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  • कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ीं, महिलाओं पर विवादित टिप्पणी को लेकर दूसरा केस दर्ज

    कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ीं, महिलाओं पर विवादित टिप्पणी को लेकर दूसरा केस दर्ज


    नई दिल्ली/ कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की महिलाओं और लड़कियों पर विवादित टिप्पणियों के चलते कानूनी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मथुरा कोर्ट में उनके खिलाफ दूसरा केस दर्ज किया गया है।

    इस नए मामले की शिकायत हिंदूवादी नेता गुंजन शर्मा ने दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि आचार्य की विवादित टिप्पणियाँ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थीं और यह महिलाओं का अपमान करने वाला मामला है। उन्होंने कहा कि पहले प्रशासन और पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए अदालत का सहारा लेना पड़ा।

    विवादित टिप्पणी का विषय
    शिकायत के अनुसार, अनिरुद्धाचार्य ने कथित तौर पर कहा था कि 14 साल की बेटियों की शादी कर देनी चाहिए, वरना उनका चरित्र प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी की, जिसमें घरेलू महिलाओं से लेकर बच्चियों तक का ज़िक्र था।

    पहला केस और मीरा राठौड़ की भूमिका
    यह पहला मौका नहीं है जब आचार्य को विवादित बयानों के लिए कानूनी चुनौती मिली है। इससे पहले हिंदूवादी नेता मीरा राठौड़ ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। मीरा राठौड़ ने आचार्य की टिप्पणियों को महिलाओं के सम्मान का उल्लंघन बताया था और कोर्ट में सुनवाई शुरू होने तक अपनी चोटी न बांधने की प्रतीकात्मक प्रतिज्ञा रखी थी।

    कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया
    मथुरा स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने गुंजन शर्मा की याचिका पर 10 दिसंबर 2025 को आधिकारिक रूप से परिवाद दर्ज किया। अगली सुनवाई 1 जनवरी 2026 तय की गई है, जिसमें वादी के बयान दर्ज होंगे और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी।

    अनिरुद्धाचार्य का स्पष्टीकरण
    विवाद बढ़ने के बाद अनिरुद्धाचार्य ने वीडियो जारी कर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और उनका इरादा कभी भी महिलाओं का अपमान करने का नहीं था। उनका दावा है कि उनकी टिप्पणियाँ केवल कुछ लड़कियों के संदर्भ में थीं, पूरे महिला समाज के लिए नहीं।

    इस नए केस के साथ, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं, और अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है।

  • शादी टूटने के बाद पहली बार पब्लिक में दिखीं स्मृति मंधाना, बोलीं -“क्रिकेट ही मेरा सबसे बड़ा प्यार”, हरमनप्रीत ने दिया भावनात्मक सहारा

    शादी टूटने के बाद पहली बार पब्लिक में दिखीं स्मृति मंधाना, बोलीं -“क्रिकेट ही मेरा सबसे बड़ा प्यार”, हरमनप्रीत ने दिया भावनात्मक सहारा


    नई दिल्ली/ भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना शादी टूटने के बाद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आईं। उनके साथ टीम इंडिया की कप्तान और करीबी साथी हरमनप्रीत कौर भी थीं, जिन्होंने मंधाना को भावनात्मक सहारा दिया।

    मंच पर पहुंचते ही मंधाना के चेहरे पर हल्की थकान और उदासी झलक रही थी। हरमनप्रीत कौर ने उन्हें तुरंत गले लगाया, जिससे इवेंट का माहौल भावुक हो गया।

    क्रिकेट ही सबसे बड़ा सहारा
    मंच पर मंधाना ने कहा, “क्रिकेट ही मेरा सबसे बड़ा प्यार है। इंडियन जर्सी पहनते ही बाकी सब पीछे छूट जाता है। देश को रिप्रेजेंट करने का एहसास हर परेशानी से ऊपर है। मैदान पर कदम रखते ही दो अरब लोगों की उम्मीदें मेरे साथ चलती हैं और यही एहसास मुझे हर चुनौती से लड़ने की ताकत देता है।”

