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  • बांग्लादेशी नेता ने भारत के खिलाफ तीखा बयान दिया, पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर दी धमकी

    बांग्लादेशी नेता ने भारत के खिलाफ तीखा बयान दिया, पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर दी धमकी


    नई दिल्ली । बांग्लादेश में जैसे-जैसे आम चुनाव नजदीक आ रहे हैं वहीं राजनीतिक माहौल में भी गर्माहट बढ़ गई है। नेताओं ने भारत के खिलाफ आरोप लगाना शुरू कर दिया है। इस बीच नेशनल सिटिजन पार्टी के प्रमुख संयोजक हसनत अब्दुल्ला ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने बांग्लादेश के चुनावी प्रक्रिया में दखल दिया तो इसका असर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर पड़ेगा और वे एक-दूसरे से अलग-थलग हो जाएंगे।

    यह बयान पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को लेकर आया है जिन्हें “सेवल सिस्टर्स” के नाम से जाना जाता है। इनमें अरुणाचल प्रदेश असम मणिपुर मेघालय नगालैंड मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं। यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से संवेदनशील है और सिलीगुड़ी कॉरिडोर के जरिए मुख्य भूमि से जुड़ा हुआ है। हसनत का यह बयान एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है कि अगर बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में कोई हस्तक्षेप किया गया तो इससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।

    हसनत ने यह भी कहा कि बांग्लादेश की सरकार के खिलाफ विदेशी एजेंटों को समर्थन देने वालों को बांग्लादेश कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उनका आरोप था कि शेख हसीना और उनके समर्थक अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए भारत का समर्थन लेते हैं जिससे बांग्लादेश की संप्रभुता खतरे में पड़ सकती है।

    हसनत ने आगे कहा “यदि भारत ने उन ताकतों को शरण दी जो बांग्लादेश की स्वतंत्रता और संप्रभुता का उल्लंघन करती हैं तो इसका परिणाम गंभीर होगा और यह पूरे क्षेत्र में अशांति पैदा करेगा।” बांग्लादेश के इस वरिष्ठ नेता का मानना है कि भारत को अपनी नीतियों में बदलाव लाकर बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए वरना दोनों देशों के बीच रिश्ते और भी तनावपूर्ण हो सकते हैं।

    यह बयान बांग्लादेश में बढ़ते राजनीतिक तनाव और शेख हसीना सरकार के खिलाफ विरोध को भी दर्शाता है। हालांकि बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति में बदलाव के बावजूद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को सुधारने की आवश्यकता है ताकि दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण और सहयोगात्मक माहौल बना रहे।

  • सीमा हैदर का वायरल वीडियो: जान से खतरे का दावा, सरकार दे रही सुरक्षा, सोशल मीडिया पर बंटे रिएक्शन्स

    सीमा हैदर का वायरल वीडियो: जान से खतरे का दावा, सरकार दे रही सुरक्षा, सोशल मीडिया पर बंटे रिएक्शन्स


    नई दिल्ली
    /पाकिस्तान से भारत आकर सचिन मीणा से शादी करने वाली सीमा हैदर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह जान से मारने की धमकियों का आरोप लगा रही हैं। वीडियो में सीमा कहती हैं कि उन्हें और उनके बच्चों को लगातार खतरे की चेतावनी मिल रही है लेकिन सरकार और सुरक्षा की वजह से वह सुरक्षित हैं।

    इंस्टाग्राम पर @seema-sachin10 अकाउंट से साझा किए गए वीडियो में सीमा एक व्यक्ति के साथ बैठी दिखाई देती हैं। वह स्पष्ट करती हैं कि उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा सरकार के सहयोग से बनी हुई है। उन्होंने कहा, अगर आज मैं सुरक्षित हूं तो इसके पीछे सरकार की भूमिका अहम है। कुछ लोग हमें डराने की कोशिश करते हैं, लेकिन हम किसी दबाव में नहीं आएंगे।इस बयान ने सोशल मीडिया पर चर्चा को तेज कर दिया है।

