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  • अरावली की परिभाषा बदली नहीं खनन को लेकर भ्रम फैलाया गया: 100 मीटर विवाद पर केंद्र सरकार की सफाई

    अरावली की परिभाषा बदली नहीं खनन को लेकर भ्रम फैलाया गया: 100 मीटर विवाद पर केंद्र सरकार की सफाई


    नई दिल्ली । अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में बदलाव कर बड़े पैमाने पर खनन की अनुमति दिए जाने से जुड़ी खबरों को केंद्र सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि न तो अरावली की परिभाषा कमजोर की गई है और न ही 100 मीटर से नीचे के क्षेत्रों में खनन को खुली छूट दी गई है। बल्कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित एक मानकीकृत परिभाषा के जरिए अरावली क्षेत्र को पहले से अधिक मजबूत सुरक्षा प्रदान की गई है। केंद्र सरकार ने यह सफाई उन रिपोर्ट्स के बाद दी जिनमें दावा किया गया था कि अरावली पर्वतमाला की नई परिभाषा के चलते खनन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
    सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के उस प्रतिबंध का हवाला दिया जिसके तहत अरावली पर्वतीय क्षेत्र में नए खनन पट्टों पर रोक लगी हुई है। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक एक व्यापक और वैज्ञानिक प्रबंधन योजना को अंतिम रूप नहीं दिया जाता। केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सुंदरबन बाघ अभयारण्य में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित परिभाषा के लागू होने से अरावली क्षेत्र का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संरक्षित क्षेत्र के दायरे में आ जाएगा।
    उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को कमजोर करना नहीं बल्कि कानूनी अस्पष्टताओं को दूर कर अरावली की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित करना है।दरअस 100मीटर के मापदंड कोलेकर पैदा हुए विवाद के बीच सरकार ने स्पष्ट किया कि यह परिभाषा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर सभी संबंधित राज्यों में एकरूपता लाने के लि तैयार की गई है। इसका मकसद उन खामियों को खत्म करनाहै जिनका फायदा उठाकर पहाड़ियों के आधार के बेहद करीब खनन जारी रखा जाता था।पर्यावरण मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों की सुनवाई के दौरान मई 2024 में एक समिति के गठन का निर्देश दिया था।
    इस समिति का काम अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं की एक ‘समान और स्पष्ट परिभाषा’ सुझाना था।समिति की अध्यक्षता पर्यावरण मंत्रालय के सचिव ने की जबकि इसमें राजस्थान हरियाणा गुजरात और दिल्ली के प्रतिनिधियों के साथ-साथ तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञ भी शामिल थे। समिति ने अपनी जांच में पाया कि चारों राज्यों में अरावली की परिभाषा को लेकर अलग-अलग मानक अपनाए जा रहे थे। केवल राजस्थान में ही वर्ष 2006 से एक औपचारिक और स्पष्ट परिभाषा लागू थी। अंततः समिति ने राजस्थान की उसी परिभाषा को आधार बनाकर सभी राज्यों में लागू करने की सिफारिश की जिस पर सभी राज्य सहमत हो गए।

    इस परिभाषा के अनुसार स्थानीय भू-भाग से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली भू-आकृतियों को पहाड़ी माना जाएगा। इसके साथ ही ऐसी पहाड़ियों को घेरने वाली सबसे निचली सीमा रेखा के भीतर खनन पूरी तरह निषिद्ध रहेगा भले ही उस सीमा के भीतर मौजूद भू-आकृतियों की ऊंचाई या ढलान कुछ भी हो। सरकार ने यह भी साफ किया कि 100 मीटर से नीचे की सभी भू-आकृतियों को खनन के लिए खुला मानना पूरी तरह गलत निष्कर्ष है। यह प्रतिबंध केवल पहाड़ी के शिखर तक सीमित नहीं है बल्कि पूरी पहाड़ी प्रणाली और उसके भीतर आने वाले सभी क्षेत्रों पर लागू होता है।

