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  • उद्धव गुट का कांग्रेस पर तंज: 'मुंबई में कांग्रेस एक पर्यटक की तरह आती हैहार कर चली जाती है'

    उद्धव गुट का कांग्रेस पर तंज: 'मुंबई में कांग्रेस एक पर्यटक की तरह आती हैहार कर चली जाती है'


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में आगामी बृहन्मुंबई महानगर पालिका बीएमसी चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह इस चुनाव को अकेले लड़ेगीजिसके बाद उद्धव गुट और कांग्रेस के बीच विवाद बढ़ गया है। उद्धव गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा तंज करते हुए कहामुंबई में कांग्रेस पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। वह पिछले तीन दशकों से लगातार मुंबई नगर निगम चुनाव हारती आ रही हैतो ऐसे में वह 2026 में कौन सा चमत्कार कर देंगे? कांग्रेस एक पर्यटक की तरह मुंबई आती हैहोर्डिंग्स लगाती हैचुनाव हारती है और फिर घर लौट जाती है।

    उद्धव गुट के प्रवक्ता ने यह बयान वीडियो के माध्यम से दियाजिसमें उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना का बीएमसी से गहरा रिश्ता रहा है और पार्टी पिछले 30 सालों से मुंबई नगर निगम पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को इस चुनाव में गंभीरता से लेने की कोई वजह नहीं हैक्योंकि वे हमेशा चुनाव हारते हैं। कांग्रेस ने इस तंज का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी इस चुनाव में अकेले मैदान में उतरेगी और इसके पीछे वैचारिक विचार है। कांग्रेस नेता सचिव सावंत ने बयान दियाहम पहले ही अपनी स्थिति को स्पष्ट कर चुके हैं। कांग्रेस पार्टी चुनाव में अकेले बढ़ना चाहती है और उसके पीछे वैचारिक विचार है। हमें इस मामले पर कोई जल्दबाजी नहीं है। पूरी पार्टी ने सोच-समझ कर यह फैसला लिया है। हम उन सभी पार्टियों के खिलाफ लड़ेंगे जो धर्मजातिक्षेत्र और भाषा के आधार पर टकराव पैदा करती हैं।

    यह विवाद तब शुरू हुआ जब उद्धव गुट ने महाविकास अघाड़ी में राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना मनसे को शामिल करने का प्रस्ताव रखा। कांग्रेस इसके पक्ष में नहीं थीक्योंकि वह राज ठाकरे के साथ चुनाव लड़ने में असमंजस महसूस कर रही थी। इसके चलते महाविकास अघाड़ी के भीतर एकता बनी रहीलेकिन कांग्रेस और उद्धव गुट के बीच मतभेद उभर आए। बीएमसी पर पिछले कई सालों से शिवसेना का कब्जा रहा है। शुरूआत से ही शिवसेना भाजपा के साथ मिलकर यहां शासन चला रही थी

    । 2017 में हुए बीएमसी चुनाव में अविभाजित शिवसेना ने सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जीत दर्ज की थीजबकि भाजपा दूसरे नंबर पर रही थी। उद्धव गुट अब 2022 में विभाजन के बाद बीएमसी पर पुनः कब्जा करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैहालांकि इसे पहले से कहीं ज्यादा चुनौती का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस का कहना है कि वह इस चुनाव में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने के लिए तैयार है और इस बार किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगीचाहे वह महाविकास अघाड़ी हो या कोई अन्य गठबंधन।

  • भाजपा को महाराष्ट्र में ऐतिहासिक सफलता40 साल बाद कम्पटी नगरपालिका में जीती पहली बार सत्ता

    भाजपा को महाराष्ट्र में ऐतिहासिक सफलता40 साल बाद कम्पटी नगरपालिका में जीती पहली बार सत्ता