    टीम के भीतर मतभेद पर दो-टूक बात
    हाल ही में टीम में मतभेद की खबरों पर मंधाना ने कहा, मतभेद होना कोई गलत बात नहीं। अगर बहसें नहीं होंगी, तो पैशन कहां दिखेगा? हमारी लड़ाई हमेशा एक ही चीज़ के लिए होती है – भारत को मैच जिताना।

    शादी टूटने के बाद पहली पब्लिक अपीयरेंस
    स्मृति मंधाना और संगीतकार पलाश मुच्छल की शादी 23 नवंबर को होने वाली थी, लेकिन पिता की तबीयत खराब होने के चलते इसे टाल दिया गया। बाद में 7 दिसंबर को दोनों ने शादी कैंसिल होने की घोषणा की। इस इवेंट में मंधाना की उपस्थिति ने यही संदेश दिया कि वह मुश्किल दौर से बाहर निकलने की कोशिश कर रही हैं और क्रिकेट ही उनका सबसे बड़ा सहारा है।

    टीम इंडिया का अगला पड़ाव
    भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज की तैयारी में जुटी है, जिसकी शुरुआत 21 दिसंबर से होगी। मंधाना बतौर उप-कप्तान टीम की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं।

  • जेल से गैंग चला रहा था गुना का 'दाऊ': गवाहों को धमकाने के इनपुट पर चाचौड़ा जेल से रीवा शिफ्ट

    जेल से गैंग चला रहा था गुना का 'दाऊ': गवाहों को धमकाने के इनपुट पर चाचौड़ा जेल से रीवा शिफ्ट


    गुना/रीवा। गुना जिले के कुख्यात बदमाश और पुलिस विभाग के पूर्व सब-इंस्पेक्टर (SI) रामवीर सिंह कुशवाह उर्फ ‘दाऊ’ को अब गुना की चाचौड़ा जेल से हटाकर सेंट्रल जेल रीवा में शिफ्ट कर दिया गया है। यह बड़ा कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि इंटेलिजेंस इनपुट से यह खुलासा हुआ कि ‘दाऊ’ जेल के अंदर से ही अपना गैंग चला रहा था और अपने खिलाफ चल रहे मामलों के गवाहों और फरियादियों को धमका रहा था।

    जेल के भीतर से दबाव और साजिश
    गुना एसपी अंकित सोनी के अनुसार, मामले की विवेचना और साक्ष्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए भोपाल जेल मुख्यालय ने रामवीर को रीवा शिफ्ट करने का निर्णय लिया।
    इंटेलिजेंस सूत्रों से पता चला कि चाचौड़ा जेल में बंद रामवीर अपने खिलाफ केस लड़ रहे लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था।इसी दबाव के चलते, 4 दिसंबर को ‘दाऊ’ के कुछ गुर्गे उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के नाराहट गांव पहुँचे। वहाँ उन्होंने ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह के परिजनों पर अपराध में राजीनामा करने का दबाव बनाया।

    ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह मर्डर केस: वर्दी पर लगा दाग
    रामवीर के आपराधिक इतिहास में सबसे गंभीर केस माखन कुशवाह की संदिग्ध मौत से जुड़ा है।घटना (जून 2015): उस समय थाना प्रभारी रहे रामवीर और उसके साथियों ने अवैध वसूली (एंट्री) के दौरान ट्रक ड्राइवर माखन को रोका, पैसे छीने और रूठियाई पुलिस चौकी से सटे एक पेट्रोल पंप पर खड़ा करा दिया।माखन से और पैसे की माँग करते हुए उसे दो दिन तक चौकी में बंद रखकर मारा-पीटा गया।20-21 जून 2015 की रात माखन पुलिस चौकी के ठीक सामने जली हुई अवस्था में मृत पाया गया था।इस गंभीर अपराध में रामवीर की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।

