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  • पोस्‍ट ऑफिस आरडी स्‍कीम से कमाई करें 2.54 लाख रुपये जानें पूरी कैलकुलेशन

    पोस्‍ट ऑफिस आरडी स्‍कीम से कमाई करें 2.54 लाख रुपये जानें पूरी कैलकुलेशन

    नई दिल्ली । हर कोई निवेश करके अच्छा पैसा बनाना चाहता है लेकिन सही विकल्प का चयन न करने पर कभी-कभी नुकसान भी हो सकता है। यदि आप सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाएं आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं। इन योजनाओं में से एक है रेकरिंग डिपॉजिट जो आपको बिना किसी जोखिम के अच्छा मुनाफा दे सकती है। आइए जानें कैसे इस स्कीम के जरिए आप ब्‍याज से ही लाखों रुपये कमा सकते हैं।

    पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम का आकर्षक ऑफर

    पोस्ट ऑफिस की आरडी स्कीम में निवेशक को 6.7% वार्षिक ब्याज मिलता है जो तिमाही आधार पर जमा होता है। इस स्कीम की खास बात ये है कि यह पूरी तरह से रिस्क-फ्री है क्योंकि यह सरकार द्वारा संचालित योजना है। इसमें निवेश करने पर आपको अच्छा रिटर्न मिलता है जो आपको बैंक एफडी से भी ज्यादा ब्याज प्रदान करता है।

    कैसे होगी 2.54 लाख की कमाई: कैलकुलेशन

    पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम में आप हर महीने ₹5000 का निवेश करके बड़ी रकम जमा कर सकते हैं। अब जानें कैसे इस स्कीम में निवेश से आप ब्‍याज से 2.54 लाख रुपये कमा सकते हैं:

    5 साल का निवेश:

    हर महीने ₹5000 निवेश करने पर 5 साल में आपका कुल निवेश होगा ₹300000। इस निवेश पर 6.7% वार्षिक ब्याज मिलेगा जो तिमाही आधार पर जमा होता है। इस पर मिलने वाला ब्याज ₹56830 होगा।
    कुल मिलाकर 5 साल में आपका फंड बढ़कर ₹356830 हो जाएगा।

    10 साल का निवेश
    अब आप अपनी आरडी स्कीम को 5 और साल के लिए बढ़ा सकते हैं। इस तरह 10 साल में आपका कुल निवेश ₹600000 हो जाएगा।10 साल के बाद मिलने वाला ब्‍याज ₹254272 होगा।इस हिसाब से आपके पास 10 साल के अंत में कुल फंड ₹854272 होगा।

    पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम के फायदे

    रिस्क-फ्री निवेश: पोस्ट ऑफिस की आरडी स्कीम पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि यह सरकार द्वारा संचालित है। इसमें कोई भी जोखिम नहीं होता है। बेहद आकर्षक ब्याज दर: इस स्कीम में आपको 6.7% का ब्याज मिलता है जो बहुत से बैंकों की एफडी से ज्यादा है। लचीलापन आप इस योजना को अपनी सुविधानुसार 5 या 10 साल के लिए बढ़ा सकते हैं।

    सुविधाजनक निवेश: हर महीने ₹5000 का निवेश करके आप इस स्कीम में भाग ले सकते हैं जिससे आपके पास एक बड़ा कोष बन सकता है।

    पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम एक बेहतरीन और सुरक्षित निवेश विकल्प है जिसमें आप नियमित रूप से छोटी राशि का निवेश करके बड़ी रकम जमा कर सकते हैं। 10 साल के निवेश से ब्‍याज से ₹2.54 लाख की कमाई की जा सकती है और इस दौरान आपका कुल फंड ₹8.54 लाख तक पहुंच सकता है। यदि आप एक सुरक्षित और जोखिम-मुक्त निवेश की तलाश में हैं तो यह स्कीम आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

  • मंदसौर जिले ने दो वर्षों में रचे विकास के नए आयाम: प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया

    मंदसौर जिले ने दो वर्षों में रचे विकास के नए आयाम: प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया


    मध्य प्रदेश/ महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मंदसौर जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मंदसौर जिले ने बीते दो वर्षों में विकास के प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उन्होंने जिले में किए गए विकास कार्यों, योजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी।प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सुशासन भवन सभागार में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

    बैठक में रहे उपस्थित

    कार्यक्रम में सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, सुवासरा विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री बसंत शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, समस्त जिला अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित रहे।

    धार्मिक और पर्यटन विकास

    प्रभारी मंत्री ने बताया कि भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में लगभग 25 करोड़ रुपए की लागत से पशुपतिनाथ लोक का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। वहीं सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के अंतर्गत जिले में 61.62 करोड़ रुपए की लागत से 5 महत्वपूर्ण निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

