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  • हरियाणा में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें

    हरियाणा में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें


    हरियाणा। में सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर बुधवार (10 दिसंबर) से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार की ओर से डॉक्टरों पर ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू किया गया है, साथ ही No Work No Pay का नियम भी लगाया गया, लेकिन डॉक्टर अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल जारी रखेंगे।

    इस वजह से सरकारी अस्पतालों में मरीज दवा लेने और इलाज कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं और कई जगहों पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    डॉक्टरों की मुख्य मांगें

    हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने पिछले साल लिखित रूप में कहा था कि सरकारी डॉक्टरों की पदोन्नति के लिए Assured Career Progression (ACP) लागू किया जाएगा, लेकिन अब तक यह लागू नहीं हुआ है।
    डॉ. ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने हाल ही में 200 SMO (Senior Medical Officer) भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें 160 पद सीधे भरे जाएंगे। उनका कहना है कि यह मौजूदा सरकारी डॉक्टरों के साथ अन्याय है, क्योंकि इन पदों पर उनकी पदोन्नति होनी चाहिए थी।

    खाली पदों की समस्या

    राज्य में लगभग 600 मेडिकल ऑफिसर्स के पद खाली हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पहले इन पदों को भरा जाना चाहिए, न कि हड़ताल करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

    भूख हड़ताल का ऐलान

    डॉ. ख्यालिया ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशालय पंचकूला में तीन डॉक्टरों ने हड़ताल के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

    सरकार की प्रतिक्रिया

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने डॉक्टरों की कुछ मांगें मान ली हैं और शेष पर बातचीत जारी है। इसके बावजूद डॉक्टर अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।

    इस हड़ताल के चलते हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी असर पड़ रहा है और मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

  • संजय कपूर की वसीयत पर विवाद प्रिय‍ ,सचदेव कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में विदेशी संपत्तियों पर दलील दी

    संजय कपूर की वसीयत पर विवाद प्रिय‍ ,सचदेव कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में विदेशी संपत्तियों पर दलील दी


    नई दिल्ली। उद्योगपति संजय कपूर की बहु-करोड़ की संपत्ति को लेकर उनके परिवर में कनूनी विवद तेज हो गय है। उनकी विधव पत्नी प्रिय‍। सचदेव कपूर और उनके नबलिग बेटे ने मंगलवर को दिल्ली हई कोर्ट में यह दलील दी कि ब्रिटेन और अमेरिक में स्थित उनकी संपत्तियों पर दिल्ली हई कोर्ट क कोई अधिकर क्षेत्र नहीं है। यह ममल संजय कपूर की वसीयत के करण उठ हैजिसे लेकर परिवर के सदस्य एक-दूसरे पर आरोप लग रहे हैं।

    यह विवद तब शुरू हुआ जब संजय कपूर की पहली पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्म कपूर के बच्चे समयर और कियनअपनी मं को अभिभवक बनकर अदलत पहुंचे। उन्होंने आरोप लगय कि प्रिय‍। कपूर ने संजय की वसीयत को फर्जी तरीके से तैयर किय हैऔर वह इस वसीयत के आधर पर विदेशों में स्थित करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर मलिकन हक जतन चहती हैं।

    दिल्ली हई कोर्ट में सुनवई और दलीलें

    मंगलवर को दिल्ली हई कोर्ट में सुनवई के दौरन प्रिय‍। कपूर और उनके नबलिग बेटे के वकील ने यह दलील दी कि विदेशों में स्थित अचल संपत्तियों को लेकर किसी भी प्रकर क आदेश विदेशी न्ययलयों के अधिकर क्षेत्र में आत है। ऐसे में दिल्ली हई कोर्ट इन संपत्तियों पर कोई स्टेटस-को य प्रतिबंध लगने क आदेश नहीं दे सकती। इस पर न्ययमूर्ति ज्योति सिंह ने सभी पक्षकरों की दलीलें सुनीं और सभी को लिखित जवब दखिल करने क निर्देश दिय। कोर्ट ने ममले को 22 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कियजब यह तय किय जएग कि दिल्ली हई कोर्ट विदेशी संपत्तियों पर कोई अंतरिम रहत दे सकती है य नहीं।

