Blog

  • विकेटों का खेल! Purple Cap जीतकर इन भारतीयों ने रचा इतिहास

    विकेटों का खेल! Purple Cap जीतकर इन भारतीयों ने रचा इतिहास


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में जहां बल्लेबाजों के लिए ऑरेंज कैप खास होती है, वहीं गेंदबाजों के लिए पर्पल कैप (Purple Cap Winners) सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है। यह कैप हर सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज को दी जाती है। इसकी शुरुआत साल 2008 में हुई थी और तब से यह गेंदबाजों की श्रेष्ठता का प्रतीक बन चुकी है।

    IPL के इतिहास में कई दिग्गज गेंदबाजों ने पर्पल कैप अपने नाम की है। अगर भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो Bhuvneshwar Kumar, Harshal Patel और Mohammed Shami जैसे गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस लिस्ट में अपनी जगह बनाई है।

    ये हैं भारतीय Purple Cap Winners

    भुवनेश्वर कुमार

    भुवनेश्वर कुमार उन चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हैं जिन्होंने पर्पल कैप दो बार (2016 और 2017) जीती है। वहीं हर्षल पटेल ने 2021 में 32 विकेट लेकर रिकॉर्ड की बराबरी की और 2024 में फिर से 24 विकेट के साथ यह खिताब अपने नाम किया।

    मोहम्मद शमी

    अगर हाल के सालों पर नजर डालें तो मोहम्मद शमी ने 2023 में 28 विकेट लेकर पर्पल कैप जीती थी। इसके बाद 2025 में प्रसिद्ध कृष्णा ने 25 विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की।

    हर्षल पटेल

    IPL के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट एक सीजन में लेने का रिकॉर्ड 32 विकेट का है, जिसे ड्वेन ब्रावो (2013) और हर्षल पटेल (2021) ने बनाया।

    कुल मिलाकर देखा जाए तो पर्पल कैप सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह टीम की सफलता में गेंदबाज के योगदान को भी दर्शाती है। हर सीजन में यह रेस बेहद रोमांचक होती है और गेंदबाज अपनी धारदार गेंदबाजी से मैच का रुख बदल देते हैं।

    आने वाले IPL सीजन में भी फैंस की नजरें इस बात पर रहेंगी कि इस बार कौन सा गेंदबाज विकेटों की बारिश कर पर्पल कैप अपने नाम करता है।

  • मां त्रिपुर सुंदरी का पंचमेवा श्रृंगार, श्रद्धालुओं में उमड़ा आस्था का सैलाब

    मां त्रिपुर सुंदरी का पंचमेवा श्रृंगार, श्रद्धालुओं में उमड़ा आस्था का सैलाब


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के परमहंसी गंगा आश्रम श्रीवनम की पहाड़ियों पर नवरात्र का पावन पर्व अपने चरम पर है। इस पावन अवसर पर नवरात्र के पांचवे दिन श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष और अद्भुत दृश्य देखने को मिला। राजराजेश्वरी मां त्रिपुर सुंदरी का पंचमेवा से श्रृंगार किया गया। काजू, किशमिश, बादाम, अंजीर और पिस्ता से मां के आभूषण और वस्त्रों को सजाया गया। इस अनोखे और आकर्षक श्रृंगार ने पूरे आश्रम परिसर को भक्ति और आस्था के रंगों से भर दिया।

    श्रद्धालु सुबह से ही आश्रम में पहुंचना शुरू हो गए थे। हर ओर उत्साह का माहौल नजर आ रहा था। भक्तों की आँखों में आस्था झलक रही थी और वे माता के दिव्य रूप को निहारते हुए उनके आशीर्वाद की कामना कर रहे थे। पंचमेवा के श्रृंगार में मां के आभूषण और वस्त्रों की सजावट इतनी मनमोहक थी कि हर भक्त मंत्रमुग्ध हो गया। विशेष रूप से काजू, किशमिश, बादाम, अंजीर और पिस्ता से बने गहनों और वस्त्रों ने मां के रूप को और भी दिव्य और मोहक बना दिया।