    जल, ऊर्जा और आधारभूत संरचना
    जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के सभी 922 ग्रामों में 2.40 लाख से अधिक नल जल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। लगभग 1332 करोड़ रुपए की लागत से नल-जल योजनाएं प्रगतिरत हैं।
    इसके साथ ही गांधीसागर जल विद्युत गृह की 115 मेगावाट क्षमता की इकाइयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु 418.91 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    स्वास्थ्य और शिक्षा में ऐतिहासिक प्रगति
    मंदसौर जिला मुख्यालय पर श्री सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अक्टूबर 2024 से 100 सीटों के साथ प्रारंभ किया गया है, जहां वर्तमान में प्रथम व द्वितीय वर्ष के कुल 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
    इसके अतिरिक्त जिले में 13 सांदीपनि विद्यालयों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अधिकांश भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

    कृषि और किसान कल्याण
    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत जिले के 2.19 लाख से अधिककिसानों को 43.96 करोड़ रुपए की सहायता दी गई है।सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना में 8,803 किसानों को 10.20करोड़ रुपए की राशि सीधे खातों में दी गई। अतिवृष्टि एवं फसल क्षति के लिए जिले को 267.29 करोड़ रुपए की राहत राशि प्राप्त हुई।

    औद्योगिक विकास और रोजगार
    जिले में 331.47 हेक्टेयर भूमि पर नए औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आयोजित कृषि उद्योग समागम 2025 में 3,600 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जिससे लगभग 12,500 रोजगार सृजित होंगे।मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 487 हितग्राहियों को 35.39 करोड़ रुपए का ऋण देकर स्वरोजगार से जोड़ा गया।

    नगरीय और ग्रामीण विकास
    अमृत 2.0 योजना में 194.82 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत 10,166 आवास पूर्ण हो चुके हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, ग्राम सड़क एवं आवास सहित 50,512 विकास कार्यों के लिए 810.01 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।

    भविष्य की दिशा
    प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मंदसौर जिला निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और आने वाले समय में इसे विकास के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा।

  • सफला एकादशी 2025 के दिन करें ये खास उपाय, सुख-समृद्धि और धन लाभ के लिए

    सफला एकादशी 2025 के दिन करें ये खास उपाय, सुख-समृद्धि और धन लाभ के लिए


    नई दिल्ली । सफला एकादशी का व्रत हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस वर्ष यह व्रत 15 दिसंबर 2025 को पड़ रहा है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ-साथ कुछ खास ज्योतिषीय उपायों का पालन करना भी लाभकारी माना जाता है। इन उपायों से ना केवल जीवन में सुख-समृद्धि आती है बल्कि स्वास्थ्य धन और वैवाहिक जीवन में भी सुधार होता है। आइए जानते हैं सफला एकादशी पर किए जाने वाले प्रभावी उपायों के बारे में।

    स्वास्थ्य में सुधार के लिए

    सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय उन्हें पीले रंग के फूल अर्पित करें और साथ ही 108 बार “ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। यह उपाय शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

    व्यापार में सफलता के लिए

    यदि आप अपने व्यापार में सफलता की कामना रखते हैं तो सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करें। विष्णु जी को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें और मां लक्ष्मी को लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें। ऐसा करने से व्यापार में चौगुनी वृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।

    घर में सुख-शांति और संपन्नता के लिए

    सफला एकादशी पर घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए 9 मुखी दीपक जलाएं और विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें। साथ ही सहस्त्रनाम का पाठ करें। यह उपाय घर में नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है और घर में शांति सुख और समृद्धि बनी रहती है।

    विवाह में रुकावटें दूर करने के लिए

    अगर आपके विवाह में कोई बाधाएं आ रही हैं तो सफला एकादशी के दिन एक लोटे में हल्दी मिला जल लेकर उसे केले के पौधे की जड़ में अर्पित करें। इससे विवाह संबंधी परेशानियों का समाधान होता है और साथ ही आपकी कुंडली में गुरु बृहस्पति की स्थिति भी मजबूत होती है।

     धन प्राप्ति के लिए

    मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु का अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। जल से अभिषेक करते समय दक्षिणावर्ती शंख का उपयोग करें जो धन की प्राप्ति के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। इसके अतिरिक्त शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं। यह उपाय घर में समृद्धि और धन के आगमन का कारण बनता है।