    नागपुर । महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को निकाय चुनावों में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कुल 288 जिलों के निकायों में से 215 में महायुति ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की हैजिसमें भाजपा ने 129 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। लेकिन भाजपा को सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत कम्पटी नगरपालिका परिषद में मिलीजहां 40 साल बाद पहली बार उसे सत्ता हासिल हुई है। कम्पटी नगरपालिका परिषद में भाजपा के कैंडिडेट अजय अग्रवाल ने 103 वोटों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की। हालांकिकांग्रेस के कैंडिडेट शाकूर नागानी ने चुनाव परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि वह पूरे दिन चुनाव में आगे चल रहे थेलेकिन आखिरी समय में गड़बड़ी कर के अजय अग्रवाल को जिताया गया।

    यह चुनाव परिणाम नागपुर जिले में काफी चर्चा में रहाखासकर इस सीट के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी के कारण। एक और दिलचस्प बात यह रही कि बहुजन रिपब्लिकन एकता मंच की नेता सुलेखा कुंभारे ने इस सीट पर अजय कदम को कैंडिडेट बनाया था। हालांकिभाजपा ने इस बार उनका समर्थन नहीं कियाक्योंकि पार्टी को इस बार महाराष्ट्र में भगवा लहर की उम्मीद थी। कुंभारे ने यह भी दावा किया कि नितिन गडकरी उन्हें अपनी बहन मानते रहे हैंलेकिन भाजपा ने उनका समर्थन नहीं किया।नागपुर की इस महत्वपूर्ण नगरपालिका परिषद में भाजपा की 40 साल बाद जीत एक बड़ी राजनीतिक घटना मानी जा रही है।

    कांग्रेस के भीतर भी टिकट बंटवारे को लेकर विवाद उभरेऔर यह सवाल उठने लगा कि भाजपा अब बीएमसी में जीत की कोशिश कर सकती है।
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का नागपुर संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद इस नगरपालिका परिषद में भाजपा की जीत का यह लंबे समय से इंतजार थाजो अब समाप्त हुआ। कांग्रेस ने भी अपनी स्थिति को लेकर सवाल उठाएऔर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने यह कहा कि बीएमसी में कांग्रेस का कोई वजूद नहीं हैक्योंकि पिछले 30 सालों से वे ही लगातार जीत रहे हैं। इन नतीजों के बादविपक्षी गठबंधन महाअघाड़ी में भी विवाद शुरू हो गया हैजो भविष्य में महाराष्ट्र की राजनीति में और भी हलचल पैदा कर सकता है।

  • मोहन भागवत ने कहाआरएसएस को भाजपा के नजरिए से देखना गलतमुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को खारिज किया

    मोहन भागवत ने कहाआरएसएस को भाजपा के नजरिए से देखना गलतमुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को खारिज किया


    नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को कोलकाता में आरएसएस 100 व्याख्यान माला कार्यक्रम के दौरान संघ के बारे में अहम बयान दिया। भागवत ने कहा कि आरएसएस का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है और इसे भारतीय जनता पार्टी भा,ज,पा, के नजरिए से देखना गलत है। उन्होंने साफ किया कि संघ और भाजपा अलग-अलग संगठन हैंजिनकी भूमिकाएं भी अलग हैंभले ही भाजपा के कई नेता संघ से जुड़े हुए हों।

    भागवत ने कहायदि आप संघ को समझना चाहते हैंतो इसका अनुभव करना पड़ेगा। अगर आप इसे सिर्फ एक और सेवा संगठन मानते हैंतो आप गलत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संघ का काम कभी भी संकीर्ण दृष्टिकोण से नहीं समझा जाना चाहिए। बहुत से लोग संघ को भाजपा से जोड़कर देखते हैंलेकिन यह एक बड़ी गलती है। संघ को राजनीति से परे और समाज की भलाईसुरक्षा और एकता के लिए काम करने वाला संगठन माना जाना चाहिए।

    संघ प्रमुख ने मुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को भी पूरी तरह से नकारा किया। भागवत ने कहाऐसी धारणा पूरी तरह से तथ्यों के बजाय कथाओं पर आधारित है। हमारा काम पारदर्शी है और जो लोग हमारे काम को समझते हैंउन्होंने यह निष्कर्ष निकाला है कि हम कट्टर राष्ट्रवादी हैंजो हिंदुओं की सुरक्षा के लिए काम करते हैंलेकिन हम मुस्लिम विरोधी नहीं हैं। उन्होंने आलोचकों से आग्रह किया कि वे संघ का दौरा करें और इसे सीधे समझें। भागवत ने संघ के मुख्य उद्देश्य को भी स्पष्ट कियाजिसमें नैतिक रूप से ईमानदार और गुणी व्यक्तियों का निर्माण करना हैजो सेवामूल्यों और राष्ट्रीय गौरव से प्रेरित हों और देश के विकास में योगदान करें। उन्होंने कहासंघ का उद्देश्य किसी से दुश्मनी रखना नहीं हैबल्कि समाज में एकता और सहयोग को बढ़ावा देना है।

