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  • सीएम नीतीश को पाकिस्तानी डॉन की धमकी, हिजाब विवाद ने पकड़ा सियासी तूल; महिला चिकित्सक के नौकरी छोड़ने की चर्चा

    सीएम नीतीश को पाकिस्तानी डॉन की धमकी, हिजाब विवाद ने पकड़ा सियासी तूल; महिला चिकित्सक के नौकरी छोड़ने की चर्चा


    नई दिल्ली।
    बिहार की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक आस्था महिला सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा केंद्र में आ गया है। आयुष चिकित्सकों के नियुक्तिपत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला चिकित्सक से हिजाब हटाने को कहे जाने की घटना अब राज्य से बाहर तक चर्चा का विषय बन गई है। इस मामले ने इतना तूल पकड़ लिया है कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को धमकी देने का वीडियो सामने आया है जिसकी जांच बिहार पुलिस ने शुरू कर दी हैबताया जा रहा है कि पाकिस्तान के कुख्यात डॉन शहजाद भट्टी की ओर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुलेआम धमकी दी गई है। वीडियो में कहा गया है कि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांगें अन्यथा भविष्य में होने वाली घटनाओं की शिकायत न करें। इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस के साइबर थाना को जांच सौंपी गई है।

    डीजीपी विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि वीडियो की सत्यता और उसके स्रोत की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं आर्थिक अपराध इकाईईओयू के अपर पुलिस महानिदेशक नैयर हसनैन खान ने कहा कि ईओयू का साइबर प्रभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर एक और दावा तेजी से वायरल हो रहा है। कहा जा रहा है कि जिस महिला आयुष चिकित्सक को नियुक्तिपत्र देने के दौरान मुख्यमंत्री ने हिजाब हटाने को कहा था उसने नौकरी ज्वॉइन न करने का फैसला किया है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। न तो संबंधित महिला चिकित्सक की ओर से कोई सार्वजनिक बयान आया है और न ही विभाग की तरफ से इस पर कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है।

    विभागीय अधिकारी इस मुद्दे पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियुक्तिपत्र मिलने के बाद ज्वॉइनिंग के लिए पर्याप्त समय दिया जाता है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। गौरतलब है कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद भवन में आयुष चिकित्सकों का नियुक्तिपत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में कुल 1283 नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्तिपत्र सौंपे गए थे जिनमें से 10 चिकित्सकों को प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री ने स्वयं नियुक्तिपत्र दिया था।हिजाब विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दलराजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस घटना को धार्मिक स्वतंत्रता का हनन बताया है। उन्होंने कहा कि नियुक्तिपत्र वितरण जैसे गरिमामय कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला से हिजाब हटाने को कहना न केवल महिला सम्मान के खिलाफ है बल्कि यह अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति सरकार की सोच को भी दर्शाता है। एजाज अहमद ने मुख्यमंत्री और सरकार से इस घटना के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

    वहीं सत्तारूढ़ जनता दलयूनाइटेड ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जदयू के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेटियों के सशक्तीकरण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने हर धर्म जाति और वर्ग की महिलाओं की सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक उन्नति के लिए लगातार काम किया है। नीरज कुमार ने राजद पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को पहले अपने अतीत पर नजर डालनी चाहिए। फिलहाल हिजाब विवाद महिला चिकित्सक के नौकरी छोड़ने की चर्चा और पाकिस्तान से आई धमकी-इन तीनों मुद्दों ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगी।

  • नाथन लियोन बने ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे बॉलर, ग्लेन मैक्ग्रा का रिकॉर्ड तोड़ा

    नाथन लियोन बने ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे बॉलर, ग्लेन मैक्ग्रा का रिकॉर्ड तोड़ा


    एडिलेड।
    ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर (Australian off-spinner) नाथन लियोन (Nathan Lyon) ने जैसे ही एडिलेड टेस्ट मैच (Adelaide Test match) में दूसरा विकेट निकाला, वैसे ही उन्होंने महान गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा (Great bowler Glenn McGrath) का रिकॉर्ड तोड़ दिया। नाथन लियोन अब टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरे सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उनसे आगे सिर्फ शेन वॉर्न हैं, जिन्होंने 708 विकेट टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के लिए निकाले थे। खास बात ये थी कि इस दौरान ग्लेन मैक्ग्रा भी स्टेडियम में मौजूद थे, जो कमेंट्री कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा का रिऐक्शन देखने वाला था।

    नाथन लियोन ने जैसे ही बेन डकेट को क्लीन बोल्ड किया, वैसे ही टेस्ट क्रिकेट में उनके विकेटों की संख्या 564 हो गई और वे ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरे सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट निकालने वाले गेंदबाज बन गए। इस मैच से पहले तक ग्लेन मैक्ग्रा के पास ये रिकॉर्ड था, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के लिए 563 विकेट निकाले थे। नाथन लियोन ने इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मुकाबले में पहले तो ओली पोप को चलता किया और फिर डकेट के स्टंप्स बिखेरकर इतिहास रच दिया। इस दौरान ग्लेन मैक्ग्रा ने कुर्सी उठाई और अपने पास के कमेंट्री बॉक्स में मारने की कोशिश की। हालांकि, ये सब मजाकिया अंदाज में उन्होंने अपने एक साथी कमेंटेटर के लिए किया। वीडियो सोशल मीडिया पर अब वायरल है।