    करिश्म कपूर के बच्चों क पक्ष

    इस दौरन करिश्म कपूर के बच्चों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्त महेश जेठमलनी ने अदलत से अनुरोध किय कि यदि कोर्ट सीधे विदेशी संपत्तियों पर आदेश नहीं दे सकतीतो कम से कम प्रिय‍ कपूर को फर्जी वसीयत क इस्तेमल करके विदेशों में स्थित संपत्तियों क मलिकन हक लेने से रोक जए। करिश्म के बच्चों क आरोप है कि संजय कपूर द्वर तैयर की गई कथित वसीयत में लगभग 30000 करोड़ रुपये की संपत्तियों क उल्लेख हैऔर इस वसीयत की सत्यत पर गंभीर सवल उठए ज रहे हैं।

    AIPL में शेयरों क विवद

    प्रिय‍। कपूर के नबलिग बेटे के वकील अखिल सिब्बल ने कोर्ट में यह स्पष्ट किय कि प्रिय‍ कपूर क में स्थित शेयरों को बेचने क कोई इरद नहीं है। उनके अनुसरये शेयर संजय कपूर की मृत्यु के बद कनूनी रूप से प्रिय‍ के नम ट्रंसफर हुए हैं। यह विवद केवल विदेशों में स्थित अचल संपत्तियों के संबंध में हैजिन पर दिल्ली हई कोर्ट कोई आदेश नहीं दे सकती।

    संजय कपूर क परिवर और संपत्ति क विवद

    इस ममले में केवल करिश्म कपूर के बच्चे ही नहींबल्कि संजय कपूर की मं और बहन भी वसीयत की प्रमणिकत पर सवल उठ चुकी हैं। संजय कपूरजो Sona Comstar के चेयरमैन थेइस वर्ष जून में लंदन में एक पोलो मैच के दौरन निधन हो गए थे। संजय की शदी पहले करिश्म कपूर से 2003 से 2016 तक रहीऔर फिर 2017 में प्रिय‍ सचदेव कपूर से हुई थी।

    आने वली सुनवई और संभवित कनूनी मोड़

    22 दिसंबर को अदलत यह तय करेगी कि क्य दिल्ली हई कोर्ट विदेशी संपत्तियों के संबंध में कोई अंतरिम रहत दे सकती हैय फिर इस ममले को संबंधित विदेशी न्ययलयों के अधिकर क्षेत्र में भेज जएग। यह ममल संजय कपूर की संपत्ति को लेकर कनूनी दंव-पेच क हिस्स बन चुक है और कपूर परिवर को कई हिस्सों में बंटने वल है। आने वले दिनों में यह ममल और भी महत्वपूर्ण कनूनी मोड़ ले सकत हैजिससे परिवर के रिश्तों और संपत्तियों की भविष्यवणी करन मुश्किल हो सकत है। संपत्ति विवदों के इस जटिल ममले ने कपूर परिवर में दररें पैद कर दी हैं और यह पूरी कनूनी लड़ई न केवल एक परिवरबल्कि भरतीय फिल्म इंडस्ट्री के एक प्रमुख परिवर के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

  • झाबुआ में धर्म परिवर्तन विवाद: ईसाई बने शख्स को ‘जय श्रीराम’ न बोलने पर पीटा, वीडियो वायरल

    झाबुआ में धर्म परिवर्तन विवाद: ईसाई बने शख्स को ‘जय श्रीराम’ न बोलने पर पीटा, वीडियो वायरल


    मध्य प्रदेश। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें झाबुआ जिले के पाटडी गांव का नजारा दिखाई दे रहा है। वीडियो में रावजी डामर नाम का व्यक्ति स्पष्ट रूप से कहता है, मैं अब ईसाई हूं, जय श्री राम नहीं बोलूंगा।” इसके बाद कुछ गांववालों ने उसे रोकने की कोशिश की और उसे मारपीट शुरू कर दी।

    मामला तब और बढ़ गया जब रावजी अपने धर्म के चुनाव पर अडिग रहे। मारपीट के दौरान उन्हें गालियां भी दी गईं। इस घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया और मामले को लेकर दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    थांदला थाना के SDOP नीरज नामदेव ने बताया कि मामले की जांच जारी है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस आरोपियों को जल्द पकड़ने की बात कह रही है।

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी विवाद छिड़ गया। लोग अलग-अलग राय दे रहे हैं—कुछ रावजी के समर्थन में हैं, तो कुछ पीटने वाले पक्ष की वजहों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना ने सिर्फ गांव में ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बहस छेड़ दी है कि किसी को अपने धर्म के चुनाव के लिए दबाव देना कितना सही है।

    इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि जय श्री राम कहना या न कहना केवल शब्दों का मामला नहीं, बल्कि अधिकार और धर्म के चुनाव से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है।

  • धर्मेंद्र की दिल्ली प्रेयर मीट में ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी होंगे शामिल

    धर्मेंद्र की दिल्ली प्रेयर मीट में ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी होंगे शामिल


    नई दिल्ली बॉलीवुड के लिजेंडरी एक्टर धर्मेंद्र के निधन के बाद उनका परिवार अभी भी गहरे शोक में डूबा हुआ है। ऐसे में उनकी याद में आयोजित की जा रही प्रेयर मीट में परिवार और दोस्तों की उपस्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो गई है। इस बार हेमा मालिनी और उनकी बेटी ईशा देओल ने नई दिल्ली में एक प्रेयर मीट आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह आयोजन 11 दिसंबर को डॉक्टर अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर जनपथ में होने जा रहा है। यह एक इमोशनल अवसर होगा जब परिवार और धर्मेंद्र के शुभचिंतक उनके 90वें जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

    इस प्रेयर मीट की खबरों के अनुसार ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। भरत और ईशा का तलाक हो चुका है लेकिन फिर भी दोनों के बीच दोस्ती और समझदारी बनी हुई है। उनका रिश्ता अब भले ही शादीशुदा नहीं रहा लेकिन वे एक-दूसरे के हर सुख-दुख में साथ हैं। पिछले साल उनका तलाक हुआ था लेकिन इस कठिन समय में भी भरत अपनी बेटी राध्या और मिराया के लिए ईशा के साथ खड़े हैं।

    यह घटनाक्रम दर्शाता है कि परिवार और रिश्तों की अहमियत जीवन में हमेशा बनी रहती है चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों। ईशा के बुरे वक्त में भरत का समर्थन एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि लोग भले ही अलग हो जाएं लेकिन इंसानियत और मानवीय संबंधों का सम्मान हमेशा महत्वपूर्ण रहता है।

    हेमा मालिनी ने 27 नवंबर को मुंबई में भी धर्मेंद्र की याद में एक प्रेयर मीट का आयोजन किया था जिसमें भरत तख्तानी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। यह मीट भी एक भावुक अवसर था जहां धर्मेंद्र के फैंस और परिवार ने उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की। इस मीट में भरत के साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हुए थे और ईशा के दुख में उनका साथ दिया था।

    अब दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रेयर मीट में ईशा देओल की बहन अहाना देओल भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकती हैं। अहाना अपने पति वैभव वोहरा के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस प्रकार यह आयोजन पूरी देओल परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण और भावुक अवसर होगा जहां वे अपने प्रिय धर्मेंद्र की याद में एकजुट होंगे।

    धर्मेंद्र के 90वें जन्मदिन पर आयोजित इस प्रेयर मीट में सनी और बॉबी देओल ने भी भाग लिया था। इस दौरान वे फैंस के साथ मिले और धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि अर्पित की। सनी और बॉबी ने न केवल भारत से बल्कि विदेशों से आए फैंस के साथ भी अपनी भावनाएँ साझा कीं। धर्मेंद्र का योगदान भारतीय सिनेमा में अनमोल रहेगा और उनकी फिल्मों और व्यक्तित्व के प्रति प्रशंसा हमेशा बरकरार रहेगी। इस प्रकार धर्मेंद्र के परिवार द्वारा आयोजित किए गए यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम एक यादगार और भावुक मौका होगा जिसमें उनके साथ बिताए गए समय की यादें और उनके योगदान को सम्मानित किया जाएगा।

  • UP में रोजगार का मेगा मिशन: CM योगी ने गोरखपुर में आधुनिक ITI भवन का किया उद्घाटन, बोले-“50 हजार युवाओं को मिली है सीधे नौकरी”

    UP में रोजगार का मेगा मिशन: CM योगी ने गोरखपुर में आधुनिक ITI भवन का किया उद्घाटन, बोले-“50 हजार युवाओं को मिली है सीधे नौकरी”


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को कौशल और रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिपरौली ब्लॉक में नवनिर्मित राजकीय ITI भवन का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक ITI पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा CSR फंडिंग के तहत बनाया गया है।

