ठगी का तरीका और विदेशी कनेक्शन
नकली निवेश और पोंजी स्कीम मल्टी लेवल मार्केटिंग और पोंजी योजनाओं के झूठे वादे देकर लोगों से बड़ी पूंजी निवेश करवाना।
फर्जी कंपनियों का जाल

ठगी का तरीका और विदेशी कनेक्शन
फर्जी कंपनियों का जाल

सरफराज की यह परफॉर्मेंस आईपीएल मिनी ऑक्शन में उनकी संभावनाओं को और मजबूत करती है। पिछली बार आईपीएल ऑक्शन में अनसोल्ड रहने के बावजूद उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाए और अब फ्रेंचाइजीज को एक मजबूत संदेश दे दिया है। उनकी बेस प्राइस 75 लाख रुपये है और हाल की ताबड़तोड़ पारियों के चलते उम्मीद जताई जा रही है कि उन्हें कई खरीदार मिल सकते हैं।
इससे पहले, 2 दिसंबर 2025 को असम के खिलाफ भी सरफराज ने 47 गेंदों में नाबाद 100 रन की पारी खेली थी, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे। यह लगातार प्रदर्शन उनके आईपीएल में एक भरोसेमंद फिनिशर और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में छवि को और मजबूत करता है।
सरफराज के आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक 50 मैच खेले हैं और 130 की स्ट्राइक रेट से 585 रन बनाए हैं। उनका अनुभव और हाल की शानदार फार्म फ्रेंचाइजीज के लिए उन्हें एक आकर्षक विकल्प बनाती है। आगामी मिनी ऑक्शन में यह देखना रोचक होगा कि कौन सी टीम इस धमाकेदार खिलाड़ी को अपनी टीम में शामिल करती है।

513 नए 4G मोबाइल टावरों को मंजूरी
केंद्र सरकार ने डिजिटल भारत निधि (Digital Bharat Nidhi) के तहत अबूझमाड़ क्षेत्र में बीएसएनएल के माध्यम से 513 नए 4G मोबाइल टावर लगाने की स्वीकृति दी है। इस फैसले से न केवल संचार व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि यह माओवादी प्रभावित इलाकों में विकास की नई इबारत भी लिखेगा। राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा और विकास—दोनों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
सुरक्षा बलों को मिलेगी तकनीकी बढ़त
अबूझमाड़ और आसपास के इलाकों में पहले से स्थापित 728 मोबाइल टावर बीते कुछ वर्षों में सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी ताकत साबित हुए हैं। मोबाइल नेटवर्क के विस्तार से सुरक्षा बलों को रियल टाइम कम्युनिकेशन, लोकेशन ट्रैकिंग और इंटेलिजेंस इनपुट साझा करने में मदद मिली है।अधिकारियों का कहना है कि अगस्त 2025 में रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद पड़ोसी राज्यों के साथ रियल टाइम सूचना साझा करने की प्रणाली लागू की गई थी। इसके बाद से माओवादियों की गतिविधियों पर नजर रखना और भी आसान हो गया है।
माओवादियों पर कसा शिकंजा
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, माओवादी आमतौर पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचते हैं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि डिजिटल फुटप्रिंट के जरिए उनकी लोकेशन ट्रैक की जा सकती है। इसके बावजूद, नेटवर्क विस्तार के बाद किसी भी असामान्य सिग्नल पैटर्न या संदिग्ध गतिविधि को समय रहते पकड़ा जा रहा है।इससे माओवादी संगठनों की मूवमेंट की जानकारी पहले ही मिल जाती है और सुरक्षा बल उन्हें अपने रडार पर बनाए रखने में सफल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 513 मोबाइल टावरों को मिली मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला छत्तीसगढ़ को डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और समावेशी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
दुर्गम इलाकों में भी बजेगी मोबाइल की घंटी
इन नए 4G मोबाइल टावरों की स्थापना से अबूझमाड़ जैसे सुदूर और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों को पहली बार भरोसेमंद मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं मिल सकेंगी। इससे-ऑनलाइन शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी टेलीमेडिसिन और स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर मिलेंगे आपातकालीन संचार व्यवस्था मजबूत होगी विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजिटल विस्तार वित्तीय समावेशन को भी गति देगा।
बैंकिंग और सरकारी सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
मजबूत मोबाइल नेटवर्क के चलते ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में-बैंकिंग सेवाएं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) UPI और डिजिटल पेमेंट बीमा और पेंशन योजनाएं आम लोगों तक आसानी से पहुंच सकेंगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा और विकास की संयुक्त रणनीति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को साथ-साथ आगे बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है। सरकार गठन के बाद अब तक-
69 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए इनके आसपास के 403 गांवों में 9 विभागों की 18 सामुदायिक सेवाएं 11 विभागों की 25 व्यक्तिमूलक योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं यह पहली बार है जब इन दुर्गम इलाकों में सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित हुई है।
साझा प्रयासों का प्रतिफल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मोबाइल टावरों की स्वीकृति माओवादी हिंसा उन्मूलन और क्षेत्रीय विकास के साझा प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में स्थायित्व स्थापित हुआ है, वहां अब डिजिटल कनेक्टिविटी और विकास को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।

