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  • असम के CM बोले- मुस्लिम आबादी से मुकाबले के लिए 3 बच्चे पैदा करें हिन्दू… वरना घर की देखभाल के लिए नहीं बचेंगे लोग

    असम के CM बोले- मुस्लिम आबादी से मुकाबले के लिए 3 बच्चे पैदा करें हिन्दू… वरना घर की देखभाल के लिए नहीं बचेंगे लोग


    इंफाल।
    असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने हिंदुओं को सलाह दी कि वे राज्य में मुसलमानों (Muslims) की तुलना में गिरती जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए, अगर संभव हो तो 3 बच्चे पैदा करें। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि हिंदू अधिक बच्चे पैदा नहीं करेंगे, तो घर की देखभाल करने के लिए लोग नहीं बचेंगे। उनका यह बयान राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले आया है, जिसके अगले साल मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है। बारपेटा जिले में एक आधिकारिक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बात करते हुए सरमा ने कहा, ‘अल्पसंख्यक क्षेत्रों में उनकी जन्म दर अधिक है। हिंदुओं में जन्म दर दिन-ब-दिन कम होती जा रही है। इसलिए वहां अंतर बना हुआ है।’

    वह असम के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी में कथित वृद्धि पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘इसीलिए हम हर हिंदू व्यक्ति से कहते हैं कि आपको एक बच्चे पर नहीं रुकना चाहिए और कम से कम 2 बच्चे पैदा करने चाहिए। यदि संभव हो तो 3 बच्चे पैदा करें।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरी ओर मुस्लिम लोगों को यह सलाह दी जाती है कि वे 7–8 बच्चे पैदा न करें और अपनी संतान की संख्या कम रखें। उन्होंने दावा किया कि हम हिंदुओं से थोड़े अधिक बच्चे पैदा करने के लिए कहते हैं, अन्यथा घर की देखभाल करने वाला कोई नहीं होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन हुआ है, इसलिए जनसंख्या पैटर्न की सटीक प्रकृति उन्हें तुरंत ज्ञात नहीं है।

    2 बच्चों के नियम में ढील
    असम सरकार ने 5 दिसंबर को एसटी, एससी, चाय बागान, मोरन और मटक समुदायों के लिए 2 बच्चों के नियम में ढील दी, जिससे पूरे राज्य के लिए परिवार नियोजन नियम को धीरे-धीरे लागू करने का सरकार का रुख बदला। सीएम सरमा ने पहले कहा था कि असम सरकार विशिष्ट राज्य योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने के वास्ते लोगों के लिए दो-बच्चे के मानदंड को लागू करेगी। मुख्यमंत्री ने 9 नवंबर को दावा किया था कि हिंदू आबादी की वृद्धि कम हो रही है, जबकि मुसलमानों की वृद्धि बढ़ रही है। साल 2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य की कुल आबादी 3.12 करोड़ थी जिसमें से मुस्लिम जनसंख्या 1.07 करोड़ थी (34.22 प्रतिशत) थी। राज्य में 1.92 करोड़ हिंदू थे, जो कुल जनसंख्या का लगभग 61.47 प्रतिशत थे।

  • Ind W vs SLW: मेहमान टीम का सूपड़ा साफ…. शेफाली रही प्लेयर ऑफ द सीरीज

    Ind W vs SLW: मेहमान टीम का सूपड़ा साफ…. शेफाली रही प्लेयर ऑफ द सीरीज


    नई दिल्ली।
    श्रीलंका (Sri Lanka) के खिलाफ पांच मैचों की घरेलू टी20 सीरीज (Five-Match Home T20 series) में भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Women’s Cricket Team) कमाल कर दिया। भारत ने मेहमान टीम का सूपड़ा साफ कर दिया। महिला वनडे वर्ल्ड कप कप 2025 जीतने के बाद भारत की यह पहली सीरीज थी। भारत ने महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में तीसरी बार 5-0 से सीरीज जीती है। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (Shafali Verma) को प्लेयर ऑफ सीरीज अवॉर्ड (POTS) जीतने में कामयाब रहीं। हालांकि, शेफाली आखिरी मैच में कमाल नहीं दिखा सकीं। उन्होंने तिरुवनंतपुरम के मैदान पर 6 गेंदों में सिर्फ 5 रन बनाए। भारत ने इस मुकाबले में 175/7 का स्कोर खड़ा करने के बाद श्रीलंका को 15 रनों से शिकस्त दी।


    POTS अवॉर्ड जीतकर क्या बोलीं शेफाली?