    सरकार का यह प्रयास न सिर्फ तकनीकी शिक्षा को आधुनिक बनाएगा, बल्कि गोरखपुर को कौशल विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।

    GIDA के अनुरूप तैयार होगा आधुनिक वर्कफोर्स

    सीएम योगी ने कहा कि यह नया ITI, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) में तेजी से बढ़ते औद्योगिक माहौल के हिसाब से युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाएगा।
    उन्होंने कहा-
    अब युवाओं को सिर्फ पारंपरिक हुनर नहीं, बल्कि ड्रोन, AI, रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग और IoT जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए ITI में अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के कोर्स शुरू किए गए हैं।

    सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा नई टेक्नोलॉजी पर पकड़ बनाए और रोजगार की नई संभावनाओं का लाभ उठा सके।

    GIDA में 15,000 करोड़ का निवेश-50,000 को मिली नौकरी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बीते आठ वर्षों में गोरखपुर के GIDA क्षेत्र में अब तक 12–15 हजार करोड़ का निवेश हो चुका है।
    इससे सीधे 50,000 युवाओं को नौकरी मिली है।

    उन्होंने कहा-
    “UP अब निवेश का नया गढ़ बन चुका है। उद्योगों के स्थापित होने से युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है।”

    यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि योगी सरकार प्रदेश में उद्योग, तकनीकी प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने पर बेहद जोर दे रही है।

    UP में हर गांव से निकलेगा नया टैलेंट

    हाल ही में सीएम योगी ने 75 जिलों में एक साथ बड़े पैमाने पर कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर ब्लॉक और हर जिले से तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवा निकलकर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों को अपनाएं।

    राज्य में सांस्कृतिक प्रोजेक्ट्स को भी बढ़ावा

    इसी बीच योगी सरकार ने सांस्कृतिक विकास के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं-

    दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किए जाने पर CM ने प्रसन्नता जताई।

    बरेली के छह प्राचीन मंदिरों के विकास के लिए 11.98 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

    गोरखपुर ITI का उद्घाटन, GIDA में बढ़ता निवेश और हजारों युवाओं को मिली नौकरी-ये सब दर्शाते हैं कि योगी सरकार तकनीक, कौशल और रोजगार को लेकर तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में UP का हर जिला आधुनिक शिक्षा और औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बन सकता है।

  • दिवाली हुई ग्लोबल: यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल, भारत में जश्न-PM मोदी बोले, दुनिया में बढ़ेगी दिवाली की लोकप्रियता

    दिवाली हुई ग्लोबल: यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल, भारत में जश्न-PM मोदी बोले, दुनिया में बढ़ेगी दिवाली की लोकप्रियता


    नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े और पवित्र त्योहारों में से एक दिवाली को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ऐतिहासिक मान्यता मिल गई है। यूनेस्को ने बुधवार को दीपावली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) सूची में शामिल करने की घोषणा की। यह फैसला नई दिल्ली के लाल किले में हो रही 20वीं अंतरसरकारी समिति की बैठक में लिया गया, जिसमें 78 देशों के नामांकन पर विचार किया जा रहा है।

    PM मोदी ने जताई खुशी

    यूनेस्को के इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया में भारतीय समुदाय के लिए यह गर्व का क्षण है। उन्होंने एक्स पर लिखा-
    “दीपावली हमारी संस्कृति और मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। इसे वैश्विक विरासत सूची में शामिल किए जाने से इस उत्सव की लोकप्रियता और बढ़ेगी। यह त्योहार सत्य, प्रकाश और मानवता की विजय का संदेश देता है।”

    भारत पहली बार कर रहा है समिति की मेजबानी

    यह पहला अवसर है जब भारत यूनेस्को की ICH समिति की बैठक की मेजबानी कर रहा है। लाल किले पर आयोजित इस सत्र में हजारों वर्षों पुरानी भारतीय परंपराओं को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। दिवाली को सूची में शामिल किए जाने की घोषणा होते ही “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” के नारे गूंज उठे।

    केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने इसे बताया ऐतिहासिक सम्मान

    केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा-
    “यह सिर्फ त्योहार नहीं, भारतीय समाज की भावनात्मक धरोहर है। मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों से लेकर हाथों से सजावट तैयार करने वाले कारीगरों तक-लाखों लोग इस परंपरा से जुड़े हैं। यूनेस्को का टैग हमें इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी देता है।”

    दिल्ली में मनाया जाएगा विशेष उत्सव

    दिवाली को वैश्विक विरासत सूची में जगह मिलने के बाद दिल्ली सरकार ने शहर को रोशनी से सजाने, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने और विशेष दीप-प्रज्वलन समारोह की तैयारी की है। कई ऐतिहासिक इमारतों को शानदार लाइटिंग से सजाया गया है।

    क्यों है दिवाली इतनी खास?

