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  • लाइफस्टाइल तय करती है दिमाग की उम्र, जन्मतिथि नहीं: वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा

    लाइफस्टाइल तय करती है दिमाग की उम्र, जन्मतिथि नहीं: वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली।अगर आप मानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ दिमाग का कमजोर होना तय है, तो विज्ञान इस सोच को बदलने की तैयारी में है। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा की एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि दिमाग की असली उम्र आपकी जन्मतिथि से नहीं, बल्कि आपकी रोजमर्रा की जीवनशैली से तय होती है। सही आदतें अपनाकर इंसान अपने दिमाग को 8 साल तक “युवा” बनाए रख सकता है।

    MRI और मशीन लर्निंग से मापी गई ब्रेन एज

    इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने अत्याधुनिक MRI स्कैन और मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल किया। इन तकनीकों के जरिए प्रतिभागियों की ब्रेन एज यानी दिमाग की जैविक उम्र मापी गई। इसे व्यक्ति की वास्तविक उम्र से तुलना कर ब्रेन एज गैप निकाला गया, जो यह बताता है कि दिमाग कितना बूढ़ा या जवान दिखता है।

    128 लोगों पर दो साल तक चला अध्ययन

    इस रिसर्च में मध्यम और अधिक उम्र के 128 लोगों को शामिल किया गया। इनमें से कई लोग घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी क्रॉनिक मस्कुलोस्केलेटल पेन से जूझ रहे थे। आमतौर पर लंबे समय तक रहने वाला दर्द, तनाव, आर्थिक दबाव और सामाजिक समस्याएं दिमागी उम्र को तेज़ी से बढ़ाती हैं।शुरुआती दौर में इन नकारात्मक कारकों का असर जरूर देखा गया, लेकिन दो साल के फॉलो-अप में यह प्रभाव कम होता चला गया। इसकी जगह जीवनशैली से जुड़ी आदतें सबसे ज्यादा असरदार साबित हुईं।

    8 साल तक जवान दिखा दिमाग

    जिन प्रतिभागियों की जीवनशैली ज्यादा सकारात्मक थी, उनके दिमाग स्टडी की शुरुआत में ही औसतन 8 साल तक युवा पाए गए। इतना ही नहीं, समय के साथ उनके दिमाग की उम्र बढ़ने की गति भी धीमी रही। शोधकर्ताओं के मुताबिक अच्छी आदतें मिलकर दिमाग को उम्र से होने वाले नुकसान से बचाती हैं।

    ये आदतें रखती हैं दिमाग को जवान
    शोध में कुछ खास जीवनशैली आदतों को दिमागी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद बताया गया:
    गहरी और गुणवत्तापूर्ण नींद ,आशावादी सोच और मानसिक लचीलापन, तनाव पर नियंत्रण और मानसिक शांति ,मजबूत सामाजिक रिश्ते और सपोर्ट सिस्टम ,संतुलित वजन, जिससे सूजन कम होती है तंबाकू से दूरी, जिससे ब्रेन सेल्स सुरक्षित रहती हैं

    डिमेंशिया और अल्जाइमर से बचाव में मदद

    शोधकर्ताओं का कहना है कि आशावाद सीखा जा सकता है तनाव को नए नजरिए से संभाला जा सकता है और नींद से जुड़ी समस्याओं का इलाज संभव है। उम्र बढ़ने के साथ दिमाग डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसी बीमारियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाता है, लेकिन यह स्टडी बताती है कि छोटे-छोटे जीवनशैली बदलाव लंबे समय तक दिमाग को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रख सकते हैं।
    यह रिसर्च साफ संकेत देती है कि दिमाग की उम्र आपके हाथ में है। अगर आप अपनी आदतों पर ध्यान दें, तो न सिर्फ शरीर बल्कि दिमाग भी उम्र को मात दे सकता है।

  • थिएटर में फिल्म देखने वालों के लिए बने ये नियम क्या आप जानते हैं

    थिएटर में फिल्म देखने वालों के लिए बने ये नियम क्या आप जानते हैं


    नई दिल्ली । थिएटर में फिल्म देखने के लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं जिनका उद्देश्य दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। अगर आप एक मूवी लवर हैं और अक्सर सिनेमाघरों में फिल्में देखने जाते हैं तो ये नियम आपके लिए जानना जरूरी हैं।

