैं। 12 से 14 जनवरी के बीच सीसीडीआई एक प्लेनरी सेशन करने वाली है जिसमें 2026 को लेकर योजना पेश की जाएगी। बता दें कि चीन में कई बार भ्रष्टाचारियों को मृत्यु दंड तक दे दिया जाता है।

  • दक्षिण अमेरिकी देशों पर कब्जे की तैयारी में ट्रंप? अब क्यूबा को भी मिली धमकी

    दक्षिण अमेरिकी देशों पर कब्जे की तैयारी में ट्रंप? अब क्यूबा को भी मिली धमकी

    वॉशिंगटन। वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के बाद अब अमेरिका की ट्रंप सरकार के हौसलें बुलंद हैं और अब वे दक्षिण अमेरिका के अन्य देशों को भी धमकाने पर उतर आए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा के नेता को चेतावनी देते हुए कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद अगर मैं क्यूबा की सरकार में होता तो यकीनन मुझे चिंता होती।

    मार्को रुबियो ने क्यूबा को दी चेतावनी
    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘क्यूबा पूरी तरह से तबाह है। इसे पूरी तरह से अयोग्य सरकार और इसे एक वृद्ध व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा है। इसकी कोई अर्थव्यवस्था नहीं बची है। यह पूरी तरह से तबाह देश हैं। मादुरो की सुरक्षा में लगे सभी गार्ड भी क्यूबा के थे। क्यूबा ने कुछ मामलों में वेनेजुएला पर कब्जा किया हुआ है। क्यूबा ने वेनेजुएला को अपनी कालोनी बनाने की कोशिश की। अगर हम सुरक्षा के लिहाज से देखें तो अगर मैं हवाना में रह रहा होता और मैं सरकार में होता तो में घटनाक्रम से थोड़ा चिंतित तो जरूर होता।’

    अमेरिका और क्यूबा के बीच रिश्ते दशकों से तनावपूर्ण हैं। दोनों देशों के संबंधों में तनाव 1960 के दशक से है, जब फिदेल कास्त्रों की सरकार के साथ अमेरिका के संबंध बिगड़े और अमेरिका ने क्यूबा पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। बराक ओबामा के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध सुधारने की कोशिश हुई, लेकिन ट्रंप और बाइडन सरकार में फिर से संबंध तनावपूर्ण हो गए।

    ट्रंप ने भी दिए संकेत
    गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी क्यूबा की आलोचना की और इसे एक असफल राष्ट्र बताया। ट्रंप ने कहा कि क्यूबा के नागरिकों और क्यूबा छोड़ चुके लोगों की मदद करना अमेरिका का लक्ष्य है। ट्रंप ने कहा, ‘क्यूबा एक रोचक मामला है। क्यूबा की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। क्यूबा के लोग वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं। मुझे लगता है कि क्यूबा एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर हम आगे चर्चा करेंगे क्योंकि क्यूबा एक असफल राष्ट्र है। हम क्यूबा के लोगों की मदद करना चाहते हैं।’

    अमेरिका की खुफिया एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर शनिवार को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार किया और उन्हें अमेरिका ले जाया गया है। अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बोन्डी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, नशीली दवाओं की तस्करी और नार्को आतंकवाद की साजिश रचने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया गया है।

  • ईरान में भड़की जनता, आगजनी के बीच 50 से ज्यादा शहरों तक फैला आंदोलन

    ईरान में भड़की जनता, आगजनी के बीच 50 से ज्यादा शहरों तक फैला आंदोलन


    तेहरान। ईरान की खराब अर्थव्यवस्था के कारण शुरू हुए विरोध प्रदर्शन ग्रामीण इलाकों में फैल गए है। प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है। 5 लोगों की मौत गुरुवार को जबकि एक शख्स की मौत बुधवार को हुई थी। झड़पों में ईरान की पैरामिलिट्री फोर्सेस के एक जवान की भी मौत हुई है जबकि 13 से ज्यादा घायल हैं।
    50 से ज्यादा शहरों तक फैला आंदोलन

    ईरान में हिंसक आंदोलन को दौरान हुई मौतों के बाद प्रदर्शकारी बेकाबू होते दिख रहे हैं। तेहरान से शुरू हुआ प्रदर्शन अब ईरान के 50 से ज्यादा शहरों तक पहुंच गया है। बढ़ती महंगाई को लेकर शुरू हुआ ये प्रदर्शन सुरक्षाबलों की कार्रवाई के बाद और तेज हो गया है। सबसे ज्यादा हिंसक झड़पें तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में 300 किलोमीटर स्थित अजना शहर में हुई हैं। यह शहर ईरान के लोरेस्तान सूबे में पड़ता है।

    सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प

    ईरान के लोरदेगान में सुरक्षा बलों और हथियारबंद प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण झड़प हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर के ऑफिस में आग लगा दी है। खबरों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने कुछ शहरों में ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड की बिल्डिंग्स पर भी कब्जा कर लिया है। अदालतों की बिल्डिंग्स पर भी प्रदर्शनकारी बैठ गए हैं।

    ईरान की सरकारी मीडिया ने 6 लोगों की गिरफ्तारी की खबर दी है हालांकि ये नहीं बताया कि ये गिरफ्तारियां क्यों की गई हैं। इंटरनेशनल मीडिया के मुताबिक अलग-अलग शहरों में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
    तेहरान से शुरू हुआ था विरोध प्रदर्शन

    ईरान में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला राजधानी तेहरान से शुरू हुआ था। सबसे पहले तेहरान के कारोबारियों ने बिजनेस की खराब होती हालत के खिलाफ प्रोटेस्ट मार्च निकाला इसके बाद, व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन में तेहरान यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स भी शामिल हो गए। इसके बाद तो आंदोलन की आग दूसरे शहरों में फैल गई और अब पूरे ईरान में प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं।

    अमेरिका और यूरोपीय देशों ने लगाए प्रतिबंध

    बता दें कि, 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ही अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए हैं। पांबदियों की वजह से ईरान की माली हालत खस्ता हो गई है। बीते साल जून में पहले इजरायल के साथ झड़प फिर अमेरिकी बमबारी के बाद ईरान ने न्यूक्लियर सेक्टर में इंटरनेशनल संगठनों के साथ सहयोग बंद कर दिया इसके बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए।

  • वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो बस ड्राइवर से लेकर राष्ट्रपति तक

    वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो बस ड्राइवर से लेकर राष्ट्रपति तक


    मुंबई। अमेरिका ने शुक्रवार देर रात को वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमले किए। साथ ही कहा कि देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है। आइए आपको निकोलस मादुरो की जीवन यात्रा से आपको रूबरू कराते हैं। निकोलस मादुरो ने बस चालक से वेनेजुएला के राष्ट्रपति बनने तक का सफर तय किया। हालांकि उन पर देश में लोकतंत्र के पतन और आर्थिक तबाही को लेकर आंखे मूंदे रहने के आरोप लगे। विभिन्न मोर्चों पर कई महीने के अमेरिकी दबाव के बाद ये घटनाक्रम सामने आया है।

    ऐसे शुरू हुआ सफर
    मादुरो ऐसे समय में शासन कर रहे थे, जब पिछले कुछ महीने से अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमला करने और उसे अपने नियंत्रण में लेने के इरादों की अटकलों को हवा दी जा रही थी। अमेरिकी हमले का उद्देश्य उस स्वघोषित समाजवादी क्रांति को समाप्त करना था, जिसे मादुरो के दिवंगत राजनीतिक गुरु और पूर्ववर्ती ह्यूगो शावेज ने 1999 में शुरू किया था।

    शावेज की तरह, मादुरो ने भी अमेरिका को वेनेजुएला के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था। साथ ही लोकतांत्रिक मानदंडों को बहाल करने के किसी भी प्रयास के लिए डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन प्रशासन की कड़ी आलोचना की थी।

    40 साल पहले राजनीतिक करियर की शुरुआत
    मादुरो का राजनीतिक करियर लगभग 40 साल पहले शुरू हुआ था। 1986 में, वह एक साल के वैचारिक प्रशिक्षण के लिए क्यूबा गए, जो हाई स्कूल के बाद उनकी एकमात्र औपचारिक शिक्षा थी। वापस लौटने पर, मादुरो ने काराकस में बस चालक के रूप में काम किया, जहां वह जल्दी ही एक श्रमिक संघ के नेता बन गए।

    1990 के दशक में वेनेजुएला की खुफिया एजेंसियों ने उन्हें क्यूबा सरकार से घनिष्ठ संबंध रखने वाले घोर वामपंथी के रूप में चिन्हित किया। मादुरो ने अंततः बस चालक की नौकरी छोड़ दी और उस राजनीतिक आंदोलन में शामिल हो गए जिसे शावेज ने खड़ा किया था।