    सफला एकादशी पर किए गए इन ज्योतिषीय उपायों से जीवन में न केवल धन और सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है बल्कि मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। इस दिन विष्णु जी और लक्ष्मी जी की पूजा से आपके जीवन में हर क्षेत्र में सफलता और समृद्धि की आशीर्वाद प्राप्त होती है।

  • कोलकाता में मेसी के दौरे का शर्मनाक अंत: सुरक्षा चूक के कारण 10 मिनट में मैदान छोड़ा, ममता ने मांगी माफी

    कोलकाता में मेसी के दौरे का शर्मनाक अंत: सुरक्षा चूक के कारण 10 मिनट में मैदान छोड़ा, ममता ने मांगी माफी


    कोलकाता । के साल्ट लेक स्टेडियम में शनिवार को फुटबॉल की एक ऐतिहासिक घटना की बजाय एक शर्मनाक कुप्रबंधन का दृश्य सामने आया। वैश्विक फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी को देखने के लिए आए हजारों दर्शकों को गहरा झटका तब लगा जब सुरक्षा कारणों से उन्हें महज 10 मिनट में मैदान छोड़ना पड़ा। इस अप्रत्याशित घटना के कारण फुटबॉल प्रेमियों में गुस्से की लहर दौड़ गई, और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।

    दर्शकों का गुस्सा और विरोध प्रदर्शन
    साल्ट लेक स्टेडियम, जिसे ‘भारतीय फुटबॉल का मक्का’ माना जाता है, पर यह घटना कोलकाता के फुटबॉल प्रेमियों के लिए सबसे बड़े झटके के रूप में आई। प्रीमियम टिकटों पर मोटी रकम खर्च कर स्टेडियम पहुंचे दर्शकों को जब मेसी का कार्यक्रम समय से पहले समाप्त होता दिखाई दिया, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए दर्शकों ने विरोध प्रदर्शन किया, बोतलें फेंकीं और आयोजकों के खिलाफ नारेबाजी की। कई होर्डिंग्स और कुर्सियों को नुकसान भी पहुँचाया गया।

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “आज साल्ट लेक स्टेडियम में जो कुप्रबंधन देखने को मिला, उससे मैं अत्यधिक व्यथित हूं। मैं लियोनेल मेसी, सभी खेल प्रेमियों और उनके प्रशंसकों से दिल से माफी मांगती हूं।”

    जांच कमेटी का गठन
    इस शर्मनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तत्काल एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया। कमेटी की अध्यक्षता कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस आशिम कुमार रे करेंगे। जांच का उद्देश्य घटना की पूरी जाँच करना, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना है।

    राजनीतिक हलचल और भाजपा का हमला
    यह घटना न केवल खेल जगत बल्कि राज्य की राजनीति में भी भूचाल ला गई है। भाजपा ने इस मामले को ममता सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम बताया और राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास से इस्तीफे की मांग की। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटना को “बड़ा अपमान” और “मेजर स्कैम” करार दिया। उनका आरोप था कि 70 फुट की प्रतिमा का अनावरण राजनीतिक उद्देश्य से किया गया और दर्शकों को गुमराह किया गया।

    मेसी का दौरा अधूरा
    यह घटना लियोनेल मेसी के ‘गोट इंडिया टूर 2025’ का पहला पड़ाव था, जो अब अधूरा रह गया है। सुरक्षा चिंताओं के कारण मेसी ने अपना दौरा समय से पहले ही समाप्त कर दिया। कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम, जैसे कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से मुलाकात, अब अधूरे रह गए हैं। मेसी अब अपने अगले कार्यक्रम के लिए हैदराबाद के लिए रवाना हो गए हैं।

    साल्ट लेक स्टेडियम में हुआ कुप्रबंधन फुटबॉल के प्रति कोलकाता की दीवानगी और उसके ऐतिहासिक महत्त्व के लिए एक काला धब्बा बनकर उभरा है। यह घटना न केवल फुटबॉल प्रशंसकों के लिए निराशाजनक थी, बल्कि राज्य सरकार और आयोजकों के लिए भी एक बड़ा कड़ा सबक साबित हुई है।

  • मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दो साल: अतीत, वर्तमान और भविष्य-तीनों में संतुलित विकास

    मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दो साल: अतीत, वर्तमान और भविष्य-तीनों में संतुलित विकास


    मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल में अतीत, वर्तमान और भविष्य-तीनों क्षेत्रों में संतुलित विकास की दिशा में कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यकाल के शुरुआती दौर से ही प्रदेश की पहचान को सांस्कृतिक प्रशासनिक और विकासात्मक दृष्टिकोण से मजबूत करने की रणनीति अपनाई।