    मान्यता है कि राजराजेश्वरी मां त्रिपुर सुंदरी की साधना से भक्तों को भोग और मोक्ष दोनों का फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि नवरात्र के इन दिनों श्रद्धालु विशेष रूप से इस स्थान की ओर आकर्षित होते हैं। आश्रम में लगी भव्य सजावट और मां के पंचमेवा श्रृंगार को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे हैं। हर कदम पर भक्तों की श्रद्धा और भक्ति का अनुभव किया जा सकता है।

    श्रीवनम आश्रम की पहाड़ियों पर यह दृश्य अत्यंत मनोहारी था। मां के श्रृंगार के चारों ओर रंग-बिरंगे फूलों की सजावट और दीपों की रौशनी ने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया। श्रद्धालु न केवल मां के दर्शन कर रहे थे बल्कि पंचमेवा श्रृंगार की अद्भुत कला और सजीवता की सराहना भी कर रहे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इस दिव्य अनुभव में लीन थे।

    भक्तों का कहना था कि इस पंचमेवा श्रृंगार ने न केवल मां के रूप को अद्भुत बना दिया बल्कि उनके मन को भी शांति और आनंद से भर दिया। यह अनुभव उन्हें जीवनभर याद रहेगा। इस अवसर पर आश्रम के महंत और पुजारी ने भी मां को विशेष भोग अर्पित किया और पंचमेवा के आभूषणों का महत्व समझाते हुए श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन दिया।

    पूरे परिसर में भक्ति का माहौल देखने लायक था। मंदिर के गर्भगृह से लेकर बाहरी हिस्सों तक हर जगह श्रद्धालुओं की श्रद्धा और उत्साह की चमक दिखाई दे रही थी। पंचमेवा के श्रृंगार के दर्शन करने वाले श्रद्धालु अपने हाथ जोड़कर मां के चरणों में शीश झुकाते और आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे। यही नवरात्र की असली भक्ति और आनंद की अनुभूति है।

    आस्था और भक्ति की इस अनूठी परंपरा ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं के दिलों को भी छू लिया। पंचमेवा श्रृंगार के माध्यम से मां त्रिपुर सुंदरी का दिव्य रूप भक्तों के सामने उतारा गया और उन्होंने इस अवसर को जीवन का अद्भुत अनुभव माना।

  • उत्तर प्रदेश में सौर क्रांति, पीएम सूर्य घर योजना से घर-घर पहुंची स्वच्छ ऊर्जा..

    उत्तर प्रदेश में सौर क्रांति, पीएम सूर्य घर योजना से घर-घर पहुंची स्वच्छ ऊर्जा..


    नई दिल्ली: पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए खुद को देश के अग्रणी हरित ऊर्जा राज्यों में शामिल कर लिया है वर्ष 2017 से पहले जहां राज्य की सौर क्षमता लगभग 400 मेगावाट तक सीमित थी वहीं आज यह बढ़कर 5000 मेगावाट से अधिक हो चुकी है यह बदलाव राज्य की मजबूत नीतियों बड़े निवेश और जनभागीदारी का परिणाम है

    इस बदलाव में PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है इस योजना के तहत सरकार ने लोगों को अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया है जिससे आम नागरिक भी स्वच्छ ऊर्जा के इस अभियान का हिस्सा बन सके हैं

    रूफटॉप सोलर कार्यक्रम की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में 4 लाख से अधिक सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं इससे न केवल बिजली की लागत कम हुई है बल्कि लोगों को हर महीने हजारों रुपये की बचत भी हो रही है साथ ही नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली बेचकर आम लोग अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं

    वर्ष 2017 के बाद लागू की गई सौर ऊर्जा नीतियों ने इस क्षेत्र को नई दिशा दी है उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति 2017 और 2022 के तहत बड़े सोलर पार्क और ग्राउंड माउंटेड प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया गया जिससे राज्य में निवेश भी बढ़ा और क्षमता में तेजी से वृद्धि हुई

    सरकार ने सौर ऊर्जा के विस्तार के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं जिसमें 22000 मेगावाट सौर क्षमता हासिल करने का लक्ष्य शामिल है इसके लिए सरकारी भवनों का सौरकरण बड़े प्रोजेक्ट्स और नई तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है

    इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों में भी उत्तर प्रदेश ने कदम बढ़ाए हैं गोरखपुर और रामपुर में पायलट प्रोजेक्ट्स स्थापित किए जा रहे हैं जो भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा के नए विकल्प प्रदान करेंगे यह पहल राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत बनाती है

    सौर ऊर्जा के विस्तार से पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिला है इसके साथ ही हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त हुए हैं खासकर सोलर इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस के क्षेत्र में

    घरेलू स्तर पर भी सौर ऊर्जा ने लोगों की जीवनशैली को बदल दिया है अब सौर ऊर्जा का उपयोग केवल लाइट और पंखे तक सीमित नहीं है बल्कि इंडक्शन कुकटॉप इलेक्ट्रिक वाहन और अन्य उपकरणों के संचालन में भी इसका उपयोग बढ़ रहा है इससे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम हो रही है

     उत्तर प्रदेश की यह प्रगति दर्शाती है कि सही नीतियों और योजनाओं के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को व्यापक स्तर पर अपनाया जा सकता है और यह राज्य को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है
  • मिडिल ईस्ट तनाव पर संसद में बोले PM मोदी, "भारत के सामने भी चुनौतियां, लेकिन संकट से निपटने सरकार तैयार"

    मिडिल ईस्ट तनाव पर संसद में बोले PM मोदी, "भारत के सामने भी चुनौतियां, लेकिन संकट से निपटने सरकार तैयार"

    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी जंग का असर अब सीधे भारत पर भी दिखने लगा है। सोमवार को संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस युद्ध ने भारत के सामने कई अप्रत्याशित और गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार आर्थिक, सुरक्षा और मानवीय सभी स्तरों पर इस संकट से निपटने के लिए पूरी तैयारी के साथ काम कर रही है।

    युद्ध से खड़ी हुई चुनौतियां

    प्रधानमंत्री ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति चिंताजनक है और यह संकट तीन हफ्तों से ज्यादा समय से जारी है। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम जनता की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए भी यह आसान नहीं है और कई मोर्चों पर चुनौतियां सामने आई हैं।

    खाड़ी में 1 करोड़ भारतीय, सुरक्षा प्राथमिकता

    पीएम मोदी ने बताया कि युद्ध क्षेत्र वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और करीब 1 करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी चिंता है।

    3.75 लाख भारतीय सुरक्षित लौटाए गए

    प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित घर लाया गया है। सिर्फ ईरान से ही करीब 1 हजार भारतीयों को निकाला गया, जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र शामिल थे। उन्होंने दुख जताया कि कुछ लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबरें भी आई हैं।

    पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति सुरक्षित

    पीएम मोदी ने बताया कि भारत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता है, जो संकट में है। सरकार ने पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए खास रणनीति तैयार की है। देश अपनी घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दे रहा है और उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है।

    ऊर्जा सुरक्षा के बड़े कदम
    – भारत अब पहले 27 देशों की बजाय 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है।
    – देश के पास 53 लाख मैट्रिक टन से अधिक तेल का भंडार मौजूद है।
    – पिछले सालों में इथेनॉल उत्पादन बढ़ाने से पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाया जा रहा है।
    – रेलवे के बिजलीकरण से ऊर्जा पर दबाव कम हुआ है।

    खेती और खाद पर नजर

    प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध का असर कृषि पर भी पड़ सकता है, लेकिन देश में खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता है। किसानों के लिए खाद की पर्याप्त व्यवस्था की गई है और 6 नए यूरिया प्लांट शुरू किए गए हैं, ताकि खेती पर असर न्यूनतम हो।

    भारत हर स्थिति के लिए तैयार

    पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि सरकार वैश्विक सहयोगियों के संपर्क में है ताकि समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि भारत इस संकट का मजबूती से सामना करेगा और देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

  • मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में भूचाल, ब्रेंट क्रूड 60% से ज्यादा उछला

    मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में भूचाल, ब्रेंट क्रूड 60% से ज्यादा उछला


