Blog

  • भोपाल से दिल्ली-दुबई तक ठगी का जाल, ईरानी गिरोह पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव

    भोपाल से दिल्ली-दुबई तक ठगी का जाल, ईरानी गिरोह पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव


    भोपाल।मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का कुख्यात ईरानी डेरा एक बार फिर गंभीर आपराधिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। निशातपुरा थाना क्षेत्र की अमन कॉलोनी में रविवार को उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए जब भोपाल पुलिस ठगी और लूट के एक बड़े मामले में मुख्य आरोपी राजू ईरानी को गिरफ्तार करने पहुंची। पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही इलाके में भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।पुलिस पर अचानक पथराव और हमला किया गया जिसमें कई जवानों को चोटें आईं। हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बलवा शासकीय कार्य में बाधा और पुलिस पर हमले के आरोप में 34 लोगों को हिरासत में लिया है।

    CBI अफसर और पत्रकार बनकर करते थे ठगी

    पुलिस के मुताबिक राजू ईरानी और उसका गिरोह खुद को कभी CBI अधिकारी तो कभी राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों का पत्रकार बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में सर्राफा व्यापारियों कारोबारियों और संपन्न लोगों को निशाना बनाता था।हाल ही में सागर जिले में सामने आए एक मामले में गिरोह के सदस्यों ने CBI अधिकारी बनकर एक सर्राफा व्यापारी से ठगी की थी। इसी केस में राजू ईरानी की तलाश की जा रही थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अमन कॉलोनी में छिपा हुआ है जिसके बाद दबिश दी गई।

    कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा

    रविवार को जब पुलिस टीम अमन कॉलोनी पहुंची तो कुछ ही देर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस के अनुसार भीड़ ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को इलाके में सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।स्थिति नियंत्रण में आने के बाद पुलिस ने उपद्रव में शामिल 34 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

    गिरफ्तार आरोपियों में शामिल काला ईरानी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। उसने कबूल किया कि गिरोह भरोसा जीतने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक न्यूज चैनल की माइक आईडी भी बरामद की है जिसका उपयोग खुद को पत्रकार बताने के लिए किया जाता था।पुलिस को संदेह है कि गिरोह लंबे समय से इसी तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम देता आ रहा था और कई राज्यों में इसके पीड़ित मौजूद हैं।

    दिल्ली और दुबई तक फैले तार
    जांच में यह भी सामने आया है कि ईरानी डेरे का नेटवर्क केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। इसी वर्ष जुलाई में दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद ईरानी गिरोह के दो कुख्यात सदस्यों को गिरफ्तार किया था जिन पर कई राज्यों में लूट और ठगी के गंभीर मामले दर्ज थे।इसके अलावा दिसंबर में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मोबाइल झपटमारी के मामले में पकड़े गए आरोपी भी इसी इलाके से जुड़े पाए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि लूटे गए महंगे मोबाइल पहले मुंबई भेजे जाते थे और फिर दुबई तक तस्करी की जाती थी।

    पहले भी हो चुके हैं हमले

    ईरानी डेरे में पुलिस पर हमले का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2020 में सागर जिले की पुलिस टीम पर भी इसी इलाके में पथराव और मिर्च पाउडर फेंके जाने की घटना हुई थी। उस समय कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और स्थिति संभालने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े थे।

    जांच जारी


    भोपाल पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ठगी और लूट से हासिल की गई रकम और सामान किन रास्तों से बाहर भेजा गया और इसमें और कौन-कौन शामिल है।

  • पुलिस थानों की तय ‘रेट’ और अवैध वसूली का आरोप, जौरा विधायक ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार

    पुलिस थानों की तय ‘रेट’ और अवैध वसूली का आरोप, जौरा विधायक ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार


    मुरैना।मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। जौरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिले के पुलिस थाने ठेका प्रथा के आधार पर संचालित किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इसी वजह से इलाके में अपराध, गुंडागर्दी और अराजकता लगातार बढ़ती जा रही है।मीडिया से चर्चा के दौरान विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में वास्तविक पुलिसिंग कहीं नजर नहीं आ रही है। उन्होंने दावा किया कि थानों की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था संभालने की बजाय अवैध वसूली तक सीमित रह गई है, जिससे आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