    शावेज ने घोषित किया उत्तराधिकारी
    शावेज को वर्षों पहले एक असफल सैन्य तख्तापलट का नेतृत्व करने के लिए 1994 में राष्ट्रपति से क्षमादान मिला था, जिसके बाद उन्होंने राजनीतिक अभियान शुरू किया था। साल 2013 में अपने निधन से पहले राष्ट्र को दिए गए अपने अंतिम संबोधन में शावेज ने मादुरो को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। 2013 में राष्ट्रपति बनने के बाद से मादुरो लगातार इस पद पर बने हुए थे। इससे पहले मादुरो देश के विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति भी रहे चुके थे।

    कितनी है संपत्ति
    सालों तक भ्रष्टाचार के दावों के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि निकोलस मादुरो के पास कितनी प्रॉपर्टी है। कोई विस्तृत सार्वजनिक वित्तीय विवरण भी उपलब्ध नहीं है। आंकड़े काफी भिन्न हैं। कुछ आकलनों के अनुसार, उनकी रिपोर्ट की गई संपत्ति अन्य नेताओं की तुलना में कम है जिन पर भ्रष्टाचार का आरोप है। हालांकि सेलेब्रिटी नेट वर्थ के अनुसार, मादुरो की अनुमानित संपत्ति लगभग 2 मिलियन डॉलर है।

  • सर्दियों की सुपरहिट सब्जियां, गर्म तासीर से सेहत मजबूत, बीमारियां रहेंगी दूर

    सर्दियों की सुपरहिट सब्जियां, गर्म तासीर से सेहत मजबूत, बीमारियां रहेंगी दूर


    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही शरीर को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। ठंड के कारण इम्युनिटी कमजोर पड़ सकती है, पाचन धीमा हो जाता है और सर्दी-खांसी जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे समय में डाइट में गर्म तासीर वाली सब्जियों को शामिल करना बेहद फायदेमंद साबित होता है। आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, ये सब्जियां न केवल शरीर को अंदर से गर्म रखती हैं, बल्कि रोगों से लड़ने की ताकत भी बढ़ाती हैं।

    मूली: सर्दियों की पहली पसंद
    सर्दियों की सबसे लोकप्रिय और फायदेमंद सब्जियों में मूली का नाम सबसे ऊपर आता है। मूली की तासीर गर्म होती है और यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करती है। ठंड के मौसम में मूली खाने से गैस, कब्ज और अपच की समस्या कम होती है। मूली का सलाद, सब्जी और पराठा सर्दियों में खास तौर पर पसंद किया जाता है।

    इसके अलावा मूली में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।

    लहसुन: सर्दियों का प्राकृतिक औषधि
    लहसुन को आयुर्वेद में सर्दियों का प्राकृतिक औषधि माना जाता है। इसकी गर्म तासीर शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाती है और इम्युनिटी को मजबूत करती है। नियमित रूप से लहसुन का सेवन सर्दी-खांसी, जुकाम और संक्रमण से बचाव में मदद करता है। कुछ विशेषज्ञ इसे सुबह खाली पेट लेने की सलाह भी देते हैं, जिससे यह अधिक प्रभावी होता है। लहसुन में एंटीबायोटिक और एंटीवायरल गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाए रखते हैं।

    अदरक: शरीर में तुरंत गर्माहट
    अदरक सर्दियों की सबसे असरदार जड़ी-बूटी मानी जाती है। चाय में अदरक का इस्तेमाल हो या सब्जियों में, यह शरीर को तुरंत गर्माहट देती है। अदरक गले की खराश, खांसी और जुकाम से राहत दिलाने में मदद करता है।

    इसके अलावा यह पाचन सुधारने और मेटाबॉलिज्म को तेज करने में भी सहायक है। अदरक का नियमित सेवन शरीर को ठंड से लड़ने की क्षमता देता है और एनर्जी लेवल को बनाए रखता है।

    चुकंदर: खून की कमी और कमजोरी से बचाव
    सर्दियों में चुकंदर का सेवन भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। आयरन और फाइबर से भरपूर चुकंदर खून की कमी दूर करता है और शरीर में गर्माहट बनाए रखता है। ठंड के मौसम में चुकंदर का सलाद या जूस ऊर्जा देने के साथ-साथ कमजोरी से भी बचाता है। इसके अलावा चुकंदर में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय और लिवर की सेहत के लिए भी लाभकारी हैं।

