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  • एयर फ्रेशनर और खुशबूदार क्लीनर से सावधान ओजोन के संपर्क में बन रहे नैनोपार्टिकल फेफड़ों तक पहुंचने का खतरा

    एयर फ्रेशनर और खुशबूदार क्लीनर से सावधान ओजोन के संपर्क में बन रहे नैनोपार्टिकल फेफड़ों तक पहुंचने का खतरा


    नई दिल्ली । घर को साफ सुथरा और खुशबूदार रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले घरेलू सफाई उत्पाद और एयर फ्रेशनर्स अब स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा रहे हैं। स्विट्जरलैंड की ईपीएफएल यूनिवर्सिटी और अमेरिका की पर्ड्यू यूनिवर्सिटी से जुड़े शोध में ऐसे उत्पादों से घर के भीतर बेहद छोटे नैनोपार्टिकल बनने की बात सामने आई है। शोध के मुताबिक खुशबूदार उत्पादों से निकलने वाले कुछ रासायनिक यौगिक जब हवा में मौजूद ओजोन के संपर्क में आते हैं तो रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू होती है। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में अल्ट्राफाइन पार्टिकल्स बन सकते हैं जो सांस के साथ फेफड़ों के गहरे हिस्सों तक पहुंचने में सक्षम होते हैं।

    इस शोध में नींबू और चीड़ जैसी खुशबू वाले उत्पादों पर खास ध्यान दिया गया है। ऐसे कई उत्पादों में लिमोनेन और पाइनीन जैसे रासायनिक यौगिक पाए जाते हैं। ये यौगिक हवा में मौजूद ओजोन के साथ प्रतिक्रिया करके बेहद छोटे कण बना सकते हैं। इनका आकार पीएम10 और पीएम2.5 जैसे सामान्य प्रदूषक कणों से भी छोटा हो सकता है। यही वजह है कि सामान्य आंखों से इन्हें देखना संभव नहीं होता लेकिन सांस लेने के दौरान ये शरीर के अंदर जा सकते हैं।

    शोध से जुड़े निष्कर्ष घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता को लेकर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। जब किसी बंद कमरे में खुशबूदार क्लीनर या एयर फ्रेशनर का इस्तेमाल किया जाता है और वहां पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होता है तो रासायनिक पदार्थों की मौजूदगी बढ़ सकती है। ऐसे वातावरण में बनने वाले सूक्ष्म कण सांस के प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र को पार कर सकते हैं। नाक के बाल और बलगम आमतौर पर बाहरी कणों को रोकने में मदद करते हैं लेकिन बेहद छोटे नैनोपार्टिकल्स इन फिल्टर से आगे निकल सकते हैं।

    लगातार ऐसे कणों के संपर्क को लेकर श्वसन स्वास्थ्य पर चिंता जताई गई है। उपलब्ध शोध में अस्थमा ब्रोंकाइटिस सांस फूलने और फेफड़ों में सूजन जैसी समस्याओं से संभावित संबंध की चर्चा की गई है। खासतौर पर बच्चों बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों के लिए घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है।

    शोध में सामने आए खतरे को देखते हुए घरेलू सफाई के दौरान कुछ सावधानियां अपनाई जा सकती हैं। विशेषज्ञ सलाह के मुताबिक कम सुगंध वाले या सुगंध रहित क्लीनर का इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है। एक साथ कई खुशबूदार उत्पादों का प्रयोग करने से बचना चाहिए। सफाई के दौरान एग्जास्ट फैन चलाने के साथ खिड़कियां खोलकर पर्याप्त वेंटिलेशन रखना भी उपयोगी हो सकता है।

    इसके अलावा रासायनिक स्प्रे का इस्तेमाल कम करने और जरूरत के अनुसार सफेद सिरका बेकिंग सोडा तथा पानी जैसे पारंपरिक विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। वहीं ऐसे एयर प्यूरीफायर या उपकरणों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है जो ओजोन गैस छोड़ते हैं। घर को साफ और खुशबूदार रखना जरूरी है लेकिन इसके साथ घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता और सांसों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना उतना ही महत्वपूर्ण है।

  • SIR विवाद में राहुल गांधी पर राजीव चंद्रशेखर का पलटवार बोले पीएम से माफी मांगें तो फ्रॉड कहना छोड़ दूंगा

    SIR विवाद में राहुल गांधी पर राजीव चंद्रशेखर का पलटवार बोले पीएम से माफी मांगें तो फ्रॉड कहना छोड़ दूंगा


    नई दिल्ली । केरल में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी टकराव और तेज हो गया है। केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी को लेकर अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री वी डी सतीशन पर पलटवार किया है। चंद्रशेखर ने कहा कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग को लेकर की गई अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगते हैं तो वह उन्हें फ्रॉड कहना छोड़ देंगे। यह बयान सतीशन की उस आलोचना के बाद आया जिसमें उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणियों को राजनीतिक आलोचना मानने से इनकार किया था।

