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  • 10 मिनट ‘क्लीनिकली डेड’ रही महिला का दावा, 2030 की दुनिया देखकर लौटी; अनुभव ने चौंकाया

    10 मिनट ‘क्लीनिकली डेड’ रही महिला का दावा, 2030 की दुनिया देखकर लौटी; अनुभव ने चौंकाया


    नई दिल्ली। मेक्सिको की एक महिला ने दावा किया है कि 10 मिनट तक ‘क्लीनिकली डेड’ रहने के दौरान वह भविष्य यानी साल 2030 में पहुंच गई थीं। होश में आने के बाद उन्होंने जो अनुभव साझा किया, उसने लोगों के साथ-साथ वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया।

    रिपोर्ट के मुताबिक, 24 वर्षीय मेडिकल स्टूडेंट रूबी रोल्गु को पिछले साल अप्रैल में फेफड़ों में खून के थक्के जमने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा और डॉक्टरों ने उन्हें लगभग 10 मिनट तक ‘क्लीनिकली डेड’ बताया। परिवार को भी उनकी स्थिति बेहद गंभीर होने की जानकारी दी गई थी।

    2030 की दुनिया देखने का दावा

    होश में आने के बाद रूबी ने बताया कि उन 10 मिनटों में उन्होंने खुद को साल 2030 की दुनिया में पाया। उनके अनुसार, भविष्य की दुनिया आज की तुलना में अधिक शांत और व्यवस्थित थी। उन्होंने दावा किया कि तकनीक और ऑटोमेशन के कारण लोगों का जीवन आसान हो गया था और वे परिवार व समाज के साथ ज्यादा समय बिताते दिखे।

    रूबी ने यह भी कहा कि उन्होंने खुद को और अपने परिवार को उम्रदराज होते देखा, मानो वह आने वाले वर्षों को दिन-प्रतिदिन जी रही हों। उनके मुताबिक भविष्य में तकनीक और मानवीय संवेदनाओं का संतुलन बेहतर दिखाई दिया।

    ‘वापस आना किसी नरक जैसा लगा’

    रूबी के अनुसार, यह अनुभव इतना सुखद था कि जब उनकी आंखें अस्पताल में खुलीं तो उन्हें वास्तविक दुनिया में लौटना कठिन लगा। उन्होंने बताया कि उन्हें रोशनी से भरी सुरंग दिखाई दी और फिर अचानक वह अपने अस्पताल के बेड पर थीं। होश में आने पर जब उन्होंने अपने भाई को देखा तो वह उन्हें अपनी ‘भविष्य की यादों’ के मुकाबले काफी छोटा लगा।

    रूबी ने कहा कि भविष्य की शांति के बाद वर्तमान की भागदौड़ भरी दुनिया में लौटना उन्हें किसी “नरक” जैसा महसूस हुआ। हालांकि वैज्ञानिक ऐसे दावों को अक्सर मस्तिष्क की जटिल गतिविधियों और ‘नियर-डेथ एक्सपीरियंस’ से जोड़कर देखते हैं, फिर भी यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • ‘समोसा’ विवाद के पीछे सियासी दरार? AAP में खटपट की इनसाइड स्टोरी

    ‘समोसा’ विवाद के पीछे सियासी दरार? AAP में खटपट की इनसाइड स्टोरी


    नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी में उभरते युवा चेहरे माने जाने वाले राघव चड्ढा इन दिनों अपनी ही पार्टी के निशाने पर हैं। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उप-नेता के पद से हटाने के साथ-साथ संसद में उनकी भूमिका भी सीमित कर दी है। कभी अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले चड्ढा अब पार्टी के भीतर अलग-थलग नजर आ रहे हैं।

    आतिशी और सौरभ भारद्वाज का हमला

    शुक्रवार को आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा पर तीखा हमला बोला। आरोप है कि विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर चड्ढा ने हस्ताक्षर नहीं किए।

    आतिशी ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष एकजुट था तो चड्ढा पीछे क्यों हटे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में अहम मुद्दों पर वे चुप रहे।