    महान स्पिनर नाथन लियोन अब टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में छठे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उनसे आगे इस लिस्ट में श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन, ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न, इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन, भारत के अनिल कुंबले और इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड शामिल हैं। मुरलीधरन ने 800, वॉर्न ने 708, एंडरसन ने 704, कुंबले ने 619 और ब्रॉड ने 604 विकेट टेस्ट क्रिकेट में चटकाए हुए हैं। नाथन लियोन टॉप 5 में शामिल होने से अभी 40 विकेट दूर हैं। हाल-फिलहाल में तो ऐसा होने वाला नहीं है, लेकिन कुछ और सीरीज वे खेलते हैं तो जरूर उस उपलब्धि तक पहुंच सकते हैं। कुछ नहीं तो स्टुअर्ट ब्रॉड और अनिल कुंबले के रिकॉर्ड को जरूर धराशायी कर सकते हैं।

  • बूंद-बूंद पानी को तरसेगा पाकिस्तान…! अफगानिस्तान से पंगा लेना पड़ा भारी, $4.5 अरब का नुकसान

    बूंद-बूंद पानी को तरसेगा पाकिस्तान…! अफगानिस्तान से पंगा लेना पड़ा भारी, $4.5 अरब का नुकसान


    इस्लामाबाद।
    पिछले दिनों अफगानिस्तान और पाकिस्तान (Pakistan-Afghanistan) के बीच तनावपूर्ण माहौल हो गया था। दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति भी आ गई, जहां पाकिस्तान ने तालिबान के शासन वाले अफगानिस्तान (Afghanistan) में कई हवाई हमले भी किए। इसके बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से होने वाले सीमा व्यापार को भी बंद कर दिया। पाकिस्तान को लगा था कि इस कदम से तालिबान को आर्थिक झटका लगेगा, लेकिन अब उलटा हो गया। व्यापार को बंद करने से पाकिस्तान (Pakistan) को साढ़े चार अरब डॉलर का नुकसान (Loss of $4.5 billion) हुआ है। इससे शहबाज शरीफ के देश की कमर टूट गई है।

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान जॉइंट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PAJCCI) का कहना है, ”बॉर्डर बंद होने से अब तक पाकिस्तान के व्यापार को $4.5 बिलियन से ज़्यादा का नुकसान हुआ है।” पाकिस्तानी मीडिया ने चैंबर के हवाले से बताया कि खेती और कंस्ट्रक्शन के पीक टाइम में रोजाना एक्सपोर्ट $50 मिलियन से $60 मिलियन के बीच पहुंच गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो दिसंबर और मार्च के बीच संतरे और आलू जैसे मौसमी एक्सपोर्ट को लगभग $200 मिलियन का और नुकसान हो सकता है।

    बता दें कि पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) के लड़ाके उसके देश में आतंकी हमलों को अंजाम दे रहे हैं। टीटीपी के कथित हमलों में पाकिस्तानी सेना के कई जवानों की मौत हो चुकी है, जबकि आम नागरिकों की भी जान गई है। इसी के चलते पाकिस्तान ने लगभग दो महीने पहले अफगानिस्तान के साथ सभी व्यापार मार्ग बंद कर दिए थे, जिसके जवाब में अफगान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी।

    अफगानिस्तान ने भी की थी जवाबी कार्रवाई
    इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान (IEA) ने भी पाकिस्तान के साथ व्यापार निलंबित कर दिया और उद्योगपतियों और व्यापारियों से वैकल्पिक व्यापार मार्गों का उपयोग करने का आग्रह किया। अफगान अधिकारियों का कहना है कि व्यापार मार्गों को बार-बार बंद करने और वाणिज्यिक और मानवीय मामलों के राजनीतिकरण के कारण IEA के पास यह कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।


    पाक को उलटा पड़ा अपना कदम

    पाकिस्तान के अखबार ने PAJCCI का हवाला देते हुए बताया कि इस बंद होने की वजह से महत्वपूर्ण व्यापार गलियारे को लगभग खत्म कर दिया, जिसकी कीमत सालाना अरबों डॉलर थी। बंदी से पहले, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $2-3 बिलियन प्रति वर्ष था, जिसमें पाकिस्तान उच्च मूल्य वाले सामान निर्यात करता था, जबकि अफगानिस्तान आवश्यक वस्तुओं के लिए पाकिस्तान पर निर्भर था और बदले में कृषि उत्पाद निर्यात करता था। पाकिस्तान को अब अपना ही कदम उलटा पड़ गया है। एक तरफ भारत उसे सालों से आर्थिक झटका देता रहा है, तो दूसरी तरफ अफगानिस्तान से भी उसे अरबों का नुकसान होने लगा।