    हरी मिर्च: पाचन और गर्माहट का साथी
    सर्दियों में हरी मिर्च का सेवन सीमित मात्रा में फायदेमंद होता है।

    इसकी गर्म तासीर शरीर का तापमान संतुलित रखती है और पाचन तंत्र को सक्रिय बनाती है। हालांकि अधिक मात्रा में हरी मिर्च खाने से पेट की समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए इसका सेवन संयमित रूप से करना चाहिए। हरी मिर्च में विटामिन सी और कैप्साइसिन शरीर की इम्युनिटी और ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करते हैं।

    पालक: हरी पत्तेदार वरदान
    सर्दियों में हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक को विशेष स्थान दिया जाता है। पालक आयरन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती है। यह न केवल शरीर को गर्म रखने में मदद करती है, बल्कि इम्युनिटी बढ़ाकर मौसमी बीमारियों से भी बचाती है।

    पालक की सब्जी, सूप या सलाद के रूप में सेवन शरीर को संपूर्ण पोषण प्रदान करता है।

    संतुलित डाइट से सर्दियों में सेहतमंद जीवन
    कुल मिलाकर, सर्दियों में गर्म तासीर वाली सब्जियां शरीर को ठंड से बचाने के साथ-साथ संपूर्ण स्वास्थ्य को मजबूत बनाती हैं। मूली, लहसुन, अदरक, चुकंदर, हरी मिर्च और पालक जैसी सब्जियों को संतुलित मात्रा में रोज़ाना डाइट में शामिल करने से न केवल सर्दियों में बीमारियों से बचाव होता है, बल्कि शरीर में ऊर्जा और एनर्जी का स्तर भी बना रहता है।

    यदि इन्हें नियमित रूप से सेवन किया जाए, तो सर्दियों का मौसम भी फिट और सक्रिय होकर बिताया जा सकता है। इसलिए इस ठंड में अपने आहार में गर्म तासीर वाली सब्जियों को शामिल करना न भूलें और सेहतमंद जीवन का आनंद लें।इसमें सर्दियों की सब्जियों के फायदे, तासीर, पाचन, इम्युनिटी और सेवन के तरीके सभी को एकदम जानकारीपूर्ण और रोचक तरीके से शामिल किया गया है।

  • सर्दियों में कर रहे हैं नेपाल घूमने की प्लानिंग? ये 5 जगहें करे लें नोट नजारें देख वहीं बस जाने का करेगा मन

    सर्दियों में कर रहे हैं नेपाल घूमने की प्लानिंग? ये 5 जगहें करे लें नोट नजारें देख वहीं बस जाने का करेगा मन


    नई दिल्ली ।हर किसी की चाह होती है कि वह सर्दियों में सफेद चादर से ढकी वादियों में घूमने जाए. अगर आप भी ऐसी ही कुछ प्लानिंग कर रहे हैं तो नेपाल एक बेहतरीन और किफायती ऑप्शन हो सकता है. बता दें कि सर्दियों में नेपाल का नजारा बिल्कुल बदल जाता है यहां का साफ आसमान और बर्फ से ढके पहाड़ आपकी आंखों को सुकून देंगे और मन मोह लेंगे. इसी कड़ी में आज हम आपके लिए नेपाल की 5 खूबसूरत जगहों की लिस्ट लेकर आए हैं जहां आप सर्दियों में घूम सकते हैं और प्रकृति की अद्भुत सुंदरता का आनंद उठा सकते हैं.  किस हिल स्टेशन को भारत का इटली कहा जाता है? जानिए सस्ते में कैसे घूमकर आएं ये खूबसूरत जगह
    1. पोखरा नेपाल
    अगर आप नेपाल घूमने जा रहे हैं तो पोखरा भी जरूर घूमकर आएं. यहां अन्नपूर्णा पर्वतों की श्रृंखलाएं की खूबसूरती आपका दिल ही जीत लेगी. इसके अलावा सर्दियों में यहां का साफ आसमान पूरे नजारे में चार-चांद लगा देते हैं. यहां आप बस और फ्लाइट दोनों से पहुंच सकते हैं.