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में तीव्र हलचल पैदा कर दी है। ईरान से संबद्ध युद्ध जैसे हालातों के बाद अंतरराष्ट्रीय पैनल ब्रेंट क्रूड के द्वीप में 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। करीब 70 डॉलर प्रति डॉलर का कारोबार ब्रेंट अब 112 डॉलर प्रति डॉलर के करीब पहुंच गया है। वहीं, भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल के लिए 3 फीसदी से ज्यादा उछाल 9,310 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गया। पिछले एक महीने में ही जिले में 56 प्रतिशत की तेजी ने बाजार की चमक को साफ तौर पर शामिल कर दिया है। अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी करीब 98.75 डॉलर प्रति शेयर पर पहुंच गया, जिसमें कोडो सत्र में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई।

    होर्मुज पर खतरा, अल्ट्रासाउंड बाधित होने का डर

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा मंडरा रहा है। इस समुद्री मार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा शामिल है, लेकिन स्थिर बंदरगाहों में यहां से बाधा उत्पन्न हो रही है। कई तेल उत्पादक संयंत्रों में उत्पादन की नौबत आ गई है, जिससे बाजार में ऑक्सफोर्ड को लेकर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मार्ग से तेल की आपूर्ति सामान्य स्तर के केवल 5 प्रतिशत तक सीमित रह सकती है और स्थिति सामान्य होने में कम से कम एक महीने का समय लग सकता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है।

    अमेरिका-ईरान माजी से बड़ी चिंता

    यह संकट और गंभीर बना हुआ है अमेरिका और ईरान के बीच भारी संकट। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में 48 घंटे के भीतर पूरी तरह से चेतावनी दी थी। उन्होंने साफ कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान के पावर प्लांट्स को बंद कर दिया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान ने भी पलटवार करते हुए खाड़ी देशों के ऊर्जा पर्यावरण पर हमले को खतरनाक बना दिया है। हालाँकि ईरान का दावा है कि होर्मुज़ पूरी तरह से बंद नहीं है और साथियों की छुट्टी जारी है, लेकिन सुरक्षा के दावे से सख्त कदम उठाए गए हैं, जिससे स्थिति बेहद खराब हो गई है।

    आगे और बढ़ोतरी संभावित है, उत्पादन में भारी गिरावट का अनुमान है

    वैश्विक वित्तीय संस्था गोल्डमैन सैक्स ने भी इस संकट को देखते हुए अपने अनुमान में बदलाव किया है। संस्था ने 2026 के लिए ब्रेंट क्रूड का औसत अनुमान 77 डॉलर से 85 डॉलर प्रति आँकड़ा कर दिया है, जबकि मार्च-अप्रैल के दौरान लगभग 110 डॉलर प्रति आँकड़े के आसपास रहने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में कच्चे तेल के उत्पादन में नुकसान 1.1 करोड़ कोटा प्रति दिन से लेकर 1.7 करोड़ कोटा प्रति दिन तक पहुंच सकता है। हालाँकि, एक राहत की बात यह है कि अमेरिका और यूरोप में अभी भी कच्चे तेल का भंडार है, जिससे संकेत मिलता है कि संघर्ष पहले ही शुरू हो चुका है, जो कि विश्वव्यापी राक्षस माँग से अधिक है।

  • IPL 2026 और महिला क्रिकेट में MP की उपलब्धियां, MPCA ने खिलाड़ी मंच तैयार किया

    IPL 2026 और महिला क्रिकेट में MP की उपलब्धियां, MPCA ने खिलाड़ी मंच तैयार किया

    ग्वालियर । ग्वालियर में महाआर्यमन राव सिंधिया ने मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन MPCA की उपलब्धियों और आईपीएल 2026 में MP के खिलाड़ियों के चयन पर खुशी जताई। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस बार IPL में मध्यप्रदेश के 10 से ज्यादा खिलाड़ी खेल रहे हैं।

    महाआर्यमन राव सिंधिया ने कहा कि यह सफलता MPCA और MPL की टीमवर्क का परिणाम है जिन्होंने क्रिकेट को लेकर मिलकर मेहनत की। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि महिला क्रिकेट में भी MP का नाम चमक रहा है। MPCA से तीन महिलाएं इंडिया क्रिकेट टीम के लिए सिलेक्ट हुई हैं।

    इस अवसर पर महाआर्यमन सिंधिया ग्वालियर में जनता से मिलने पहुंचे और उन्होंने अशोकनगर में लगाए गए स्वास्थ्य कैंप में शामिल होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों से स्वास्थ्य कैंप में कई ऑपरेशन और जांच कार्य हो रहे हैं।