    भारत के बाद अफगानिस्तान का बड़ा कदम

    भारत के बाद अब अफगानिस्तान पाकिस्तान का पानी रोकने वाला है। तालिबान सरकार यह योजना बना रही है कि कुनार नदी का बहाव अफगानिस्तान नांगरहार क्षेत्र की तरफ मोड़ दिया जाए। अगर ऐसा होता है कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पानी की भारी किल्लत हो जाएगी। बता दें कि भारत द्वारा सिंधु नदी समझौता रद्द करने के बाद पाकिस्तान पहले ही पानी के लिए मुहाल है। ऐसे में अगर अफगानिस्तान ने भी पानी रोक दिया तो पाकिस्तान के लिए मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ जाएंगी। वहीं, पहले ही पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर जारी तनाव के बीच एक नया मोर्चा भी खुलने का अंदेशा है।

    जानकारी के मुताबिक इसको लेकर बैठकें भी हो चुकी हैं और फैसले पर अंतिम मुहर लगनी बाकी है। अफगानिस्तान की खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री के आर्थिक आयोग की तकनीकी कमेटी की बैठक में एक प्रस्ताव पास हुआ है। यह प्रस्ताव कुनार नदी के पानी को नांगरहार के दारुंता डैम में ट्रांसफर करने को लेकर है। अब इसे अंतिम फैसले के लिए आर्थिक आयोग के पास भेजा गया है। एक बार यह प्रस्ताव लागू हो गया तो अफगानिस्तान के नांगरहार इलाके में बड़ी संख्या में खेती वाली जमीनों के लिए पानी की समस्या हल हो जाएगा। लेकिन पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में पानी की बेहद कमी हो जाएगी।


    पाकिस्तान कैसे होगा प्रभावित

    कुनार नदी करीब 500 किमी लंबी है। यह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के चित्रल जिला स्थित हिंदुकुश पहाड़ी से निकलती है। इसके बाद यह दक्षिणी अफगानिस्तान में कुनार और नांगरहार प्रांतों में बहती है। इसके बाद यह काबुल नदी में जाकर मिल जाती है। इन दोनों नदियों से पेच नदी भी जुड़ती और यह फिर से पूरब की तरफ मुड़ती हुई पाकिस्तान पहुंच जाती है। यहां पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित अटॉक सिटी में सिंधु नदी से मिलती है।

    इस नदी का पाकिस्तान में बहाव सबसे ज्यादा है। सिंधु नदी की तरह यह वहां पर सिंचाई, पीने के पानी और हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर के इस्तेमाल में आती है। खासतौर पर यह खैबर पख्तूनख्वा इलाके लिए बेहद अहम, जहां अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच भिड़ंत होती है। अब अगर अफगानिस्तान उस जगह पर बांध बना देता है, जहां से कुनार पाकिस्तान में एंट्री करती है तो वहां पर हालात खराब हो जाएंगे। इसके चलते पाकिस्तान में सिंचाई, पीने के पानी और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के लिए पानी मिलना मुहाल हो जाएगा। बता दें कि भारत द्वारा सिंधु नदी जल समझौता रद्द होने के चलते पाकिस्तान के लोग पहले ही परेशान हैं।


    यह भी परेशानी का सबब

    सबसे खास बात यह है कि अफगानिस्तान को रोकने के लिए पाकिस्तान कोई दबाव भी नहीं बना सकता। वजह, भारत के साथ तो पाकिस्तान का सिंधु नदी जल समझौता था, लेकिन अफगानिस्तान के साथ उसका कोई ऐसा समझौता नहीं है।

  • नेहरू के लेटर्स निजी संपत्ति नहीं…सरकार ने सोनिया गांधी से कहा- इन्हें वापस लौटाएं

    नेहरू के लेटर्स निजी संपत्ति नहीं…सरकार ने सोनिया गांधी से कहा- इन्हें वापस लौटाएं


    नई दिल्ली।
    सरकार (Government) ने जवाहरलाल नेहरू से संबंधित दस्तावेज (Documents related Jawaharlal Nehru) के 51 बक्से अपने पास रखने के लिए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी (Congress leader Sonia Gandhi) की कड़ी आलोचना की। साथ ही मांग उठाई कि इन्हें प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) को वापस किया जाए। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि 2008 में सोनिया गांधी ने इन लेटर्स को लिया था। अब इसे लौटा दें, यह उनकी निजी संपत्ति नहीं है। इससे विद्वानों और संसद की नेहरू काल के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अभिलेखों तक पहुंच संभव होगी। सरकार ने जोर देकर कहाकि ये दस्तावेज ‘सार्वजनिक अभिलेखागार में होने चाहिए, किसी बंद कमरे में नहीं।’ केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहाकि चूंकि इन कागजातों का स्थान ज्ञात है, इसलिए वे लापता नहीं हैं।


    मंत्री ने संसद में क्या कहा

    कांग्रेस ने संस्कृति मंत्री शेखावत के लोकसभा में लिखित उत्तर का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा था कि प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) से पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कोई दस्तावेज गायब नहीं होने की सच्चाई सामने आ गई है तो क्या अब इस मामले में माफी मांगी जाएगी? दरअसल, सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता संबित पात्रा ने लोकसभा में लिखित प्रश्न किया था कि क्या 2025 में पीएमएमएल के वार्षिक निरीक्षण के दौरान भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कतिपय दस्तावेज संग्रहालय से गायब पाए गए हैं?इसके उत्तर में संस्कृति मंत्री शेखावत ने कहाकि 2025 में पीएमएमएल के वार्षिक निरीक्षण के दौरान संग्रहालय से भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कोई दस्तावेज गायब नहीं पाया गया है।