    दिवाली भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में रहने वाले करोड़ों लोगों का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है।

    हिंदू, सिख, जैन और कई अन्य समुदाय इसे अपनी-अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार मनाते हैं।

    यह त्योहार अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है।

    उत्तर भारत में इसे भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की स्मृति में मनाया जाता है।

    अमावस्या की रात घरों में दीये जलाना, रंगोली बनाना, लक्ष्मी पूजा, मिठाइयाँ बांटना और नई खरीदारी करना इस उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    भारत की ये परंपराएँ पहले से सूची में शामिल हैं

    दिवाली के साथ भारत की कुल 15 सांस्कृतिक परंपराएँ अब यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची का हिस्सा हैं। इनमें शामिल हैं-

    रामलीला

    योग

    कुंभ मेला

    कोलकाता की दुर्गा पूजा

    गुजरात का गरबा

    वैदिक मंत्रोच्चार परंपरा

    यूनेस्को की सूची में दिवाली का शामिल होना सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की वैश्विक शक्ति का प्रमाण है। यह त्योहार अब दुनिया भर में भारतीय पहचान और सांस्कृतिक विविधता का और मजबूत प्रतीक बन जाएगा।

  • 'EVM नहीं, दिलों को हैक करते हैं PM मोदी'; कंगना रनौत का कांग्रेस पर तंज

    'EVM नहीं, दिलों को हैक करते हैं PM मोदी'; कंगना रनौत का कांग्रेस पर तंज


    नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बीजेपी सांसद कंगना रनौत संसद कांग्रेस के EVM हैक वाले आरोप को लेकर बड़ा आरोप लगया। कंगना रनौता ने कहा कि कांग्रेस वालों तुम लोग ये समझ नहीं पा रहे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी EVM हैक नहीं करते प्रधानमंत्री, वो तो दिलों को हैक करते है।Modi EVM Hack Row
    दरअसल, फिल्म अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में एसआईआर पर चर्चा के दौरान बोल रहीं थी। इस दौरान उन्होंने में एसआईआर पर बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी ‘EVM नहीं बल्कि दिल हैक करते हैं। कंगना रनौत का कहना है कि विपक्ष ने सदन को चलने नहीं दिया और हर तरह की चालें चलीं।

    उल्लेखनीय है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान जहां विपक्ष ने एसआईआर, वोट चोरी और वंदे मातरम के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसी के जवाब के दौरान बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने बीजेपी पर तीखा व्यंग किया।

    इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने राहुल गांधी के जर्मनी दौरे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं उनके (राहुल गांधी) के दौरों की कोई खबर नहीं रखती हूं, न ही उनके बारे में कोई न्यूज पढ़ती हूं। उनकी खबरें हमेशा बेकार ही होती हैं।’ उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के चरित्र में कोई ताकत नहीं है इसलिए मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।

    राहुल गांधी पर्यटन वाले नेता
    राहुल गांधी के जर्मनी यात्रा को लेकर भाजपा ने निशाना साधते हुए उन्हें पर्यटन वाला नेता कहा है। एक तरफ जहां, सत्ताधारी बीजेपी ने उन पर बार-बार विदेश यात्राओं के लिए अपने कर्तव्यों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। तो वहीं, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं का हवाला दिया है।

  • Beauty Trends 2025: पूरे साल छाए रहे ये 5 ट्रेंड-नेचुरल ग्लो और सिंपल ब्यूटी का चला जबरदस्त क्रेज

    Beauty Trends 2025: पूरे साल छाए रहे ये 5 ट्रेंड-नेचुरल ग्लो और सिंपल ब्यूटी का चला जबरदस्त क्रेज