    इसके अलावाभागवत ने भारतीय समाज को एकजुट करने की आवश्यकता पर बल दिया और हिंदू समुदाय को अपनी सांस्कृतिक और सामाजिक जड़ों की ओर लौटने की अपील की। बंगाल की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्वामी विवेकानंदराजा राम मोहन रॉय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसी महान हस्तियों को याद कियाजिनकी सामाजिक सुधार में अहम भूमिका थी। उन्होंने खास तौर पर राजा राम मोहन रॉय की तारीफ कीजो सामाजिक बदलाव की दिशा में अग्रणी थेऔर कहा कि आरएसएस उसी सुधारात्मक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

    भागवत ने कहा कि आरएसएस का उद्देश्य भारत को एक बार फिर विश्वगुरु बनाना है और इसके लिए समाज को तैयार करना संघ का कर्तव्य है। इसके तहतसंघ ने अपनी शताब्दी समारोह के अवसर पर कोलकातादिल्लीमुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में लेक्चर और सेशन आयोजित करने की योजना बनाई हैताकि जनता को संघ के काम और उद्देश्य को समझने का मौका मिल सके। इस दौरानभागवत ने लोगों से अपील की कि वे संघ के बारे में राय बनाने से पहले तथ्यों का अध्ययन करेंऔर अन्य स्रोतों की बजाय खुद संघ के काम को देखें।

  • रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' के गाने 'शरारत' में तमन्ना भाटिया की बजाय दो हीरोइन क्यों कास्ट की गईं

    रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' के गाने 'शरारत' में तमन्ना भाटिया की बजाय दो हीरोइन क्यों कास्ट की गईं


    नई दिल्ली । रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है और इसके गाने भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। खासकर गाना शरारत चर्चाओं में है जो क्रिस्टल डिसूजा और आयेशा खान पर फिल्माया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने के लिए पहले तमन्ना भाटिया का नाम सामने आया था इस गाने को कोरियोग्राफ़ करने वाले विजय गांगुली ने डायरेक्टर आदित्य धर को तमन्ना भाटिया का नाम सुझाया था लेकिन आदित्य धर ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया। विजय गांगुली ने बताया कि आदित्य ने साफ तौर पर कहा था कि वह गाने को आइटम सॉन्ग के रूप में नहीं देखना चाहते थे और इस कारण एक हीरोइन पर फोकस होने से फिल्म की कहानी पर ध्यान भटक सकता था।

    आदित्य धर ने यह निर्णय लिया कि गाने में दो हीरोइनों को कास्ट किया जाए ताकि कहानी की धारा से ध्यान न हटे। अगर गाना सिर्फ एक लड़की पर फोकस करता तो यह गाना उस एक्ट्रेस का गाना बन जाता और फिल्म की मूल कहानी से ध्यान हट सकता था। धुरंधर के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने 500 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म के स्टार कास्ट जिसमें रणवीर सिंह अक्षय खन्ना और संजय दत्त शामिल हैं को दर्शकों से शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म की कमाई आगे भी जबरदस्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    इसके अलावा धुरंधर के दूसरे भाग का भी फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जो 19 मार्च को थिएटर पर रिलीज होगा। धुरंधर ने जहां दर्शकों को अपने कंसीप्ट और एक्टिंग से प्रभावित किया है वहीं फिल्म के गाने और कहानी पर फोकस करने की आदित्य धर की रणनीति ने इसे एक बेहतरीन फिल्म बना दिया है।

  • धुरंधर के एक सीन में सौम्या टंडन ने सच में अक्षय खन्ना को मारा थप्पड़ बताया दर्द में डूबे एहसास