    विवादास्पद मुद्दा रहा है नेहरू दस्तावेज

    गौरतलब है कि नेहरू दस्तावेज सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। पीएमएमएल के भीतर एक वर्ग इन दस्तावेजों को वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है, जिन्हें सोनिया गांधी ने कई साल पहले ले लिया था। शेखावत ने एक्स पर पोस्ट में कहाकि नेहरू दस्तावेज पीएमएमएल से लापता नहीं हैं। लापता होने का अर्थ मौजूदगी का स्थान अज्ञात होना है, इस विषय में तो ज्ञात है कि दस्तावेज कहां और किसके अधिकार में हैं। उन्होंने कहाकि जवाहरलाल नेहरू जी से जुड़े कागजात वाले 51 बक्सों को गांधी परिवार ने 2008 में पीएमएमएल (तत्कालीन एनएमएमएल) से ले लिया था। इनका स्थान ज्ञात है, इसलिए, वे लापता नहीं हैं। ये दस्तावेज 2008 में विधिवत प्रक्रिया के तहत परिवार को सौंपे गए थे और पीएमएमएल में इनके रिकॉर्ड मौजूद हैं।


    ताकि लोग समझ पाएं वो दौर

    केंद्रीय मंत्री ने कहाकि विद्वानों, शोधकर्ताओं, छात्रों और आम नागरिकों को यह अधिकार है कि वे मूल दस्तावेजों तक पहुंच पाएं, ताकि जवाहरलाल नेहरू के जीवन और उनके दौर को समझने के लिए सत्य पर आधारित संतुलित दृष्टिकोण विकसित हो सके। उन्होंने कहाकि एक तरफ हमें उस दौर की गलतियों पर चर्चा न करने को कहा जाता है, दूसरी ओर उनसे जुड़े मूल दस्तावेज सार्वजनिक पहुंच से बाहर रखे जा रहे हैं, जबकि उनके माध्यम से तथ्यपरक चर्चा हो सकती है। शेखावत ने कहाकि यह कोई साधारण मामला नहीं है। इतिहास को चुनकर नहीं लिखा जा सकता। लोकतंत्र की बुनियाद पारदर्शिता है और अभिलेख उपलब्ध कराना नैतिक दायित्व, जिसे निभाना सोनिया गांधी और उनके ‘परिवार’ की भी जिम्मेदारी है।


    कई बार मांगने पर भी वापस नहीं

    केंद्रीय मंत्री ने कहाकि मूल प्रश्न यह है कि क्यों इन दस्तावेजों को अब तक वापस नहीं किया गया, जबकि पीएमएमएल की ओर से इस बारे में कई बार पत्र भेजे गए, विशेषकर जनवरी और जुलाई 2025 में। शेखावत ने कहा, ‘मैं आदरपूर्वक सोनिया गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या छिपाया जा रहा है? वैसे भी दस्तावेज वापस न करने के लिए दिए जा रहे तर्क असंगत और अस्वीकार्य हैं।’ उन्होंने कहाकि सवाल यह भी है कि इतने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज सार्वजनिक अभिलेखागार के बाहर क्यों हैं? ये निजी पारिवारिक दस्तावेज तो बिल्कुल भी नहीं हैं, ये भारत के प्रथम प्रधानमंत्री से जुड़े महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभिलेख हैं। ऐसे दस्तावेज सार्वजनिक अभिलेखागार में होने चाहिए, किसी बंद कमरे में नहीं।

  • जोफ्रा आर्चर का पांच विकेट हॉल बेकार ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे एशेज टेस्ट में कसा शिकंजा

    जोफ्रा आर्चर का पांच विकेट हॉल बेकार ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे एशेज टेस्ट में कसा शिकंजा


    नई दिल्ली । तीसरे एशेज टेस्ट के दूसरे दिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट लिए। हालांकि इस गेंदबाजी प्रदर्शन के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत रखी और इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया।

    एडिलेड में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन एलेक्स कैरी 106 और उस्मान ख्वाजा 82 की शानदार पारियों ने ऑस्ट्रेलिया को 371 रनों के स्कोर तक पहुंचाया। इस बीच मिचेल स्टार्क 54 और जोश इंग्लिस 32 ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जिससे इंग्लैंड की टीम को कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा।

    इंग्लैंड के लिए जोफ्रा आर्चर ने मैच के दूसरे दिन जबरदस्त गेंदबाजी की और पांच विकेट हॉल लिया लेकिन इसके बावजूद इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के विशाल स्कोर का पीछा करने में मुश्किलें आ रही हैं। इसके अलावा ब्रायडन कार्स और विल जैक्स ने भी 2-2 विकेट हासिल किए लेकिन इंग्लैंड की टीम ने जल्द ही अपने सभी विकेट गंवा दिए और 371 रनों के स्कोर पर आउट हो गई।