    पूर्व एसआई और 1 लाख का इनामी बदमाश
    रामवीर सिंह कुशवाह का इतिहास उसे और भी कुख्यात बनाता है क्योंकि वह स्वयं पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रह चुका है, जिसे बाद में आपराधिक कृत्यों के कारण बर्खास्त कर दिया गया।नौकरी के दौरान वर्दी को दागदार करने वाले रामवीर पर गुना जिले के तीन अलग-अलग थानों में हत्या, अपहरण, हत्या का प्रयास, सबूत मिटाने और धोखाधड़ी समेत 7 संगीन अपराध दर्ज हैं।वह हाईप्रोफाइल आत्माराम मर्डर केस में तीन साल तक फरार रहा था और उस पर एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।
    रामवीर उस समय भी चर्चा में आया था जब हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद गुना आने पर उसके गुर्गों ने फूलों से उसका स्वागत किया था। हालांकि, पुलिस ने उसे दूसरे मामलों में वांछित होने के कारण उसी समय घर से गिरफ्तार कर लिया था।

    जेल से गैंग चलाने के इनपुट के बाद सेंट्रल जेल रीवा में शिफ्ट किया जाना रामवीर ‘दाऊ’ की आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

  • जबलपुर हाईकोर्ट में आज होगी कोल्डड्रिंक कफ सिरप मामले की सुनवाई, डॉ. सोनी का दावा – बच्चों की मौत विभाग की जांच न होने से हुई

    जबलपुर हाईकोर्ट में आज होगी कोल्डड्रिंक कफ सिरप मामले की सुनवाई, डॉ. सोनी का दावा – बच्चों की मौत विभाग की जांच न होने से हुई


    जबलपुर । छिंदवाड़ा और बैतूल में कोल्डड्रिंक कफ सिरप पीने से 25 बच्चों की मौत के मामले में आरोपी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी ने जबलपुर हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा है।

    डॉ. सोनी ने अदालत में दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया कि बच्चों की मौत उसी सॉल्वेंट के कारण हुई, जो श्रीसन फार्मा कंपनी ने बैच नंबर 13 में मिलाया था। उन्होंने कहा कि यदि औषधि विभाग समय पर उस बैच की जांच करता, तो यह दुखद घटना नहीं होती।

    डॉ. सोनी ने यह भी बताया कि वह पिछले 20 सालों से यह दवा लिख रहे हैं और कभी किसी दवा से प्रतिकूल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। उनका कहना है कि कंपनी द्वारा हुई गलती की सजा उन्हें भुगतनी पड़ रही है।

    सुनवाई और जमानत का मामला
    जस्टिस प्रमोद अग्रवाल की अदालत ने डॉ. सोनी की जमानत अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई के निर्देश दिए हैं। छिंदवाड़ा के परासिया निवासी डॉ. प्रवीण सोनी को परासिया पुलिस ने 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। ये वही शिशु रोग विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने मृत बच्चों को कफ सिरप लिखी थी।

    पहले परासिया कोर्ट ने 8 अक्टूबर 2025 को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद डॉ. सोनी ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया। डॉ. सोनी अभी भी जेल में हैं। पुलिस ने उनकी पत्नी ज्योति सोनी को भी गिरफ्तार किया है। उनकी पत्नी के नाम पर वह मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा था, जहां से विवादित कफ सिरप बेची गई थी।

    डॉ. सोनी की ओर से सीनियर एडवोकेट शशांक शेखर और एडवोकेट समरेश कटारे, तथा राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी अदालत में मौजूद थे।

  • ग्वालियर में पति की चरित्र शंका बनी पत्नी के लिए जानलेवा, मोंगरी से हमला कर की हत्या

    ग्वालियर में पति की चरित्र शंका बनी पत्नी के लिए जानलेवा, मोंगरी से हमला कर की हत्या


