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  • रूसी सेना में 200 से अधिक भारतीय नागरिक 26 की युद्ध में मौत विदेश मंत्रालय ने संसद में किया खुलासा

    रूसी सेना में 200 से अधिक भारतीय नागरिक 26 की युद्ध में मौत विदेश मंत्रालय ने संसद में किया खुलासा


    नई दिल्ली । रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिसमें भारत सरकार ने बताया कि 202 भारतीय नागरिकों को फरवरी 2022 में शुरू हुए इस युद्ध के दौरान रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती किया गया था। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को राज्यसभा में सांसदों के सवालों के जवाब में यह आंकड़ा प्रस्तुत किया।विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस समय तक कुल 202 भारतीय नागरिकों ने रूसी सेना में शामिल होने के लिए आवेदन किया और उन्हें भर्ती किया गया। हालांकि भारतीय सरकार ने अपनी कूटनीतिक कार्रवाई के तहत 119 नागरिकों को समय से पहले छुट्टी दिलवाने में सफलता हासिल की है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा में सांसदों साकेत गोखले और रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा पूछे गए प्रश्नों के लिखित उत्तर में दी।

    वहीं इस बयान में मंत्रालय ने यह भी बताया कि अब तक इस युद्ध में 26 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। साथ ही सात भारतीय नागरिकों को रूस की सीमा क्षेत्र में लापता बताया गया है। इसके अलावा 50 भारतीय नागरिकों को रूस की सेना से रिहा कराने की कोशिशें जारी हैं। सरकार ने यह भी कहा कि 10 मृतकों के शवों को वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि भारतीय सरकार लगातार रूस के अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है। दोनों देशों के नेताओं और मंत्रियों के स्तर पर इस मामले को लेकर बातचीत जारी है।

    वहीं मंत्रालय ने यह भी बताया कि जिन 18 भारतीयों की मौत या लापता होने की खबरें आई हैं उनके डीएनए नमूने रूस के अधिकारियों के साथ साझा किए गए हैं ताकि शवों की पहचान की जा सके और परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके।यह खुलासा उस समय हुआ है जब रूस ने 2022 में युद्ध की शुरुआत के बाद से 128 देशों में भर्ती अभियान तेज कर दिया था। रूस ने अपनी सेना को मजबूत करने के लिए दुनिया भर से सैनिकों की भर्ती शुरू की जिसमें भारतीय नागरिकों का भी शामिल होना बड़ा मुद्दा बना है। यूक्रेन-रूस युद्ध के परिणामस्वरूप अब तक अनुमानित 10 लाख से अधिक लोग मारे गए हैं या घायल हुए हैं।

    रूस के करीब 7 लाख 90 हजार सैनिकों के हताहत होने का अनुमान है जबकि लगभग 85 हजार सैनिक लापता बताए जा रहे हैं। इस युद्ध ने पूरी दुनिया में भारी संकट पैदा कर दिया है और रूस ने लगभग चार वर्षों में यूक्रेन के 12 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर लिया है।भारत सरकार ने अपनी कूटनीतिक पहल जारी रखते हुए इस संघर्ष में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रूस के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है। इसके अलावा सरकार ने नागरिकों को इस युद्ध के बारे में सतर्क रहने और ऐसे संघर्षों में न फंसे रहने की सलाह दी है। भारत सरकार की कोशिशें यह सुनिश्चित करने की हैं कि इस युद्ध में कोई भारतीय नागरिक अनावश्यक रूप से जोखिम में न पड़े और उनके परिवारों को पूरी जानकारी और सहायता समय पर मिल सके। 
  • बजट 2026: क्या सस्ता चाहिए और क्या महंगा? अब सीधे वित्त मंत्री को बताएं अपने दिल की बात, ये है तरीका

    बजट 2026: क्या सस्ता चाहिए और क्या महंगा? अब सीधे वित्त मंत्री को बताएं अपने दिल की बात, ये है तरीका