    इसके अलावा परिभाषा को और पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी जोड़े गए हैं। इनमें 500 मीटर की दूरी पर स्थित पहाड़ियों को एक ही पर्वत श्रृंखला मानना खनन से पहले भारतीय सर्वेक्षण विभाग के मानचित्रों पर अनिवार्य मैपिंग और खनन निषिद्ध मुख्य व संरक्षित क्षेत्रों की स्पष्ट पहचान शामिल है। सरकार ने दोहराया कि अरावली की परिभाषा में बदलाव को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम तथ्यात्मक रूप से गलत है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा 20 नवंबर 2025 को इन सिफारिशों को स्वीकार किए जाने के बाद अरावली पर्वतमाला की कानूनी सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।

  • ठंड में घूमने का प्लान? ये 10 हिल स्टेशन बना देंगे ट्रिप को खास

    ठंड में घूमने का प्लान? ये 10 हिल स्टेशन बना देंगे ट्रिप को खास

    Winter travel India
    नई दिल्ली/ज़्यादातर राज्य में नवंबर-दिसंबर में ठंड का मौसम शुरू हो जाता है. अगर आप भी इस सर्दी में हिल स्टेशन जाने का प्लान बना रहे है. तो यहां भारत की 10 छिपी हुई और खूबसूरत जगहों की लिस्ट है जो सर्दियों में घूमने के लिए एकदम सही है.
    मेचुका वैली, अरुणाचल प्रदेश
    नवंबर-दिसंबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश बर्फ से ढका रहता है. आप इस समय मेचुका वैली घूमने जा सकते है. सर्दियों में यहां का तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से नीचे चला जाता है. इसके अलावा यह वैली दूसरी जगहों के मुकाबले बहुत कम भीड़ वाली है. यहां आप पंचमुखी शिव मंदिर 400 साल पुरानी योंगचा मठ और कई झरने देख सकते है.

    कल्पा वैली, हिमाचल प्रदेश

    कांगड़ा, शिमला और मनाली के बजाय आप कल्पा वैली जा सकते है. यह एक छोटा सा गांव है जिसकी आबादी दूसरे गांवों के मुकाबले कम है. नवंबर से फरवरी तक यह वैली बर्फ की सफेद चादर से ढकी रहती है. यह जगह अपने पार्टनर और परिवार के साथ समय बिताने के लिए एकदम सही है.
    ज़ीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश
    ज़ीरो वैली की खूबसूरती हर किसी को मोह लेती है. यह समुद्र तल से 1700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यहां होने वाला म्यूजिक फेस्टिवल दुनिया भर में मशहूर है. अगर आप नॉर्थ-ईस्ट की संस्कृति को करीब से देखना और अनुभव करना चाहते है, तो यह जगह एकदम सही है.

    चोपता, उत्तराखंड
    समुद्र तल से लगभग 2,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चोपता, तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक के लिए जाना जाता है. सर्दियों में यहां से हिमालय की चोटियां और भी खूबसूरत दिखती है. इस जगह से चौखंबा और नंदा देवी जैसी चोटियां साफ देखी जा सकती है. अगर आप कम बजट में शानदार अनुभव चाहते हैं, तो आप यहां आ सकते है.

    लंबासिंगी, आंध्र प्रदेश

    लंबासिंगी दक्षिण भारत की एकमात्र ऐसी जगह है जहां सर्दियों में तापमान शून्य डिग्री के करीब रहता है. इतना ही नहीं, यहां कभी-कभी बर्फबारी भी होती है. यह हिल स्टेशन नवंबर से जनवरी के बीच कोहरे की चादर से ढका रहता है. यहां आखिरी बार बर्फबारी 2012 में हुई थी. अगर आप सुहावनी ठंड के साथ घाटियों का आनंद लेना चाहते हैं, तो आप यहां आ सकते है.