जायसवाल की तूफानी पारी के दम पर मुंबई टीम ने 235 रन के विशाल लक्ष्य को 4 विकेट से 15 गेंद पहले ही पूरा कर लिया। उनकी बल्लेबाजी ने टीम को जीत दिलाने के साथ-साथ भारतीय टी20 टीम में जगह के लिए मजबूत दावा भी पेश किया।
पारी की शुरुआत करने उतरे यशस्वी जायसवाल और सरफराज खान ने केवल 37 गेंद में 88 रन की साझेदारी कर मुकाबले का पासा पलट दिया। सरफराज ने 25 गेंद में 64 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल थे।
जायसवाल के शतक ने भारतीय टी20 टीम के कप्तान शुभमन गिल के लिए चिंता बढ़ा दी है। गिल पिछले 15 टी20 मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं। यदि जायसवाल का यह प्रदर्शन जारी रहा, तो गिल को ओपनिंग में अपनी जगह गंवानी पड़ सकती है। वहीं, गिल को ऋषभ सैमसन से भी खतरा है, जो अपने प्रदर्शन के दम पर प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने की स्थिति में हैं।

फुकेत में कम लागत वाली हाई-एनर्जी बीच पार्टियों से लेकर एक्सक्लूसिव यॉट डिनर और लग्जरी गाला डिनर तक कई शानदार अनुभव आपका इंतजार कर रहे हैं। यहां हम आपको 31 दिसंबर 2025 को होने वाली प्रमुख न्यू ईयर पार्टियों और उनके अनुमानित खर्च की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। ध्यान दें: नीचे बताई गई सभी कीमतें फ्लाइट टिकट के खर्च के अलावा हैं।
₹42000 से ₹60000 तक: प्रीमियम और एक्सक्लूसिव विकल्प
विशेषता: रूफटॉप और सनसेट व्यू के प्रेमियों के लिए यह एक शानदार ऑप्शन है। यहां 360 डिग्री पैनोरमिक व्यू मिलता है जिसमें सनसेट कॉकटेल्स और न्यू ईयर काउंटडाउन के दौरान शानदार फायरवर्क्स देखने का मौका मिलता है। यह विशेष रूप से कपल्स और छोटे एक्सक्लूसिव ग्रुप्स के बीच पसंद की जाती है और इंस्टाग्राम फ्रेंडली लोकेशन के रूप में मशहूर है।
क्यों फुकेत है सर्वश्रेष्ठ विकल्प?
फुकेत न केवल पार्टी और जश्न का केंद्र है बल्कि यहां की शानदार समुद्री गुफाएं बौद्ध मंदिर और थाई कल्चर भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। भारतीय मुद्रा के मुकाबले थाई बहत की विनिमय दर भी यात्रा को अपेक्षाकृत किफायती बनाती है। कम पैसे में शानदार विदेशी सैर और न्यू ईयर सेलिब्रेशन का यह संयोजन फुकेत को 2026 की शुरुआत के लिए सबसे शानदार और स्मार्ट ट्रैवल डेस्टिनेशन बनाता है।