    बाहर का खाना और पानी

    आमतौर पर सिनेमाघरों में बाहर का खाना और पानी ले जाने की अनुमति नहीं होती है लेकिन कुछ विशेष स्थितियों में यह नियम लागू नहीं होता। जैसेअगर आपके साथ छोटा बच्चा हैतो आप बच्चे के लिए खाना और पानी लेकर जा सकते हैं। थिएटर आपको कोई रोक नहीं सकता है। स्वास्थ्य संबंधी कारणअगर किसी व्यक्ति को विशेष डाइट की जरूरत है जिसे डॉक्टर ने सलाह दी है तो वह थिएटर के मालिक को सूचित करके अपनी डाइट का खाना लेकर जा सकते हैं। थिएटर की सुरक्षा मालिक की जिम्मेदारी है कि वह दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस संदर्भ में कुछ प्रमुख नियम हैं

    EXIT साइनथिएटर हॉल में स्पष्ट रूप से EXIT साइन लगे होने चाहिए ताकि आपातकालीन स्थिति में दर्शक सही रास्ते से बाहर निकल सकें।
    लाइटिंगहॉल में लाइट्स का सही तरीके से काम करना चाहिए ताकि अंधेरे में किसी को कोई परेशानी न हो।हवा की सही व्यवस्थासिनेमाघरों में वेंटिलेशन की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि हवा की कोई कमी न हो और दर्शकों को शुद्ध हवा मिल सके।आग से बचावथिएटर में आग से बचाव के पूरे इंतजाम होने चाहिए। आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सुरक्षा उपाय लागू हो सकें जैसे अग्निशामक यंत्र फायर एक्सटिंगuisher और अलार्म सिस्टम।

    मुफ्त पानी की सुविधा

    सिनेमाघरों में आपको मुफ्त पानी उपलब्ध कराया जाता है। यह एक नियम है जिससे दर्शक पानी के बिना परेशान न हों। अगर आपको पानी चाहिए तो आप थिएटर से बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पानी ले सकते हैं।

    इमरजेंसी एग्जिट और सीढ़ियां

    सिनेमाघरों में इमरजेंसी एग्जिट और सीढ़ियों का ध्यान रखा जाता है। इनका इस्तेमाल केवल आपातकालीन स्थितियों में किया जाएगा जिससे हर किसी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

     टिकट चेकिंग

    कई थिएटरों में एक नियम होता है कि अधिकारिक टिकट के बिना सिनेमाघर में प्रवेश नहीं किया जा सकता। यह नियम सुरक्षा और व्यवस्थापन के लिए जरूरी है।

     शांति बनाए रखें

    फिल्म देखने के दौरान थिएटर में शांति बनाए रखना भी एक आवश्यक नियम है। तेज आवाज़ में बात करना या फोन का इस्तेमाल शांति को भंग कर सकता है और आपके लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए ध्यान रखें कि आप दूसरों की फिल्म देखने के अनुभव को खराब न करें। इन नियमों को जानने से आपको सिनेमाघर में एक अच्छा अनुभव मिलेगा। सुरक्षा स्वास्थ्य और आरामदायक माहौल सुनिश्चित करने के लिए ये नियम बनाए गए हैं। अगली बार जब आप सिनेमाघर जाएं तो इन नियमों का पालन जरूर करें और एक सुरक्षित और सुखद फिल्म अनुभव का आनंद लें।

  • वास्तु से बढ़ाएं धन और समृद्धि: घर में रखें ये 4 चीजें, लक्ष्मी का कृपालु वरदान मिलेगा

    वास्तु से बढ़ाएं धन और समृद्धि: घर में रखें ये 4 चीजें, लक्ष्मी का कृपालु वरदान मिलेगा

    भारत,। सभी गृहस्थ स्थान  में  जीवन में  धन-संपत्ति का घर में स्थायित्व बनाए रखना हर किसी की इच्छा होती है। लेकिन कभी-कभी जेब में पैसा टिकता नहीं और तिजोरी भी खाली रहती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन और सही दिशा में रखी गई विशेष वस्तुएं आपके जीवन में समृद्धि ला सकती हैं। कई सफल और धनवान लोगों के घरों में यही चीजें पाई जाती हैं, जो केवल सजावट नहीं बल्कि आर्थिक और मानसिक स्थिरता का प्रतीक भी हैं।आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार वो 4 शक्तिशाली वस्तुएं, जो धन और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं।

