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  • इक्कीस स्क्रीनिंग: रेखा ने अगस्त्य नंदा की तस्वीर चूमा, धर्मेंद्र को किया नमन, वीडियो हुआ वायरल

    इक्कीस स्क्रीनिंग: रेखा ने अगस्त्य नंदा की तस्वीर चूमा, धर्मेंद्र को किया नमन, वीडियो हुआ वायरल


    नई दिल्ली: मुंबई में आज फिल्म इक्कीस की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई, जिसमें बॉलीवुड के कई सितारे शामिल हुए। इस अवसर पर सदाबहार एक्ट्रेस रेखा Rekha भी पहुंचीं और उन्होंने अपनी भावनाओं से सबका ध्यान खींचा।इक्कीस फिल्म का निर्देशन श्रीराम राघवन  ने किया है और फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा लीड रोल में नजर आ रहे हैं। स्क्रीनिंग के दौरान रेखा ने पैपराजी के सामने पोज दिए और बैकग्राउंड में लगे अगस्त्य की तस्वीर को हाथों से चूम लिया। उनके इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और फैंस इसे खूब पसंद कर रहे हैं।

    रेखा ने इस दौरान धर्मेंद्र की तस्वीर को भी हाथ जोड़कर नमन किया। उनके इस जेस्चर को देख बॉलीवुड प्रेमियों ने कमेंट्स में आशीर्वाद और प्यार भरी प्रतिक्रियाएँ दीं। यूजर्स इसे अमिताभ बच्चन और रेखा के पुराने रिश्तों से भी जोड़ रहे हैं।इस स्क्रीनिंग में बॉलीवुड के कई और सेलेब्स भी मौजूद थे, जिनमें तब्बू, सनी देओल, बॉबी देओल और देओल परिवार, अमीषा पटेल, फातिमा सना शेख और कई अन्य सितारे शामिल थे। रेखा इस अवसर पर कांजीवरम साड़ी, बालों में गजरा, मांग में सिंदूर और आंखों में काला चश्मा पहनकर आईं।

    फिल्म इक्कीस लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के जीवन पर आधारित है। अगस्त्य नंदा के साथ लीड रोल में अक्षय कुमार की भांजी सिमर भाटिया हैं। इसके अलावा फिल्म में जयदीप अहलावत ने भी अहम भूमिका निभाई है। फिल्म में धर्मेंद्र की यह आखिरी भूमिका है। स्क्रीनिंग पर देओल परिवार भी मौजूद था और सनी तथा बॉबी देओल ने अपने पिता धर्मेंद्र की तस्वीर के साथ फोटोज क्लिक कराए।फिल्म की रिलीज डेट 1 जनवरी 2026 तय की गई है। इक्कीस फिल्म में देशभक्ति, साहस और रोमांच का संगम देखने को मिलेगा। रेखा का यह भावुक और अपनापन भरा पल दर्शकों और फैंस के लिए खास अनुभव बन गया है।रेखा के इस जेस्चर ने सोशल मीडिया पर भी खूब हलचल मचाई। फैंस वीडियो पर कमेंट कर उनकी तारीफ कर रहे हैं और फिल्म के लिए उत्साहित हैं। इस तरह इक्कीस की स्क्रीनिंग न केवल फिल्म की प्रमोशन के लिए, बल्कि बॉलीवुड के सदाबहार सितारों की यादों और सम्मान को दिखाने का भी अवसर बन गई।

  • कौन है बॉलीवुड का सबसे पढ़ा-लिखा खान: सलमान, शाहरुख या आमिर?

    कौन है बॉलीवुड का सबसे पढ़ा-लिखा खान: सलमान, शाहरुख या आमिर?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के तीन दिग्गज खानों-सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान-को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं कि इनमें से कौन सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा है। आइए जानते हैं उनके शैक्षणिक सफर के बारे में। सलमान खान का जन्म 1965 में हुआ। उन्होंने अपने शुरुआती साल ग्वालियर के द सिंधिया स्कूल में बिताए और बाद में मुंबई के सेंट स्टैनिस्लास हाई स्कूल से पढ़ाई पूरी की। हालांकि सलमान ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं की और 23 साल की उम्र में एक्टिंग करियर शुरू कर दिया। उनका पहला फिल्म प्रोजेक्ट 1988 की बीवी हो तो ऐसी में सपोर्टिंग रोल था और इसके बाद 1989 में सूरज बड़जात्या की मैंने प्यार किया में उन्होंने लीड रोल निभाया।