    ‘समोसा’ टिप्पणी पर भी विवाद

    पार्टी नेताओं ने चड्ढा द्वारा संसद में उठाए गए मुद्दों पर भी तंज कसा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि देश के बड़े मुद्दों की बजाय चड्ढा हवाई अड्डों पर समोसे की कीमत और जूस के पैकेट जैसे विषयों पर चर्चा कर रहे थे। हालांकि चड्ढा ने इन पर बने मीम्स का स्वागत किया था, लेकिन पार्टी ने इसे गंभीरता की कमी बताया।

    पुरानी नाराजगी भी बनी वजह

    आंतरिक असंतोष की जड़ें 2024 तक जाती बताई जा रही हैं, जब कथित आबकारी मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान चड्ढा आंख के ऑपरेशन के लिए लंदन में थे। इस पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं कि उस समय वे पार्टी के साथ सक्रिय क्यों नहीं दिखे।

    पंजाब की राजनीति का असर

    2022 में पंजाब में जीत के बाद चड्ढा को ‘सुपर सीएम’ कहा जाने लगा था, जिससे स्थानीय नेताओं में असंतोष बढ़ा। बाद में पार्टी नेतृत्व ने पंजाब पर सीधा नियंत्रण मजबूत किया और चड्ढा की भूमिका सीमित होती चली गई।

    चड्ढा की सफाई

    पद से हटाए जाने के बाद चड्ढा ने वीडियो जारी कर कहा कि जनता के मुद्दे उठाना गलत नहीं है और उनकी चुप्पी को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें बोलने से रोका जा रहा है। उनकी जगह राज्यसभा में उप-नेता के तौर पर अशोक मित्तल को नियुक्त किया गया है।

    क्या BJP जॉइन करेंगे?

    राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चड्ढा भविष्य में भारतीय जनता पार्टी का रुख कर सकते हैं। भगवंत मान ने उन्हें ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ बताया, जबकि दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि चड्ढा को खुद तय करना होगा कि उनका राजनीतिक भविष्य क्या होगा।

    हालांकि फिलहाल चड्ढा की ओर से किसी पार्टी में जाने को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने सियासी हलकों में अटकलों को तेज कर दिया है।

  • चीन में फैली फिर नई बीमारी, मारे जा रहे जानवर; बॉर्डर पर नियंत्रण कड़ा

    चीन में फैली फिर नई बीमारी, मारे जा रहे जानवर; बॉर्डर पर नियंत्रण कड़ा

    वीजिंग। चीन में एक नई बीमारी फैली है, जिसके बाद जानवरों को मारा जा रहा है। उत्तर-पश्चिम में ‘फुट-एंड-माउथ’ बीमारी के छोटे से प्रकोप के बाद चीन ने अपनी सीमा पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है। इसके साथ ही, टीकों की प्रक्रिया तेज कर दी है और मवेशियों को मारना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह बीमारी विदेश से आई है। कृषि मंत्रालय ने पिछले बताया कि उसने जानवरों को मारना और प्रभावित इलाकों को कीटाणु-मुक्त करना शुरू कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब गांसु प्रांत और शिनजियांग उइघुर स्वायत्त क्षेत्र में कुल 6,229 मवेशियों के झुंड इस बीमारी की चपेट में आ गए।
    उद्योग एक्सपर्ट ने बताया कि यह पहली बार है जब चीन में एसएटी-एक सेरोटाइप-जो अफ्रीका में आम तौर पर पाई जाने वाली इस बीमारी का ही एक प्रकार है, का पता चला है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बीमारी के अधिक सामान्य ‘O’ और ‘A’ सेरोटाइप के लिए देश में उपलब्ध मौजूदा टीके इस नए प्रकार से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं। वर्ष 2025 से, SAT-1 अफ्रीका से फैलकर मध्य-पूर्व, पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है।

    अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यह प्रकोप चीन में उत्तर-पश्चिमी सीमा के रास्ते से आया है। यह वह क्षेत्र है जो कजाकिस्तान, मंगोलिया, रूस और अन्य देशों से सटा हुआ है।

    आधिकारिक सूचनाओं के अनुसार, शिनजियांग और गांसु सहित सीमावर्ती प्रांतों को गश्त बढ़ाने और तस्करी या अवैध परिवहन के जरिए इस बीमारी को देश में प्रवेश करने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। शंघाई जेसी इंटेलिजेंस कंपनी की विश्लेषक रोजा वांग ने कहा, “मौजूदा प्रकोप एक बड़े क्षेत्र के लिए खतरा बन गया है, और इसकी रोकथाम तथा नियंत्रण पर भारी दबाव है।”

    यह प्रकोप ऐसे समय में सामने आया है जब रूस साइबेरिया के नोवोसिबिर्स्क क्षेत्र में मवेशियों की एक गंभीर बीमारी के प्रकोप से जूझ रहा है। यह क्षेत्र कजाकिस्तान की सीमा से लगा हुआ है और शिनजियांग और गांसु में प्रकोप वाली जगहों से क्रमशः लगभग 1200 किमी (750 मील) और 2500 किमी दूर है। 20 मार्च को प्रकाशित एक रिपोर्ट में, अमेरिकी कृषि विभाग ने कहा कि चीन की प्रतिक्रिया का पैमाना यह संकेत दे सकता है कि वहां ‘फुट-एंड-माउथ’ (खुरपका-मुंहपका) बीमारी का कोई ऐसा प्रकोप हुआ है जिसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। रूस ने ऐसे किसी भी प्रकोप से इनकार किया है।

  • Piyush Mishra का चौंकाने वाला खुलासा! शराब की लत में मां को कहा भला-बुरा, लड़कियों को किए गंदे फोन

    Piyush Mishra का चौंकाने वाला खुलासा! शराब की लत में मां को कहा भला-बुरा, लड़कियों को किए गंदे फोन


    नई दिल्ली।बॉलीवुड के बहुमुखी कलाकार Piyush Mishra ने एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी के उस दौर को याद किया है, जब शराब की लत ने उनके रिश्तों और करियर पर गहरा असर डाला। अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर पीयूष मिश्रा ने खुलकर स्वीकार किया कि नशे की हालत में उन्होंने ऐसे काम किए, जिन पर आज उन्हें पछतावा होता है।

    “शराब नहीं पीने वालों को नीरस समझता था”

    एक पॉडकास्ट बातचीत में पीयूष मिश्रा ने बताया कि एक समय ऐसा था जब वह शराब को ‘कूल’ मानते थे। जो लोग शराब नहीं पीते थे, उन्हें वह नीरस समझते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि यह सोच गलत थी और धीरे-धीरे उन्हें इसका एहसास हुआ।

    शराब की लत: “खतरनाक बीमारी, जिसका पता ही नहीं चलता”

    पीयूष मिश्रा ने शराब की लत को एक गंभीर बीमारी बताते हुए कहा कि इसकी सबसे बड़ी समस्या यही है कि इंसान को पता ही नहीं चलता कि वह इसकी गिरफ्त में आ चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा आता है जब शरीर खुद शराब की मांग करने लगता है और व्यक्ति उस पर नियंत्रण खो देता है। उनके अनुसार, मेडिकल साइंस के पास इसका पूर्ण इलाज नहीं है और इससे बाहर निकलने के लिए मानसिक और आध्यात्मिक मजबूती बेहद जरूरी है।

    मां को कहा भला-बुरा, सुबह कुछ याद नहीं रहता था

    पीयूष मिश्रा ने अपनी जिंदगी के सबसे कड़वे अनुभव साझा करते हुए बताया कि शराब के नशे में उन्होंने अपनी मां को भी भला-बुरा कहा। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय वह खुद को रोक नहीं पाए, जबकि अंदर से उन्हें एहसास था कि वह गलत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे की हालत में वह कई बार ऐसी हरकतें कर जाते थे, जो उनके स्वभाव के बिल्कुल विपरीत थीं।