    विवाद की शुरुआत तब हुई जब राजीव चंद्रशेखर ने SIR और चुनावी राजनीति के मुद्दे पर राहुल गांधी की आलोचना की। चंद्रशेखर ने कांग्रेस की राजनीति पर कई आरोप लगाए और कहा कि चुनावों में पार्टी को मिली हार के लिए उसे अपनी राजनीतिक रणनीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने SIR का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूची से फर्जी या अवैध नामों को हटाना जरूरी है। उनके मुताबिक चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    इसके बाद मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर चंद्रशेखर की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। सतीशन ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक आलोचना नहीं माना जा सकता। उन्होंने SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों पर चंद्रशेखर के रुख की भी आलोचना की।

    सतीशन के बयान के जवाब में चंद्रशेखर ने कहा कि वह आमतौर पर राजनीतिक विरोधियों पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते लेकिन राहुल गांधी के मामले में उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा चुनाव आयोग को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों की निंदा होनी चाहिए। ये चंद्रशेखर के राजनीतिक आरोप और उनके द्वारा व्यक्त किया गया नजरिया है जिसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

    चंद्रशेखर ने अपने जवाब में सतीशन के सामने एक शर्त भी रखी। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री राहुल गांधी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगने को कहते हैं और चुनाव आयोग के संबंध में लगाए गए आरोपों पर भी माफी मांगने को कहते हैं तो वह राहुल गांधी को फ्रॉड कहना बंद कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी यह मांग स्वीकार नहीं की जाती और विपक्ष अपनी राजनीतिक रणनीति में झूठ भ्रष्टाचार तथा तुष्टीकरण जैसे मुद्दों को शामिल रखता है तो वह अपनी टिप्पणी दोहराते रहेंगे।

    इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस भी है। बीजेपी जहां इसे मतदाता सूची को व्यवस्थित और साफ करने की प्रक्रिया के तौर पर पेश कर रही है वहीं विपक्षी दल इसके तौर तरीकों और संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। केरल में भी यह मुद्दा बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का विषय बना हुआ है। चंद्रशेखर पहले भी SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी की आलोचना कर चुके हैं।

    इस बयानबाजी से साफ है कि केरल की राजनीति में SIR को लेकर विवाद केवल चुनाव आयोग की प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा बल्कि अब बीजेपी और कांग्रेस के शीर्ष राज्य नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने अपने रुख पर कायम हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और बढ़ सकती है।

  • बिहार में कानून व्यवस्था पर BJP सांसद ने उठाए सवाल बोले पुलिसिंग हुई कमजोर अब नए मुख्य सचिव और DGP की जरूरत

    बिहार में कानून व्यवस्था पर BJP सांसद ने उठाए सवाल बोले पुलिसिंग हुई कमजोर अब नए मुख्य सचिव और DGP की जरूरत


    नई दिल्ली । बिहार में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राज्य में लड़कियों से कथित उत्पीड़न के कई मामले सामने आने के बीच अब सत्तारूढ़ बीजेपी के राज्यसभा सांसद शंभू शरण पटेल ने भी पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में पटेल ने कहा कि बिहार में पुलिसिंग व्यवस्था चरमरा गई है और कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए नए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की जरूरत है। उनके इस बयान ने सरकार के सामने अपनी ही पार्टी के भीतर से उठ रही चिंता को सामने ला दिया है।

    शंभू शरण पटेल ने कहा कि राज्य में अपराधियों के बीच कानून का डर दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कानून व्यवस्था पर पूरी तरह से दोबारा नियंत्रण स्थापित करने की जरूरत बताई। सांसद ने अपने एक हालिया अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि एक लड़की से जुड़ी घटना के बाद उन्होंने पटना प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन SSP ने उनका फोन नहीं उठाया। उन्होंने दावा किया कि संबंधित मामले में अब तक FIR भी दर्ज नहीं हुई है। हालांकि इस मामले के बारे में स्वतंत्र रूप से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    पटेल ने कहा कि सत्ता पक्ष का हिस्सा होने के कारण उनके हाथ बंधे हुए हैं लेकिन जनता ने सरकार को सुशासन और कानून व्यवस्था बनाए रखने का जनादेश दिया है। उन्होंने महिला के साथ किसी भी तरह के अत्याचार को गंभीर बताते हुए पुलिस व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उनका बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में पिछले कुछ दिनों के दौरान लड़कियों के कथित उत्पीड़न से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं।