    सीएम योगी की तारीफ में नहीं कंजूसी

    वीडियो में सीमा हैदर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी खुलकर तारीफ करती नजर आती हैं। वह कहती हैं कि उनके घर में योगी जी की कई तस्वीरें लगी हैं और वह उन्हें एक सच्चा, खरा और निर्भीक नेता मानती हैं। सीमा का यह भी कहना है कि योगी जी बिना किसी भेदभाव के सभी धर्मों के लोगों के लिए काम करते हैं और किसी से डरते नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।



    सोशल मीडिया पर मिली मिली प्रतिक्रियाएँ

    सीमा का यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स के अलग-अलग रिएक्शन देखने को मिले। कुछ लोगों ने सीमा और सचिन की जोड़ी की सराहना की और उनकी सुरक्षा के लिए सरकार की भूमिका की तारीफ की। वहीं, कई यूजर्स ने उनकी नागरिकता और पाकिस्तान से जुड़े अतीत पर सवाल उठाए। कुछ ने तंज कसा कि कानून बदलते ही उन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाएगा, जबकि कुछ ने आरोप लगाया कि सीमा सुरक्षा की बात आने पर बचने की कोशिश कर रही हैं।

    इस वायरल वीडियो ने सीमा हैदर को फिर विवादों के केंद्र में ला दिया है। उनके समर्थन और विरोध दोनों ही वर्ग सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। वीडियो ने राजनीतिक सामाजिक और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी बहस को भी गति दी है। विशेष रूप से, वीडियो ने यह संदेश दिया कि सीमा हैदर अपने परिवार की सुरक्षा और अपने अधिकारों के लिए सरकार पर भरोसा कर रही हैं जबकि सोशल मीडिया पर अलग-अलग दृष्टिकोण और प्रतिक्रिया सामने आई है।

  • शादी से 12 दिन पहले ग्वालियर के वकील ने फांसी लगाई; मां का दावा- SI प्रेमिका के कमरे में आरक्षक को आपत्तिजनक हालत में देखा था

    शादी से 12 दिन पहले ग्वालियर के वकील ने फांसी लगाई; मां का दावा- SI प्रेमिका के कमरे में आरक्षक को आपत्तिजनक हालत में देखा था


    ग्वालियर । यह सनसनीखेज मामला ग्वालियर के गोले का मंदिर थाना क्षेत्र के आदर्श पुरम इलाके का है। श्योपुर जिले के मूल निवासी वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ग्वालियर में किराए के मकान में रहते थे।
    मां का फोन नहीं उठाया फिर
    वकील मृत्युंजय ने रविवार रात अपनी मां शिव कुमारी चौहान का फोन अटेंड नहीं किया। चिंतित मां ने तुरंत ग्वालियर में मृत्युंजय के दोस्तों को इसकी जानकारी दी। सोमवार की सुबह जब दोस्त मृत्युंजय के किराए के घर पहुंचे तो उन्होंने उसे अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया। सूचना मिलते ही गोले का मंदिर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।

    शादी से पहले मिला धोखा

    मृत्युंजय की मां शिव कुमारी चौहान ने ग्वालियर पहुंचकर पुलिस को बताया कि उनका बेटा पिछले पांच साल से मुरैना में तैनात एक महिला SI के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था। यह संबंध काफी गंभीर था और दोनों ने इसी महीने की 30 दिसंबर को शादी करने की योजना बनाई थी। हर शनिवार को मृत्युंजय मुरैना में SI के क्वार्टर पर जाता था। मां ने खुलासा किया कि आत्महत्या से ठीक पहले मृत्युंजय ने उन्हें फोन किया और बताया कि उसके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है।