मेष राशि
करियर: रुके हुए काम पूरे होंगे, प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
आर्थिक स्थिति: निवेश से लाभ, धन लाभ के योग।
रिश्ते: परिवार और जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम, ऊर्जा बढ़ेगी।
उपाय: मंगलवार को हनुमान चालीसा।
कर्क राशि
करियर: कार्यक्षेत्र में सहयोग, नए अवसर।
आर्थिक स्थिति: खर्चों में कमी, पुराने निवेश से लाभ।
रिश्ते: परिवार में सामंजस्य, प्रेम संबंध मजबूत।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति बढ़ेगी।
उपाय: चावल और दूध का दान।
कन्या राशि
करियर: नौकरी में तरक्की, व्यापार में लाभ।
आर्थिक स्थिति: अचानक धन लाभ, नए स्रोत से आय।
रिश्ते: परिवार में सामंजस्य, शुभ समाचार।
स्वास्थ्य: सेहत में सुधार।
उपाय: बुधवार को गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएँ।
धनु राशि
करियर: रुके हुए काम पूरे, पदोन्नति, विदेश यात्रा का अवसर।
आर्थिक स्थिति: व्यापार में मुनाफा, पुराने निवेश से लाभ।
रिश्ते: परिवार में खुशी, जीवनसाथी के साथ मधुर संबंध।
स्वास्थ्य: ऊर्जा बढ़ेगी, पुरानी बीमारियों में राहत।
उपाय: केले के पेड़ की पूजा।
कुंभ राशि
करियर: प्रतिभा की सराहना, नई जिम्मेदारी।
आर्थिक स्थिति: बड़े सौदे से लाभ।
रिश्ते: परिवार में शांति और प्रेम।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम, सेहत में सुधार।
उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएँ।
मीन राशि
करियर: काम में एकाग्रता, नए अवसर।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ, खर्चों में कमी।
रिश्ते: परिवार में शांति, प्रेम संबंध स्थिर।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति बढ़ेगी।
उपाय: तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएँ।
इस दुर्लभ राज योग के दौरान सकारात्मक सोच और सही प्रयास से भाग्य और सफलता के नए द्वार खुल सकते हैं।
नोट: यह लेख सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली अनुसार परिणाम भिन्न हो सकते हैं। बड़े निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