    21 वर्षीय शेफाली ने प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीतने के बाद कहा, ”मैंने पूरे साल मेहनत की, जो रंग लाई है। मैं बहुत खुश हूं कि मैंने जिस भी चीज पर काम किया, उसे मैं करने में सफल रही। हालांकि, पांचवें मैच में जिस तरह आउट खराब शॉट खेलकर आउट हुई, मैं उसे दोहराना नहीं चाहूंगी। टीम के लिए और योगदान देना चाहती हूं। मेरा मकसद लंबी पारी खेलना और हर दिन एक बेहतर खिलाड़ी बनना है।” ओपनर ने वनडे से टी20 मोड में शिफ्ट होने पर कहा, ”दोनों बहुत अलग हैं। वनडे में आपको ग्राउंड पर टिककर खेलना होता है क्योंकि यह लंबा फॉर्मेट है। टी20 मेरा पसंदीदा है। इसमें मुझे ज्यादा मजा आता है।”


    शेफाली से हरमन-मंधाना बहुत पीछे छूटीं

    शेफाली ने सीरीज में सबसे ज्यादा रन बटोरे। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों में 80.33 के औसत से 241 रन बनाए। उनका स्टाइक रेट 181.20 का रहा। शेफावरी ने तीन अर्धशतकीय पारियां खेलीं। वहीं, सीरीज में रन बनाने के मामले में कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना बहुत पीछे रहीं। हरमनप्रीत ने 65.00 के औसत से कुल 130 रन जुटाए, जिसमें एक अर्धशतक है। उन्होंने पांचवें मैचों में 43 गेंदों में 68 रनों की पारी खेलकर प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड हासिल किया। वहीं, मंधाना ने चार मैचों में 30.00 के औसत से 120 रन बनाए। स्टार क्रिकेटर मंधाना को अंतिम मुकाबले में आराम दिया गया। उनकी जगह 17 साल की जी कमलिनी को डेब्यू का मौका मिला।


    T20I में सबसे ज्यादा POTS अवॉर्ड जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेटर

    3 – मिताली राज
    3 – हरमनप्रीत कौर
    3 – दीप्ति शर्मा
    3 – शेफाली वर्मा

  • धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ रफ्तार, ‘जवान’ के बेहद करीब पहुंची रणवीर सिंह की फिल्म

    धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ रफ्तार, ‘जवान’ के बेहद करीब पहुंची रणवीर सिंह की फिल्म


    नई दिल्ली। रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर ने रिलीज के 26वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस स्पाई थ्रिलर ने दुनियाभर में कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए 1100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म अब शाहरुख खान की जवान के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ने के बेहद करीब पहुंच चुकी है।

    चौथे हफ्ते में भी डबल डिजिट कमाई

    धुरंधर अपने चौथे हफ्ते में भी घरेलू बॉक्स ऑफिस पर डबल डिजिट में कमाई कर रही है। 26 दिनों में फिल्म ने भारत में 712.25 करोड़ रुपये नेट और 854.5 करोड़ रुपये ग्रॉस का कारोबार कर लिया है। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बन चुकी है जबकि हिंदी फिल्मों की ओवरऑल लिस्ट में यह दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। इससे आगे सिर्फ पुष्पा 2 हिंदी वर्जन है जिसने 812 करोड़ रुपये नेट कमाए हैं।