    अपराध के आधार पर तय होती है थानों कीरेट

    जौरा विधायक ने आरोप लगाया कि हर पुलिस थाने की एक तय कीमत है, जो उस क्षेत्र में चल रहे अवैध कारोबार और अपराधों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जिन थाना क्षेत्रों में जुआ, सट्टा या अन्य अवैध गतिविधियां अधिक होती हैं, वहां की रेट भी उसी अनुपात में ज्यादा होती है। इसी तरह अवैध रेत खनन में लगे ट्रैक्टरों और वाहनों की संख्या के आधार पर भी थानों की कीमत तय की जाती है।विधायक के अनुसार, जब कानून व्यवस्था संभालने वाले थाने इस तरह से तयशुदा रेट पर काम करेंगे, तो अपराध का बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है।
    बढ़ते अपराधों के लिए पुलिस जिम्मेदार
    पंकज उपाध्याय ने कहा कि जिले में गुंडागर्दी, लूट, डकैती और गोलीबारी जैसी घटनाओं में तेजी देखी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के लिए केवल निचले स्तर के पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। विधायक ने कहा कि जब शीर्ष स्तर पर जवाबदेही नहीं होगी, तो व्यवस्था में सुधार की उम्मीद करना मुश्किल है।उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस थानों में जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे लोगों का भरोसा व्यवस्था से उठता जा रहा है।

    नेताओं के हस्तक्षेप से बढ़ रही अवैध वसूली
    विधायक ने पुलिस थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं के दबाव और संरक्षण के चलते अवैध वसूली का यह सिलसिला चल रहा है। जब तक इस तरह का हस्तक्षेप बंद नहीं होगा, तब तकतय लूट की यह व्यवस्था यूं ही चलती रहेगी।उन्होंने कहा कि आम नागरिक जब थाने जाता है, तो उसकी बात सुनी नहीं जाती, जबकि अपराधियों को संरक्षण मिलता है। यह स्थिति लोकतंत्र और कानून व्यवस्था दोनों के लिए खतरनाक है।

    कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
    पंकज उपाध्याय ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी इस व्यवस्था के खिलाफ पहले भी आवाज उठाती रही है और आगे भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगी।उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को गूंगे-बहरों तक पहुंचाने के लिए संघर्ष जरूरी है। कांग्रेस पार्टी आम लोगों की सुरक्षा और न्याय के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी।

    प्रशासन पर बढ़ता दबाव

    विधायक के इन आरोपों के बाद पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

  • पराशरी श्मशान घाट के पास नवजात का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

    पराशरी श्मशान घाट के पास नवजात का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच


    विदिशा।मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से रविवार को एक अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। पराशरी श्मशान घाट के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहां मौजूद लोगों ने एक आवारा कुत्ते को नवजात शिशु का शव लेकर घूमते हुए देखा। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।यह घटना 28 दिसंबर की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय कुछ लोग पराशरी श्मशान घाट में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर आसपास घूम रहे एक कुत्ते पर पड़ी। पहले तो किसी को स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, लेकिन जब लोगों ने ध्यान से देखा तो उन्हें समझ आया कि कुत्ते के मुंह में नवजात शिशु का शव है। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    पुलिस ने संभाली स्थिति

    सूचना मिलने के बाद गंज बासौदा देहात थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने सावधानीपूर्वक शव को अपने कब्जे में लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। घटना की खबर फैलते ही इलाके में भय और चिंता का माहौल बन गया। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए।

    प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया

    गंज बासौदा देहात थाना प्रभारी मनोज दुबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नवजात की उम्र करीब चार से पांच महीने के आसपास प्रतीत हो रही है। उन्होंने बताया कि कई बार सामाजिक दबाव, पारिवारिक परिस्थितियों या अन्य कारणों से नवजात शिशुओं को श्मशान घाट या आसपास के इलाकों में अस्थायी रूप से दफना दिया जाता है। बाद में जानवरों द्वारा जमीन खोदने पर ऐसे मामले सामने आ जाते हैं।हालांकि पुलिस इस घटना को केवल लापरवाही मानकर नहीं चल रही है। थाना प्रभारी के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि शव वहां किस परिस्थिति में पहुंचा और क्या इसके पीछे कोई आपराधिक कृत्य जुड़ा हुआ है।