    नई दिल्ली। साल 2025 ब्यूटी और फैशन की दुनिया में नेचुरल ग्लो, सिंपल मेकअप और स्किन-फ्रेंडली रूटीन का साल रहा। जहां पहले भारी-भरकम मेकअप और लेयर्ड स्किनकेयर पसंद किया जाता था, वहीं इस साल महिलाओं ने हल्के, आसान और दमकते लुक्स को अपनाया। सोशल मीडिया पर पूरे साल कुछ खास ब्यूटी ट्रेंड्स वायरल रहे, जिन्हें न सिर्फ आम महिलाओं बल्कि कई सेलिब्रिटी और इन्फ्लुएंसर्स ने भी फॉलो किया। आइए जानते हैं 2025 के वो 5 ब्यूटी ट्रेंड्स जिन्हें महिलाओं ने खूब पसंद किया-

    1. सिंपल स्किनकेयर रूटीन (Simple Skincare Routine)

    2025 में महिलाओं ने स्किन के लिए “क्लीन और मिनिमल” रूटीन चुनना शुरू किया।
    ज्यादा प्रोडक्ट्स की जगह सिर्फ क्लेंजर + मॉइस्चराइज़र + सनस्क्रीन की बेसिक रूटीन बेहद लोकप्रिय रही। घरेलू नुस्खे, नैचुरल फेस पैक और केमिकल-फ्री प्रोडक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ी।
    सेलिब्रिटी भी अपने नो-फिल्टर स्किनकेयर को खुलकर शेयर करती दिखीं।

    2. कोरियन ग्लो (Korean Glass Skin Trend)

    कोरियन स्किनकेयर का जादू 2025 में भी छाया रहा।
    ग्लास स्किन यानी चमकदार, साफ और हाईड्रेटेड लुक पाने के लिए महिलाएं-

    हाइड्रेशन-युक्त सीरम

    शीट मास्क

    डबल क्लेंज़िंग
    का खूब इस्तेमाल करती रहीं।
    सोशल मीडिया पर “ग्लोइंग स्किन चैलेंज” और “K-स्किनकेयर रूटीन” खूब वायरल हुए।

    3. रेट्रो मेकअप लुक (Retro Makeup Comeback)

    क्लासिक और एलीगेंट 90’s और 80’s मेकअप 2025 में फिर से छा गया।
    इस लुक की खासियत-

    सॉफ्ट और नैचुरल आई शैडो

    न्यूड या ब्राउन लिप्स

    हल्का ब्लश

    पॉलिश्ड, सिंपल फिनिश
    AI फोटो टूल्स और रेट्रो फिल्टर ट्रेंड की वजह से भी यह लुक खूब पसंद किया गया।

    4. स्किनिमलिज़्म (Skinminimalism)

    कम मेकअप और ज्यादा नैचुरल ब्यूटी- यही ट्रेंड 2025 में सबसे बड़ा मूवमेंट रहा।
    इसका मकसद त्वचा की वास्तविक चमक को उभारना है।

    कम प्रोडक्ट्स

    कम केमिकल

    ज्यादा नेचुरल स्किन केयर
    महिलाओं ने “स्किन ब्रीदिंग” और “नो-फाउंडेशन डे” को बढ़ावा दिया और Skinminimalism टैग ट्रेंड में रहा।

    5. मैचा स्किनकेयर (Matcha Beauty Trend)

    ग्रीन टी की तरह मैचा अब ब्यूटी इंडस्ट्री का सुपरफूड बन गया।
    इसके एंटीऑक्सीडेंट और डिटॉक्स गुणों के कारण-

    मैचा फेस मास्क

    मैचा क्लेंज़र

    मैचा सीरम
    2025 में बेहद लोकप्रिय रहे।
    इसने स्किन को ग्लोइंग, सूदिंग और ब्राइट बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।

    2025 की ब्यूटी दुनिया ने साबित किया कि खूबसूरती का असली राज़ नेचुरल ग्लो, स्वस्थ स्किन और सिंपल ब्यूटी रूटीन में है।
    इस साल ट्रेंड्स ने महिलाओं को यह एहसास कराया कि कम भी खूबसूरत हो सकता है-और असली ब्यूटी आत्मविश्वास से आती है!

  • ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया बैन कियाकंपनियों पर जुर्माना लगाने का आदेश

    ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया बैन कियाकंपनियों पर जुर्माना लगाने का आदेश


    नई दिल्ली ।
    ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बैन कर दिया है। यह कदम दुनिया में इस तरह का पहला कदम हैजो 10 दिसंबर से लागू हो चुका है। अब से 16 साल से छोटे बच्चे और किशोर फेसबुकइंस्टाग्रामयूट्यूबटिकटॉक जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। सोशल मीडिया कंपनियों को आदेश दिए गए हैं कि वे इन प्लेटफॉर्म्स पर छोटे उम्र के यूजर्स के अकाउंट डिलीट करें और ऐसा नहीं करने पर भारी पैनल्टी का सामना करना पड़ेगा। हालांकिपेरेंट्स और टीनएजर्स पर कोई पैनल्टी नहीं लगेगी।

    ऑस्ट्रेलिया में नया कानून

    ऑस्ट्रेलिया ने यह नया कानून लागू कर दिया हैजो 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया के उपयोग से प्रतिबंधित करता है। इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरों को सोशल मीडिया की लत और उसके नकरात्मक प्रभावों से बचाना है। इस कानून के लागू होने से अब 16 साल से कम उम्र के यूजर्स को फेसबुकइंस्टाग्रामटिकटॉक और यूट्यूब जैसी प्रमुख सोशल मीडिया साइट्स का इस्तेमाल करना प्रतिबंधित होगा। इन प्लेटफॉर्म्स को यह आदेश दिया गया है कि वे इन उम्र के यूजर्स के अकाउंट्स को तुरंत डिलीट करें और यदि ऐसा नहीं किया गया तो उन कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

    कंपनियों पर होगा जुर्माना

    ऑस्ट्रेलिया सरकार ने सभी प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों को आदेश जारी किए हैं कि वे रात 12 बजे तक 16 साल से कम उम्र के बच्चों का एक्सेस इन प्लेटफॉर्म्स से पूरी तरह से ब्लॉक कर दें। यदि कोई कंपनी इन आदेशों का पालन नहीं करतीतो उस पर 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलरकरीब 296 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम सोशल मीडिया कंपनियों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि वे बच्चों की सुरक्षा को गंभीरता से लें और उन्हें सोशल मीडिया के संभावित खतरों से बचाने के लिए कदम उठाएं।

    यूजर्स के मिले-जुले रिएक्शन

    ऑस्ट्रेलिया के इस नए कानून के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं। जहां एक तरफ बड़ी टेक कंपनियां और आजादी समर्थक संगठन इस कदम की आलोचना कर रहे हैंवहीं दूसरी तरफ कई पैरेंट्स और समाज के कुछ वर्ग इसे सकारात्मक कदम मान रहे हैं। पैरेंट्स का कहना है कि यह कदम उनके बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैक्योंकि सोशल मीडिया के अधिक उपयोग से बच्चों में अवसादचिंताऔर आत्मसम्मान में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

    दूसरी ओरकुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने वाला कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों को सोशल मीडिया से पूरी तरह से अलग करना भी सही नहीं हो सकताक्योंकि यह प्लेटफॉर्म्स कई अवसर और जानकारी प्रदान करते हैंजो बच्चों के विकास के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

    सामाजिक प्रभाव और बहस

    ऑस्ट्रेलिया का यह कदम सोशल मीडिया की भूमिका और इसके बच्चों पर पड़ने वाले प्रभावों पर वैश्विक स्तर पर बहस को और बढ़ा देगा। सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल के बारे में कई विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यह बच्चों के मानसिक स्वास्थ्यआत्मविश्वास और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सोशल मीडिया कंपनियों के लिए यह भी चुनौती होगी कि वे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाती हैंजबकि उनकी प्राइवेसी और स्वतंत्रता को बनाए रखें।

    इस नए कानून से अन्य देशों में भी एक उदाहरण पेश हो सकता हैजो सोशल मीडिया के इस्तेमाल के बारे में सख्त दिशा-निर्देशों की ओर कदम बढ़ाते हैं। लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या इस तरह के कानून पूरी दुनिया में लागू किए जा सकते हैंया फिर यह केवल ऑस्ट्रेलिया के लिए एक विशेष मामला होगा। ऑस्ट्रेलिया का यह कदम बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैलेकिन इसके सामाजिक और कानूनी प्रभावों को लेकर अभी और चर्चाएं जारी रहेंगी।

  • Year Ender 2025: रिश्तों के टूटने का साल -अलग हुईं 9 मशहूर जोड़ियां, टूटे वादे, बिखरे सपने

    Year Ender 2025: रिश्तों के टूटने का साल -अलग हुईं 9 मशहूर जोड़ियां, टूटे वादे, बिखरे सपने


