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  • सर्दी में आंखों की देखभाल के लिए आयुष मंत्रालय के 4 प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय

    सर्दी में आंखों की देखभाल के लिए आयुष मंत्रालय के 4 प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय


    नई दिल्ली। सर्दी का मौसम आते ही जहां पूरे शरीर की देखभाल जरूरी हो जाती है वहीं आंखों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सर्द हवाएं और बढ़ता प्रदूषण आंखों के लिए खतरे का कारण बन सकते हैं। इस मौसम में आंखों में जलन पानी आना और पलकें चिपचिपी हो जाना सामान्य समस्या बन जाती है। इन समस्याओं से बचने के लिए आयुष मंत्रालय ने चार असरदार आयुर्वेदिक उपाय बताए हैं जिनसे आंखों को तुरंत राहत मिल सकती है और उनकी देखभाल बेहतर तरीके से की जा सकती है।

    आयुष मंत्रालय ने एक पोस्ट के माध्यम से इन चार आसान उपायों को साझा किया है जिनमें से पहला उपाय है आई पामिंग। इस विधि में दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म किया जाता है और फिर इन्हें आंखों पर रखा जाता है। इससे आंखों की थकान कम होती है और आंखें रिलैक्स महसूस करती हैं। लगातार स्क्रीन पर काम करने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और आई पामिंग इस दबाव को कम करने में मदद करता है।

    दूसरा उपाय है त्राटक। यह एक अभ्यास है जिसमें मोमबत्ती की लौ को बिना पलक झपकाए कुछ देर तक देखा जाता है। यह अभ्यास आंखों की रोशनी को बेहतर करने आंखों की सफाई और आंखों की नमी को बनाए रखने में मदद करता है। त्राटक से आंखों की आंतरिक स्पष्टता बढ़ती है और यह आँखों की थकान को कम करता है।

    तीसरा उपाय है गीले कॉटन पैड का इस्तेमाल। गीले कॉटन पैड से आंखों के तनाव को कम किया जा सकता है और सिर दर्द से भी राहत मिलती है। इसके लिए रूई को ठंडे पानी या गुलाब जल में भिगोकर आंखों पर कुछ देर के लिए रखा जाता है। यह उपाय आंखों के नीचे सूजन को कम करने और आंखों को ताजगी देने के लिए बहुत प्रभावी है। कुछ लोग इसकी जगह खीरे के टुकड़े भी इस्तेमाल करते हैं।

    चौथा उपाय है भाप लेना। सर्दियों में कई बार आंखों में गंदगी जमा हो जाती है जिससे पलके चिपकने लगती हैं। हल्की भाप से आंखों को शुद्ध किया जा सकता है जिससे पलके चिपकने से बचती हैं। हालांकि ध्यान रखें कि अधिक भाप लेने से आंखों की ड्राइनेस बढ़ सकती है इसलिए इसे संतुलित मात्रा में लें।

    इन उपायों को अपनाकर सर्दियों में आंखों की देखभाल की जा सकती है और आंखों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। आयुष मंत्रालय का कहना है कि इन सरल आयुर्वेदिक उपायों से न केवल आंखों को आराम मिलता है बल्कि आंखों की सेहत भी बेहतर बनी रहती है।

  • सर्दियों में त्वचा को बनाएं मुलायम और दमकती: अपनाएं ये जरूरी स्किन केयर टिप्स

    सर्दियों में त्वचा को बनाएं मुलायम और दमकती: अपनाएं ये जरूरी स्किन केयर टिप्स

    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही त्वचा की नमी कम होने लगती है। ठंडी हवा और हीटिंग सिस्टम की वजह से चेहरे और हाथों की त्वचा रूखी और खुरदरी हो जाती है। कई लोग महंगी क्रीम और लोशन लगाने के बाद भी खास असर नहीं देखते। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि स्किन केयर केवल प्रोडक्ट्स पर निर्भर नहीं है, बल्कि सही आदतें अपनाना भी बेहद जरूरी है।