    मैनपाट, छत्तीसगढ़

    छत्तीसगढ़ में मैनपाट को मिनी तिब्बत के नाम से जाना जाता है. हालांकि यहां बहुत ज़्यादा ठंड नहीं पड़ती, लेकिन यहां एक सुहावनी ठंडक रहती है. यहां कई घूमने की जगहें है, जिनमें धकपो शेड्रूपलिंग मठ, परपतिया व्यू पॉइंट और टाइगर पॉइंट शामिल है. इनके अलावा यहां कई छोटे-बड़े झरने भी है जिनका आप मज़ा ले सकते है. मैनपाट में दिसंबर से जनवरी तक एक आदिवासी त्योहार मनाया जाता है, जो आपकी यात्रा में रोमांच का अनुभव देगा.

    तवांग, अरुणाचल प्रदेश

    3,048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, तवांग स्वर्ग का दूसरा नाम है. यहां सेला पास और सेला झील पूरी तरह से जम जाते है. एशिया का दूसरा सबसे बड़ा मठ तवांग मठ यहीं स्थित है. आप बटर टी के साथ पारंपरिक भोजन और संस्कृति का आनंद ले सकते है.

    लोहाजंग, उत्तराखंड

    उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित लोहाजंग गांव, ब्रह्मताल, अली बेदनी और बुग्याल ट्रेक के लिए बेस कैंप है. यहां से नंदा देवी और त्रिशूल चोटियों के शानदार नज़ारे दिखते है. दिन में धूप रहती है, लेकिन रात में तापमान -28°C से नीचे चला जाता है.

    बिनसर, उत्तराखंड

    अल्मोड़ा जिले में स्थित बिनसर समुद्र तल से 2,420 मीटर की ऊंचाई पर है. यहां से हिमालय का 360-डिग्री नज़ारा दिखता है. अगर आप अपने साथ कुछ शांति भरे पल बिताना चाहते है, तो आप यहां आ सकते है.

    खिरसू, उत्तराखंड

    पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित खिरसू एक शांत और छिपा हुआ हिल स्टेशन है. यहां से आप नंदा देवी, त्रिशूल और पंचाचूली सहित 300 से ज़्यादा पहाड़ों की चोटियां देख सकते है. गंडियाल देवी मंदिर सेब के बाग और देवदार के जंगल आपको एक अनोखी शांति का अनुभव देंगे.

  • जेलेंस्की पड़े नरम,रूस-यूक्रेन युद्ध: ट्रंप के पीस प्लान पर पुतिन तैयार

    जेलेंस्की पड़े नरम,रूस-यूक्रेन युद्ध: ट्रंप के पीस प्लान पर पुतिन तैयार


    वाशिंगटन। रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से चल रहे युद्ध के बीच अच्छी और बड़ी खबर सामने आई है। रूस की ओर से कहा गया है कि युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित शांति वार्ता फ्लोरिडा में ‘रचनात्मक’ तरीके से आगे बढ़ रही है। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि संबंधित पक्षों की बातचीत तेजी से प्रगति कर रही है। यह वार्ता ट्रंप प्रशासन द्वारा महीनों से किए जा रहे शांति प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें इस सप्ताह की शुरुआत में बर्लिन में यूक्रेनी और यूरोपीय अधिकारियों के साथ बैठकें भी शामिल हैं।

    रूसी सरकारी समाचार एजेंसी ‘आरआईए नोवोस्ती’ के अनुसार, रूसी दूत किरिल दिमित्रीव ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि चर्चाएं रचनात्मक रूप से आगे बढ़ रही हैं। ये आज भी जारी हैं और कल भी जारी रहेंगी। खबर के मुताबिक, दिमित्रीव ने मियामी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से मुलाकात की।

    वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रविवार को टेलीग्राम पर लिखा कि राजनयिक प्रयास काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और फ्लोरिडा में हमारी टीम अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ काम कर रही है।

    जेलेंस्की के इस बयान से लग रहा है कि अब वे नरम पड़ गए हैं। इससे पहले, शुक्रवार को यूक्रेन के प्रमुख वार्ताकार ने कहा था कि अमेरिका में उनका प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी और यूरोपीय पक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें पूरी कर चुका है।