    शाहरुख खान की पढ़ाई थोड़ी अलग रही। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बैचलर ऑफ आर्ट्स ऑनर्स की पढ़ाई की। हालांकि अपनी डिग्री उन्होंने साल 2016 में ही प्राप्त की क्योंकि वह खुद जाकर डिग्री लेना चाहते थे। शाहरुख ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी IIT में इंजीनियरिंग करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम भी दिया और पास हुए, लेकिन उन्होंने IIT में दाखिला लेने के बजाय जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री शुरू की। हालांकि इस कोर्स को उन्होंने बीच में ही छोड़ दिया।

    आमिर खान ने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई के प्रतिष्ठित नरसी मोंजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स में दाखिला लिया। यहाँ उन्होंने दो साल तक इकोनॉमिक्स, बिजनेस स्टडीज और फाइनेंशियल अकाउंटिंग के लेक्चर अटेंड किए। इसके बाद उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया और फिल्म उद्योग में कदम रखा। आमिर ने नासिर हुसैन के तहत असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम शुरू किया और फिर बॉलीवुड में डेब्यू किया।

    इन तीनों खानों की पढ़ाई के आधार पर देखा जाए तो सलमान खान ने सबसे कम पढ़ाई की है, जबकि आमिर खान ने कॉलेज तक पढ़ाई पूरी की लेकिन उसे बीच में छोड़ दिया। शाहरुख खान पढ़ाई के मामले में सबसे आगे हैं, उन्होंने बैचलर की डिग्री पूरी की और आईआईटी की परीक्षा भी पास की। हालांकि उन्होंने मास्टर डिग्री पूरी नहीं की, फिर भी उनकी शिक्षा का स्तर अन्य दो खानों की तुलना में ज्यादा माना जाता है।इस प्रकार, शाहरुख खान को बॉलीवुड का सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा खान कहा जा सकता है। वहीं सलमान और आमिर ने अपने करियर की सफलता के लिए पढ़ाई के रास्ते को जल्दी छोड़ दिया और फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया। यह साबित करता है कि पढ़ाई और करियर की राह हमेशा एक जैसी नहीं होती; कुछ लोग शिक्षा पूरी करके भी बॉलीवुड में चमकते हैं, तो कुछ अपने हुनर से सफलता हासिल करते हैं।

  • अक्षय कुमार का 2026 धमाका: प्रियदर्शन के निर्देशन में चार बड़ी फिल्में, कॉमेडी‑एक्शन से हॉरर तक

    अक्षय कुमार का 2026 धमाका: प्रियदर्शन के निर्देशन में चार बड़ी फिल्में, कॉमेडी‑एक्शन से हॉरर तक


    नई दिल्ली: बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार Akshay Kumar 2026 में अपनी फिल्मों के दम पर दर्शकों के दिलों पर कब्जा करने वाले हैं। अगले साल अक्षय कुमार की चार बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं, और खास बात यह है कि इन चारों फिल्मों के निर्देशन की जिम्मेदारी प्रियदर्शन Priyadarshan ने संभाली है। कॉमेडी, हॉरर और एक्शन का संगम इन फिल्मों में देखने को मिलेगा, जो फैंस के लिए एक बेहतरीन मनोरंजन का पैकेज साबित होने वाला है।सबसे पहले बात करें प्रियदर्शन की कॉमेडी‑हॉरर फिल्म भूत बंगला की। इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी और तबू मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म दिवंगत अभिनेता असरानी की आखिरी फिल्म भी मानी जा रही है, जो इसे और भी खास बनाती है। भूत बंगला 2 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। हॉरर-कॉमेडी का यह मिश्रण दर्शकों को हँसी और रोमांच का अनुभव एक साथ देगा।

    इसके अलावा, अक्षय कुमार की एक और बड़ी हिट हेरा फेरी 4 भी अगले साल रिलीज होने वाली है। यह फिल्म ‘हेरा फेरी’ फ्रैंचाइज़ी का चौथा भाग है और अक्षय के साथ परेश रावल और सुनील शेट्टी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। हालांकि, फिल्म की रिलीज डेट अभी तक अनाउंस नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक संभव है। फैंस को हेरा फेरी के पुराने अंदाज़ की याद दिलाने वाली यह फिल्म कॉमेडी का भरपूर तड़का देने वाली है।तीसरी फिल्म है वेलकम टू द जंगल, जो वेलकम फ्रैंचाइज़ी का तीसरा पार्ट है।

    इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, आफताब शिवदासानी, परेश रावल, फरीदा जलाल, जैकलीन फर्नांडीस, दिशा पटानी और दलेर मेहंदी जैसे सितारे भी दिखाई देंगे। फिल्म का म्यूजिक, कॉमेडी और मसाला मनोरंजन दर्शकों के लिए इसे एक पूरी पारिवारिक फिल्म बनाने वाला है। फिलहाल इस फिल्म की रिलीज डेट भी अनाउंस नहीं हुई है, लेकिन अगले साल इसे बड़े पर्दे पर देखने की संभावना है।

    और आखिरी में, अक्षय कुमार और सैफ अली खान की मुख्य भूमिका वाली हैवान का नाम आता है। यह फिल्म एक्शन और थ्रिलर की ओर झुकाव रखती है। शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है और मेकर्स का कहना है कि फिल्म 2026 में रिलीज हो सकती है। इस फिल्म में अक्षय कुमार का दमदार लुक और सैफ अली खान की परफॉर्मेंस दर्शकों के लिए बड़ी आकर्षक होगी।इस तरह, 2026 में अक्षय कुमार की ये चार फिल्में-भूत बंगला, हेरा फेरी 4, वेलकम टू द जंगल और हैवान-दर्शकों को कॉमेडी, हॉरर और एक्शन का पूरा पैकेज देंगी। प्रियदर्शन के निर्देशन में ये फिल्में बॉलीवुड के मज़बूत एंटरटेनमेंट प्रोजेक्ट्स के रूप में उभरेंगी। फैंस के लिए यह साल अक्षय कुमार की फिल्मों का जश्न लेकर आने वाला है।

  • डिजिटल पेमेंट की ओर बढ़ रहा देश… ATM की संख्या घटी, बचत खातों में जमा हुए 3.3 लाख करोड़

    डिजिटल पेमेंट की ओर बढ़ रहा देश… ATM की संख्या घटी, बचत खातों में जमा हुए 3.3 लाख करोड़


    नई दिल्ली।
    भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India- RBI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में एटीएम (ATM) की संख्या में कमी आई है, क्योंकि लोग डिजिटल पेमेंट (Digital payments) की ओर बढ़ रहे हैं। ई-पेमेंट नेटवर्क ने ग्राहकों की नकद निकासी की जरूरत को कम कर दिया है, भले ही बैंक शाखाओं का विस्तार जारी रहा।


    प्राइवेट बैंकों ने एटीएम सबसे ज्यादा घटाए

    रिपोर्ट के मुताबिक, निजी बैंकों ने अपना एटीएम नेटवर्क 79,884 से घटाकर 77,117 कर दिया। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने मुख्य रूप से ऑफसाइट मशीनें बंद करके अपने एटीएम 134,694 से 133,544 कर दिए।


    व्हाइट लेबल एटीएम बढ़े

    इसके विपरीत, व्हाइट लेबल एटीएम (नॉन-बैंकिंग संस्थाओं द्वारा स्थापित) ऑपरेटरों ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई और इनकी संख्या 34,602 से बढ़कर 36,216 हो गई।


    शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अंतर

    सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने ग्रामीण, अर्ध-शहरी, शहरी और महानगरीय क्षेत्रों में अपने एटीएम संतुलित रूप से वितरित रखे। हालांकि, निजी और विदेशी बैंक अभी भी अपने एटीएम मुख्य रूप से शहरी और महानगरीय केंद्रों में केंद्रित रखते हैं।


    बैंक शाखाओं का विस्तार जारी

    इस दौरान, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के तेज विस्तार के चलते बैंक शाखाओं की संख्या 2.8 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1,64,000 हो गई। सार्वजनिक बैंकों द्वारा खोली गई दो-तिहाई से अधिक नई शाखाएं ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में थीं, जबकि निजी बैंकों की केवल 37.5 प्रतिशत नई शाखाएं इन क्षेत्रों में खुलीं।

    बचत खातों और जमा राशि में वृद्धि
    बेसिक बचत बैंक जमाखातों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई, जो 2.6 प्रतिशत बढ़कर 72.4 करोड़ खाते हो गए। इन खातों में जमा राशि 9.5 प्रतिशत बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये हो गई। अधिकांश खाते बिजनेस करिस्पॉन्डेंट के माध्यम से संचालित होते हैं, जो जमीनी स्तर पर बैंकिंग पहुंच बढ़ाने में उनकी भूमिका को रेखांकित करता है।


    जमा बीमा कवरेज

    जमा बीमा के संदर्भ में, रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 के अंत तक 97.6 प्रतिशत खाते मौजूदा 5 लाख रुपये के बीमा सीमा के दायरे में थे। हालांकि, बीमाकृत जमा राशि का अनुपात पिछले वर्ष के 43.1 प्रतिशत से थोड़ा घटकर 41.5 प्रतिशत हो गया।