    नई दिल्ली/हर साल जब बजट आता है, तो हम और आप टीवी स्क्रीन के सामने बैठकर यह उम्मीद करते हैं कि शायद इस बार हमारे लिए कुछ खास होगा. लेकिन क्या हो अगर आपको यह मौका मिले कि आप खुद सरकार को बता सकें कि देश के बजट में क्या शामिल होना चाहिए? केंद्र सरकार ने आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए अब आम जनता के दरवाजे खटखटाए हैं. सरकार का स्पष्ट मानना है कि एक विकासशील भारत की तस्वीर तभी बदलेगी जब उसमें आम नागरिक की आवाज शामिल होगी. इसी उद्देश्य से वित्त मंत्रालय ने नागरिकों से सुझाव मांगे हैं, ताकि बजट को कागजी दस्तावेजों से निकालकर हकीकत के धरातल पर उतारा जा सके
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    MyGov के जरिए सीधे सरकार तक पहुंचेगी आपकी बात
    सरकार ने MyGov प्लेटफॉर्म के जरिए देश के हर नागरिक से अपील की है कि वे आगे आएं और अपने विचार साझा करें. आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी संदेश में साफ कहा गया है कि यह बजट जनता की राय पर आधारित होगा.सरकार यह जानना चाहती है कि अगले वित्त वर्ष में किन क्षेत्रों पर फोकस किया जाए. चाहे आप एक गृहिणी हों, नौकरीपेशा हों या फिर कोई छात्र, आप MyGov की वेबसाइट पर जाकर अपनी बात बता सकते हैं . अपनी राय सरकार तक पहुंचाने के लिए बस अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर MyGov.in वेबसाइट खोलें.वहां होमपेज पर ही आपको Union Budget 2026-27 का बैनर या लिंक दिखाई देगा. उस पर क्लिक करें और अपने मोबाइल नंबर के जरिए लॉग-इन कर लें. इसके बाद आपके सामने एक कमेंट बॉक्स खुलेगा, जहां आप शिक्षा, टैक्स, रोजगार या महंगाई जैसे किसी भी मुद्दे पर अपना सुझाव लिख सकते हैं. आप चाहें तो MyGov ऐप डाउनलोड करके भी सीधे वहां से अपनी मांग वित्त मंत्रालय की टीम तक पहुंचा सकते हैं.

    1 फरवरी को पेश होगा देश का बही-खाता

    संसद में बजट पेश करने की परंपरा के मुताबिक, 1 फरवरी को वित्त मंत्री देश का वार्षिक लेखा-जोखा प्रस्तुत करेंगी. हालांकि, यह दिन केवल एक भाषण का नहीं, बल्कि उन तमाम सुझावों और बैठकों का निचोड़ होगा जो अभी चल रही हैं.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पिछले कुछ समय से लगातार बैठकों में व्यस्त हैं. उन्होंने बजट से पहले की परामर्श प्रक्रिया (Pre-Budget Consultation) के तहत देश के दिग्गज अर्थशास्त्रियों से लेकर किसान संगठनों तक से चर्चा की है.

  • लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण

    लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण


    कोलकाता । अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के हाल ही में भारत दौरे पर 100 करोड़ रुपये का खर्च हुआ जिसे लेकर अब कई अहम खुलासे हुए हैं। इस खर्च में से 89 करोड़ रुपये मेसी की फीस थी जबकि 11 करोड़ रुपये भारत सरकार को टैक्स के रूप में दिए गए। इस राशि को लेकर आयोजक सताद्रू दत्ता ने जांच एजेंसियों के सामने कई अहम बातें साझा की हैं।

    न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दत्ता ने एसआईटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को बताया कि मेसी के इंडिया टूर के दौरान कुल 100 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस रकम में से 30 प्रतिशत स्पॉन्सर से मिला जबकि बाकी 30 प्रतिशत टिकटों की बिक्री से जुटाए गए थे। एसआईटी द्वारा दत्ता के बैंक खातों की जांच के बाद उनके अकाउंट में 20 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली जो कथित तौर पर कोलकाता और हैदराबाद में आयोजित मेसी के इवेंट के टिकटों की बिक्री और स्पॉन्सरशिप से आई थी।