    आपत्तिजनक हालत में आरक्षक

    वकील की मां के बयान के अनुसार मृत्युंजय ने उन्हें बताया था कि शुक्रवार रात वह महिला SI को सरप्राइज देने के लिए अचानक मुरैना उसके क्वार्टर पहुंच गया। जब वह कमरे के अंदर गया तो वहां महिला SI के अलावा एक आरक्षक भी मौजूद था। मृत्युंजय ने देखा कि आरक्षक और महिला SI आपत्तिजनक हालत में थे और कमरे से शराब की बदबू भी आ रही थी। जब मृत्युंजय ने आरक्षक को फटकारा तो उनके बीच विवाद और मारपीट भी हुई। बाद में महिला SI ने आरक्षक को वहां से भगा दिया।

    डिप्रेशन में आकर की खुदकुशी

    इस घटना से मृत्युंजय गहरे सदमे और डिप्रेशन में आ गया था। मां ने फोन पर उसे काफी समझाने की कोशिश की लेकिन इस भावनात्मक आघात के कारण सोमवार सुबह उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने फिलहाल मृत्युंजय के कमरे की तलाशी ली है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वे मृतक के परिजनों के बयान मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य सभी तथ्यों के आधार पर इस संवेदनशील मामले की गहन विवेचना करेंगे।

  • लैंड पूलिंग का विरोध: BJP MLA अनिल जैन कालूहेड़ा ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा; CM मोहन यादव को पत्र

    लैंड पूलिंग का विरोध: BJP MLA अनिल जैन कालूहेड़ा ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा; CM मोहन यादव को पत्र


    उज्जैन।विधायक ने सरकार पर साधा निशाना उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र जिसका हिस्सा सिंहस्थ कुंभ क्षेत्र भी है के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने राज्य सरकार की लैंड पूलिंग योजना को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी ही पार्टी और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक आधिकारिक पत्र लिखा है।

    सीएम को लिखे पत्र की मुख्य बातें

    विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में एक पुरानी बैठक का हवाला दिया है। उन्होंने बताया कि17 नवंबर को भोपाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और किसान संघ के साथ आपकी सीएम की मौजूदगी में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि लैंड पूलिंग एक्ट वापस लिया जाएगा। इस निर्णय के बाद किसान संघ ने उज्जैन में एक उत्सव रैली भी की थी जिसमें विधायक कालूहेड़ा स्वयं शामिल हुए थे।

    किसानों के समर्थन में आंदोलन की चेतावनी

    विधायक ने आगे आरोप लगाया कि बाद में उन्हें प्रशासन प्रेस और किसान संघ से पता चला कि पूर्व में लिए गए निर्णय के विपरीत लैंड पूलिंग योजना यथावत है। इस कारण किसान संघ ने योजना के विरोध में 26 दिसंबर को आंदोलन करने का निर्णय लिया है। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री को स्पष्ट करते हुए कहा है मैं भी किसानों के सम्मान में इस आंदोलन में शामिल रहूंगा। आप से आग्रह है कि किसानों के हित में उचित निर्णय करें।

    अन्य प्रमुख माँगे

    लैंड पूलिंग योजना को वापस लेने के साथ ही विधायक कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री से कुछ अन्य महत्वपूर्ण माँगे भी की हैं आवासीय लाभ सिंहस्थ की जमीन पर जो लोग अब तक बस चुके हैं उन्हें आवासीय प्रयोजन का लाभ दिया जाए। जमीन मुक्त कराना उक्त जमीन को सिंहस्थ प्रयोजन से मुक्त कराया जाए। सड़क चौड़ीकरण पिपलिनाका क्षेत्र की 3 सड़कों के चौड़ीकरण की योजना पर पुन विचार किया जाए। विधायक कालूहेड़ा का यह कदम दर्शाता है कि वह लैंड पूलिंग के मुद्दे पर अपने क्षेत्र के किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं और अपनी ही सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने को भी तैयार हैं।

  • अवॉर्ड इवेंट में आलिया भट्ट और विक्की कौशल का खास पल, फैंस ने बेटे की झलक पर जताई खुशी

    अवॉर्ड इवेंट में आलिया भट्ट और विक्की कौशल का खास पल, फैंस ने बेटे की झलक पर जताई खुशी