बेंगलुरू के स्पर्श हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी विभाग के HOD डॉ. शिवराज अज्जी करियप्पाला लक्ष्मण ने इस आदत के गंभीर वैज्ञानिक और स्वास्थ्य जोखिमों पर प्रकाश डाला है।डॉक्टर के मुताबिक मुँह ढककर सोने से कंबल के अंदर ताजी हवा का फ्लो काफी कम हो जाता है जिससे हम अपनी ही छोड़ी हुई हवा जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड अधिक होती है को दोबारा भीतर लेते हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर 15 से 20% तक घट सकता है। नतीजतन फेफड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन ग्रहण करने के लिए ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है जिससे नींद बार-बार टूटती है। लंबे समय तक ऐसा करने से सुबह उठकर भारीपन थकान लगातार सिरदर्द और सांस संबंधी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं।
मुँह ढककर सोना क्यों है रिस्की 11 हेल्थ रिस्क
ऑक्सीजन की कमी हाइपोक्सिया कंबल के भीतर CO2 का स्तर बढ़ता है और ऑक्सीजन घटती है जिससे दम घुटने जैसा एहसास होता है।
किन लोगों के लिए यह आदत जानलेवा हो सकती है
डॉक्टर शिवराज अज्जी करियप्पाला लक्ष्मण स्पष्ट करते हैं कि कुछ लोगों के लिए मुँह ढककर सोना अत्यंत गंभीर और जानलेवा स्थिति उत्पन्न कर सकता हैअस्थमा और स्लीप एप्निया के मरीज़ इन स्थितियों में पहले से ही सांस लेने में दिक्कत होती है। मुँह ढकने से हवा का फ्लो और कम हो जाता है जिससे सांस रुकने जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है। शिशु और छोटे बच्चे बच्चों खासकर शिशुओं के लिए यह आदत जानलेवा है। इसे सडेन इन्फेंट डेथ सिन्ड्रोम का एक बड़ा कारण माना जाता है। कंबल या रजाई गलती से पूरी तरह चेहरे पर आने से शिशु का दम घुट सकता है।
मुँह ढककर सोने की आदत कैसे छुड़ाएं
अगर आपको यह आदत है तो इसे धीरे-धीरे छोड़ना बेहतर है। धीरे आदत बदलें एकदम से चेहरा खुला न रखें। शुरुआत में कंबल में थोड़ा गैप या एयर-टनल बनाए रखें। कुछ दिनों में धीरे-धीरे कंबल को नीचे लाकर पहले नाक-मुँह और फिर पूरे चेहरे को एक्सपोज करने की आदत डालें। सचेत पोजिशनिंग: सोने से पहले कंबल को कंधों के नीचे सेट करें ताकि नींद में भी वह चेहरे तक न आए।तापमान नियंत्रित रखें कमरे का तापमान इतना आरामदायक रखें कि आपको अत्यधिक ठंड महसूस न हो और चेहरा ढकने की ज़रूरत ही न पड़े। वज़नदार कंबल का प्रयोग: कई लोग सुरक्षित एहसास के लिए मुँह ढकते हैं। इसकी जगह वेटेड ब्लैंकेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह बिना मुँह ढके वही शांति और सुरक्षित होने का एहसास देता है।

दुनिया के कई देशों में इस मॉडल पर प्रयोग हो रहे हैं। जापान, स्पेन और जर्मनी जैसे देशों में कई कंपनियां 4-Day वर्क वीक को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू कर चुकी हैं। इसी बीच भारत में नए लेबर कानूनों के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या यहां भी 4-Day वर्क वीक को कानूनी मंजूरी मिल सकती है।
श्रम मंत्रालय ने क्या कहा?
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 12 दिसंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय के अनुसार, नए लेबर कोड्स के तहत किसी भी कर्मचारी से हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकता। हालांकि कंपनियों को यह विकल्प दिया गया है कि वे कर्मचारियों से दिन में 12 घंटे तक काम करवा सकती हैं। ऐसे में यदि कोई कंपनी 12 घंटे की शिफ्ट अपनाती है, तो कर्मचारी हफ्ते में चार दिन काम कर तीन दिन की पेड छुट्टी ले सकता है।
मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि 12 घंटे की शिफ्ट का मतलब लगातार 12 घंटे काम नहीं है। इसमें ब्रेक और स्प्रेड-ओवर टाइम भी शामिल रहेगा। अगर किसी कर्मचारी से तय सीमा से अधिक काम कराया जाता है, तो ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान करना अनिवार्य होगा।
नए लेबर कोड्स क्या कहते हैं?
सरकार ने देश के 29 पुराने श्रम कानूनों को हटाकर चार नए लेबर कोड लागू किए हैं—
वेज कोड
इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड
सोशल सिक्योरिटी कोड
ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड
इनका उद्देश्य श्रम कानूनों को सरल बनाना और कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत करना है।
क्या भारत में लागू होगा 4-Day वर्क वीक?
हालांकि नए नियम 4-Day वर्क वीक की कानूनी गुंजाइश जरूर देते हैं, लेकिन इसे अपनाना पूरी तरह कंपनियों की नीति और काम की प्रकृति पर निर्भर करेगा। हर सेक्टर में 12 घंटे की शिफ्ट संभव हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए यह मॉडल कब और कितनी कंपनियों में लागू होगा, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।
कुल मिलाकर, सरकार ने भारत में 4-Day वर्क वीक का रास्ता खोला है, लेकिन इसका व्यापक रूप से लागू होना कंपनियों और कर्मचारियों की सहमति पर निर्भर करेगा।