    डिजिटलीकरण है मुख्य कारण

    आरबीआई ने एटीएम संख्या में कमी का कारण भुगतानों के बढ़ते डिजिटलीकरण को बताया है, जिसने ग्राहकों की एटीएम के माध्यम से लेनदेन की आवश्यकता को कम कर दिया है।

  • देश के औद्योगिक उत्पादन में इजाफा, दो साल के उच्च स्तर पर पहुंची वृद्धि दर

    देश के औद्योगिक उत्पादन में इजाफा, दो साल के उच्च स्तर पर पहुंची वृद्धि दर


    नई दिल्ली।
    खनन और विनिर्माण क्षेत्रों (Mining and Manufacturing sectors) के मजबूत प्रदर्शन से नवंबर महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि दर (Country’s Industrial Production growth rate) दो साल के उच्च स्तर 6.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के मुताबिक, औद्योगिक उत्पादन को मापने वाला औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) नवंबर, 2024 में पांच प्रतिशत बढ़ा था। इससे पहले औद्योगिक उत्पादन का उच्च स्तर नवंबर, 2023 में 11.9 प्रतिशत दर्ज किया गया था।

    त्योहारों से पहले देश में मांग और खपत को बढ़ावा देने के लिए कई उपभोक्ता वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में 22 सितंबर 2025 से कटौती की गई थी। इससे जीएसटी दरों में कमी का लाभ उठाने के लिए विनिर्माण ऑर्डरों में तेजी आई।


    अक्टूबर के आंकड़ों में बदलाव

    इसके साथ एनएसओ ने अक्टूबर 2025 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के आंकड़े को भी संशोधित किया है। अक्टूबर के लिए आईआईपी वृद्धि को बढ़ाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि पिछले महीने जारी अस्थायी अनुमान 0.4 प्रतिशत का था।


    बिजली उत्पादन का प्रदर्शन कमजोर

    आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन आठ प्रतिशत बढ़ा, जो एक साल पहले इसी महीने में 5.5 प्रतिशत था। खनन क्षेत्र का उत्पादन भी नवंबर में 5.4 प्रतिशत बढ़ा जबकि नवंबर 2024 में यह वृद्धि 1.9 प्रतिशत रही थी। हालांकि, बिजली उत्पादन का प्रदर्शन पिछले महीने कमजोर रहा। नवंबर में बिजली उत्पादन में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में इसमें 4.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।


    प्रमुख क्षेत्रों में रफ्तार की वापसी

    नवंबर महीने के आईआईपी आंकड़ों में सुधार से संकेत मिलता है कि औद्योगिक गतिविधियों में खासकर विनिर्माण और खनन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रफ्तार की वापसी हो रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल-नवंबर के दौरान देश का औद्योगिक उत्पादन 3.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 4.1 प्रतिशत था। विनिर्माण क्षेत्र के तहत 23 में 20 उद्योग समूहों ने नवंबर 2025 में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।


    अमेरिकी टैरिफ का असर

    इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, अमेरिकी टैरिफ और जुर्माने का असर कुछ विनिर्माण खंडों में दिखाई दे सकता है, जिससे जीएसटी दरों में बदलाव के सकारात्मक प्रभाव का असर कम हो सकता है।

    उन्होंने कहा कि दो महीने के बाद दिसंबर 2025 में बिजली की मांग बढ़ी है, जिससे उस महीने बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और यह आईआईपी वृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत है। नायर ने आगे कहा, हमें उम्मीद है कि दिसंबर 2025 में आईआईपी वृद्धि घटकर 3.5 से 5.0 प्रतिशत के दायरे में आ सकती है, क्योंकि तुलनात्मक आधार प्रभाव सामान्य होगा।


    औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी का मतलब

    औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी का मतलब है कि अर्थव्यवस्था की सेहत बेहतर हो रही है। इसका सीधा लाभ नौकरी, आय, व्यापार और सरकारी सेवाओं के जरिए आम आदमी तक पहुंचता है। हालांकि इसका पूरा असर दिखने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन संकेत सकारात्मक माने जाते हैं। इसे इस तरह समझा जा सकता है—


    रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना

    जब फैक्ट्रियां और उद्योग ज्यादा उत्पादन करते हैं, तो उन्हें अधिक मजदूर, तकनीशियन और कर्मचारियों की जरूरत होती है। नए रोजगार पैदा हो सकते हैं। अस्थायी और कॉन्ट्रैक्ट नौकरियों में भी बढ़ोतरी होती है। इससे बेरोजगारी का दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है।