    जांच के दायरे में कई पहलू

    पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और हाल के दिनों में हुए किसी संदिग्ध प्रसव या नवजात से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह मामला अवैध दफन या किसी सामाजिक अपराध से जुड़ा हो सकता है।पुलिस ने नवजात के शव का विधि-विधान और कानूनी प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार कराया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटना किन परिस्थितियों में हुई।

    समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी

    इस घटना ने समाज में संवेदनशील मुद्दों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्मशान घाट और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।
  • पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, मंदसौर सबसे ठंडा, शीतलहर का अलर्ट

    पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, मंदसौर सबसे ठंडा, शीतलहर का अलर्ट

    भोपाल । पहाड़ी राज्यों में हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब मध्यप्रदेश में साफ नजर आने लगा है। प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। भोपाल, इंदौर सहित पांच जिलों में शीतलहर चल रही है, जबकि मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बन गया है, जहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीती रात प्रदेश के करीब 30 शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। उत्तरी जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।मौसम विभाग ने रविवार को भोपाल, इंदौर, शाजापुर, सीहोर और राजगढ़ में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे रहने की संभावना है, जिससे दिन में भी ठंड का एहसास बना रहेगा। लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने और गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

    मालवा-निमाड़ में ठंड का सबसे ज्यादा असर

    प्रदेश में ठंड का सबसे ज्यादा असर मालवा और निमाड़ अंचल में देखने को मिल रहा है। इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 जिलों में तापमान लगातार गिरा है। मंदसौर के बाद शाजापुर दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल में 4.6 डिग्री, इंदौर में 6.2 डिग्री, ग्वालियर में 6.7 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री और जबलपुर में 7.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    शनिवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में 3.2 डिग्री, राजगढ़ में 3.8 डिग्री, नौगांव में 4.6 डिग्री, उमरिया में 4.7 डिग्री, पचमढ़ी में 4.8 डिग्री, खजुराहो में 5 डिग्री, मलाजखंड में 5.6 डिग्री और रीवा में तापमान 5.8 डिग्री रहा। वहीं, रायसेन, शिवपुरी, दमोह, मंडला, दतिया, सतना, गुना, श्योपुर, धार, रतलाम समेत करीब 30 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। इधर, 16 से ज्यादा जिलों में कोहरे का असर भी देखा गया।

    कोहरे से रेल यातायात प्रभावित

    शनिवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली सहित कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे और सर्द हवाओं के चलते दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं। भोपाल, इंदौर, मंदसौर, शाजापुर और आसपास के जिलों में तेज सर्द हवाओं ने ठंड का असर और बढ़ा दिया।

    आगे और बढ़ सकती है ठंड

    मौसम विभाग के अनुसार, 30 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। सर्द हवाओं और जेट स्ट्रीम के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में ठंड और तेज होने की संभावना जताई गई है।

  • विदिशा की पिच पर दिखा शिवराज सिंह चौहान का अंदाज, सांसद खेल महोत्सव के समापन पर जड़ा शानदार सिक्स

    विदिशा की पिच पर दिखा शिवराज सिंह चौहान का अंदाज, सांसद खेल महोत्सव के समापन पर जड़ा शानदार सिक्स


    विदिशा।मध्य प्रदेश के विदिशा में आयोजित संसदीय खेल महोत्सव 2025 का समापन रविवार को उत्साह, जोश और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। जैन कॉलेज परिसर में आयोजित इस समापन समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और विदिशा से सांसद शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय और जीवंत हो गया, जब शिवराज सिंह चौहान स्वयं क्रिकेट की पिच पर उतरे और पहली ही गेंद पर शानदार सिक्स लगाकर खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह बढ़ा दिया।समारोह में बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी, खेल प्रेमी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। खेल मैदान पर केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी ने खिलाड़ियों के मनोबल को नई ऊर्जा दी। शिवराज सिंह चौहान ने न केवल विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया, बल्कि खेलों के प्रति युवाओं को प्रेरित करने का संदेश भी दिया।