    इंग्लैंड के लिए अब संघर्ष और भी बढ़ गया क्योंकि पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए उनकी शुरुआत खराब रही। 37 रन पर पहला विकेट गिरने के बाद इंग्लैंड की स्थिति और भी नाजुक हो गई। इंग्लैंड ने अगले 5 रनों में 2 और विकेट खो दिए जिससे उनकी पारी पर संकट मंडराता दिख रहा है।

    इस सीरीज में इंग्लैंड पहले ही दो मैच हार चुका है और यदि वे इस टेस्ट मैच में भी हार जाते हैं तो वे एशेज ट्रॉफी हारने के कगार पर पहुंच जाएंगे। इस स्थिति में इंग्लैंड के लिए सीरीज को बचाने के लिए इस मैच में दमदार वापसी करना आवश्यक होगा। हालांकि दो मुकाबले अभी बाकी हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पास 3-0 की बढ़त के साथ एशेज ट्रॉफी की ओर कदम बढ़ाए हुए हैं।

  • ट्रेन यात्रियों को भी निर्धारित सीमा से ज्यादा लगेज ले जाने पर देना पड़ेंगा अतिरिक्त शुल्क!

    ट्रेन यात्रियों को भी निर्धारित सीमा से ज्यादा लगेज ले जाने पर देना पड़ेंगा अतिरिक्त शुल्क!


    नई दिल्ली।
    रेल यात्रा (Train travel) के दौरान आप भी अगर बेहिसाब सामान ले जाते हैं, तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। सरकार ने हाल ही में यह स्पष्ट किया है कि अब ट्रेन में ज्यादा सामान ले जाने के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) ने बुधवार को संसद को बताया कि ट्रेन से यात्रा करते समय यात्रियों को निर्धारित सीमा से अधिक सामान ले जाने पर शुल्क देना होगा।

    वैष्णव ने तेलुगु देशम पार्टी के सांसद (Telugu Desam Party MP) वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी (Vemireddy Prabhakar Reddy) द्वारा पूछे गए प्रश्नों के लिखित उत्तर में यह बात कही हैं। इससे पहले रेड्डी ने यह जानना चाहा था कि क्या रेलवे (Indian Railways), हवाई अड्डों पर अपनाई गई व्यवस्था के अनुरूप ट्रेन यात्रियों के लिए सामान संबंधी नियम लागू करेगा। इसके जवाब में वैष्णव ने कहा, ‘‘वर्तमान में यात्रियों द्वारा डिब्बों के अंदर अपने साथ सामान ले जाने की श्रेणीवार अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है।’’


    क्या हैं नियम?

    रेल मंत्री द्वारा लिखित उत्तर में साझा की गई जानकारी के मुताबिक द्वितीय श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्री को 35 किलोग्राम वजन तक सामान निशुल्क ले जाने की अनुमति है। वहीं शुल्क देकर 70 किलोग्राम तक सामान ले जाया जा सकता है। इसके अलावा स्लीपर श्रेणी के यात्रियों के लिए 40 किलो सामान निशुल्क ले जाने की अनुमति है और अधिकतम सीमा 80 किग्रा है।

    मंत्री द्वारा सदन को उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, ‘एसी थ्री टियर’ या ‘चेयर कार’ में यात्रा करने वाले यात्रियों को 40 किलोग्राम तक निशुल्क सामान ले जाने की अनुमति है, जो इसकी अधिकतम सीमा भी है। वहीं, प्रथम श्रेणी और ‘एसी टू टियर’ के यात्रियों को 50 किग्रा तक सामान निशुल्क ले जाने की अनुमति है, जिसकी अधिकतम सीमा 100 किग्रा है। एसी प्रथम श्रेणी के यात्री 70 किग्रा तक सामान निशुल्क ले जा सकते हैं, जबकि शुल्क देकर 150 किग्रा तक सामान ले जाया जा सकता है।

    ब्रेकवैन में बुक करके ले जाना होंगे ये सामान
    रेल मंत्री के अनुसार, 100 सेंटीमीटर लंबे, 60 सेमी चौड़े और 25 सेमी ऊंचाई तक के बाहरी माप वाले ट्रंक, सूटकेस और बक्से को व्यक्तिगत सामान के रूप में यात्री डिब्बों में ले जाने की अनुमति है। हालांकि ट्रंक, सूटकेस और बक्से, जिनका बाहरी माप किसी भी रूप में अधिक है, तो ऐसी वस्तुओं को यात्रियों के डिब्बों में नहीं, बल्कि ब्रेकवैन (एसएलआर)/पार्सल वैन में बुक करके ले जाना होगा। वहीं कमर्शियल सामानों को निजी सामान के रूप में डिब्बों में ले जाने की अनुमति नहीं है।

  • कोहरा, धुंध और जहरीली हवा की मार: IND vs SA चौथा T20I रद्द, BCCI की प्लानिंग पर उठे सवाल

    कोहरा, धुंध और जहरीली हवा की मार: IND vs SA चौथा T20I रद्द, BCCI की प्लानिंग पर उठे सवाल