    आमदनी और खर्च करने की क्षमता में सुधार

    उद्योगों की स्थिति बेहतर होने पर वेतन में बढ़ोतरी, ओवरटाइम और बोनस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इससे लोगों की खरीदने की ताकत सुधरती है।


    महंगाई पर मिला-जुला असर

    ज्यादा उत्पादन होने से बाजार में वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ती है, जिससे कई सामानों के दाम स्थिर रह सकते हैं। कुछ चीजें सस्ती भी हो सकती हैं। हालांकि अगर कच्चा माल महंगा है या ब्याज दरें ऊंची हैं, तो महंगाई पूरी तरह कम होना जरूरी नहीं।


    छोटे कारोबार और एमएसएमई को सहारा

    बड़े उद्योगों की रफ्तार बढ़ने से छोटे उद्योगों, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और सप्लाई चेन को भी काम मिलता है। इससे स्थानीय कारोबार को फायदा होता है।


    सरकार की आय बढ़ने से, सुविधाएं बेहतर होंगी

    उद्योगों के अच्छे प्रदर्शन से टैक्स संग्रह बढ़ता है। सरकार के पास बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च के लिए ज्यादा संसाधन होते हैं जिसका फायदा आम नागरिकों को मिलता है।


    शेयर बाजार और निवेश पर असर

    औद्योगिक उत्पादन में तेजी से बाजार में भरोसा बढ़ता है। म्यूचुअल फंड और शेयर में निवेश करने वालों को फायदा हो सकता है। हालांकि यह असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता।

  • BJP में स्वागत है… CM मोहन यादव ने RSS की तारीफ पर दिग्विजय सिंह को दिया ऑफर

    BJP में स्वागत है… CM मोहन यादव ने RSS की तारीफ पर दिग्विजय सिंह को दिया ऑफर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने भाजपा (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) (Rashtriya Swayamsevak Sangh – RSS) की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा करने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने दिग्विजय को राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री ने ठुकरा दिया।

    दिग्विजय सिंह ने शनिवार को आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना करते ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर साझा की थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं तथा उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।

    दिग्विजय सिंह ने पोस्ट में कहा था, ‘‘कोरा वेबसाइट पर मुझे यह फोटो मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।’’

    विवाद खड़ा होने पर सिंह ने कहा था कि उन्होंने केवल संगठन और इसकी शक्ति की तारीफ की है, अन्यथा वह आरएसएस और मोदी के घोर विरोधी हैं। दिग्विजय सिंह की ओर से आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना किए जाने के बारे में एक समाचार चैनल से बातचीत में मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में कहा कि भाजपा है ही इस लायक कि उसकी तारीफ की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘दिग्विजय सिंह जी को भी बधाई। आइए, भाजपा में आपका स्वागत है।’’

    कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने के बाद रविवार शाम भोपाल पहुंचे दिग्विजय सिंह से जब मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से भाजपा में शामिल होने को लेकर दिए गए प्रस्ताव के बारे में पूछा गया तो वह ‘अरे छोड़िए’ कहकर आगे बढ़ गए। राजनीतिक हलकों में दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को ठुकराए जाने के रूप में देखा जा रहा है।

  • IndW vs SLW : पांचवां और आखिरी T20I मैच आज…. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज

    IndW vs SLW : पांचवां और आखिरी T20I मैच आज…. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस श्रीलंका (India Women vs Sri Lanka Women) 5 मैच की टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी टी20 (5th T20I) मुकाबला आज तिरुवनंतपुरम में खेला जाना है। इस सीरीज में जीत का चौका लगाने वाली हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुवाई वाली टीम इंडिया की नजरें आज मेहमानों का सूपड़ा साफ करने पर होगी। भारत ने आज तक श्रीलंका को 5 मैच की सीरीज में क्लीन स्वीप नहीं किया है, ऐसे में टीम इंडिया की नजरें इस मुकाम को भी हासिल करने पर होगी। तिरुवनंतपुरम में यह सीरीज का लगातार तीसरा मैच है। पिछले मुकाबले में रनों की खूब बरसात हुई थी। दोनों टीमों ने मिलकर 412 रन बनाए थे। आईए एक नजर आज के मैच की पिच रिपोर्ट (Pitch report) पर डालते हैं-

    तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में अभी तक खेले दोनों टी20 मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है। पहले मुकाबले में भारत ने रेणुका सिंह ठाकुर की कातिलाना गेंदबाजी के दम पर जीता। रेणुका ने 4 ओवर में 21 रन खर्च कर 4 विकेट चटकाए, जिसके दम पर भारत श्रीलंका को 112 के स्कोर पर रोकने में कामयाब रहा। इस स्कोर का पीछा टीम इंडिया ने 13.2 ओवर में ही कर लिया था। शेफाली वर्मा ने 79 रनों की धमाकेदार पारी खेली। वहीं दूसरे मैच में टीम इंडिया ने टी20 में अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाते हुए श्रीलंका के सामने 222 रनों का टारगेट रखा था, इस स्कोर का पीछा करते हुए श्रीलंका 191 पर ही रुक गया था। इन दोनों ही मैचों में भारतीय बल्लेबाजों ने कहर बरपाया। ऐसे में कहा जा सकता है कि आज के मैच में भी पिच बल्लेबाजों को फेवर कर सकती है। टॉस जीतने वाले कप्तान की नजरें पहले फील्डिंग करने पर होगी।


    इंडिया वर्सेस श्रीलंका स्क्वॉड

    भारत महिला टीम: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, ऋचा घोष (डब्ल्यू), हरमनप्रीत कौर (सी), हरलीन देयोल, दीप्ति शर्मा, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, जेमिमा रोड्रिग्स, जी कमलिनी, क्रांति गौड़, स्नेह राणा

    श्रीलंका महिला टीम: हासिनी परेरा, चमारी अथापथु (कप्तान), इमेशा दुलानी, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, रश्मिका सेवंडी, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), मालशा शेहानी, काव्या कविंदी, निमाशा मदुशानी, मल्की मदारा, शशिनी गिम्हानी, विशमी गुणरत्ने, इनोका राणावीरा

  • MP: अशोकनगर में कुख्यात सट्टा किंग के 3 मंजिला होटल पर चला प्रशासन का बुलडोजर

    MP: अशोकनगर में कुख्यात सट्टा किंग के 3 मंजिला होटल पर चला प्रशासन का बुलडोजर

    अशोकनगर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के अशोकनगर (Ashoknagar) में प्रशासन ने होटल आजाद पैलेस (Hotel Azad Palace) पर बुलडोजर (Bulldozer) चला दिया। बिना अनुमति निर्माण और नियमों के उल्लंघन के कारण तीन मंजिला होटल के अगले और पिछले हिस्से को जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही। मौके पर ड्रोन भी तैनात किए गए थे। यह होटल आजाद खान नाम के शख्स का बताया जाता है। आजाद खान जेल में बंद है। इससे पहले उसके फार्म हाउस पर भी कार्रवाई की जा चुकी है।


    क्या आरोप?

    आजाद खान पर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चलाने का आरोप है। उसका नाम कई आपराधिक मामलों में भी सामने आया है। ये सारे प्रकरण जांच की केंद्र और न्यायिक दायरे में हैं। प्रशासन की मुख्य कार्रवाई उसके तीन मंजिला होटल आजाद पैलेस पर हुई। नगर पालिका की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर होटल के अवैध हिस्सों को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए होटल के आसपास की दुकानों को बंद करा दिया गया था।


    क्या बोला प्रशासन?

    एसडीएम सुब्रत त्रिपाठी ने कहा- होटल आजाद पैलेस, आजाद खान और शाहिद खान का है जिन पर 5 लाख रुपये बकाया भी है। यह होटल नगर निगम की मंजूरी के बिना अवैध रूप से चलाया जा रहा था। नगर निगम ने उन्हें तीन नोटिस जारी किए थे। अब होटल के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों का कोलुआ में एक और फार्महाउस भी था, जिसे बिना इजाजत के बनाया गया था।


    100 पुलिसकर्मी रहे तैनात, ड्रोन से निगरानी

    साथ ही आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई थी। मौके पर लगभग 100 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। ड्रोन और वीडियो कैमरों की निगरानी में जेसीबी ने होटल के अगले और पिछले हिस्सों को जमींदोज कर दिया।


    वित्तीय गड़बड़ी का भी आरोप

    बताया जाता है कि आजाद खान की भूमिका कथित सट्टा नेटवर्क तब उजागर हुई थी जब गुना और अशोकनगर पुलिस ने कुछ सटोरियों के बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी सट्टा के साथ ही एक कोऑपरेटिव सोसाइटी की आड़ में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताएं भी कर रहा था। आरोपी आजाद खान की मुश्किलें तब बढ़ गईं जब देहात थाना क्षेत्र में दो भाइयों की आत्महत्या के मामले में उस पर उकसाने का आरोप लगा।