    नई दिल्ली/ मुंबई  बॉलीवुड के चर्चित कपल आलिया भट्ट और विक्की कौशल की हालिया मुलाकात ने फैंस का उत्साह बढ़ा दिया है। मुंबई में आयोजित एक अवॉर्ड इवेंट में दोनों सितारे कैमरों के सामने हंसते-मुस्कुराते नजर आए। इस दौरान ऐसा अंदाज देखने को मिला कि शायद विक्की ने आलिया को अपने नवजात बेटे की पहली झलक दिखाई।

    तस्वीरों में देखा गया कि विक्की अपने फोन पर कुछ दिखाते हुए मुस्कुरा रहे थे जबकि आलिया हल्की शरम और मुस्कान के साथ अपनी खुशी छिपाने की कोशिश कर रही थीं। यह नजारा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फैंस ने इस पल को बहुत ही प्यारा और दिल को छू लेने वाला बताया। एक यूजर ने लिखा  शायद विक्की आलिया को बेबी कौशल की तस्वीरें दिखा रहे हैं। यह बहुत प्यारा है। वहीं दूसरे ने मजाकिया अंदाज में कहा यूनिवर्सल बेबी डैड रूल: हमेशा अपने को-वर्कर्स को अपने बच्चे की तस्वीरें दिखाओ। वास्तव में, आलिया और विक्की के बीच का यह छोटा सा पल फैंस के लिए खास बन गया। दोनों की मुस्कान और हंसी ने अवॉर्ड इवेंट की शोभा बढ़ा दी। फैंस अब सोशल मीडिया पर लगातार उनके इस प्यारे पल की चर्चा कर रहे हैं और बच्चे की झलक देखने के लिए उत्साहित हैं।

    विक्की और आलिया के परिवार में नई खुशियाँ

    कैटरीना कैफ और विक्की कौशल ने 9 दिसंबर 2021 को राजस्थान के सिक्स सेंसेस फोर्ट बरवाड़ा में शादी की थी। इस साल नवंबर में कपल के घर एक बेटे का जन्म हुआ। दोनों ने सोशल मीडिया पर खुशी जताते हुए लिखा, हमारा खुशी का बंडल आ गया है। अपार प्यार और आभार के साथ, हम अपने बेटे का स्वागत करते हैं। इस नए सदस्य के आने से परिवार में नई खुशियाँ और उत्साह बढ़ गया है।

    वर्क फ्रंट और आने वाली फिल्में

    वर्क फ्रंट की बात करें तो आलिया भट्ट और विक्की कौशल फिर से साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। दोनों संजय लीला भंसाली की फिल्म लव एंड वॉर में रणबीर कपूर के साथ नजर आएंगे। फिल्म की शूटिंग जारी है और यह 2026 में रिलीज होने की उम्मीद है। फैंस दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री और नवजात बच्चे की झलक को लेकर बेहद उत्साहित हैं। इस अवॉर्ड इवेंट की मुलाकात ने फैंस के बीच कपल के निजी जीवन और वर्क फ्रंट दोनों को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। उनके प्यारे रिएक्शन और मुस्कानों ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियाँ बटोरी हैं। फैंस अब बेसब्री से उनकी अगली फिल्म और परिवार में नए सदस्य के साथ बिताए गए पलों की झलक देखने का इंतजार कर रहे हैं।

  • टेस्‍ट खबर – Embed Code

    टेस्‍ट खबर – Embed Code

    श्रमवीरों की मेहनत से ही विकास की मजबूत नींव रखी जाती है। उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार ने ‘श्रमणा’ पहल शुरू की है और नए श्रम कानूनों को प्राथमिकता से लागू किया जा रहा है। आज मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत 7,227 श्रमिक भाई-बहनों के खातों में ₹160 करोड़ की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की।
    यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का धन्यवाद, जिन्होंने श्रमिकों के लिए ₹5 लाख तक आयुष्मान बीमा को इस योजना में जोड़ा है। गर्भवती बहनों को काम पर न जाना पड़े, इसके लिए ₹16,000 की आर्थिक राशि देने का भी प्लान है।