    “लड़कियों को किए गंदे फोन कॉल”

    पीयूष मिश्रा ने यह भी खुलासा किया कि शराब के नशे में उन्होंने कई बार लड़कियों को आपत्तिजनक फोन कॉल किए। हैरानी की बात यह थी कि अगले दिन उन्हें इन घटनाओं की कोई याद नहीं रहती थी। जब लोग उन्हें इन कॉल्स के बारे में बताते थे, तो वह खुद यकीन नहीं कर पाते थे कि उन्होंने ऐसा किया है। उन्होंने माना कि उस समय वह अपने नियंत्रण में नहीं होते थे।

    काम के दौरान कभी नहीं पी, फिर भी असर पड़ा

    हालांकि पीयूष मिश्रा ने यह भी साफ किया कि उन्होंने कभी अपने काम के दौरान शराब नहीं पी। न तो उन्होंने नशे में एक्टिंग की और न ही गाने लिखे। फिर भी, उनकी इस आदत का असर उनके प्रोफेशनल जीवन पर पड़ा। लोग उनके साथ काम करने से कतराने लगे और उनकी छवि प्रभावित हुई।

    “अब भी अल्कोहलिक हूं, लेकिन खुद पर काबू है”

    पीयूष मिश्रा ने बताया कि वह आज भी खुद को अल्कोहलिक मानते हैं, लेकिन अब उन्होंने अपनी क्रेविंग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि अब वह अपनी सीमाओं को समझते हैं और पहले जैसी स्थिति नहीं रही।

  • Shreyas Iyer पर BCCI का बड़ा एक्शन! लाखों का जुर्माना, क्या IPL से भी होगा बैन?

    Shreyas Iyer पर BCCI का बड़ा एक्शन! लाखों का जुर्माना, क्या IPL से भी होगा बैन?


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर रही Punjab Kings के कप्तान Shreyas Iyer पर एक बार फिर Board of Control for Cricket in India (BCCI) का शिकंजा कस गया है। लगातार दूसरी बार स्लो ओवर रेट के दोषी पाए जाने पर अय्यर पर भारी जुर्माना लगाया गया है, जिससे उनकी कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं।

    गुजरात टाइटंस के खिलाफ पहले मुकाबले में भी अय्यर पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। हालांकि, चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में एक बार फिर वही गलती दोहराने पर अब जुर्माना बढ़ाकर 24 लाख रुपये कर दिया गया है। इतना ही नहीं, इस बार पूरी टीम को भी इसकी सजा भुगतनी पड़ी है।

    पूरी टीम पर भी गिरी गाज

    आईपीएल की आधिकारिक रिलीज के अनुसार, चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के दौरान स्लो ओवर रेट बनाए रखने के कारण यह कार्रवाई की गई। नियमों के मुताबिक, यह इस सीजन में Punjab Kings का दूसरा उल्लंघन था। ऐसे में कप्तान पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि प्लेइंग इलेवन और इम्पैक्ट प्लेयर सहित बाकी खिलाड़ियों पर 6 लाख रुपये या उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत (जो भी कम हो) जुर्माना ठोका गया है।

    क्या श्रेयस अय्यर पर लगेगा बैन?

    सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या Shreyas Iyer पर मैच खेलने से प्रतिबंध लग सकता है? दरअसल, पहले आईपीएल में नियम था कि अगर कोई टीम एक सीजन में तीन बार स्लो ओवर रेट की दोषी पाई जाती है, तो उसके कप्तान पर एक मैच का बैन लगाया जाता था। लेकिन 2025 सीजन से पहले इस नियम में बदलाव कर दिया गया है।

    अब नए नियमों के तहत कप्तान पर सीधे बैन नहीं लगाया जाता, बल्कि जुर्माने के साथ डिमेरिट पॉइंट सिस्टम लागू किया गया है। ऐसे में फिलहाल अय्यर पर किसी भी तरह के बैन का खतरा नहीं है।

    डिमेरिट पॉइंट सिस्टम क्या है?