    नई दिल्ली ।लखनऊ/भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बुधवार, 17 दिसंबर को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में होना था, लेकिन खराब मौसम और बेहद कम दृश्यता के कारण मैच को रद्द करना पड़ा। घने कोहरे, धुंध और खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके वायु प्रदूषण ने मैदान को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया था। कई बार निरीक्षण के बावजूद मैच शुरू नहीं हो सका, जिससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI की मैच शेड्यूलिंग नीति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    यह मुकाबला आधिकारिक तौर पर ‘अत्यधिक कोहरे’ के कारण रद्द किया गया, लेकिन वास्तविकता यह थी कि लखनऊ में प्रदूषण और स्मॉग की मोटी परत ने पूरे स्टेडियम को ढक लिया था। बुधवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स AQI 400 के पार पहुंच गया था, जो ‘गंभीर’ से भी ऊपर की खतरनाक श्रेणी में आता है। ऐसे हालात में खिलाड़ियों की सेहत और सुरक्षा को लेकर चिंताएं स्वाभाविक रूप से बढ़ गईं।मैच शाम सात बजे शुरू होना था, लेकिन टॉस तक नहीं हो पाया। अंपायरों ने कुल छह बार मैदान और परिस्थितियों का निरीक्षण किया। हर बार दृश्यता इतनी कम पाई गई कि खेल कराना संभव नहीं था। अंततः रात करीब साढ़े नौ बजे मैच को औपचारिक रूप से रद्द करने का फैसला लिया गया। तब तक यह लगभग तय हो चुका था कि जैसे-जैसे रात बढ़ेगी, कोहरा और घना होता जाएगा।

    खराब हवा का असर खिलाड़ियों पर भी साफ दिखा। भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को वार्मअप के दौरान सर्जिकल मास्क पहने देखा गया, जो इस बात का संकेत था कि प्रदूषण का स्तर कितना गंभीर था। खिलाड़ी शाम साढ़े सात बजे तक वार्मअप कर चुके थे और उसके बाद ड्रेसिंग रूम लौट गए। ठंड और धुंध के चलते दर्शकों की संख्या भी धीरे-धीरे कम होने लगी।निरीक्षण के दौरान बीसीसीआई के उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के वरिष्ठ अधिकारी राजीव शुक्ला भी मैदान पर मौजूद थे। उन्होंने मैच अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन उनकी निराशा उनके हाव-भाव से साफ झलक रही थी। मैदान और मौसम की हालत ऐसी थी कि किसी भी तरह का जोखिम लेना उचित नहीं माना गया।

    इस पूरी स्थिति ने बीसीसीआई की सर्दियों के दौरान उत्तर भारत में अंतरराष्ट्रीय मैच कराने की योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरी सीरीज के लिए जिन शहरों को आयोजन स्थल चुना गया था, उनमें लखनऊ, न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला जैसे स्थान शामिल थे। यह वे इलाके हैं जहां नवंबर-दिसंबर के महीनों में प्रदूषण और कोहरे की समस्या आम तौर पर सबसे ज्यादा रहती है।इससे पहले धर्मशाला में खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया था। उस मैच के बाद भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने भी स्वीकार किया था कि इतनी ठंड में खेलना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने इससे पहले कभी इतने ठंडे हालात में क्रिकेट नहीं खेला।

    अब सीरीज का आखिरी टी20 मुकाबला शुक्रवार को अहमदाबाद में खेला जाएगा। कोई रिजर्व डे नहीं होने के कारण लखनऊ वाला मैच दोबारा नहीं कराया जाएगा। फिलहाल भारत सीरीज में 2-1 से आगे है। माना जा रहा है कि बीसीसीआई आने वाली न्यूजीलैंड सीरीज के लिए आयोजन स्थलों में बदलाव पर दोबारा विचार कर सकता है, ताकि खिलाड़ियों को मौसम और प्रदूषण से होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की योजना बनाते समय मौसम और पर्यावरणीय हालात को प्राथमिकता दी जा रही है या नहीं।

  • MP: जबलपुर और कटनी में कई ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड…

    MP: जबलपुर और कटनी में कई ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड…


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh) के कटनी (Katni) में आय से अधिक संपत्ति के मामले में आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम ने बुधवार सुबह बड़ी छापामार कार्रवाई (Guerrilla Action) की। भोपाल,जबलपुर,कटनी के आयकर विभाग के अधिकारियों ने मारा छापा मारा है। लगभग 25 सदस्यों ने छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई में महिलाएं भी शामिल थीं। जबलपुर में सिविल लाइन स्थित खनन कारोबारी राजीव चड्ढा (Mining businessman Rajiv Chadha) और नितिन शर्मा के घर आयकर विभाग की टीम अचानक से पहुंची और सर्चिग शुरू कर दी।

    इसके साथ ही कटनी में जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता अशोक विश्वकर्मा (BJP leader Ashok Vishwakarma) तथा उनके तीन भाईयों के ठिकानों पर भी एक साथ छापे मारे गए। तीनों ही स्थानों पर इंदौर और भोपाल से आई आयकर विभाग की टीमें कार्रवाई कर रही हैं। जानकारी के अनुसार आय से अधिक संपत्ति टैक्स चोरी और अवैध लेनदेन की शिकायतें मिलने के बाद यह कार्यवाही हुई है। फिलहाल अभी टीम को क्या मिला है इसकी जानकारी सामने नही आई है,कार्रवाई पूरी होते ही आयकर टीम बताएगी।