    कहां और कैसे हुआ आयोजन

    सांसद खेल महोत्सव 2025 का समापन कार्यक्रम विदिशा के जैन कॉलेज परिसर में आयोजित किया गया। इस महोत्सव के अंतर्गत पिछले कुछ दिनों से विधानसभा क्षेत्र स्तर पर क्रिकेट, कबड्डी, फुटबॉल सहित कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। इनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

    मैदान पर उतरे सांसद

    क्रिकेट मैच के दौरान दर्शकों की अपील पर शिवराज सिंह चौहान ने बैट थामा। गेंदबाज की पहली ही गेंद पर उन्होंने दमदार शॉट खेलते हुए गेंद को सीधे बाउंड्री के बाहर पहुंचा दिया। सिक्स लगते ही मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठा। यह दृश्य खिलाड़ियों के साथ-साथ मौजूद दर्शकों के लिए भी यादगार बन गया।

    विजेताओं को मिले पुरस्कार

    समारोह में केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि क्रिकेट और कबड्डी प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को क्रमशः 1.5 लाख रुपये, 1 लाख रुपये और 50 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं फुटबॉल प्रतियोगिता में विजेता टीम को 21 हजार रुपये और उपविजेता टीम को 11 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सांसद खेल महोत्सव का अंतिम और भव्य समापन कार्यक्रम रायसेन में आयोजित होगा, जहां विधानसभा स्तर पर विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया जाएगा।

    युवाओं को दिया संदेश

    समारोह को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और अनुशासन भी सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों से युवा नशे और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहते हैं और जीवन में अनुशासन विकसित होता है।उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खेल को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए निरंतर अभ्यास करें।

    भविष्य की योजनाएं
    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदानों और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि गांव-गांव और शहर-शहर से खेल प्रतिभाएं निकलकर राज्य और देश का नाम रोशन करें।उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव जैसे आयोजन युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं।

  • वाराणसी के संत रविदास मंदिर में अचानक लगी आग,बड़ा हादसा टला

    वाराणसी के संत रविदास मंदिर में अचानक लगी आग,बड़ा हादसा टला


    वाराणसी।
    उत्तर प्रदेश के वाराणसी सीर गोवर्धनपुर स्थित संत शिरोमणि रविदास की जन्मस्थली स्थित रविदास मंदिर परिसर में सोमवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम, लंका पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दमकल कर्मियों ने मंदिर प्रबंधन के सहयोग से तत्परता दिखाते हुए आग पर शीघ्र काबू पा लिया। हादसे में किसी श्रद्धालु के झुलसने की सूचना नहीं है। मंदिर में स्थापित संत शिरोमणि रविदास की मूर्ति तथा मुख्य द्वार पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    मंदिर प्रशासन ने बताया कि सतर्कता बरतते हुए सभी श्रद्धालुओं को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि या गंभीर नुकसान नहीं हुआ। घटना की जानकारी लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने मंदिर प्रबंधन और मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं से पूछताछ की। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि मंदिर के पिछले हिस्से में स्थित एक कमरे में सुबह करीब 6:30 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। समय पर कार्रवाई से आग को फैलने से रोक लिया गया और मंदिर का मुख्य हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है। फिलहाल स्थिति सामान्य है ।

  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असम पहुंचे, हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असम पहुंचे, हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने किया स्वागत


    गुवाहाटी।
    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज गुवाहाटी पहुंचे।। गृहमंत्री का लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने गर्मजोशी से स्वागत किया। हवाई अड्डे से गृह मंत्री सीधे हेलीकॉप्टर के जरिए श्रीमंत शंकरदेव के जन्म स्थान बटद्रबा थान के लिए रवाना हुए। वहां वो भव्य सांस्कृतिक प्रकल्प का उद्घाटन करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने अमित शाह को असम की पुण्यभूमि का आत्मिक शुभचिंतक बताते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री असम की विरासत और विकास से जुड़े कई अहम परियोजनाओं को प्रदेशवासियों को समर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अमित शाह की यह यात्रा असम के लिए विकास और सांस्कृतिक नवजागरण के एक नए दौर की शुरुआत करेगी।