    अतीत: सांस्कृतिक धरोहर का पुनर्निर्माण
    सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया है। उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर का विस्तार कार्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शहर की पहचान भी मजबूत कर रहा है। प्राचीन धरोहर स्थलों पर संरक्षण गतिविधियाँ तेज की गई हैं। ओंकारेश्वर क्षेत्र में अद्वैत दर्शन से जुड़े प्रकल्पों को गति दी जा रही है। इसके अलावा, भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थल श्रीकृष्ण पाथेय के तहत तीर्थस्थल के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और राज्य में पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।

    वर्तमान: प्रशासनिक सुधार और बुनियादी ढांचा

    दो वर्षों में सरकार ने सड़क नेटवर्क, औद्योगिक कॉरिडोर और शहरी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी है। ग्रामीण सड़कें भी सुधार के अभियान में हैं। शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल सुविधाओं और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम पर काम हुआ है। कृषि क्षेत्र में उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, सिंचाई क्षमता बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएँ जैसे लाड़ली बहना और स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम भी प्रभावी रूप से लागू किए गए हैं।

    भविष्य: निवेश, ऊर्जा और स्वास्थ्य

    आगामी दशक को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नई औद्योगिक नीति और औद्योगिक क्लस्टरों के विकास की योजना बनाई है। पीथमपुर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।सौर ऊर्जा उत्पादन, जल संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ढांचे को बढ़ावा देकर हरित ऊर्जा क्षेत्र में भी कदम बढ़ाए गए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार के लिए जिला एवं ग्रामीण स्तर पर अस्पताल उन्नयन और टेली-मेडिसिन सेवाओं का विस्तार प्रस्तावित है।

    संतुलित नेतृत्व का संकेत

    डॉ. मोहन यादव के दो वर्षों का कार्यकाल यह दर्शाता है कि सरकार सांस्कृतिक गौरव, वर्तमान प्रशासनिक प्राथमिकताओं और भविष्य की विकास योजनाओं-तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। आने वाले समय में इन पहलों का वास्तविक असर प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों में देखने को मिलेगा।मध्यप्रदेश सरकार ने डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दो साल में अतीत की सांस्कृतिक धरोहर, वर्तमान प्रशासनिक सुधार और भविष्य की विकास योजनाओं को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया है। यह संतुलित दृष्टिकोण राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए सकारात्मक संकेत देता है।
  • तुर्की में बढ़ते सिंकहोल: गेहूं की ज्यादा उपज और घटते भूजल ने खोखली की जमीन

    तुर्की में बढ़ते सिंकहोल: गेहूं की ज्यादा उपज और घटते भूजल ने खोखली की जमीन


    नई दिल्ली / तुर्की का कोन्या मैदान जिसे देश का ‘अन्न भंडार’ कहा जाता है इन दिनों एक गंभीर संकट से जूझ रहा है। यह इलाका गेहूं और अन्य अनाज के उत्पादन में तुर्की का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है लेकिन अत्यधिक फसल उत्पादन और भूजल का अत्यधिक उपयोग जमीन के लिए खतरा बन गया है। तुर्की आपदा प्रबंधन एजेंसी AFAD की नई रिपोर्ट के अनुसार अब तक 684 सिंकहोल की पहचान हुई है। कोन्या तकनीकी विश्वविद्यालय के अनुसार 2017 में यहां केवल 299 सिंकहोल थे जो 2021 तक बढ़कर 2550 हो गए। साल 2025 में करीब 20 नए बड़े गड्ढे बन चुके हैं जिनकी गहराई 30 मीटर और चौड़ाई 100 फीट तक है।

    संकट के मुख्य कारण

    विशेषज्ञों के अनुसार सिंकहोल की समस्या मानवजनित गतिविधियों और प्राकृतिक कारणों का मिश्रण है।भूवैज्ञानिक संरचना: कोन्या मैदान ‘कार्स्ट’ संरचना वाला इलाका है। यह घुलनशील चट्टानों जैसे कार्बोनेट और जिप्सम से बना है। पानी के प्रभाव से ये चट्टानें धीरे-धीरे घुलती हैं और सिंकहोल बनाती हैं। बारिश में कमी: पिछले 15 सालों में क्षेत्र में वर्षा की मात्रा काफी घट गई है। जलवायु परिवर्तन के चलते भूजल पुनर्भरण धीमा हो गया है जिससे जमीन कमजोर हो रही है। ग्राउंड वाटर का अत्यधिक दोहन: चुकंदर मक्का और अन्य पानी-गहन फसलों की सिंचाई के लिए हजारों वैध और अवैध कुएं उपयोग में हैं। कुछ इलाकों में ग्राउंड वाटर स्तर 60 मीटर तक गिर चुका है। इससे जमीन का सहारा कम होता है और अचानक धसाव आता है।