    धुरंधर के एक सीन में सौम्या टंडन ने सच में अक्षय खन्ना को मारा थप्पड़ बताया दर्द में डूबे एहसास


    नई दिल्ली । आदित्य धर की फिल्म धुरंधर इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है और फिल्म की शानदार स्टार कास्ट और दिलचस्प कहानी को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। इन एक्टर्स में एक नाम है सौम्या टंडन का जिन्होंने फिल्म में अक्षय खन्ना के किरदार रहमान डकैत की पत्नी का रोल निभाया है। अब सौम्या ने एक दिलचस्प खुलासा किया है कि उन्होंने फिल्म के एक खास सीन में अक्षय खन्ना को सच में थप्पड़ मारा था जो अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है।

    सौम्या ने फिल्म से जुड़ी कुछ बिहाइंड-दी-सीन तस्वीरें शेयर करते हुए बताया “यह फिल्म में मेरा एंट्री सीन था और इस सीन को दर्शकों से जो प्यार मिल रहा है वह मुझे अभिभूत कर रहा है। इस सीन में कई इमोशन्स थे। मुझे अपने पति पर गुस्सा था क्योंकि उसी की वजह से हमारे बेटे की मौत हुई। सीन में मुझे बेबस मां और गहरे दर्द को दर्शाना था। और हां मैंने अक्षय को सच में थप्पड़ मारा। आदित्य धर चाहते थे कि सीन असली लगे और मेरा क्लोजअप इमोशन से भरपूर हो।” सौम्या ने यह भी बताया कि इस सीन में उनका रोना एक ही टेक में शूट किया गया था।

    यह सीन फिल्म के सबसे इमोशनल पलों में से एक था जिसमें सौम्या ने अपने बेटे की मौत के बाद प्रार्थना करते हुए गहरे दर्द को महसूस किया। उन्होंने कहा कि इस सीन ने उन्हें कई दिनों तक मानसिक रूप से प्रभावित किया और उनका दर्द लंबे समय तक उनके साथ रहा।सौम्या टंडन के इस शानदार परफॉर्मेंस को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से सराहा जा रहा है और यह सीन भी फिल्म के यादगार लम्हों में शामिल हो गया है।

    धुरंधर की कहानी एक जासूस की है जो नाम और पहचान बदलकर पाकिस्तान में सालों तक रहकर अपनी अलग पहचान बनाता है। फिल्म में रणवीर सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई है लेकिन अक्षय खन्ना के किरदार रहमान डकैत को विशेष रूप से पसंद किया जा रहा है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अब तक 500 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है और जल्द ही 600 करोड़ के क्लब में भी प्रवेश कर सकती है।सभी कलाकारों की परफॉर्मेंस के अलावा फिल्म के सीन और इमोशन्स को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है और यह फिल्म लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।

  • उर्मिला मातोंडकर ने फिल्मों से दूरी पर की बात कहा समय आ गया है कि वापस सेट पर लौटूं

    उर्मिला मातोंडकर ने फिल्मों से दूरी पर की बात कहा समय आ गया है कि वापस सेट पर लौटूं


    नई दिल्ली । उर्मिला मातोंडकर जो बॉलीवुड की शानदार एक्ट्रेसेस में शुमार हैं काफी समय से बड़े पर्दे से गायब हैं। उनकी फिल्मों से दूर रहने की वजह से कई लोग यह सोचने लगे थे कि क्या उर्मिला ने बॉलीवुड को अलविदा ले लिया है। अब इन अफवाहों पर उर्मिला ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है और बताया कि वह अब सिल्वर स्क्रीन पर वापस लौटने के लिए तैयार हैं।

    उर्मिला ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए कहा “जब बात मेरे काम की आती है तो मैं हमेशा से ही सेलेक्टिव रही हूं। मैं किसी को इल्जाम नहीं लगा सकती जब लोग सोचते हैं कि मैं फिल्में या कुछ नहीं कर रही। लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। फिलहाल मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि मैं वापस सिल्वर स्क्रीन पर आकर काम शुरू करूं।”
    उर्मिला ने इस बात का भी खुलासा किया कि वह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपना डेब्यू करने वाली हैं।