  • सोमवार व्रत: राशि अनुसार शिव पूजा से बढ़ती है विशेष कृपा, जानें कौन-सा उपाय किसके लिए लाभकारी

    सोमवार व्रत: राशि अनुसार शिव पूजा से बढ़ती है विशेष कृपा, जानें कौन-सा उपाय किसके लिए लाभकारी


    नई दिल्ली।सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किया गया व्रत, अभिषेक और पूजा विशेष फल देती है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यदि शिव पूजा राशि के अनुसार की जाए तो इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। सोमवार का दिन चंद्रमा से भी जुड़ा है, जिससे यह दिन भावनाओं, मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। यही कारण है कि कई लोग सोमवार व्रत को मनोकामना पूर्ति, शांति और आर्थिक स्थिरता से जोड़कर देखते हैं।

    राशि अनुसार पूजा का महत्व
    ज्योतिष के अनुसार हर राशि पर अलग ग्रहों का प्रभाव होता है। जब पूजा सामग्री और मंत्र राशि के अनुरूप होते हैं, तो साधक का ध्यान केंद्रित रहता है और पूजा अधिक प्रभावी मानी जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि विशेष रूप से मेष, कर्क, सिंह, कन्या, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए सोमवार व्रत अत्यंत फलदायी होता है।

    मेष से मिथुन राशि के उपाय

    मेष राशि: शिवलिंग पर जल में गुड़ या शहद मिलाकर अभिषेक करना शुभ माना जाता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और रुके कार्यों में गति आती है।

    वृषभ राशि: दूध, दही या चंदन से अभिषेक करना लाभकारी है। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और पारिवारिक जीवन में संतुलन आता है।

    मिथुन राशि: गंगाजल में दूर्वा मिलाकर अभिषेक करने से मानसिक तनाव में कमी आती है और वाणी में मधुरता बढ़ती है।

    कर्क से कन्या राशि के उपाय
    कर्क राशि: दूध या घी से अभिषेक और  ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप मन को शांति देता है।

    सिंह राशि: गुड़ या शहद मिले जल से अभिषेक और दीपक जलाना मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करता है।

    कन्या राशि: गन्ने के रस या भांग के पत्तों से अभिषेक करना कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाने वाला माना जाता है।

    तुला से मीन राशि के उपाय
    तुला राशि: इत्र मिले जल या शुद्ध घी से पूजा करने से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।

    वृश्चिक राशि: सुगंधित दूध या गंगाजल से अभिषेक आत्मबल बढ़ाता है।

    धनु राशि: केसर युक्त दूध से अभिषेक करने से भाग्य पक्ष मजबूत होता है।

    मकर राशि: काले तिल मिले जल से अभिषेक और दान करने से शनि संबंधी बाधाओं में राहत मिलती है।

    कुंभ राशि: सफेद तिल या गन्ने के रस से शिव पूजन लाभकारी है।

    मीन राशि: दूध और भांग के पत्तों से अभिषेक शुभ माना जाता है।

    ध्यान रखने योग्य बातें
    धार्मिक जानकारों का कहना है कि पूजा और व्रत में श्रद्धा, संयम और नियमितता सबसे जरूरी हैं। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपनी राशि, ग्रह स्थिति और आस्था के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।विशेषज्ञों का मानना है कि राशि अनुसार सोमवार व्रत और शिव पूजन करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में स्थिरता, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ती है। पूजा के साथ संयमित आहार और ध्यान का पालन करने से लाभ और अधिक बढ़ जाता है।सोमवार व्रत को नियमित रूप से करने से मानसिक संतुलन, पारिवारिक सुख और आर्थिक प्रगति में सहायक सिद्ध होता है। इसके अलावा, यह उपाय जीवन में अनुशासन और सकारात्मक सोच को भी मजबूत करता है।