  • MP पुलिस को बड़ी सफलता बालाघाट के जंगल से नक्सलियों का ₹11.57 लाख का 'खजाना' और भारी हथियार बरामद

    MP पुलिस को बड़ी सफलता बालाघाट के जंगल से नक्सलियों का ₹11.57 लाख का 'खजाना' और भारी हथियार बरामद


    बालाघाट । मध्य प्रदेश पुलिस को यह बड़ी सफलता आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली गोपनीय जानकारियों के आधार पर प्राप्त हुई है। बालाघाट पुलिस ने एक प्रेस नोट में बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों से उनके सहयोगियों और जंगल में छिपाए गए डंप गुप्त ठिकाने के संबंध में लगातार पूछताछ की जा रही थी इसी पूछताछ के आधार पर बालाघाट के विभिन्न जंगलों में छिपाकर रखे गए ₹11 57 385/- ग्यारह लाख सत्तावन हजार तीन सौ पचासी रुपये नगद की बरामदगी की गई। पुलिस के अनुसार यह बालाघाट क्षेत्र में नक्सलियों से की गई अब तक की सबसे बड़ी कैश रिकवरी है।
    भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जब्त
    नगदी के अलावा आत्मसमर्पण किए हुए नक्सलियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल के डंप से भारी मात्रा में युद्ध सामग्री भी जब्त की है। बरामदगी में निम्नलिखित प्रमुख सामग्रियां शामिल हैं
    श्रेणीबरामदगी की संख्या/मात्राराइफल4 सेमी-ऑटोमैटिक राइफल 1 बोल्ट एक्शन राइफल 8 पम्प एक्शन सिंगल शॉट राइफलविशेष हथियार1 ग्रेनेड लॉन्चर1 हैंड मेड देशी कट्टागोला-बारूद451 राउंड कारतूस 26 मैगजीनविस्फोटक/IED16 किलो विस्फोटक सामग्री 5 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर 500 ग्राम बारूद 1 क्लेमोर माइन्स पाइपइलेक्ट्रॉनिक सामान4 मोटोरोला मैन पैक सेट 1 कैमरा 1 वोल्ट मीटर 4 बैटरी सेल अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसअन्य सामग्री22 नग मेटल स्पाइक्स 2 किलो बोल्ट व छर्रे इसके अतिरिक्त पुलिस को नक्सल वर्दी पिड्डु बैग टेंट बनाने का सामान राशन सामग्री हथियार मेंटेनेंस सामग्री ड्रिल मशीन और महत्वपूर्ण नक्सल साहित्य भी प्राप्त हुआ है।

    नक्सल विरोधी अभियान को मिली गति

    यह सफलता ऐसे समय में मिली है जब मध्य प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान निर्णायक दौर में है। हाल ही में मुठभेड़ में मारे जाने के डर से मध्य प्रदेश में बचे हुए अंतिम 2 नक्सलियों पक उर्फ सुधाकर और ACM रोहित उर्फ मंगलू ने 11 दिसंबर को शासन की नीतियों पर विश्वास जताते हुए आत्मसमर्पण किया था। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में इस साल अब तक सबसे ज्यादा 13 हार्डकोर सशस्त्र वर्दीधारी नक्सलियों ने संविधान के प्रति निष्ठा जताते हुए आत्मसमर्पण किया है। वहीं सुरक्षाबलों द्वारा 10 हार्डकोर नक्सलियों को धराशायी भी किया गया है। बालाघाट पुलिस की यह कार्रवाई राज्य में नक्सलवाद की कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

  • दिल दहला देने वाला अपराध उज्जैन में 9 साल की मासूम से रेप की कोशिश  बर्बर पिटाई के बाद मौत  पड़ोसी गिरफ्तार

    दिल दहला देने वाला अपराध उज्जैन में 9 साल की मासूम से रेप की कोशिश बर्बर पिटाई के बाद मौत पड़ोसी गिरफ्तार