    जमुई में 19 सितंबर को एक नाबालिग लड़की और उसके साथी को कथित तौर पर रोककर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने कई संदिग्धों की पहचान की और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। मामले की जांच के लिए SIT भी गठित की गई थी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के पैर में गोली लगने की जानकारी भी सामने आई।

    इसके कुछ ही दिनों बाद समस्तीपुर में भी एक लड़की के कथित उत्पीड़न का वीडियो सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक दिनदहाड़े हुई इस घटना में कुछ युवकों पर लड़की को घेरने और उसके साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा। पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया और संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की।

    समस्तीपुर से ही एक अन्य कथित घटना का वीडियो सामने आने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है। इसके अलावा बांका के मंदार हिल से जुड़ा एक पुराना वीडियो भी सामने आया जिसके बाद पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की। इस तरह अलग अलग जिलों से सामने आए मामलों ने महिला और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं।

    इन घटनाओं को लेकर विपक्षी दलों ने भी बिहार सरकार पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर सामने आए मामलों को लेकर सरकार और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट में जमुई मामले की पीड़िता की तस्वीर साझा किए जाने को लेकर भी विवाद हुआ और आरजेडी सांसद मीसा भारती ने शिकायत दर्ज कराने की बात कही।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच शंभू शरण पटेल का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने कानून व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की मांग की है। फिलहाल इन मामलों में पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है और अलग अलग घटनाओं के अंतिम तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

  • 27 साल तक कोशिश 26 बार फेल फिर भी जारी रखा संघर्ष 59 साल की उम्र में विजय बने सरकारी शिक्षक

    27 साल तक कोशिश 26 बार फेल फिर भी जारी रखा संघर्ष 59 साल की उम्र में विजय बने सरकारी शिक्षक


    नई दिल्ली । बागपत के रहने वाले विजय कुमार शर्मा ने यह साबित कर दिया है कि किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए उम्र से ज्यादा जरूरी लगातार कोशिश और मजबूत इरादा होता है। 59 साल सात महीने की उम्र में विजय कुमार का वह सपना पूरा हुआ जिसके लिए उन्होंने करीब 27 वर्षों तक लगातार प्रयास किया। प्राइवेट स्कूल में लगभग चार दशक तक पढ़ाने के बाद अब वह सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में सहायक शिक्षक के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इस उपलब्धि की खास बात यह है कि सरकारी शिक्षक बनने की कोशिश में वह 26 बार असफल हुए लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

    विजय कुमार शर्मा ने इस साल उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित टीजीटी परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनका चयन संस्कृत शिक्षक के पद पर हुआ है। अब वह शामली जिले के इंटर कॉलेज आइलम में छात्रों को संस्कृत पढ़ाएंगे। यह स्कूल उनके बागपत जिले के बरावद गांव स्थित घर से करीब 15 किलोमीटर दूर है। विजय के लिए यह नौकरी सिर्फ एक नियुक्ति नहीं बल्कि वर्षों से देखे जा रहे सपने के पूरा होने का मौका है।

    विजय बताते हैं कि सरकारी शिक्षक बनना उनका पुराना सपना था। उन्होंने 1987 में ग्रेजुएशन पूरा किया और इसके बाद हिंदी तथा संस्कृत में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। वर्ष 2003 में उन्होंने बीएड की डिग्री भी हासिल की। इसके बाद उन्होंने सरकारी शिक्षक की भर्ती परीक्षाओं में लगातार हिस्सा लिया। कई बार लिखित परीक्षा पास करने के बावजूद इंटरव्यू में उनका चयन नहीं हो सका। उनके मुताबिक कई मौकों पर उन्हें लगा कि चयन प्रक्रिया में कुछ बाधाएं हैं लेकिन उन्होंने इसे अपने प्रयासों के रास्ते में नहीं आने दिया।

    इस बार संस्कृत शिक्षकों के 292 पदों पर भर्ती निकली थी। विजय ने परीक्षा पास की और इस प्रक्रिया में इंटरव्यू राउंड नहीं था। उनका मानना है कि इस बदलाव से उनके जैसे अभ्यर्थियों को अपनी योग्यता साबित करने का समान अवसर मिला। चयन के बाद उन्होंने सरकारी शिक्षक बनने के अपने सपने के पूरा होने पर खुशी जताई और नियुक्ति प्रक्रिया के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।

    विजय की उम्र अब 59 साल से अधिक है और रिटायरमेंट की उम्र 62 वर्ष होने के कारण उन्हें सरकारी स्कूल में करीब दो साल से कुछ अधिक समय तक पढ़ाने का अवसर मिलेगा। कम समय के बावजूद उनके लिए यह उपलब्धि बेहद खास है। उन्होंने बताया कि उन्हें लखनऊ में नियुक्ति पत्र भी सौंपा गया था।