    ट्रंप ने युद्ध को समाप्त करने के लिए व्यापक राजनयिक प्रयास शुरू किए हैं, लेकिन उनके प्रयासों को रूस और यूक्रेन की ओर से परस्पर विरोधी मांगों का सामना करना पड़ रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में संकेत दिया है कि वह यूक्रेन पर अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे, क्योंकि भारी नुकसान के बावजूद रूसी सेनाएं युद्ध के मैदान में धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं। शुक्रवार को पुतिन ने विश्वास जताया था कि यदि यूक्रेन शांति वार्ता में रूस की शर्तों को नहीं मानता, तो क्रेमलिन अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर लेगा।

    दूसरी ओर फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत करने की पुतिन की इच्छा का स्वागत किया और कहा कि वह ‘आने वाले दिनों में’ आगे की प्रक्रिया तय करेगा। इससे पहले खबर आई थी कि पुतिन अगर परस्पर राजनीतिक इच्छा हो तो फ्रांसीसी राष्ट्रपति के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। मैक्रों के कार्यालय ने कहा है कि किसी भी बातचीत का उद्देश्य राष्ट्रपति जेलेंस्की और हमारे यूरोपीय भागीदारों के साथ पूरी पारदर्शिता के साथ यूक्रेन और यूरोप के लिए एक ठोस और स्थायी शांति में योगदान देना होगा।

  • आसिम मुनीर ने तालिबान को फिर दी चेतावनी, कहा-पाकिस्तान या TTP में से किसी एक को चुनो

    आसिम मुनीर ने तालिबान को फिर दी चेतावनी, कहा-पाकिस्तान या TTP में से किसी एक को चुनो

    इस्लामाबाद । पाकिस्तानी सेना प्रमुख और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक बार फिर से तालिबान को चेतावनी दी है। मुनीर ने तालिबान सरकार से टीटीपी या फिर पाकिस्तान में से एक को चुनने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सीमा पार से पाकिस्तान में घुसपैठ करने वाले ज्यादातर आतंकियों में अफगान नागरिक शामिल हैं। हाल ही में इस्लामाबाद में नेशनल उलेमा कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, मुनीर ने पाकिस्तान और 1,400 साल पहले पैगंबर द्वारा अरब क्षेत्र (आज के सऊदी अरब) में स्थापित राज्य के बीच समानताएं भी बताईं।

    हालांकि 10 दिसंबर को दिए गए भाषण का आधिकारिक विवरण सीमित था, लेकिन उनके भाषण के चुनिंदा क्लिप रविवार को स्थानीय टेलीविजन पर प्रसारित किए गए। मुनीर ने अफगान तालिबान सरकार से पाकिस्तान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) में से किसी एक को चुनने के लिए कहा, और कहा कि सीमा पार से होने वाले आतंकवाद का बड़ा हिस्सा अफगान नागरिकों का है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान में आने वाले टीटीपी के गुटों में 70 प्रतिशत अफगान हैं। क्या अफगानिस्तान हमारे पाकिस्तानी बच्चों का खून नहीं बहा रहा है?” उन्होंने अपनी बात दोहराई कि अफगान तालिबान को पाकिस्तान और TTP में से किसी एक को चुनना चाहिए।

    मुनीर ने आगे कहा कि एक इस्लामी देश में सरकार के अलावा कोई भी जिहाद का आदेश नहीं दे सकता। उन्होंने कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “अधिकार प्राप्त लोगों के आदेश, अनुमति और इच्छा के बिना कोई भी जिहाद का फतवा जारी नहीं कर सकता।” उनकी स्पीच में इस्लामिक बातों का जिक्र था, और उन्होंने अपने भाषण के दौरान कुरान की कई आयतें भी पढ़ीं।

  • धुरंधर एनिमल को पछाड़; टॉप 10 इंडियन फिल्म में हुई शामिल

    धुरंधर एनिमल को पछाड़; टॉप 10 इंडियन फिल्म में हुई शामिल

    मुंबई। आदित्य धर की फिल्म एक के बाद एक कई रिकॉर्ड अपने नाम कर रही है। फिल्म ने रविवार को एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। धुरंधर अब इस साल की टॉप 10 इंडियन फिल्मों की लिस्ट में आ गई है। फिल्म ना सिर्फ 10वें नंबर पर आ गई है बल्कि इसने रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल को भी पछाड़ दिया है।