    यह एक नया कदम होगा उनके लिए और वह खासतौर पर इस प्लेटफॉर्म पर ऐसे रोल करना चाहती हैं जो उन्होंने पहले कभी नहीं किए। उर्मिला ने कहा “ओटीटी पर बहुत कुछ चल रहा है और मैं ऐसे रोल करना चाहती हूं जो मेरे करियर के दौरान पहले कभी नहीं किए।उर्मिला के करियर की बात करें तो वह 1991 में फिल्म नमसिम्हा से बतौर लीड एक्ट्रेस अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने के बाद कई हिट फिल्मों का हिस्सा बनीं। रंगीला जुदाई सत्या कौन भूत और पिंजर जैसी फिल्मों में उनकी शानदार एक्टिंग को दर्शकों और क्रिटिक्स ने सराहा था।

    हालांकि वह पिछले कुछ समय से बड़े पर्दे से दूर थीं लेकिन उन्होंने 2022 में टीवी शो डीआईडी सुपर मॉम्स में भी हिस्सा लिया था। इसके अलावा वह 2018 में फिल्म ब्लैकमेल के गाने बेवफा ब्यूटी में नजर आईं थीं।
    उनकी आखिरी फिल्म बतौर लीड एक्ट्रेस ईएमआई थी जिसमें उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब उर्मिला के फैंस उनके ओटीटी डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि वह नया अनुभव हासिल करने के लिए तैयार हैं। उर्मिला की वापसी निश्चित रूप से बॉलीवुड और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक नई हलचल मचाएगी।

  • माधुरी दीक्षित ने श्रीदेवी संग कैटफाइट पर खुलकर रखी अपनी बात कहाहम दोनों एक-दूसरे की इज्जत करते थे

    माधुरी दीक्षित ने श्रीदेवी संग कैटफाइट पर खुलकर रखी अपनी बात कहाहम दोनों एक-दूसरे की इज्जत करते थे


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की दो दिग्गज अभिनेत्रियां माधुरी दीक्षित और श्रीदेवी एक समय में न केवल फिल्म इंडस्ट्री की सबसे चर्चित और हिट एक्ट्रेसेस में शामिल थीं बल्कि उनके बीच किसी प्रकार के मतभेदों और कैटफाइट की अफवाहें भी उड़ती रही थीं। अब लंबे समय बाद माधुरी दीक्षित ने इन अफवाहों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और इस मुद्दे पर अपनी साफ़ राय रखी है।

    एक हालिया इंटरव्यू में जब माधुरी से उनके और श्रीदेवी के बीच कथित दुश्मनी पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया ऐसी कोई वजह नहीं थी हमारे बीच जो हम एक-दूसरे की इज्जत ना करें। वह उनमें से थीं जिन्होंने अपनी लाइफ में बहुत मेहनत की है और मैं भी उनमें से ही हूं। मुझे लगता है हम दोनों इस बात को अच्छे से समझते थे। माधुरी ने इस बयान के जरिए स्पष्ट किया कि दोनों के बीच कभी कोई असम्मानजनक संबंध नहीं थे और उनकी सफलता को वे एक-दूसरे से बराबरी से सराहती थीं।

    बॉलीवुड में अक्सर अभिनेत्रियों के बीच प्रतिस्पर्धा की खबरें आती रहती हैं लेकिन माधुरी ने ये कहा कि उनके लिए श्रीदेवी की मेहनत और योगदान को हमेशा सम्मान था। हालांकि दोनों के बीच कभी भी नज़दीकी दोस्ती का कोई सार्वजनिक संकेत नहीं मिला लेकिन माधुरी ने यह भी स्वीकार किया कि दोनों एक-दूसरे को प्रोफेशनल स्तर पर अच्छी तरह समझते थे। श्रीदेवी के निधन के बाद जब ‘कलंक’ फिल्म में उनके स्थान पर माधुरी ने काम किया तो यह कदम कई मायनों में महत्वपूर्ण था।