    लखनऊ की ब्यूटी एक्सपर्ट अमरीश कौर के अनुसार, सबसे पहला कदम है बार-बार मॉइस्चराइज करना। इसके लिए हैंड क्रीम और फेस मॉइस्चराइजर चुनते समय ऐसे प्रोडक्ट्स का चयन करें जिसमें शीया बटर, एलोवेरा या हयालूरोनिक एसिड हो। हर बार हाथ धोने और चेहरे को साफ करने के बाद मॉइस्चराइज करना बेहद जरूरी है।

    रात में स्किन की देखभाल और भी ज्यादा असरदार होती है। सोने से पहले चेहरे और हाथों पर पेट्रोलियम जेली या विटामिन ई ऑयल लगाकर कॉटन ग्लव्स और मोज़े पहनें। इससे स्किन पूरी रात पोषित और मुलायम रहती है। हफ्ते में एक बार हल्का एक्सफोलिएशन करना भी जरूरी है। चीनी और ऑलिव ऑयल मिलाकर चेहरे और हाथों की मृत त्वचा को हटाएं और फिर मॉइस्चराइज करें।

    नाखून और सनस्क्रीन का महत्व
    सर्दियों में सिर्फ चेहरे और हाथ ही नहीं, बल्कि नाखूनों और क्यूटिकल की देखभाल भी जरूरी है। रात में क्यूटिकल ऑयल लगाकर हल्की मसाज करने से नाखून मजबूत रहते हैं। दिन में बाहर निकलते समय SPF वाली हैंड क्रीम और फेस सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना त्वचा को UV किरणों से बचाता है और झुर्रियों को रोकता है।

    हवा और धूप दोनों ही त्वचा से नमी चुराते हैं, इसलिए ग्लव्स पहनना जरूरी है। घर में बर्तन धोते समय, सफाई करते समय या बगीचे में काम करते समय भी दस्ताने पहनें। माइल्ड साबुन का उपयोग करें और बहुत गर्म पानी की जगह गुनगुना पानी ही इस्तेमाल करें।

    नेचुरल उपाय और पोषण
    त्वचा की सुंदरता सिर्फ बाहरी देखभाल से नहीं आती। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना और सही नींद लेना भी जरूरी है। गाजर, पालक, टमाटर और मेवे जैसी चीजें विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं और त्वचा को अंदर से पोषण देती हैं। इसके अलावा, घर पर तैयार नेचुरल फेस पैक और मास्क जैसे हल्दी और दूध, दही और शहद, एवोकैडो और शहद आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये न केवल त्वचा को मॉइस्चराइज करते हैं बल्कि उसे प्राकृतिक चमक भी देते हैं।

    सर्दियों में त्वचा की देखभाल के लिए सही रूटीन अपनाना बेहद जरूरी है। बार-बार मॉइस्चराइज करना, रात की ओवरनाइट केयर, एक्सफोलिएशन, सनस्क्रीन का इस्तेमाल और ग्लव्स पहनना आपकी त्वचा को रूखेपन से बचाएगा। नेचुरल प्रोडक्ट्स और संतुलित जीवनशैली से त्वचा हमेशा मुलायम, नर्म और चमकदार बनी रहेगी। नियमित आदतों और सही प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से सर्दियों में भी त्वचा की खूबसूरती बरकरार रखी जा सकती है।

  • 31 दिसंबर तक न करें ये काम, वरना पैन कार्ड वॉलेट में बेकार हो जाएगा!

    31 दिसंबर तक न करें ये काम, वरना पैन कार्ड वॉलेट में बेकार हो जाएगा!