    प्रशासन और बचाव प्रयास

    AFAD ने 1850 क्षेत्रों में संभावित धसाव के संकेत पाए हैं। सरकार अवैध कुओं पर रोक लगा रही है और बेहतर जल प्रबंधन की दिशा में कदम उठा रही है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर ग्राउंड वाटर दोहन और अधिक हुआ तो सिंकहोल की संख्या तेजी से बढ़ सकती है और पड़ोसी क्षेत्र भी प्रभावित हो सकते हैं।

    कृषि और आर्थिक प्रभाव
    कोन्या मैदान तुर्की का प्रमुख अनाज उत्पादन केंद्र है। सिंकहोल के कारण किसानों के हजारों हेक्टेयर खेत बर्बाद हो रहे हैं जिससे अनाज उत्पादन घट सकता है। यह कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा।

    सामाजिक और पर्यावरणीय असर

    सिंकहोल न केवल खेती प्रभावित कर रहे हैं बल्कि ग्रामीण आबादी के पलायन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। भूजल की कमी जैव विविधता पर भी असर डाल रही है। इससे शहरीकरण और सामाजिक असंतुलन की समस्याएं बढ़ सकती हैं।विशेषज्ञों का निष्कर्ष: यदि वर्तमान स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो तुर्की में सिंकहोल की समस्या और गंभीर होगी। सतत जल प्रबंधन और निगरानी ही इस संकट से बचाव का रास्ता है।

  • केरल निकाय चुनाव: तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, LDF का चार दशकों पुराना किला ढहा

    केरल निकाय चुनाव: तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, LDF का चार दशकों पुराना किला ढहा


    नई दिल्ली। तिरुवनंतपुरम, जो न केवल केरल की प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक राजधानी भी मानी जाती है, ने राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखा है। बीजेपी ने स्थानीय निकाय चुनावों में तिरुवनंतपुरम नगर निगम में जबरदस्त जीत दर्ज की, और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) से सत्ता छीन ली। यह वही नगर निगम है जिस पर LDF ने पिछले चार दशकों से भी अधिक समय तक अपनी पकड़ बनाए रखी थी। इस सत्ता परिवर्तन को वाम मोर्चे के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

    तिरुवनंतपुरम की राजनीतिक अहमियत
    तिरुवनंतपुरम न सिर्फ केरल की प्रशासनिक राजधानी है, बल्कि यहां का राजनीतिक माहौल भी बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर लगातार चार बार सांसद चुने गए हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से कांग्रेस और वाम मोर्चे के प्रभाव वाला रहा है। ऐसे में नगर निगम में बीजेपी की जीत ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दिया है।

    BJP की जीत: बदलाव के संकेत
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत विधानसभा चुनावों में 2-3 सीटें जीतने से कहीं ज्यादा प्रभावशाली है। नगर निगम जैसे बड़े शहरी निकाय में बीजेपी की जीत यह संकेत देती है कि शहरी मतदाता पारंपरिक राजनीतिक ध्रुवीकरण से बाहर निकल कर नए विकल्प की तलाश में हैं। खासतौर पर, यह बदलाव उस राज्य में महत्वपूर्ण है, जहां चुनावी मुकाबला अब तक मुख्य रूप से LDF और UDF के बीच ही सीमित रहा है।

    स्थानीय चुनावी रुझान यह दर्शाते हैं कि शहरी इलाकों में LDF के खिलाफ नाराजगी और असंतोष बढ़ा है। प्रशासन, शहरी बुनियादी ढांचे, पारदर्शिता और स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदाताओं का असंतोष इस चुनाव में खुलकर सामने आया। तिरुवनंतपुरम जैसे LDF के मजबूत गढ़ में हार ने वाम मोर्चे की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    BJP का उत्साह और भविष्य की उम्मीदें
    बीजेपी ने अपनी जीत को ऐतिहासिक और निर्णायक जनादेश बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह परिणाम केरल में बीजेपी के बढ़ते संगठनात्मक आधार और जनता के बदलते रुख का प्रमाण है। पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है, और इसे केरल में बीजेपी के लिए भविष्य की राजनीति का मजबूत आधार माना जा रहा है।