    1. फेंगशुई मेंढक

    फेंगशुई मेंढक को धन, सौभाग्य और आर्थिक अवसर लाने वाला प्रतीक माना जाता है। इसे चीन का धन का मेंढक भी कहा जाता है। वास्तु के अनुसार, इसे घर के मुख्य द्वार की ओर मुख करके रखना चाहिए। हंसते हुए मेंढक की मुद्रा और उसकी मुद्रा में रखा सिक्का घर में धन का प्रवाह बढ़ाता है। यह उपाय घर में नई आर्थिक संभावनाओं और व्यापारिक अवसरों को आकर्षित करता है।

    2. मुस्कुराते हुए बुद्ध

    मुस्कुराते हुए बुद्ध की मूर्ति घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाती है। उनकी मुस्कान तनाव को दूर करती है और घर का वातावरण खुशहाल बनाती है। वास्तु में इसे मुख्य द्वार की ओर मुख करके रखने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ता है और घर में सुख और सौभाग्य का प्रवेश होता है।

    3. मनी प्लांट

    मनी प्लांट वास्तु शास्त्र में अत्यंत पवित्र पौधा माना जाता है। इसके हरे-भरे पत्ते जीवन में प्रगति, सफलता और वित्तीय समृद्धि का प्रतीक हैं। इसे घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। मनी प्लांट घर के अंदर या गलियों में उत्तर-पूर्व दिशा में रखने से धन हानि या बाधाएं आ सकती हैं। नियमित देखभाल और साफ-सुथरा पानी देने से इसका प्रभाव और अधिक मजबूत होता है।

    4. बहता पानी

    वास्तु में बहता पानी जीवन में धन और ऊर्जा के निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। घर के मुख्य द्वार या उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा में छोटा फव्वारा या पानी की व्यवस्था रखने से घर में सुख और सकारात्मकता बढ़ती है। पानी का बहाव जीवन में स्थिरता और तरक्की को बढ़ाता है। ध्यान रहे कि पानी साफ और लगातार बहता रहे, यह आर्थिक स्थिरता और सौभाग्य के लिए महत्वपूर्ण है।वास्तु शास्त्र कहता है कि इन चार वस्तुओं को सही दिशा में रखने से केवल घर में धन-संपत्ति बढ़ती ही नहीं, बल्कि मानसिक स्थिरता और सकारात्मक सोच भी आती है। ये उपाय घर के वातावरण को आनंदमय बनाते हैं और लक्ष्मी जी की कृपा बनाए रखते हैं।यदि आप भी चाहते हैं कि आपकी तिजोरी हमेशा भरी रहे और जीवन में धन का स्थायी प्रवाह बना रहे, तो आज ही इन उपायों को अपने घर में अपनाएं।

  • KBC पर कार्तिक आर्यन ने अमिताभ बच्चन से पूछा निजी सवाल बिग बी बोले पागल हो क्या

    KBC पर कार्तिक आर्यन ने अमिताभ बच्चन से पूछा निजी सवाल बिग बी बोले पागल हो क्या


    नई दिल्ली । कौन बनेगा करोड़पति KBC के हालिया एपिसोड में कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे ने एक ऐसा सवाल पूछा जिसे सुनकर अमिताभ बच्चन भी हंसी नहीं रोक पाए। इस एपिसोड में कार्तिक ने बिग बी से उनकी निजी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार सवाल पूछ डाले जिसने शो का माहौल बिल्कुल बदल दिया।

    कार्तिक ने पूछे निजी सवाल

    कौन बनेगा करोड़पति के नए एपिसोड में कार्तिक और अनन्या अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए आए थे। इस दौरान कार्तिक ने अमिताभ को कोरियन दिल हार्ट बनाना सिखाया और फिर उनके निजी जीवन से जुड़ा एक सवाल पूछ लिया जो सभी के लिए हंसी का कारण बन गया।
    कार्तिक ने अमिताभ से पूछा क्या आपने कभी जया बच्चन से छुपकर कुछ खाया है इस पर अमिताभ मुस्कुराते हुए थोड़ा चिढ़े। लेकिन कार्तिक ने रुकते हुए और एक सवाल पूछा “सर आपके फोन का पासवर्ड क्या जया बच्चन को पता है इस सवाल पर ऑडियंस और कार्तिक भी हंसी रोक नहीं पाए। अमिताभ अपनी हंसी दबाते हुए जवाब देते हैं “पागल हो क्या हम बता देंगे उनको” उनका जवाब इतना मजेदार था कि सभी हंस पड़े।