    आलीशान फार्म हाउस पर भी हो चुका है ऐक्शन

    इसके बाद पुलिस ने आजाद खान को गिरफ्तार कर के उसे जेल भेज दिया। आजाद खान की गिरफ्तारी के समय वह घायल अवस्था में लंगड़ाते हुए देखा गया था। इससे पहले प्रशासन ने कोलुआ गांव के पास स्थित उसके दो मंजिला आलीशान फार्म हाउस पर भी कार्रवाई की थी। प्रशासन का कहना था कि वह बिना मंजूरी के सड़क के बहुत करीब बना था। अब सारे आरोप न्यायिक कार्यवाही और जांच के दायरे में बताए जाते हैं।


    भाई पर भी आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

    इतना ही नहीं, आजाद खान के भाई राशिद खान उर्फ चिन्ना पर भी आरोप है कि उसने आत्महत्या करने वाले भाइयों के परिवार को धमकाया और राजीनामे का दबाव बनाया। मौजूदा वक्त में सरकार ने आजाद खान की केबीएन साख सहकारी संस्था के सभी लेनदेन पर रोक लगा दी है। मंत्री विश्वास सारंग ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई ने शहर में खलबली मचा दी है।

  • MP: नर्मदा तट पर पेशाब… भड़के IAS अफसर ने युवक को जड़े थप्पड़, जमीन में गाड़ने की दी धमकी

    MP: नर्मदा तट पर पेशाब… भड़के IAS अफसर ने युवक को जड़े थप्पड़, जमीन में गाड़ने की दी धमकी


    नरसिंहपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नरसिंहपुर जिले (Narsinghpur district) में नर्मदा नदी (Narmada River) पर बने एक घाट से कुछ दूरी पर एक युवक को पेशाब करता देख एक IAS अधिकारी का पारा इतना चढ़ गया कि उन्होंने उसे दो थप्पड़ रसीद कर दिए। इतना ही नहीं उनकी देखादेखी उनके गार्ड ने भी युवक को एक चांटा जड़ दिया। हाथ उठाने वाले अधिकारी की पहचान गजेंद्र नागेश (Gajendra Nagesh) के रूप में हुई है, और इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो गया है, जिसमें नागेश उस युवक को गालियां देते और थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं।

    घटना के वक्त वहां मौजूद लोगों ने बताया कि युवक घाट के पीछे पेशाब करने के लिए गया था, तभी वहां आरोपी अधिकारी आ पहुंचे और उसे समझाने की बजाय उस पर हाथ उठाया शुरू कर दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने जिस युवक को सरेआम थप्पड़ मारे उसकी पहचान बृजेश नौरिया के रूप में हुई है, जो कि घाट के पास एक जनरल स्टोर्स चलाता है।


    अधिकारी ने कहा- इधर आ लौंडे

    घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें वह अधिकारी कहते दिखाई दे रहे हैं, ‘नर्मदाजी के घाट क्या पेशाब करने के लिए हैं। इधर आओ लौंडे।’ इसी बीच वहां खड़ा एक बुजुर्ग पुजारी अपनी परेशानी बताते हुए IAS अधिकारी से कहता है, ‘क्या करें सर, कहां जाएं, कोई व्यवस्था नहीं है।’ तब वह अधिकारी कहते हैं, ‘तो कहीं दूर जाकर करोगे या नर्मदा के घाट पर ही करोगे।’


    ‘हटवाओ इसकी दुकान, फिंकवाओ इसके यहां से’

    इसके बाद अधिकारी उस युवक के पास जाते हैं और कहते हैं, ‘साले वहां पेशाब करने गया था’, इतना कहते ही वे उस पर हाथ उठा देते हैं, और इसके बाद उसका नाम पूछते हुए एकबार फिर उसे जोरदार थप्पड़ मार देते हैं और कहते हैं साले वहां पेशाब करने गया था, इसके बाद वह अपने साथ आए अमले से कहते हैं हटवाओ इसकी दुकान कहां है, फिंकवाओ इसको यहां से, क्या नाम है इसका, ये मुझे दिखना नहीं चाहिए एक महीने तक।’ इसके बाद जब वहां खड़े बुजुर्ग उस अधिकारी को समझाने की कोशिश करते हैं, तो अधिकारी गुस्से में उनसे कहता है, ‘मैं तुम्हें रेत में गड़वा दूंगा, जितना ऊपर दिख रहे हो ना, उतना ही अंदर करवा दूंगा।’