    ग्वालियर । के खटीक मोहल्ले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां पति की चरित्र शंका के चलते पत्नी की हत्या कर दी गई। बुधवार देर रात हुए इस घटना में आरोपी पति फरार है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया है और आरोपी की तलाश जारी है।

    मृतक महिला रेनू मौर्य थीं, जिनकी शादी 25 साल पहले धर्मेंद्र मौर्य से हुई थी। आर्थिक मजबूरी के चलते रेनू एक निजी स्कूल में नौकरी करती थीं। परिवार के मुताबिक, धर्मेंद्र को अक्सर पत्नी के चरित्र को लेकर शक होता था, जिस कारण उनके बीच नियमित रूप से विवाद होता रहता था।

    घटना की रात भी इसी शक के चलते झगड़ा बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में धर्मेंद्र ने पास रखी मोंगरी से रेनू के सिर पर हमला किया। मोंगरी के प्रहार से रेनू बिस्तर पर लहूलुहान होकर गिर गईं। इसके बाद धर्मेंद्र ने उनके ऊपर कंबल डाल दिया और मौके से फरार हो गया।

    घटना के समय उनकी 12 वर्षीय बेटी मानसी घर की पहली मंजिल पर अपनी दादी के साथ थीं। शोर सुनकर जब वह नीचे आईं, तो उन्होंने अपनी मां को खून में लथपथ देखा। बड़े बेटे तरुण ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके से हत्या में इस्तेमाल की गई मोंगरी जब्त कर ली गई है।

    रेनू के भाई राजेश जाटव ने बताया कि धर्मेंद्र अक्सर शराब पीकर विवाद करता था। उन्होंने कहा कि छोटी बहन की शादी में भी उसने दखल दिया और आर्थिक तकरार के कारण बहस होती रहती थी।

    इंदरगंज थाना प्रभारी दीप्ति तोमर ने कहा कि झगड़े की मुख्य वजह चरित्र शंका थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

  • इंडिगो का बड़ा फैसला: रद्द उड़ानों के यात्रियों को 10 हजार तक मुआवजा, अतिरिक्त 10 हजार का ट्रैवल वाउचर भी मिलेगा

    इंडिगो का बड़ा फैसला: रद्द उड़ानों के यात्रियों को 10 हजार तक मुआवजा, अतिरिक्त 10 हजार का ट्रैवल वाउचर भी मिलेगा


    नई दिल्ली। दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के बाद यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगातार शिकायतों और DGCA की कार्रवाई के बाद अब एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए राहत की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि 3, 4 और 5 दिसंबर को रद्द हुई फ्लाइट्स के यात्रियों को सरकार के नियमों के अनुसार 5,000 से 10,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।

    इंडिगो ने कहा कि दिसंबर के पहले हफ्ते में फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण कई यात्रियों को आर्थिक नुकसान हुआ और यात्रा योजनाएं बाधित हुईं। इस स्थिति को देखते हुए कंपनी ने सबसे ज्यादा प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपये तक के अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर देने का भी फैसला किया है। ऐसे यात्रियों में वे लोग शामिल हैं जिनकी फ्लाइट बार-बार रीशेड्यूल हुई, जिनकी यात्रा कई बार बदली गई या जिन्हें एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा।

    कंपनी के अनुसार, ट्रैवल वाउचर अगले 12 महीनों तक वैध रहेगा और यात्री इसे किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय इंडिगो फ्लाइट में इस्तेमाल कर सकते हैं। मुआवजा राशि DGCA की गाइडलाइन्स के आधार पर दी जाएगी, जिसमें फ्लाइट की दूरी, टिकट श्रेणी और यात्री को हुई परेशानी को ध्यान में रखा जाएगा।

    इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने रजिस्टर्ड ईमेल और मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज चेक करें। मुआवजा और वाउचर क्लेम करने से संबंधित सभी जरूरी जानकारी वहीं भेजी गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया आसान हो सके।

  • इंदौर: 8 माह की गर्भवती महिला से मारपीट, पति और सास पर FIR दर्ज—दादी ने अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान

    इंदौर: 8 माह की गर्भवती महिला से मारपीट, पति और सास पर FIR दर्ज—दादी ने अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान

    इंदौर । के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में 8 महीने की गर्भवती महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति और सास के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। महिला का आरोप है कि घरेलू विवाद के दौरान पति ने उसके पेट पर लात मारी और सास ने बाल पकड़कर उसे घसीटा, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई।

    अमर पैलेस कॉलोनी निवासी मुस्कान गायकवाड़ ने बताया कि बुधवार रात पुरानी बात को लेकर फिर बहस हो गई। उसने कहा कि कुछ दिनों पहले, 4 दिसंबर को, नौकरी पर जाने की बात को लेकर पति अरुण राणे से झगड़ा हुआ था और तब भी उसने मारपीट की थी। बुधवार को वही विवाद दोबारा निकल आया और गुस्से में पति ने उसके पेट पर लात मारी, जिससे तेज दर्द शुरू हो गया। इसी दौरान सास सोनू राणे ने उसका बाल पकड़कर खींचा और लगातार अपशब्द कहे।

    दर्द बढ़ने पर मुस्कान ने अपनी दादी मंगीबाई को फोन किया। दादी तुरंत घर पहुँचीं और उसे अस्पताल ले गईं। इलाज के बाद पीड़िता ने पुलिस में पति और सास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। मुस्कान ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले उसने अरुण राणे से कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन शादी के बाद से ही विवाद और मारपीट की घटनाएँ बढ़ती जा रही थीं।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • फर्जी खबरों से भड़का विवाद: VIT भोपाल ने सरकार को भेजा विस्तृत जवाब, कहा- 17 हजार छात्रों में केवल 35 को पीलिया

    फर्जी खबरों से भड़का विवाद: VIT भोपाल ने सरकार को भेजा विस्तृत जवाब, कहा- 17 हजार छात्रों में केवल 35 को पीलिया


    भोपाल । VIT भोपाल यूनिवर्सिटी ने राज्य सरकार के शो-कॉज नोटिस पर 49 पन्नों का विस्तृत जवाब भेजते हुए आरोपों को भ्रमित करने वाला, तथ्यहीन और अफवाहों पर आधारित बताया है। विश्वविद्यालय ने साफ कहा कि भोजन, पानी, हॉस्टल, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े सभी प्रावधान तय मानकों के अनुरूप हैं। संस्था के अनुसार, हालिया उपद्रव सोशल मीडिया पर फैलाई गई फर्जी खबरों और भड़काऊ संदेशों के कारण हुआ।

    यूनिवर्सिटी ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि कैंपस में 8 बॉयज और 2 गर्ल्स हॉस्टल हैं, जिनमें प्रतिष्ठित केटरर्स भोजन उपलब्ध कराते हैं। फूड मेन्यू छात्रों की फूड कमेटी तय करती है, और फीडबैक पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। पानी की गुणवत्ता ISO 10500 मानकों के अनुसार नियमित रूप से जांची जाती है, जिसके लिए ओजोनाइजर, सैंड फिल्टर और वॉटर सॉफ्टनर लगाए गए हैं। प्रबंधन ने यह भी बताया कि जल्द ही कैंपस में फूड और वॉटर टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी।

    पीलिया फैलने की खबरों पर यूनिवर्सिटी ने कहा कि कुल 17,121 छात्रों में से केवल 35 विद्यार्थियों में ही पीलिया के लक्षण पाए गए, जिन्हें तुरंत मेडिकल सुविधा दी गई। संस्थान में 24×7 डॉक्टर, नर्सें और 8-बेड की मेडिकल यूनिट मौजूद है। गंभीर मामलों में छात्रों को मान्यता प्राप्त अस्पतालों, जैसे चिरायु अस्पताल, भेजा गया। छात्रों की मेडिकल रिपोर्ट न देने के आरोप को भी असत्य बताया गया।