    नए नियमों के अनुसार, स्लो ओवर रेट जैसे मामलों में खिलाड़ियों और कप्तानों को डिमेरिट अंक दिए जाते हैं। लेवल-1 अपराध पर 25% से 75% तक मैच फीस काटी जा सकती है।  लेवल-2 (गंभीर) मामलों में 4 डिमेरिट पॉइंट दिए जाते हैं। हर 4 डिमेरिट पॉइंट पर 100% मैच फीस तक का जुर्माना या अतिरिक्त सजा मिल सकती है। हालांकि, यह पॉइंट्स भविष्य में बैन का कारण बन सकते हैं, लेकिन सिर्फ स्लो ओवर रेट के आधार पर तुरंत प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।

    कप्तानी पर उठने लगे सवाल

    लगातार दूसरी बार स्लो ओवर रेट की गलती दोहराने के बाद Shreyas Iyer की कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन बार-बार की ये चूक आगे चलकर टीम के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मैचों में पंजाब किंग्स इस गलती से सीख लेकर अपने खेल के साथ-साथ अनुशासन में भी सुधार करती है या नहीं।

  • IPL 2026 Points Table: पंजाब किंग्स की लंबी छलांग, RR से छिना नंबर-1 का ताज

    IPL 2026 Points Table: पंजाब किंग्स की लंबी छलांग, RR से छिना नंबर-1 का ताज


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, पॉइंट्स टेबल में उतार-चढ़ाव भी तेज हो गया है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली Punjab Kings ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 5 बार की चैंपियन Chennai Super Kings को 5 विकेट से हराकर पॉइंट्स टेबल में लंबी छलांग लगा दी है। इस जीत के साथ पंजाब ने न सिर्फ लगातार दूसरी जीत दर्ज की, बल्कि सीधे नंबर-1 का ताज भी अपने नाम कर लिया।

    मोहाली में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रन का बड़ा लक्ष्य खड़ा किया था, लेकिन पंजाब किंग्स ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 18.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को और ऊंचा कर दिया है, जबकि चेन्नई की कमजोर गेंदबाजी एक बार फिर उजागर हो गई।

    टॉप-4 में इन टीमों का दबदबा

    पॉइंट्स टेबल में फिलहाल Punjab Kings शीर्ष पर काबिज है, जबकि Rajasthan Royals दूसरे स्थान पर खिसक गई है। इसके अलावा डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru और Delhi Capitals भी टॉप-4 में अपनी जगह बनाए हुए हैं। दिल्ली कैपिटल्स का अगला मुकाबला Mumbai Indians से है, जहां दोनों टीमें लगातार दूसरी जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेंगी। वहीं राजस्थान रॉयल्स की नजर फिर से टेबल टॉपर बनने पर होगी।

    पॉइंट्स टेबल में किस टीम की क्या स्थिति

    अब तक के मुकाबलों के बाद पंजाब किंग्स 2 मैचों में 2 जीत और 4 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। राजस्थान, आरसीबी, दिल्ली और मुंबई जैसी टीमें 2-2 अंकों के साथ पीछे हैं, लेकिन उनका नेट रन रेट काफी मजबूत है। दूसरी ओर Sunrisers Hyderabad एक जीत और एक हार के साथ मिड-टेबल में है। वहीं Gujarat Titans, Lucknow Super Giants और Kolkata Knight Riders को अभी तक जीत का खाता खोलने का इंतजार है।

    चेन्नई सुपर किंग्स की हालत खराब, वापसी की चुनौती

    ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली Chennai Super Kings के लिए सीजन की शुरुआत बेहद खराब रही है। टीम अपने शुरुआती दोनों मुकाबले हार चुकी है और पॉइंट्स टेबल में 10वें स्थान पर पहुंच गई है। हालांकि पंजाब के खिलाफ मैच में चेन्नई के बल्लेबाजों ने 209 रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन गेंदबाज इस स्कोर को बचाने में पूरी तरह नाकाम रहे। लगातार दो हार के बाद अब टीम के सामने वापसी की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अगर आने वाले मैचों में गेंदबाजी में सुधार नहीं हुआ, तो चेन्नई के लिए प्लेऑफ की राह मुश्किल हो सकती है।