    विदेशों में भी लहरा रहा परचम

    ओवरसीज मार्केट में धुरंधर का प्रदर्शन भी ऐतिहासिक रहा है। खासकर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने शानदार कमाई करते हुए 17 मिलियन डॉलर का आंकड़ा छू लिया है। इसके साथ ही यह नॉर्थ अमेरिका में चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई है जहां इसने जवान और आरआरआर जैसी फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है। कुल मिलाकर फिल्म ने विदेशों में 27.5 मिलियन डॉलर की कमाई कर ली है।

    जवान को पछाड़ने की तैयारी

    धुरंधर अब तक दुनिया की सातवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन चुकी है। शाहरुख खान की जवान 1160 करोड़ रुपये को पीछे छोड़ने से यह बस कुछ कदम दूर है। अनुमान है कि शुक्रवार तक फिल्म यह रिकॉर्ड भी तोड़ सकती है। इसके बाद इसका अगला लक्ष्य केजीएफ चैप्टर 2 और आरआरआर के लाइफटाइम कलेक्शन होंगे।

    फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट

    फिल्म में रणवीर सिंह ने हमजा नाम के भारतीय जासूस का किरदार निभाया है जो कराची में आतंक और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क में घुसपैठ करता है। फिल्म में अक्षय खन्ना अर्जुन रामपाल संजय दत्त और आर. माधवन भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं। मेकर्स ने इसके दूसरे पार्ट की घोषणा कर दी है जो मार्च 2026 में रिलीज होगा।

  • MP: जबलपुर में चाय की गुमटी में घुसी बेकाबू SUV… BJP युवा मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष समेत दो की मौत

    MP: जबलपुर में चाय की गुमटी में घुसी बेकाबू SUV… BJP युवा मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष समेत दो की मौत


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर जिले (Jabalpur district) में तेज रफ्तार एसयूवी इनोवा कार (SUV Innova Car) ने चाय की गुमटी पर खड़े चार लोगों को रौंद दिया। इस हादसे में भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष समेत 2 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य लोगों को मामूली चोट आई हैं।

    बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार एसयूवी जबलपुर से अमरकंटक की तरफ जा रही थी। इसी दौरान सदाफल से कुंडम तरफ आ रहे बाइक सवारों को बचाने के चक्कर में कार चालक ने सड़क किनारे स्थित चाय की टपरी में कार घुसा दी। जानकारी अनुसार कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसने पहले सड़क किनारे खड़े 3 से 4 वाहनों को टक्कर मारी फिर जाकर सीधे गुमटी में घुस गई। इस हादसे में कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

    इस हादसे में आकाश विश्वकमां, दीपक महोबिया, दीपक चक्रवर्ती व शरद इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस से इलाज के लिए कुंडम अस्पताल पहुंचाया गया। जहां आकाश विश्वकर्मा व दीपक महोबिया की मौत हो गई।


    ग्रामीणों ने जबलपुर-अमरकंटक रोड की जाम

    एक्सीडेंट के बाद चारों तरफ अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने दोनों युवकों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने जबलपुर अमरकंटक रोड पर चक्काजाम कर दिया। हंगामा होने की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।


    प्रदर्शन के बीच ग्रामीणों ने क्या मांग की?

    घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने कुंडम बायपास पर चकाजाम कर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सदाफल क्रॉसिंग और कॉलेज व सिलोंड़ी रोड क्रॉसिंग के पास से वाहन तेज रफ्तार से भागते हैं, जिससे आए दिन हादसे होते है। ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग पर ब्रेकर बनाने व स्टॉपर रखे जाने की मांग की गई, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिए जाने से लोग हादसे का शिकार हो रहे है।


    क्या बोले अधिकारी?