    विजय के परिवार ने भी उनके संघर्ष को करीब से देखा है। उनके पांच बच्चों में से दो बेटे उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं जबकि उनकी पत्नी गृहिणी हैं। उनकी बेटी ममता शर्मा बताती हैं कि उनके पिता 26 बार असफल हुए लेकिन किसी भी असफलता ने उनका आत्मविश्वास नहीं तोड़ा। परिवार ने जब उनसे परीक्षाएं देना बंद करने को कहा तब भी उन्होंने अपनी कोशिश जारी रखी।

    परिवार के शुरुआती दिनों में आर्थिक परेशानियां भी थीं। विजय निजी स्कूल में पढ़ाकर घर चलाते रहे। आज भी वह साइकिल से करीब 10 किलोमीटर का सफर तय करके स्कूल जाते हैं और हिंदी तथा संस्कृत पढ़ाते हैं। हर साल सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करना और परीक्षा देना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बना रहा। आखिरकार 59 साल की उम्र में उन्हें वह सफलता मिली जिसका इंतजार उन्होंने करीब 27 वर्षों तक किया था। विजय की कहानी बताती है कि लगातार प्रयास के सामने उम्र और असफलता जैसी बाधाएं भी रास्ते का अंत नहीं होतीं।

  • नॉर ईस्टर तूफान ने अमेरिका में मचाई तबाही…. तेज हवा-बारिश से जनजीवन बेहाल, 425 उड़ानें रद्द

    नॉर ईस्टर तूफान ने अमेरिका में मचाई तबाही…. तेज हवा-बारिश से जनजीवन बेहाल, 425 उड़ानें रद्द


    वॉशिंगटन।
    अमेरिका (America) के पूर्वी तट पर इस वीकेंड शक्तिशाली नॉर ईस्टर तूफान (Powerful Nor’easter storm) का असर देखने को मिला. वॉशिंगटन डीसी (Washington D.C.) से लेकर अमेरिका के उत्तर-पूर्वी राज्य मेन तक तेज हवाओं, भारी बारिश के साथ तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. शनिवार को अमेरिका से जुड़ी करीब 425 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं, जबकि 1,338 उड़ानों में देरी हुई।

    तूफान का असर सिर्फ उड़ानों पर नहीं पड़ा, बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई. न्यू जर्सी, कनेक्टिकट, न्यूयॉर्क और पेंसिल्वेनिया में हजारों घरों और कारोबारों की बिजली चली गई. शनिवार दोपहर 1:07 बजे तक इन चार राज्यों में 88 हजार से ज्यादा घरों, दुकानों और दफ्तरों की बिजली गुल थी. इससे पहले यह संख्या 1.19 लाख से ज्यादा थी।


    हजारों घरों में अब भी बिजली गुल

    कनेक्टिकट, न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क में दोपहर करीब 1 बजे तक हर राज्य में 25 हजार से ज्यादा बिजली कनेक्शन प्रभावित थे. लॉन्ग आइलैंड में भी करीब 13,300 ग्राहक बिना बिजली के थे. तूफान में पेड़, शाखाएं और बिजली के तार गिरने से कई जगह सप्लाई बंद हो गई. बिजली कंपनी PSEG Long Island के मुताबिक, शुक्रवार सुबह से अब तक 34,600 से ज्यादा प्रभावित ग्राहकों की बिजली बहाल की जा चुकी है।


    425 फ्लाइट्स कैंसिल, 1,338 में देरी

    नॉर ईस्टर का असर अमेरिकी एयरपोर्ट्स पर भी साफ दिखा. फ्लाइटअवेयर के मुताबिक, शनिवार को अमेरिका से जुड़ी करीब 425 फ्लाइट्स रद्द हुईं. 1,338 उड़ानों में देरी दर्ज की गई. इससे वीकेंड पर सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किल बढ़ गई. कई लोगों को अपनी उड़ान रद्द होने या लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा।

    अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस ने सोमवार तक मिड-अटलांटिक तथा न्यू इंग्लैंड में मौसम खराब रहने की चेतावनी दी है. इस दौरान तटीय बाढ़, समुद्र में खतरनाक धाराएं, तेज हवाओं के झोंके और भारी बारिश का खतरा बताया गया है. हालात को देखते हुए न्यूयॉर्क तथा न्यू जर्सी के उन इलाकों में इमरजेंसी घोषित की गई, जहां तूफान का असर ज्यादा होने की आशंका थी. इसमें न्यूयॉर्क सिटी भी शामिल है. कनेक्टिकट ने भी राज्य का इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर सक्रिय कर दिया है।

  • Air India AI-171 हादसे की जांच में बड़ा मोड़ Boeing 787 के इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर FIP के सवाल ब्लैक बॉक्स खोलेगा राज