    पंजाब किंग्स ने शानदार प्रदर्शन कर पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 स्थान हासिल किया, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स लगातार दो हार के बाद सबसे नीचे पहुंच गई है। अब आगे के मुकाबले टेबल की तस्वीर पूरी तरह बदल सकते हैं।

  • Gold Jewellery: हॉलमार्किंग नियमों को सख्त करने की तैयारी… हर आईटम का होगा यूनिक नंबर!

    Gold Jewellery: हॉलमार्किंग नियमों को सख्त करने की तैयारी… हर आईटम का होगा यूनिक नंबर!


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) अब सोने के गहनों (Gold Jewellery) की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग नियमों (Hallmarking rules.) को और सख्त करने की तैयारी में है। इसके तहत, हर आइटम के लिए एक खास पहचान संख्या (HUID) का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा। इसका मकसद नकली सामान पर रोक लगाना और उसकी पहचान को बेहतर बनाना है।


    यूनिक ID का दोबारा नहीं हो सकेगा इस्तेमाल

    मिंट की एक खबर में सूत्र के हवाले से बताया गया है कि नई व्यवस्था के तहत हर गहने को उसके डिजाइन, आकार और अन्य विशेषताओं के आधार पर एक अलग पहचान संख्या दी जाएगी। यह संख्या किसी भी हालत में दोबारा इस्तेमाल नहीं की जा सकेगी, भले ही गहने एक जैसे क्यों न दिखें। वहीं, एक बार जब कोई ज्वेलरी आइटम पिघला दिया जाता है तो उसे दी गई यूनिक ID का दोबारा इस्तेमाल किसी दूसरे प्रोडक्ट के लिए नहीं किया जा सकेगा। इससे सर्टिफिकेशन की नकल या गलत इस्तेमाल को रोका जा सकेगा। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा और बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।


    क्यों लिया जा रहा फैसला?

    सूत्र ने बताया कि यह फैसला उन बढ़ती शिकायतों को देखते हुए लिया गया है, जिनमें किसी खास हॉलमार्क ID और शुद्धता के स्तर के साथ खरीदे गए गहनों की प्योरिटी बाद में अलग पाई गई। यह बात संज्ञान में आई है कि एक ही यूनिक ID का इस्तेमाल कई चीजों के लिए किया जा रहा है। हालांकि, शिकायतों की कुल संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।


    इंडस्ट्री का मिल रहा समर्थन

    आदित्य बिड़ला ज्वेलरी की कंपनी इंद्रिया के सीईओ संदीप कोहली ने कहा कि यह पहल कॉर्पोरेट ज्वेलर्स के साथ पार्टनरशिप में शुरू की जा रही है और धीरे-धीरे इसे ज्वेलरी के पूरे इकोसिस्टम तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरीके से थर्ड पर्टी द्वारा हमारे प्रोडक्ट के HUID नंबरों की डुप्लीकेशन या गलत इस्तेमाल का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि हॉलमार्क निशानों की तस्वीरें उनके प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जाएंगी, जिससे भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से नकली या जाली निशानों की पहचान करके उन्हें रोका जा सकेगा। कंपनी भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के साथ मिलकर इस बदलाव को अपने सिस्टम में शामिल कर रही है।

    2025 में पायलट प्रोजेक्ट
    बता दें कि अक्टूबर 2025 में उपभोक्ता मामलों के विभाग ने अपनी क्वालिटी स्टैंडर्ड्स विंग BIS के जरिए, 25 जिलों में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसका मकसद ज्वेलरी की डिटेल्स को डिजिटली रिकॉर्ड करना था। BIS ने इंटीग्रेटेड कैमरों और वजन करने वाले सिस्टम का इस्तेमाल करके अपने पोर्टल पर हर हॉलमार्क वाली ज्वेलरी आइटम की फोटो और वजन रिकॉर्ड किया, जिससे पारदर्शिता बढ़ी।