    VIT ने सुरक्षा और अनुशासन संबंधी आरोपों को भी खारिज किया। संस्था ने कहा कि किसी अधिकारी को रोका नहीं गया, न ही छात्रों को धमकाया गया। यूनिवर्सिटी के अनुसार विरोध के दौरान अफवाहों के चलते छात्रों ने एक एम्बुलेंस, बस, कारें और लैब उपकरणों को नुकसान पहुंचाया, CCTV सिस्टम तोड़ दिया और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की गई। इन घटनाओं से कर्मचारियों की जान भी खतरे में पड़ी।

    अंत में विश्वविद्यालय ने कहा कि शो-कॉज नोटिस गलत सूचनाओं पर आधारित है, इसलिए इसे वापस लिया जाए। साथ ही, तथ्यात्मक सुनवाई का अवसर देने का अनुरोध भी किया गया। VIT भोपाल ने अपनी उपलब्धियों-डॉक्टरेट फैकल्टी, वैश्विक MoUs, आधुनिक लैब्स और प्लेसमेंट रिकॉर्ड-का उल्लेख करते हुए कहा कि वह हमेशा सभी मानकों का पालन करता आया है।

  • भोपाल में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वन-वेरांग साइड से आए तो होगा चालान

    भोपाल में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वन-वेरांग साइड से आए तो होगा चालान


    भोपाल।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। अब रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक ट्रैफिक एकतरफा यानी वन-वे कर दिया गया है। यह निर्णय पुराने शहर की सड़कों पर यातायात की समस्या को ध्यान में रखते हुए लिया गया हैजहां दिनभर भारी ट्रैफिक दबाव बना रहता है। इस मार्ग को नए और पुराने शहर को जोड़ने वाला सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता हैजिस पर रोजाना लगभग एक लाख वाहन गुजरते हैं।
    सख्त ट्रैफिक नियंत्रण के उपाय

    रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक का मार्गजो कि भोपाल के पुराने इलाके का प्रमुख रास्ता हैअब पूरी तरह वन-वे हो गया है। इससे पहले इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव बहुत अधिक होता थाजिसके कारण लंबे समय से यातायात व्यवस्था में गड़बड़ी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था। पुलिस ने इस समस्या से निपटने के लिए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वाहनों की आवाजाही को एकतरफा करने का निर्णय लिया हैताकि ट्रैफिक की गति को नियंत्रित किया जा सके और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके।

    इसके तहत अब वापसी के लिए अलग वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया हैजिससे यात्री अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें। लेकिनयदि कोई वाहन चालक रांग साइड से इस मार्ग पर प्रवेश करता हैतो उसे चेकिंग प्वाइंट्स पर पकड़कर चालान किया जाएगा। पुलिस ने इस व्यवस्था के तहत नियमों को कड़ा करने का निर्णय लिया है ताकि शहर में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुचारू और सुरक्षित बनाया जा सके।

    आईटीएमएस कैमरे की निगरानी

    पुलिस ने ट्रैफिक की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए कई स्थानों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम कैमरे भी लगाए हैं। इन कैमरों से यातायात की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगीऔर रांग साइड से वाहन चलाने वालों को पकड़ा जाएगा। यह कदम शहर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए उठाया गया हैताकि नियमों का पालन सख्ती से किया जा सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

    ट्रैफिक समस्या और वन-वे का महत्व

    भोपाल के पुराने शहर की सड़कों पर रोजाना लगभग एक लाख वाहन गुजरते हैंजिससे ट्रैफिक का दबाव दिनभर बना रहता है। रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक का मार्ग इस क्षेत्र का प्रमुख यातायात मार्ग हैऔर यह दोनों शहरों को जोड़ता है। इस मार्ग पर अत्यधिक ट्रैफिक होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थीजिससे आम जनजीवन प्रभावित होता था। इस समस्या को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की हैजो आने वाले समय में ट्रैफिक के दबाव को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