    जबलपुर एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि कार नंबर के आधार पर वाहन मालिक व चालक के संबंध में जानकारी जुटाई गई। कार सवार डिंडौरी के रहने वाले हैं जो किसी काम से जबलपुर आए थे और वापस लौट रहे थे। घायलों में दीपक और शरद निजी अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने मौके से चालक को हिरासत में लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

  • भारत ने महिला T-20I में तीसरी बार किया क्लीन स्वीप…कप्तान ने कहा- बहुत अच्छा रहा साल 2025

    भारत ने महिला T-20I में तीसरी बार किया क्लीन स्वीप…कप्तान ने कहा- बहुत अच्छा रहा साल 2025


    नई दिल्ली।
    हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian women’s cricket team) ने श्रीलंका (Sri Lanka) का पांच मैचों की घरेलू टी20 सीरीज (India Women vs Sri Lanka Women) में क्लीन स्वीप किया। भारत ने तिरुवनंतपुरम में 175/7 का स्कोर बनाने के बाद श्रीलंका से आखिरी मैच 15 रनों से जीता। हरमनप्रीत ने 43 गेंदों में 9 चौकों और एक छक्के की मदद से 68 रनों की पारी खेली। वह प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 जीतने के बाद हरमन ब्रिगेड की यह पहली सीरीज थी। भारतीय कप्तान ने वनडे से टी20 मोड में शिफ्ट करने की सच्चाई से मुंह नहीं फेरा। भारत ने महिला टी20 इंटरनेशनल में तीसरी बार 5-0 से सीरीज अपने नाम की है। भारत ने इससे पहले 2019 में वेस्टइंडीज और 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ ऐसा किया था। वहीं, श्रीलंका टीम ने चार बार पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली और पहली बार 5-0 से हार झेली।


    ‘साल 2025 हमारे लिए बहुत अच्छा रहा’

    श्रीलंका का सूपड़ा साफ करने के बाद हरमनप्रीत ने कहा, ”2025 हमारे लिए वाकई बहुत अच्छा रहा। हमें कड़ी मेहनत का परिणाम मिला। मुझे लगता है कि अब इन अच्छी आदतों को दोहराते रहना है। इस साल हमने जैसा किया, वैसा ही जीतते रहना है।” जब हरमनप्रीत से पूछा गया कि क्या वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद सोच में बदलाव करना आसान था तो उन्होंने कहा, ”हम सबने एकसाथ काफी टी20 क्रिकेट खेला है और सभी को खुद पर विश्वास था कि हम यह कर सकते हैं। हर कोई बहुत सकारात्मक था और सच में खुश थे कि एकजुटता के साथ खेले। हम अपने लिए स्टैंडर्ड सेट करना चाहते थे। आगे बढ़ते हुए हम इस सीरीज को देख सकते हैं, सोच सकते हैं कि हमने क्या किया और हम भविष्य में क्या कर सकते हैं।”


    ‘टी20 मोड में शिफ्ट करना आसान नहीं था’

    36 वर्षीय भारतीय कप्तान ने एक बैटर और लीडर के तौर पर अपने बारे में कहा, ”बतौर बल्लेबाज यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं टीम की बैटिंग लाइनअप को मजबूती दूं। मैं हमेशा टीम की जरूरत के मुताबिक योगदान देना चाहती हूं। बतौर कप्तान जिस तरह से हमने यह सीरीज खेली, उससे मैं वाकई में खुश हूं। वनडे क्रिकेट के बाद टी20 मोड में शिफ्ट करना आसान नहीं था, लेकिन सभी बहुत पॉजिटिव थे। वर्ल्ड कप के बाद यह सीरीज खेलने के लिए हर कोई उत्साहित था। चीजें जिस तरह से रही, उससे काफी खुश हूं। हमने जद्दोजहद की और अपना शत प्रतिशत दिया।”


    ‘उम्मीद है कि जिस तरह से वनडे क्रिकेट…’

    अगले सात महीनों में बहुत सारा टी20 क्रिकेट खेला जाना है। हरमनप्रीत ने कहा, ”बिल्कुल। यह सीरीज हमारे लिए बहुत अहम थी। इसलिए हम चाहते थे कि सभी उपलब्ध रहें ताकि बाद में हम देख सकें कि चीजें हमारे लिए कैसी चल रही हैं। अब महिला प्रीमियर ली (WPL) होगा। सभी फिर से टी20 मोड में होंगे। उम्मीद है कि हम सभी अपना बेस्ट क्रिकेट खेलेंगे और लुत्फ उठाएंगे। अगले छह महीने हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। हम बस कड़ी मेहनत करते रहना चाहते हैं। उम्मीद है कि जिस तरह से वनडे क्रिकेट में चीजें हमारे लिए अच्छी रहीं, उसी तरह टी20 में भी चीजें अच्छी रहेंगी।”