    MPCA अध्यक्ष ने आगे कहा कि MPL और MPCA ने सभी खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया है जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल दिखाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और टीमवर्क की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरी टीम के प्रयासों का परिणाम है।

    महाआर्यमन सिंधिया के अनुसार IPL 2026 और महिला क्रिकेट में MP की उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। उन्होंने कहा कि MPCA के प्रयासों से क्रिकेट के सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिल रहे हैं जिससे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊँचा हो रहा है। यह बयान MP क्रिकेट के लिए उत्साह और गर्व का क्षण है जो खिलाड़ियों अधिकारियों और समर्थकों के लिए बड़ी खुशी लेकर आया है।

  • Vastu Tips: इस प्रकार खुलेगा आपकी किस्मत का ताला, करना होगा बस ये खास उपाय

    Vastu Tips: इस प्रकार खुलेगा आपकी किस्मत का ताला, करना होगा बस ये खास उपाय


    नई दिल्ली। हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में सुख समृद्धि बनी रहे कोई भी दिक्कत ना आए। लेकिन कई बार देखा जाता है कि कुछ ना कुछ समस्या आपको घेरे रहती है। आपको कोई भी काम नहीं बनता है चारों तरफ से बरकत रुकी रहती है। इसे ठीक करने के लिए आपको कुछ ना कुछ उपाय करना चाहिए। वास्तु शास्त्र में भी इसको लेकर काफी उपाय बताए गए हैं जिन्हें आप अपने घर पर ही बड़े आराम से कर सकते हैं।
    जरूर अपनाएं ये वास्तु नियम
    वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर में सुख समृद्धि पाने के लिए आपको माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करनी चाहिए घर में माता लक्ष्मी यंत्र लाना चाहिए। इसके अलावा अगर आपके घर में चारों तरफ सामान हमेशा फैला रहता है तो वैसा बिलकुल न करें हर सामान को एक जगह पर रखें। क्योंकि मां लक्ष्मी घर में सुख समृद्धि लेकर आती हैं इसलिए उनकी पूजा करना अनिवार्य है। इसके अलावा भी आप सभी देवी देवता की अच्छे से पूजा करें रोजाना दीपक जलाएं उनके समक्ष।

    वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर में मकड़ी का जला नहीं होना चाहिए। मकड़ी का जला घर में जैसे-जैसे जाल बनता है वैसे-वैसे आपके घर में कंगाली छाती जाती है। इसलिए आपको समय रहते ही मकड़ी को घर से भगा देना चाहिए। वहीं घर की साफ सफाई पर पूरा ध्यान रखना चाहिए इससे घर में देवी देवता आते हैं और आपके आशीर्वाद प्रदान करते हैं। आपको अपने घर में बरकत बनाए रखने के लिए घर की शुद्धता बनानी चाहिए इसके लिए सुबह शाम का पूजा लाकर पूरे घर को शुद्ध करना चाहिए।

    घर में हम कई सारे फूल पौधे लगा लेते हैं लेकिन उन पर ध्यान नहीं देते हैं वो धीरे-धीरे सूखने लगते हैं अगर आपके भी घर के बालकनी या फिर गार्डन में ऐसे ही पेड़ पौधे लगे हुए हैं जो सुख रहे हैं तो आप उन्हें जल्द से जल्द घर से बाहर निकाल दे यह नकारात्मकता का कारण बनते हैं इसके साथ आपको अपने घर में कोई टूटी-फूटी चीज भी नहीं रखना चाहिए। इससे भी आप की बरकत में बाधा पहुंचती है।

  • भारत में Indane सबसे बड़ा LPG ब्रांड है, लेकिन पाकिस्तान में कौन सी है सबसे बड़ी गैस एजेंसी? जानिए वहां का LPG सिस्टम कैसे काम करता है और किन कंपनियों का दबदबा है।

    भारत में Indane सबसे बड़ा LPG ब्रांड है, लेकिन पाकिस्तान में कौन सी है सबसे बड़ी गैस एजेंसी? जानिए वहां का LPG सिस्टम कैसे काम करता है और किन कंपनियों का दबदबा है।