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना शहर के बरमान रेत घाट पर शनिवार को हुई थी, और इसका वीडियो सोमवार को वायरल हो गया। जिसके बाद लोगों में गुस्सा भी फैल गया और वे उस अधिकारी पर युवक का अपमान, पद का दुरुपयोग और दुर्व्यवहार करने जैसे आरोप लगाने लगे।

    उधर अधिकारी ने जिस बुजुर्ग पुजारी को जमीन में गाड़ने की धमकी दी, उनकी पहचान कैलाश चंद्र मिश्रा के रूप में हुई है, जिन्होंने वहां सार्वजनिक शौचालय नहीं होने को लेकर शिकायत की तो अधिकारी ने उन्हें भी डपट दिया था। इसके बाद मिश्रा ने यह भी दावा किया कि उसे वहां सजा भी दी गई और बतौर सजा उठक-बैठक लगाने के लिए मजबूर भी किया गया।

    इस घटना को लेकर जिले के पुजारियों और ब्राह्मण समुदाय के लोगों में भारी नाराजगी है और इसे लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत भी कर दी है। वहीं इलाके के एक पुलिस अधिकारी ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ब्राह्मण समुदाय के 25-30 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल आया था और उन्होंने IAS अधिकारी के संबंध एक ज्ञापन भी सौंपा है। उधर IAS अधिकारी ने अपने किए का बचाव करते हुए कहा कि उनका इरादा सिर्फ नदी की पवित्रता की रक्षा करना था।

  • यूक्रेन ने पुतिन के आवास के आसपास दागे 91 ड्रोन…, ट्रंप के शांति डील के प्रयासों पर फिर सकता है पानी

    यूक्रेन ने पुतिन के आवास के आसपास दागे 91 ड्रोन…, ट्रंप के शांति डील के प्रयासों पर फिर सकता है पानी


    मास्को।
    रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध (Russia and Ukraine war) को खत्म करने की कोशिशों के बीच एक बार फिर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. रूस ने सोमवार को आरोप लगाया कि यूक्रेन (Ukraine) ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) के उत्तरी रूस में स्थित एक आवास पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला करने की कोशिश की. रूस का दावा है कि इस कथित हमले में कुल 91 ड्रोन इस्तेमाल किए गए, जिन्हें रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते मार गिराया. शांति समझौतों पर बातचीत के बीच हुए इस हमले से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप खासा नाराज हैं. उनकी पुतिन से बात भी हुई है।

    यूक्रेन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसे रूस की ओर से “झूठ का एक और दौर” बताया और कहा कि ऐसे बयान शांति वार्ता को कमजोर करने के लिए दिए जा रहे हैं. इस आरोप-प्रत्यारोप के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और गहरा गया है।

    इस पूरे मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी बीच में आना पड़ा. ट्रंप ने बताया कि खुद राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें फोन कर इस कथित ड्रोन हमले की जानकारी दी. फ्लोरिडा में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात से पहले ट्रंप ने मीडिया से कहा कि पुतिन ने सुबह-सुबह उन्हें बताया कि उन पर हमला हुआ है. ट्रंप ने कहा कि वह इस बात से नाराज हैं, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि यह दावा गलत भी हो सकता है।

    राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “एक बात युद्ध के दौरान हमला करने की होती है और दूसरी बात किसी नेता के घर पर हमला करने की. यह ऐसा करने का सही समय नहीं है.” उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर यह घटना सच साबित होती है, तो यह तनाव को और बढ़ा सकती है.

    बीते 24 घंटों में ट्रंप ने पुतिन से दो बार बात की है. इससे एक दिन पहले उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी मुलाकात की थी. ट्रंप के मुताबिक, पुतिन के साथ उनकी बातचीत “काफी सकारात्मक” रही और कुछ जटिल मुद्दों के बावजूद शांति की उम्मीद अभी खत्म नहीं हुई है.

    हालांकि, इसी बीच राष्ट्रपति पुतिन ने अपने सैन्य बलों को यूक्रेन के जापोरिज़िया क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के अभियान को तेज करने के निर्देश दिए हैं. क्रेमलिन ने एक बार फिर मांग की है कि यूक्रेन अपने सैनिकों को डोनबास के उन इलाकों से हटा ले, जहां अब भी उसकी मौजूदगी है.

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ड्रोन हमले का यह दावा सच साबित होता है, तो यह रूस-यूक्रेन युद्ध में एक और बड़ा तनावपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जिससे पहले से नाजुक शांति प्रयासों को गंभीर झटका लग सकता है.