  • नोएडा एक्सप्रेसवे पर चलती हुई कार में लगी आग, बाल बाल बचा चालक

    नोएडा एक्सप्रेसवे पर चलती हुई कार में लगी आग, बाल बाल बचा चालक


    नोएडा।
    उत्तर प्रदेश के नोयडा में थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र के नोएडा एक्सप्रेसवे पर रविवार की देर रात को चलती हुई टाटा पंच कार में अज्ञात कारण से भयंकर आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। लोगों ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वालों के अनुसार सूचना देने के एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। इस घटना के चलते हाईवे पर देर रात को काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

    मुख्यदमकल अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि मायचा गांव के रहने वाले भूपेंद्र अपनी टाटा पंच कार में सवार होकर रविवार की रात को नोएडा एक्सप्रेसवे के रास्ते ग्रेटर नोएडा से नोएडा जा रहे थे, तभी उनकी कार में अचानक आग लग गई। उन्होंने चलती कार से कूदकर अपनी जान बचाई। उन्होंने बताया कि आग की सूचना पाकर मौके पर दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची, तथा आग पर काबू पाया। आग के चलते कार पूरी तरह से जल गई है। दमकल विभाग के अधिकारी आग लगने के कारण का पता लगा रहे हैं। वहीं इस घटना के चलते मौके पर अफरा- तफरी का माहौल हो गया। काफी वाहन चालक घटनास्थल के आसपास अपनी गाड़ियों को खड़ा करके वीडियो बनाने लगे। लोगों ने वीडियो में इस बात का जिक्र किया है की घटना की सूचना के 1 घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची। इस घटना के चलते हाईवे पर देर रात को काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही।

  • ट्रोलिंग पर नहीं, परिवार के लिए लिया ब्रेक, जेमी लीवर ने तान्या मित्तल मिमिक्री विवाद पर तोड़ी चुप्पी

    ट्रोलिंग पर नहीं, परिवार के लिए लिया ब्रेक, जेमी लीवर ने तान्या मित्तल मिमिक्री विवाद पर तोड़ी चुप्पी



    नई दिल्ली। कॉमेडियन और मिमिक्री आर्टिस्ट जेमी लीवर ने सोशल मीडिया से ब्रेक लेने की वजह साफ कर दी है। हाल ही में उन्होंने तान्या मित्तल की मिमिक्री वाला एक वीडियो शेयर किया था, जिस पर उन्हें ट्रोल किया गया। इस ट्रोलिंग के कारण उनके ब्रेक लेने की खबरें उड़ी थीं, लेकिन जेमी ने एक मीडिया को बताया कि उनका ब्रेक पूरी तरह व्यक्तिगत है और परिवार के लिए लिया गया है, न कि किसी ट्रोलिंग के कारण।
    इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताने की जरूरत है, इसलिए उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि तान्या मित्तल ने उनके वीडियो पर कोई रिएक्शन नहीं दिया और उनके बीच कोई कम्यूनिकेशन नहीं है।

    मिमिक्री को लेकर जेमी ने कहा कि यह एक कला है और इसे समझने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मिमिक्री करते समय बॉडी लैंग्वेज, फेशियल एक्सप्रेशन और वॉइस टोन का इस्तेमाल जरूरी होता है।

    अगर किसी को वीडियो पसंद नहीं आता, तो उन्हें बस इसे देखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि मिमिक्री को मजाक या बॉडीशेमिंग समझना गलत है।

    भविष्य की योजनाओं के बारे में जेमी ने कहा कि फिलहाल वह सिर्फ परिवार के साथ समय बिताना चाहती हैं। उनके रिश्तेदार अलग-अलग शहरों से आए हैं और वह उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहती हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अगले साल वह सोशल मीडिया पर वापसी करेंगी और अपने फैंस को फिर से एंटरटेन करेंगी। इस तरह जेमी ने साफ कर दिया कि उनका ब्रेक व्यक्तिगत जरूरतों और परिवार के लिए है, न कि किसी ट्रोलिंग के कारण।