    सताद्रू दत्ता जो मेसी के इवेंट्स के प्रमुख आयोजक थे को गिरफ्तार कर लिया गया था। एसआईटी के अधिकारियों ने शुक्रवार को दत्ता के घर पर छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। दत्ता ने जांचकर्ताओं से कहा कि इवेंट के दौरान मेसी के प्रति सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए गए थे लेकिन बावजूद इसके भीड़ के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हुईं।

    कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में जब मेसी की उपस्थिति के दौरान हजारों दर्शक इवेंट में पहुंचे थे तब अफरातफरी का माहौल बन गया। फैंस की भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई लोग मेसी के चारों ओर जमा हो गए जिससे वह गैलरी से मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। इसके परिणामस्वरूप कई दर्शकों ने स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इस घटना ने पुलिस और आयोजकों को एक बड़ी चुनौती दी और सुरक्षा में चूक को लेकर कई सवाल उठाए।

    एसआईटी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घटना की पूरी जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक टीम गठित की जिसमें पीयूष पांडे जावेद शमीम सुप्रतिम सरकार और मुरलीधर शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि सुरक्षा में चूक आयोजकों की भूमिका और एक्सेस नियमों के उल्लंघन के पीछे कौन जिम्मेदार है।

    मेसी की सुरक्षा को लेकर दत्ता ने भी बयान दिया कि मेसी को छुआ या गले लगाया जाना पसंद नहीं आया और यह बात उनके सुरक्षा अधिकारियों ने आयोजकों को पहले ही बता दी थी। मेसी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेशी सुरक्षा अधिकारियों ने भी कई बार चेतावनी दी थी। दत्ता ने कहा भीड़ को रोकने के लिए कई बार पब्लिक अनाउंसमेंट किए गए लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। मेसी को इस तरह घेरने और गले लगाने का तरीका उनके लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं था।

    इस दौरान एसआईटी अधिकारियों ने यह भी बताया कि दत्ता के बैंक खातों से जुड़ी रकम की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह रकम इवेंट्स से सही तरीके से जुटाई गई थी या इसमें कोई अनियमितता थी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से आयोजकों की जिम्मेदारी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • ‘एक ही लड़की को टारगेट क्यों किया’, तान्या मित्तल की मां ने ‘बिग बॉस’ मेकर्स पर उठाए सवाल, अपनी रईसी को लेकर कही ये बात

    ‘एक ही लड़की को टारगेट क्यों किया’, तान्या मित्तल की मां ने ‘बिग बॉस’ मेकर्स पर उठाए सवाल, अपनी रईसी को लेकर कही ये बात