    2. चितवन नेपाल

    आपको अगर जंगल सफारी का मजा लेना है तो नेपाल में स्थित चितवन नेशनल पार्क जरूर जाएं. यह पार्क अपनी हरियाली शांत नदियों और वन्यजीवों के लिए फेमस है. यहां आपको बाघ गैंडा हाथी हिरण जैसे जानवर देखने को मिल सकते हैं. सर्दियों में यहां का मौसम बेहद सुखद होता है जो सफारी को और भी रोमांचक बना देता है.

    3. पून हिल्स नेपाल

    अगर आप ट्रेकिंग के शौकीन हैं तो नेपाल में पून हिल्स जाना बिल्कुल न भूलें. यह जगह ट्रेकिंग लवर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है. यहां से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों का अद्भुत नजारा दिखाई देता है जो आपको मंत्रमुग्ध कर देगा. पून हिल्स का ट्रेक आसान माना जाता है इसलिए शुरुआती ट्रेकर्स के लिए भी यह परफेक्ट है.

  • सेवा जब विश्वास बन जाए : आरोग्य भारती ने मप्र में ऐसे बदली स्वास्थ्य की सोच और तस्वीर

    सेवा जब विश्वास बन जाए : आरोग्य भारती ने मप्र में ऐसे बदली स्वास्थ्य की सोच और तस्वीर


    भोपाल।
    बीमारी जब शरीर से पहले मन को तोड़ने लगे, जब इलाज का नाम सुनते ही जेब का हिसाब लगाया जाने लगे और जब अस्पताल किसी डरावनी जगह जैसे लगने लगें, तब समाज को केवल डॉक्टर नहीं, भरोसे की जरूरत होती है।

    आज देश के साथ मध्य प्रदेश में “आरोग्य भारती” ने पिछले वर्षों में यही भरोसा लौटाने का काम किया है।

    निःशुल्क सेवाएँ, संवेदनशील व्यवहार और समग्र स्वास्थ्य दृष्टि के माध्यम से यह संगठन उन लाखों लोगों के लिए आशा बन गया है, जिन्‍हें कल तक धनाभाव में उचित स्वास्थ्य देखभाल से वंचित रह जाना पड़ता था। कहने का मतलब कि गरीब से आमजन तक ये स्वास्थ्य सेवाएं बना किसी भेदभाव के निशुल्क दी जा रही हैं, यह ऐसे समाज के लिए बहुत दुखद और प्रेरणा देने वाला है।

    दरअसल, “आरोग्य भारती” कोई नया संगठन नहीं है, ये वर्ष 2002 से स्वास्थ्य संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय एक वैचारिक आंदोलन है। इसका मूल मंत्र है; “रोग से पहले स्वास्थ्य”। यही कारण है कि संगठन इलाज के साथ-साथ जीवनशैली, आहार, योग, पर्यावरण और मानसिक संतुलन को भी स्वास्थ्य का अभिन्न अंग मानता है।

    व्‍यवहारिक धरातल पर “आरोग्य भारती” का कार्यदर्शन

    “आरोग्य भारती” का विश्वास है कि स्वास्थ्य सेवा मानवता, संवेदना और परंपराओं को समर्प‍ित भारत में चिकित्‍सकों और दवाओं तक सीमित नहीं हो सकती। समाज को अपने स्वास्थ्य के प्रति कर्तव्य और उत्तरदायित्व का बोध कराना उतना ही आवश्यक है, जितना कि दैनन्‍दिन जीवन में जरूरी व्‍यवहार को सामान्‍यत: आवश्‍यक माना गया है। इसलिए इसी सोच को साथ ले संगठन आज सभी चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों, सेवाभावी नागरिकों और स्वयंसेवकों को जोड़ते हुए देशभर में कार्य का विस्तार करते हुए अपना कार्य सफलता के साथ कर रहा है।

    आज संगठन की सक्रिय इकाइयाँ देश के 43 प्रांतों और 900 से अधिक जिलों में कार्य कर रही हैं। मध्य प्रदेश में यह कार्य विशेष रूप से प्रभावी रूप में सामने आया है, जहाँ “आरोग्य भारती” के सेवा प्रकल्प समाज की वास्तविक जरूरतों से जुड़े हुए हैं।