    अनन्या का सवाल भी था दिलचस्प

    इसके बाद अनन्या पांडे भी शो में शामिल हो गईं और उन्होंने अमिताभ से पूछा कि आजकल के जनरेशन के कुछ नए शब्दों के बारे में उनकी राय क्या है। अमिताभ जो पुराने जमाने के शब्दों के लिए जाने जाते हैं इन नए शब्दों को सुनकर थोड़ा चौंक गए और दर्शकों को उनके इस रिएक्शन पर भी खूब हंसी आई।

    कार्तिक और अनन्या का हंसी-मज़ाक

    कार्तिक और अनन्या के साथ शो का माहौल एकदम हल्का-फुल्का हो गया था। दर्शकों को हर पल हंसी और मस्ती में डूबते देखा गया। यह एपिसोड न केवल मनोरंजक था बल्कि अमिताभ और उनके मेहमानों के बीच की गर्मजोशी और हंसी ने इसे और भी खास बना दिया कौन बनेगा करोड़पति का यह एपिसोड इस साल के सबसे मजेदार एपिसोड्स में से एक बन गया। कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे के साथ बातचीत ने शो को और भी ज्यादा दिलचस्प और मनोरंजक बना दिया। अमिताभ बच्चन का हल्का-फुल्का अंदाज और उनकी रिएक्शन ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं बल्कि एक बेहतरीन एंटरटेनर भी हैं।

  • हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में न जाकर लिया सही फैसला मनोज देसाई ने किया खुलासा

    हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में न जाकर लिया सही फैसला मनोज देसाई ने किया खुलासा


    नई दिल्ली । धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने दो अलग-अलग प्रेयर मीट आयोजित की थीं। पहली प्रेयर मीट उनके बेटों सनी और बॉबी देओल द्वारा रखवाई गई थी जबकि दूसरी प्रेयर मीट हेमा मालिनी ने अपने घर में आयोजित की थी। अब इस मामले पर गैलेक्सी थिएटर के मालिक मनोज देसाई ने अपनी राय दी है जिसमें उन्होंने बताया कि हेमा मालिनी का यह कदम एक समझदारी भरा निर्णय था।

    मनोज देसाई ने क्यों कहा ‘हेमा ने सही फैसला लिया

    धर्मेंद्र के निधन से उनके परिवार और फैंस को गहरा सदमा लगा। दोनों प्रेयर मीट के दौरान भारी भीड़ जुटी थी और मनोज देसाई ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विकी लालवाणी से बात करते हुए कहा “हेमा जी ने जो फैसला लिया वह बिल्कुल सही था। किसी भी प्रकार की विवाद से बचने के लिए उन्होंने अलग से प्रेयर मीट रखवाई। अगर वह सनी और बॉबी की प्रेयर मीट में शामिल होतीं तो शायद कोई न कोई विवाद उत्पन्न हो जाता। इसलिए यह सही था कि उन्होंने अपने घर पर एक अलग प्रेयर मीट रखवाई। मनोज का यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के बीच के रिश्ते गहरे थे लेकिन इस तरह के संवेदनशील मौकों पर परिवार के भीतर किसी भी तरह की तकरार से बचने के लिए हेमा का कदम समझदारी से लिया गया था।

    प्रेयर मीट में उमड़ी भीड़

    मनोज ने यह भी बताया कि प्रेयर मीट में शामिल होने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गई थीं। उन्होंने बताया “मेरी कार 86वें नंबर पर थी और मुझे इंतजार करना पड़ा क्योंकि इतनी भीड़ थी। सनी देओल से मेरी मुलाकात हुई और मैंने कहा कि इतनी भीड़ है इसलिए मैं फ्रंट गेट से आ रहा हूं। उन्होंने मुझे धन्यवाद कहा। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि प्रेयर मीट के दौरान भजन भी गाए गए थे और यह एक बहुत ही भावुक अवसर था।

    धर्मेंद्र की प्रेयर मीटएक ऐतिहासिक घटना

    मनोज देसाई ने कहा “मैंने कई आर्टिस्ट की प्रेयर मीट में हिस्सा लिया है जैसे राजेश खन्ना और यश चोपड़ा की प्रेयर मीट में। लेकिन धर्मेंद्र जी जैसी प्रेयर मीट मैंने कभी नहीं देखी। ऐसा लगा जैसे पूरा देश वहां आ गया था। यह बयान इस बात को दर्शाता है कि धर्मेंद्र का प्रभाव इंडस्ट्री में कितना गहरा था और उनके निधन से जो खालीपन हुआ है वह केवल उनके परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे फिल्म इंडस्ट्री के लिए था।

    धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने जो भी कदम उठाए वह उनके सम्मान और शांति को बनाए रखने के लिए थे। मनोज देसाई के बयान से यह साफ है कि हेमा मालिनी का अलग प्रेयर मीट रखना एक सही निर्णय था ताकि कोई भी विवाद न हो और धर्मेंद्र की यादों को शांति से श्रद्धांजलि दी जा सके। धर्मेंद्र का योगदान सिनेमा में हमेशा याद रखा जाएगा और उनके चाहने वालों के लिए यह एक अभूतपूर्व क्षण था।

  • कुमार सानू ने एक्स वाइफ रीता के खिलाफ दर्ज किया मानहानि का केस 30 लाख रुपये मुआवजे की मांग

    कुमार सानू ने एक्स वाइफ रीता के खिलाफ दर्ज किया मानहानि का केस 30 लाख रुपये मुआवजे की मांग


    नई दिल्ली । कुमार सानू ने अपनी एक्स वाइफ रीता के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया है और मुआवजे के रूप में 30 लाख रुपये की मांग की है। यह मामला तब सामने आया जब रीता ने कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुमार सानू पर गंभीर आरोप लगाए।

    क्या है मामला

    रीता ने अपने बयानों में दावा किया था कि कुमार सानू ने उनकी प्रेग्नेंसी के दौरान उनका बहुत बुरा व्यवहार किया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि कुमार सानू ने उन्हें भूखा रखा किचन में बंद कर दिया और प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें दूध और मेडिकल केयर तक नहीं दिया। रीता का यह भी कहना था कि कुमार सानू ने इस दौरान कोर्ट के मामलों को भी जारी रखा था।

    इन आरोपों को लेकर कुमार सानू ने मानहानि की याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि इन झूठे आरोपों के कारण उनकी इमेज को काफी नुकसान पहुंचा है और उन्होंने मानसिक तनाव का सामना भी किया है। कुमार सानू का कहना है कि इन आरोपों के कारण उनकी पब्लिक इमेज खराब हुई है और इसका असर उनके प्रोफेशनल करियर पर भी पड़ा है।

    याचिका में क्या कहा गया

    याचिका में कहा गया है कि इन बयानों ने सिंगर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है और उन्हें सोशल मीडिया पर भी निगेटिव प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा है। इस मानहानि के मामले में रीता और संबंधित मीडिया पोर्टल्स को लीगल नोटिस भेजा गया है। कुमार सानू ने यह भी कहा कि इन आरोपों से उन्हें आर्थिक और प्रतिष्ठा संबंधी भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा रीता ने यह भी आरोप लगाया था कि शादी के दौरान कुमार सानू के कई अफेयर थे जो मामला और पेचीदा बना रहा है।

    सना रईस खान ने लिया कुमार सानू का पक्ष

    कुमार सानू की ओर से इस मानहानि केस की याचिका वकील सना रईस खान द्वारा दायर की गई है। सना रईस खान बिग बॉस 17 की कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं और उन्होंने ही कुमार सानू का कानूनी प्रतिनिधित्व किया है।

    कुमार सानू और रीता का तलाक

    कुमार सानू और रीता का तलाक 2001 में हुआ था। दोनों का एक बेटा है जान कुमार सानू जो बिग बॉस 14 में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ चुके थे। जान कुमार सानू का नाम भी इस विवाद से जुड़ा है लेकिन अभी तक उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह विवाद सिंगर कुमार सानू और उनकी एक्स वाइफ रीता के बीच बढ़ता जा रहा है। यदि कोर्ट इस मामले में फैसला देता है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि मानहानि के इस केस में क्या परिणति होती है और क्या कुमार सानू को मुआवजा मिलता है।

  • नया साल 2026 CNG PNG के दाम घटेंगे रेलवे रिजर्वेशन में बदलाव NPS निवेशकों को राहत

    नया साल 2026 CNG PNG के दाम घटेंगे रेलवे रिजर्वेशन में बदलाव NPS निवेशकों को राहत