    नई दिल्ली। साल 2025 एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए ग्लैमर, ब्लॉकबस्टर्स और रिकॉर्ड्स से कहीं ज्यादा टूटी मोहब्बतों के लिए याद किया जाएगा। इस साल कई हाई-प्रोफाइल सेलिब्रिटी कपल्स के रिश्ते हमेशा के लिए खत्म हो गए। कैमरे के सामने दिखने वाले परफेक्ट रिश्तों की चमक के पीछे छिपी असलियत ने फैंस को झकझोर दिया। क्रिकेट से लेकर बॉलीवुड और टीवी से लेकर साउथ इंडस्ट्री तक-2025 में कई ऐसे ब्रेकअप और तलाक हुए, जिनकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देती रही।

    आइए नज़र डालते हैं उन 9 बड़ी जोड़ियों पर जो 2025 में अलग हो गईं-

    1. युजवेंद्र चहल -धनश्री वर्मा

    2025 की सबसे चर्चित ब्रेकअप स्टोरी रही चहल और धनश्री के तलाक की। कई महीनों की मीडिया अटकलों के बाद जनवरी में दोनों ने अलग होने का फैसला पक्का कर दिया। तलाक के बाद धनश्री ने खुद को करियर पर फोकस करने में झोंक दिया।

    2. स्मृति मंधाना -पलाश मुच्छल

    इस साल का सबसे शॉकिंग ब्रेकअप!
    भारतीय क्रिकेट स्टार स्मृति मंधाना ने अपनी ही शादी से कुछ घंटे पहले सिंगर पलाश मुच्छल से रिश्ता तोड़ दिया। दोनों की चुप्पी और फिर अचानक आया ये फैसला फैंस के लिए किसी तूफान से कम नहीं था।

    3. तमन्ना भाटिया -विजय वर्मा

    बॉलीवुड का स्टाइलिश कपल 2025 में टूट गया।
    कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रिश्ते में दरार की वजह “बेवफाई” थी, हालांकि तमन्ना और विजय दोनों ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।

    4. सेलिना जेटली -पीटर हाग

    बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली ने अपने पति पीटर हाग से तलाक की अर्जी दाखिल कर दी। उन्होंने पति पर मारपीट, मानसिक शोषण और प्रॉपर्टी हड़पने जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिससे मामला और भी सनसनीखेज हो गया।

    5. मीरा वासुदेवन -विपिन पुथियांकम

    साउथ इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री मीरा वासुदेवन ने अपने तीसरे पति से अलग होने की पुष्टि की। नवंबर 2025 में उन्होंने कहा कि यह तलाक उनके लिए बेहद इमोशनली चैलेंजिंग था।

    6. जी वी प्रकाश कुमार -सैंधवी

    स्कूल टाइम से चली आ रही 12 साल की शादी 2025 में खत्म हो गई।
    24 मार्च को दोनों ने चेन्नई फैमिली कोर्ट में आपसी सहमति से तलाक की अर्जी दी। यह कपल साउथ इंडस्ट्री का प्यारा और सिंपल कपल माना जाता था।

    7. शुभांगी अत्रे -पीयूष पूरी

    ‘भाभीजी घर पर हैं’ फेम शुभांगी अत्रे को फरवरी 2025 में तलाक मिल गया। दुखद बात यह रही कि कुछ महीनों बाद ही उनके पूर्व पति पीयूष का निधन हो गया, जिससे यह खबर और भी भावुक हो गई।

    8. संजीव सेठ -लता सभरवाल

    ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ फेम ये लोकप्रिय टीवी कपल भी 2025 में अलग हो गया। जून में दोनों ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक रूप से अपने तलाक की घोषणा की।

    9. मुग्धा चापेकर – रवीश देसाई

    टीवी इंडस्ट्री के सबसे शांत और ड्रामा-फ्री कपल माने जाने वाले मुग्धा और रवीश ने भी 2025 में अपनी नौ साल की शादी खत्म कर दी। दोनों के फैंस के लिए यह खबर बेहद चौंकाने वाली थी।

    2025-शोहरत के बीच बिखरते रिश्तों का साल

    यह साल साबित कर गया कि स्टारडम की दुनिया में चमक भले ही बहुत हो, लेकिन रिश्ते उतने ही नाजुक। इन ब्रेकअप्स और तलाकों ने फैंस को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि असल जिंदगी की चुनौतियों से कोई नहीं बच पाता-चाहे वह सितारा ही क्यों न हो।