    हॉलमार्किंग की शुरुआत साल 2000 में हुई थी और 2021 से इसे अलग-अलग चरणों में अनिवार्य कर दिया गया, जो अब लगभग 400 जिलों तक पहुंच चुका है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, तब से अब तक 580 मिलियन से ज़्यादा सोने की चीजों पर हॉलमार्क लगाया जा चुका है, जिसका औसत हर महीने 10 मिलियन से ज्यादा है।

  • पाकिस्तान में 458 रुपये पहुंचे पेट्रोल के रेट… भारत में अब तक नहीं बढ़ी कीमतें

    पाकिस्तान में 458 रुपये पहुंचे पेट्रोल के रेट… भारत में अब तक नहीं बढ़ी कीमतें


    नई दिल्ली।
    पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price Today) में आज फिर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर के रेट से बिक रहा है। वहीं, डीजल का रेट दिल्ली में आज शनिवार को 87.67 रुपये प्रति लीटर है। बता दें, दुनिया भर में इस समय पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आग लगी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों (Crude oil Prices) में जारी तेजी की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, घरेलू स्तर पर भारत सरकार ने आम-आदमी को अबतक इससे बचा कर रखा है।


    पाकिस्तान में 458 रुपये प्रति लीटर बिक रहा पेट्रोल

    पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बढ़ाने की घोषणा की। पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमतों में क्रमश: 43 प्रतिशत और 55 प्रतिशत की भारी बढोतरी की है। इस फैसले के तहत, पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये से 137.23 रुपये प्रति लीटर (करीब 42.7 प्रतिशत) बढ़ाकर 458.41 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। वहीं, हाई स्पीड डीजल की कीमत 335.86 रुपये से 184.49 रुपये प्रति लीटर (करीब 55 प्रतिशत) बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। ये नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इसके साथ, केरोसिन तेल की कीमत भी 34.08 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 457.80 रुपये कर दी गई है।


    देश के अलग-अलग शहरों में किस रेट पर बिक रहा पेट्रोल (Petrol Rate)

    दिल्ली – 94.77 रुपये
    मुंबई – 104.21 रुपये
    कोलकाता – 103.94 रुपये
    चेन्नई – 100.75 रुपये
    अहमदाबाद – 94.49 रुपये
    बेंगलुरू – 102.92 रुपये
    हैदराबाद – 107.46 रुपये
    जयपुर – 104.72 रुपये
    लखनऊ – 94.69 रुपये
    पुणे – 104.04 रुपये
    चंडीगढ़ – 94.30 रुपये
    इंदौर – 106.48 रुपये


    डीजल का क्या है अलग-अलग शहरों में रेट (Diesel Rate)

    मुंबई – 92.15 रुपये
    कोलकाता – 90.76 रुपये
    चेन्नई – 92.34 रुपये
    अहमदाबाद – 90.17 रुपये
    बेंगलुरू – 89.02 रुपये
    हैदराबाद – 95.70 रुपये
    जयपुर – 90.21 रुपये
    लखनऊ – 87.80 रुपये
    पुणे – 90.57 रुपये
    चंडीगढ़ – 82.45 रुपये
    इंदौर – 91.88 रुपये
    पटना – 93.80 रुपये

    पिछले दिनों प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इंडियन ऑयल ने इजाफा किया था। जिसके बाद दिल्ली में XP100 पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर और एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल का रेट 91.49 रुपये से 92.99 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

  • हिमाचल के 5 जिलों में ओलावृष्टि और आंधी-बारिश का अलर्ट, अटल टनल के पास बढ़ा हिमस्खलन का खतरा

    हिमाचल के 5 जिलों में ओलावृष्टि और आंधी-बारिश का अलर्ट, अटल टनल के पास बढ़ा हिमस्खलन का खतरा