    Air India AI-171 हादसे की जांच में बड़ा मोड़ Boeing 787 के इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर FIP के सवाल ब्लैक बॉक्स खोलेगा राज


    नई दिल्ली । एयर इंडिया के Boeing 787 विमान फ्लाइट AI-171 हादसे की जांच के बीच मामला अब विमान के तकनीकी सिस्टम की गहराई से पड़ताल तक पहुंच गया है। पायलटों की शीर्ष संस्था Federation of Indian Pilots यानी FIP ने Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB से मांग की है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान VT-ANB के इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक और एवियोनिक्स सिस्टम की व्यापक जांच की जाए। संगठन का कहना है कि हादसे की वास्तविक वजह तक पहुंचने के लिए विमान के तकनीकी इतिहास और उपलब्ध सभी आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण जरूरी है। हालांकि फिलहाल किसी तकनीकी खामी को हादसे का कारण घोषित नहीं किया गया है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    FIP के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा की ओर से नागरिक उड्डयन मंत्रालय DGCA और AAIB को पहले भी Boeing 787 के इलेक्ट्रिकल नेटवर्क से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को लेकर पत्र और तकनीकी नोट भेजे जाने की बात कही गई है। संगठन ने इन तकनीकी घटनाओं और जून 2025 में हुए AI-171 हादसे के बीच संभावित संबंध की जांच किए जाने की मांग की है। FIP का जोर इस बात पर है कि विमान के पूरे सेवा काल के दौरान सामने आई तकनीकी गड़बड़ियों को जांच का हिस्सा बनाया जाए।

    पायलट संगठन ने Foundation for Aviation Safety यानी FAS की ओर से उपलब्ध कराई गई तकनीकी सामग्री का भी विस्तृत मूल्यांकन करने की मांग की है। इसमें विमान का उड़ान इतिहास मेंटेनेंस रिकॉर्ड सिस्टम में सामने आई कमियां और फॉल्ट इंडिकेशन्स जैसी जानकारियां शामिल होने की बात कही गई है। FIP के अनुसार AAIB ने UK AAIB के विशेषज्ञ के माध्यम से ऐसी तकनीकी जानकारी हासिल करने और उसकी समीक्षा करने की बात स्वीकार की है।

    Boeing 787 Dreamliner को More Electric Aircraft तकनीक पर आधारित आधुनिक विमान माना जाता है। इसमें कई पारंपरिक प्रणालियों की जगह इलेक्ट्रिकल सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में FIP चाहता है कि इलेक्ट्रिकल पावर जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के साथ Integrated Modular Avionics की भी गहन जांच हो। इसके अलावा Flight Management Computer Flight Control Computer बैटरी सिस्टम Power Control Units और एयरक्राफ्ट डेटा नेटवर्क की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में रखे जाने की मांग की गई है।

    FIP ने विमान के पुराने मेंटेनेंस रिकॉर्ड को भी अहम माना है। संगठन के अनुसार उड़ान के दौरान पावर इंटरप्शन सॉफ्टवेयर रीसेट सेंसर से जुड़ी समस्याएं और अन्य तकनीकी कमियों का पूरा रिकॉर्ड देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही पेंडिंग मेंटेनेंस वर्क्स बार बार सामने आई खराबियां और बदले गए पुर्जों का इतिहास भी जांचा जाना चाहिए। इन सभी जानकारियों को एक साथ देखने से तकनीकी घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की पहचान में मदद मिल सकती है।

    जांच में Black Box डेटा के साथ Aircraft Health Monitoring System और ACARS ट्रांसमिशन का मिलान करने का सुझाव भी दिया गया है। इसके अलावा मेंटेनेंस डेटाबेस Built In Test Equipment यानी BITE रिपोर्ट और Boeing के सर्विस रिकॉर्ड को एक साथ देखकर विश्लेषण करने की मांग की गई है। इससे हादसे से पहले विमान की तकनीकी स्थिति को अधिक स्पष्ट तरीके से समझने में मदद मिल सकती है। फिलहाल AI-171 हादसे की अंतिम वजह जांच के निष्कर्ष पर निर्भर है। ऐसे में इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक और एवियोनिक्स सिस्टम की जांच से सामने आने वाले तथ्य इस मामले में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • Pakistan : पुलिस चेकपॉइंट पर आत्मघाती हमला…पीड़ितों को बचाने जा रही एंबुलेंस पर गोलीबारी

    Pakistan : पुलिस चेकपॉइंट पर आत्मघाती हमला…पीड़ितों को बचाने जा रही एंबुलेंस पर गोलीबारी