    नई दिल्ली। अगर आपके पास पैन कार्ड है और आपने इसे अभी तक आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सभी पैन कार्ड होल्डर्स को चेतावनी दी है कि 31 दिसंबर, 2025 तक पैन और आधार लिंक न कराने पर 1 जनवरी, 2026 से आपका पैन कार्ड इनएक्टिव हो जाएगा।
    लेट फीस और छूट की जानकारी
    31 दिसंबर, 2025 तक लिंक न कराने वाले लोगों को पैन-आधार लिंक करते समय 1000 रुपये की लेट फीस देनी होगी। हालांकि, 1 अक्टूबर, 2024 के बाद आधार से पैन बनवाने वालों को यह लेट फीस नहीं देनी होगी। समय पर लिंक न कराने से TDS/TCS अधिक कट सकता है और अन्य वित्तीय परेशानियां भी हो सकती हैं।
    पैन को आधार से लिंक कैसे करें
    सबसे पहले ऑफिशियल इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं: www.incometax.gov.in
    ‘क्विक लिंक्स’ सेक्शन में जाएं और ‘लिंक आधार ऑप्शन’ पर क्लिक करें।
    अपना पैन कार्ड और आधार नंबर डालें और वैलिडेट पर क्लिक करें।
    अगर पैन पहले से आधार से लिंक है, तो स्क्रीन पर मैसेज दिखेगा।
    अगर लिंक नहीं है, तो आपको NSDL पोर्टल पर 1000 रुपये का चालान जमा करना होगा।
    वैलिडेशन के बाद एक पॉप-अप नोटिफिकेशन मिलेगा, जिसमें लिखा होगा ‘आपकी पेमेंट डिटेल्स वेरिफाई हो गई है’।
    जरूरी डिटेल्स डालने के बाद लिंक आधार ऑप्शन पर क्लिक करें।
    रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मिला 6-डिजिट OTP डालें और रिक्वेस्ट सबमिट करें।
    पैन कार्ड को आधार से लिंक होने में 4-5 वर्किंग डे का समय लग सकता है।
    इस बार की आखिरी डेट 31 दिसंबर, 2025 है। समय रहते पैन और आधार लिंक कर लें, वरना न केवल आपका पैन कार्ड इनएक्टिव होगा बल्कि वित्तीय परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।
  • दादी नानी के बाल धोने से जुड़ी पुरानी मान्यताएँ क्यों थे यह नियम आध्यात्मिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण

    दादी नानी के बाल धोने से जुड़ी पुरानी मान्यताएँ क्यों थे यह नियम आध्यात्मिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण


    नई दिल्ली । आजकल के समय में लोग अपने दैनिक जीवन में सुविधाजनक तरीके से जब चाहें बाल धोने की आदत बना चुके हैं लेकिन पुराने समय में दादी-नानी हमें कुछ खास दिन और समय पर बाल धोने से मना करती थीं। शुरू में यह बातें अंधविश्वास जैसी लग सकती थीं लेकिन इन नियमों के पीछे हमारी पुरानी सभ्यताओं की गहरी समझ और जीवन विज्ञान का संबंध था। इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि हमारे पूर्वजों ने बाल धोने के लिए ये कठोर नियम क्यों बनाए थे।

    प्राचीन सभ्यताओं में बाल धोने का कार्य केवल स्वच्छता से जुड़ा नहीं था बल्कि इसे आध्यात्मिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से भी देखा जाता था। मिस्र भारत और अन्य सभ्यताओं में बाल धोने के पीछे एक गहरी सोच और सिद्धांत था। उदाहरण के लिए हमारे पूर्वजों का मानना था कि बालों के साथ शरीर की ऊर्जा भी जुड़ी होती है और खास दिन जैसे पूर्णिमा अमावस्या या शनिवार को बाल धोने से शरीर की ऊर्जा में असंतुलन हो सकता है। इन दिनो को शुद्धता और मानसिक संतुलन के लिए अवकाश के रूप में देखा जाता था और इन दिनों को शरीर की ऊर्जा को पुनः संतुलित करने के लिए उपयोग किया जाता था।

    बाल धोने को लेकर धार्मिक दृष्टिकोण भी काफी महत्वपूर्ण था। हिन्दू धर्म में शास्त्रों में बताया गया है कि विशेष अवसरों पर बाल धोने से पुण्य मिलता है। इसके अलावा बाल धोते वक्त शरीर और मस्तिष्क की शुद्धि के साथ-साथ नकारात्मक ऊर्जा से बचने का भी ध्यान रखा जाता था। कई बार पुराने जमाने में बाल धोने को एक मानसिक प्रक्रिया के रूप में देखा जाता था जिसे आंतरिक शांति और संतुलन प्राप्त करने के लिए अपनाया जाता था।