पृथ्वीराज चव्हाण ने इसी महीने यह दावा दूसरी बार दोहराया है। इससे पहले सांगली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी उन्होंने इसी तरह की बात कही थी। चव्हाण का कहना है कि वे लंबे समय तक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में काम कर चुके हैं और दिल्ली की राजनीतिक गतिविधियों को गहराई से समझते हैं। हालांकि उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया, जिससे उनके बयान पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
अमेरिका की घटनाओं से जोड़ा भारत का राजनीतिक भविष्य
अपने बयान में चव्हाण ने अमेरिका की हालिया राजनीतिक घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में एक व्यक्ति द्वारा कई बड़े नेताओं के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किए गए हैं, जिनके खुलासे जल्द होने वाले हैं। चव्हाण के अनुसार, अमेरिका में प्रस्तावित एक नए कानून के तहत 19 दिसंबर को कई बड़े नाम सार्वजनिक किए जा सकते हैं, जिसका असर वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं पता कि वे नेता कौन हैं, लेकिन इसके परिणाम दूरगामी हो सकते हैं।
एपस्टीन फाइल्स का हवाला
पृथ्वीराज चव्हाण ने अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन फाइल्स का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि इन फाइल्स के सामने आने से अमेरिका की राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा हो गया है और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्थिति भी इससे प्रभावित हुई है। हाल ही में डेमोक्रेटिक समिति द्वारा ट्रंप और एपस्टीन से जुड़ी तस्वीरें सामने आने के बाद अमेरिका में राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।
भाजपा ने दावे को बताया अफवाह
पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका की किसी भी घटना का भारत की सरकार या प्रधानमंत्री से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर इस तरह की बातें जानबूझकर फैलाई जा रही अफवाहें हैं।
भाजपा का आरोप है कि मराठी प्रधानमंत्री बनने और सत्ता परिवर्तन के दावे देश में भ्रम और अस्थिरता पैदा करने की कोशिश हैं। पार्टी ने साफ कहा है कि सरकार पूरी तरह स्थिर है और ऐसे बयानों का कोई आधार नहीं है।
फिलहाल, पृथ्वीराज चव्हाण के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। जहां कांग्रेस समर्थक इसे संभावित बड़े बदलाव का संकेत बता रहे हैं, वहीं भाजपा इसे निराधार बयानबाजी मान रही है। अब सभी की निगाहें 19 दिसंबर पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि यह दावा महज राजनीतिक बयान था या इसके पीछे कोई बड़ा घटनाक्रम छिपा है।

भारत और पाकिस्तान, दोनों ही टीमों ने टूर्नामेंट की शुरुआत धमाकेदार जीत के साथ की थी। भारत ने मलेशिया को 234 रन के बड़े अंतर से हराया, जबकि पाकिस्तान ने भी मलेशिया को 297 रन से करारी शिकस्त दी। अब इन दोनों बड़ी जीत दर्ज करने वाली टीमों की टक्कर से मुकाबले का रोमांच और बढ़ गया है।
पिछले मैचों में दोनों टीमों की एक और समानता देखने को मिली थी। भारत की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने महज 95 गेंदों में 171 रन की तूफानी पारी खेली थी, जिसमें 14 छक्के शामिल थे। वहीं पाकिस्तान के लिए समीर मिन्हास ने 148 गेंदों पर 177 रन बनाए थे और उनकी पारी में 8 छक्के लगे थे।
दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों बल्लेबाज अपनी-अपनी टीमों के ओपनर हैं। मौजूदा मुकाबले में भारत का स्कोर 200 रन के पार पहुंच चुका है और चौहान व पटेल क्रीज पर मजबूती से टिके हुए हैं, जिससे टीम इंडिया बड़े स्कोर की ओर बढ़ती नजर आ रही है।