    नई दिल्ली।  भारत में Indane, Bharat Gas और HP Gas जैसे बड़े ब्रांड LPG सप्लाई करते हैं। लेकिन पाकिस्तान का सिस्टम इससे काफी अलग है। वहां LPG सेक्टर किसी एक कंपनी के हाथ में नहीं है, बल्कि सरकारी और निजी कंपनियों में बंटा हुआ है।

    पाकिस्तान में कौन सी कंपनी है सबसे बड़ी?
    पाकिस्तान में Pakistan State Oil को सबसे बड़ा और प्रमुख LPG प्लेयर माना जाता है। यह Pak Gas ब्रांड के तहत पूरे देश में गैस सप्लाई करती है। इसके 250 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर हैं, जो शहरों से लेकर दूरदराज इलाकों तक गैस पहुंचाते हैं। Pakistan State Oil खासकर उन इलाकों में LPG पहुंचाती है जहां पाइपलाइन की सुविधा नहीं है, जैसे गिलगित, स्कार्दू, चित्राल इन क्षेत्रों में LPG ही लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का मुख्य साधन है।

    निजी कंपनियां भी हैं मजबूत
    पाकिस्तान का LPG बाजार पूरी तरह सरकारी कंपनी पर निर्भर नहीं है। कई निजी कंपनियां भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं, जैसे Parko Pearl Gas, Burshane LPG ये कंपनियां बड़े स्तर पर काम करती हैं और बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखती हैं।

    गैस सप्लाई का तरीका
    पाकिस्तान में गैस दो तरीकों से सप्लाई होती है रिफाइनरी में गैस तैयार होती है उसे तरल रूप में बदलकर सिलेंडर में भरा जाता है फिर डिस्ट्रीब्यूटर्स के जरिए घरों तक पहुंचाया जाता है पाइप गैस की सप्लाई Sui Northern Gas Pipelines Limited जैसी कंपनियां करती हैं, जो मुख्य रूप से शहरों में सक्रिय हैं।

    कैसे काम करती है पाइप गैस?
    पाइपलाइन के जरिए गैस शहरों तक लाई जाती है। इसके बाद दबाव कम करके घरों तक सप्लाई की जाती है हर घर में मीटर लगा होता है इस्तेमाल के हिसाब से बिल बनाया जाता है पाकिस्तान का LPG सिस्टम भारत के मुकाबले ज्यादा बिखरा हुआ है। यहां Pakistan State Oil सबसे बड़ा खिलाड़ी जरूर है, लेकिन निजी कंपनियों की भी बड़ी भूमिका है। यही वजह है कि पाकिस्तान में गैस सप्लाई एक मल्टी-कंपनी सिस्टम के तहत चलती है, जबकि भारत में यह ज्यादा संगठित और केंद्रीकृत है।

  • वीआईपी कल्चर पर जया बच्चन की सख्त टिप्पणी लोकतंत्र और जनता की गरिमा पर उठाए सवाल

    वीआईपी कल्चर पर जया बच्चन की सख्त टिप्पणी लोकतंत्र और जनता की गरिमा पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली:
    राज्यसभा में वीआईपी संस्कृति को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए Jaya Bachchan ने अपनी तीखी आपत्ति दर्ज कराई उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे महानगरों में वीआईपी मूवमेंट के कारण आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है और यह स्थिति लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है

    जया बच्चन ने बताया कि जब भी किसी वीआईपी का आवागमन होता है तो सड़कों को बंद कर दिया जाता है ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाता है और आम लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है उन्होंने इस व्यवस्था को जनता के अधिकारों का उल्लंघन बताया

    अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में संसद के बाहर उन्हें भी वीआईपी मूवमेंट के कारण रोका गया जो उनके लिए बेहद अपमानजनक अनुभव था उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें इस तरह की असुविधा का सामना करना पड़ा जो स्वीकार्य नहीं है

    उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में कई इलाकों में जहां बड़े राजनीतिक नेता रहते हैं वहां अक्सर सड़कों को बंद कर दिया जाता है जिससे सांसदों को भी संसद पहुंचने में देरी होती है कई बार उन्हें आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ता है और अपनी यात्रा पहले से योजना बनानी पड़ती है ताकि वे समय पर सदन में पहुंच सकें