    मिस्र में भी बाल धोने के दौरान रचनात्मक और आध्यात्मिक विचारों का एक मिश्रण था। वहाँ के लोग मानते थे कि बालों में शरीर की पवित्रता और आत्मा की शक्ति को भी संजोया जाता है और इसलिए विशेष अवसरों पर बाल धोने से आत्मा की शुद्धि होती थी। इस तरह से बाल धोने को एक आध्यात्मिक अनुष्ठान समझा जाता था न कि केवल स्वच्छता का एक साधारण काम।

    यद्यपि आज के समय में इन नियमों को तर्कहीन या अंधविश्वास समझा जाता है फिर भी ये हमारे पूर्वजों की जीवन के साथ जुड़ी गहरी समझ और उनके ज्ञान का प्रतीक हैं। अब जबकि हम वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बहुत सी चीजों को समझने लगे हैं फिर भी हमें इन पारंपरिक मान्यताओं को सम्मान के साथ देखना चाहिए क्योंकि ये शारीरिक और मानसिक संतुलन के लिए एक रचनात्मक पहलू को प्रस्तुत करती हैं।

  • 14 जनवरी 2026मकर संक्रांति के साथ कई बड़े त्योहारों का महासंयोग जानें शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

    14 जनवरी 2026मकर संक्रांति के साथ कई बड़े त्योहारों का महासंयोग जानें शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व


    नई दिल्ली । 14 जनवरी 2026मकर संक्रांति और अन्य प्रमुख त्योहारों का महासंयोग 14 जनवरी 2026 एक विशेष दिन साबित होने वाला है क्योंकि इस दिन न केवल मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण व्रत और पर्व भी एक साथ पड़ रहे हैं। भारतीय पंचांग के अनुसार यह दिन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्व रखता है। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे और साथ ही षटतिला एकादशी पोंगल और माघ बिहू जैसे प्रमुख त्योहारों का संगम भी होगा।

    मकर संक्रांति का महत्व और शुभ मुहूर्त

    मकर संक्रांति का पर्व खासतौर पर सूर्य देव की पूजा दान और पुण्य के लिए प्रसिद्ध है। 14 जनवरी 2026 को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और यह दिन विशेष रूप से स्नान दान और पूजा के लिए उत्तम रहेगा। दान और पुण्य का समयदोपहर 0307 बजे से शाम 0602 बजे तक रहेगा।
    शुभ कार्यइस अवधि में तिल गुड़ अन्न और वस्त्र दान करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना तिल और गुड़ का दान करना तथा पितरों के लिए तर्पण करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।

    षटतिला एकादशी

    माघ माह के कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी भी 14 जनवरी को पड़ रही है जो भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। इस दिन विशेष रूप से तिल का सेवन और तिल से संबंधित धार्मिक कार्य जैसे तिल का उबटन स्नान हवन और दान का महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से उनके आशीर्वाद की प्राप्ति होती है और यह संयोग मकर संक्रांति के साथ बहुत लाभकारी माना जाता है।

    पोंगल और माघ बिहू

    14 जनवरी से पोंगल और माघ बिहू जैसे कृषि पर्वों का भी आरंभ होगा। ये पर्व भारत के विभिन्न हिस्सों में बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं। पोंगल तमिलनाडु यह चार दिनों तक चलने वाला एक प्रमुख कृषि पर्व है जिसमें सूर्य देव और इंद्र देव की पूजा की जाती है।माघ बिहू असम असम में यह पर्व अग्नि देव की पूजा और नई फसल के स्वागत के रूप में मनाया जाता है।