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जहां एक 9 साल की मासूम बच्ची को पड़ोसी की हैवानियत का शिकार होना पड़ा। उज्जैन जिले के खाचरोद तहसील के एक गांव में रविवार को यह जघन्य अपराध हुआ।

    छुट्टी पर नानी के घर आई थी बच्ची

    प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल की छुट्टी होने के कारण पीड़ित बच्ची अपनी दो बड़ी बहनों के साथ अपनी नानी के घर आई हुई थी। रविवार के दिन नानी और बड़ी बहनें छत पर बैठी थीं जबकि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो नानी ने उसकी बहन को उसे देखने भेजा लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद परिवार के लोग बच्ची को खोजने लगे।

    पड़ोसी ने रची झूठ की कहानी

    इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला रियाज खान नामक युवक अपने घर से बच्ची को बेहोशी की हालत में उठाकर लाया। उसने परिवार वालों को गुमराह करने की कोशिश करते हुए यह झूठी कहानी सुनाई कि बच्ची छत से गिर गई है। लेकिन जब परिवार ने बच्ची को देखा तो वे हतप्रभ रह गए। बच्ची का चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था और उसके सिर नाक व आंख पर गहरी चोटें थीं जिनसे खून बह रहा था। परिवार तुरंत बच्ची को खाचरोद अस्पताल ले गया जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रतलाम रेफर कर दिया। रतलाम के अस्पताल में सोमवार को इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।

    चिल्लाने पर बोरी में भरकर पीटा

    पुलिस द्वारा की गई जांच में आरोपी रियाज खान के अपराध की पूरी क्रूरता सामने आई। खाचरोद एसडीओपी आकांक्षा बिछोटे ने बताया कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी तभी पड़ोसी रियाज उसे बहला-फुसलाकर अपने घर में ले गया। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की।

    जब बच्ची चीखने-चिल्लाने लगी और हाथ-पैर पटकने लगी तो गुस्से में आकर आरोपी ने उसे धक्का दे दिया जिससे वह जमीन पर गिरकर बेसुध हो गई। इसके बाद आरोपी की हैवानियत यहीं नहीं रुकी। उसने बच्ची को एक बोरी में बंद कर दिया और मोगरी से लगातार वार किए। आरोपी ने बच्ची को मरा समझकर उसे वहीं छोड़ दिया और घर से बाहर निकल गया।कुछ देर बाद जब वह लौटा तो उसने देखा कि बच्ची की सांसें चल रही हैं। इसके बाद उसने अपनी गलती छिपाने के लिए बच्ची को उसकी नानी के पास ले जाकर छत से गिरने का मनगढ़ंत किस्सा सुनाया।

    पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी

    डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि बच्ची को लगी चोटें छत से गिरने से नहीं हुई हैं बल्कि किसी भारी वस्तु से पीटने के कारण लगी हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को रियाज खान के घर भेजकर सबूत जुटाए। सबूतों और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने रियाज को संदिग्ध मानकर उससे पूछताछ शुरू की।
    पुलिस की सख्ती पर आरोपी टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी रियाज ने स्वीकार किया कि घर में कोई नहीं थाऔर बच्ची को अकेला पाकर उसने गलत काम करने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर उसने उसे धक्का दिया और बाद में बोरी में भरकर मोगरी से पीटा। पुलिस ने आरोपी रियाज खान को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है और लोग आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

  • सर्दियों में दिल्ली का अलग ही रंग! घूमने के लिए ये हैं राजधानी की टॉप 5 जगहें, एक भी मिस मत करना

    सर्दियों में दिल्ली का अलग ही रंग! घूमने के लिए ये हैं राजधानी की टॉप 5 जगहें, एक भी मिस मत करना


    नई दिल्ली /देश की राजधानी दिल्ली सर्दियों के मौसम में एक अलग ही अंदाज़ में नजर आती है। ठंडी हवाएं, हल्की धूप और अपेक्षाकृत साफ माहौल दिल्ली को घूमने के लिए सबसे बेहतरीन बना देते हैं। दिसंबर से फरवरी के बीच न सिर्फ स्थानीय लोग बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी राजधानी की खूबसूरती का आनंद लेने पहुंचते हैं। इस मौसम में दिल्ली के पार्क, ऐतिहासिक स्थल और बाजार खास रौनक से भर जाते हैं। अगर आप भी सर्दियों में दिल्ली घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ये पांच जगहें आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल होनी चाहिए।