    दरअसल, संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म एनिमल टॉप 10 की लिस्ट में 10वें नंबर पर थी। फिल्म ने तीसरे रविवार को 555.7 करोड़ की कमाई की। वहीं एनिमल का भारत में लाइफटाइम कलेक्शन 553 करोड़ है।

    बताते हैं आपको भारत की टॉप 10 फिल्में ऑफ ऑल टाइम

    पुष्पा द रूल पार्ट 2 : 1234.1 करोड़

    बाहुबली 2 : 1030 करोड़

    केजीएफ चैप्टर 2 : 859.7करोड़

    आरआरआर : 782.2 करोड़

    कल्कि 2898 एडी : 646.31 करोड़

    जवान : 640.25

    कंतारा चैप्टर 1: 633.42 करोड़

    छावा : 601.54 करोड़

    स्त्री 2 : 597.99 करोड़

    धुरंधर : 555.7 करोड़

    बता दें कि संदीप रेड्डी वांगा, धुरंधर की तारीफ भी कर चुके हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, धुरंधर ऐसी फिल्म है जैसे एक आदमी जो ज्यादा बोलता नहीं, लेकिन वह काफी डेडिकेटेड है। धुरंधर टाइटल ही फिल्म पर फिट बैठता है जिसमें ताकत दिखती है। फिल्म का म्यूजिक, परफॉर्मेंस, स्क्रीनप्ले और डायरेक्शन टॉप पर है। अक्षय खन्ना सर और रणवीर सिंह ने जबरदस्त काम किया है।

    वहीं फिल्म धुरंधर की बात करें तो यह फिल्म का पहला पार्ट है जिसमें रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, आर माधवन, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन अहम किरदार में हैं। फिल्म 5 दिसंबर को रिलीज हुई थी और तबसे बॉक्स ऑफिस पर तूफानी कमाई कर रही है। फिल्म को वर्ड ऑफ माउथ का काफी फ्यादा हुआ है। अब इसका सीक्वल अगले साल मार्च में रिलीज होगा।

  • नए साल का तोहफा! दिल्ली में EV खरीदने पर मिलेगी बंपर सब्सिडी, जानिए नई पॉलिसी में क्या-क्या शामिल?

    नए साल का तोहफा! दिल्ली में EV खरीदने पर मिलेगी बंपर सब्सिडी, जानिए नई पॉलिसी में क्या-क्या शामिल?


    नई दिल्ली/दिल्ली सरकार राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2.0 लाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 20 दिसंबर 2025 को इस पॉलिसी से जुड़े अहम बिंदुओं की जानकारी साझा की। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता घटे और लोग तेजी से इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर शिफ्ट हों। इसके लिए पॉलिसी में आर्थिक प्रोत्साहन के साथ मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया गया है।

    EV खरीद पर मिलेगी बंपर सब्सिडी

    नई EV पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर सब्सिडी एक बड़ा आकर्षण होगी। सरकार पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों के अंतर को कम करने के लिए सब्सिडी देने की योजना बना रही है। हालांकि, अभी सब्सिडी की अंतिम राशि और इसका ढांचा तय नहीं किया गया है, लेकिन संकेत साफ हैं कि EV की ज्यादा कीमत अब आम लोगों के लिए बड़ी बाधा नहीं बनेगी। सरकार का मानना है कि इससे मध्यम वर्ग भी इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने के लिए प्रोत्साहित होगा।

    स्क्रैपेज स्कीम से मिलेगा दोहरा फायदा

    दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 में वाहन स्क्रैपेज योजना को भी शामिल किया गया है। इसके तहत पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले पेट्रोल-डीजल वाहनों को स्क्रैप करने पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप कर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदता है, तो उसे अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा। इससे एक तरफ प्रदूषण कम होगा और दूसरी तरफ नई EV की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।