    नई दिल्ली । नया साल 2026 आपके लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों और राहतों के साथ आ रहा है। इन बदलावों से आम आदमी की जिंदगी में राहत मिलेगी खासकर सीएनजी और पीएनजी के दामों में कटौती रेलवे रिजर्वेशन में नए नियम और राष्ट्रीय पेंशन योजना NPS के निवेशकों के लिए राहत।
    सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में कटौती
    1 जनवरी 2026 से संपीडित प्राकृतिक गैस CNG और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस PNG के दामों में कटौती हो सकती है। सीएनजी की कीमतें दो से ढाई रुपये तक घट सकती हैं जबकि पीएनजी के दाम में करीब दो रुपये तक की कमी आ सकती है। इसके अलावा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड PNGRB ने गैस के परिवहन शुल्क को सरल और तर्कसंगत बनाने का फैसला किया है। पहले यह शुल्क दूरी के हिसाब से तीन हिस्सों में बांटा गया था अब इसे दो हिस्सों में बांटा जाएगा। इससे 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों और 312 भौगोलिक क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।यह परिवर्तन गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आएगा और उनकी जीवनशैली को और भी किफायती बनाएगा।
    रेलवे रिजर्वेशन में बदलाव
    रेलवे बोर्ड ने रिजर्वेशन चार्ट बनाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट 10 से 12 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। इससे यात्रियों को यह जानने में आसानी होगी कि उनका टिकट कंफर्म हुआ है या नहीं खासकर दूरदराज क्षेत्रों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बहुत सहूलियतपूर्ण रहेगा। पहले ट्रेन खुलने से चार घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट तैयार किया जाता था जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था अब सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक की ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट एक दिन पहले रात 8 बजे तैयार किया जाएगा। यह बदलाव यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा खासकर यात्रा की प्लानिंग को लेकर।
    NPS निवेशकों के लिए राहत
    पीएफआरडीए ने राष्ट्रीय पेंशन योजना NPS के निवेशकों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। अब गैर सरकारी NPS खाताधारकों को पेंशन प्लान एन्युटी में सिर्फ 20 फीसदी राशि निवेश करनी होगी। शेष 80 फीसदी राशि को एकमुश्त या किश्तों में निकाला जा सकेगा। यह नियम 15 साल NPS में निवेश करने वालों और 60 वर्ष की उम्र पार करने या रिटायर होने वाले निवेशकों के लिए लागू होगा। पहले के नियमों के तहत निवेशक को 40 फीसदी राशि पेंशन प्लान में डालने की बाध्यता थी लेकिन अब 20 फीसदी राशि से काम चल जाएगा।
    इसके अलावा 8 लाख रुपये तक की कुल राशि पर पूरी निकासी की अनुमति दी जाएगी। हालांकि सरकारी कर्मचारियों के लिए पुराने नियम लागू रहेंगे। 2026 का नया साल देशवासियों के लिए खुशखबरी लेकर आ रहा है। गैस की कीमतों में कमी रेलवे के रिजर्वेशन चार्ट में बदलाव और NPS निवेशकों के लिए नए नियम ये सभी बदलाव आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित होंगे। इस साल का आगमन नए अवसर और सस्ती सेवाओं के साथ होगा जिससे लोगों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा।

  • लोकसभा में हंगामे के बीच VB–G Ram G बिल पास, विपक्ष ने फाड़े कागज और किया नारेबाजी

    लोकसभा में हंगामे के बीच VB–G Ram G बिल पास, विपक्ष ने फाड़े कागज और किया नारेबाजी


    नई दिल्ली/18 दिसंबर 2025 को लोकसभा में एक बार फिर हंगामे का माहौल देखने को मिला। भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण यानी VB–G Ram G बिल पर मतदान के दौरान विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध किया। विरोध के स्वर इतना तेज थे कि कई सांसद वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे और बिल से जुड़े कागज फाड़कर सदन में फेंक दिए। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

    विपक्ष का कड़ा विरोध
    विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस अहम बिल को पर्याप्त चर्चा और बहस के बिना जल्दबाजी में पास करवा दिया। उनका कहना था कि ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर व्यापक और खुली बहस आवश्यक थी। हंगामे के दौरान विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी कर रहे थे और सदन की कार्यवाही बाधित होती रही।विपक्ष का मुख्य आरोप यह भी था कि विधेयक पारित करते समय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और पारदर्शिता की अनदेखी की गई। विपक्ष ने कहा कि इस बिल का उद्देश्य भले ही ग्रामीण रोजगार सृजन और आजीविका बढ़ाना है, लेकिन इसे बिना पर्याप्त चर्चा के पास कराना संसद की गरिमा के खिलाफ है।