    इस्लामाबाद।
    उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान (North-western Pakistan) में शनिवार को सड़क किनारे बने पुलिस चेकपॉइंट (Police checkpoint) पर हुए आत्मघाती बम हमले की जगह पर पहुंची एक एम्बुलेंस पर बंदूकधारियों ने गोलीबारी की।

    प्रांतीय आपातकालीन सेवा के प्रवक्ता बिलाल फैजी ने बताया कि विस्फोटक से लदे वाहन से किया गया यह हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत (Khyber Pakhtunkhwa province) के डेरा इस्माइल खान (Dera Ismail Khan) जिले में हुआ। स्थानीय पुलिस प्रमुख सफदर बलोच ने कहा कि मारे गए और घायल हुए लोगों में ज्यादातर सुरक्षाकर्मी और राहगीर थे।


    अस्पताल ले जाते वक्त हुई एंबुलेंस पर गोलीबारी

    धमाके से बड़ा चेकपॉइंट तबाह हो गया और चश्मदीदों ने बताया कि हमले के बाद गोलियां चलने की आवाज भी सुनाई दी। फैजी ने बताया कि जब इमरजेंसी टीमें पीड़ितों को पास के अस्पताल ले जा रही थीं तो बंदूकधारियों ने एम्बुलेंस पर गोलीबारी की, जिसमें एक बचावकर्मी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। उन्होंने कहा कि आत्मघाती बम धमाके में मारे गए लोगों में दो महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल था।

    टीटीपी ने ली हमले की जिम्मेदारी
    पाकिस्तानी तालिबान यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हाल के वर्षों में पाकिस्तान में हथियारबंद समूहों की हिंसा में तेजी आई है। इनमें से ज्यादातर हमलों की जिम्मेदारी टीटीपी और प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली है। बलूच लिबरेशन आर्मी एक अलगाववादी समूह है जो मुख्य रूप से पड़ोसी बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय है।

    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। जरदारी ने आम नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाए जाने को बेहद निंदनीय बताया और पाकिस्तानी तालिबान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संगठन विदेशी मदद से घिनौनी और बर्बर हरकतें कर रहा है।

  • नेपाल में भारतीय विमानों की सुरक्षा पर सवाल…. काठमांडू एयरपोर्ट पर 26 साल से यात्रियों की खुद जांच करता है भारत

    नेपाल में भारतीय विमानों की सुरक्षा पर सवाल…. काठमांडू एयरपोर्ट पर 26 साल से यात्रियों की खुद जांच करता है भारत


    काठमांडू।
    नेपाल (Nepal) के काठमांडू (Kathmandu) स्थित त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Tribhuvan International Airport) से उड़ान भरने वाले भारतीय विमानों (Indian aircraft) की सुरक्षा व्यवस्था पिछले 26 सालों से भारत खुद संभाव रहा है। नेपाल में इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल दिसंबर 1999 में कंधार हाईजैक (फ्लाइट IC814) के बाद शुरू हुई एक ‘अस्थायी’ व्यवस्था आज स्थायी रूप ले चुकी है जिसके तहत भारतीय सुरक्षाकर्मी नेपाल की धरती पर यात्रियों और उनके सामान की अतिरिक्त तलाशी लेते हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया से नेपाली एजेंसियों को दूर रखा जाता है और नेपाल के किसी भी मंत्रालय यानि गृह या नागरिक उड्डयन के पास इस विदेशी सुरक्षा तैनाती को वैध ठहराने वाला कोई भी दस्तावेज नहीं है। यह स्थिति अब नेपाल की संप्रभुता और दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों को लेकर एक नई बहस छेड़ रही है। काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भारतीय रजिस्टर्ड विमान में उड़ान भरने वाले किसी भी यात्री को विमान में चढ़ने से ठीक पहले एक अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुज़रना पड़ता है।


    काठमांडू एयरपोर्ट पर 26 साल से क्यों खुद जांच करता है भारत?

    काठमांडू पोस्ट के मुताबिक एयरपोर्ट एप्रन पर एक ऊंचे प्लेटफॉर्म पर बने स्क्रीनिंग पॉइंट पर जहां भारतीय सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं वहां यात्रियों की तलाशी ली जाती है और उनके सामान की अच्छी तरह से हाथ से जांच की जाती है। यह कोई छिपी हुई बात नहीं है और न ही यह कोई नई बात है। लेकिन पच्चीस साल से ज्यादा समय बीतने के बाद यह अब विमान में चढ़ने की प्रक्रिया का ही एक हिस्सा बन गया है।