  • CM योगी की नई नीति ने बदली UP की तस्वीर… रोजगार बढ़े…. कमाई में भी इजाफा

    CM योगी की नई नीति ने बदली UP की तस्वीर… रोजगार बढ़े…. कमाई में भी इजाफा


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) द्वारा लागू की गई नई आबकारी नीति (New excise policy) ने राज्य के राजस्व, सुरक्षा और औद्योगिक निवेश की तस्वीर बदल दी है। साल 2025 आबकारी विभाग के लिए संरचनात्मक सुधारों और तकनीकी बदलावों का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और ‘ई-गवर्नेंस’ के समन्वय ने इस क्षेत्र में पारदर्शिता के साथ-साथ रिकॉर्ड तोड़ कमाई सुनिश्चित की है।

    नई आबकारी नीति के तहत विभाग की पूरी कार्यप्रणाली को ‘टेक्नोलॉजी ड्रिवेन’ बनाया गया है। अब शराब की दुकानों का आवंटन पूरी तरह से ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाता है, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो गई है। इसके अलावा, लेबल की मंजूरी, एमआरपी का निर्धारण और निर्यात परमिट जैसी सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है।

    निगरानी को सख्त करने के लिए उत्पादन इकाइयों और डिस्टिलरीज में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, शराब ले जाने वाले टैंकरों में डिजिटल लॉक और जीपीएस (GPS) अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि रास्ते में मिलावट या चोरी की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।


    राजस्व में 15% से ज्यादा की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

    योगी सरकार की नीतियों का सीधा असर सरकारी खजाने पर दिख रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2025 तक राज्य को कुल 35,144.11 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ है। यह पिछले वर्ष (2024-25) की इसी अवधि के मुकाबले 15.59 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने पिछले साल की तुलना में केवल आठ महीनों में 4,741.77 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय दर्ज की है।


    एथेनॉल उत्पादन में यूपी बना नंबर-1

    उत्तर प्रदेश अब देश के एक बड़े एथेनॉल हब के रूप में उभरा है। इस साल राज्य में एथेनॉल का उत्पादन 182 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। इसमें से 105.25 करोड़ लीटर एथेनॉल की खपत राज्य के भीतर हुई, जबकि 40.96 करोड़ लीटर अन्य राज्यों को निर्यात किया गया। इससे न केवल उद्योगों को मजबूती मिली है, बल्कि गन्ना किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है।


    अवैध शराब के खिलाफ एक्शन

    अवैध शराब के कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए सरकार ने इस साल व्यापक अभियान चलाया। प्रदेश भर में कुल 79,990 मामले दर्ज किए गए और लगभग 20.86 लाख लीटर अवैध शराब जब्त की गई। इस कार्रवाई के तहत 15,085 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 2,755 को जेल भेजा गया। जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘यूपी एक्साइज सिटीजन ऐप’ और टोल-फ्री नंबर (14405) भी जारी किया गया है।


    निवेश और रोजगार के नए अवसर

    ‘इन्वेस्ट यूपी’ के माध्यम से आबकारी क्षेत्र में अब तक 35,378 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों वाले 140 एमओयू (MoU) साइन किए गए हैं। वर्तमान में 35 परियोजनाएं धरातल पर काम कर रही हैं, जिनमें 4,045 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो चुका है। इन परियोजनाओं ने सीधे तौर पर 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को $1 ट्रिलियन (एक ट्रिलियन डॉलर) बनाने के लक्ष्य में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

  • कोर्ट Procedures में बड़े बदलाव की तैयारी… इमरजेंसी में आधी रात को भी SC जा सकेंगे फरियादी