    नई दिल्ली ।फेमस रियलिटी शो बिग बॉस 19 भले ही खत्म हो गया होलेकिन इसके कंटेस्टेंट्स अभी भी चर्चा में बने हुए हैं। फिर चाहें वह विनर गौरव खन्ना होप्रणित मोरे हो या फिर तान्या मित्तल। तान्या शो की सबसे चर्चित सदस्य में से एक रही थीं। उन्होंने शो के अंदर कई बड़े-बड़े दावे किएजैसे किचन में लिफ्ट होना150 बॉडीगार्ड रखना। जब इन चीजों को लोगों ने सुना तो वह हैरान रह गए। वहींकई लोगों ने तो उन्हें ट्रोल भी किया।फिर शो से बाहर आने के बाद तान्या मित्तल ने कई इंटरव्यू दिएजिसमें उन्होंने अपने इन दावों पर बात की। अब उनका एक इंटरव्यू काफी वायरल हो रहा हैजिसमें वह फाइनली अपनी मां के साथ नजर आईं। इस इंटरव्यू में तान्या के साथ-साथ उनकी मां ने भी काफी सारी बातें की और साथ ही बिग बॉस के मेकर्स से सवाल करते हुए नाराजगी भी जाहिर की।
    तान्या की मां ने जाहिर की नाराजगी
    न्यूज पिंच से बात करते हुए तान्या ने सबसे पहले अपने परिवार से सभी को मिलवाया। इसके बाद कंटेस्टेंट की मां ने बिग बॉस मेकर्स से कई सवाल भी किए। तान्या की मां ने कहामेरा तो बिग बॉस मेकर्स से यह सवाल था कि आप एक ही लड़की को क्यों टारगेट कर रहे हैं।उसको उसके रोने पर हर्ट कर रहे हैं। हंसने पर हर्ट कर रहे हैं और सारी चीज भी उसी के ऊपर डाली जा रही है। पानी भी उसी पर डाला जा रहा हैवो कहती है किचन में लिफ्ट हैइतनी गाड़ी हैघर हैतो लोग झूठ मान रहे हैं। कुछ भी दिखावा नहीं हैकुछ किसी से छिपा नहीं।
    मालूम था हमारी लड़की स्टार है
    इसके आगे तान्या ने की मां ने कहा कि उसे बिल्कुल नींद नहीं आती थी। सारी रात जागते हुए निकलती थी। ये सोचते हुए कि कब जल्दी वो घर वापस जाए। हमें ट्रॉफी का कोई लालच नहीं रहाक्योंकि हमें मालूम था हमारी लड़की स्टार है और रहेगी। हमारी बच्ची को हमने इतने प्यार से पाला हैतो उसके ऊपर यह पानी फेंकनायह सब बर्दाश्त नहीं हो रहा था हमसे।

  • महाराष्ट्र निकाय चुनाव: महायुति की प्रचंड जीत पीएम मोदी ने 'जनकेंद्रित विकास' के लिए जनता का जताया आभार

    नई दिल्ली।मुंबई/ महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने राज्य में एक बार फिर ‘महायुति’ के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है। इस शानदार सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त किया।

    प्रधानमंत्री ने लिखा महाराष्ट्र विकास के साथ मजबूती से खड़ा है! नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में भाजपा और महायुति को आशीर्वाद देने के लिए मैं जनता का आभारी हूं। यह जनकेंद्रित विकास के हमारे दृष्टिकोण में अटूट विश्वास को दर्शाता है। पीएम ने आगे कहा कि उनकी सरकार नई ऊर्जा के साथ हर नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम की भी सराहना की।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गिनाए भाजपा के ‘रिकॉर्ड’
    नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भाजपा की धमाकेदार जीत पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक जनादेश’ बताया। उन्होंने परिणामों के कुछ महत्वपूर्ण आंकड़ों को साझा किया जो भाजपा की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं:पार्षदों की रिकॉर्ड जीत: राज्य के कुल निर्वाचित पार्षदों में से 48 प्रतिशत अकेले भाजपा के चिह्न पर जीते हैं।अध्यक्ष पद पर कब्जा: पार्टी के उम्मीदवार 129 नगर परिषदों में अध्यक्ष चुने गए हैं।कुल संख्या: भाजपा ने कुल 3300 पार्षदों के निर्वाचित होने का एक और नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।

    फडणवीस ने कहा कि यह जीत राज्य सरकार के विकास एजेंडे और सकारात्मक अभियान का परिणाम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने चुनाव में किसी पर व्यक्तिगत आरोप लगाने के बजाय केवल काम के आधार पर वोट मांगे थे।चुनावी आंकड़ों में महायुति का दबदबाअब तक प्राप्त रुझानों और परिणामों के अनुसार महायुति गठबंधन ने विपक्ष को काफी पीछे छोड़ दिया है:विवरणमहायुति BJP+Sena+NCPविपक्ष MVAकुल नगर परिषद 288215 7465%44नगर परिषद अध्यक्ष BJP129 2017 में 94 थी पार्षद BJP3300+ विपक्ष का हाल कांग्रेस शिवसेना UBT और एनसीपी SP का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। कई वरिष्ठ नेताओं के गढ़ में भी महायुति ने सेंध लगाने में सफलता हासिल की है। विपक्षी नेताओं ने हार का ठीकरा धनबल और चुनावी मशीनरी पर फोड़ा है।