    1. लोधी गार्डन – सुकून और हरियाली का ठिकाना

    सर्दियों में लोधी गार्डन दिल्लीवालों की पहली पसंद बन जाता है। यहां ठंडी हवा के बीच धूप में नहाते हरे-भरे पेड़, रंग-बिरंगे फूल और ऐतिहासिक मकबरे मन को सुकून देते हैं। सुबह की वॉक, योग या जॉगिंग के लिए यह जगह आदर्श है। वहीं, दिन चढ़ने के साथ परिवार और दोस्त पिकनिक मनाते नजर आते हैं। अगर आप शांति से बैठकर किताब पढ़ना चाहते हैं या प्रकृति के बीच वक्त बिताना चाहते हैं, तो लोधी गार्डन सर्दियों में सबसे बेहतर विकल्प है।

    2. इंडिया गेट – सर्द शामों का खास आकर्षण
    दिल्ली की पहचान माने जाने वाले इंडिया गेट की रौनक सर्दियों में और बढ़ जाती है। ठंडी शामों में यहां टहलना अपने आप में एक खास अनुभव होता है। आसपास हरी-भरी लॉन, बच्चों की चहल-पहल और स्ट्रीट फूड का मजा लोगों को खूब भाता है। फैमिली पिकनिक हो या दोस्तों के साथ समय बिताना, इंडिया गेट सर्दियों में हर किसी को अपनी ओर खींचता है।

    3. हौज खास विलेज – इतिहास और मॉडर्न लाइफ का मेल

    अगर आप इतिहास के साथ-साथ कैफे कल्चर और आर्ट स्पेस का आनंद लेना चाहते हैं, तो हौज खास विलेज सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन जगह है। यहां स्थित ऐतिहासिक किला और झील ठंड के मौसम में बेहद खूबसूरत नजर आते हैं। झील के किनारे बैठकर धूप सेंकना और आसपास के कैफे में गर्म कॉफी या चाय का आनंद लेना सर्दियों का मजा दोगुना कर देता है। यह जगह युवाओं और कपल्स के बीच खासा लोकप्रिय है।

    4. सुंदर नर्सरी – शहर की भागदौड़ से राहत

    पिछले कुछ सालों में सुंदर नर्सरी दिल्ली के सबसे पसंदीदा पिकनिक स्पॉट्स में शामिल हो चुकी है। सर्दियों में यहां खिलते फूल, साफ-सुथरे रास्ते और शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यह जगह परिवार, कपल्स और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां कुछ घंटे बिताकर आप शहर की भीड़-भाड़ से दूर सुकून महसूस कर सकते हैं।

    5. चांदनी चौक -स्वाद और संस्कृति का संगम

    दिल्ली की सर्दियां चांदनी चौक के बिना अधूरी मानी जाती हैं। यहां के गर्म पराठे, कचौड़ी, जलेबी और कुल्हड़ वाली चाय ठंड के मौसम का मजा दोगुना कर देते हैं। इसके अलावा, संकरी गलियों में घूमते हुए दिल्ली की पुरानी संस्कृति और इतिहास को करीब से देखने का मौका मिलता है। सर्दियों में यहां शॉपिंग करना भी खास अनुभव बन जाता है।सर्दियों में दिल्ली घूमना सिर्फ ट्रैवल नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव होता है। अगर आप इस मौसम में राजधानी आ रहे हैं, तो इन टॉप 5 जगहों को जरूर एक्सप्लोर करें और दिल्ली की सर्दियों का असली मजा लें।

  • BMC चुनाव 2025: सीट बंटवारे पर आमने-सामने शिंदे गुट और BJP, आज की बैठक में तय होगी रणनीति