    बैटरी रीसाइक्लिंग पर खास जोर

    नई पॉलिसी में बैटरी रीसाइक्लिंग को भी अहम स्थान दिया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियों की औसतन उम्र करीब 8 साल होती है। इनके निपटान और रीसाइक्लिंग को लेकर सरकार एक संगठित बैटरी रीसाइक्लिंग चेन विकसित करने की योजना बना रही है। दिल्ली में यह व्यवस्था पहली बार लागू की जाएगी, जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को कम किया जा सके।

    चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत

    दिल्ली सरकार का लक्ष्य साल 2030 तक राजधानी में करीब 5,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना है। हर स्टेशन पर 4 से 5 चार्जिंग प्वाइंट होंगे। ये चार्जिंग स्टेशन मार्केट कॉम्पलेक्स, मल्टीलेवल पार्किंग, सरकारी इमारतों और ऑफिस परिसरों में लगाए जाएंगे। इससे EV यूजर्स को चार्जिंग की सुविधा आसानी से उपलब्ध होगी और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में भरोसा बढ़ेगा।कुल मिलाकर, दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 को सरकार नए साल में लोगों के लिए एक बड़े तोहफे के तौर पर देख रही है, जो प्रदूषण कम करने के साथ-साथ भविष्य की साफ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की नींव रखेगी।

  • उर्मिला मातोंडकर ने क्या छोड़ दी है फिल्में? बोलीं- OTT पर कर रही हूं डेब्यू

    उर्मिला मातोंडकर ने क्या छोड़ दी है फिल्में? बोलीं- OTT पर कर रही हूं डेब्यू

     है। अब इन खबरों पर उर्मिला का रिएक्शन आया है।

    क्या बोलीं उर्मिला
    मीडिया से बात करते हुए उर्मिला ने कहा, ‘जब बात मेरे काम की आती है तो मैं हमेशा से सेलेक्टिव रही हूं। मैं किसी पर इल्जाम नहीं लगा सकती जब लोगों को लग रहा है कि मैं फिल्में या बाकी कुछ नहीं कर रही। लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। मैं फिलहाल इस वक्त सिल्वर स्क्रीन पर आने के लिए तैयार हूं।’
    ओटीटी पर कर रही हैं डेब्यू

    उर्मिला ने यह भी बताया कि वह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू कर रही हैं।

    उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि वह सेट पर वापस आएं और दोबारा रॉक करें।
    कैसे रोल करना चाहती हैं उर्मिला

    किस तरह के रोल वह करना चाहती हैं, इस पर उर्मिला ने कहा, ‘मैं ऐसे रोल करना चाहती हूं जो मैंने पहले कभी नहीं किए खासकर ओटीटी पर क्योंकि इतना कुछ चल रहा है ओटीटी पर।’
    उर्मिला की प्रोफेशनल लाइफ

    उर्मिला लास्ट 2022 में शो डीआईडी सुपर मॉम्स में नजर आई थीं। शो में उनके साथ रेमो डिसूजा और भाग्यश्री थीं। वहीं फिल्मों की बात करें तो लास्ट वह साल 2018 में आई फिल्म ब्लैकमेल के गाने बेवफा ब्यूटी में दिखी थीं जो इमरान खान की फिल्म थी।
    लास्ट फिल्म

    वहीं बतौर लीड एक्ट्रेस वह लास्ट फिल्म ईएमआई में नजर आई थीं जिसमें वह लीड रोल में थीं।

    उर्मिला के करियर की बात करें तो उन्होंने रंगीला, जुदाई, सत्या, कौन, भूत और पिंजर जैसी कई यादगार फिल्में दी हैं जिसमें उनकी परफॉर्मेंसेस की खूब तारीफ हुई थी।
  • साल की आखिरी एकादशी पर भूलकर भी न करें इन 5 चीजों का दान, नहीं तो 2026 में भी रहेंगे परेशान