    जया बच्चन ने एक और उदाहरण देते हुए कहा कि एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्हें एक घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा जिसका कारण वीआईपी मूवमेंट था उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति से आम जनता में नाराजगी बढ़ती है और यह असंतोष पैदा करती है

    उन्होंने विशेष रूप से चिंता जताई कि वीआईपी संस्कृति के कारण आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं कई बार एम्बुलेंस को भी रास्ते में रोक दिया जाता है जो बेहद गंभीर और खतरनाक स्थिति है यदि समय पर इलाज नहीं मिलता तो लोगों की जान तक जा सकती है

    अंतरराष्ट्रीय तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कई देशों में वीआईपी मूवमेंट देखा है लेकिन वहां आम लोगों को इस तरह परेशान नहीं किया जाता भारत में यह समस्या अधिक गंभीर है और इसे तत्काल सुधारने की आवश्यकता है

    अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सभापति से आग्रह किया कि इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाया जाए और वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी नागरिक समान हैं और किसी को भी विशेषाधिकार के नाम पर दूसरों को परेशान करने का अधिकार नहीं होना चाहिए

    जया बच्चन की यह टिप्पणी एक बार फिर इस बहस को सामने लाती है कि क्या वीआईपी संस्कृति आज के लोकतांत्रिक भारत में उचित है या नहीं और क्या इसे बदलने की जरूरत है

  • योगी सरकार की किसानों को सौगात, गेहूं पर MSP बढ़ी, कैबिनेट ने 35 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को दी मंजूरी

    योगी सरकार की किसानों को सौगात, गेहूं पर MSP बढ़ी, कैबिनेट ने 35 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को दी मंजूरी

    लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 35 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में किसानों, ऊर्जा, नगर विकास और औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

    गेहूं पर MSP और अतिरिक्त भत्ता

    खाद्य एवं रसद विभाग से जुड़े फैसलों के अनुसार, इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष से 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। साथ ही किसानों को गेहूं की उतराई, सफाई और छनाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान भी मिलेगा। इसका मतलब है कि किसानों के खातों में प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि भेजी जाएगी।

    खरीद लक्ष्य और प्रक्रिया


    इस सीजन में गेहूं की खरीद का प्रारंभिक लक्ष्य 30 लाख टन रखा गया है, जबकि अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि यह 50 लाख टन तक पहुंच सकता है। राज्य में खरीद 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक होगी। पूरे प्रदेश के 75 जिलों में लगभग 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। भुगतान DBT के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा। खरीद व्यवस्था आठ एजेंसियों के माध्यम से की जाएगी, जिनमें भारतीय खाद्य निगम, उत्तर प्रदेश मंडी परिषद, प्रांतीय और प्रादेशिक सहकारी संघ, उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ शामिल हैं।

    ऊर्जा क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट

    घाटमपुर पावर प्लांट में 660 मेगावॉट की तीन यूनिटों में से दो यूनिट चालू हैं और तीसरी जल्द शुरू होगी। झारखंड के दुमका में आवंटित पछवारा कोल माइन के विकास के लिए 2242.90 करोड़ रुपये की मंजूरी कैबिनेट ने दी। यह प्लांट केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है।

    गोरखपुर सोलर सिटी में विकसित होगा

    अयोध्या के बाद गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में पहले से ही औरैया (20 मेगावॉट, NTPC) और खुर्जा (11 मेगावॉट, THDC) में फ्लोटिंग सोलर प्लांट मौजूद हैं।

    नगर विकास और स्मार्ट शहर

    नवयुग पालिका योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 75 जिलों में से 17 नगर निगम को छोड़कर बाकी 58 जिला मुख्यालयों के नगर पालिकाओं को स्मार्ट बनाने का काम किया जाएगा।

    औद्योगिक और अवस्थापना विकास

    उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना 2025 को मंजूरी दी गई। इसके तहत सरकार भूमि निशुल्क उपलब्ध कराएगी और निजी निवेशक आमंत्रित किए जाएंगे। निवेश पर 45 साल में भूमि की कीमत वसूली जाएगी। संभल में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर की स्थापना के लिए 242.42 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। यह परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे संभल पॉकेट में विकसित होगी।