    वहीं, LDF ने नतीजों को गंभीरता से लिया है और आत्ममंथन की बात कही है। वाम नेताओं का कहना है कि चुनाव परिणामों का विश्लेषण किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
    तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर उन्होंने लिखा, “Thank you Thiruvananthapuram!” पीएम मोदी ने इसे केरल की राजनीति में एक ‘वॉटरशेड मोमेंट’ करार देते हुए कहा कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी-एनडीए को मिले समर्थन से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य के लोग मानते हैं कि केवल बीजेपी ही केरल की विकासात्मक आकांक्षाओं को पूरा कर सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी तिरुवनंतपुरम जैसे जीवंत शहर के विकास के लिए काम करेगी और आम लोगों के लिए ‘Ease of Living’ को और बेहतर बनाएगी।

    तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की जीत ने न केवल राज्य की राजनीतिक स्थिति को हिलाया है, बल्कि एक नए राजनीतिक समीकरण की शुरुआत भी की है। इस ऐतिहासिक जीत ने केरल में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया है, और भविष्य में राज्य की राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है।

  • पाकिस्तान में 1947 के बाद पहली बार संस्कृत पढ़ाई जाएगीस्कूलों में मिलेगा भगवद गीता का ज्ञान

    पाकिस्तान में 1947 के बाद पहली बार संस्कृत पढ़ाई जाएगीस्कूलों में मिलेगा भगवद गीता का ज्ञान


    नई दिल्ली । पाकिस्तान में 1947 के विभाजन के बाद पहली बार संस्कृत को औपचारिक रूप से शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज ने शास्त्रीय संस्कृत में चार क्रेडिट का कोर्स शुरू किया हैजिसमें महाभारत और भगवद गीता के ज्ञान को छात्रों तक पहुँचाया जाएगा। यह कदम पाकिस्तान में सांस्कृतिक और भाषाई एकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

    LUMS का संस्कृत कोर्स

    लाहौर विश्वविद्यालय ने संस्कृत को लेकर एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की हैजिसमें शास्त्रीय संस्कृत का अध्ययन कराया जाएगा। इस चार क्रेडिट कोर्स की शुरुआत तीन महीने चलने वाली वीकेंड वर्कशॉप से हुई थीजिसे छात्रों और विद्वानों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इस कोर्स के अंतर्गत महाभारत टेलीविजन श्रृंखला की प्रसिद्ध थीम ‘है कथा संग्राम की का उर्दू संस्करण भी पढ़ाया जाएगा।

    यह कोर्स विशेष रूप से उन छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो संस्कृत के शास्त्रीय ज्ञान और भारतीय साहित्य से जुड़ी गहरी समझ प्राप्त करना चाहते हैं। यह पहल भारतीय साहित्य और संस्कृति को समझने का एक सशक्त मंच प्रदान करती हैजिससे पाकिस्तान में संस्कृत के प्रति जागरूकता और रुचि में वृद्धि होगी।

    पाकिस्तान के समृद्ध संस्कृत संग्रह पर ध्यान

    गुरमानी सेंटर के निदेशक डॉ. अली उस्मान कासमी ने पाकिस्तान के संस्कृत संग्रह की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पंजाब विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में संस्कृत के सबसे समृद्ध लेकिन उपेक्षित संग्रहों में से एक हैजिसे 1930 के दशक में विद्वान जेसीआर वूल्नर ने सूचीबद्ध किया था। हालांकि1947 के बाद से किसी पाकिस्तानी विद्वान ने इस संग्रह से जुड़ी गहरी रिसर्च नहीं की।

    डॉ. कासमी का मानना है कि यदि स्थानीय विद्वानों को प्रशिक्षित किया जाएतो पाकिस्तान में संस्कृत के अध्ययन और शोध को एक नई दिशा मिल सकती है। उनका कहना है कि संस्कृत के माध्यम से पाकिस्तान में महाभारत और भगवद गीता जैसे महत्वपूर्ण भारतीय ग्रंथों का अध्ययन करने से न केवल सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित किया जा सकता हैबल्कि यह क्षेत्रीय इतिहास और साहित्य को भी एक नया आयाम देगा।

    डॉ. शाहिद रशीद का योगदान

    फोरमैन क्रिश्चियन कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शाहिद रशीद ने इस पहल को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने संस्कृत का अध्ययन करते हुए इस कोर्स को शुरू करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. रशीद ने अरबी और फारसी के अध्ययन के बाद संस्कृत सीखी और इस क्षेत्र के प्रसिद्ध विद्वान एंटोनिया रुपेल और मैकमास टेलर के मार्गदर्शन में संस्कृत व्याकरण का अध्ययन किया। डॉ. रशीद का मानना है कि शास्त्रीय भाषाओंविशेष रूप से संस्कृत मेंमानवता के लिए गहन ज्ञान छिपा हुआ हैजो अन्यथा अनुपस्थित रह सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत केवल एक धर्म विशेष की भाषा नहीं हैबल्कि यह पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर है।