    आरोग्य मित्र : समाज के भीतर से निकला समाधान

    स्वास्थ्य को समाज की जड़ों तक पहुँचाने के लिए “आरोग्य भारती” ने ‘आरोग्य मित्र’ की संकल्पना विकसित की। सामान्य शैक्षणिक योग्यता रखने वाले सेवाभावी युवक-युवतियों को प्राथमिक स्वास्थ्य, जीवनशैली, योग, आहार, घरेलू उपचार, प्राथमिक उपचार और सीपीआर जैसी विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया। उल्‍लेखित है कि बीते 24 वर्षों में 375 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 9000 से अधिक स्वयंसेवक तैयार किए जा चुके हैं। यही आरोग्य मित्र आज गाँव-गाँव, बस्तियों और शहरी कॉलोनियों में स्वास्थ्य जागरूकता का कार्य कर रहे हैं।

    भोपाल : सेवा का जीवंत मॉडल

    देखने में आया है कि मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल में “आरोग्य भारती” के सेवा कार्य मॉडल के रूप में सामने आए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर संगठन की गंभीरता का प्रमाण है निःशुल्क स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम। वर्ष 2021 से निरंतर चल रहे 9 केंद्रों के माध्यम से अब तक 20 हजार से अधिक बच्चों को स्वर्ण प्राशन दिया जा चुका है। यह उन परिवारों के लिए वरदान है जो महँगी दवाइयाँ और सप्लीमेंट नहीं खरीद सकते। इसी तरह भोपाल के आसपास पांच गाँवों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों का परिणाम केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि वहाँ के स्वास्थ्य आँकड़ों में स्पष्ट सुधार देखा जा रहा है। समय रहते रोगों की पहचान और जीवनशैली सुधार से लोगों की दवा-निर्भरता कम हुई है।

    योग और जीवनशैली : दवा से पहले समाधान

    भोपाल में 22 स्थानों पर नियमित निःशुल्क योग कक्षाएँ संचालित हो रही हैं। इनमें शामिल होने वाले अधिकांश लोग ऐसे हैं जो या तो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या लंबे समय से दवाओं पर निर्भर रहे हैं। योग ने उन्हें शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य भी दिया है। साथ ही पांच विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य प्रबोधन का कार्य बच्चों में स्वास्थ्य संस्कार विकसित कर रहा है। स्वच्छता, आहार, दिनचर्या और तनाव प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण देकर आरोग्य भारती भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ बनाने में जुटा है।

    महिला टोली : दे रहीं घर-घर स्वास्थ्य की ताकत

    इतना ही नहीं संपूर्ण मध्य प्रदेश में महिला टोली के माध्यम से घरेलू उपचार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल महिलाओं को केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं बनाती, बल्कि उन्हें परिवार और समाज के लिए स्वास्थ्य की धुरी बनाती है। साधारण घरेलू उपायों से छोटे-मोटे रोगों का समाधान गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है।

    पर्यावरण और स्वास्थ्य का साझा सरोकार

    “आरोग्य भारती” का मानना है कि प्रदूषित पर्यावरण में स्वस्थ समाज की कल्पना संभव नहीं। इसी सोच से प्रतिदिन कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लिया गया। अब तक 1697 पौधे लगाए जा चुके हैं और सभी जीवित हैं, जिनका पूरा रिकॉर्ड रखा गया है। यह कार्य आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य में निवेश जैसा है।

    शिवपुरी की अनुकरणीय पहल ला रही रंग

    “आरोग्य भारती” जिला इकाई शिवपुरी ने सेवा का एक अलग उदाहरण प्रस्तुत किया। शिवपुरी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में आर्थोपेडिक विभाग में एक इंडक्शन, मातृत्व एवं शिशु विभाग में दो इंडक्शन, लगवाकर रोगियों की सुविधा में स्थायी सुधार किया गया। यह दिखाता है कि आरोग्य भारती सेवा को केवल शिविरों तक सीमित नहीं रखता।

    उत्सव से जागरूकता तक

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, धन्वंतरि जयंती और आयुर्वेद दिवस जैसे आयोजनों को आरोग्य भारती ने जन-जागरूकता के उत्सव में बदला है। एक ही वर्ष में लाखों लोगों की सहभागिता इस बात का प्रखर प्रमाण है कि समाज इस स्‍वास्‍थ्‍य के आन्‍दोलन और विचार से जुड़ रहा है।

    आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय कहते हैं, “आरोग्य भारती स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाला एक सेवा संगठन है । जिसके माध्‍यम से देश में अनेक सेवा कार्य नित्‍यप्रति सम्‍पन्‍न हो रहे हैं। उनमें मध्य प्रदेश में भी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आज संगठन कई प्रकल्प चला रहा है। यह कार्य निरंतर ठीक ढंग से चलता रहे इसके लिए निरंतर प्रशिक्षण कार्य किया जा रहा है। आरोग्य भारती का प्रयास है कि मध्य प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक वनस्पति संपदाओं का उपयोग करते हुए रोगी तो स्वस्थ हो ही साथ में स्वस्थ व्यक्ति भी रोगी न बने।”

    उन्‍होंने आगे बताया, “हमारा प्रयास रहता है कि वनवासी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को प्रशिक्षित कर आरोग्य मित्र बना सकें । ताकि उनके माध्‍यम से लोगों की जीवन शैली में सुधार कर अधिकाधिक लोगों को स्वस्थ रख पाएं। साथ ही सर्व समावेशी चिकित्सा पद्धति का विकास हो, जिससे कि चिकित्सा पद्धति आधारित चिकित्सा न होकर रोगी आधारित चिकित्सा हो और रोगी जल्दी स्वस्थ हो सके, यह हमारी प्राथमिकता के साथ भविष्य का दृष्टिकोण है।”

    उधर, इस संबंध में आरोग्‍य भारती के राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख मिहिर कुमार कहते हैं कि “माई हेल्थ माई रिपॉन्सबिलिटी” की भावना जब समाज में जड़ पकड़ लेगी, तब स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव होगा। इसी सोच को लेकर आरोग्‍य भारती का गठन हुआ और अपने गठन से लेकर आज तक संगठन इसी उद्देश्‍य को लेकर प्रमुखता से चल रहा है, हमारे संगठन का कुल लक्ष्य यही है कि कोई भी चिकित्सा, पद्धति आधारित नहीं होनी चाहिए वह रोगी आधारित चिकित्सा विकसित होनी चाहिए, वास्‍तव में हम इसी लक्ष्‍य को लेकर आज आगे बढ़ रहे हैं।

  • अगर हम बोलने लगेंगे तो…' अजित पवार के हफ्ताखोरी वाले आरोप पर BJP प्रदेश अध्यक्ष का पलटवार

    अगर हम बोलने लगेंगे तो…' अजित पवार के हफ्ताखोरी वाले आरोप पर BJP प्रदेश अध्यक्ष का पलटवार


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में जैसे जैसे नगर निगम चुनाव सामने आ रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक गठबंधन की जड़ें हिलती दिख रही है. ताजा बयान बाजी महायुति में शामिल एनसीपी की ओर से आया है. कोई और नहीं बल्कि खुद NCP अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने बीजेपी पर ही आरोप लगा दिए हैं.

    एनसीपी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने पुणे के पिंपरी चिंचवड़ इलाके में बीजेपी पर करप्शन और हफ्ताखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कहा बीजेपी ने पिंपरी चिंचवड़ इलाके में जम कर पैसे लूटे. उन्होंने कहा कि बीजेपी हफ्ताखोरी करती है मेरे पास सबूत है. मुझ पर भी 70000 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया गया था और जिन्होंने आरोप लगाया मैं उन्हीं के साथ बैठा हूं. क्या वे सब आज मेरे साथ हैं या नहीं? मुझे बताओ…

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण की कड़ी प्रतिक्रिया
    अजीत पवार के आरोपों पर बीजेपी ने तुरंत पलटवार किया है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण ने कहा कि अगर बीजेपी बोलने लगी तो अजीत पवार मुश्किल में पड़ जाएंगे. उन्होंने कहा कि अजीत पवार को पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए. रविन्द्र चव्हाण ने आरोपों को चुनावी समय में दिया गया बयान बताया और इसे पूरी तरह अनुचित करार दिया.

    संबंधित एजेंसियों के पास जाना चाहिए था- रविन्द्र चव्हाण
    रविन्द्र चव्हाण ने कहा कि अजित पवार जैसा अनुभवी नेता अगर गंभीर आरोप लगाता है तो उसे मीडिया में बयानबाजी करने के बजाय संबंधित एजेंसियों के पास जाना चाहिए था. आईएएनएस के अनुसार उन्होंने कहा कि यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली पार्टी पर है. चव्हाण ने चेतावनी दी कि आरोप प्रत्यारोप की मर्यादा तय होनी चाहिए क्योंकि पलटवार हुआ तो अजीत पवार को ही ज्यादा परेशानी होगी.