    इस महासंयोग पर क्या करें

    इस दिन के धार्मिक महत्व को देखते हुए इन कार्यों को करना विशेष लाभकारी माना जाता हैमहा-दानतिल गुड़ खिचड़ी अन्न और गर्म कपड़ों का दान करें। यह आपके पुण्य को बढ़ाता है और पुराने पापों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है।पवित्र स्नान गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि संभव न हो तो घर में गंगाजल और तिल डालकर स्नान करें। तर्पणपितरों की शांति के लिए तिल से तर्पण करना भी अत्यधिक लाभकारी माना जाता है। यह आपके परिवार के लिए आशीर्वाद का कारण बनता है।

  • PMC चुनाव में सियासी सरगर्मी,अजित पवार से नहीं बनी बात, शरद पवार गुट फिर MVA में वापसी के लिए तैयार

    PMC चुनाव में सियासी सरगर्मी,अजित पवार से नहीं बनी बात, शरद पवार गुट फिर MVA में वापसी के लिए तैयार


    नई दिल्ली। पुणे महानगरपालिका (PMC) चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शरद पवार गुट की एनसीपी (NCP-SP) ने अजित पवार गुट के साथ गठबंधन की बातचीत टूटने के बाद फिर से महाविकास आघाड़ी (MVA) के साथ वार्ता शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार ने शरद पवार गुट की प्रमुख मांगों को ठुकरा दिया और 68 सीटों का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया।

    पिछले सात दिनों से दोनों एनसीपी गुटों के बीच संभावित गठबंधन पर चर्चा चल रही थी, लेकिन बातचीत अंततः असफल रही।

    अजित पवार ने जोर देकर कहा कि शरद पवार गुट के समर्थित उम्मीदवार केवल ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न पर ही चुनाव लड़ें। शरद पवार गुट का कहना है कि यदि यह शर्त मान ली जाती तो पुणे शहर में उनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाता।

    अजित पवार ने 68 सीटों का प्रस्ताव ठुकराया
    अजित पवार ने तर्क दिया कि 2017 के PMC चुनाव में एनसीपी एकजुट थी, तब केवल 43 सीटें जीती थीं। इसलिए 68 सीटों की मांग अव्यवहारिक है।

    शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता ने कहा, अजित पवार की शर्तों को मान लेना हमारे लिए अस्वीकार्य था, क्योंकि इससे पुणे में हमारे उम्मीदवारों का अस्तित्व ही खत्म हो जाता।

    इस इनकार के बाद सुप्रिया सुले और जयंत पाटिल सहित NCP-SP के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि PMC चुनाव एमवीए के साथ मिलकर लड़ा जाएगा।

    नतीजतन, पुणे में तीनों पारंपरिक एमवीए सहयोगी दलकांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी-एसपीके बीच नई वार्ता शुरू हो गई है। हालांकि पिंपरी-चिंचवड़ में दोनों एनसीपी गुटों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना बनी हुई है।

    शरद पवार गुट की MVA में वापसी
    पहले शरद पवार गुट और अजित पवार के गठबंधन की संभावना ने एमवीए में दरार पैदा कर दी थी जिसके चलते कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) अलग होकर चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे। लेकिन अब एनसीपी-एसपी के एमवीए में लौटने से तीनों दलों के बीच समन्वय बैठकें फिर शुरू हो गई हैं।

    अजित पवार ने इस बीच शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे और पुणे में उनके नेतृत्व वाली शिवसेना नेताओं से संपर्क साधा। सूत्रों के मुताबिक एनसीपी की शिवसेना नेता उदय सामंत के साथ भी बातचीत चल रही है और अजित पवार समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

  • बैटल ऑफ़ गलवान टीज़र, सलमान खान ने 'भारत माता की जय' के साथ लीड की भारतीय सेना की अंतिम लड़ाई

    बैटल ऑफ़ गलवान टीज़र, सलमान खान ने 'भारत माता की जय' के साथ लीड की भारतीय सेना की अंतिम लड़ाई