    जबलपुर जिले में सिविल लाइन रसल चौक स्थित खनन कारोबारियों पर राजीव चड्ढा ओर नितिन शर्मा के घर आयकर की टीम ने छापा मारा है। चड्डा माइन्स के ऑफिस राजीव चड्ढा के बाद नितिन शर्मा के घर से भी टीम को कई दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि इस जांच में बड़ी टैक्स चोरी का खुलासा हो सकता है।

    आयकर विभाग की टीम ‘स्वच्छता जागरूकता अभियान 2025’ का पोस्टर लगी हुई कार से सिविल लाइन स्थित कारोबारी के घर पहुंची थी, कारोबारी के चौकीदार को पहले लगा कि नगर निगम की टीम किसी सर्वे के लिए आई है, लेकिन कुछ ही देर में स्पष्ट हो गया कि यह आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई के लिए आई है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति, टैक्स चोरी और अवैध लेन-देन से जुड़े मामलों को लेकर की जा रही है। सर्चिग के दौरान क्या-क्या सामने आता है, इसको लेकर फिलहाल आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    मिली जानकारी के अनुसार खनन कारोबारी राजीव चड्डा और उनके कुछ साथियों के खिलाफ आयकर विभाग को शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर जबलपुर, कटनी में एक साथ कार्रवाई की गई है। आयकर विभाग की टीमें फिलहाल कारोबारियों के घर और कार्यालयों में दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।

    कटनी जिले के जिला पंचायत उपाध्यक्ष और भाजपा के कद्दावर नेता अशोक विश्वकर्मा के भाई शंकर लाल विश्वकर्मा के यहां तड़के 4 बजे से आयकर विभाग की टीम ने अशोक विश्वकर्मा के निवास, फर्म और बॉक्साइट माइनिंग से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है। विश्वकर्मा माइनिंग कारोबारी हैं और उनकी फर्म वीएमसी विश्वकर्मा माइंस के नाम से संचालित है। विश्वकर्मा और उनके अन्य तीन भाइयों के जलपा वार्ड स्थित घर फर्म ग्राम टिकरिया और सिघनपुरी में खदान है। यह कार्यवाही भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में आयकर विभाग की ओर घर और ऑफिस में दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

  • MP: ग्वालियर में अपात्र लोगों को मिल रही पुलिस सुरक्षा… HC ने शासन को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

    MP: ग्वालियर में अपात्र लोगों को मिल रही पुलिस सुरक्षा… HC ने शासन को नोटिस जारी कर मांगा जवाब


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में अपात्र लोगों (Ineligible People) को दी जा रही पुलिस सुरक्षा (Police Protection) का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट (High Court) के संज्ञान में आया है। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि निजी व्यक्तियों को दी जाने वाली पुलिस सुरक्षा की समीक्षा के लिए पूर्व में कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके चलते कई अपात्र लोग आज भी पुलिस सुरक्षा में घूम रहे हैं, जबकि उनके साथ तैनात पुलिसकर्मियों के अनैतिक गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप भी सामने आए हैं।

    मामले को जनहित से जुड़ा मानते हुए हाईकोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी किया है और चार सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता नवल किशोर शर्मा की ओर से पैरवी कर रहे वकील डीपी सिंह ने बताया कि पुलिस बल की कमी के बावजूद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी निजी व्यक्तियों की सुरक्षा में लगाए गए हैं। इन पर लाखों रुपए का सरकारी खर्च हो रहा है, जबकि संबंधित व्यक्ति सुरक्षा के पात्र नहीं हैं।

    उन्होंने विनय सिंह को दी गई पुलिस सुरक्षा का उदाहरण देते हुए बताया कि सुरक्षा के दौरान ही उनके खिलाफ वसूली सहित पांच आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए, जो सुरक्षा के दुरुपयोग को दर्शाता है।

    हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के बाद सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी में सामने आया कि 19 व्यक्तियों की सुरक्षा में 33 पुलिसकर्मी तैनात थे, जिनमें से अधिकांश अपात्र पाए गए। इससे पहले भी हाईकोर्ट दिलीप शर्मा और संजय शर्मा को दी गई सुरक्षा के मामले में कड़ी टिप्पणी कर चुका है। कोर्ट ने दोनों भाइयों से सुरक्षा पर हुए खर्च की वसूली के आदेश दिए थे और स्पष्ट कहा था कि किसी तुच्छ या अपात्र व्यक्ति को पुलिस सुरक्षा नहीं दी जानी चाहिए।

    न्यायालय ने यह भी कहा था कि पुलिस सुरक्षा देने के लिए स्पष्ट और ठोस नियम बनाए जाने चाहिए। कोर्ट ने सुझाव दिया था कि यदि किसी परिवार के पास लाइसेंसी हथियार हैं और व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के कारण जान का खतरा है, तो ऐसे मामलों में निजी सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था की जा सकती है, जो पुलिसकर्मियों की तुलना में अधिक सजग और प्रभावी हो सकते हैं।