    संस्कृत के माध्यम से सांस्कृतिक एकता

    डॉ. शाहिद रशीद ने संस्कृत के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह भाषा ना सिर्फ भारतीय साहित्य और संस्कृति की पहचान हैबल्कि पाकिस्तान और भारत के बीच सांस्कृतिक पुल बनाने का एक माध्यम भी हो सकती है। उन्होंने आशा जताई कि यदि भारत में हिंदू और सिख अरबी भाषा सीखेंऔर पाकिस्तान में अधिक मुस्लिम संस्कृत सीखेंतो यह दोनों देशों के बीच भाषा के माध्यम से बेहतर समझ और सामंजस्य स्थापित कर सकता है।

    भविष्य की योजना और उम्मीदें

    डॉ. कासमी ने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि अगले 10-15 वर्षों में पाकिस्तान में महाभारत और भगवद गीता के विद्वान उभर सकते हैं। यह पहल पाकिस्तान में शास्त्रीय संस्कृत शिक्षा को नया जीवन देगीजिससे सांस्कृतिक अध्ययन और शोध को नई दिशा मिलेगी।
    इस प्रकारपाकिस्तान में संस्कृत को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करना न केवल एक ऐतिहासिक कदम हैबल्कि यह एक बड़ी सांस्कृतिक और शैक्षिक क्रांति की शुरुआत हो सकती हैजो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और भाषाई संबंधों को प्रगाढ़ बनाएगी।

  • U19 Asia Cup 2025: भारत-पाकिस्तान महामुकाबला आज, जानिए कब-कहां और कैसे देखें लाइव मैच

    U19 Asia Cup 2025: भारत-पाकिस्तान महामुकाबला आज, जानिए कब-कहां और कैसे देखें लाइव मैच

     नई दिल्ली  /U19 एशिया कप 2025 में क्रिकेट प्रेमियों को एक और रोमांचक मुकाबला देखने को मिलने वाला है। टूर्नामेंट के सबसे बहुप्रतीक्षित मैचों में से एक भारत बनाम पाकिस्तान अंडर-19 मुकाबला आज यानी 14 दिसंबर को खेला जाएगा। यह मैच दुबई की ICC एकेडमी ग्राउंड पर आयोजित होगा, जहां दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगी।

    यूएई के खिलाफ भारत की धमाकेदार शुरुआत
    भारतीय अंडर-19 टीम ने टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में यूएई को 234 रनों से करारी शिकस्त देकर अपने इरादे साफ कर दिए थे। इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 433 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में यूएई की टीम सिर्फ 199 रन पर सिमट गई। इस ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने महज 95 गेंदों में 171 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी में 9 चौके और 14 छक्के शामिल थे। वैभव के इस प्रदर्शन ने उन्हें टूर्नामेंट के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।

    भारत-पाकिस्तान मैच का समय और वेन्यू

    भारत और पाकिस्तान के बीच यह हाईवोल्टेज मुकाबला 14 दिसंबर 2025, ICC एकेडमी ग्राउंड, दुबई मैच शुरू: सुबह 10:30 बजे भारतीय समय टॉस: सुबह 10:00 बजेभारतीय टीम की कप्तानी आयुष महात्रे कर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान की कमान फरहान यूसुफ के हाथों में है। U19 स्तर पर भी भारत-पाकिस्तान मुकाबले हमेशा रोमांच और दबाव से भरे रहते हैं।

    कहां देखें लाइव मैच?

    क्रिकेट फैंस इस रोमांचक मुकाबले का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकते हैं।वहीं, मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मैच की लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव ऐप पर उपलब्ध रहेगी। दर्शक अपने स्मार्टफोन, टैबलेट या स्मार्ट टीवी पर आसानी से यह मुकाबला देख सकते हैं।

    दोनों टीमों के स्क्वाड पर एक नजर
    भारतीय U19 टीम: वैभव सूर्यवंशी, आयुष महात्रे कप्तान, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान, अभिज्ञान कुंडू विकेटकीपर, हरवंश पंगालिया, खिलान पटेल, हेनिल पटेल, दीपेश देवेंद्रन, उधव मोहन, नमन पुष्पक, वेदांत त्रिवेदी, किशन कुमार सिंह, आरोन जॉर्ज, युवराज गोहिल।

    पाकिस्तान U19 टीम:
    उस्मान खान, फरहान यूसुफ कप्तान, हुजैफा अहसन, हमजा जहूर विकेटकीपर, मोहम्मद सय्याम, अली हसन बलूच, डेनियल अली खान, समीर मिन्हास, अली रजा, मोमिन कमर, अब्दुल सुभान, मोहम्मद हुजैफा, मोहम्मद शायान, नकाब शफीक, अहमद हुसैन।