    नई दिल्ली। सलमान खान ने अपने जन्मदिन पर अपनी आने वाली फिल्म बैटल ऑफ़ गलवान का टीज़र रिलीज़ किया। इस टीज़र में वे एक बहादुर भारतीय सेना अधिकारी के रूप में दुश्मन का सामना करते दिखे। फिल्म 2020 के गलवान वैली संघर्ष पर आधारित है, जिसमें भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई भयंकर झड़प को पर्दे पर जीवंत रूप में दिखाया जाएगा।

    टीज़र की खास बातें
    टीज़र की शुरुआत सलमान की आवाज़ से होती है, जिसमें वे अपने सैनिकों को दुश्मन से लड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

    क्लिप में सलमान अपने सैनिकों के साथ दुश्मन की ओर बढ़ते हैं, लाठी पकड़कर संघर्ष करते हैं और अंत में दुश्मन पर वार करते हुए नजर आते हैं। टीज़र में सलमान का गंभीर चेहरा, कठिन इलाके की झलक और हाई-अल्टीट्यूड कॉम्बैट की सच्चाई दिखाई गई है।
    टीज़र में स्टेबिन बैन के वोकल्स और हिमेश रेशमिया का बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के रियलिस्टिक अनुभव को और मजबूती देते हैं।

    फिल्म की टीम और रिलीज़ डेट
    बैटल ऑफ़ गलवान 17 अप्रैल, 2026 को थिएटर्स में रिलीज़ होगी।

    फिल्म अपूर्वा लखिया के निर्देशन में बनी है और सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले निर्मित है। सलमान के साथ फिल्म में चितरंगदा सिंह प्रमुख भूमिका में हैं। फिल्म बहादुरी, बलिदान और साहस की कहानी को पर्दे पर उतारने का वादा करती है।

    फैंस की प्रतिक्रिया
    टीज़र रिलीज़ होने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे शानदार प्रतिक्रिया दी। एक फैन ने लिखा, सलमान खान 2026 में वापसी कर रहे हैं एक प्यूअर ब्लॉकबस्टर फिल्म के साथ। एक अन्य ने कहा, अब यह कहा जाएगा कमबैक फिल्म।

    कई लोगों ने लिखा, गूजबम्प्स आए, फिल्म शानदार होने वाली है। बैटल ऑफ़ गलवान सलमान के साथ एपिक होने वाली है।

    सलमान खान का कहना
    सलमान ने पहले इंटरव्यू में बताया कि फिल्म शारीरिक रूप से बेहद demanding है। उन्होंने कहा, फिल्म के लिए ट्रेनिंग करना बहुत कठिन है। पहले मैं एक-दो हफ्तों में तैयार हो जाता था, अब मुझे रोज़ दौड़ना, किक, पंच और हर तरह की ट्रेनिंग करनी पड़ती है। इस फिल्म में यही सब करना जरूरी है।

  • 15 घंटे किया काम763 रुपये कमाईवायरल डिलीवरी बॉय को घर बुलाकर राघव चड्ढा ने करवाया लंच

    15 घंटे किया काम763 रुपये कमाईवायरल डिलीवरी बॉय को घर बुलाकर राघव चड्ढा ने करवाया लंच


    नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर बीते दिनों एक डिलीवरी बॉय का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था. जिसमें युवक द्वारा एक छोटी वीडियो में अपना रोज का रुटीन बताया गया था. वीडियो में युवक ने बताया कि उसने 15 घंटे काम किया. इसमें 28 ऑर्डर डिलीवर किए और पूरे दिन में सिर्फ 763 रुपये की कमाई की. वीडियो वायरल होने के बाद युवक का मुद्दा राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सदन में उठाया. अब उस युवक से राघव चड्ढा ने अपने घर पर मुलाकात की है.

    बता दें कि राघव चड्ढा ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कम सैलरीलंबे समय तक काम करने के घंटेऔर गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा की अनुपस्थिति के बारे मेंडिलीवरी पार्टनर की कठिनाई पर ध्यान दिया. उन्होंने सार्वजनिक तौर पर इस मुद्दे को उठाया और गिग वर्कर्स के लिए अपना समर्थन जताया.