    साल की आखिरी एकादशी पर भूलकर भी न करें इन 5 चीजों का दान, नहीं तो 2026 में भी रहेंगे परेशान

    नई दिल्ली/सनातन धर्म के लोगों के लिए पौष पुत्रदा एकादशी का खास महत्व है, जिसका व्रत हर साल पौष माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. पंचांग के मुताबिक, इस बार 30 दिसंबर 2025 को पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. मान्यता है कि जो लोग सच्चे मन से पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखते हैं, उन्हें पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य मिलता है. इसके अलावा जगत के पालनहार भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है.पूजा-पाठ के अलावा पौष पुत्रदा एकादशी पर दान करना भी शुभ होता है. हालांकि, कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जिनका दान एकादशी पर करना अशुभ होता है. आज हम आपको शास्त्रों में बताई गई उन 5 चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका दान पौष पुत्रदा एकादशी पर करने से व्यक्ति साल 2026 में भी परेशान रह सकता है.
    लोहा
    लोहे से बनी किसी भी वस्तु का दान पौष पुत्रदा एकादशी पर करना अशुभ होता है. इससे न सिर्फ आपको पाप लगेगा, बल्कि पूजा का फल भी नहीं मिलेगा.
    नमक
    पौष पुत्रदा एकादशी पर नमक का दान करने से घर में अशांति फैलती है. साथ ही व्रत खंडित हो जाता है और पाप लगता है.ये भी पढ़ें- Mahayuti 2025 Rashifal: 2026 के शुरू से पहले ये 3 राशियां होंगी मालामाल; बनेगी मंगल, सूर्य, शुक्र और बुध की महायुति

    नुकीली चीजें

    यदि कोई व्यक्ति पौष पुत्रदा एकादशी पर किसी भी तरह की नुकीली चीज का दान करता है तो उससे भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं. इसके अलावा घर में लड़ाई-झगड़े होंगे और सेहत पर भी नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है.

    तेल

    पौष पुत्रदा एकादशी पर तेल का दान करने से ग्रह दोष लगता है. साथ ही घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. इसके अलावा धन हानि भी हो सकती है.

    अनाज

    गेहूं, चावल, मक्का, राई, जौ, जई, बाजरा और बीज आदि अनाज का दान पौष पुत्रदा एकादशी पर करना अशुभ होता है. इससे न सिर्फ व्रती को पाप लगता है बल्कि घरवालों को भी विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है.डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
  • शिवपुरी में आदिवासियों का मतांतरण कराने का मामलाहिंदू संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने ढहाया अवैध चर्च

    शिवपुरी में आदिवासियों का मतांतरण कराने का मामलाहिंदू संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने ढहाया अवैध चर्च


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास तहसील के कुछ गांवों में आदिवासी और भील परिवारों का कथित रूप से मतांतरण कराकर उन्हें ईसाई धर्म में परिवर्तित किया जा रहा था। यह मामला तब सामने आया जब हिंदू संगठनों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। इन संगठनों का आरोप है कि यह प्रक्रिया अवैध तरीके से की जा रही थी और इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।

    हिंदू संगठनों की सक्रियता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
    हिंदू संगठनों ने गुढाल डांग गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन को इस बारे में सूचित किया। पुलिस वन विभाग और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां बन रहे एक चर्च को देखा जो अवैध रूप से निर्माणाधीन था। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस चर्च को ढहा दिया और इसके निर्माण से जुड़े लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी।

    कथित मतांतरण और प्रशासन की भूमिका

    इस मामले में हिंदू संगठनों का कहना है कि आदिवासी और भील परिवारों को विभिन्न लालच देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के गतिविधियां समाज में अस्थिरता और धार्मिक तनाव उत्पन्न कर सकती हैं। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और यह सुनिश्चित किया कि ऐसे किसी भी अवैध धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा न मिले।

    प्रशासन की ओर से कदम उठाए गए

    प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता दिखाई और अवैध चर्च को ढहाने के साथ-साथ मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति या समूह ने इस प्रकार की गतिविधि की है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इस इलाके में किसी तरह का धार्मिक विवाद उत्पन्न न हो और शांति बनाए रखी जाए।