    कोर्ट Procedures में बड़े बदलाव की तैयारी… इमरजेंसी में आधी रात को भी SC जा सकेंगे फरियादी


    नई दिल्ली।
    CJI यानी भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत (Chief Justice of India Surya Kant) ने अदालतों की कार्य प्रणाली (Court Procedures) में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी की है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा है कि मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए कोई भी व्यक्ति आधी रात को भी अदालतों का दरवाजा खटखटा सकेगा। साथ ही शीर्ष न्यायालय (Supreme Court) ने काम में तेजी लाने के लिए SOP जारी की है, जिसमें वकीलों की दलील और लिखित निवेदन प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है।

    सीजेआई सूर्य कांत ने कहा, ‘मेरी कोशिश है कि शीर्ष न्यायालय और उच्च न्यायालयों को जनता की अदालत बनाया जा सके, ताकि लीगल इमरजेंसी के समय वह किसी भी समय अदालत का दरवाजा खटखटा सके।’ उन्होंने कहा, ‘संवैधानिक अदालतें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की तरह काम करेंगी। लीगल इमरजेंसी के समय कोई भी नागरिक मामले को सुलझाने और व्यक्ति के अधिकारों और आजादी की सुरक्षा के लिए आधी रात को भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।’


    SOP में क्या है

    सीजेआई समेत सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों ने सोमवार को एक परिपत्र जारी किया है। इसमें मौखिक दलीलें प्रस्तुत करने की समयसीमा का पालन करने के लिए एसओपी तय की गई है। तत्काल प्रभाव से लागू इस एसओपी में कहा गया है, ‘वरिष्ठ अधिवक्ता, दलील रखने वाले वकील और रिकॉर्ड पर मौजूद अधिवक्ता, नोटिस के बाद और नियमित सुनवाई वाले सभी मामलों में मौखिक बहस करने की समय-सीमा सुनवाई शुरू होने से कम से कम एक दिन पहले प्रस्तुत करेंगे। यह समय-सीमा न्यायालय को ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ (एओआर) को पहले से उपलब्ध कराए गए उपस्थिति पर्ची जमा करने के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी।’

    इसमें कहा गया है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित बहस करने वाले वकील, अपने एओआर या पीठ द्वारा नामित नोडल वकील (यदि कोई हो) के माध्यम से, सुनवाई की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले दूसरे पक्ष को एक प्रति देने के बाद संक्षिप्त नोट या लिखित प्रस्तुति दाखिल करेंगे। यह पांच पृष्ठ से अधिक का नहीं होगा।

  • Happy New Year 2026: अपनों को भेजें बेस्ट मैसेज, शायरी और शुभकामनाएं

    Happy New Year 2026: अपनों को भेजें बेस्ट मैसेज, शायरी और शुभकामनाएं


    नई दिल्ली । : हर साल की तरह इस बार भी नया साल 2026 New Year 2026 अपने साथ नई खुशियां नई उम्मीदें और नए सपने लेकर आया है। साल 2025 ने सभी के लिए मिश्रित अनुभव दिए-किसी के लिए यादगार तो किसी के लिए चुनौतीपूर्ण। अब 2026 की शुरुआत के साथ लोग पुरानी गलतियों और निराशाओं को पीछे छोड़कर नए उत्साह और उमंग के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।

    पहले लोग ग्रिटिंग कार्ड Greeting Cards के जरिए अपने दोस्तों और परिवार को नए साल की मुबारकबाद देते थे। लेकिन डिजिटल युग में अब लोग व्हाट्सअप फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपने अपनों को Happy New Year 2026 Wishes भेजते हैं। मैसेज शायरी या स्टेटस के जरिए ये शुभकामनाएं सीधे दिल को छू जाती हैं।इस नए साल पर लोगों की प्राथमिकता यही रहती है कि वे अपने चाहने वालों को खुशियों हंसी मस्ती और कामयाबी से भरे संदेश भेजें। उदाहरण के तौर पर नए साल के कुछ बेस्ट मैसेज इस प्रकार हैं:

    हंसी मस्ती और कामयाबी से भरा हो आपका नया साल आप हंस्ते-मुस्कुराते रहें हर हाल। नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं!फूल खिलते रहें जीवन की राह में खुशी चमकती रहे आपकी निगाह में। हर कदम पर मिले कामयाबी आपको हर नया दिन दे नई उम्मीदें। नया साल मुबारक हो।जिंदगी के हर मोड़ पर सफलता मिले हर सपना हकीकत बने दोस्ती का ये रिश्ता यूं ही महकता रहे। नया साल खुशियों से भरा रहे।हंसी मस्ती और साथ कभी कम न हो नया साल आ रहा है इसमें कोई गम न हो। नया साल बहुत-बहुत मुबारक हो।कल की गलतियों को भूल जाइए आज से एक नई कहानी शुरू कीजिए। 2026 की किताब के पन्ने अभी खाली हैं अपनी मेहनत से इसे शानदार बनाएं। नया साल खुशियों और सफलता से भरा हो।

    नया साल सिर्फ तारीख बदलने का मौका नहीं है बल्कि यह नई उम्मीदों सकारात्मक सोच और नए अवसरों का प्रतीक भी है। दोस्तों परिवार और करीबियों के साथ बिताए गए पल साझा की गई खुशियां और दी गई शुभकामनाएं इस दिन को और खास बना देती हैं।इसके अलावा नया साल प्रेरणा और आत्म-सुधार का भी संदेश लेकर आता है। यह समय है कि हम अपने पुराने अनुभवों से सीख लें और नए साल में बेहतर और सफल बनने का प्रयास करें। चाहे वह व्यक्तिगत जीवन हो या पेशेवर क्षेत्र 2026 हर किसी के लिए नई ऊर्जा और नए अवसर लाएगा।

    इस मौके पर लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मैसेज और शायरी शेयर करके अपने प्यार और अपनापन जताते हैं। सोशल मीडिया पर HappyNewYear2026 NewYearWishes NY2026 और NewYearShayari जैसे ट्रेंडिंग हैशटैग्स के साथ संदेश भेजना अब नया रिवाज बन गया है।तो इस नए साल 2026 पर अपनों को भेजें खास मैसेज शायरी और शुभकामनाएं ताकि हर दिल में खुशियों की रोशनी फैल सके।

  • गलत इस्तेमाल से एंटीबायोटिक दवाओं पर खतरा बढ़ा: एम्स निदेशक का चेतावनी संदेश, AMR बना सामान्य संक्रमणों के लिए जानलेवा

    गलत इस्तेमाल से एंटीबायोटिक दवाओं पर खतरा बढ़ा: एम्स निदेशक का चेतावनी संदेश, AMR बना सामान्य संक्रमणों के लिए जानलेवा


    नई दिल्ली। आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों से लेकर कई सामान्य रोगी सही इलाज के बावजूद ठीक नहीं हो पा रहे हैं। इसका मुख्य कारण एंटीबायोटिक दवाओं का घटता प्रभाव माना जा रहा है। यह स्थिति एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के रूप में जानी जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस मुद्दे को उठाया था, वहीं सोमवार को एम्स भोपाल में इस विषय पर विशेष चर्चा हुई।

    एम्स के निदेशक डॉ. माधवानंद कर ने बताया कि AMR पूरी दुनिया में चिकित्सा क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक लेना, गलत खुराक, अधूरा कोर्स और जरूरत से ज्यादा शक्तिशाली दवाओं का इस्तेमाल इस संकट को और बढ़ा रहे हैं। यदि एंटीबायोटिक के जिम्मेदार उपयोग पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सामान्य बीमारियां जैसे निमोनिया और मूत्र मार्ग संक्रमण भी जानलेवा हो सकती हैं।