  • Ind vs SA: घने कोहरे और धुंध की भेंट चढ़ा चौथा T20I मैच, BCCI पर उठे गंभीर सवाल

    Ind vs SA: घने कोहरे और धुंध की भेंट चढ़ा चौथा T20I मैच, BCCI पर उठे गंभीर सवाल


    लखनऊ
    । टीम इंडिया और साउथ अफ्रीका (Team India vs South Africa) के बीच लखनऊ (Lucknow) में चौथा टी20 इंटरनेशनल मैच (Fourth T20 International match) बुधवार 17 दिसंबर को खेला जाना था, लेकिन मैच को खराब दृश्यता के कारण रद्द कर दिया गया। दरअसल, घने कोहरे और धुंध की एक परत ने इकाना स्टेडियम को घेर लिया, जिससे सर्दियों के महीनों में उत्तरी भारत में मुकाबले कराने के भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यक्रम पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    साउथ अफ्रीका के खिलाफ पूरी सीरीज के लिए नवंबर और दिसंबर के दौरान न्यू चंडीगढ़, धर्मशाला, लखनऊ, रांची, रायपुर, विशाखापत्तनम, कटक, अहमदाबाद, गुवाहाटी और कोलकाता को आयोजन स्थल के तौर पर चुना गया था। यह वह समय होता है जब लखनऊ, न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला जैसे मेजबान शहरों में प्रदूषण का स्तर आमतौर पर सबसे खराब होता है। इसके अलावा कोहरा होने के चांस भी ज्यादा होते हैं।

    चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय आधिकारिक तौर पर ‘अत्यधिक कोहरे’ के कारण बिना एक भी गेंद फेंके रद्द कर दिया गया, लेकिन सच्चाई यह थी कि प्रदूषण और कोहरे की एक मोटी चादर ने इकाना स्टेडियम को घेर लिया था, जिससे दृश्यता बहुत कम हो गई थी। बुधवार को लखनऊ में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 400 से ऊपर खतरनाक स्तर में रहा, जिससे खिलाड़ियों के कल्याण के प्रति बीसीसीआई की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को मैच से पहले भारतीय टीम के वार्मअप के दौरान प्रदूषण से बचने के लिए सर्जिकल मास्क पहने देखा गया। शाम सात बजे शुरू होने वाला मैच आखिरकार छठे निरीक्षण के बाद रात साढ़े नौ बजे रद्द कर दिया गया। हालांकि, यह एक औपचारिकता से ज्यादा कुछ नहीं था, क्योंकि वहां मौजूद सभी लोग जानते थे कि रात बढ़ने के साथ दृश्यता और खराब होती जाएगी।

    खिलाड़ियों ने शाम साढे़ सात बजे तक अपना वार्मअप सत्र खत्म कर दिया था और ड्रेसिंग रूम में लौट गए थे। ठंड का सामना करते हुए रात नौ बजे तक दर्शकों की भीड़ भी कम होने लगी थी। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के राजीव शुक्ला निरीक्षण के दौरान मैदान पर आए, लेकिन मैच अधिकारियों से बात करने के बाद उनकी भावभंगिमा से निराशा साफ झलक रही थी।


    आखिरी मैच अब अहमदाबाद में

    कोई रिजर्व दिन नहीं होने के कारण दोनों टीमें अब शुक्रवार को होने वाले अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय के लिए अहमदाबाद जाएंगी। भारत सीरीज में 2-1 से आगे है। बीसीसीआई आयोजन स्थलों का आवंटन करते समय रोटेशन नीति का पालन करता है, लेकिन बोर्ड 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज से पहले स्थल बदलने पर विचार कर सकता था।

    भारतीय टीम न्यूजीलैंड का सामना पश्चिमी और दक्षिणी भारत के स्थलों पर करेगी जो मैच वडोदरा, राजकोट, इंदौर, नागपुर, रायपुर, विशाखापत्तनम और तिरुवनंतपुरम में खेले जाएंगे। सिर्फ एक मैच पूर्वोत्तर शहर गुवाहाटी में होना है। नोर्थ क्षेत्र के अधिकतर आयोजन स्थल सर्दियों के महीनों में मौसम से प्रभावित होते रहे हैं। पिछले हफ्ते तीसरा टी20 इंटरनेशनल धर्मशाला में 10 डिग्री से कम तापमान में खेला गया था, जो बर्फ से ढकी धौलाधार रेंज की गोद में बसा है।

    मैच के बाद तमिलनाडु के रहने वाले भारत के रहस्मयी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने माना था कि हालात उनके लिए खास तौर पर मुश्किल थे। उन्होंने कहा था, ‘‘मैंने इतने ठंडे मैदान पर कभी नहीं खेला, इसलिए मुझे यह काफी मुश्किल लगा।’’ धर्मशाला में मैच के दिन एक्यूआई ‘खराब’ श्रेणी में था और न्यू चंडीगढ़ में दूसरे मैच दौरान ‘गंभीर’ श्रेणी में था।