    कृषि मंत्री का जवाब
    बिल पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि यह विधेयक ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री ने कहा, हम किसी से भेदभाव नहीं करते। बापू हमारी प्रेरणा और श्रद्धा हैं। हमारे लिए पूरा देश एक है। देश केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतीक है।
    उन्होंने आगे बताया कि सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद तक रोजगार और आजीविका के अवसर पहुंचाना है। इस बिल के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लाखों ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार के अवसर मिलेंगे।

    सदन में बढ़ता हंगामा और स्थगन

    मंत्री के जवाब के बावजूद विपक्ष का विरोध कम नहीं हुआ। सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी और कई ने कागज फाड़कर सदन में फेंक दिए। लगातार हंगामे के चलते स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित करने का फैसला किया। यह स्थिति यह दर्शाती है कि बिल का पारित होना राजनीतिक तौर पर कितनी संवेदनशील स्थिति पैदा कर गया है।

    राजनीतिक सरगर्मी तेज

    VB–G Ram G बिल के पारित होने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। जहां सरकार इसे ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी करार दे रहा है। आने वाले दिनों में इस बिल को लेकर संसद के बाहर भी राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।विशेषज्ञों का कहना है कि इस बिल के प्रभाव और इसके क्रियान्वयन की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका के अवसर और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बिल का क्रियान्वयन प्रभावी और पारदर्शी होना चाहिए।VB–G Ram G बिल न केवल ग्रामीण भारत के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि यह संसद में कानून बनाने की प्रक्रिया, बहस और राजनीतिक गतिशीलता का उदाहरण भी बन गया है। यह देखना रोचक होगा कि अगले हफ्तों में इस बिल को लेकर क्या नीति और क्रियान्वयन कदम उठाए जाते हैं।

  • दतिया में खूनी 'इश्क' का अंत मंदिर से लौट रही युवती के सीने में मारी गोली फिर शादीशुदा प्रेमी ने खुद को उड़ाया

    दतिया में खूनी 'इश्क' का अंत मंदिर से लौट रही युवती के सीने में मारी गोली फिर शादीशुदा प्रेमी ने खुद को उड़ाया


    दतिया । दतिया मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रेम प्रसंग के चलते एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। गोंदन थाना क्षेत्र के कमलापुरी गांव के पास एक सिरफिरे युवक ने बीए की छात्रा पर जानलेवा हमला करने के बाद अपनी जीवनलीला भी समाप्त कर ली। यह घटना उस वक्त हुई जब युवती मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपने घर लौट रही थी।

    वारदात का क्रम पहले रास्ता रोका फिर दागी गोली

    प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता शाहपुर स्थित हनुमान मंदिर से दर्शन कर लौट रही थी। रास्ते में आरोपी मानवेंद्र यादव 25 वर्ष ने उसका रास्ता रोका। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच कुछ कहासुनी हुई और देखते ही देखते मानवेंद्र ने अवैध कट्टे से युवती के सीने पर गोली चला दी। युवती को लहूलुहान हालत में सड़क पर गिरता देख आरोपी ने जरा भी देरी नहीं की और उसी हथियार से खुद के सिर में गोली मारकर मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    चमत्कार हार्ट के पास से गुजरी गोली बची जान

    गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी। युवती को पहले इंदरगढ़ अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे गंभीर हालत में दतिया जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मेडिकल जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया गोली युवती के दिल हार्ट के बिल्कुल पास से होकर शरीर के आर-पार निकल गई। इसी मामूली अंतर की वजह से युवती की जान बच गई हालांकि उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।

    3 साल का प्रेम प्रसंग और आरोपी का डबल लाइफ

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला एक तरफा जुनून या उलझे हुए प्रेम प्रसंग का नजर आ रहा है। आरोपी मानवेंद्र पहले से शादीशुदा था और एक बच्चे का पिता भी था। बताया जा रहा है कि आरोपी और युवती के बीच पिछले 2-3 वर्षों से संबंध थे। दोनों के गांव की दूरी महज 3 किलोमीटर है। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने मानवेंद्र को इस खौफनाक कदम की ओर धकेल दिया।