    पोस्ट को नेपाल के सिविल एविएशन अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया है कि एयर इंडिया और इंडिगो दोनों ही त्रिभुवन में तीन शिफ्ट में भारतीय स्टाफ तैनात करते हैं। एक उड़ान के लिए काम करने वाले 12 से 15 लोगों में से छह से आठ भारतीय कर्मचारी एप्रन पर तैनात होते हैं। वे सुरक्षाकर्मियों वाले भारी जूते पहनते हैं। यात्रियों को एक-एक करके चारों तरफ से घिरी हुई ट्रॉली में भेजा जाता है जहां भारतीय स्टाफ उनके शरीर और उनके हैंड बैगेज की तलाशी लेते हैं।

    उन्होंने कहा कि नेपाली स्टाफ मदद तो करते हैं लेकिन उन्हें असल तलाशी प्रक्रिया से दूर रखा जाता है। अधिकारी ने कहा ‘भारत जाने वाली उड़ानों के लिए एप्रन एरिया में मुख्य ड्यूटी में नेपाली स्टाफ को कोई भूमिका नहीं दी जाती है।’ इस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर स्टाफिंग और तलाशी के बारे में जानकारी दी।


    नेपाली अधिकारियों को सुरक्षा जांच से क्यों रखा जाता है दूर?

    उन्होंने कहा कि कोई भी नेपाली एजेंसी ऐसा कोई दस्तावेज नहीं दिखा सकती जिससे मूल रूप से इसकी मंजूरी मिली हो। पोस्ट ने बताया है कि नेपाली मीडिया ऑउटलेट ‘कांतिपुर’ ने संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और गृह मंत्रालय के अधिकारियों से कई बार पूछा कि क्या वे संबंधित रिकॉर्ड ढूंढ सकते हैं। हर बार उन्होंने इस सवाल के लिए किसी दूसरी एजेंसी का जिक्र किया। कंधार विमान अपहरण मामले के बाद ये प्रक्रिया शुरू हुई थी लेकिन नेपाल ने इसको लेकर कभी लिखित सहमति नहीं दी।

    पोस्ट ने लिखा है कि नेपाल की संप्रभुता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं लेकिन किसी भी सरकार ने इस व्यवस्था की समीक्षा करने की कोशिश नहीं की। पोस्ट का कहना है कि भारत ने बार-बार और ज्यादा सुविधाओं की मांग की है जिसमें काठमांडू से जाने वाली अपनी उड़ानों में स्काई मार्शल तैनात करने की अनुमति भी शामिल है। नेपाली अधिकारियों ने हर बार इस मांग को ठुकरा दिया है या चुपचाप टाल दिया है।


    कंधार कांड के बाद नेपाल ने दी थी भारत को यह इजाजत

    पोस्ट के मुताबिक कई अधिकारियों, राजनयिकों और विदेश मंत्रियों ने ‘कांतिपुर’ को बताया कि नेपाल ने इस व्यवस्था को हटाने के लिए कभी कोई औपचारिक प्रयास या राजनयिक पत्राचार नहीं किया। पोस्ट से बात करते हुए भारत में नेपाल के पूर्व राजदूत दीप कुमार उपाध्याय ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि भारत ने नेपाल के विदेश मंत्री स्तर की यात्रा के दौरान यह प्रस्ताव रखा था लेकिन इसे ठुकरा दिया गया था। उनके अनुसार इसके बजाय नेपाल ने भारतीय अधिकारियों को अलग से सुरक्षा स्क्रीनिंग करने की इजाजत देने के लिए मौखिक सहमति दी थी। वे कहते हैं कि उस सहमति में असल में क्या शामिल था इस पर और बारीकी से विचार करने की ज़रूरत है।

  • भारत का बड़ा एनर्जी सप्लायर बनकर उभर रहा अमेरिका… LPG निर्यात करने वाला सबसे बड़ा देश बना

    भारत का बड़ा एनर्जी सप्लायर बनकर उभर रहा अमेरिका… LPG निर्यात करने वाला सबसे बड़ा देश बना


    नई दिल्ली।
    भारत और अमेरिका (India and America) के रिश्ते पिछले एक साल में और मजबूत हुए हैं. खास तौर पर ऊर्जा के क्षेत्र (Energy sectors) में दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ा है. अमेरिका (America) अब भारत को LPG सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया है. अमेरिकी विदेश विभाग की वरिष्ठ अधिकारी बेथनी मॉरिसन ने यह जानकारी दी है।

    न्यूयॉर्क फॉरेन प्रेस सेंटर में एक कार्यक्रम के दौरान मॉरिसन ने भारत-अमेरिका संबंधों पर बात की. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच साझेदारी का दायरा काफी बढ़ा है. अब भारत और अमेरिका ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और कूटनीति समेत कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं.