    अगली चुनौती: महानगरपालिका चुनाव

    स्थानीय निकायों में मिली इस बड़ी जीत को जनवरी 2026 में होने वाले बीएमसी BMC और पुणे नगर निगम सहित 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों के लिए एक मजबूत ‘बिल्ड-अप’ माना जा रहा है। महायुति अब इसी लय को बड़े शहरों में भी दोहराने की तैयारी में है।

  • राम मंदिर आंदोलन की सफलता का आधार 'हृदय की गूँज' और 'अटूट संकल्प' था: साध्वी ऋतंभरा

    राम मंदिर आंदोलन की सफलता का आधार 'हृदय की गूँज' और 'अटूट संकल्प' था: साध्वी ऋतंभरा


    पुणे/अयोध्या। प्रसिद्ध ओजस्वी वक्ता साध्वी ऋतंभरा ने अयोध्या राम मंदिर आंदोलन की ऐतिहासिक सफलता पर बड़ा बयान दिया है। पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि का संघर्ष एक ऐसे संकल्प की परिणति थी जिसका कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में सूचना क्रांति और सोशल मीडिया का बोलबाला है लेकिन राम मंदिर आंदोलन उस समय सफल हुआ जब ये आधुनिक साधन मौजूद नहीं थे।इसका कारण यह था कि आंदोलन का संदेश सीधे लोगों के दिलों में गूँज रहा था।साध्वी ऋतंभरा ने मानवीय इच्छाशक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा हमारा काम राम जी के कार्य के लिए समर्पित है। मानवीय संकल्प में पर्वतों को उखाड़ फेंकने और पत्थर को पानी में बदल देने की शक्ति होती है बशर्ते वह आत्मसंयम और चरित्र की प्रमाणिकता पर आधारित हो।

    राष्ट्र की मजबूती चरित्र और एकजुटता में

    साध्वी ने समाज को एकजुट होने का संदेश देते हुए कहा कि मंदिर का निर्माण इस बात का जीवंत प्रमाण है कि एक दृढ़ संकल्पित समाज क्या हासिल कर सकता है। उनके अनुसार किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति केवल उसकी भौतिक संपदा में नहीं बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र और आंतरिक विभाजनों को दूर करने की क्षमता में निहित होती है। उन्होंने दमितों और वंचितों की रक्षा के लिए समाज से आगे आने का आह्वान भी किया। अयोध्या में ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ का उल्लास: 29 दिसंबर से शुरू होंगे कार्यक्रम एक ओर जहाँ साध्वी ऋतंभरा ने आंदोलन की वैचारिक विजय को रेखांकित किया वहीं दूसरी ओर अयोध्या में ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के पांच दिवसीय भव्य आयोजन की रूपरेखा जारी कर दी गई है।

    आयोजन की मुख्य विशेषताएं

    प्रारंभ: राम मंदिर ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र के अनुसार समारोह की शुरुआत 29 दिसंबर से होगी।मुख्य अतिथि: 31 दिसंबर को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शिरकत करेंगे।सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: पांच दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में नियमित रामचरितमानस पाठ और कथा का आयोजन होगा।समय: सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिदिन शाम से शुरू होकर रात 9 बजे तक चलेंगे।यह आयोजन राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद के महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सवों में से एक है जिसमें देश भर से श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।