    आगे की योजना और जागरूकता

    पुलिस ने ट्रैफिक के इस नए नियम को लागू करने के बाद अब जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई हैताकि लोग इस नए ट्रैफिक नियम को समझें और उसका पालन करें। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे रांग साइड से वाहन न चलाएं और नए नियमों का पालन करें। इसके अलावापुलिस ने चालानी कार्रवाई को कड़ा करते हुए यह स्पष्ट किया है कि इस नियम का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    भोपाल में ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वन-वे व्यवस्था लागू करना एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है। इस कदम से जहां एक ओर यातायात की समस्या को हल करने में मदद मिलेगीवहीं दूसरी ओर दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकेगा। पुलिस की ओर से नियमों की सख्ती से पालन कराने और आईटीएमएस कैमरों की मदद से ट्रैफिक की निगरानी को और बेहतर बनाया जाएगा। इस तरह की ट्रैफिक सुधार योजनाएं अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती हैं।

  • अमेरिकी नागरिकता का नया दावा! ट्रंप का ‘Gold Card’ प्रोग्राम चर्चा में-जानें फीस और पूरा प्रोसेस

    अमेरिकी नागरिकता का नया दावा! ट्रंप का ‘Gold Card’ प्रोग्राम चर्चा में-जानें फीस और पूरा प्रोसेस


    अमेरिका। में स्थायी रूप से बसने का सपना देखने वालों के लिए बड़ी चर्चा सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया इन्वेस्टर-आधारित इमिग्रेशन मॉडल “Trump Gold Card” लॉन्च किया है, जिसे अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का बड़ा बदलाव बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह प्रोग्राम योग्य व्यक्तियों को भविष्य में अमेरिकी नागरिकता तक पहुँचने का अवसर प्रदान कर सकता है।

    माना जा रहा है कि Gold Card दो श्रेणियों में जारी किया जा रहा है-पहला Gold Card, जो व्यक्तिगत आवेदकों के लिए है, और दूसरा Corporate Gold Card, जो उन कर्मचारियों के लिए है जिन्हें उनकी कंपनी अमेरिका भेजना चाहती है। इसके अलावा एक Platinum Card शुरू करने की भी बात सामने आ रही है, जो लगभग 270 दिन तक अमेरिका में रहने की अनुमति दे सकता है।

    इस कार्ड की लागत को लेकर किए गए दावों के अनुसार, Gold Card के लिए $15,000 का नॉन-रिफंडेबल आवेदन शुल्क देना होगा, और मंजूरी मिलने पर $1 मिलियन की एकमुश्त रकम जमा करनी होगी। वहीं Corporate Gold Card के लिए कंपनियों से मंजूरी के बाद $2 मिलियन तक का भुगतान लेने की बात कही जा रही है। इसे निवेश और टैलेंट को अमेरिका की ओर आकर्षित करने का प्रयास बताया जा रहा है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक आवेदन प्रक्रिया सरल है-बता‍या गया है कि आवेदक को trumpcard.gov वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरना होता है और अंतरराष्ट्रीय अथवा अमेरिकी क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान किया जा सकता है। हालांकि, इस प्रोग्राम की आधिकारिक पुष्टि अमेरिकी सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध नहीं है।

    इसी वजह से विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि वीज़ा, इमिग्रेशन और नागरिकता से जुड़ी किसी भी जानकारी या आवेदन से पहले USCIS और U.S. State Department जैसे आधिकारिक स्रोतों को ही अंतिम आधार माना जाए, ताकि किसी भी तरह की भ्रमित जानकारी या गलत दावे से बचा जा सके।