    मामले ने इस वजह से पकड़ी तूल

    इस मुद्दे ने इसलिए भी तूल पकड़ी है क्योंकि कई शहरों में गिग वर्कर्स ने हाल ही में हड़ताल और विरोध प्रदर्शन किया. गिग वर्कर्स गुरुवार 25 दिसंबर 2025 को सामूहिक हड़ताल पर चले गए और नए साल से पहले 31 दिसंबर 2025 के लिए निर्धारित दूसरी हड़ताल की घोषणा की. इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स द्वारा बुलाई गई हड़तालसाल के आखिर में चरम मांग के साथ मेल खाती हैजो भोजन और किराने की डिलीवरी के लिए सबसे जरूरी अवधि में से एक है. डिलीवरी साझेदारों ने बार-बार अपारदर्शी एल्गोरिदम-आधारित लक्ष्योंमनमाने दंडअचानक भुगतान परिवर्तन और एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र की कमी के बारे में चिंताओं को उजागर किया है – जिससे भारत की तेजी से बढ़ती गिग अर्थव्यवस्था की चुनौतियां सामने आई हैं.

    राघव चड्ढा ने वायरल डिलीवरी बॉय को बुलाया घर

    संसद के शीतकालीन सत्र में मुद्दा उठाने के बाद राघव चड्ढा ने उस युवक को अपने घर पर बुलाया. जो 15 घंटे काम करने के बाद सिर्फ 763 रुपये ही कमा पाया था. राघव ने युवक को लंच पर बुलाया और फॉर्मल मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने उससे कई चीजों पर बातचीत की. इस दौरान डिलीवरी पार्टनर ने अपना अनुभव साझा किया. इस मुलाकात के बाद उसने राघव चड्ढा का आभार व्यक्त किया.
    राघव चड्ढा ने पोस्ट की मुलाकात की वीडियो
    सांसद राघव चड्ढा ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर इस मुलाकात की वीडियो शेयर की. उन्होंने पोस्ट में लिखा मैंने ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय हिमांशु को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया उन्होंने लिखा कि हमने उच्च जोखिमोंलंबे घंटोंकम वेतन और बिना सुरक्षा जाल के बारे में विस्तार से बात की. ये आवाजें संसद और उसके बाहर भी सुनी जानी चाहिए. अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम सेउन्होंने हाल ही में राइडर्स डिलीवरी बॉयज द्वारा सामना की जाने वाली कठोर वास्तविकताओं और दुखों को साझा किया.
  • कटरीना कैफ ने सलमान को कहा ‘सुपर ह्यूमन’, 60वें जन्मदिन पर दिया दिल छू लेने वाला संदेश

    कटरीना कैफ ने सलमान को कहा ‘सुपर ह्यूमन’, 60वें जन्मदिन पर दिया दिल छू लेने वाला संदेश


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान ने शनिवार को अपना 60वां जन्मदिन मनाया और इस मौके पर उन्हें ढेरों प्यार भरे संदेश मिले। इस लिस्ट में सबसे खास था उनकी करीबी दोस्त कटरीना कैफ का इंस्टाग्राम पोस्ट। कटरीना ने सलमान को ‘टाइगर’ कहकर संबोधित किया और लिखा, टाइगर टाइगर टाइगर… Happiest 60th Birthday To the Super Human that you are May everyday be full of Love and Light @beingsalmankhan।कटरीना ने सलमान के लिए प्यार और रोशनी से भरी जिंदगी की शुभकामनाएं भी दीं।
    सलमान और कटरीना ने बॉलीवुड में कई हिट फिल्में साथ की हैं, जिनमें Maine Pyaar Kyun Kiya, Partner, Ek Tha Tiger, Tiger Zinda Hai और Bharat शामिल हैं। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री हमेशा फैन्स के दिलों पर राज करती रही है।

    सलमान खान का धूमधाम से 60वां जन्मदिन
    सलमान ने अपने जन्मदिन की पार्टी पनवेल स्थित फार्महाउस में मनाई। इस मौके पर बॉलीवुड और क्रिकेट जगत के कई बड़े सितारे मौजूद थे, जिनमें हिमा क़ुरैशी, संगीता बिजलानी, एमएस धोनी और मीका सिंह शामिल थे।