  • दृश्यम 3: अजय देवगन 2 अक्टूबर, 2026 को विजय सालगांवकर के रूप में वापसी करेंगे

    दृश्यम 3: अजय देवगन 2 अक्टूबर, 2026 को विजय सालगांवकर के रूप में वापसी करेंगे


    नई दिल्ली/अजय देवगन ‘दृश्यम 3’ में विजय सालगांवकर के रूप में वापसी करेंगे जो 2 अक्टूबर 2026 को दुनिया भर में सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इस बहुप्रतीक्षित सीक्वल की शूटिंग ज़ोरों पर चल रही है जिसमें ओरिजिनल कास्ट भी वापसी करने वाली है।एक्टर अजय देवगन ‘दृश्यम 3’ में विजय सालगांवकर के रूप में वापसी करने वाले हैं। मेकर्स ने सोमवार को घोषणा की कि यह फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस पॉपुलर फ्रेंचाइजी की बहुप्रतीक्षित तीसरी किस्त की शूटिंग फिलहाल ज़ोरों पर चल रही है।
    विजय सालगांवकर की वापसी
    अजय देवगन द्वारा शानदार ढंग से निभाए गए विजय सालगांवकर एक साधारण मध्यम वर्गीय व्यक्ति हैं जो हर मुश्किल का सामना हिंसा से नहीं बल्कि अपनी इच्छाशक्ति बुद्धिमत्ता और अपने परिवार के प्रति अटूट प्यार से करते हैं।विजय सालगांवकर एक आइकॉनिक ऑन-स्क्रीन पिता के रूप में उभरे जो अपनी तेज़ सोच और भावनात्मक ताकत से हर मुश्किल का सामना करते हैं।
    कहानी और कास्ट की डिटेल्स
    मेकर्स के अनुसार फिल्म की शूटिंग कई शहरों और लोकेशन्स पर की जा रही है। कहानी स्थापित ‘दृश्यम’ टाइमलाइन के भीतर आगे बढ़ेगी जिसमें सालगांवकर परिवार के जीवन में नए और अप्रत्याशित मोड़ आएंगे।अजय देवगन तब्बू श्रिया सरन और रजत कपूर सहित ओरिजिनल कलाकारों की टीम अन्य जाने-माने एक्टर्स के साथ अपनी भूमिकाओं को दोहराएगी। मेकर्स ने कहानी के आगे बढ़ने के साथ ही रोमांचक ड्रामा का संकेत दिया है।

  • संभल में 'मुस्कान कांड' की पुनरावृत्ति: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को उतारा मौत के घाट शव के किए कई टुकड़े

    संभल में 'मुस्कान कांड' की पुनरावृत्ति: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को उतारा मौत के घाट शव के किए कई टुकड़े


    संभल । उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए सनसनीखेज ‘मुस्कान कांड’ की खौफनाक यादें अभी जनता के मानस पटल से धुंधली भी नहीं हुई थीं कि संभल जिले के चन्दौसी क्षेत्र में वैसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक पत्नी ने अपने प्रेम संबंधों में बाधक बन रहे पति को न केवल रास्ते से हटाया बल्कि हत्या के बाद उसके शव के साथ जो दरिंदगी की उसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति के शव को कसाई की तरह टुकड़ों में काटा और उन्हें पॉलीथिन में भरकर शहर के विभिन्न हिस्सों में ठिकाने लगा दिया।

    ईदगाह के पास मिले मांस के लोथड़े फैली सनसनी

    वारदात का खुलासा सोमवार को तब हुआ जब पतरोआ रोड स्थित ईदगाह के बाहर लावारिस पॉलीथिन बैग्स मिले। जब स्थानीय लोगों ने उन्हें देखा तो उनमें मानव शरीर के कटे हुए हिस्से और मांस के लोथड़े थे। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हत्यारों ने पहचान छुपाने के उद्देश्य से सिर हाथ और पैरों को बड़ी ही बेरहमी से काटकर अलग कर दिया था। पुलिस के लिए बिना सिर वाले धड़ और अंगों की शिनाख्त करना एक बड़ी चुनौती बन गई थी।