    माधुरी ने इस फिल्म में श्रीदेवी के किरदार की जगह ली थी और यह उनके लिए एक श्रद्धांजलि के रूप में देखा गया था। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर ने भी माधुरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था जिसमें उन्होंने कहा था कलंक मां के दिल के बहुत करीब फिल्म थी पापा खुशी और मैं माधुरी जी के बहुत शुक्रगुजार हैं कि वह इस फिल्म का हिस्सा बनीं।

    अब माधुरी दीक्षित का एक नया प्रोजेक्ट मिसेज देशपांडे भी चर्चा में है। इस सीरीज़ में उन्होंने एक कैदी का किरदार निभाया है जो एक मर्डर केस में पुलिस की मदद करती है। उनकी एक्टिंग को लेकर फैंस और क्रिटिक्स दोनों से अच्छे रिव्यूज़ मिल रहे हैं। इस प्रकार माधुरी दीक्षित ने श्रीदेवी के साथ अपनी रिश्तों की सच्चाई को स्पष्ट किया और उनकी फिल्मों और अभिनय की सराहना भी की।

  • सरफराज अहमद ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए किया इस गंदे शब्द का इस्तेमाल, लीक हुआ ऑडियो

    सरफराज अहमद ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए किया इस गंदे शब्द का इस्तेमाल, लीक हुआ ऑडियो


    नई दिल्ली।अंडर 19 एशिया कप के फाइनल में भारत को पाकिस्तान से करारी हार मिली. पाकिस्तान ने एकतरफा अंदाज में खिताबी मुकाबला 191 रनों से जीता. पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 347 रन बनाए, जवाब में भारतीय टीम सिर्फ 156 रनों पर ढेर हो गई. इस मैच में टीम इंडिया ने बेहद खराब खेल दिखाया लेकिन इस बीच उसके खिलाफ पाकिस्तान के मेंटॉर सरफराज अहमद ने कुछ ऐसा कर दिया जिसके बाद से सोशल मीडिया पर मानो हंगामा मचा हुआ है. सरफराज अहमद ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद गंदे शब्द का इस्तेमाल किया.

    सरफराज अहमद ने क्या कहा?
    सरफराज अहमद का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो जाहिल शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं. सरफराज अहमद अपनी टीम के खिलाड़ियों को निर्देश देते हुए कह रहे थे कि जाहिलों की तरह जाहिर नहीं होना, तमीज के दायरे में खेलो. यहां सरफराज अहमद टीम इंडिया के खिलाड़ियों को जाहिल कहते दिख रहे थे.
    पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने की बदतमीजी
    इस मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने भारतीय खिलाड़ियों से बदतमीजी भी की. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज अली राजा ने भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे और वैभव सूर्यवंशी को अपशब्द कहे, जिसके बाद ये दोनों खिलाड़ी उनके साथ भिड़ते नजर आए. मैच में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तल्खी देखी गई. ये पाकिस्तानी खिलाड़ियों की रणनीति ही थी जिसने भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया, अंत में टीम इंडिया को हार मिली
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    फाइनल में फेल टीम इंडिया
    टीम इंडिया ने फाइनल मैच में टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला किया और ये फैसला उसके लिए काफी गलत साबित हुए. पाकिस्तान की टीम की ओर से ओपनर समीर मिन्हास ने तूफानी बैटिंग करते हुए 113 गेंदों में 172 रन ठोके. इस खिलाड़ी ने 9 छक्के और 17 चौके मारे. अहमद हुसैन ने 56 रनों की पारी खेली. उस्मान खान ने 35 रन बनाए. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 347 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. भारतीय अंडर 19 टीम इतने बड़े लक्ष्य के जवाब में बिखर गई. वैभव सूर्यवंशी 10 गेंद में 26 रन बनाकर आउट हो गए. आयुष म्हात्रे 2 ही रन बना सके. एरॉन जॉर्ज ने 16 रन बनाए. विहान मल्होत्रा, वेदांत त्रिवेदी भी फेल रहे.

  • हिजाब विवाद के बीच आज पीएम मोदी से मिले नीतीश कुमार, 20 मिनट चली मीटिंग, क्या हरकत के लिए माफी मांगेंगे?