    शिवपुरी जिले के बदरवास तहसील में आदिवासी और भील परिवारों के कथित मतांतरण के मामले ने एक बार फिर से धार्मिक असहमति और समाज में सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध चर्च को ढहा दिया है और अब मामले की जांच चल रही है। यह घटना इस बात का संदेश देती है कि किसी भी अवैध गतिविधि के खिलाफ प्रशासन सख्त कदम उठाएगा और समाज में शांति बनाए रखने के लिए कार्य करेगा।

  • नए साल 2026 में गुरु प्रदोष व्रतइन उपायों से महादेव होंगे प्रसन्न मिलेगी सुख-समृद्धि

    नए साल 2026 में गुरु प्रदोष व्रतइन उपायों से महादेव होंगे प्रसन्न मिलेगी सुख-समृद्धि


    नई दिल्ली । साल 2026 का आगमन धार्मिक दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वैदिक पंचांग के अनुसार 1 जनवरी को गुरुवार के दिन प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस दिन का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है क्योंकि यह व्रत गुरु प्रदोष व्रत के रूप में मनाया जाएगा। गुरु प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है और इस दिन श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा-पाठ करने से जीवन में सुख समृद्धि और खुशहाली आती है।

    गुरु प्रदोष व्रत और महादेव की कृपा

    गुरुवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है क्योंकि गुरु ग्रह का प्रभाव इस दिन अधिक रहता है। गुरु ग्रह ज्ञान शिक्षा समृद्धि और अच्छे भाग्य का कारक माना जाता है। इस दिन किए गए पूजा और उपायों से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। खासकर नौकरी व्यापार धन-संपत्ति से जुड़ी परेशानियां दूर हो सकती हैं और महादेव की कृपा से आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।

    ज्योतिषीय उपायों से मिल सकती है राहत

    गुरु प्रदोष व्रत के दिन कुछ खास ज्योतिषीय उपाय करने से जीवन में स्थिरता और समृद्धि का आशीर्वाद मिल सकता है। यहां कुछ विशेष उपाय दिए जा रहे हैं जो इस दिन किए जाने से महादेव की कृपा प्राप्त हो सकती है भगवान शिव की पूजाइस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा करें। शिवलिंग पर जल दूध शहद बेलपत्र और आंतरिक शुद्धता से अर्पित करें। इस दिन महादेव का स्मरण करने से जीवन में आ रही परेशानियों का समाधान हो सकता है।

    धन का संकलनइस दिन विशेष रूप से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए श्री लक्ष्मी यंत्र की पूजा करें। देवी लक्ष्मी की कृपा से धन-संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। गुरुवार का व्रतइस दिन उपवासी रहकर केवल फलाहार करें और मानसिक शांति के लिए गुरु के मंत्र का जाप करें। इससे मानसिक शांति और संतुलन मिलेगा। शिव चालीसा का पाठइस दिन शिव चालीसा का पाठ करें और साथ ही ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। यह उपाय मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है भक्तिपूर्वक दर्शनइस दिन भगवान शिव के मंदिर में जाकर दर्शन करें और वहां दीप जलाकर पूजा अर्चना करें। इस दिन किए गए धार्मिक कर्मों का बहुत फल मिलता है।

    व्यापारिक उन्नति के लिएअगर आप व्यापार में वृद्धि चाहते हैं तो इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव से व्यापार में समृद्धि की प्रार्थना करें और पुराने उधारी या ऋण से छुटकारा पाने के लिए प्रयास करें। नए साल की शुरुआत गुरु प्रदोष व्रत से हो रही है जो विशेष रूप से धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस दिन किए गए उपायों और पूजा से जीवन में सुख समृद्धि और सफलता प्राप्त हो सकती है। महादेव की कृपा से नौकरी व्यापार और धन-संपत्ति में वृद्धि हो सकती है और साल भर शांति और खुशहाली बनी रह सकती है।