    हाथ पर गुदे ‘नाम’ और झूठी ‘गुमशुदगी’ ने खोला राज

    अंधे कत्ल की इस गुत्थी को सुलझाने में मृतक के हाथ पर लिखा उसका नाम संजीवनी साबित हुआ। पुलिस ने जब जिले में दर्ज हालिया गुमशुदगी की रिपोर्टों को खंगाला तो कड़ियाँ जुड़ने लगीं। जांच में सामने आया कि मोहल्ला चुन्नी निवासी राहुल मृतक की पत्नी रूबी ने ही 18 नवंबर को कोतवाली जाकर पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
    पुलिस को रूबी की बातों पर संदेह तब हुआ जब उसके बयानों में लगातार विरोधाभास मिला। कड़ाई से पूछताछ और मोबाइल सर्विलांस की मदद से पुलिस जब रूबी के प्रेमी गौरव तक पहुँची तो पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। रूबी ने स्वीकार किया कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

    मेरठ के ‘मुस्कान कांड’ की तर्ज पर रची गई खूनी साजिश

    यह मामला पूरी तरह से मेरठ के सौरभ हत्याकांड मुस्कान कांड की कार्बन कॉपी नजर आता है। जिस तरह मेरठ में मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति के टुकड़े किए थे ठीक उसी तरह रूबी और गौरव ने राहुल की हत्या घर के भीतर ही की। हत्या के बाद आरी या धारदार हथियार से शव को काटा गया और साक्ष्यों को मिटाने के लिए टुकड़ों को पॉलीथिन में भरकर अलग-अलग सुनसान जगहों पर फेंक दिया गया।

    गायब अंगों की तलाश और पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस की फोरेंसिक टीम ने आरोपी के घर से साक्ष्य जुटाए हैं जहाँ खून के धब्बे और हत्या में प्रयुक्त सामान मिलने की संभावना है। हालांकि पुलिस के लिए अब भी सबसे बड़ी चुनौती राहुल के ‘सिर’ और शरीर के अन्य लापता हिस्सों को बरामद करना है जिन्हें आरोपियों ने कहीं दूर ठिकाने लगाया है। कोतवाली प्रभारी के अनुसार दोनों आरोपियों रूबी और गौरव को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे गहन पूछताछ जारी है ताकि हत्या में प्रयुक्त हथियार और शेष अंगों को बरामद किया जा सके। इस घटना ने समाज में पनप रहे अपराध और रिश्तों के कत्ल की भयावह तस्वीर पेश की है।

  • एयरपोर्ट पर दिखी जीत की झलक, रणवीर-दीपिका के स्टाइल ने फैंस को किया दीवाना

    एयरपोर्ट पर दिखी जीत की झलक, रणवीर-दीपिका के स्टाइल ने फैंस को किया दीवाना


    नई दिल्ली
    ।बॉलीवुड के पावर कपल रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण मुंबई एयरपोर्ट पर हाथ में हाथ डाले नजर आए। रणवीर की हालिया रिलीज़ फिल्म धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया है और भारत में ₹500 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। फिल्म की सफलता के बाद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में आए रणवीर का जोश साफ नजर आया। दोनों ने ब्लैक आउटफिट्स में ट्विनिंग करते हुए मीडिया और फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    रणवीर-दीपिका का मैचिंग लुक और फैंस की प्रतिक्रियाएं

    एक इंस्टाग्राम वीडियो में रणवीर और दीपिका को रविवार शाम एयरपोर्ट पर आते हुए देखा गया। दोनों ब्लैक ड्रेस में हाथ में हाथ डाले कार से बाहर निकले और कैमरे की फ्लैश के बीच मुस्कुराते रहे। फैंस ने सोशल मीडिया पर रणवीर को उनकी फिल्म धुरंधर और तस्वीर के लिए जमकर मैसेज किए। एक यूजर ने लिखा चॉकलेट बॉय से लेकर खिलजी बाजीराव और अब हमजा रणवीर की एक्टिंग रेंज कमाल की है रणबीर और विक्की से कहीं बेहतर। वहीं कई लोगों ने लिखा कि रणवीर-दीपिका की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे हॉट जोड़ी है और उनकी मैचिंग ड्रेस देखकर फैंस काफी खुश हुए।