    एम्स की रिसर्च में पता चला है कि यूरीन इन्फेक्शन, फेफड़े और खून के संक्रमण में इस्तेमाल होने वाली दवाएं तेजी से बेअसर हो रही हैं। 3,330 मरीजों पर किए गए अध्ययन में सिप्रोफ्लॉक्सासिन दवा अब ई.कोलाई बैक्टीरिया पर केवल 39% असर दिखा रही है। वहीं, मेरोपेनम दवा, जो केलबसीला न्यूमोनिया के इलाज में उपयोग होती थी, अब सिर्फ 52% मामलों में प्रभावी रही।

    डॉ. कर ने चेताया कि अगर AMR पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आम संक्रमण भी जानलेवा बन सकते हैं। एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस वह स्थिति है, जब बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं,

    जिससे पहले असरदार दवाएं अब रोग को ठीक नहीं कर पा रही हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के कारण निमोनिया, मूत्र मार्ग संक्रमण, त्वचा और पेट के कई रोगों का इलाज पहले की तुलना में अधिक कठिन हो गया है। मरीजों को महंगी और अधिक साइड इफेक्ट वाली दवाओं पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसका मुख्य कारण है आम लोगों की गलत आदतें, जैसे डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेना, अधूरी खुराक लेना, जल्दी दवा बंद कर देना और हाई-एंड एंटीबायोटिक का जरूरत से ज्यादा उपयोग।

    एम्स भोपाल ने रोकथाम के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें सुव्यवस्थित एंटीबायोटिक नीति, नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम, जनजागरूकता अभियान और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस अवेयरनेस वीक शामिल हैं। डॉ. कर के अनुसार, डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ आम नागरिकों की जागरूकता भी AMR से लड़ाई में बेहद अहम है।

    एम्स निदेशक ने अंतिम चेतावनी दी कि एंटीबायोटिक दवाएं मानव सभ्यता की सबसे बड़ी चिकित्सा उपलब्धियों में से एक हैं। अगर इनका गलत इस्तेमाल जारी रहा, तो आने वाली पीढ़ियां इन जीवनरक्षक दवाओं के लाभ से वंचित रह जाएंगी। इसलिए जिम्मेदारी और सतर्कता आज ही जरूरी है।

  • मलाइका अरोड़ा का खुलासा: तलाक पर कोई पछतावा नहीं, प्यार और शादी में अब भी भरोसा

    मलाइका अरोड़ा का खुलासा: तलाक पर कोई पछतावा नहीं, प्यार और शादी में अब भी भरोसा

    नई दिल्ली। बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा ने अपने निजी जीवन और तलाक को लेकर खुलकर बातचीत की। साल 1997 में अरबाज खान से शादी करने वाली मलाइका ने 20 साल बाद तलाक लिया। तलाक के बाद उन्हें सोशल मीडिया और अपने करीबी लोगों से काफी आलोचना झेलनी पड़ी।एक इंटरव्यू में मलाइका ने बताया कि पब्लिक और अपनों के विरोध के बावजूद उन्होंने अपने फैसलों पर अडिग रहते हुए तलाक लिया और अब उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है।
    मलाइका ने कहा कि उस समय उन्हें नहीं पता था कि आगे क्या होगा, लेकिन उन्होंने अपने जीवन में खुश रहने को प्राथमिकता दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शादी के कॉन्सेप्ट में विश्वास करती हैं, लेकिन यह उनके लिए हमेशा अनिवार्य नहीं था। तलाक के बाद उन्होंने कई रिश्तों में समय बिताया, लेकिन अब भी उन्हें प्यार और रिश्तों में खुशी पाना पसंद है। मलाइका ने कहा कि वे प्यार पाने और बांटने में यकीन रखती हैं और अगर सही समय पर प्यार उनके दरवाजे पर आएगा तो वे उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

    यह इंटरव्यू मलाइका की सशक्त और आत्मनिर्भर छवि को दर्शाता है, जहां उन्होंने अपने फैसलों के प्रति ईमानदारी और अपनी खुशी को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। उनके शब्दों से यह भी जाहिर होता है कि तलाक ने उन्हें कमजोर नहीं किया, बल्कि उन्होंने प्यार और जीवन के प्रति अपनी सोच को और मजबूत किया है।