    शिमला।
    हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. एक तरफ अटल टनल (Atal Tunnel) के पास हिमस्खलन (एवलांच) (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर राज्य के कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज आंधी-बारिश (Hailstorm and Heavy storm – Rain) को लेकर ओरेन्ज अलर्ट जारी किया गया है. लाहौल-स्पीति प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल के आसपास पर्यटकों और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

    प्रशासन के मुताबिक, टनल के पास बाईं ओर की पहाड़ियां, आसपास का इलाका, चंद्रा ब्रिज और उससे जुड़ा क्षेत्र हिमस्खलन के लिहाज से बेहद संवेदनशील हो गया है. हाल के दिनों में यहां पर्यटकों की भीड़ और अनधिकृत गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे जान-माल का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।

    जिला प्रशासन ने साफ आदेश दिया है कि इन संवेदनशील इलाकों में पर्यटकों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. साथ ही ठेले-फेरी, अस्थायी दुकानें, फोटो प्वाइंट और किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि आपात स्थिति में राहत और ट्रैफिक प्रबंधन में कोई बाधा न आए।

    इधर शिमला समेत आसपास के इलाकों में शुक्रवार को ओलावृष्टि, बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को बिगाड़ दिया. मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ओरेन्ज अलर्ट जारी किया है, जहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है।

    इसके अलावा ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए 3 और 4 अप्रैल को येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं 5 और 6 अप्रैल को भी कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. 7 अप्रैल को राज्य के ज्यादातर मैदानी जिलों में भी ऐसा ही मौसम बना रह सकता है.

    मौसम विभाग के अनुसार 3 से 6 अप्रैल के बीच मनाली, कुफरी, नारकंडा, सोलंग वैली और सिस्सू जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इसके पीछे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर बताया गया है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि 7 से 9 अप्रैल के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में व्यापक स्तर पर बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी और जनजीवन प्रभावित हो सकता है.

  • MP: इंदौर में एक माह तक नहीं मिलेगा नया LPG कनेक्शन, अस्थायी रूप से बंद किया पोर्टल

    MP: इंदौर में एक माह तक नहीं मिलेगा नया LPG कनेक्शन, अस्थायी रूप से बंद किया पोर्टल


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) शहर में एलपीजी गैस कनेक्शन (LPG Gas Connection) लेने की प्रक्रिया फिलहाल अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग (Food Supply Department) ने नए गैस कनेक्शन के लिए उपयोग में आने वाले ऑनलाइन पोर्टल को एक महीने के लिए बंद कर दिया है। इसके चलते अब नागरिकों को नए एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने हेतु कम से कम एक माह तक इंतजार करना होगा।

    खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी मोहनलाल मारू ने बताया कि विभागीय स्तर पर कुछ तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी कारणों के चलते पोर्टल को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया भी स्थगित रहेगी। एक महीने बाद जब पोर्टल फिर से शुरू किया जाएगा, तब ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे।


    घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर

    अधिकारी मारू ने यह भी बताया कि जिन उपभोक्ताओं को तत्काल गैस की आवश्यकता है, उनके लिए विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। ऐसे लोगों को घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की गंभीर असुविधा का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक नियमित कनेक्शन देने की प्रक्रिया फिर से शुरू नहीं हो जाती।

    उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान यदि किसी नागरिक को गैस संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या या परेशानी होती है, तो वे अपने नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं। विभाग की ओर से सभी एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम लोगों को यथासंभव राहत मिल सके।


    यह एक अस्थायी व्यवस्था

    पोर्टल बंद होने से शहर के कई लोगों को अस्थायी रूप से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन लोगों को जो नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने की तैयारी में थे। हालांकि, विभाग का कहना है कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और जल्द ही सभी सेवाएं फिर सामान्य कर दी जाएंगी। खाद्य आपूर्ति विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में धैर्य बनाए रखें और विभाग का सहयोग करें, ताकि आगामी समय में गैस कनेक्शन की प्रक्रिया को और अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सके।