    धुरंधर का धमाकेदार प्रदर्शन और फिल्म की खासियत

    धुरंधर एक स्पाई थ्रिलर है जिसमें रणवीर सिंह ने भारतीय जासूस की भूमिका निभाई है जो पाकिस्तान के लियारी में आतंक नेटवर्क में घुसपैठ करता है। फिल्म में संजय दत्त अर्जुन रामपाल और आर. माधवन भी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की कहानी अभिनय और एडिटिंग ने दर्शकों को फिल्म थियेटर में खींचा और बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कराई। फिल्म का दूसरा पार्ट अगले साल मार्च में रिलीज़ होने वाला है जिसे दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

    रणवीर का विक्ट्री वॉक और फैंस की दीवानगी

    फैंस ने रणवीर के विजय रूटीन को स्टाइलिश बताते हुए सोशल मीडिया पर कई कमेंट्स किए। एक यूजर ने लिखा Victory walk but make it stylish! वहीं कई ने दीपिका और रणवीर की जोड़ी की तारीफ की और उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ दोनों में स्थिरता की सराहना की। रणवीर और दीपिका की यह तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और फैंस इसे जमकर शेयर कर रहे हैं।

  • भारत-न्यूजीलैंड FTA: 20 मिलियन डॉलर निवेश का ऐलान, ट्रंप को लगा झटका

    भारत-न्यूजीलैंड FTA: 20 मिलियन डॉलर निवेश का ऐलान, ट्रंप को लगा झटका


    नई दिल्ली/भारत और न्यूजीलैंड ने नौ महीनों की तेज वार्ता के बाद ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते FTA की घोषणा की है जो दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगा। भारत ने वैश्विक व्यापार और कूटनीति के मोर्चे पर एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हाल ही में हुई टेलीफोन वार्ता में भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते FTA की ऐतिहासिक और संयुक्त घोषणा की गई। यह समझौता न केवल दोनों देशों के द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगा बल्कि वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा।
    9 महीने में पूरा हुआ ऐतिहासिक समझौता
    भारत और न्यूजीलैंड के बीच एफटीए पर बातचीत मार्च 2025 में शुरू हुई थी जब प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन भारत दौरे पर आए थे। मात्र नौ महीनों के भीतर इस समझौते का पूरा होना दोनों देशों की राजनीतिक इच्छाशक्ति और रणनीतिक सोच को दर्शाता है। इस तेजी ने वैश्विक व्यापार जगत में भी ध्यान खींचा है।

    पांच साल में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

    दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि एफटीए के लागू होने के बाद अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना किया जाएगा। यह समझौता व्यापार निवेश नवाचार और सप्लाई चेन सहयोग को नई गति देगा। विशेषज्ञों के अनुसार इससे कृषि डेयरी फूड प्रोसेसिंग शिक्षा टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप क्षेत्रों में विशेष अवसर खुलेंगे।

    15 साल में भारत में 20 मिलियन डॉलर का निवेश

    न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में कुल 20 मिलियन डॉलर का निवेश करेगा। इससे न सिर्फ नए रोजगार पैदा होंगे बल्कि तकनीकी और औद्योगिक सहयोग भी मजबूत होगा। यह निवेश भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती और अर्थव्यवस्था की स्थिरता को भी बढ़ावा देगा।

    भारत का सातवां बड़ा FTA वैश्विक नेटवर्क मजबूत
    न्यूजीलैंड के साथ यह भारत का सातवां प्रमुख FTA है। इससे पहले भारत ने ओमान UAE यूके ऑस्ट्रेलिया मॉरीशस और EFTA देशों के साथ समझौते किए हैं। यह श्रृंखला भारत को तेजी से एक भरोसेमंद वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित करती है।

    ट्रंप की व्यापार नीति को परोक्ष झटका

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में जब अमेरिका खासकर डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी और टैरिफ-केंद्रित नीति पर जोर दे रहा है भारत का लगातार नए FTA करना वैश्विक व्यापार के लिए वैकल्पिक और खुला मॉडल पेश करता है। भारत-न्यूजीलैंड एफटीए इसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।