    सलमान ने ब्लैक टी-शर्ट और नीली डेनिम में रेड एंड व्हाइट केक काटा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में उन्हें अपने पिता सलीम खान के साथ केक काटते हुए देखा गया।

    वर्क फ्रंट की खबरें
    वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान की पिछली फिल्म Sikandar बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे आर्यन खान के वेब शो The Ba*ds of Bollywood** में कैमियो किया, जिसे फैन्स ने खूब पसंद किया।

    सलमान अगली बार फिल्म Battle of Galwan में नजर आएंगे। इस फिल्म में चितरंगदा सिंह मुख्य भूमिका में हैं।

    फिल्म 2020 के गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित है, जिसमें भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई दुर्लभ सीमा लड़ाई को बिना आग्नेयास्त्र के दिखाया गया है। फिल्म के डायरेक्टर हैं अपूर्वा लखिया, और इसे लेकर फैंस में उत्साह की लहर है।

    सलमान खान का 60वां जन्मदिन केवल उम्र का आंकड़ा नहीं, बल्कि उनके फैंस के लिए बॉलीवुड के सुपरस्टार की यादगार झलक और पलों की खुशी लेकर आया। कटरीना का यह प्यार भरा संदेश इस खास मौके को और यादगार बना गया।

  • मुजफ्फरनगर तिलक लगाकर मीट राकेश टिकैत के बयान से मचा बवालबोले इनपर सुताई अभियान चलेगा

    मुजफ्फरनगर तिलक लगाकर मीट राकेश टिकैत के बयान से मचा बवालबोले इनपर सुताई अभियान चलेगा


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने चौंकाने वाला बयान दिया है. जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है. टिकैत ने खुद को हिंदू संगठन बताने वाले कुछ लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अटल चौक पर तिलक लगाकर मीट खाते हैं और इससे एक राजनीतिक दल की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं. टिकैत ने इस दौरान कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक दिन ‘सुताई अभियान’ चलाने जैसी टिप्पणी भी की. राकेश टिकैत का यह बयान अब सोशल मीडिया पर है.

    दरअसल मुजफ्फरनगर जिला कलेक्ट्रेट में प्रदूषण के मुद्दे को लेकर फैक्ट्री मालिकों और किसानों के बीच वार्ता आयोजित की गई थी. इसी दौरान मीडिया ने राकेश टिकैत से नगर के मीनाक्षी चौक का नाम बदलकर अटल चौक करने को लेकर सवाल किया. इस पर टिकैत ने कहा कि मीनाक्षी कौन थेयह कोई नहीं जानताजबकि अटल बिहारी वाजपेई को पूरा देश जानता है क्योंकि वे प्रधानमंत्री रहे हैं. उन्होंने चौक का नाम बदलने पर कोई आपत्ति नहीं जताई.

    हिन्दू संगठनों को लेकर जताई नाराजगी

    इसी बातचीत के दौरान राकेश टिकैत ने कथित हिंदू संगठनों को लेकर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू संगठन का नाम लेकर अटल चौक पर तिलक लगाकर मीट खाते हैं और इससे बीजेपी की छवि खराब हो रही है. टिकैत ने कहा कि बीजेपी का कार्यकर्ता मीट नहीं खाता और ऐसे लोग जानबूझकर माहौल खराब कर रहे हैं.

    सुताई अभियान चलाने की बात कही
    किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा“नाम हिंदू संगठन का लेते हैं और अटल चौक पर जाकर मीट खाते हैं. एक-दो दिन में इनका सुताई अभियान भी चलेगा. जो वहां तिलक लगाकर मीट खाते हुए फंस जाएगाउस पर कार्रवाई होगी.” टिकैत ने आगे कहा कि ऐसे कृत्यों से देश की छवि विदेशों में खराब हो रही है और अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव बढ़ रहा है. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और प्रशासन की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है.