    भारत की जीत से बढ़ा आत्मविश्वास
    यूएई के खिलाफ शानदार जीत ने भारतीय टीम का मनोबल काफी ऊंचा कर दिया है। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग-तीनों विभागों में भारत का प्रदर्शन संतुलित नजर आया। ऐसे में भारत-पाकिस्तान मुकाबले में टीम से एक और दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

  • सिवनी तीन करोड़ की हवाला डकैती मामले में प्रमोद सोनी की जमानत खारिजन्यायालय ने साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका जताई

    सिवनी तीन करोड़ की हवाला डकैती मामले में प्रमोद सोनी की जमानत खारिजन्यायालय ने साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका जताई


    सिवनी ।सिवनी जिले में तीन करोड़ रुपये की हवाला डकैती के सनसनीखेज मामले में जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी की जमानत याचिका को जिला न्यायालय ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले की जांच अभी जारी हैऔर उपलब्ध तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटीज पर सत्र न्यायाधीश सिवनीगालिब रसूल ने 11 दिसंबर को यह आदेश पारित कियाजिसमें आरोपित की रिहाई से साक्ष्य प्रभावित होने और जांच पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना जताई गई।

    यह मामला सिर्फ एक डकैती का नहीं बल्कि एक संगठित अपराध नेटवर्क का हिस्सा भी प्रतीत हो रहा हैजिसमें पुलिस महकमे के कुछ लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस द्वारा की गई जांच में सामने आए कॉल डिटेल्सआपसी संपर्कडिजिटल साक्ष्य और घटनाक्रम ने पूरे मामले को और भी जटिल बना दिया है।

    प्रमोद सोनी की संलिप्तता का खुलासा

    प्रमोद सोनी पर आरोप है कि वह हवाला डकैती के इस पूरे षड्यंत्र का हिस्सा थे। पुलिस की जांच के मुताबिकप्रमोद सोनी के कॉल डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्य में उनकी भूमिका का खुलासा हुआ है। यह हवाला डकैती पुलिस महकमे के भीतर एक संगठित अपराध के नेटवर्क की ओर इशारा करता हैजो अपराधियों को सुरक्षा प्रदान करने और अवैध धन की तस्करी में मदद कर रहा था।

    यहां तक कि जांच में यह भी पाया गया है कि प्रमोद सोनी ने अपने पद का दुरुपयोग किया और पुलिस की जानकारी का फायदा उठाकर हवाला नेटवर्क में शामिल हुए। उनके खिलाफ पुलिस ने ठोस साक्ष्य जुटाए हैंजिनमें आपसी संपर्क और फाइनेंशियल लेन-देन की जानकारियां शामिल हैं।

    न्यायालय का फैसला और जमानत खारिज होने के कारण

    विशेष न्यायाधीश गालिब रसूल ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि चूंकि मामले की जांच चल रही है और साक्ष्य के आधार पर यह प्रतीत होता है कि प्रमोद सोनी की रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती हैइसलिए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। न्यायालय ने यह भी कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुएआरोपित के खिलाफ जांच की प्रक्रिया को किसी भी तरह से प्रभावित होने का खतरा नहीं उठाया जा सकता।

    न्यायालय ने यह स्वीकार किया कि हवाला डकैती का मामला केवल एक वित्तीय अपराध नहीं बल्कि एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा हैजिसमें पुलिस महकमे की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में प्रमोद सोनी को जमानत देना मामले की गहराई को देखते हुए उचित नहीं होगा।

    पहले भी जमानत याचिकाएं खारिज

    यह पहला मामला नहीं है जब इस हवाला डकैती मामले में जमानत याचिका खारिज की गई है। इससे पहले भी कई आरोपितों की जमानत याचिकाएं न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी हैं। जांच एजेंसियां मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि इस संगठित अपराध के नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट किया जाए।

    सिवनी का यह हवाला डकैती मामला पुलिस महकमे की भ्रष्टाचार और अपराध से संबंधित गंभीर समस्याओं को उजागर करता है। अब जबकि प्रमोद सोनी और अन्य आरोपितों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाए जा चुके हैंयह उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    न्यायालय का यह फैसला इस बात को भी स्पष्ट करता है कि कानून के दायरे में रहते हुए किसी भी व्यक्ति को आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने का लाभ नहीं मिल सकताचाहे वह पुलिस अधिकारी हो या आम नागरिक। अब मामले की जांच और विस्तार से की जाएगीजिससे इस बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।