    BMC चुनाव 2025: सीट बंटवारे पर आमने-सामने शिंदे गुट और BJP, आज की बैठक में तय होगी रणनीति


    मुंबई /महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों का ऐलान होते ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। खासतौर पर मुंबई महानगरपालिका BMC चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक दल पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। देश की सबसे अमीर नगर निगम मानी जाने वाली बीएमसी पर कब्जे की जंग इस बार और भी दिलचस्प होने वाली है। इसी कड़ी में आज शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट और भारतीय जनता पार्टी BJP के बीच सीट बंटवारे को लेकर पहली औपचारिक बैठक होने जा रही है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।मुंबई में होने वाली यह बैठक इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि यह तय करेगी कि महायुति के सहयोगी दल चुनावी मैदान में किस रणनीति के साथ उतरेंगे। बैठक में उप मुख्यमंत्री शिवसेना शिंदे गुट की ओर से मंत्री उदय सामंत, पूर्व सांसद राहुल शेवाळे और राज्यमंत्री योगेश कदम शामिल होंगे। वहीं बीजेपी की तरफ से मंत्री आशिष शेलार, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम, विधायक प्रविण दरेकर और अतुल भातखळकर बैठक में मौजूद रहेंगे।

    सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना शिंदे गुट इस बातचीत की शुरुआत 50-50 सीट बंटवारे के फार्मूले के साथ करेगी। पार्टी का तर्क है कि 2012 और 2017 के बीएमसी चुनावों को मिलाकर शिवसेना के कुल 125 पार्षद रह चुके हैं, जबकि बीजेपी ने 2017 के चुनाव में अपने दम पर 82 सीटें जीती थीं। दूसरी ओर बीजेपी इस बार और आक्रामक रुख में है और उसने 100 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है। यही वजह है कि दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर कड़ा मंथन तय माना जा रहा है। इस सियासी समीकरण के बीच यह भी साफ हो गया है कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का गठबंधन आगामी चुनावों में एकजुट रहेगा, जिससे मुकाबला और ज्यादा त्रिकोणीय और रोचक बन सकता है।

    ठाणे में भी चुनावी हलचल तेज
    मुंबई के साथ-साथ ठाणे महानगरपालिका चुनाव को लेकर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आज ठाणे में पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में सभी पुराने हेड्स, डिपार्टमेंट हेड्स, ब्रांच हेड्स, विधायक, सांसद और पूर्व कॉर्पोरेटर्स शामिल होंगे। इस बैठक को ठाणे चुनाव के लिए शुरुआती रोडमैप माना जा रहा है। यहां सीट बंटवारे, प्रचार रणनीति, बड़ी जनसभाओं और इच्छुक उम्मीदवारों को लेकर अहम दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। चूंकि ठाणे में भी बीजेपी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा जाना है, इसलिए दोनों दलों के बीच तालमेल और रणनीति पर विशेष जोर रहेगा। यह बैठक आज शाम ठाणे के टिप टॉप प्लाजा में आयोजित की गई है।

    कांग्रेस और अन्य दल भी सक्रिय
    महायुति की बैठकों के बाद अब कांग्रेस ने भी महानगरपालिका चुनावों को लेकर कमर कस ली है। नगर निगम क्षेत्रों के जिला कांग्रेस अध्यक्षों और विधानसभा प्रभारियों की बैठक आज 16 दिसंबर को दोपहर 1 बजे प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

    वहीं बीजेपी ने भी बीएमसी चुनाव के लिए अपने घटक दलों के साथ बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। पार्टी आज आरपीआई आठवले गुट और शिवसेना के साथ अलग-अलग बैठकें करेगी। ये सभी बैठकें दादर स्थित वसंत स्मृति कार्यालय में होंगी, जहां से महायुति की चुनावी दिशा और दशा तय होने की उम्मीद है।कुल मिलाकर, बीएमसी और ठाणे चुनावों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल अपने चरम पर है। आज होने वाली बैठकें यह तय करेंगी कि आने वाले दिनों में सियासी समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।