    पुलिस की कार्रवाई

    गोंदन थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है। आरोपी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल में भर्ती युवती के बयान और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर पुलिस आगे की कड़ियां जोड़ रही है। स्थान कमलापुरी गांव के पास दतिया म.प्र. मुख्य पात्र मानवेंद्र यादव मृत और 20 वर्षीय युवती घायल । हथियार अवैध कट्टा। वजह संदिग्ध प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद।

  • महाकाल मंदिर उज्जैन अब भक्तों को नहीं होगी नकद की चिंतादान से लेकर प्रसाद तक सब कुछ हुआ कैशलेस

    महाकाल मंदिर उज्जैन अब भक्तों को नहीं होगी नकद की चिंतादान से लेकर प्रसाद तक सब कुछ हुआ कैशलेस


    उज्जैन । उज्जैन विश्व के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शुमार भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने एक बड़ी सुविधा शुरू की है। अब देश-विदेश से आने वाले भक्तों को मंदिर में दान देने या अन्य सेवाओं के लिए नकद रखने की अनिवार्यता नहीं होगी। मंदिर समिति ने पूरे परिसर को कैशलेस ट्रांजेक्शन से जोड़ते हुए जगह-जगह क्यूआर कोड और बारकोड लगा दिए हैं।

    इन सेवाओं में मिलेगी कैशलेस सुविधा

    मंदिर प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु बिना किसी आर्थिक उलझन के बाबा के दर्शन कर सकें। वर्तमान में निम्नलिखित सेवाओं में ई-वॉलेट और डिजिटल भुगतान का लाभ मिल रहा है भस्म आरती बुकिंग ऑनलाइन पोर्टल पर ई-वॉलेट के जरिए बुकिंग पहले से जारी है। शीघ्र दर्शन टिकट सशुल्क दर्शन के लिए काउंटर पर डिजिटल पेमेंट की सुविधा। दान काउंटर मंदिर के विभिन्न दान काउंटरों पर बारकोड के माध्यम से सीधा भुगतान। लड्डू प्रसाद अब महाकाल का सुप्रसिद्ध लड्डू प्रसाद भी ऑनलाइन पेमेंट के जरिए लिया जा सकेगा। धर्मशाला एवं अन्न क्षेत्र महाकालेश्वर और हरसिद्धि धर्मशाला में रुकने का शुल्क और अन्न क्षेत्र का सहयोग भी कैशलेस किया गया है।

    नेटवर्क की चिंता नहीं नकद भुगतान भी रहेगा जारी

    डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ मंदिर समिति ने व्यवहारिकता का भी ध्यान रखा है। अक्सर मंदिर परिसर में भीड़ और तकनीकी कारणों से नेटवर्क की समस्या आ जाती है। इसे देखते हुए समिति ने स्पष्ट किया है कि नकद भुगतान की सुविधा भी अनिवार्य रूप से बनी रहेगी। यदि ई-पेमेंट में कोई तकनीकी खामी आती हैतो दर्शनार्थी पुराने तरीके से भी भुगतान कर सकेंगे ताकि उनकी व्यवस्था प्रभावित न हो।

    मंदिर परिसर में हर जगह उपलब्ध हैं बारकोड

    भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के प्रमुख स्थानोंविश्राम धाम और कार्यालयों के बाहर बारकोड लगाए गए हैं। श्रद्धालु अपने मोबाइल से किसी भी यूपीआई ऐप जैसे PhonePeGoogle PayPaytm के माध्यम से सुरक्षित रूप से दान राशि जमा कर सकते हैं। इसकी रसीद भी डिजिटल या भौतिक रूप से प्राप्त करने की व्यवस्था की जा रही है।

    प्रशासक का विजन सुलभ और पारदर्शी व्यवस्था

    मंदिर समिति के अनुसारइस कदम से न केवल भक्तों को सुविधा होगीबल्कि मंदिर के कोष और लेखा-जोखा में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डिजिटल लेन-देन से रिकॉर्ड रखने में आसानी होती है और सुरक्षा की दृष्टि से भी यह बेहतर है। सुविधा दानप्रसादऔर बुकिंग के लिए कैशलेस व्यवस्था। माध्यम बारकोडक्यूआर कोड और ई-वॉलेट। विकल्प डिजिटल के साथ नकद भुगतान की सुविधा भी बरकरार। स्थान महाकालेश्वर मंदिरउज्जैन।