    हिजाब विवाद के बीच आज पीएम मोदी से मिले नीतीश कुमार, 20 मिनट चली मीटिंग, क्या हरकत के लिए माफी मांगेंगे?


    नई दिल्ली/ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. यह मुलाकात हाल ही में सामने आई एक विवादित घटना ‘हिजाब खींचने के मामले’ के बाद हुई है, जिसे लेकर सियासी हलकों में लगातार सवाल उठ रहे हैं. करीब 20 मिनट चली इस बैठक के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या नीतीश कुमार इस मुद्दे पर कोई स्पष्टीकरण या माफी की पहल करेंगे.

    पीएम आवास पर हुई अहम बैठक

    प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात में नीतीश कुमार के साथ जदयू अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे. बैठक के बाद तीनों नेता प्रधानमंत्री आवास से एक साथ निकलते नजर आए.

    अमित शाह से भी मुलाकात

    प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले नीतीश कुमार, ललन सिंह और सम्राट चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की. सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार के आवास से निकलते हुए भी देखा गया. नीतीश कुमार रविवार को दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर पहुंचे थे. शपथ ग्रहण के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा है. इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री मोदी समेत एनडीए के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात तय मानी जा रही थी.

    कैबिनेट विस्तार पर भी चर्चा के संकेत

    सूत्रों के अनुसार, इस दौरान बिहार मंत्रिमंडल के विस्तार पर भी बातचीत हुई. मकर संक्रांति के बाद कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. भाजपा नेता नितिन नबीन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने से एक पद खाली हुआ है, जिस पर नए चेहरे की नियुक्ति होनी है.
    निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर अटकलें
    बैठक में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश को लेकर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है. जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा पहले ही कह चुके हैं कि पार्टी में निशांत के सार्वजनिक जीवन में आने को लेकर सकारात्मक माहौल है.

    आने वाले चुनावों पर भी नजर

    सूत्रों के मुताबिक 2026 में होने वाले राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर भी रणनीतिक चर्चा हो सकती है. मौजूदा हालात में एनडीए विधानसभा में मजबूत स्थिति में है और कमजोर विपक्ष के चलते कई सीटों पर बढ़त की संभावना जताई जा रही है.

  • गुरुग्राम में 7वीं क्लास की बच्ची से कई महीने तक रेप! बच्चे को दिया जन्म, आरोपी गिरफ्तार

    गुरुग्राम में 7वीं क्लास की बच्ची से कई महीने तक रेप! बच्चे को दिया जन्म, आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली/गुरुग्राम में एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. 7वीं क्लास में पढ़ने वाली रेप पीड़िता 15 वर्षीय एक किशोरी ने सरकारी अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया. पुलिस ने रविवार 21 दिसंबर को इसकी जानकारी दी. चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी कर रही है.

    दिसंबर से मार्च के बीच शोषण का आरोप

    पुलिस जांच में सामने आया है कि किशोरी के साथ दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच कई बार दुष्कर्म किया गया. इस मामले में 34 वर्षीय आरोपी राजेश को गिरफ्तार किया गया है, जो एक निजी कंपनी में काम करता था. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पीड़िता का भरोसा जीतकर उसे लगातार शोषण का शिकार बनाया.

    फरवरी में खाली किया किराये का मकान

    जांच के दौरान यह भी पता चला है कि आरोपी राजेश ने फरवरी महीने में अपना किराये का मकान अचानक खाली कर दिया था. पुलिस के अनुसार, उसे इस बात का अंदेशा हो गया था कि किशोरी गर्भवती हो सकती है और मामला खुल सकता है. इसी डर से उसने इलाके से दूरी बना ली, ताकि किसी को उस पर शक न हो.

    गुरुग्राम के सेक्टर-10 थाने में दर्ज हुआ केस
    पीड़िता की शिकायत के आधार पर गुरुग्राम के सेक्टर-10 थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने आवश्यक धाराओं में केस दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.पुलिस ने कहा है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और अगर किसी तरह की और लापरवाही या अन्य आरोपी सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानून के तहत हर जरूरी कदम उठाया जाएगा. साथ ही पीड़िता को डॉक्टरी सहायता भी दी जा रही है.