    मॉरिसन ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अलग-अलग देशों और स्रोतों से सप्लाई बढ़ा रहा है. ऐसे में अमेरिका भी भारत का एक बड़ा एनर्जी सप्लायर बनकर उभरा है. उन्होंने कहा, ‘हमें गर्व है कि अमेरिका अब भारत को LPG निर्यात करने वाला सबसे बड़ा देश है. भारत जब अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता ला रहा है तो हमें खुशी है कि अमेरिका भी उसका सप्लायर बन रहा है।


    अमेरिका में नॉर ईस्टर तूफान का कहर, 400 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल

    मॉरिसन ने भारत और अमेरिका के बीच हुए 10 साल के डिफेंस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रक्षा के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी दोनों देश आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत ने करीब 20 साल बाद अपने परमाणु क्षेत्र से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए SHANTI Act पारित किया है. इससे भारत और अमेरिका के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।

    अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सहयोग सिर्फ ऊर्जा और रक्षा तक सीमित नहीं है. दोनों देशों के बीच बड़े व्यापारिक समझौते भी हो रहे हैं. इसके अलावा क्वाड जैसे मंचों पर भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं. मॉरिसन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के लिए पूरा दक्षिण एशिया महत्वपूर्ण है. उनके मुताबिक, पहले दुनिया के दूसरे हिस्सों में होने वाली घटनाओं के कारण दक्षिण एशिया पर अक्सर तभी ज्यादा ध्यान दिया जाता था, जब यहां कोई संकट पैदा होता था।

    उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन दक्षिण एशिया को दुनिया का एक बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र मानता है और अब अमेरिका इस क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान दे रहा है।

  • भारत-अमेरिका के बीच निर्णायक मोड़ पर पहुंची ट्रेड डील, 90 फीसदी से ज्यादा काम पूरा

    भारत-अमेरिका के बीच निर्णायक मोड़ पर पहुंची ट्रेड डील, 90 फीसदी से ज्यादा काम पूरा


    नई दिल्‍ली।
    भारत और अमेरिका (India and America) के संबंधों में सालो से व्‍यापार सबसे बड़ा अड़चन बना हुआ था, लेकिन अब दोनों देश एक निर्णायक मोड़ क करीब दिख रहे हैं. अमेरिकी विदेश विभाग के सीनियर अधिकारी ने कहा है कि प्रस्‍ताव‍ित समझौता 90 फीसदी (Agreement 90% Complete) से ज्‍यादा पूरा हो चुका है, बस मसले बचे हुए हैं.।

    अधिकारी ने कहा कि यह डील दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जा सकता है। इस सवाल- कब डील पर साइन हो सकता है, के जवाब में अधिकार ने कहा कि मैं यही कहूंगा कि देखते रहिए, जैसा कि हम बार-बार कहते हैं, 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है और बस कुछ आखिरी चीजें तय की जा रही हैं. इस कारण मुझे उम्‍मीद है कि आपको इस बारे में बहुत जल्‍द कुछ जानकारी मिलेगी.।

    अधिकारी ने आगे कहा कि यह समझौता द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाएगा. अधिकारी ने यह भी कहा कि और इससे वास्तव में अमेरिका-भारत संबंधों में एक नया आयाम जुड़ेगा, जो व्यापार के मामले में दशकों से हमारे लिए संभव नहीं हो पाया है. यह हमेशा से ही संबंधों में सबसे बड़ी बाधा रही है।


    पीयूष गोयल ने कहा- बस ये काम बाकी

    इससे पहले कमर्शियल और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी संकेत दिया था कि बातचीत लगभग पूरी होने वाली है. गुरुवार को नई दिल्ली में पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दे दिया है, जिनमें अमेरिका के साथ समझौता लगभग पूरा हो चुका है. उन्होंने आगे कहा कि हमें बस अपने लिए सही लाभ खोजना है ताकि हम समझौते को जल्‍द से लागू कर सकें।

    भारत और अमेरिका ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के ढांचे का ऐलान किया था. हालांकि, अमेरिकी टैरिफ में बदलाव के कारण आगे की बातचीत की आवश्यकता पड़ी. गोयल ने कहा कि भारत के व्यापार समझौते वैश्विक जीडीपी के लगभग 75 प्रतिशत हिस्से वाले बाजारों तक तरजीही पहुंच प्रदान करेंगे।


    पीएम मोदी दिसंबर में अमेरिकी यात्रा पर

    अमेरिकी अधिकरी ने संबंधों में चल रही व्‍यस्‍तता की ओर भी इशारा किया. विदेश मंत्री मार्को रुबियो अक्‍टूबर में भारी दौरे पर आने वाले हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में फ्लोरिडा में होने वाले G20 शिखर सम्‍मेलन के लिए अमेरिका की यात्रा करेंगे. अधिकारी ने कहा कि संबंधों में बहुत कुछ चल रहा है. अधिकारी ने कहा कि क्वाड देशों के विदेश मंत्री इस साल तीसरी बार मिलने वाले हैं।